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रेत माफिया ने वन आरक्षक को ट्रैक्टर से कुचला: मुरैना में 6 सदस्यीय टीम अवैध परिवहन रोकने गई थी; हत्या का केस दर्ज – Morena News




मुरैना में रेत माफिया ने अवैध परिवहन कर रही ट्रैक्टर ट्रॉली पर कार्रवाई करने गई वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम पर हमला कर दिया। बदमाशों ने आरक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर से कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी समीर सौरभ और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। शव का मुरैना जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…



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US-Iran Ceasefire: सीजफायर के ऐलान के बाद ग्लोबल मार्केट में घटे तेल के दाम! भारत पर कितना पड़ेगा असर?


Business

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US Iran Ceasefire Impact: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की दहलीज पर खड़ा संकट फिलहाल टल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले हमले को दो सप्ताह के लिए टालते हुए सीजफायर का ऐलान किया है। यह फैसला ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलने की शर्त पर लिया गया है।

इस घोषणा के साथ ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में करीब 14.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख के अनुरोध पर उन्होंने यह कदम उठाया है। आइए जानतें हैं भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

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सीजफायर और तेल की कीमतों पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की समय सीमा खत्म होने से कुछ घंटे पहले दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हमने अपने सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं और अब ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति समझौते पर चर्चा चल रही है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 93.20 प्रति बैरल पर आ गई, जो पहले लगभग 70% तक बढ़ चुकी थी।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिया है कि यदि ईरान ने समय पर सहयोग किया, तो यह मध्य पूर्व में लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में चीन ने पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के साथ मिलकर मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।

भारत के लिए सीजफायर के क्या हैं मायने?

सीजफायर के इस फैसले का भारतीय बाजारों पर पॉजिटिवअसर देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के संकेतों के आधार पर Nifty के एक बड़ी बढ़त (Gap-up start) के साथ खुलने की उम्मीद है।

क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी?
‘थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज’ के संस्थापक गौरव उदानी के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निफ्टी करीब 700 अंकों की बढ़त के साथ 23,800 के स्तर पर खुल सकता है। हालांकि, 23,800-24,000 के बीच रेजिस्टेंस जोन होने के कारण मुनाफावसूली की संभावना भी बनी रहेगी।

क्या होगा सेक्टोरल इम्पैक्ट?
बैंकिंग, रियल एस्टेट और एविएशन (विमानन) जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखी जा सकती है। तेल की कीमतें गिरने से ऑटोमोबाइल और FMCG कंपनियों को भी इनपुट कॉस्ट कम होने का फायदा मिलेगा।

सोने की कीमतों में तेजी
सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में सोने की मांग बढ़ी है, जिससे गोल्ड फ्यूचर्स में 2.5% तक का उछाल देखा गया है और यह 4,851 प्रति औंस के करीब ट्रेड कर रहा है।

RBI की पॉलिसी पर नजर
आज (8 अप्रैल, 2026) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान करेगा। जानकारों का मानना है कि रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रह सकता है, लेकिन RBI मुद्रास्फीति (Inflation) को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर सकता है।

भारत की इकोनॉमी पर असर और क्रेडिबिलिटी
सिटी (Citi) (दुनिया का एक प्रमुख अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक) के एक विश्लेषण के अनुसार, यदि कच्चा तेल $90-$100 के दायरे में रहता है, तो भारत की महंगाई दर में 50-75 बेसिस पॉइंट का इजाफा हो सकता है। लेकिन वर्तमान सीजफायर से तेल की कीमतों में आई गिरावट भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को कम करने में मदद करेगी।

होर्मुज खुलने से सुधरेगी सप्लाई
भारत अपनी जरूरत का 90% LPG और 40% कच्चा तेल होर्मुज के रास्ते ही मंगवाता है। वर्तमान में भारत के 16 मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं, जिनमें ‘ग्रीन सानवी’ और ‘ग्रीन आशा’ जैसे बड़े गैस टैंकर शामिल हैं। अब सीजफायर के बाद इन जहाजों के सुरक्षित लौटने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे भारत में रसोई गैस की किल्लत दूर होगी और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगी।



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इस साल मानसून में 6% कम बारिश का अनुमान: स्काईमेट ने कहा- MP, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा में सामान्य से कम बारिश हो सकती है


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नई दिल्ली13 घंटे पहले

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जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर है। -फाइल फोटो

इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है।

जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिलीमीटर है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है।

जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं।

मध्य और पश्चिम भारत के मुख्य क्षेत्रों में बारिश कम रहने के आसार हैं। अगस्त-सितंबर में मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सामान्य से कम बारिश की आशंका है।

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जुलाई से बारिश में कमी होने का अनुमान

  • एलपीए के मुकाबले जून में 101% बारिश संभव। इस माह का एलपीए 165.3 mm है।
  • सितंबर में एलपीए के मुकाबले 89% बारिश का पूर्वानुमान। एलपीए 167.9 mm है।
  • एलपीए के मुकाबले 95% बारिश जुलाई में होगी। इस माह एलपीए 280.5 mm है।
  • एलपीए के मुकाबले अगस्त में 92% बारिश संभव। इस माह का एलपीए 254.9 mm है।

क्या होता है लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी LPA

इसका मतलब है कि मौसम विभाग ने 1971-2020 की अवधि के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) को 87 सेमी (870 मिमी) निर्धारित किया है। अगर किसी साल की बारिश 87 सेमी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से अधिक माना जाता है। अगर कम हो तो कमजोर मानसून माना जाता है।

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मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना

स्काईमेट वेदर से जुड़े जतिन सिंह ने कहा कि मानसून की शुरुआत के समय अल-नीनो बनने की संभावना है। इससे मानसून कमजोर पड़ सकता है। हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) मजबूत हो तो अल-नीनो का असर कुछ कम होता है। अभी आईओडी सामान्य या थोड़ा अधिक रहने की उम्मीद है। इससे मानसून की शुरुआत ठीक होगी, लेकिन सीजन के दूसरे हिस्से में बारिश कमजोर पड़ने का खतरा रहेगा।

अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं-

अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है।

ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है।

साल 2025: तय समय से 8 दिन पहले केरल पहुंचा था मानसून

पिछले साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से 8 दिन पहले 24 मई को केरल पहुंचा था। ऐसा 16 साल बाद हुआ था। 2009 में 23 मई को केरल पहुंचा था। मुंबई में बारिश लाने वाला सिस्टम 16 दिन पहले ही एक्टिव हो गया था जो 1950 के बाद से सबसे जल्दी था।

आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है।

भारत में पिछले साल मानसून जल्दी पहुंचने की मुख्य वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बढ़ी हुई नमी थी। समुद्र का तापमान सामान्य से ज्यादा रहा, जिससे मानसूनी हवाएं तेजी से सक्रिय हुईं थीं।

पश्चिमी हवाओं और चक्रवातों की हलचल ने भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद की थी। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन भी मौसम के पैटर्न में बदलाव की एक बड़ी वजह बना था।

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मौसम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

उत्तराखंड- यमुनोत्री में भारी बर्फबारी, सभी जिलों में बारिश: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड; UP-MP और राजस्थान में आंधी-बारिश

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देश में बैक-टु-बैक दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से मौसम बदल गया है। आज यूपी-राजस्थान समेत 20 राज्यों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं 10 राज्यों में ओले गिर सकते हैं। उत्तरखंड के यमुनोत्री धाम में बर्फबारी हो रही है। राज्य के सभी जिलों में बारिश हो रही है। देहरादून में तापमान में 6° की गिरावट हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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Iran US Ceasefire: ‘यह युद्ध का अंत नहीं है’, मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान, सशर्त युद्धविराम के 10 बड़े अपडेट



Iran US ceasefire: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम पर सहमति बनने के बाद अपनी सभी सैन्य इकाइयों को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया है। लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि यह युद्ध का अंत नहीं है।



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US-Iran Ceasefire के बाद कब-कहां होगी बैठक? क्रेडिट के चक्कर में PAK पीएम शहबाज शरीफ ने कर दी बड़ी पेशकश


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US-Iran Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच एक महीने से अधिक समय तक चले युद्ध के बाद दो सप्ताह के युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान ने एक ‘व्यवहार्य’ (Workable) 10-सूत्रीय शांति योजना पेश की है, जो इस युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने का आधार बन सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप की इस घोषणा पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल युद्धविराम के लिए तैयार हो गए हैं।

उन्होंने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए कहा कि, मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान और संयुक्त राज्य, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान सहित सभी स्थानों पर तत्काल प्रभाव से युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। मैं दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करता हूं और उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आमंत्रित करता हूं ताकि सभी विवादों को निपटाने के लिए एक निर्णायक समझौते पर बातचीत की जा सके।’

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उन्होंने आगे लिखा, ‘दोनों पक्षों ने असाधारण बुद्धिमत्ता और समझ का परिचय दिया है, और शांति तथा स्थिरता (Stability) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रचनात्मक रूप से संलग्न रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि ‘इस्लामाबाद वार्ता’ स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी, और हम आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें साझा करने की आशा करते हैं!

With the greatest humility, I am pleased to announce that the Islamic Republic of Iran and the United States of America, along with their allies, have agreed to an immediate ceasefire everywhere including Lebanon and elsewhere, EFFECTIVE IMMEDIATELY.
I warmly welcome the…

— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 7, 2026 “>


‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ क्या है?

6 अप्रैल को पाकिस्तान ने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक दो-चरणीय रूपरेखा प्रस्तावित की थी, जिसे ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ का नाम दिया गया है:

  • पहला चरण: तत्काल युद्धविराम और सैन्य गतिविधियों पर रोक।
  • दूसरा चरण: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और सुरक्षा समझौता।
  • मध्यस्थता: एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान की मध्यस्थता के कारण बातचीत में तेजी आई है।

ट्रंप प्रशासन और सहयोगियों का रुख

इस समझौते को लेकर ट्रंप के खेमे में दो तरह की राय थी:
1. विरोध: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब, यूएई और सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप से आग्रह किया था कि जब तक ईरान बड़ी रियायतें न दे, तब तक कोई भी प्रस्ताव स्वीकार न करें।
2. समर्थन: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिका एंबेसडर स्टीव विटकॉफ ने ट्रंप को सलाह दी कि यदि एक बेहतर डील मिल रही है, तो उसे स्वीकार कर लेना चाहिए।

युद्धविराम की वर्तमान स्थिति क्या है?

  • अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: ट्रंप की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी ठिकानों पर अपने हमले रोक दिए हैं।
  • ईरान का दावा: तेहरान ने इसे अपनी रणनीतिक जीत बताया है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अनुसार, इस 10 सूत्रीय शांति योजना में प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को औपचारिक स्वीकृति देने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य: युद्धविराम के दौरान ईरान के सशस्त्र बल इस क्षेत्र से जहाजों के गुजरने की निगरानी और समन्वय करेंगे।





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ये जगह है गर्मी का असली स्वर्ग, शिमला-मनाली को करता है फेल


पलामू: झारखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के लिए जाना जाता है. खासकर गर्मी के दिनों में लोग भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश करते हैं. तब ऐसे प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इन्हीं खास पर्यटन स्थलों में लातेहार जिले का कांति झरना गर्मी के दिनों में बेहद खास और आकर्षक जगह बन जाता है. पहाड़ियों के बीच बसा यह झरना किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है.

200 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी

लातेहार और लोहरदगा की सीमा पर स्थित कांति झरना अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. करीब 200 फीट की ऊंचाई से गिरती दूधिया जलधारा, चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों की गोद में बहती कल-कल करती पानी की आवाज मन को शांति और सुकून का एहसास कराती है. बरसात के दिनों में यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है, लेकिन गर्मी के मौसम में भी यहां की ठंडी फुहारें और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को राहत देता है.

प्रकृति की गोद में बसा है ये इलाका

यह स्थल रांची, लोहरदगा, गुमला और लातेहार समेत आसपास के जिलों के लोगों के लिए पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका है. खासकर नववर्ष के मौके पर यहां पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. वहीं, गर्मी के मौसम में भी लोग घूमने फिरने आते है. हालांकि, रास्ता संकीर्ण होने के कारण कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है, जिससे पर्यटकों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह स्थल प्रकृति की गोद में बसा है.

कांति झरना तक पहुंचने का रास्ता अब पहले से बेहतर हो गया है. पहले जहां सड़क जर्जर अवस्था में थी. वहीं, अब इसे दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे छोटे-बड़े वाहनों से यहां पहुंचना आसान हो गया है. यह झरना लातेहार से लगभग 47 किलोमीटर और रांची से करीब 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग से सेन्हा गांव के उत्तर दिशा में लगभग 7 किलोमीटर अंदर जाने पर यह खूबसूरत स्थल दिखाई देता है.

सुरक्षा का नहीं हो कोई इंतजाम

हालांकि, यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ नजर आती है. न तो ठहरने की कोई उचित व्यवस्था है और न ही खाने-पीने की सुविधाएं उपलब्ध हैं. सुरक्षा के लिहाज से भी यहां कोई ठोस इंतजाम नहीं है, जिससे पर्यटकों को सावधानी बरतनी पड़ती है. इसके बावजूद, प्रकृति प्रेमियों के लिए कांति झरना एक बेहतरीन और सुकूनभरा स्थल साबित हो रहा है, जहां लोग प्रकृति के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताने पहुंचते हैं.

पलामू से घूमने पहुंचे मनीष तिवारी ने लोकल 18 को बताया कि वो बचपन में इस झरना के बारे में पढ़े थे. आज पहली बार देखने का मौका मिला. वह जितना सुने थे, उससे कई गुना ज्यादा खूबसूरत पर्यटक स्थल है. यहां पर्यटन की संभावना है, लेकिन किसी तरह की कोई खास सुविधा नहीं है. खाने पीने के लिए भी स्वयं लेकर आए हैं. हालांकि, पिकनिक के लिए सबसे खास जगह कही जा सकती है.



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RK Family Trust: ‘जो घर पेड़ के नीचे बैठकर बनवाया, उसे कब्जाना चाहती है प्रिया’, संजय कपूर की मां के आरोप


दिवंगत कारोबारी संजय कपूर के निधन के बाद आरके फैमिली ट्रस्ट के स्वामित्व और पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद और गहरा गया है। संजय कपूर की मां, रानी कपूर ने प्रिया कपूर द्वारा ट्रस्ट से उन्हें हटाए जाने के प्रयासों को कड़ी चुनौती दी है। यह विवाद मुख्य रूप से उस संपत्ति और पारिवारिक ट्रस्ट पर नियंत्रण को लेकर है, जिसे रानी कपूर के दिवंगत पति ने स्थापित किया था। उन्होंने कहा है कि जिस घर (दिल्ली स्थित) को उन्होंने पेड़ के नीचे बैठकर बनवाया उसके बारे में उसे (प्रिया को) लगता है कि उसने हासिल कर लिया।

ट्रस्ट का स्वामित्व और संपत्ति पर अधिकार 

एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार रानी कपूर ने साफ किया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट पूरी तरह से उनके नाम पर है और इसे उनके दिवंगत पति ने बनाया था, जिन्होंने अपनी सारी संपत्ति उन्हें सौंप दी थी। उन्होंने बताया कि उनके पति की ओर से स्थापित इस व्यवसाय को बाद में बेटे संजय कपूर ने संभाला था। रानी कपूर के अनुसार, उन्होंने दिल्ली का घर पेड़ के नीचे बैठकर बनवाया था, जिस पर अब प्रिया कपूर नियंत्रण करना चाहती हैं। अपने बेटे के निधन के बाद से रानी कपूर दिल्ली से दूर हैं और संपत्ति हासिल करने के लिए प्रिया कपूर की ओर से उठाए जाने वाले कदमों को लेकर डरी हुई हैं।

रानी कपूर के कानूनी सलाहकार और वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने एएनआई को बताया कि रानी कपूर ने अदालत में ट्रस्ट को चुनौती दी है और दावा किया है कि इसे उनकी जानकारी या सहमति के बिना बनाया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल ऐसा कोई अदालती आदेश नहीं है जो ट्रस्ट के कामकाज को रोक सके।

समझौते से इनकार और गंभीर आरोप

पारिवारिक समझौते की किसी भी संभावना को सिरे से खारिज करते हुए रानी कपूर ने खुद को परिवार का मुखिया बताया है। उन्होंने प्रिया कपूर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रिया केवल पैसों के लिए संजय कपूर के जीवन में आई थीं। रानी कपूर ने यह भी कहा कि संजय कपूर के जीवित रहते हुए प्रिया में विवाद करने की हिम्मत नहीं थी और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिया ने संजय को ब्लैकमेल किया था।


  • ट्रस्ट पर दावा: आरके फैमिली ट्रस्ट रानी कपूर के नाम पर है और उन्होंने प्रिया कपूर को चुनौती दी है कि वह उन्हें ट्रस्ट से हटाकर दिखाएं।

  • समझौते से इनकार: रानी कपूर ने पारिवारिक समझौते की संभावना से साफ इनकार कर दिया है और कहा है कि उनके लिए प्रिया की कोई अहमियत नहीं है।

  • संपत्ति का लालच: प्रिया कपूर पर अपने पति की बनाई हुई सारी संपत्ति और दौलत हड़पने का आरोप लगाया गया है।

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: रानी कपूर ने बताया कि संजय कपूर की दो अच्छी लड़कियों से शादी हुई थी और उनकी दूसरी पत्नी से दो बच्चे हैं, जिनसे वह (रानी कपूर) नियमित रूप से मिलती हैं।

आरके फैमिली ट्रस्ट को लेकर यह विवाद स्पष्ट रूप से पारिवारिक संपत्ति और अधिकारों की लड़ाई में तब्दील हो चुका है। रानी कपूर का कड़ा रुख और समझौते से स्पष्ट इनकार दिखाता है कि ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर यह गतिरोध निकट भविष्य में सुलझने वाला नहीं है। रानी कपूर ने साफ कर दिया है कि वह अपनी मेहनत से बनाई गई संपत्ति के आस-पास भी प्रिया कपूर को नहीं देखना चाहती हैं।





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Dinner Diplomacy: Iran US War के बीच ट्रंप का सर्जियो गौर संग डिनर, क्या ये सिर्फ संयोग है?


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Dinner Diplomacy : मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है, ट्रंप ने के मुताबिक अमेरिका ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गया है लेकिन इसी बीच भारत और अमेरिका के बीच गतिविधियां भी अचानक तेज हो गई हैं, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कुछ बड़ा होने जा रहा है।

दरअसल भारतीय वायु सेना के प्रमुख अमर प्रीत सिंह इस वक्त अमेरिका में हैं और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी वाशिंगटन डीसी में मौजूद हैं और ईरान पर डेडलाइन खत्म होने से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनका डिनर खत्म हुआ है।

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हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में अमेरिका के राजदूत के साथ इस तरह के डिनर का एजेंडा क्या है? इसलिए, यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह महज संयोग है या फिर कोई रणनीति है। लेकिन इसे लेकर कयास जारी है।

एक्स पर स्टीव लूकनर नाम के एक यूजर ने अपने पोस्ट में लिखा है- ‘लगता है कि कल डेडलाइन वाले समय पर राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में भारत में अमेरिका के राजदूत के साथ डिनर पर होंगे।’ तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि ‘क्या कुछ बड़ा होने वाला है?’

इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) के चीफ़ अमर प्रीत सिंह, भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को मज़बूत करने और सहयोग को गहरा करने के लिए एक आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच मज़बूत और बढ़ते द्विपक्षीय सैन्य संबंधों की दिशा में एक कदम है। X पर एक पोस्ट में, क्वात्रा ने दोनों वायु सेनाओं के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए चीफ़ ऑफ़ द एयर स्टाफ़ (CAS) के इस दौरे का स्वागत किया है।

आपको बता दें कि यह यात्रा पाकिस्तान के खिलाफ “ऑपरेशन सिंदूर” के एक साल पूरा होने हो रही है। भारत और अमेरिका ने हाल ही में अपने सैन्य सहयोग को और मजबूत करने, उन्नत प्रौद्योगिकी साझा करने और संयुक्त उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। इन महत्वपूर्ण कदमों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और गहरा करना है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान मिल सके।

इन उच्च-स्तरीय मुलाकातों के क्रम में, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी अगले ही दिन, 8 अप्रैल को तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव मिस्री 8 से 10 अप्रैल तक वाशिंगटन डीसी में रहेंगे। इस दौरान, वह अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विक्रम मिस्री का यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर देगा। यह अमेरिका दौरा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फरवरी में हुई वॉशिंगटन डीसी यात्रा के बाद हो रहा है।

Looks like at the time of the deadline tomorrow President Trump will be at a White House dinner with the U.S. Ambassador to India pic.twitter.com/DJw3he7jaS

— Steve Lookner (@lookner) April 6, 2026 “>





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Report: महिला कर्जदारों का 76 लाख करोड़ रुपये का ऋण संग्रह, आठ वर्षों में चार गुना वृद्धि


भारत में महिला कर्जदारों का ऋण संग्रह 76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह कुल प्रणालीगत ऋण का 26 फीसदी है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि 2017 के बाद से इसमें करीब पांच गुना वृद्धि हुई है।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2017 से दिसंबर 2025 के बीच ऋण-सक्रिय महिला कर्जदारों की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) नौ फीसदी रही। इसी अवधि में, महिलाओं के बीच ऋण पहुंच 19 फीसदी से बढ़कर 36 फीसदी हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में महिलाओं का कुल बकाया ऋण 16 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025 में 76 लाख करोड़ रुपये हो गया। भारत में लगभग 45 करोड़ ऋण-योग्य महिलाएं हैं, जिससे आगे विस्तार की काफी संभावना है। यह वृद्धि विशेष रूप से वाणिज्यिक ऋण से प्रेरित है।

2022 से 2025 के बीच महिला कारोबारी कर्जदारों को दिए गए ऋण में 31 फीसदी की सीएजीआर दर्ज हुई, जो कुल वाणिज्यिक ऋण की 17 फीसदी वृद्धि से अधिक है। नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने कहा कि आर्थिक विकास तब आगे बढ़ता है जब बाजारों में भागीदारी व्यापक, गहरी और अधिक कुशल हो जाती है।

सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (एमएफआई) के कर्जदारों का व्यक्तिगत खुदरा और वाणिज्यिक ऋणों की ओर धीरे-धीरे बदलाव देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब 19 फीसदी सक्रिय सूक्ष्म वित्त कर्जदार ऐसे ऋण ले रहे हैं। व्यक्तिगत और स्वर्ण ऋण महिलाओं द्वारा सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले उत्पाद बने हुए हैं। आवास ऋण में भी उत्साहजनक वृद्धि देखी जा रही है। यह महिलाओं के बीच संपत्ति स्वामित्व में वृद्धि का संकेत है।

महिलाओं की ऋण पहुंच का भौगोलिक विस्तार भी हो रहा है। दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे उत्तरी राज्यों में भी वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहचान, भुगतान, ऋण मूल्यांकन और ऋण सेवा में तेजी से डिजिटलीकरण से प्रवेश बाधाएं कम हो सकती हैं। यह महिलाओं को अनौपचारिक उधार से औपचारिक, संरचित वित्तीय प्रणालियों की ओर बढ़ने में सक्षम बना सकता है। रिपोर्ट लगभग 16 करोड़ ऋण-सक्रिय महिलाओं के क्रेडिट ब्यूरो के आंकड़ों और 161 ग्रामीण छोटे उद्यमियों के प्राथमिक शोध पर आधारित है।



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Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: कौन से मार्केट आज खुले, कहां लटका मिलेगा ताला? चेक कर लें दिल्ली का अपडेट


Delhi

oi-Kumari Sunidhi Raj

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: देश की राजधानी दिल्ली में आज 8 अप्रैल 2026, बुधवार को दैनिक जीवन और कामकाज पूरी तरह से सामान्य रहने वाला है। मार्च और अप्रैल की शुरुआत में होली, ईद-उल-फितर और गुड फ्राइडे जैसे त्योहारों की लंबी छुट्टियों के बाद, अब शहर अपनी नियमित गति में है।

दिल्ली सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, आज कोई भी गजटेड या सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं है। जो लोग सरकारी कामों या बैंकिंग लेनदेन के लिए घर से निकलने की योजना बना रहे हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की छुट्टी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh

बैंक और वित्तीय संस्थानों की स्थिति

आज बुधवार होने के कारण दिल्ली के सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक खुले हैं। अप्रैल महीने की छुट्टियों की बात करें तो 1 अप्रैल को सालाना क्लोजिंग और 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे की छुट्टी निकल चुकी है। अब बैंकों में अगला अवकाश 11 अप्रैल (दूसरा शनिवार) और 12 अप्रैल (रविवार) को होगा। इसके बाद 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। आज चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य बैंकिंग सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं।

स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थान

दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल आज खुले हैं। चूंकि अप्रैल का महीना नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत का समय होता है, इसलिए स्कूलों में पढ़ाई और दाखिले की प्रक्रिया पूरी तेजी से चल रही है। किसी भी स्थानीय निकाय या शिक्षा निदेशालय (DoE) की ओर से छुट्टी का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी आज नियमित कक्षाएं और परीक्षाएं (यदि निर्धारित हों) संचालित की जाएंगी।

बाज़ार, मॉल और सार्वजनिक परिवहन

राजधानी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जैसे चांदनी चौक, कनॉट प्लेस, सदर बाज़ार और सरोजिनी नगर पूरी तरह से खुले हैं। साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off) के अनुसार, अधिकांश बाज़ार आज कार्यशील हैं। दिल्ली मेट्रो (DMRC) और डीटीसी (DTC) बसें अपने सामान्य शेड्यूल के अनुसार चल रही हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान होने वाली नियमित भीड़ को ध्यान में रखकर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

सरकारी और निजी कार्यालय

दिल्ली स्थित सभी केंद्रीय और राज्य सरकार के कार्यालय आज खुले हैं। इसके साथ ही गुरुग्राम और नोएडा (NCR) के निजी कार्यालय भी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। आज किसी भी प्रकार के बंद या हड़ताल की कोई सूचना नहीं है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना शून्य है।



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