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Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना चढ़ा, चांदी लुढ़की, मुंबई में कहां पहुंचा रेट?


Business

oi-Ankur Sharma

Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने की कीमतों में लगातार बदलाव जारी हैं, मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गया है और इसका रेट 1,49,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है तो वहीं गुडरिटर्न्स के मुताबिक मंगलवार सुबह तक 1,48,899 रुपये प्रति 10 ग्राम, है, चलिए इसी बीच जानते हैं कि मुंबई में सोने का भाव क्य़ा है?

Mumbai Gold Silver Rate Today 7 April

Gold Rate Today in Hindi: आज का सोने का भाव इस प्रकार है (IBJA के मुताबिक)

  • सोना 24 कैरेट: 148899 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 22 कैरेट: 136391 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 18 कैरेट: 111674 रुपये प्रति 10 ग्राम

Mumbai Gold Rate Today: मुंबई में क्या है सोने का रेट?

  • मुंबई में सोना 24 कैरेट:₹150660 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 22 कैरेट: ₹138100 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 18 कैरेट: ₹112990 प्रति 10 ग्राम

(लोकल ज्वैलर्स के दामों में थोड़ा अंतर संभव है)

Chandi Ka Bhav : चांदी के भाव में गिरावट

चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव आज घटकर यानी 12 रुपये गिरावट के साथ 2,33,367 रुपये किलो हो गया। जबकि Goodreturns के मुताबिक चांदी की कीमत घटकर 2,50,000 रुपये किलो है, ऐसे में जानते हैं कि मुंबई में कहां पहुचा है भाव।

Mumbai Silver Rate Today: मुंबई में आज चांदी का रेट

  • प्रति 10 ग्राम कीमत: ₹2,500
  • प्रति 100 ग्राम कीमत: ₹25,000
  • प्रति किलोग्राम कीमत: ₹2,50,000

(शहर, ज्वेलर और GST/मेकिंग चार्ज के कारण रेट थोड़ा अलग हो सकता है)

चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड ज्यादा होती है। सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन में इन उद्योगों में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है। सप्लाई कम होने और मांग बढ़ने की वजह से चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा अस्थिरता और तेजी देखी जा रही है।

आज बड़े ज्वेलर्स के यहां 22K सोने का रेट

  • तनिष्क 22K सोने का आज का भाव: ₹13,850 प्रति ग्राम
  • कल्याण ज्वेलर्स 22K सोने का आज का भाव: ₹13,810 प्रति ग्राम
  • मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स 22K सोने का आज का भाव: ₹13,810 प्रति ग्राम
  • जॉयअलुकास 22K सोने का आज का भाव: ₹13,810 प्रति ग्राम

मुंबई का सर्राफा बाजार कहां है?

मुंबई का प्रमुख सर्राफा (ज्वेलरी) बाजार Zaveri Bazaar में स्थित है। यह इलाका दक्षिण मुंबई में Kalbadevi के पास पड़ता है और भारत के सबसे पुराने व बड़े सोना-चांदी ट्रेडिंग हब्स में से एक है।यहां दो तरह का कारोबार होता है।

  • थोक (Wholesale): बड़े व्यापारी बड़ी मात्रा में सोना-चांदी खरीदते-बेचते हैं
  • खुदरा (Retail): आम लोग ज्वेलरी खरीदते हैं

डिस्क्लेमर: बताए गए विचार और सुझाव सिर्फ़ अलग-अलग एनालिस्ट या एंटिटी के हैं, वनइंडिया हिंदी किसी भी तरह के कोई निवेश सलाह नहीं देता है देता हैं और ना ही सिक्योरिटीज़ की खरीद या बिक्री के लिए कहता है। सारी जानकारी सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद के लिए दी गई है और कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले लाइसेंस वाले फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से इसे अलग से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।



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मणिपुर- बम हमले में 2 बच्चों की मौत, मां घायल: घटना के विरोध में प्रदर्शन; पुलिस चौकी तोड़ी, दो ऑयल टैंकरों में आग लगाई


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  • Manipur Bomb Attack Kills Children; Protests Erupt, Police Station Vandalized

इंफाल3 मिनट पहले

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मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में कुछ उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें जिसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब दो बच्चे और उनकी मां अपने बेडरूम में सो रहे थे। मां घायल है।

स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। हालात को कंट्रोल करने के लिए इलाके में सिक्योरिटी फोर्स तैनात कर दी गई है।

हिंसा-प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें…

घटना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में आग लगा दी।

घटना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में आग लगा दी।

आग लगने के बाद ट्रक पूरी तरह से जल गया।

आग लगने के बाद ट्रक पूरी तरह से जल गया।

ट्रक में लकड़ी का माल लदा हुआ था जिससे आग और फैल गई।

ट्रक में लकड़ी का माल लदा हुआ था जिससे आग और फैल गई।

आग लगने के चलते ट्रक के पहिए पूरी तरह से राख में बदल गए।

आग लगने के चलते ट्रक के पहिए पूरी तरह से राख में बदल गए।

प्रदर्शनकारियों ने एक ऑयल टैंकर में भी आ लगा दी।

प्रदर्शनकारियों ने एक ऑयल टैंकर में भी आ लगा दी।

सीएम ने घायल महिला से मुलाकात की

मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह मंगलवार सुबह पीड़ित मां से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस जुर्म के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उनसे कानून के तहत सख्ती से निपटा जाएगा। खेमचंद ने कहा कि यह हमला एक बर्बर हरकत है और इंसानियत पर सीधा हमला है। यह मणिपुर में मुश्किल से मिली शांति को पटरी से उतारने की कोशिश है।

चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास बसा है मोइरांग इलाका

मणिपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो ग्रुप्स के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां लगातार गोलीबारी हुई थी।

एक और सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास के इलाके से एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, यह घिनौना काम आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कामों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

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मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी

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मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। NDTV के अनुसार, महिला लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। गंभीर चोटों के कारण पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें…

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अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की राजधानी, विधानसभा से थीम सिटी तक—कैसे बसाई जा रही है आंध्र की नई स्मार्ट कैपिटल?


India

oi-Pallavi Kumari

Andhra Pradesh capital Amaravati: आंध्र प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक ढांचे में लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। अब यह तय हो चुका है कि अमरावती ही राज्य की एकमात्र राजधानी होगी। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 7 अप्रैल को इसे लेकर आधिकारिक घोषणा की, जिसके बाद इस फैसले को कानूनी मजबूती भी मिल गई। यह सिर्फ राजधानी की घोषणा नहीं है, बल्कि एक ऐसे मेगा विजन की वापसी है, जिसे कभी अधूरा छोड़ दिया गया था।

सीएम नायडू के नेतृत्व वाली TDP-NDA सरकार की इस पहल को अमरावती के भविष्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।अब जब अमरावती को आधिकारिक तौर पर राजधानी का दर्जा मिल चुका है, तो नजरें इसके विकास पर टिकी हैं। बड़ा बजट, भव्य डिजाइन और स्पष्ट विजन इसे खास बनाते हैं। आइए जानें कैसे बसाई जा रही है आंध्र की नई स्मार्ट कैपिटल।

Amaravati capital Andhra Pradesh

ड्रीम प्रोजेक्ट की वापसी: अमरावती फिर सुर्खियों में

अमरावती को राजधानी बनाने का सपना कोई नया नहीं है। जब आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ था, तभी चंद्रबाबू नायडू ने इसे राज्य का नया प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र बनाने की योजना बनाई थी। उस समय इसे विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था। लेकिन 2019 में सत्ता परिवर्तन के बाद यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।

Amaravati capital: तीन राजधानियों का प्रयोग और विवाद

2019 में सत्ता में आई वाई एस जगनमोहन रेड्डी सरकार ने इस योजना को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने ‘तीन राजधानियों’ का मॉडल पेश किया, जिसमें विशाखापत्तनम को प्रशासनिक राजधानी, अमरावती को विधायी राजधानी और कुरनूल को न्यायिक राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा गया। यह प्रयोग राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना रहा, लेकिन अमरावती का मूल विकास ठहर गया।

అమరావతికి చట్టబద్ధత కల్పించే బిల్లు పార్లమెంటులో ఆమోదం పొందడంపై రాయలసీమ వాసుల కళ్లలో కనిపిస్తున్న ఆనందం…. రాష్ట్ర ప్రజల ఆశలకు, ఆలోచనలకు, ఆకాంక్షలకు ప్రతిరూపం. అన్ని ప్రాంతాల, అన్ని వర్గాల ప్రజల ఆశీస్సులతో ప్రతి పౌరుడు గర్వించేలా ప్రజా రాజధాని నిర్మిద్దాం!… pic.twitter.com/3ml7lYwwZ8

— N Chandrababu Naidu (@ncbn) April 6, 2026 “>

2024 में सत्ता वापसी और बड़ा फैसला

2024 में एक बार फिर चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद अमरावती प्रोजेक्ट को नई जिंदगी मिली। सरकार ने साफ कर दिया कि अब राज्य की एक ही राजधानी होगी और वह अमरावती होगी। इस फैसले को प्रशासनिक स्पष्टता और विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Amaravati Andhra Pradesh New capital smart city plan

Amaravati Theme city plan: 217 वर्ग किमी में बसने जा रहा ‘मेगा सिटी’

नई राजधानी अमरावती को 217.23 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यह सिर्फ एक प्रशासनिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि एक आधुनिक, स्मार्ट और सुव्यवस्थित शहर के रूप में उभरेगा। शुरुआती चरण में ही इस प्रोजेक्ट पर करीब 65,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

इस शहर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह भविष्य की जरूरतों के मुताबिक टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत हो। सड़क, ट्रांसपोर्ट, जल प्रबंधन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान दिया जाएगा।

250 मीटर ऊंची विधानसभा-नई पहचान

अमरावती की सबसे खास पहचान बनने जा रही है यहां की प्रस्तावित विधानसभा इमारत। इसे 250 मीटर ऊंचा बनाया जाएगा, जो ‘उल्टी लिली’ के आकार की होगी। यह डिजाइन न सिर्फ वास्तुकला का अनोखा उदाहरण होगा, बल्कि शहर का प्रतीक भी बनेगा। आने वाले समय में यह इमारत अमरावती की पहचान के रूप में जानी जाएगी।

2 मई को शिलान्यास, पीएम मोदी के आने की उम्मीद

नई राजधानी के निर्माण को लेकर सरकार ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। 2 मई को इसका शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी।

9 थीम बेस्ड शहर-प्लानिंग में नया प्रयोग

अमरावती को पारंपरिक शहर की तरह नहीं, बल्कि एक आधुनिक ‘थीम बेस्ड’ सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां कुल 9 उप-शहर बनाए जाएंगे, जिनकी अपनी अलग पहचान और उपयोगिता होगी। इन थीम सिटी में रिहायशी, व्यावसायिक, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन और प्रशासनिक जोन शामिल होंगे।

इसके अलावा एक सेंट्रल गवर्नमेंट हब भी तैयार किया जाएगा, जहां सभी प्रमुख सरकारी कार्यालय और संस्थान मौजूद रहेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज तेज और सुगम होगा।

क्यों अहम है अमरावती का यह प्रोजेक्ट?

अमरावती सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला प्रोजेक्ट है। इससे राज्य में निवेश बढ़ने, रोजगार के अवसर पैदा होने और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

यह प्रोजेक्ट राजनीतिक रूप से भी अहम है, क्योंकि यह चंद्रबाबू नायडू के विजन और वादों से जुड़ा हुआ है। अगर यह सफल होता है, तो यह देश के सबसे आधुनिक शहरों में से एक बन सकता है।

अगर योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो अमरावती न सिर्फ आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक मॉडल सिटी बन सकता है। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक बड़े सपने का नाम बन चुका है।





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अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर


अमेरिका और ईरान के बीच गहराते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई मंगलवार की समयसीमा (डेडलाइन) के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। इस तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान के लिए फिर से खोलने की समयसीमा के सीधे असर से मंगलवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया, जिससे कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।

 

कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि 

कच्चे तेल के बाजार में दर्ज किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत या 4.15 डॉलर से अधिक बढ़कर 116.56 डॉलर पर पहुंच गया है। वहीं, सुबह 9:57 बजे तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.69 प्रतिशत या 1.86 डॉलर की बढ़त के साथ 111.63 डॉलर के इंट्राडे उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा था। ब्रेंट क्रूड ने इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की है, जो 27 फरवरी के 72.48 डॉलर के स्तर से उछलकर 9 मार्च तक 119.50 डॉलर तक पहुंच गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति का आक्रामक रुख और गंभीर धमकियां

कीमतों में यह ताजा तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संबंध में ईरान के प्रति दिखाए गए नए आक्रामक रुख के बाद आई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान जलडमरूमध्य को खोलने की मंगलवार रात की समयसीमा का अनुपालन नहीं करता है, तो उस पर कहर बरपाया जाएगा । उन्होंने यह भी धमकी दी कि ईरान को “एक ही रात में खत्म” किया जा सकता है। ट्रंप के अनुसार, यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ईरान का हर पुल नष्ट कर दिया जाएगा और वहां के हर बिजली संयंत्र को हमेशा के लिए तबाह कर दिया जाएगा।

ऊर्जा आपूर्ति शृखला और ईरान की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि ईरान ने संघर्षविराम योजना को खारिज कर दिया है और दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ अपनी लड़ाई जारी रखी है। वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व बहुत अधिक है:


  •  यह जलमार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से  के वैश्विक तेल प्रवाह को संभालता है।

  •  28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग लगातार बाधित है।

  •  इस गतिरोध के कारण इस साल  कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो औसतन 100 डॉलर के आंकड़े के आसपास बनी हुई है।

ऊर्जा बाजार की इस अस्थिरता का मिला-जुला असर वैश्विक इक्विटी बाजारों पर दिखाई दे रहा है। जहां अमेरिका में वॉल स्ट्रीट मामूली सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ और एशियाई शेयरों में मिला-जुला कारोबार देखा गया, वहीं भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट का रुख रहा। भारत के प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, 1 प्रतिशत तक गिरकर कारोबार कर रहे थे।



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प्रवासी मजदूरों को राहत: सरकार ने दोगुना किया पांच किलो वाले एलपीजी सिलिंडर का कोटा, बुकिंग के नियम बदले


केंद्र सरकार ने देश भर के विभिन्न राज्यों में प्रवासी मजदूरों को एक बड़ी राहत देते हुए 5 किलो वाले ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ (एफटीएल) गैस सिलिंडरों का दैनिक आवंटन (कोटा) दोगुना करने का फैसला किया है। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बीच सरकार यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। पेट्रोलियम मंत्रालय के इस अहम नीतिगत फैसले से शहरों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा।

कोटे में बढ़ोतरी और वितरण का नया ढांचा

पेट्रोलियम मंत्रालय की एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सिलिंडर का यह बढ़ा हुआ आवंटन प्रवासी श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली औसत दैनिक आपूर्ति पर आधारित होगा। यह संशोधित नया आवंटन सरकार द्वारा मार्च में घोषित की गई 20 प्रतिशत की पिछली सीमा के पार चला गया है। 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये अतिरिक्त पांच किलो वाले एफटीएल सिलिंडर सीधे राज्य सरकारों और उनके खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभागों को सौंपे जाएंगे। इन सिलेंडरों का वितरण तेल विपणन कंपनियों की सहायता से विशेष रूप से केवल प्रवासी मजदूरों के लिए ही किया जाएगा, ताकि लक्षित वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके।

बुकिंग के नए नियम और ऊर्जा प्रबंधन

एलपीजी की मांग को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सरकार ने मांग और आपूर्ति से जुड़े कई कड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:


  • रिफाइनरी आउटपुट: मांग पूरी करने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।

  • बुकिंग अंतराल में बदलाव: गैस बुकिंग का समय बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक कर दिया गया है।

  • वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था: एलपीजी पर से दबाव कम करने के लिए मिट्टी का तेल और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को भी उपलब्ध कराया गया है। 

  • पीएनजी का विस्तार: सभी राज्यों को पीएनजी कनेक्शन का नेटवर्क तेज गति से विस्तारित करने की सलाह दी गई है।

सरकार ने साफ किया है कि इन सबके बीच घरेलू एलपीजी और पीएनजी आपूर्ति के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे अति-महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।



डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और आपूर्ति का हाल


सरकार ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें और जब तक बहुत जरूरी न हो, डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें और सूचनाओं के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।



प्रवासी श्रमिकों को आश्वस्त करते हुए सरकार ने कहा है कि उनकी एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी की गई है। इस दौरान ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा उछलकर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा, गैस की कालाबाजारी या हेराफेरी रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन-आधारित’ वितरण प्रणाली का सख्ती से पालन किया जा रहा है।





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Iran War Update: बेहोश पड़े हैं मोजतबा खामेनेई! नहीं ले पा रहे कोई फैसला, रिपोर्ट में लीक हुई जानकारी?


International

oi-Siddharth Purohit

Iran War Update: अयातुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर बने मोजतबा खामेनेई (Supreme Leader Mojtaba Kahenei) के मारे जाने के दावे अमेरिका से उठ रहे हैं कि खामेनेई मारे गए हैं या फिर बुरी तरह जख्मी हैं। जिसके बाद ईरान एक अपुष्ट वीडियो जारी कर कहता है कि वे ठीक हैं और जल्द सबके सामने आएंगे। इसी बीच एक रिपोर्ट आई है जिसमें दावा किया है मोजतबा खामेनेई अचेत अवस्था में हॉस्पिटल में हैं जहां वे फैसले लेने की स्थिति में तक नहीं हैं। ‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका इलाज ईरान के क़ोम शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है

खुफिया रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

एक राजनयिक के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि खुफिया सूत्रों ने यह संवेदनशील जानकारी खाड़ी देशों के सहयोगियों के साथ साझा की है। इससे पहली बार उनकी हालत और लोकेशन को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आई है। द टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामनेई की हालत इतनी गंभीर है कि वे फिलहाल देश का कामकाज संभालने में सक्षम नहीं हैं। अमेरिकी-इजरायली खुफिया सूत्रों के मुताबिक, वे किसी भी सरकारी फैसले में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि ये जानकारी कहां से लीक हुई अभी तक इसका पता नहीं चला है।

Iran War Update

क़ोम में चल रहा इलाज

रिपोर्ट में बताया गया है कि उनका इलाज ईरान के केंद्रीय शहर क़ोम में हो रहा है। क़ोम राजधानी तेहरान से करीब 87 मील दक्षिण में स्थित है और शिया इस्लाम के लिए एक बेहद पवित्र शहर माना जाता है।

पहले से पता था लोकेशन

अमेरिका और इजरायल की खुफिया एजेंसियों को पहले से ही उनके ठिकाने की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे सार्वजनिक नहीं किया था। अब पहली बार इस लोकेशन को लेकर खुलासा किया गया है।

पब्लिक से क्यों बच रहे मोजतबा?

सत्ता संभालने के बाद से मोजतबा खामनेई को आज तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। इस वजह से उनके जीवित होने को लेकर कई तरह के सवाल और अफवाहें भी फैल रही थीं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि 56 साल के मोजतबा खामनेई उसी हमले में मारे गए थे, जिसमें उनके पिता की जान गई थी। हालांकि, इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

ईरानी सरकार ने किया खंडन

इन सभी अफवाहों के बीच ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मोजतबा खामनेई जिंदा हैं और देश की कमान संभाल रहे हैं।

बीच जंग में गायब, उठे सवाल

ईरानी सरकार का कहना है कि वे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के दौरान देश की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर अभी भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

पिता की मौत के बाद संभाली थी सत्ता

मोजतबा खामनेई को यह पद अपने पिता आयतुल्लाह अली खामनेई की 28 फरवरी को हुई मौत के बाद मिला था। उनके पिता की भी मौत अमेरिकी-इजरायली हमलों में ही हुई थी, जिसके बाद मोजतबा को देश की कमान सौंपी गई।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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Tamil Nadu Opinion Poll 2026: स्टालिन का ‘Surya’ होगा अस्त या TVK बिगाड़ेगा खेल? क्या कहता है ओपिनियन पोल?


यह पढ़ें: Assam Opinion Poll 2026: असम में बनेगा इतिहास! बीजेपी और कांग्रेस को कितनी सीटें? क्या कहता है ओपिनियन पोल?



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वृंदावन में मोहन भागवत बोले- गौसेवक बनाओ, गौहत्या रूक जाएगी: संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, संतों के पैर छुए – Mathura News




संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उन्होंने कहा- समाज में गौभक्त बनाया जाए तो गौहत्या अपने आप रुक जाएगी। जो लोग आज सत्ता में हैं, उनके मन में भी यह बात है। वे करना भी चाहते हैं, लेकिन कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं। तस्वीरें देखिए- संत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



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आम आदमी की थाली पर महंगाई का तड़का: टमाटर ने बिगाड़ा बजट, प्याज-आलू से राहत; छह सवालों में समझें पूरी रिपोर्ट


बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी की रसोई और उसके बजट से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल इंटेलिजेंस की रोटी राइस रेट नाम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 में घर पर पकाई जाने वाली खाने की थाली की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत की कीमतों के आधार पर तैयार की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि किन चीजों ने आपकी थाली को महंगा किया और किनसे आपको राहत मिली। 

आइए आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि पिछले महीने आम आदमी की थाली का बजट कैसा रहा।

सवाल: मार्च 2026 में शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में क्या बदलाव आया?


जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, सालाना आधार पर मार्च 2026 में मांसाहारी थाली की कीमत में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल के मुकाबले पूरी तरह स्थिर रही है। हालांकि, यदि मासिक आधार पर तुलना करें, तो शाकाहारी थाली 3 प्रतिशत और मांसाहारी थाली 2 प्रतिशत सस्ती हुई है।

सवाल: प्याज और आलू की कीमतों ने आम आदमी को कितनी राहत दी?


जवाब: सब्जियों के मोर्चे पर प्याज और आलू ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। सालाना आधार पर प्याज की कीमतों में 25 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य कारण रबी और लेट खरीफ फसल की एक साथ बंपर पैदावार, कमजोर निर्यात और ज्यादा सप्लाई है। इसी तरह, होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर से मांग कम होने के कारण आलू की कीमतें भी 13 प्रतिशत गिर गई हैं। 

सवाल: जब प्याज-आलू सस्ते हुए, तो शाकाहारी थाली की कीमत क्यों नहीं घटी?


जवाब: शाकाहारी थाली का बजट मुख्य रूप से टमाटर ने बिगाड़ दिया है। मार्च 2025 में जो टमाटर 21 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह मार्च 2026 में 33 प्रतिशत महंगा होकर 28 रुपये प्रति किलो हो गया है। दरअसल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बुवाई में देरी के कारण टमाटर की पैदावार और बाजार में इसकी आवक बुरी तरह प्रभावित हुई है।



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Gold Rate Today: सोना फिर महंगा, एक झटके में 2,291 रुपये बढ़े दाम, अब ये है 22K और 18K की कीमत


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 7 April 2026: सोने और चांदी के बाजार में लगातार दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद आज (07 अप्रैल 2026) हलचल देखने को मिली है। एक तरफ राजधानी दिल्ली में सोना मामूली रूप से महंगा हुआ, तो वहीं दूसरी ओर इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को सोने में बड़ी तेजी दर्ज की गई। 24 कैरेट गोल्ड 2,291 रुपये उछलकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले 3 अप्रैल को यही कीमत 1.47 लाख रुपये थी।

हालांकि, दिल्ली के लोकल बाजार में आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम में सिर्फ 10-10 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट आई है और यह 100 रुपये सस्ती होकर कारोबार कर रही है।

Gold Rate Today 7 April 2026

Gold Price In India: देश के प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम)

शहर 24 कैरेट (₹) 22 कैरेट (₹) 18 कैरेट (₹)
दिल्ली 1,50,800 1,38,240 1,13,130
मुंबई 1,50,650 1,38,090 1,12,980
कोलकाता 1,50,650 1,38,090 1,12,980
चेन्नई 1,52,630 1,39,910 1,16,710
बेंगलुरु 1,50,650 1,38,090 1,12,980
हैदराबाद 1,50,650 1,38,090 1,12,980
लखनऊ 1,50,800 1,38,240 1,13,130
पटना 1,50,700 1,38,140 1,13,030
जयपुर 1,50,800 1,38,240 1,13,130
अहमदाबाद 1,50,700 1,38,140 1,13,030
पुणे 1,50,650 1,38,090 1,12,980
सूरत 1,50,700 1,38,140 1,13,030
नागपुर 1,50,650 1,38,090 1,12,980
चंडीगढ़ 1,50,800 1,38,240 1,13,130
भोपाल 1,50,700 1,38,140 1,13,030
इंदौर 1,50,700 1,38,140 1,13,030
गाजियाबाद 1,50,800 1,38,240 1,13,130
नोएडा 1,50,800 1,38,240 1,13,130
गुरुग्राम 1,50,800 1,38,240 1,13,130
कोच्चि 1,52,630 1,39,910 1,16,710

Gold Rate Today: सोना इस हफ्ते 4000 रुपये हुआ सस्ता, दिल्ली से पटना तक ये है 22K और 18K गोल्ड का रेट

चांदी का हाल: चार दिन बाद फिसली कीमत (Silver Price India)

चांदी की कीमतों में भी आज हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में एक किलो चांदी 100 रुपये सस्ती होकर 2,49,900 रुपये पर आ गई है। मुंबई और कोलकाता में भी यही रेट बना हुआ है, जबकि चेन्नई में चांदी सबसे महंगी 2,60,100 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

इस साल कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?

2026 की शुरुआत से अब तक सोने और चांदी दोनों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोना अब तक 15,704 रुपये महंगा हो चुका है और 1.33 लाख से बढ़कर करीब 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी भी 3,623 रुपये चढ़कर 2.30 लाख से 2.34 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।

दिलचस्प बात यह है कि 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख और चांदी ने 3.86 लाख रुपये का ऑलटाइम हाई छुआ था। लेकिन 28 फरवरी के बाद वैश्विक तनाव के चलते कीमतों में गिरावट आई और करीब 38 दिनों में सोना 11,206 रुपये और चांदी 35,672 रुपये तक टूट गई।

कैसे तय होते हैं सोने-चांदी के दाम?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले कीमत, कच्चे तेल की दर, रुपये की मजबूती या कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक तनाव जैसे युद्ध या आर्थिक संकट इनकी दिशा तय करते हैं। इसके अलावा इम्पोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और ज्वेलर्स का मार्जिन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करता है। यही वजह है कि हर शहर में रेट थोड़ा अलग दिखता है।



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