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PM मोदी ने जिस मनोहारी चाय बागान में तोड़ी पत्तियां, वहां दुनिया की सबसे महंगी चाय और मिले


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Assam Tea Garden : अपनी चाय की भीनी-भीनी खुशबुओं को दुनिया भर में बिखरने वाला असम इन दिनों चुनाव प्रचार में व्यस्त है. इसी व्यस्तता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मनोहारी चाय बागान में वहां की स्थानीय महिलाओं के साथ चाय की पत्तियां तोड़ते नजर आए. आपको जानकर हैरानी होगी जिस चाय बागान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गए थे वहां दुनिया की बेशकीमती चाय का उत्पादन होता है. इतना ही नहीं यहां के आसपास के इलाकों में दुनिया की सबसे महंगी चाय उपजाई जाती है. 800 से अधिक बागानों के साथ असम दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र है, जहां की चाय अपने गहरे रंग, कड़क स्वाद और मनमोहक खुशबू के लिए जानी जाती है. अगर आप पर्यटन के हिसाब से यहां जाना चाहते हैं तो आपको यहां जन्नत जैसे नजारे मिलेंगे. यहां इन 10 चाय बागानों के बारे में जानिए.

असम में आगामी चुनावों की तैयारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मशहूर मनोहारी टी एस्टेट दौरे के बाद राज्य के चाय उद्योग पर खास ध्यान गया है. असम में 800 से ज्यादा चाय बागान हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र माना जाता है. यहां की चाय अपने शानदार स्वाद, गहरे रंग और खुशमिजाज खुशबू के लिए जानी जाती है. इस कारण यहां की चाय की दुनिया में अपना नाम है और यह दुनिया के बाजारों में बेहद पॉपुलर है. मनोहारी 1800 के दशक के पुराने बागानों से लेकर आधुनिक ऑर्गेनिक और खास तरह की चाय उगाने वाले एस्टेट भी हैं. आइए जानते हैं असम के 10 सबसे प्रसिद्ध चाय बागानों के बारे में, जहां घूमना भी एक खास अनुभव हो सकता है.

After PM Modi’s Manohari Visit, A Look At Assam’s Most Iconic Tea Estates

Manohari Tea Estate मनोहारी टी एस्टेट: डिब्रूगढ़ में स्थित यह चाय बागान दुनिया भर में मशहूर है. यहां से कल्टीवेट की गई चाय मनोहारी गोल्ड नाम स से दुनिया भर में भेजी जाती है और खासा प्रसिद्ध है. मनोहारी चाय दुनिया की सबसे महंगी चायों में गिनी जाती है. यह चाय हाथ से बनाई जाती है और अपनी दुर्लभता व स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है. यह एस्टेट अपने मजदूरों के कल्याण पर भी खास ध्यान देता है, जिससे यह असम के चाय उद्योग में एक प्रगतिशील उदाहरण माना जाता है.

After PM Modi’s Manohari Visit, A Look At Assam’s Most Iconic Tea Estates

Monabari Tea Estate:मोनाबारी टी एस्टेट : मोनाबारी टी एस्टेट असम जिले के विस्वनाथ जिले में स्थित है. यह चाय बागान एशिया के सबसे बड़े चाय बागानों में से एक है, जो 1,300 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है. यह McLeod Russel India Limited के स्वामित्व में है और कई हिस्सों में बंटा हुआ है. यह अपनी अच्छी तरह से विकसित संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के लिए भी जाना जाता है. हालांकि यहां पर्यटकों की पहुंच सीमित है, फिर भी इसका विशाल आकार, प्राकृतिक सुंदरता और चाय उत्पादन में बड़ा योगदान इसे बेहद खास और प्रसिद्ध बनाता है. यहां के सुंदर दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे. 

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After PM Modi’s Manohari Visit, A Look At Assam’s Most Iconic Tea Estates

Halmari Tea Estate: हॉलमारी टी एस्टेट: मोरन में स्थित यह चाय बागान पिछले 100 वर्षों से प्रीमियम क्वालिटी की चाय के लिए मशहूर है. यह डागा परिवार के स्वामित्व में है और चाय नीलामी में अक्सर रिकॉर्ड कीमत हासिल करता है. यहां CTC और ऑर्थोडॉक्स दोनों तरह की चाय बनाई जाती है. हॉलमारी की चाय लग्जरी होटलों में परोसी जाती है और दुनिया के कई देशों में निर्यात की जाती है, जिससे यह असम के प्रमुख चाय बागानों में गिना जाता है.

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Mangalam Tea Estate: मंगलम टी एस्टेट: मंगलम टी एस्टेट शिवसागर में स्थित है. यह चाय बागान अपनी मुलायम और संतुलित स्वाद वाली चाय के लिए खास पहचान रखता है. यह एस्टेट व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है, जहां बागान साफ-सुथरे और अच्छी तरह से प्रबंधित हैं. यहां की ऑर्थोडॉक्स चाय यूरोप, खासकर जर्मनी में काफी लोकप्रिय है. इसके अलावा, यहां की गोल्डन-टिप्ड ब्लैक टी इसे प्रीमियम श्रेणी में खास बनाती है और इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बनी रहती है.

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Corramore Tea Estate: कोरामोर टी एस्टेट: उदलगुड़ी में स्थित यह ऐतिहासिक चाय बागान है जिसे 1860 के दशक में रॉबर्ट लोगन द्वारा स्थापित किया गया था. यह बागान आसपास की पहाड़ियों के सुंदर नज़ारों से घिरा हुआ है जिसकी वजह से यहां का मनोरम दृश्य दिल को झंकृत कर देता है. यहां जाकर जन्नत जैसी सुकून महसूस होती है. कोरामारो टी एस्टेट अपनी विरासत के साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता की चाय उत्पादन के लिए जाना जाता है. यह असम के औपनिवेशिक दौर की चाय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है. हालांकि, इसकी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के लिए संरक्षण (कंजर्वेशन) की जरूरत भी बताई जाती है.

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Amchong Tea Estate:अमचोंग टी एस्टेट : गुवाहाटी से थोड़ी दूरी पर स्थित अमचोंग टी एस्टेट असम के सबसे आसानी से पहुंचने वाले एस्टेट्स में से एक है. शुरुआत में यहां मुख्य रूप से CTC चाय बनाई जाती थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसने ऑर्थोडॉक्स चाय का उत्पादन भी शुरू किया है, जिसकी नीलामी में अच्छी मांग होती है. यह एस्टेट स्थानीय विकास, खासकर सड़क कनेक्टिविटी सुधारने में अपने योगदान के लिए भी जाना जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों को काफी लाभ मिला है. आसानी से पहुंचने के कारण यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है.

After PM Modi’s Manohari Visit, A Look At Assam’s Most Iconic Tea Estates

Sapoi Tea Estate:सपोई टी एस्टेट: सपोई टी एस्टेट सोनितपुर में ब्रह्मपुत्र नदी के पास स्थित है. सपोई चाय बागान सिर्फ चाय उत्पादन ही नहीं बल्कि एक खास अनुभव भी देता है. यहां का मनोरम दृश्य और दूर तक चाय बगानों की हरियाली मन को दीवाना बना देता है. यहां आने वाले लोग खूबसूरत बंगलों में ठहर सकते हैं, चाय तोड़ने की प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं और ऑर्गेनिक खेती के तरीके भी देख सकते हैं. यह एस्टेट चाय उत्पादन के साथ-साथ इको-टूरिज्म और ग्रामीण जीवन के अनुभव को शानदार तरीके से जोड़ता है, जिससे यह पर्यटकों के लिए एक आकर्षक जगह बन जाता है.



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अयोध्या में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की हिंदू: खिलौना पिस्टल से की वारदात, दोस्त के साथ बाइक से भागी; दोनों गिरफ्तार – Ayodhya News




अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की और उसके दोस्त को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। लड़की का नाम पायल और दोस्त का नाम राहुल है। वारदात के बाद पायल दुकान के बाहर खड़े राहुल के साथ बाइक से भाग निकली थी। पुलिस जांच में पता चला कि प्लानिंग के तहत राहुल ने बाजार से नकली पिस्टल और बुर्का खरीदा। इसके बाद पायल बुर्का पहनकर दुकान पर पहुंची। पिस्टल दिखाकर सोने का हार और चेन लूटकर फरार हो गई। पहचान छिपाने के लिए दोनों ने बुर्का पहनकर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया था। मामला गुरुवार को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार का है। दुकान में लगे 6 सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई थी। कैमरे में जिस बाइक से दोनों फरार हुए थे, उसका नंबर कैद हो गया था। इसे ट्रेस कर पुलिस दोनों तक पहुंची। ADG जोन लखनऊ प्रवीण कुमार ने बताया- दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला का नाम पायल है। उसके साथ जो लड़का था, उसका नाम राहुल है। दोनों बंटी और बबली बनकर घटना को अंजाम दे रहे थे। दोनों दोस्त हैं। खिलौने की पिस्टल दिखाकर लूट की गई थी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… बुर्का पहनकर सोने का हार और चेन खरीदने पहुंची थी
रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार के रहने वाले महेश सोना-चांदी के व्यापारी हैं। उनकी घर से 900 मीटर दूर अग्रवाल कॉम्प्लेक्स में महेश ज्वेलर्स नाम से दुकान है। गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे मथाना निवादा ग्राम पंचायत के अहिबरन का पुरवा गांव की रहने वाली पायल बुर्का पहनकर दुकान पर पहुंची। उसके पास एक पिट्‌ठू बैग था। उसने महेश से कहा- मुझे सोने का हार और चेन खरीदनी है। महेश ने उसके सामने एक सोने का हार और सोने की चेन रख दी। इसके बाद पायल ने महेश से पानी मांगा। महेश ने दुकान में काम करने वाले अंकित कुमार को पानी और समोसा लाने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अंकित समोसा और पानी लेकर आ गया। मगर पायल ने समोसा खाने से मना कर दिया। पानी की बोतल ले ली। बोली- समोसा नहीं खाती, मिठाई मंगवा दीजिए
पायल ने महेश से कहा- मैं समोसा नहीं खाती हूं। मेरे लिए मिठाई मंगवा दीजिए। महेश ने अंकित को बर्फी लेने भेज दिया। अंकित बर्फी लेने चला गया। इस दौरान दुकान के कर्मचारी मनीराम ने हार और चेन को उठाकर काउंटर पर रख दिया। तभी पायल खड़ी हुई और दुकान के अंदर इधर-उधर घूमने लगी। महेश ने उससे पूछा- क्या बात है? पायल ने जवाब दिया- हमारे पति पैसा निकालने गए हैं। अभी आए नहीं है। उन्हें ही देख रही हूं। इसके बाद वह काउंटर के पास आकर खड़ी हो गई। महेश अन्य सामान को अलमारी में रखने लगे, तभी पायल ने बॉक्स में रखा सोने का हार और चेन उठा लिया। फिर अपना बैग उठाया। कमर से पिस्टल निकाली, बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी
दुकानदार महेश ने उसे टोका तो उसने अपनी कमर से पिस्टल निकाल ली। महेश की ओर तानकर बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी। इसके बाद वह दुकान के बाहर भाग गई। महेश और मनीराम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया था। पायल दुकान से निकलकर पैदल भागी और कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े मवई गांव के रहने वाले राहुल के साथ भाग गई थी। महेश ने बताया कि हार 26 ग्राम (22 कैरेट) का था। 2 अप्रैल को बाजार भाव के हिसाब से कीमत करीब 3 लाख 60 हजार रुपए थी। ———————— अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए…
यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…



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अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय: भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई – Jabalpur News




मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ में किया था पनामा पेपर लीक का जिक्र यह विवाद 29 अक्टूबर 2018 को झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा से शुरू हुआ था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पनामा पेपर लीक मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम शामिल है। हालांकि, बाद में राहुल ने इसे कंफ्यूजन बताया था, लेकिन कार्तिकेय ने इसे छवि खराब करने की साजिश बताते हुए मानहानि का केस दर्ज कराया। कार्तिकेय ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया इसके बाद कार्तिकेय ने भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया था। कोर्ट में मामला दायर करने के बाद कार्तिकेय ने कहा था कि राहुल ने उन्हें तथा उनके परिवार को बदनाम करने के लिए जान-बूझकर यह बयान दिया है। राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 एवं 500 के तहत आपराधिक मानहानि का केस दर्ज किया गया था। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है।



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Pune Weather Update: पुणे में बारिश का तांडव,1 की मौत, टूटा 128 साल का रिकॉर्ड,कैसा रहेगा आज का मौसम?


Maharashtra

oi-Ankur Sharma

Pune Weather Update: पुणे में गुरुवार दोपहर अचानक हुई भारी बारिश ने जनजवीन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया, लगातार दो घंटे की हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक पर लगा दी और लोग रात तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे, कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया तो वहीं कई इलाकों में बिजली गुल रही। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में हुई इस भयंकर बारिश की वजह से 60 साल की एक वृद्ध महिला की मौत भी हो गई है, जबकि दो लोगों के घायल होने की भी खबर है।

आईएमडी के मुताबिक कस पुणे के शिवाजीनगर में सिर्फ 2 घंटे में 65 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। यह आंकड़ा पिछले 128 सालों में अप्रैल महीने की सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले 1896 में 51.1 mm बारिश दर्ज की गई थी।

Pune Weather Update

भारी बरसात के कारण शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया, जिसके परिणामस्वरूप सड़कें मिनटों में नदियों में तब्दील हो गईं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी इतना भर गया कि गाड़ियां आधी डूब गईं और लोगों को अपने वाहनों को धक्का देने के लिए मजबूर होना पड़ा। सिंहगढ़ रोड, कात्रज, हडपसर, बानेर और धनकवड़ी सबसे ज्यादा बारिश से प्रभावित हैं।

Pune Mausam Update: आज कैसा रहेगा पुणे में मौसम?

IMD ने इन प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते पुणे का मौसम खराब हुआ है और बरसात का सिलसिला अभी जारी रहेगा लेकिन आज के बारिश की स्पीड में कमी आएगी और तापमान 20°C से 35°C के बीच रहने का अनुमान है।

Pune Rain Update: हवाई यात्रा पर असर, कई उड़ानें हुईं डायवर्ट

तेज़ बारिश ने केवल ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि हवाई यात्रा पर भी गहरा असर डाला। खराब मौसम के चलते इंडिगो की अहमदाबाद-पुणे उड़ान (6E-522) को गोवा के लिए डायवर्ट करना पड़ा, वहीं कुछ अन्य उड़ानें भी निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं ।

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र मौसम अपडेट

केवल पुणे में ही नहीं पूरे महाराष्ट्र में मौसम ने अचानक करवट ली है और कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 घंटों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना

ठाणे, रायगढ़ और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है और यहां पर गरज-चमक और तेज हवाएं (60-80 किमी/घंटा तक) चल सकती हैं, जिसके लिए अलर्ट जारी किया गया है।मौसम में बदलाव के कारण तापमान में 2-5°C तक गिरावट संभव है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी फिलहाल लोगों से अपील की गई है कि वो घर से बाहर निकलते वक्त एक बार मौसम अपडेट जरूर चेक कर लें।



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नासिक के ज्योतिषी Ashok Kharat की रंगीन रातों का सामने आया नया चिठ्ठा, अब आत्महत्या के केस ने पकड़ा जोर


खुद को ‘कैप्टन’ और भगवान का दूत बताने वाले नासिक के विवादित ज्योतिषी अशोक खरात की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यौन शोषण के आरोपों में पहले से ही पुलिस हिरासत में बंद खरात के खिलाफ अब एक पुराना आत्महत्या का मामला फिर से गरमा गया है। ताजा खुलासे के अनुसार, 2022 में हुई एक आत्महत्या के मामले में खरात का नाम सुसाइड नोट में होने के बावजूद उसे रहस्यमयी तरीके से ‘क्लीन चिट’ मिल गई थी। बाद में पुलिस चार्जशीट से ज्योतिषी का नाम हटा दिया गया और उसे क्लीन चिट दे दी गई, NDTV ने यह रिपोर्ट दी है।
2022 में, शिरडी में विकास रामदास दिवाते नाम के 37 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, अपनी मौत से पहले उसने एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उसने अपने इस कदम के लिए खरात और अपने ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया था। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, विकास ने अपने नोट में लिखा था, “मैं विकास रामदास दिवाते हूं और मैं फांसी लगाकर अपनी जान दे रहा हूं। मेरी मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति नासिक का ‘कैप्टन’ खरात है। मेरे ससुराल वाले भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। खरात ने मुझे फोन पर धमकी दी थी, और वे सभी कॉल मेरे मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हैं। मेरी मौत के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जानी चाहिए।” उसने फोन का पासकोड भी दिया था, और अधिकारियों से गुजारिश की थी कि वे सबूतों की जांच करें और उसकी मौत के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।

परिवार ने जांच में लीपापोती का आरोप लगाया

विकास के भाई, राजेंद्र दिवाते ने गुरुवार को दावा किया कि, हालांकि शुरुआत में खरात का नाम FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) में शामिल था, लेकिन बाद में चार्जशीट से उसका नाम हटा दिया गया, NDTV ने यह रिपोर्ट दी है। उसने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट में स्पष्ट आरोप होने के बावजूद, खरात को बचाने की कोशिशें की गईं। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार का कहना है कि ज्योतिषी को आखिरकार क्लीन चिट दे दी गई, और उस समय उसके खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं की गई।

आत्महत्या का मामला फिर से खुला

NDTV द्वारा उद्धृत पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला फिर से खोला जा रहा है, और खरात की भूमिका की फिर से जांच की जाएगी। अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है, और कहा है कि कोई भी व्यक्ति जो इस ज्योतिषी से प्रभावित हुआ हो, वह शिकायत लेकर सामने आए। खरत, जो पहले मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे और खुद को “कैप्टन” कहते थे, उन्हें 17 मार्च को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी तब हुई जब एक महिला ने उन पर तीन साल की अवधि के दौरान अपना यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर कई वीडियो बरामद किए, जिनमें एक पेन ड्राइव में सहेजे गए आपत्तिजनक क्लिप भी शामिल थे।



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1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान: 22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी – Pilani News




1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य साहस को आधी सदी बाद एक नई पहचान मिली है। बांग्लादेश सरकार ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार को ‘विशेष प्रशस्ति पत्र’ और ‘राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न’ भेंट किया।
गुरुवार को जब सेना के अधिकारी यह सम्मान लेकर शहीद के पैतृक गांव धींधवा पहुंचे, तो पूरा माहौल ‘शहीद धर्मपाल अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। बांग्लादेश से भेजे गए सम्मान की PHOTOS…. 54 साल का इंतजार, 2018 में जारी हुआ था पत्र, अब पहुंचा घर
बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद के हस्ताक्षरों वाला यह सम्मान पत्र 27 नवंबर 2018 को जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों से इसे पहुंचने में देरी हुई, लेकिन गुरुवार दोपहर 2:30 बजे जब 65 मीडियम रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट विक्रांत, हवलदार रामबीर और अग्निवीर जीतू सिंह गांव पहुंचे, तो शहीद की यादें फिर ताजा हो गईं। जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। शरीर जख्मी था, लेकिन हौसला फौलादी
3 दिसंबर 1971 को अखोरा (ढाका) में भीषण जंग जारी थी। धर्मपाल डूडी और उनकी टीम पाकिस्तानी ठिकानों पर कहर बनकर टूट रही थी। इसी बीच पाकिस्तान की ओर से किए गए भारी बम हमले में धर्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने बताया- दुश्मन का गोला उनके पास गिरा, वे लहूलुहान थे। शरीर से खून बह रहा था, लेकिन उन्होंने अपना रेडियो सेट और गन नहीं छोड़ी। दर्द असहनीय था, पर उनके दिमाग में सिर्फ दुश्मन को तबाह करने का लक्ष्य था। घायल अवस्था में भी वे अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक बमबारी करवाते रहे और अंततः 4 दिसंबर 1971 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे
धर्मपाल डूडी (शहीद) के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने गर्व से बताया कि उनके चाचा 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे। महज 22 साल की उम्र में वह शहीद हो गए थे। सम्मान- यूनिट ने ‘धर्मपाल बैट्री’ रखा नाम
लेफ्टिनेंट विक्रांत ने बताया कि 65 मीडियम रेजिमेंट की आर्टलरी यूनिट की एक बैट्री का नाम अब ‘शहीद धर्मपाल बैट्री’ रखा गया है। यह किसी भी सैनिक के लिए अद्वितीय सम्मान है। भारत सरकार उन्हें पहले ही ‘पूर्वी स्टार’ से नवाज चुकी है। 7 भाइयों में से 6 ने सेना में दीं सेवाएं
शहीद धर्मपाल समेत परिवार में सात भाई हैं। इनमें सबसे बड़े भाई मक्खन लाल का 2002 में निधन हो चुका है। वे गांव में ही खेती करते थे। इसके अलावा
लांस नायक अमर सिंह, सूबेदार शुभकरण, सूबेदार रणनीत सिंह, सूबेदार सत्यवीर सिंह, सूबेदार रामजीलाल सेना से रिटायर हो चुके हैं। शहीद धर्मपाल सिंह पांचवे नंबर के भाई थे। —- यह खबर भी पढ़िए… ऑपरेशन-सिंदूर में शहीद हुए सुरेंद्र मोगा वायु-सेना मेडल से सम्मानित:वीरांगना बोलीं-सुरेंद्र हमेशा कहते थे-देश पहले बाकी सब बाद में ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया। (पढ़ें पूरी खबर)



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ये क्या! आगरा के न्यूड कांड के नाबालिग लड़के-लड़कियां तो निकले दोस्त, खुद ही बनाए थे वीडियो, बोले- हमने तो मोबाइल…


आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में उस समय खलबली मच गई थी, जब एक साथ 48 अश्लील वीडियो वायरल हो गए. इन वीडियो में 3 लड़के और दो लड़कियां दिख रही थीं. सभी की उम्र 14 से 17 साल के बीच थी. शिकायत तो पुलिस को नहीं मिली, लेकिन बढ़ते मामले को देखकर तुरंत पुलिस एक्टिव हो गई. उसने दो लड़कों को गिरफ्तार भी कर लिया. बच्चे नाबालिग हैं इसलिए पुलिस कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती. दोनों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है. वहीं लड़कियों की काउंसलिंग कराई जा रही है. इतना ही नहीं, जब जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि लड़कियां हिंदू और लड़कों में एक मुस्लिम है. इसके बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसवाले तैनात कर दिए गए. सामने आया है कि सभी बच्चे एक-दूसरे को जानते थे. किसी ने कोई जोर जबरन उनसे ये काम नहीं कराया है, जो कुछ भी वीडियो में दिख रहा, वो लोग सहमति से कर रहे थे. सवाल उठे कि अचानक वीडियो वायरल कैसे हो गए? क्या है पूरा मामला? पुलिस अब क्या करेगी? आइए जानते हैं सबकुछ…

यह है मामला
आगरा के खंदौली इलाके में 126वां ऐतिहासिक श्रीराम मेला और कुश्ती दंगल चल रहा है. इसकी शुरुआत केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने 26 मार्च को की थी. हर तरफ इस मेले की ही चर्चा हो रही थी. मगर, 31 मार्च को अचानक सबकुछ बदल गया. एक के बाद एक अश्लील वीडियो वायरल हो गए. मेले में मौजूद लोगों के मोबाइल में कुछ वीडियो पहुंचे. इनमें 2 लड़कियां और 3 लड़के दिख रहे थे, जो न्यूड थे.

दौनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों ने इन वीडियो में दिख रहे लड़कों को पहचान लिया. ये सभी एक ही गांव के थे.वहीं, दोनों लड़कियां अलग-अलग गांव से हैं. ये लड़के-लड़कियां 9वीं से लेकर 12वीं तक की क्लास में पढ़ाई करते हैं. मुस्लिम वर्ग से आने वाला लड़का पढ़ाई छोड़ चुका है. वह एक दुकान में काम करता है. इन लोगों के गांववालों से बात करने पर पता चला कि इनकी जान-पहचान पहले से ही थी. सभी एक-दूसरे को जानते थे. बाद में इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे से जुड़ गए. यहीं आपस में बात करते थे. एक दूसरे को फोटो-वीडियो भेजते थे. उम्र कम थी, इसलिए रंगबाजी, भौकाल, प्यार जैसी बातें करते और वीडियो बनाते थे. मोहल्ले में अक्सर साथ घूमते हुए भी दिखते थे.

3 महीने पहले मिलने का कारनामा
इस कहानी की शुरुआत करीब 3 महीने पहले हुई. पांचों ने मिलकर प्लान बनाया कि सब मुलाकात करते हैं. इसके लिए एक दोस्त का घर चुना. वहीं पर सब इकट्‌ठा हुए. यहां इन लोगों ने न्यूड वीडियो बनाए. उनमें किसी भी तरह की कोई जोर-जबरदस्ती नहीं दिख रही थी. कोई वीडियो 30 सेकेंड का था, तो कोई 10-15 सेकेंड का था. इन वीडियो में दोनों लड़कियां और 2 लड़के अश्लील हरकतें करते हुए दिख रहे हैं. तीसरा लड़का इन सबके वीडियो बना रहा है. वीडियो जब वायरल हुए, तो इससे जुड़े लड़कों के परिवार के लोगों ने खुद को अपने घरों में कैद कर लिया. किसी ने कोई शिकायत नहीं की. लेकिन, पुलिस को इस मामले की गंभीरता का अंदाजा था. इसलिए उन्होंने खुद ही एफआईआर लिखी और दो लड़कों को गिरफ्तार किया.

खंदौली के थाना प्रभारी कुलदीप सिंह कहते हैं- इस मामले में अगर लड़कियों के परिवार के लोग शिकायत दर्ज करवाते हैं, तो हम मुकदमा लिखेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे. अभी अश्लील सामग्री डिजिटल प्लेटफार्म पर पोस्ट करने की धारा में FIR दर्ज की है. उन्होंने आगे बताया कि आरोपियों से जब पूछा कि ये वीडियो क्यों वायरल किए तो कहा कि वीडियो उनके फोन में थे. उन्होंने वो फोन बेच दिया था. लेकिन, वीडियो नहीं हटाया था. वहीं से वायरल हो गए. फोन कब और किसे बेचा? इसका जवाब लड़के ठीक से नहीं दे सके. उनके बयानों में भी विरोधाभास था.

कोई भी आपत्तिजनक वीडियो को नहीं करें वायरल
आगरा वेस्ट के डीसीपी आदित्य सिंह ने कहा कि इसमें शामिल सभी लड़के-लड़कियां नाबालिग हैं. जो वीडियो अभी वायरल हो रहे, वो सभी 3 महीने पहले के हैं. अभी 2 लड़कों को गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ में यह भी पता चला कि ये सभी पहले से आपस में परिचित रहे हैं. डीसीपी ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वीडियो अगर आपके पास है, तो उसे शेयर नहीं करिए. शेयर करने पर कार्रवाई हो सकती है.



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Ajay Devgn की जीप के सामने आया बच्‍चा, 15 Minute तक बीच सड़क पर 25 लोगों ने जमकर पीटा, क्या हुई बात?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Ajay Devgn: बॉलीवुड के दमदार एक्टर अजय देवगन गत 2 अप्रैल 2026 को 57 साल के हो गए हैं। 1969 में जन्मे अजय देवगन ने तीन दशकों से ज्यादा लंबे करियर में 100 से अधिक फिल्मों के जरिए अपना अलग मुकाम बनाया है। उनकी एक्टिंग की खासियत- कम शब्द लेकिन गहरी अभिव्यक्ति है।

कॉलेज के दिनों में दबंग मिजाज के थे अजय देवगन
4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुके अजय देवगन को साल 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। आपको बता दें कि आज के गंभीर और शांत स्वभाव वाले अजय देवगन, कभी अपने कॉलेज के दिनों में काफी दबंग मिजाज के हुआ करते थे। उस वक्त उनका नाम विशाल वीरेंद्र देवगन था। दोस्तों के साथ उनका एक गैंग था, जिससे कॉलेज के बाकी स्टूडेंट्स खौफ खाते थे।

Ajay Devgn

2 बार जेल गए थे अजय देवगन

स्टंट करना, सड़कों पर स्पीड से गाड़ी चलाना और बेफिक्र घूमना, ये सब अजय दवगन की दिनचर्या का हिस्सा था। यही वजह थी कि उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा था।

अजय देवगन की एक गलती और मच गया बवाल

-अजय देवगन ने एक पुराने इंटरव्यू में अपने दबंग मिजाज के किस्से लोगों के साथ शेयर किए थे। इन्हीं में से एक कहानी में एक्टर ने सरेआम अपनी पिटाई होने के बारे में भी बताया था। अजय देवगन ने बताया कि एक दिन वह अपनी सफेद जीप में दोस्तों के साथ घूम रहे थे। रास्ते में एक संकरी गली में उन्होंने गाड़ी मोड़ दी। तभी अचानक एक बच्चा पतंग के पीछे भागते हुए उनकी गाड़ी के सामने आ गया था।

-अजय देवगन ने कहा था- मैंने समय रहते ब्रेक लगाकर बच्चे को बचा लिया था लेकिन वह डर के मारे रोने लगा था। देखते ही देखते आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण बन गया था।

भीड़ ने घेरकर कर दी अजय देवगन की पिटाई

अजय देवगन ने बताया कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने लोगों को खूब समझाने की कोशिश की लेकिन बात बढ़ गई थी। गाली-गलौज के बाद हालात बेकाबू हो गए और करीब 20-25 लोगों की भीड़ ने अजय देवगन और उनके दोस्तों पर हमला कर दिया था। अजय देवगन ने कहा था- करीब 10 से 15 मिनट तक मेरी जमकर पिटाई हुई। इस दौरान मेरे साथ साजिद खान भी मौजूद थे।

पिता वीरू देवगन ने भेजे थे 100 फाइटर्स

जब इस घटना की खबर अजय देवगन के पिता वीरू देवगन तक पहुंची थी, तो उन्होंने तुरंत फिल्म सेट से 100 फाइटर्स भेज दिए थे। हालांकि तब तक मामला शांत हो चुका था। फाइटर्स के पहुंचने के बाद अजय देवगन और उनके दोस्तों ने हालात को अपने पक्ष में कर लिया और स्थानीय लोगों को पीछे हटना पड़ा था।

‘फूल और कांटे’ से मिला था बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका

आपको बता दें कि अजय देवन ने साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘फूल और कांटे’ से बॉलीवुड में एंट्री की थी। दिलचस्प बात ये है कि इस फिल्म के लिए पहले अक्षय कुमार को चुना जा रहा था लेकिन डायरेक्टर कुक्कू कोहली की नजर वीरू देवगन के ऑफिस में लगी अजय देवगन की तस्वीर पर पड़ी और उन्होंने तुरंत फैसला बदल दिया।

ऑडिशन में बोला अमिताभ बच्चन का डायलॉग

ऑडिशन के दौरान अजय देवगन को अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ का मशहूर डायलॉग बोलने को कहा गया था। अजय देवगन की परफॉर्मेंस इतनी दमदार रही थी कि उन्हें तुरंत फिल्म के लिए फाइनल कर लिया गया था।

दोस्तों ने उड़ाया मजाक लेकिन मिला खास सपोर्ट

जब अजय देवगन ने अपने दोस्तों को बताया कि वो फिल्म में हीरो बनने जा रहे हैं, तो सबने उनका जमकर मजाक उड़ाया। दोस्तों ने अजय देवगन से कहा कि उनका लुक हीरो जैसा नहीं है लेकिन उसी ग्रुप में एक शख्स ने उन पर पूरा भरोसा जताया था और वो थीं फराह खान। उन्होंने अजय देवगन से कहा था- तू एक दिन बड़ा स्टार बनेगा।

संघर्ष, किस्मत और टैलेंट का मेल हैं अजय देवगन

अजय देवगन की कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं है बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है। कॉलेज के बिंदास लड़के से लेकर बॉलीवुड के ‘सिंघम’ बनने तक का उनका सफर दिखाता है कि मेहनत और सही मौके मिलने पर किस्मत भी साथ देती है।



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कानपुर किडनी प्रत्यारोपण रैकेट मामले में दो और गिरफ्तारियां


Uttar Pradesh

-Oneindia Staff

कानपुर में अवैध गुर्दा प्रत्यारोपण रैकेट की जांच गुरुवार को दो ऑपरेशन थिएटर तकनीशियनों की गिरफ्तारी के साथ तेज हो गई। अधिकारियों ने इस बहु-शहर नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े अस्पतालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई का विस्तार किया। कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में अवैध प्रत्यारोपण में कथित संलिप्तता के लिए कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिससे आरोपियों की कुल संख्या आठ हो गई।

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पश्चिमी दिल्ली के उप पुलिस आयुक्त, एस. एम. कासिम अबिदी ने कहा कि दोनों सर्जरी के दिन दिल्ली से यात्रा करके तुरंत वापस लौट गए थे। पूछताछ के दौरान, उन्होंने रोहित उर्फ ​​राहुल नामक एक डॉक्टर द्वारा नियमित रूप से शामिल किए जाने का खुलासा किया, जो एक प्रमुख आरोपी है जिसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि अवैध प्रत्यारोपण में सहायता मिल सके। उन्हें प्रति सर्जरी 35,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच भुगतान के साथ-साथ यात्रा और आवास व्यय भी प्राप्त होता था।

गाजियाबाद निवासी राजेश कुमार नोएडा के एक निजी अस्पताल में काम करते हैं, जबकि हापुड़ के पिलखुवा के रहने वाले राघव गाजियाबाद के एक अस्पताल में कार्यरत हैं। उनकी भूमिकाओं में सर्जिकल उपकरण की व्यवस्था करना और प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं के दौरान डॉक्टरों की सहायता करना शामिल था। जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि तकनीशियनों के साथ यात्रा करने वाला एक डॉक्टर अभी भी फरार है, और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।

पुलिस एक संदिग्ध बिचौलिए के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है ताकि व्यापक नेटवर्क का पता लगाया जा सके। चार डॉक्टरों—रोहित उर्फ ​​राहुल, अनुराग उर्फ ​​अमित, अफजल और वैभव—जिनके इस रैकेट के केंद्र में होने का संदेह है, के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इन उपायों का उद्देश्य उन्हें विदेश भागने से रोकना है।

जांच में दिल्ली, मेरठ, लखनऊ और गाजियाबाद सहित कई शहरों तक फैले तार सामने आए हैं, जो एक संगठित अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का संकेत देते हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे जांच जारी रहेगी, और गिरफ्तारियां होंगी।

चिकित्सा स्थानांतरण और अस्पताल की कार्रवाई

इस बीच, डोनर आयुष चौधरी और प्राप्तकर्ता पारुल तोमर को विशेष उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें गुरुवार की सुबह लाला लाजपत राय अस्पताल से ले जाया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य संजय कला ने पुष्टि की कि दोनों मरीज स्थिर हैं और सुधार दिखा रहे हैं, लेकिन उन्हें उन्नत नेफ्रोलॉजी देखभाल के लिए रेफर किया गया था।

समानांतर कार्रवाई में, स्वास्थ्य विभाग ने रैकेट में कथित संलिप्तता के लिए आहूजा और प्रिया अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए और उन्हें तीन दिनों के भीतर खाली करने का निर्देश दिया। इससे पहले, मेडलाइफ अस्पताल को मामले से उसके संबंध के कारण सील कर दिया गया था।

चल रही जांच

पुलिस रैकेट के संचालन की पूरी सीमा और वित्तीय संबंधों को स्थापित करने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। अधिकारी इस नेटवर्क को खत्म करने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

With inputs from PTI



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ईंधन संकट: LPG सिलिंडर को लेकर अफवाह फैलाने पर केंद्र की सख्ती, सभी राज्य सरकारों को रोजाना ब्रीफिंग की सलाह


एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि सिर्फ 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है।

राज्यों से संचार व्यवस्था को मजबूत करने की अपील

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने अपने पत्र में कहा कि कुछ क्षेत्रों में अब भी अफवाहें और गलत जानकारी फैल रही है, जिससे लोगों में अनावश्यक डर पैदा हो रहा है और कई जगहों पर घबराहट में खरीदारी (पैनिक बायिंग) देखी जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि वे संचार व्यवस्था को और मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।

वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे 17 राज्य/यूटी नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने बाकी राज्यों से भी तुरंत इसी तरह के कदम उठाने को कहा है।

मंत्रालय ने राज्यों को क्या दिया सलाह

मंत्रालय ने सलाह दिया है कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही और समय पर जानकारी दी जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का भरोसा मिल सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

इसके साथ ही केंद्र ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस तरह की गलत गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कदम लगातार उठाए जाएं।

यह निर्देश 27 मार्च को जारी उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर असर की बात कही थी। इन परिस्थितियों के चलते पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों व उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें तेजी से फैल रही हैं, जिससे घरेलू वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा है।



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