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ईरान-सऊदी युद्ध से बचने के लिए पाकिस्‍तान का खतरनाक खेल? भारत के खिलाफ ‘फॉल्स फ्लैग’ की चली चाल


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oi-Bhavna Pandey

Pakistan Pushes False Flag Narrative: पहलगाम हमले की पहली बरसी से पहले पाकिस्‍तान ने भारत के खिलाफ साजिश रचते हुए दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की सेना, खुफिया एजेंसी आईएसआई और सूचना तंत्र मिलकर भारत के नाम पर “फॉल्स फ्लैग” नैरेटिव को सक्रिय किया है।

यह अभियान न केवल डॉन और जियो न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से फैलाया जा रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत अपनी सीमाओं के अंदर ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी नागरिकों का इस्‍तेमाल करने की प्‍लानिंग कर रहा है।

Pakistan Pushes False Flag Narrative

पहलगाम हमले से मिलता-जुलता पैटर्न

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पहलगाम आतंकी हमले की बरसी नजदीक है। याद रहे पाकिस्तान एक साल पहले भी 22 अप्रैल के आतंकी पहलगाम हमले के 23 दिन पहले ठीक इसी तरह का दुष्प्रचार फैलाया गया था, जिसे बाद में “सबूत” के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई थी। ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ ये दावा किया गया था कि भारत ने खुद हमला करवाकर पाकिस्तान को फंसाया गया। हालांकि ये आरोप झूठे साबित हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा।

युद्ध से बचने के लिए भारत की ओर ध्यान मोड़ने की कोशिश?

वहीं अब पहलगाम हमले की बरसी से ठीक पाकिस्तान भारत के खिलाफ फॉल्स फ्लैग नैरेटिव फैलाकर ईरान से जुड़े संकट से ध्यान हटाकर भारत के साथ तनाव को फिर उभारने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच, खासकर सऊदी अरब को यह संदेश देना चाहता है कि उसे भारत से गंभीर सुरक्षा खतरा है। इसके जरिए वह अपने ऊपर बढ़ते दबाव से बचने के लिए एक तरह का “कवर फायर” तैयार कर रहा है। इससे पहले अफगानिस्तान में सैन्य गतिविधियों के जरिए भी ऐसा संकेत देने की कोशिश की गई थी।

मुनीर रच रहे साजिश

इस फॉल्स फ्लैग नैरेटिव का पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की इस सुनियोजित रणनीति का हिस्‍सा बताए जा रहे हैं। खुफिया इनपुट्स के अनुसार, मुनरी इस नैरेटिव का उद्देश्य सऊदी अरब-ईरान युद्ध में खुद को फंसाने से बचने के लिए भारत के साथ युद्ध का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुनीर को ये अच्‍छे से पता है कि आतंकी हमले पर भारत की जवाबी कार्रवाई निश्चित है।

आईएसआई ने “फॉल्स फ्लैग” नैरेटिव तैयार किया

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे “फॉल्स फ्लैग” नैरेटिव का मसौदा आईएसआई के डायरेक्टर जनरल-मीडिया मेजर जनरल मुहम्मद मुश्ताक अली ने सोमवार को तैयार किया। इसे पहले पाकिस्तानी अखबारों में प्रकाशित कराया गया और फिर सेना के एक्स कॉर्प्स तथा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के जरिए बड़े पैमाने पर फैलाया गया। अभियान की निगरानी कथित तौर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा की गई, जिसमें सोशल मीडिया बॉट्स का भी इस्तेमाल शामिल था।

सऊदी अरब और ईरान के बीच फंसा पाकिस्तान

मौजूदा हालात में पाकिस्तान पर सऊदी अरब के प्रति अपनी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को लेकर दबाव बढ़ता दिख रहा है। पिछले साल हुए ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ (SMDA) के तहत सऊदी अरब पर हमला, पाकिस्तान के लिए भी सीधा खतरा माना जाएगा। ऐसे में ईरान-सऊदी तनाव के बीच पाकिस्तान की स्थिति जटिल बनी हुई है, क्योंकि वह अभी तक किसी सीधे सैन्य हस्तक्षेप से बचता नजर आ रहा है।

जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकी गतिविधियां

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 महीनों में भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में 34 पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया है। यह संकेत देता है कि सीमा पार से आतंकी गतिविधियों का नेटवर्क अब भी सक्रिय है और सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है।



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Kal Ka Match Kon Jeeta 2 April: कल का मैच कौन जीता- KKR vs SRH


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oi-Naveen Sharma

Kal Ka Match Kon Jeeta: सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 65 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हैदराबाद की टीम ने 20 ओवर में 226/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में केकेआर की पूरी टीम 161 रन पर ही सिमट गई।

हैदराबाद की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। ट्रेविस हेड (46 रन) और अभिषेक शर्मा (48 रन) ने पावरप्ले में ही मैच का रुख तय कर दिया। इसके बाद हेनरिक क्लासेन ने 52 रनों की शानदार पारी खेलकर स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। मिडिल ऑर्डर में नीतीश रेड्डी (39 रन) ने भी अहम योगदान दिया, जिससे टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई।

Kal Ka Match Kon Jeeta

कोलकाता के गेंदबाज इस मैच में पूरी तरह बेअसर नजर आए। हालांकि ब्लेसिंग मुजराबानी ने धाकड़ गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट हासिल किए। उनके अलावा वैभव अरोड़ा के खाते में भी 2 विकेट आए।

227 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कप्तान अजिंक्य रहाणे जल्दी आउट हो गए। हालांकि अंगकृष रघुवंशी (52 रन) और रिंकू सिंह (35 रन) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे।

हैदराबाद के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जयदेव उनादकट और इशान मलिंगा ने 3-3 विकेट लेकर केकेआर की कमर तोड़ दी। वहीं नीतीश रेड्डी ने 2 विकेट झटके और अन्य गेंदबाजों ने भी अच्छा साथ दिया।

पावरप्ले में हैदराबाद की तेज शुरुआत और फिर गेंदबाजों द्वारा लगातार विकेट लेने की वजह से मुकाबला एकतरफा बन गया, केकेआर के लिए कोई बड़ी भागीदारी का नहीं बनना घाटे का सौदा साबित हुआ।

इशान किशन की कप्तानी में यह पहली आईपीएल जीत है, पिछले मैच में आरसीबी के खिलाफ हार के बाद अब यह जीत राहत लेकर आई है। दूसरी तरफ केकेआर को मुंबई के खिलाफ हार मिली थी और अब यह दूसरी हार हुई है।



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KKR vs SRH: केकेआर की एक गलती से चला गया मैच, हैदराबाद के 2 खिलाड़ियों ने पलटा गेम


Cricket

oi-Naveen Sharma

KKR vs SRH Turning Point: आईपीएल 2026 के छठे मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को उनके घर ईडन गार्डन्स में 65 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 226 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में 227 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की पूरी टीम दबाव में बिखर गई और 16 ओवरों में महज 161 रनों पर सिमट गई।

हैदराबाद की ओर से जयदेव उनादकट ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि केकेआर की ओर से अंगकृष रघुवंशी (52) की अर्धशतकीय पारी भी हार नहीं टाल सकी। हैदराबाद की हार के लिए एक प्रमुख वजह रही, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए, यही मैच का टर्निंग पॉइंट था।

kkr vs srh

KKR vs SRH: मैच का टर्निंग पॉइंट

मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट सनराइजर्स हैदराबाद की पारी के दौरान आया। एक समय केकेआर के गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ बना ली थी और हैदराबाद का स्कोर 4 विकेट पर 118 रन था। यहां से केकेआर के पास मौका था कि वे हैदराबाद को कम स्कोर पर रोक दें, लेकिन यहीं से हेनरिक क्लासेन और नीतीश कुमार रेड्डी ने मैच का पासा पलट दिया। दोनों ने मिलकर केकेआर के गेंदबाजों की बखिया उधेड़नी शुरू कर दी।

क्लासेन और नीतीश रेड्डी के बीच 53 गेंदों में हुई 82 रनों की विस्फोटक साझेदारी ने हैदराबाद के स्कोर को 200 के पार पहुँचा दिया। हेनरिक क्लासेन ने 35 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली, जबकि नीतीश रेड्डी ने 39 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। इस साझेदारी की बदौलत हैदराबाद 226 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

200 से नीचे स्कोर रहने पर KKR को होती आसानी

यही वह मोड़ था जिसने केकेआर को मैच से बाहर कर दिया, क्योंकि पहली पारी में बने इस विशाल स्कोर के दबाव में कोलकाता की बल्लेबाजी पूरी तरह चरमरा गई। अगर इन दोनों बल्लेबाजों के बीच यह भागीदारी नहीं होती, तो स्कोर 200 के नीचे रहता और केकेआर के पास चेज करने का मौका रहता।



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Aaj Ka Match Kon Jeeta 2 April: आज का मैच कौन जीता- केकेआर vs सनराइजर्स हैदराबाद



Aaj Ka Match Kon Jeeta: केकेआर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आज का मुकाबला ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेला गया, केकेआर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया



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Kal Ka Mausam: Delhi से महाराष्ट्र तक IMD का अलर्ट! 3-4 अप्रैल को किन राज्यों में तूफानी बारिश-ओलावृष्टि?


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oi-Divyansh Rastogi

Kal Ka Mausam, 3 April 2026, Friday Weather Alert: अप्रैल की शुरुआत इस बार मौसम के तेवर बदलते हुए हो रही है। कहीं तेज बारिश तो कहीं आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने साफ चेतावनी जारी की है कि इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम भारत में दो मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इनका सबसे तेज असर 3 और 4 अप्रैल को दिखेगा, फिर 7 अप्रैल को एक और सिस्टम एक्टिव होगा।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में धूल भरी आंधी, कड़कती बिजली, तेज हवाएं (50-70 किमी/घंटा) और ओले गिरने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि हो चुकी है। अब आगे क्या है? पूरी डिटेल समझते हैं…

Kal Ka Mausam

क्या है मौसम का सिस्टम?

IMD के मुताबिक, पूर्वी ईरान-अफगानिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा मध्य असम में भी कम ऊंचाई पर चक्रवात है। इन विक्षोभों की वजह से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का दौर चलने वाला है। मध्य भारत में 6 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी रहेगी।

State-wise IMD Weather Alerts: राज्य-वार अलर्ट: कहां बारिश, कहां ओले?

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

  • 3-4 अप्रैल: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में 40-70 किमी/घंटा की तेज आंधी, बिजली और हल्की-मध्यम बारिश। ओलावृष्टि की संभावना।
  • 7-8 अप्रैल: फिर हल्की बारिश और 40-50 किमी/घंटा हवाएं।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड (Jammu Kashmir, Himachal, Uttarakhand Mausam Update)

  • 3-4 अप्रैल: कश्मीर घाटी में भारी बारिश/बर्फबारी + ओले। हवा 50-70 किमी/घंटा।
  • 3-6 अप्रैल: हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश, बिजली और ओलावृष्टि।
  • 7 अप्रैल: फिर बारिश-बर्फबारी।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Weather Alert)

3-5 अप्रैल: पश्चिमी UP में आंधी-बारिश, 4-5 अप्रैल को ओलावृष्टि। पूर्वी UP में 5 अप्रैल को ओले।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र)

  • 2-6 अप्रैल: गरज-चमक के साथ बारिश, 30-50 किमी/घंटा हवाएं।
  • 3-4 अप्रैल: पूरे मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि + तेज आंधी (50-70 किमी/घंटा)।
  • महाराष्ट्र (Maharashtra Weather Alert): 4-5 अप्रैल को मराठवाड़ा में बारिश-आंधी।

पूर्वोत्तर और पूर्व भारत

  • अरुणाचल, असम, मेघालय: 2-6 अप्रैल तक लगातार बारिश, 4-5 अप्रैल को भारी बारिश संभव।
  • पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, बिहार, झारखंड: 4-8 अप्रैल में बारिश, बिजली और 50-70 किमी/घंटा आंधी।

तापमान में कितना बदलाव?

  • उत्तर-पश्चिम भारत: 3-4 अप्रैल को 3-5 डिग्री गिरावट, फिर स्थिर।
  • मध्य भारत: 4 अप्रैल तक 2-4 डिग्री गिरावट।
  • पूर्व भारत: 5 अप्रैल तक 2-3 डिग्री बढ़ोतरी।
  • महाराष्ट्र-गुजरात: 5 अप्रैल तक 2-4 डिग्री गिरावट।

7 अप्रैल तक का पूरा पूर्वानुमान (IMD के अनुसार)

  • 3 अप्रैल (कल): ओलावृष्टि – मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा (ऑरेंज अलर्ट)।
  • 4 अप्रैल: ओलावृष्टि – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, UP, MP, छत्तीसगढ़।
  • 5 अप्रैल: UP और पूर्वोत्तर में बारिश-आंधी।
  • 7 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में फिर ओले + बारिश।

IMD का अलर्ट साफ है – कल यानी 3 अप्रैल से मौसम अचानक खराब होने वाला है। दिल्ली से महाराष्ट्र तक लोग घर से निकलते समय सावधानी बरतें। खेतों में फसलें, यात्रा और बिजली के उपकरणों का खास ध्यान रखें। मौसम बदलते ही तापमान गिरेगा, जिससे ठंडक बढ़ेगी।



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Child Marriage Free India: भारत में बदली तस्वीर, आवाज उठाने लगी बेटियां, 25 सालों 7 करोड़ बाल विवाह रोके गए


India

oi-Divyansh Rastogi

Child Marriage Free India: शहर की चकाचौंध से दूर बसे गांवों में कभी लड़कियों की किस्मत का फैसला बड़े-बुजुर्ग कर देते थे। परंपरा के नाम पर उनका बचपन अक्सर बाल विवाह में गुम हो जाता था और किसी में आवाज उठाने की हिम्मत न थी। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। कई सालों की चुप्पी टूट रही है। खुद लड़कियां आगे बढ़कर इस कुप्रथा के खिलाफ खड़ी हो रही हैं। वो बेहिचक प्रशासन तक पहुंचती हैं, बोलती हैं कि मैं अभी शादी नहीं करुंगी।

प्रशासन भी अब सिर्फ देख नहीं रहा बल्कि एफआईआर दर्ज करता है, जिससे आरोपियों पर कार्रवाई होने लगी है। और बदलाव की ये लहर सिर्फ एक गांव या जिले तक ही सीमित न होकर देशव्यापी रूप ले चुकी है। हालांकि गरीबी, पितृसत्ता और पुरानी सोच अभी भी मुश्किलें पैदा करती हैं, लेकिन समाज अब इन बेड़ियों को तोड़ने का रास्ता चुन चुका है। इसलिए सदियों से चली आ रही मान्यता को लोग अब खुलकर चुनौती दे रहे हैं।

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इसी मुद्दे पर कोलंबिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल एंड पब्लिक अफेयर्स की हाल ही में आई रिपोर्ट ‘एक्सेलेरेटिंग एफर्ट्स टू एंड चाइल्ड मैरिज’ बताती है कि दुनिया भर में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है। 2012 में जहां बाल विवाह की दर लगभग 23 प्रतिशत थीं, वहीं 2022 में घटकर 19 प्रतिशत रह गई है। पिछले 25 सालों में करीब 7 करोड़ बाल विवाह रोके गए हैं। यह गिरावट अपने आप में बहुत बड़ी है, लेकिन अहम सवाल कि यह बदलाव कहां से और कैसे हो रहा है?

इसी क्रम में दक्षिण एशिया, जो कभी बाल विवाह की सबसे ऊंची दरों के लिए जाना जाता था, वहां 18 साल से पहले लड़की की शादी की संभावना 2004 की दर से लगभग 50 फीसदी घटकर 2024 में 26 फीसदी रह गई है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा योगदान भारत का है क्योंकि भारत में बाल विवाह अब सिर्फ यह तो होता आया है की कहानी को पीछे छोड़ते हुए इस सिलसिले को तोड़ रहा है। ये परिवर्तन केवल जागरूकता के रूप में ही नहीं है, बल्कि शिकायतों पर त्वरित अमल और प्रतिक्रिया के इकोसिस्टम में व्यापक बदलाव के रूप में है। इसलिए जो कुप्रथा समाज में बिना किसी सवाल के चलती रही, अब उसे रोका जा रहा है, रिपोर्ट किया जा रहा है और उस पर सख्त कार्रवाई हो रही है। जो कानूनी प्रावधान लंबे समय से केवल कागजों पर थे, वो अब थानों और अदालतों में अपने उद्देश्य को हासिल कर रहे हैं। परिणाम स्वरूप बाल विवाह रोके जा रहे हैं। एफआईआर दर्ज हो रही है और जवाबदेही नजर आने लगी है।

इस बदलाव में अहम भूमिका है बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की। संगठन अपने 250 से अधिक सहयोगियों के साथ पुलिस और जिला प्रशासन के जरिए जमीन पर कार्य कर रहा है। जिसके चलते पिछले तीन सालों में पांच लाख से ज्यादा शादियां रोकने में कामयाबी मिली है। संगठन इसी जमीनी स्तर को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार के 2024 में शुरू किए गए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। साथ ही जेआरसी संसद सदस्य, पंचायत प्रमुख और धर्मगुरु जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों को इस मुहिम से जोड़कर और व्यापक बना रहा है।

इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जिस चुप्पी के चलते बाल विवाह जैसी कुप्रथा लगातार जारी थी, अब वह टूटने लगी है। दरअसल, इसके खिलाफ कानून पहले से मौजूद था, लेकिन अब उस पर प्रभावी ढंग से अमल किया जा रहा है और सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित हो रही है। इसी मार्च में झारखंड के पलामू जिले में दूल्हा-दुल्हन के घरवाले और पंडित समेत कुल 54 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई। यानी अब अपराध करने वालों पर कानून का चाबुक चल रहा है। इसके अलावा समाज भी इसके खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। पहले जहां बाल विवाह को घर का मामला कहकर टाल दिया जाता था। अब यह सोच बदल रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, पड़ोसी सब दखल देने लगे हैं। लोग समझ रहे हैं कि यह किसी एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का मसला है। यानी जो कभी सोचा भी नहीं जा सकता था, वो अब हो रहा है। और शायद सबसे अहम बात कि अब खुद लड़कियां अपनी शादी रोकने के लिए आगे आ रही हैं। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में एक बच्ची ने अपनी शादी रोकने के लिए स्कूल के ड्रॉपबॉक्स में चिट्ठी डाली। इसी तरह तमिलनाडु में भी एक बच्ची ने खुद चाइल्डलाइन को फोन उठाकर अपने ही घरवालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ये बच्चियां अब आवाज उठा रही हैं और अपने अधिकारों के लिए उठ खड़ी हुई हैं।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में जितने बाल विवाह होते हैं, उनमें से करीब एक तिहाई अकेले भारत में होते हैं। यानी दुनिया में अगर यह तस्वीर बदलनी है तो उसकी शुरुआत भारत से ही होगी। भारत की कहानी बदले, तभी दुनिया के आंकड़े बदलेंगे। आज दक्षिण एशिया समेत पूरी दुनिया में बाल विवाह की दर जो घट रही है, उसके पीछे कई पहलू हैं जैसे कानून में सुधार, शिक्षा तक पहुंच, गरीबी में कमी, और लगातार चलने वाली जागरूकता की मुहिम। और यह सब कई मोर्चों पर समन्वित रूप से भारत में हो रहा है। अर्थात भारत सिर्फ समस्या का हिस्सा नहीं है बल्कि समाधान का पथ प्रदर्शक है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि लड़ाई खत्म हो गई है। बाल विवाह अभी भी हो रहे हैं खासकर उन जगहों पर जहां गरीबी है, पुरानी सोच है और पढ़ाई-लिखाई की पहुंच कम है।

अभी दुनिया भर में जो तरक्की हुई है, वो भी टिकाऊ नहीं है। युद्ध, जलवायु संकट और कोरोना जैसी महामारियां यह दिखा चुकी हैं कि सालों की मेहनत कितनी जल्दी पलट सकती है। पर समस्या का बने रहना इस बात को नकारता नहीं कि तरक्की हुई है। बल्कि यह बताता है कि जो बदलाव आया है, वो कितना मुश्किल और कितना जरूरी था। अब वक्त है कि दुनिया बाल विवाह को एक नई नजर से देखे। और इसमें भारत से बड़ी सीख कोई नहीं दे सकता जहां सिस्टम इस समस्या से मुंह नहीं मोड़ रहा, बल्कि उसे चुनौती दे रहा है। वो भी उन तरीकों से जो दस साल पहले सोचे भी नहीं जा सकते थे। क्योंकि बदलाव तब नहीं आता जब कोई समस्या खत्म हो जाती है। बदलाव तब आता है जब लोग उसे मानने से इनकार कर देते हैं और भारत में यह इनकार शुरू हो चुका है।



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Record Alert: रिंकू सिंह ने दिखाई चीते जैसी फुर्ती, फील्डिंग में बनाया KKR के लिए नया रिकॉर्ड


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oi-Naveen Sharma

KKR vs SRH: आईपीएल में जब भी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) मुश्किल में होती है, तो कोई न कोई खिलाड़ी हीरो बनकर सामने आता है। इस बार ये जिम्मेदारी रिंकू सिंह ने संभाली, उन्होंने बल्ले से नहीं, बल्कि अपनी शानदार फील्डिंग से धमाल मचा दिया।

रिंकू सिंह मैदान पर अपनी बैटिंग के अलावा तूफानी फील्डिंग के लिए भी जाने जाते हैं और उनके हाथ में आया कैच छूटने की संभावना कम ही होती है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला। दो अहम कैच लेकर उन्होंने एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

KKR vs SRH

ईशान किशन का काम खत्म

मैच में SRH अच्छी शुरुआत करने में सफल रही, इसके बाद ट्रेविस हेड आउट हो गए. बाद में ईशान किशन खतरनाक दिख रहे थे. तभी रिंकू सिंह ने मैदान पर बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए ईशान किशन (14) का शानदार कैच लपक लिया। ये विकेट KKR के लिए बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि तबाही मचाने की तैयारी में थे।

अनिकेत वर्मा भी नहीं बच पाए

रिंकू यहीं नहीं रुके। कुछ देर बाद उन्होंने अनिकेत वर्मा का भी कैच पकड़ लिया। लगातार दो कैच लेकर रिंकू ने SRH की बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। अनिकेत का कैच लेते ही वह केकेआर की तरफ से सर्वाधिक फील्ड कैच लेने वाले खिलाड़ी बन गए। कम समय में उनकी यह उपलब्धि मायने रखती है। केकेआर की तरफ से सर्वाधिक फील्ड कैच का रिकॉर्ड आंद्रे रसेल के नाम था, उन्होंने 40 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था लेकिन रिंकू उनसे एक कदम आगे निकल गए और 41 कैच पकड़े डाले।

KKR के लिए सर्वाधिक फील्ड कैच वाले खिलाड़ी

रिंकू सिंह- 41 कैच
आंद्रे रसेल- 40 कैच
सुनील नरेन- 36 कैच
मनोज तिवारी- 30 कैच

अभिषेक शर्मा के कैच पर विवाद

इसके अलावा अभिषेक शर्मा के कैच को लेकर विवाद देखने को मिला। वरुण चक्रवर्ती ने कैच पकड़ा था लेकिन ऐसा लग रहा था कि गेंद जमीन से लगने के बाद हाथ में गई। टीवी अंपायर ने कई तरह के एंगल से मामला देखने के बाद अभिषेक शर्मा (48) को आउट करार दिया।



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IPL 2026: Varun Chakravarthy ने पहले ओवर में लुटाए 25 रन, फिर चमत्कारी कैच से पलटा मैच! छिड़ा विवाद


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oi-Amit Kumar

IPL 2026 KKR Vs SRH: आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में अपनी बल्लेबाजी से आग लगा दी। पिछले कुछ मैचों से खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक ने दुनिया के नंबर-1 टी-20 स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के एक ही ओवर में 25 रन बटोर कर फॉर्म में वापसी की।

एक ही ओवर में जड़ दिए 25 रन (IPL 2026 KKR Vs SRH)

केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। लेकिन अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड ने इसे गलत साबित करने में कसर नहीं छोड़ी। पारी के 5वें ओवर में जब वरुण चक्रवर्ती गेंदबाजी के लिए आए तो अभिषेक ने उनका स्वागत 6, 6, 4, 4, 4 (और एक वाइड) के साथ किया। दुनिया के दिग्गज स्पिनर के खिलाफ एक ही ओवर में 25 रन बनाना इस आईपीएल सीजन की अब तक की सबसे आक्रामक बल्लेबाजी में से एक रही।

KKR Vs SRH 1

कैच क्लीन था या गेंद जमीन पर लगी?

अभिषेक शर्मा महज 21 गेंदों में 48 रन बनाकर अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे। तभी जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी की गेंद पर उन्होंने एक ऊंचा शॉट खेला। बाउंड्री लाइन पर वरुण चक्रवर्ती ने एक लो-कैच (नीचा कैच) लपका। ऑन-फील्ड अंपायर को संदेह था, इसलिए मामला थर्ड अंपायर के पास गया। रिप्ले में कैच काफी करीब लग रहा था।

फॉर्म में लौटे अभिषेक

थर्ड अंपायर ने लंबी जांच के बाद माना कि वरुण की उंगलियां गेंद के नीचे थीं और अभिषेक को आउट करार दिया। अभिषेक केवल 2 रन से अपना अर्धशतक चूक गए, लेकिन उनके विकेट के बाद सोशल मीडिया पर ‘सॉफ्ट सिग्नल’ और कैच की शुद्धता को लेकर बहस छिड़ गई है। अभिषेक शर्मा के लिए यह पारी बहुत अहम थी। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल (न्यूजीलैंड के खिलाफ) में तेज पारी खेलने के अलावा अभिषेक पिछले कुछ समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहे थे।



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अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मिडिल ईस्‍ट का सबसे ऊंचा ब्रिज हुआ तबाह, ईरान के लिए क्‍यों है ये तगड़ा झटका?


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oi-Bhavna Pandey

Middle East highest alborz bridge मिडिल ईस्‍ट के लगातार बढ़ते संघर्षों ने आम लोगों की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है। ईरान के अलबोर्ज प्रांत में निर्माणाधीन B1 ब्रिज अमेरिकी-इजरायली हमले में तबाह हो गया है। ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़ने वाला हाईवे पुल 2 को निशाना बनाया गया। जानकारी के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और करज के अन्य इलाकों में भी हमले की खबरें हैं।

B1 ब्रिज, जिसे इस साल ही उद्घाटन किया गया था, मिडिल ईस्‍ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। जिससे इलाके में बिजली गुल हो गई और रोजमर्रा की जिंदगी थम सी गई है।

Middle East highest alborz bridge

B1 ब्रिज क्‍यों है इतना अहम?

ईरान के उत्तरी करज में स्थित B1 पुल पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा पुल माना जा रहा था। इस पर करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर (37,000 करोड़ रुपये से अधिक) की लागत आई थी। 1,050 मीटर लंबा यह पुल आठ खंडों में विभाजित है, जिसमें 176 मीटर लंबा मुख्य खंड और 136 मीटर ऊंचे खंभे शामिल हैं।

The US-Israeli enemy targeted Iran’s B1 Bridge — a major engineering achievement and key infrastructure project in Alborz province. The bridge, which was nearing completion, sustained damage in the attack, and power outages were reported in several areas. pic.twitter.com/Y8B6Rc9q3W

— Press TV 🔻 (@PressTV) April 2, 2026 “>

निशाने पर आया इंफ्रास्ट्रक्चर

ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया कि अमेरिकी-इजरायली ताकतों ने पुल को निशाना बनाया। हमले से पुल क्षतिग्रस्त हुआ और इलाके में बिजली संकट पैदा हो गया। सड़कें, बिजलीघर और पुल जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे अब युद्ध का हिस्सा बन गए हैं। ऐसे हमले आम जनता को सीधे प्रभावित करते हैं; अस्पताल, स्कूल और घर सभी बिजली संकट से जूझ रहे हैं।

U.S. and Israeli airstrikes reportedly struck the B1 Bridge in Karaj, northern Iran, one of the country’s tallest bridges, with several injuries reported. pic.twitter.com/eWTH2DZRrZ

— BREAKING NEWS (@fabio1971121971) April 2, 2026 “>





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शादी के गिफ्ट पर नाराजगी ‘क्रूरता नहीं: हाईकोर्ट ने पति पर दर्ज FIR की रद्द, न्यूजीलैंड सहित विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला – Chandigarh News




पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साफ कहा कि शादी में दिए गए गिफ्ट को लेकर असंतोष जताना “क्रूरता” नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने न्यूजीलैंड में रह रहे पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। यह मामला मोहाली के खरड़ थाने का है। पत्नी ने साल 2015 में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने आरोप लगाया था कि पति और उसके परिवार ने दहेज को लेकर मानसिक उत्पीड़न किया। शादी का गिफ्ट नहीं आया पसंद सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति भारत में बहुत कम समय के लिए रहा था। शादी के बाद वह केवल 16 दिन भारत में रहा और बाद में 15 दिन के लिए आया। इस पूरे समय में उसके खिलाफ मुख्य आरोप सिर्फ इतना था कि उसे शादी में दिए गए गिफ्ट पसंद नहीं आए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल गिफ्ट को लेकर नाराजगी जताना क्रूरता नहीं है। अदालत के अनुसार, इस तरह की बात न तो किसी को आत्महत्या के लिए मजबूर करती है और न ही इससे किसी की जान को कोई खतरा होता है, इसलिए इसे कानून के तहत क्रूरता नहीं माना जा सकता विदेश में हुई घटनाओं पर भी फैसला अदालत ने विदेश में हुई घटनाओं को लेकर भी साफ फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की ज्यादातर घटनाएं न्यूजीलैंड में हुई थीं, इसलिए भारत में इन पर केस तभी चल सकता है जब केंद्र सरकार की अनुमति हो। बिना अनुमति भारत में ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पत्नी ने पहले घरेलू हिंसा और भरण-पोषण से जुड़े मामले भी दर्ज किए थे, लेकिन उसमें उसे कोई राहत नहीं मिली। हालांकि बच्चे के लिए भरण-पोषण तय किया गया था। साथ ही, दोनों का विवाह वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट संदेश दिया कि पारिवारिक विवाद और आपराधिक मामलों में अंतर समझना जरूरी है। केवल छोटे-छोटे घरेलू मतभेदों को आधार बनाकर गंभीर आपराधिक धाराओं का सहारा लेना कानून का गलत इस्तेमाल है।



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