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Income Tax: करदाताओं को राहत, विभाग ने एआई असिस्टेंट ‘कर साथी’ के साथ लॉन्च की नई वेबसाइट, जानिए क्या फायदा


आयकर विभाग ने टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को अब पहले से कहीं अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की पहल की है। इसके लिए गुरुवार को विभाग ने अपनी नई वेबसाइट लॉन्च की। इस आधुनिक पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित असिस्टेंट कर साथी है। यह नया तकनीकी कदम आम करदाताओं को टैक्स से जुड़ी उलझनों से बचाने और त्वरित समाधान मुहैया कराने के लिए उठाया गया है।

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर इस नए पोर्टल की जानकारी दी। विभाग के अनुसार, नई वेबसाइट को समावेशी और अत्यधिक यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। 


  • अलग-अलग डिवाइस का सपोर्ट: करदाता इस वेबसाइट को डेस्कटॉप, मोबाइल और टैबलेट के माध्यम से आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।

  • आधिक जानकारी के साथ टैब्स: अधिक जानकारी दर्शाने वाले डिजाइन और स्मार्ट नेविगेशन के साथ, पोर्टल पर ‘कर कानून और नियम’, ‘कर की जानकारी एवं सेवाएं’ और ‘टैक्स ई-सर्विसेज’ के यूनिफाइड टैब दिए गए हैं। इससे यूजर्स को सारी जानकारी भटकने के बजाय एक ही स्थान पर मिल जाएगी।

एआई असिस्टेंट ‘कर साथी’ की अहम भूमिका 

इस पूरी वेबसाइट का मुख्य आकर्षण ‘कर साथी’ है, जो डायरेक्ट टैक्स (प्रत्यक्ष कर) भरने की यात्रा को सुगम बनाएगा। इस एआई-सक्षम चैटबॉट की मदद से करदाता टैक्स से जुड़ा अपना कोई भी सवाल हिंदी या अंग्रेजी भाषा में पूछकर तत्काल उसका समाधान जान सकते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने पिछले महीने एक कार्यक्रम में इस तकनीक का जिक्र करते हुए कहा था, “यह एआई-सक्षम चैटबॉट विभाग की वेबसाइट के माध्यम से करदाताओं को चौबीसों घंटे (24/7) सहायता प्रदान करेगा”। 



करदाताओं को नियम-कानून समझने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पोर्टल में कई विशेष गाइडेंस टूल्स भी जोड़े गए हैं। इनमें शामिल हैं:


  • सामान्य तौर पर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब

  • अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन

  • टैक्स कैलेंडर 

  • सर्कुलर व नोटिफिकेशन

  • आयकर प्रोविजन

करदाताओं को कैसे मिलेगी सहूलियत?

इनकम टैक्स विभाग की यह नई वेबसाइट करदाताओं की सहूलियत की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। एआई असिस्टेंट ‘कर साथी’ की मदद से 24 घंटे मिलने वाली सहायता और स्मार्ट नेविगेशन न केवल आम जनता के लिए टैक्स अनुपालन को आसान बनाएंगे।





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West Asia Crisis: देश में 60 दिनों का क्रूड ऑयल रिजर्व मौजूद, आठ राज्यों को 10% अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी कोटा


वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी संभावित उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक मजबूत और आश्वस्त करने वाली जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत के पास अगले 60 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

इसके साथ ही, व्यावसायिक गतिविधियों और औद्योगिक मांग को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों के कोटे में अतिरिक्त 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का भी अहम ऐलान किया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश के सामरिक ऊर्जा भंडार  की वर्तमान स्थिति पर आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आश्वस्त किया, “भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का स्टॉक सप्लाई है”।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पिछले एक महीने में 3.33 लाख पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।”



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Biz Updates: सेल के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने दिया इस्तीफा, FY25-26 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह लक्ष्य के पार


इस्पात मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने 2 अप्रैल से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी गई है।

इस बीच, इस्पात मंत्रालय के आदेशानुसार, कंपनी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार सिंह को तीन महीने के लिए – 2 अप्रैल से 1 जुलाई, 2026 तक- या जब तक कोई नियमित पदाधिकारी कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

बीएसई को दी गई जानकारी में, सेल ने कहा कि प्रकाश ने 2 जनवरी को मंत्रालय को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

कंपनी ने फाइलिंग में बताया, “सक्षम प्राधिकारी ने 1 अप्रैल 2026 से एसएआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के पद से उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। उस आधार पर, एसएआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमरेंदु प्रकाश 1 अप्रैल 2026 से एसएआईएल बोर्ड के सदस्य नहीं रहे।”

राजेश कुमार ने आरईसी लिमिटेड के निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

सरकारी स्वामित्व वाली आरईसी लिमिटेड ने गुरुवार को कहा कि राजेश कुमार ने 2 अप्रैल, 2026 से निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

कंपनी के एक बयान के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 25 मार्च को विद्युत मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी जिसमें कुमार को आरईसी लिमिटेड में पांच साल की अवधि के लिए निदेशक (वित्त) के पद पर नियुक्त करने की बात कही गई थी।

राजेश कुमार एक अनुभवी वित्त पेशेवर हैं, जिन्हें सार्वजनिक क्षेत्र में, विशेष रूप से बिजली और अवसंरचना वित्तपोषण में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उन्हें लेखा, कराधान, लेखापरीक्षा, वित्त, परियोजना मूल्यांकन और नियामक अनुपालन में व्यापक अनुभव है।

उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (सीएमए) के रूप में दोहरी पेशेवर योग्यताएं भी हासिल की हैं। इस पदोन्नति से पहले, कुमार आरईसी लिमिटेड में कार्यकारी निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने संगठन की वित्तीय रणनीति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।



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The Bonus Market Update: बिकवाली के बाद हरियाली; सेंसेक्स 185 अंक चढ़ा, निफ्टी 22700 के पार और रुपया भी मजबूत


शेयर बाजार में गुरुवार को बड़ा उतार-चढ़ाव दिखा। गुरुवार के मध्य सत्र के कारोबार में इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई और निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर ब्लू-चिप आईटी शेयरों की खरीदारी के चलते इनमें आई गिरावट की भरपाई होती दिखी। इस बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। रुपये में बीते 13 वर्षों में सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की गई। रुपया डॉलर के मुकाबले एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त हासिल करते हुए 93.10 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स-निफ्टी में लौटी हरियाली

शुरुआती कारोबार में दोनों सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,588.51 अंक गिरकर 71,545.81 के अंतर-दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, आगे चलकर बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। 30 शेयरों का सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 185.23 (0.25%) अंकों की बढ़त के साथ 73,319.55 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 33.70(0.15%) अंकों की बढ़त के साथ 22,713.10 के स्तर पर बंद हुआ। 

भारी खरीदारी के चलते, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस जैसी आईटी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के शेयरों में तीन प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई। मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी भी लाभ कमाने वालों में शामिल थे।

हालांकि, 30 शेयरों वाले सेंसेक्स समूह में इटरनल, एशियन पेंट्स, सन फार्मास्युटिकल्स, एनटीपीसी, पावरग्रिड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट और अदाणी पोर्ट्स जैसी कंपनियां पिछड़ गईं। क्षेत्रीय सूचकांकों में, फोकस्ड आईटी और सूचना प्रौद्योगिकी एकमात्र ऐसे क्षेत्र के रूप में उभरे जिनमें 2 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई।

ब्लू-चिप आईटी शेयरों ने दिया सहारा

बाजार की इस शानदार और त्वरित रिकवरी का मुख्य श्रेय आईटी सेक्टर को जाता है। सूचकांकों के निचले स्तर पर पहुंचते ही निवेशकों ने इसे एक बड़े अवसर के रूप में देखा। निवेशकों द्वारा निचले स्तरों पर ‘ब्लू-चिप आईटी शेयरों’ में की गई भारी खरीदारी के चलते सुबह की पूरी गिरावट की भरपाई हो गई। दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेश बढ़ने से बाजार के सेंटिमेंट में वापस सकारात्मकता लौट आई। 

रुपये में मजबूती

इक्विटी बाजार की इस शानदार वापसी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार से भी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई। गुरुवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी मजबूत हुआ। इस मजबूती का पैमाना यह रहा कि रुपये में बीते 13 वर्षों में सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की गई। एक दिन की इस सबसे बड़ी और ऐतिहासिक छलांग के साथ रुपया डॉलर के मुकाबले 93.10 रुपये के शानदार स्तर पर बंद हुआ।


 

एशियाई बाजारों में भी दिखी गिरावट

एशियाई बाजारों में व्यापक रूप से गिरावट दर्ज की गई, जिसमें दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.47 प्रतिशत, जापान का निक्केई 225 2.40 प्रतिशत, शंघाई का एसएसई कंपोजिट 0.74 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.70 प्रतिशत गिर गया।



यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जर्मनी का डीएएक्स 1.32 प्रतिशत गिर गया, पेरिस का सीएसी 40 0.80 प्रतिशत गिर गया, जबकि लंदन का एफटीएसई 100 स्थिर रहा।बुधवार को अमेरिकी बाजार में काफी तेजी देखी गई। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 7.18 प्रतिशत बढ़कर 108.42 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।



बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 8,331.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,171.80 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,186.77 अंक बढ़कर 73,134.32 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 348 अंक चढ़कर 22,679.40 पर समाप्त हुआ।





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पश्चिम एशिया संकट : भूटान पर भी पड़ा असर, भारत से पीओएल- एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार


पश्चिम एशिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी पड़ा है। सरकार का मानना है कि अब हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें ईंधन की कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं, सरकार ने पीओएल- एलपीजी आपूर्ति के लिए पड़ोसी देश भारत का आभार जताया है। प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय से 1 अप्रैल को  एक बयान जारी कर जनता को बढ़ी कीमतों की वजह बताई। इस बयान के जरिए कार्बन-नेगेटिव भूटान ने जनता से गुजारिश की है कि दूर की यात्रा पर आने-जाने से बचें। सरकारी सब्सिडी के बावजूद 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमत 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। फरवरी से यह लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) (0.70 अमेरिकी डॉलर) से बढ़कर 1 अप्रैल को नई सरकारी सब्सिडी वाली तय कीमत तक 95 न्गुलट्रम हो गई है।

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नए सरकारी आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से, थिंपू में पेट्रोल के लिए खुदरा कीमतें बढ़कर 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल के लिए 174.13 एनयू प्रति लीटर हो गई हैं। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के साथ, पेट्रोल के लिए कीमतें 98.00 एनयू प्रति लीटर और डीजल के लिए 98.31 एनयू प्रति लीटर तय की गई हैं।

हमारे कंट्रोल से बाहर-प्रधानमंत्री ऑफिस

प्रधानमंत्री ऑफिस ने बयान में कहा, “हाल के हफ्तों में दुनिया भर में फ्यूल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और ये हमारे कंट्रोल से बाहर है।” भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच मौजूद भूटान ने 21 मार्च को घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए सरकारी फ्यूल सब्सिडी शुरू की थी। सरकार ने कहा, “घरों और इकॉनमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए 21 मार्च 2026 को नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के जरिए फ्यूल सब्सिडी शुरू की गई थी।”

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फ्यूल की कीमतें बढ़ने पर सरकार ने जनता से मदद की अपील की है। सरकार ने आगे कहा, “देश के खजाने पर पड़ रहे भारी बोझ को देखते हुए, सभी पब्लिक सर्विस एजेंसियों को फ्यूल की खपत कम करने के उपाय करने का निर्देश दिया गया है, जैसे काम पर पैदल जाना, गैर-जरूरी यात्रा से बचना और वर्क फ्रॉम होम को तवज्जो देना।” इसके साथ ही सरकार ने भारत का अंत आभार जताते हुए कहा, “भूटान सरकार, ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद कहना चाहती है।” बता दें, कि लगभग 800,000 की आबादी वाला देश भारत के जरिए अपना फ्यूल आयात करता है। (इनपुट- आईएएनएस)



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Telecom: एयरटेल 65 करोड़ ग्राहकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता बनी, जानिए क्या अपडेट


भारती एयरटेल ने गुरुवार को ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वह 65 करोड़ ग्राहकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बन गई है। जीएसएमए यह एक वैश्विक व्यापारिक निकाय है जो मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों और मोबाइल इकोसिस्टम में मौजूद कंपनियों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह प्रौद्योगिकी, पॉलिसी और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए भी काम करता है।

एयरटेल ने जीएसएमए इंटेलिजेंस के आंकड़ों का हवाला देकर कहा, “मोबाइल ग्राहक आधार के मामले में भारती एयरटेल वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है, और इसका परिचालन भारत और अफ्रीका में फैला हुआ है।”

2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के दूरसंचार बाजार में चाइना मोबाइल अपने एक अरब से अधिक ग्राहकों के साथ पहले नंबर है। वहीं भारती एयरटेल करीब 65 करोड़ ग्राहकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है। इसमें भारत के अलावा 14 अफ्रीकी देशों में भी इसकी मजबूत मौजूदगी शामिल है। दूसरी ओर रिलायंस जियो तकरीबन 50 करोड़ ग्राहकों के साथ तीसरे स्थान पर है।

दुनिया की टॉप चार दूरसंचार कंपनियां


































कंपनी देश ग्राहकों की संख्या
चाइना मोबाइल चीन 100.39 करोड़
भारती एयरटेल भारत 60 करोड़
रिलायंस जियो भारत 51.76 करोड़
चााइना टेलीकॉम चीन 42.34 करोड़

भारती एयरटेल के कार्यकारी उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने कहा, “…हम नवाचार, विश्वसनीयता और अनुभव के स्तर को और ऊंचा उठाने की कोशिश करेंगे ताकि ग्राहक के साथ हर बातचीत विश्वास अर्जित करने और मूल्यवान संबंध प्रदान करने का एक अवसर हो।”

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ये आंकड़े 31 मार्च तक उपलब्ध संख्याओं पर आधारित हैं। एयरटेल ने कहा कि भारत में उसके 368 मिलियन से अधिक मोबाइल ग्राहक हैं और अफ्रीका के 14 देशों में 179 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं।

कंपनी ने बयान में कहा, “अपने क्षेत्रीय केंद्रों से परे, एयरटेल यूटेलसैट वनवेब और स्पेसएक्स के साथ रणनीतिक साझेदारी जरिए डिजिटल विभाजन को कम कर रहा है, और दूरस्थ समुद्री, विमानन और ग्रामीण क्षेत्रों में तेज गति, कम विलंबता वाला ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए निम्न पृथ्वी कक्षा (एलईओ) उपग्रहों के एक समूह का इस्तेमाल कर रहा है।”

 



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भास्कर अपडेट्स: वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सरकार सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिकेंगी


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नई दिल्ली44 मिनट पहले

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केंद्र सरकार ने जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और विज्ञापन पर सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इन दवाओं की निगरानी तेज कर दी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

सरकार के अनुसार, ये दवाएं चिकित्सीय परामर्श वाली दवा (प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन) हैं, जिनका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के लिए होता है। इनके गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्लीनिकों पर इनकी बढ़ती ‘ऑन-डिमांड’ उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

आज की बाकी बड़ी खबरें…

7 साल बाद दहेज का केस, कोर्ट ने रद्द की एफआईआर

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में बिना ठोस वजह के एफआईआर दर्ज करने में देरी केस के लिए घातक हो सकती है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ 498ए समेत केस रद्द कर दिया, जिसमें 7 साल की देरी से शिकायत की गई थी। अदालत ने कहा कि कानून उन्हीं की मदद करता है जो अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहते हैं। बिना ठोस सबूत और सामान्य आरोपों के आधार पर वर्षों बाद की गई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को भी पलट दिया।

जीएसटी कलेक्शन 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ पार

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मार्च में ​कुल जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया, जो मार्च 2025 के 1.83 लाख करोड़ रुपए से 8.8% अधिक है। बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में कुल जीएसटी संग्रह 22.27 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 20.55 लाख करोड़ रुपए से 8.3% ज्यादा है।

दिल्ली में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे हटेंगे, सुरक्षा कारणों से नई तकनीक से होंगे रिप्लेस

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राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को बताया कि शहर में लगाए गए करीब 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। सरकार का कहना है कि सभी पुराने कैमरों को विश्वसनीय और सुरक्षित सिस्टम से बदला जाएगा।

दिल्ली में फिलहाल पीडब्ल्यूडी के तहत करीब 2.74 लाख सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 50 हजार कैमरों को पहले चरण में बदलने की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्री ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सुरक्षा पहलुओं पर विचार किए चीनी कैमरे लगाए गए थे, जबकि ऐसे फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं



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PMI: मार्च महीने में भारत की विनिर्माण की वृद्धि दर चार साल के निचले स्तर पर, लेकिन रोजगार और निर्यात में उछाल


पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब भारत के विनिर्माण क्षेत्र पर दिखने लगा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों और मांग में अनिश्चितता के कारण मार्च महीने में भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर लगभग चार वर्षों के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। 

क्या कह रहे पीएमआई के ताजा आंकड़े?

एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित ‘एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स’ (पीएमआई) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मार्च में यह सूचकांक गिरकर 53.9 पर आ गया है, जो फरवरी में 56.9 पर था। यह आंकड़ा 53.8 के प्रारंभिक अनुमान के लगभग अनुरूप ही है। 

इस गिरावट का मुख्य कारण मांग का कमजोर होना है, जिसके चलते नए ऑर्डर और उत्पादन का विस्तार लगभग चार वर्षों में अपनी सबसे धीमी दर से हुआ है। एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा, “पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़ी बाधाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था में गूंज रही हैं और भारतीय निर्माताओं पर भारी पड़ रही हैं”।

उद्योग जगत के लिए इन आंकड़ों का क्या मतलब?

निजी क्षेत्र की ओर से की गई इस सर्वे रिपोर्ट में कुछ चिंताजनक रुझानों के साथ-साथ मजबूत बुनियादी संकेत भी सामने आए हैं:


  • लागत में भारी वृद्धि: एल्युमीनियम, रसायन, ईंधन और स्टील की कीमतों में तेज उछाल के कारण कंपनियों को अगस्त 2022 के बाद से सबसे भारी लागत दबाव का सामना करना पड़ा है।

  • बिक्री मूल्य: इनपुट लागत में भारी वृद्धि के बावजूद, कंपनियों ने ग्राहकों पर पूरा बोझ नहीं डाला और पिछले दो वर्षों में सबसे धीमी गति से अपने बिक्री मूल्य बढ़ाए हैं।

  • निर्यात में मजबूती: मांग में समग्र सुस्ती के बावजूद विदेशी बाजारों से समर्थन मिला है, जिससे मार्च में निर्यात ऑर्डर उछलकर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।

  • रोजगार में वृद्धि: कंपनियों ने अपने लंबित काम निपटाने और भविष्य की विस्तार योजनाओं को समर्थन देने के लिए नई भर्तियां की हैं। इसके चलते रोजगार वृद्धि की दर सात महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

अब आगे क्या

हालांकि भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन की महंगी कीमतों ने मैन्युफैक्चरिंग की वर्तमान रफ्तार को धीमा कर दिया है, लेकिन भारत के विनिर्माता भविष्य के व्यापार को लेकर अत्यधिक आश्वस्त बने हुए हैं। कृषि क्षेत्र में मजबूती की उम्मीद और क्षमता विस्तार की योजनाओं के दम पर आगामी वर्ष के लिए निर्माताओं का व्यापारिक आशावाद मई 2024 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।





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‘1 April Fools Joke’, ईरान ने ट्रंप के ‘नए शासन’ वाले दावे का उड़ाया मजाक, सीजफायर को बताया झूठा और मनगढ़ंत


International

oi-Bhavna Pandey

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान युद्ध को लेकर किए गए एक दावे ने 1 अप्रैल को नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के नए शासक ने अमेरिका से युद्धविराम की बात की है, लेकिन ईरान ने इन दावों को सीरे से खारिज कर दिया है।
ईरान ने इसे सीधा-सीधा “अप्रैल फूल का मजाक” और “झूठा व निराधार” बताते हुए तत्काल कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अब दोनों तरफ से बयानबाज़ी तेज हो गई है।

Trump claim of new regime

ट्रंप का दावा क्या था?

दरअसल, बुधवार को डोनाल्‍ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि ईरान के नए शासक ने अमेरिका से युद्धविराम के लिए संपर्क साधा है। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान के “नए शासक” अपने पूर्व के शासकों से “कम कट्टरपंथी” हैं। उन्होंने होर्मुज स्‍ट्रेट के फिर से खुलने को किसी भी समझौते की शर्त बताया था।

ईरान ने दिया करारा जवाब

ईरान ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उसने इसे “झूठा”, “निराधार” और “अप्रैल फूल का मजाक” बताते हुए कहा कि ऐसा कोई संपर्क या प्रस्ताव हुआ ही नहीं है। ईरान के मुताबिक, यह बयान सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है।

मुंबई में ईरानी दूतावास ने ट्रंप की उड़ाई खिल्‍ली

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने भी बुधवार को एक तीखे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस विवाद पर पलटवार किया।दूतावास ने ट्रंप द्वारा “नए” ईरानी राष्ट्रपति के जिक्र का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, Masoud Pezeshkian पहले से ही राष्ट्रपति हैं, कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। दूतावास ने तंज कसते हुए लिखा कि “राष्ट्रपति ट्वीट से नहीं बदलते, उसके लिए चुनाव होते हैं।”

On April Fools’ Day, it’s almost poetic that Donald #Trump still manages to outdo the jokes; talking about a “new” #Iran #president when Dr. #Pezeshkian has been in office all along.

Reality check: presidents aren’t replaced by tweets… that’s what elections are for. pic.twitter.com/157dOWtOVL

— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 1, 2026 “>

ईरान ने ट्रंप पर कसा तंज

दूतावास ने चुटकी लेते हुए कहा, “अप्रैल फूल के दिन, डोनाल्ड ट्रंप अभी भी चुटकुलों को मात देने का प्रबंधन करते हैं।” यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान पर सीधा व्यंग्य थी जिसमें ईरान के नेतृत्व में बदलाव के संकेत दिए गए थे।

बयानबाज़ी के पीछे की क्‍या है वजह?

यह पूरा मामला सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे चल रहे “सूचना युद्ध” का हिस्सा माना जा रहा है। एक तरफ अमेरिका समुद्री रास्तों और ऊर्जा सप्लाई को लेकर दबाव बना रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इन दावों को खारिज कर अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है।





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झारखंड के हजारीबाग में बलि अनुष्ठान के दौरान किशोरी का गला घोंटकर हत्या; मां और दो अन्य गिरफ्तार


India

-Oneindia Staff

कुसुम्भा गाँव में एक चौंकाने वाली घटना में, पुलिस ने एक किशोर लड़की की बलि अनुष्ठान के दौरान हुई मौत के संबंध में उसकी माँ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अनजानी अंजन और हजारीबाग के डीआईजी अनजानी झा ने देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारियों की घोषणा की।

 हजारीबाग में बलिदान के दौरान किशोरी की हत्या

Representative image

गिरफ्तार लोगों में पीड़ित की 35 वर्षीय माँ रेशमी देवी, 55 वर्षीय तांत्रिक शांति देवी और 40 वर्षीय भीम राम शामिल हैं। ये सभी एक ही गाँव के निवासी हैं। अनजानी अंजन के अनुसार, रेशमी देवी अपने सबसे छोटे बेटे की मानसिक और शारीरिक बीमारियों के लिए अक्सर तांत्रिक से सलाह लेती थी।

तंत्रिक ने कथित तौर पर सलाह दी थी कि एक कुंवारी लड़की की बलि देने से बेटे का इलाज हो जाएगा। 24 मार्च को, अष्टमी की रात के उत्सव और रामनवमी जुलूस के दौरान, लड़की को कथित तौर पर शांति देवी के घर में उसकी माँ और भीम राम ने गला घोंटकर मार डाला। पुलिस का दावा है कि तांत्रिक ने लड़की के निजी अंगों में लकड़ी की छड़ी डाली, जबकि भीम राम ने अनुष्ठान के लिए खून निकालने के लिए उसके सिर पर प्रहार किया।

हत्या के बाद, लड़की के शव को एक बगीचे में दफना दिया गया था। आरोपियों ने बलात्कार का आरोप लगाकर जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की, जिसका पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्टों से समर्थन नहीं मिला। भीम राम पर अपनी भाभी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या का भी आरोप है।

झारखंड हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है, राज्य प्रशासन और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की एक खंडपीठ ने घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर कार्रवाई की।

शुरुआत में, रेशमी देवी ने दावा किया था कि उसकी बेटी का अपहरण कर लिया गया था, और उसका शव 25 मार्च को एक गाँव के खेत में मिला था। इस मामले ने जनता में काफी आक्रोश पैदा किया है, जिसके चलते विपक्षी भाजपा ने सोमवार को हजारीबाग में हत्या के विरोध में 12 घंटे का बंद आयोजित किया।

With inputs from PTI



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