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दिल्ली सरकार ने सुरक्षा उपायों में सुधार के लिए 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरों को बदलने की पहल शुरू की।


India

-Oneindia Staff

शहर भर में स्थापित 1.4 लाख चीनी निर्मित सीसीटीवी कैमरों को बदलने की दिल्ली सरकार की योजना, सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा की, जिसमें अद्यतन प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया गया जो वर्तमान तकनीकी मानकों को पूरा करती हैं और बेहतर डेटा सुरक्षा प्रदान करती हैं।

 दिल्ली में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे बदले जाएंगे

Representative image

PWD ने दिल्ली में लगभग 2.8 लाख कैमरे लगाए हैं, जिसमें से 1,40,000 सितंबर 2020 और नवंबर 2022 के बीच स्थापना के पहले चरण के दौरान चीनी फर्म हिकविजन से खरीदे गए थे। शेष 1,34,389 कैमरे जून 2025 और मार्च 2026 के बीच स्थापित किए गए थे। सरकार का लक्ष्य हाल के निर्देशों और व्यापक सुरक्षा विचारों के अनुरूप इन चीनी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है।

सरकार का रुख

मंत्री सिंह ने पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की कि उन्होंने चीनी निर्मित कैमरों के उपयोग के सुरक्षा निहितार्थों पर विचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में ऐसी प्रणालियों को तैनात करने में राष्ट्रीय सुरक्षा का चुनाव करना शामिल है, जिसे आप सरकार ने कथित तौर पर पहचानने में विफल रही। सरकार ने पहले ही पहले चरण में 50,000 चीनी कैमरों को बदलने की मंजूरी दे दी है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री पर सुरक्षा चिंताओं का उपयोग अपने पसंदीदा कंपनियों को नए अनुबंध देने के बहाने के रूप में करने का आरोप लगाकर जवाब दिया। उन्होंने बताया कि हिकविजन कैमरों का उपयोग कई केंद्रीय सरकारी परियोजनाओं में किया जाता है, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मेट्रो सिस्टम भी शामिल हैं। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी वास्तविक चिंताएं हैं तो भारत भर में उनके उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया है।

भविष्य की योजनाएं

PWD की योजना सभी पहले स्थापित चीनी कैमरों को एक मजबूत आपूर्ति और सेवा इकोसिस्टम द्वारा समर्थित सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियों से बदलने की है। इस पहल को बेहतर डेटा सुरक्षा और वर्तमान तकनीकी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक सुधारात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

तालिका: सीसीटीवी कैमरा स्थापना चरण

चरण समय अवधि स्थापित कैमरों की संख्या
चरण 1 सितंबर 2020 – नवंबर 2022 1,40,000
चरण 2 जून 2025 – मार्च 2026 1,34,389

यह विकास दिल्ली के शहरी निगरानी के दृष्टिकोण में एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य विदेशी निर्मित प्रौद्योगिकी से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करते हुए बढ़ी हुई सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करना है।

With inputs from PTI

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Kal Ka Match Kon Jeeta 1 April: कल का मैच कौन जीता- लखनऊ सुपर जायंट्स vs दिल्ली कैपिटल्स


Cricket

oi-Naveen Sharma

Kal Ka Match Kon Jeeta: आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मुकाबले में लखनऊ को हार का सामना करना पड़ा। कम स्कोरिंग वाले मुकाबले में लखनऊ टॉस हारकर पहले खेलते हुए 141 के स्कोर पर आउट हो गई। जवाब में खेलते हुए दिल्ली ने मुश्किल स्थिति से मैच पलट दिया और 6 विकेट से जीत दर्ज कर ली।

टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ की शुरुआत ठीक नहीं रही, कप्तान ऋषभ पंत 7 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए। मिचेल मार्श ने 35 रन बनाए, जबकि अब्दुल समद ने 36 रनों की तेज पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की। बाकी बल्लेबाज कुछ खास योगदान नहीं दे सके। इस वजह से लखनऊ की टीम 19वें ओवर में ही 141 पर सिमट गई।

Kal Ka Match Kon Jeeta

दिल्ली की ओर से गेंदबाजी में लुंगी एनगिनडी और टी नटराजन ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों ही गेंदबाजों के खाते में 3-3 विकेट आए। इससे लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाजी क्रम की कमर टूट गई।

142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद खराब रही। केएल राहुल बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि पथुम निसांका भी जल्दी पवेलियन लौट गए। दिल्ली ने अपने 4 विकेट महज 26 रन पर गंवा दिए थे। मैच पूरी तरह से लखनऊ की पकड़ में था। यहां से समीर रिजवी और ट्रिस्टन स्टब्स ने कमाल कर दिया।

समीर रिज़वी ने जिम्मेदारी संभाली और मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने 47 गेंदों पर 70 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। उनके साथ ट्रिस्टन स्टब्स ने 39 रन की नाबाद पारी खेलकर बेहतरीन साथ निभाया।

दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने मैच पूरी तरह दिल्ली के पक्ष में कर दिया और टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। रिजवी और स्टब्स के बीच अविजित शतकीय भागीदारी ने मामला बदल दिया और लखनऊ की उम्मीदों पर पानी फिर गया। नई गेंद के बाद लखनऊ के गेंदबाज अपना प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए।



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‘एक रोटी के बदले जिस्म’, कश्मीरी महिलाओं के साथ ISI आतंकियों की हैवानियत का PAK मुफ्ती का खुलासा, कौन है ये?


International

oi-Bhavna Pandey

Kashmir woman physical abuse: पाकिस्तान के एक प्रमुख देवबंदी धर्मगुरु मुफ्ती सईद खान ने कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी महिलाओं के व्यवस्थित यौन शोषण को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने खुलासा किया कि किस तरह आतंकी, जो स्वयं को धार्मिक योद्धा बताते हैं, वो कमजोर महिला शरणार्थियों को भाेजन के बदले यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करते थे।

पाकिस्‍तान के मुफ्ती ने ‘कश्मीर और हमारा पाखंड’ शीर्षक वाले अपने व्याख्यान के दौरान ये चौंकाने वाले खुलासे किए। खान ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया कि राज्य-समर्थित आतंकवादियों द्वारा कश्मीर में महिलाओं का बड़े पैमाने पर और व्यवस्थित शोषण किया जा रहा है।

Kashmir woman physical abuse

‘एक रोटी के बदले जिस्म का सौदा’ करते हैं आतंकी’

खान ने अपने खुलासे में बताया कि किस तरह आतंकवादियों – जिन्हें अक्सर धार्मिक योद्धा या ‘मुजाहिदीन’ कहा जाता है – ने विस्थापन शिविरों में रह रहीं कश्मीरी मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को ‘एक रोटी’ के बदले अपनी देह का व्यापार करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने इसे विद्रोह की ‘गहरी सच्चाई’ बताया, जो अब तक छुपी हुई थी।

कौन हैं मुफ्ती सईद खान?

मुफ्ती सईद खान पाकिस्‍तान के जाने-माने धार्मिक गुरु हैं और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के एक करीबी सहयोगी भी रहे हैं। मुफ्ती सईद खान खुद एक देवबंदी धर्मगुरु हैं।

क्या है पूरा मामला?

भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों के मुताबिक, मुफ्ती सईद खान का बयान एक बेहद अहम और दुर्लभ अंदरूनी खुलासा माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह बयान पाकिस्तान के धार्मिक और राजनीतिक हलकों के भीतर से आया है, जो अपने आप में असामान्य है। इससे पाकिस्तान के उस लंबे समय से चल रहे ‘पवित्र जिहाद’ वाले नैरेटिव की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा होता है, जिसका इस्तेमाल वह कश्मीर में आतंकवाद को सही ठहराने के लिए करता रहा है।

ISI और आतंकवाद पर बड़ा दावा

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ISI द्वारा हथियार और पैसा दिए गए आतंकवादी स्थानीय लोगों पर सुनियोजित तरीके से अत्याचार करते थे। यह बयान भारत के उन पुराने आरोपों को मजबूती देता है, जिनमें कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी छद्म आतंकी समूहों को समर्थन देती है।

भारत के डोजियर से मेल खाता खुलासा

खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि मुफ्ती सईद खान का यह कबूलनामा उन गोपनीय भारतीय डोजियर से पूरी तरह मेल खाता है, जो पहले ही अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ साझा किए जा चुके हैं। चूंकि यह बात पाकिस्तान के अपने सिस्टम के अंदर से सामने आई है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।

मानवाधिकार उल्लंघन

यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रिपोर्टों को भी मजबूती देता है, जिनमें विदेशी फंडिंग वाले आतंकवादियों द्वारा यौन हिंसा और आम लोगों के उत्पीड़न के मामलों का जिक्र किया गया है। इसे संघर्ष की ‘अंधेरी सच्चाई’ के रूप में देखा जा रहा है, जो दशकों से लगे आरोपों की पुष्टि करता है।

खुलासे पाक की खुली पोल

इस खुलासे से पाकिस्तान समर्थित विद्रोही समूहों की साख को बड़ा नुकसान पहुंचा है। यह साफ करता है कि कश्मीर के हक की लड़ाई का दावा करने वाले ये समूह असल में कमजोर और निर्दोष लोगों के शोषण में शामिल थे।



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Uttarakhand News: ऑपरेशन प्रहार में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, राजपुर हत्याकांड में 3 और गिरफ्तार


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद, उत्तराखंड पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार शुरू किया, जिसमें रायपुर फायरिंग मामले और अन्य आपराधिक मामलों में तेजी से गिरफ्तारियां हुईं। यह कार्रवाई जिलों में अतिक्रमण, यातायात उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों को निशाना बनाते हुए राज्यव्यापी रही, जिसमें छात्रावासों और धर्मशालाओं जैसी सुविधाओं में निवासियों की जांच और सत्यापन शामिल था।

India

-Oneindia Staff

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्ती के बाद पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत देहरादून पुलिस ने विभिन्न आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई अहम सफलताएं हासिल की हैं।

Operation Prahar: Uttarakhand Police Arrests Mount

राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग और हत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना बार में हुए विवाद के बाद दो पक्षों के बीच रोड रेज के दौरान हुई फायरिंग से जुड़ी थी, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बुजुर्ग की गोली लगने से मौत हो गई थी।

इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

18.5 लाख की डकैती का आरोपी ऋषिकेश से दबोचा

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में हुई 18.5 लाख रुपये की डकैती के मामले में फरार चल रहे आरोपी को देहरादून और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने ऋषिकेश से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और सघन चेकिंग अभियान के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर पकड़ा। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

1 लाख का इनामी और जेल फरार अपराधी गिरफ्तार

उड़ीसा के कटक से जेल तोड़कर फरार हुए 1 लाख रुपये के इनामी अपराधी को भी पुलिस ने ऋषिकेश क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

देहरादून और टिहरी पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अतिक्रमण और ट्रैफिक नियमों पर भी सख्ती

देहरादून पुलिस ने ट्रैफिक पुलिस और कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ मिलकर डाकरा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कई अवैध अतिक्रमण हटाए गए और पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को हटाकर चालान भी किए गए।

राज्यभर में सघन चेकिंग अभियान

डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जा रही है।

इसके साथ ही पीजी, हॉस्टल, होटल और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन किया जा रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और नियमों के खिलाफ चल रहे पब-बार पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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LSG vs DC: 26/4 के स्कोर से दिल्ली ने ऐसे खड़ा किया जीत का किला, 2 बल्लेबाजों ने तोड़ा लखनऊ का सपना


Cricket

oi-Naveen Sharma

LSG vs DC Turning Point: आईपीएल 2026 का पांचवां मुकाबला इतिहास के पन्नों में दिल्ली कैपिटल्स की एक असंभव वापसी के रूप में दर्ज हो गया है। एकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम दिल्ली को शर्मनाक हार थमा देगी, लेकिन फिर मैदान पर वो हुआ जिसकी उम्मीद शायद खुद दिल्ली के डगआउट में भी किसी ने नहीं की थी।

मैच का असली टर्निंग पॉइंट तब आया जब दिल्ली की आधी टीम पवेलियन लौटने की कगार पर थी और फिर समीर रिज़वी के साथ ट्रिस्टन स्टब्स ने मोर्चा संभाला और ऐसी बैटिंग की, जो लखनऊ के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है।

LSG vs DC

जब 26 रनों पर लग रहा था कि मैच खत्म हो गया

लखनऊ के 141 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी थी। मोहम्मद शमी ने पहली ही गेंद पर केएल राहुल (0) को चलता किया, तो प्रिंस यादव ने पाथुम निसांका और कप्तान अक्षर पटेल को शून्य पर आउट कर सनसनी फैला दी। महज 26 रनों के स्कोर पर दिल्ली के 4 बड़े बल्लेबाज ड्रेसिंग रूम में बैठ चुके थे। लखनऊ के खेमे में जश्न का माहौल था और मैच पूरी तरह से उनके शिकंजे में नजर आ रहा था। यहाँ से दिल्ली को जीत के लिए एक चमत्कार की जरूरत थी।

मैच का असली टर्निंग पॉइंट

यहीं से मैच ने करवट ली और समीर रिज़वी ने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ मिलकर काउंटर-अटैक शुरू किया। दोनों ने 33 गेंदों में 51 जोड़े और मैच पर पकड़ बनाना शुरू कर दिया और यह शतकीय भागीदारी में बदल गई। समीर रिज़वी ने किसी अनुभवी खिलाड़ी की तरह जिम्मेदारी उठाई और 47 गेंदों में नाबाद 70 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। दूसरे छोर पर ट्रिस्टन स्टब्स ने 32 गेंदों में 39 रनों का धैर्यपूर्ण साथ निभाते हुए लखनऊ के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। इन दोनों के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने न केवल दिल्ली को संकट से निकाला, बल्कि 17.1 ओवर में ही जीत की दहलीज पार करा दी।

लखनऊ की गेंदबाजी का फीका प्रदर्शन

शुरुआती सफलता के बाद लखनऊ के गेंदबाज दबाव बरकरार रखने में पूरी तरह नाकाम रहे। प्रिंस यादव ने जरूर 2 विकेट लेकर उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन समीर रिज़वी के प्रहारों ने लखनऊ की रणनीति को तहस-नहस कर दिया। दिल्ली ने अंततः 6 विकेट से यह मुकाबला जीतकर अंक तालिका में खाता खोल लिया। यह मैच लंबे समय तक समीर रिज़वी की उस जादुई पारी के लिए याद किया जाएगा, जिसने हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया।



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Census 2027: भारत में शुरू हुई डिजिटल स्‍वयं-गणना, PM Modi ने किया शुभारंभ, नागरिकों से भागीदारी की अपील


Census 2027: प्राइवेसी के नए नियमों के साथ होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना,चेक करें डेट से लेकर बजट तक की डिटेल



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भारत के प्रसिद्ध 7 मंदिर, हनुमान जंयती पर दर्शन से खुल जाती है किस्मत


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7 Famous hanuman Temples: हनुमान जयंती के अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की यात्रा करना एक आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है. यहां पर आप ऐसे 7 मंदिरों के बारे में जान सकते हैं, जो हिन्दू धर्म में विशेष पहचान रखते हैं, और किस्मत का ताला खोलने के लिए जाने जाते हैं. हनुमान जयंती के अवसर पर इन मंदिरों की यात्रा भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव देती है.

यहां पर आप ऐसे 7 मंदिरों के बारे में जान सकते हैं, जो हिन्दू धर्म में विशेष पहचान रखते हैं, और किस्मत का ताला खोलने के लिए जाने जाते हैं. हनुमान जयंती के अवसर पर इन मंदिरों की यात्रा भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव देती है.

Celebrate Hanuman Jayanti With A Visit To These Sacred Temples

संकट मोचन हनुमान मंदिर, उत्तर प्रदेश
वाराणसी में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर भारत के सबसे पूज्य हनुमान मंदिरों में से एक है. कहा जाता है कि इसे संत तुलसीदास ने स्थापित किया था. इस मंदिर में विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं.

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हनुमान गढ़ी, उत्तर प्रदेश
अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान के पास हनुमान गढ़ी स्थित है. यह एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 70 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, जो स्वयं एक भक्तिपूर्ण यात्रा मानी जाती हैं. माना जाता है कि भगवान हनुमान यहां अयोध्या की रक्षा करने के लिए रहते थे.

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सलासर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान का सलासर बालाजी मंदिर अपने अनोखे मूर्ति के लिए जाना जाता है. यहां हनुमान की मूर्ति में दाढ़ी और मूंछ है, जो अन्य मंदिरों में बहुत कम देखने को मिलती है. माना जाता है कि इस मंदिर में मुश्किल से मुश्किल मुरादे पूरी होती है.

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जाखू मंदिर, हिमाचल प्रदेश
शिमला की जाखू हिल पर स्थित जाखू मंदिर अपने विशाल हनुमान प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है, जो दुनिया की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमाओं में से एक है. मान्यता है कि भगवान हनुमान यहां संजीवनी बूटी खोजते हुए विश्राम करने आए थे. मंदिर से आसपास की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है, जो इसे आध्यात्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर मिश्रण बनाता है.

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मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान
राजस्थान का यह मंदिर अपने अनूठे और गहरे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यहां किए जाने वाले तीव्र अनुष्ठान नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करते हैं. इन विशेष अनुष्ठानों के कारण यह मंदिर भारत के सबसे रोचक हनुमान मंदिरों में से एक है.

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नामक्कल अंजनियार मंदिर, तमिलनाडु
तमिलनाडु का यह मंदिर अपने विशाल 18 फुट ऊंचे हनुमान की मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, जो खुले आसमान के नीचे खड़ा है. मंदिर का वातावरण शांत और सरल वास्तुकला के कारण भक्तों को आकर्षित करता है.

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श्री हनुमान मंदिर, दिल्ली
दिल्ली के कानॉट प्लेस में स्थित श्री हनुमान मंदिर राजधानी के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है. माना जाता है कि इसका इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है. यह मंदिर अपने “श्री राम, जय राम” के लगातार मंत्रोच्चारण के लिए प्रसिद्ध है. हनुमान जयंती के दिन यहां भक्तों की भीड़ लगती है और दिनभर आशीर्वाद पाने के लिए लोग आते हैं.



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नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टेम्पो में टक्कर, 8 महिलाओं की मौत: शव सड़क पर बिखरे; तीन लोग घायल, ट्रक चालक गिरफ्तार




महाराष्ट्र के जालना जिले में नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने एक टेम्पो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सभी पीड़ित मजदूर हैं। हादसा कडवांची गांव के पास तब हुआ जब महिला मजदूर एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम खत्म कर टेम्पो से घर लौट रही थीं। टेम्पो स्टार्ट होने ही वाला था कि मुंबई की ओर जा रहे ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से टेम्पो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और शव सड़क पर बिखर गए। टेम्पो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 7 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हुई मृतकों की पहचान अलकाबाई आडमने (45), लक्ष्मीबाई मदन (35), मीना आडमने (45), कंचन आडमने (50), ताराबाई चौधरी (60), कडूबाई मदन (55) और सुमन आडमने (70) के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। खबर अपडेट की जा रही है….



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Neha Sharma Exclusive Content: बिहार पूर्व MLA की बेटी की क्या मजबूरी? ₹299 में बेच रहीं एक्सक्लूसिव Photos


Entertainment

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Neha Sharma Exclusive Content: बॉलीवुड की ग्लैमरस अभिनेत्री और बिहार के भागलपुर से पूर्व विधायक अजीत शर्मा की बेटी नेहा शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कोई फिल्म प्रमोशन या चुनावी रोडशो नहीं, बल्कि उनके इंस्टाग्राम पर शुरू किया गया ₹299 मासिक सब्सक्रिप्शन प्लान।

सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि पिता के पास ₹54 करोड़ से ज्यादा संपत्ति, खुद की नेटवर्थ ₹10-15 करोड़, हर महीने लाखों की कमाई… फिर नेहा की क्या मजबूरी है कि वे ₹299 में एक्सक्लूसिव फोटोज और कंटेंट बेच रही हैं? लेकिन क्या यह वाकई ‘मजबूरी’ है या एक स्मार्ट बिजनेस डिसीजन? आइए पूरी कहानी समझते हैं…

Neha Sharma Exclusive Content

नेहा का Paid Subscription प्लान: आंकड़े बोलते हैं?

नेहा शर्मा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 20 मिलियन फॉलोअर्स हैं। हाल ही में उन्होंने अपने प्रीमियम फैंस के लिए ₹299 प्रति माह का सब्सक्रिप्शन शुरू किया है, जिसमें एक्सक्लूसिव फोटोशूट, बीटीएस वीडियो और खास कंटेंट शामिल हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 3,100 एक्टिव सब्सक्राइबर्स के साथ उनकी मासिक कमाई ₹7.25 लाख के आसपास पहुंच गई है। यह कोई छोटी रकम नहीं है। नेहा सोशल मीडिया को अब सिर्फ प्रमोशन का प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि सीधा रेवेन्यू जनरेटर बना रही हैं।

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Why Neha Sharma Compulsion:’मजबूरी’ क्यों? फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का दौर शुरू हो चुका है। लोग पूछ रहे हैं कि बाप विधायक रहे, घर में ₹54 करोड़ की संपत्ति, फिर भी ₹299 में कंटेंट बेंच रहीं? लेकिन ADR रिपोर्ट के अनुसार पिता अजीत शर्मा की संपत्ति भले ही भारी-भरकम हो, नेहा अपनी कमाई खुद कर रही हैं।

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उनकी मुख्य आय के स्रोत:

  • बॉलीवुड और साउथ फिल्में (प्रति फिल्म फीस लगभग ₹1 करोड़)
  • वेब सीरीज (Illegal जैसी)
  • ब्रांड एंडोर्समेंट
  • दिल्ली में रेस्टोरेंट बिजनेस
  • अब – डायरेक्ट सब्सक्रिप्शन
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यह ‘मजबूरी’ नहीं, बल्कि क्रिएटर इकोनॉमी का नया ट्रेंड है। आज के समय में सेलिब्रिटीज सिर्फ फिल्मों और ब्रांड डील्स पर निर्भर नहीं रहना चाहते। एक बार फैन बेस बना लो, फिर हर महीने पैसे आते रहेंगे – बिना एक्स्ट्रा मेहनत के। नेहा ने ठीक यही किया है।

नाम -नेहा शर्मा
इंस्टाग्राम – 20M फॉलोअर्स
जन्मभूमि – बिहार
पिता जी – विधायक

बाप विधायक खुद भी प्रमोशन से अच्छा पैसा कमाती हैं फिर आखिर नेहा शर्मा की क्या मजबूरी है जो

290 रुपए में एक्सक्लूसिव कंटेंट दिखाना पड़ रहा बताओ 3100 लोग जुड़ भी…See more pic.twitter.com/m8yOKShK47

— Risky Yadav (@riskyyadav410) April 1, 2026 “>

Who Is Neha Sharma: नेहा शर्मा कौन हैं? पूरी कहानी

नेहा शर्मा का जन्म 21 नवंबर 1987 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। एक छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखने वाली नेहा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद दिल्ली का रुख किया। उन्होंने National Institute of Fashion Technology (NIFT) से फैशन डिजाइन की पढ़ाई की, जो दिखाता है कि उनका रुझान शुरू से ही क्रिएटिव फील्ड की तरफ था। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले नेहा ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्हें साउथ इंडस्ट्री में मौका मिला और उन्होंने ‘Chirutha’ (2007) तेलुगु फिल्म से एक्टिंग डेब्यू किया। इस फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई और फिर उन्होंने बॉलीवुड की तरफ कदम बढ़ाया।

बॉलीवुड में उनकी एंट्री ‘Crook’ (2010) से हुई, जहां उनके अभिनय को नोटिस किया गया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें Tanhaji, Tum Bin 2 और Yamla Pagla Deewana 2 शामिल हैं। धीरे-धीरे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना ली।

Neha Sharma Family Tree: परिवार में कौन-कौन है?

  • पिता: अजीत शर्मा, (कांग्रेस नेता, कई बार भागलपुर से विधायक रहे)।
  • बहन Aisha Sharma (भी अभिनेत्री), दूसरी बहन रीतिका शर्मा (अमेरिका में सेटल)
  • धर्म और समुदाय: हिंदू, ब्राह्मण

परिवार राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री दोनों से गहरा जुड़ा है। नेहा 2024-25 के बिहार चुनाव में पिता के लिए रोडशो भी कर चुकी हैं। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में अजीत शर्मा को भागलपुर सीट (156) पर रोहित पांडे ने 13,474 वोटों से हराया। इसके बाद नेहा एक बार फिर चर्चा में आईं।

हर महीने वह लगभग ₹7.25 लाख कमाती हैं 😲

नेहा शर्मा सोशल मीडिया को एक गंभीर बिज़नेस में बदल रही हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने ₹290 प्रति माह का paid subscription शुरू किया है।

और लगभग 2,500 एक्टिव सब्सक्राइबर्स के साथ उनकी मासिक कमाई करीब ₹7.25 लाख हो जाती है।

ये साफ… pic.twitter.com/xYZHp6WtJb

— Mock_💜 (@MockInc2025) March 26, 2026 “>

क्यों उठ रहे हैं सवाल?

नेहा पहले भी अपने बोल्ड इंस्टाग्राम पोस्ट्स की वजह से ट्रोलिंग का शिकार होती रही हैं। अब सब्सक्रिप्शन मॉडल ने बहस को और तेज कर दिया है। कुछ लोग कह रहे हैं – ‘इतनी अमीरी में यह क्या जरूरत?’ जबकि दूसरे इसे एंपावरमेंट बता रहे हैं – ‘फैंस खुद पैसे देकर कंटेंट देखना चाहते हैं, तो समस्या क्या है?’ यह बहस दरअसल बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। आज कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज OnlyFans जैसी प्लेटफॉर्म्स या इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन पर शिफ्ट हो रहे हैं क्योंकि:-

  • ब्रांड डील्स अनप्रेडिक्टेबल हैं
  • एल्गोरिदम बदलता रहता है
  • डायरेक्ट फैन कनेक्शन सबसे मजबूत होता है

स्मार्ट मूव या विवाद?

नेहा शर्मा ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक स्मार्ट बिजनेसवुमन भी हैं। ₹299 का प्लान उनके लिए निष्क्रिय आय का नया जरिया बन गया है। पिता की राजनीतिक पृष्ठभूमि और अपनी मेहनत से बनी पहचान दोनों को उन्होंने बिजनेस में जोड़ लिया। ट्रोलिंग चाहे जितनी हो, आंकड़े साफ हैं – 20 मिलियन फॉलोअर्स और ₹7 लाख+ मंथली कमाई। यह दिखाता है कि आज का क्रिएटर सिर्फ कंटेंट नहीं, बल्कि पूरा बिजनेस मॉडल बेच रहा है। आप क्या सोचते हैं – यह मजबूरी है या स्मार्ट चॉइस? कमेंट में जरूर बताएं।





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AAP का हमला, अनुराग ढांडा बोले- चुनाव के बाद सरकार फोड़ेगी महंगाई बम


India

oi-Bhavna Pandey

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने देश में लगातार बढ़ रही मंहंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की वजह से मोदी सरकार ने महंगाई को कम रखने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म होंगे, मोदी सरकार घरेलु गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर पूरे देश में महंगाई बम फोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम 525 रुपए पहले ही बढ़ चुके हैं। पेट्रोल, सीमेंट, ब्रेड और जूते महंगे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश महंगाई के खौफ में हैं, सिलेंडर के लिए लाइनों में लगा है, लेकिन मोदी जी पूरे फुर्सत में हैं। वह फीटे काट रहे हैं और चुनावी रैलियां कर रहे हैं। मोदी जी जानबूझ कर देश में कोरोना जैसे हालात पैदा कर रहे हैं, ताकि उनके बिजनेसमैन दोस्त मुनाफा कमा सकें।

aap

बुधवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अनुराग ढांडा ने कहा कि देश एक बेहद गंभीर दौर से गुजर रहा है और महंगाई का बम रोजाना आम लोगों के घरों में फोड़ा जा रहा है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार इसको इस तरह से पेश करने का प्रयास कर रही है ताकि इसका असर अभी दिखाई न दे, क्योंकि कुछ ही दिनों में कई राज्यों के अंदर चुनाव हैं। भाजपा सरकार को चुनाव के अलावा किसी और चीज की चिंता होती नहीं है। इसलिए अभी इसके असर को कम करके दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में जिन उत्पादों के दाम बढ़े हैं, वह साफ इशारा है कि आने वाले दिन बेहद भयानक होने वाले हैं।

अनुराग ढांडा ने बताया कि पिछले दो महीने में कमर्शियल गैस के पांच बार अलग-अलग रेट बढ़ाए गए हैं और कुल मिलाकर कमर्शियल गैस सिलेंडर 525 रुपए महंगा हो चुका है। कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर दोनों में गैस तो एक ही जैसी होती है, लेकिन अभी घरेलू सिलेंडर के दाम सरकार ने रोक रखे हैं।

अगर समस्या है तो दोनों में ही है, लेकिन इसे इसलिए रोक रखा है कि जैसे ही चुनाव निपटेंगे, सरकार यह सारी वसूली आम लोगों से कर लेगी। कमर्शियल सिलेंडर महंगा होते ही सब जगह होटलों में खाना महंगा हो गया है। होटलों में खाना महंगा हुआ तो सभी एग्रीगेटर्स ने खाने की डिलीवरी भी महंगी कर दी है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि इसके अलावा प्रीमियम पेट्रोल पिछले एक महीने के अंदर 15 रुपए महंगा हो चुका है। सीमेंट के कट्टे 50 से 100 रुपए तक महंगे हो गए हैं। विमान ईंधन के दाम जिस तरीके से बढ़ाए गए हैं, उसमें घरेलू उड़ानों के लिए 8.5 फीसद और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 114 फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है।

इसका सीधा असर हवाई किराए पर होने वाला है। घरेलू उड़ान का किराया तुरंत 500 रुपए बढ़ जाएगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टिकट के दाम 200 डॉलर से ज्यादा बढ़ जाएंगे। रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली ब्रेड का रेट अचानक से 30 रुपए से बढ़कर 35 रुपए हो गया और पता भी नहीं चला। जूते-चप्पल 25 फीसद तक महंगे हो गए हैं।

अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि इस आग में घी डालने का काम सरकार भी कर रही है। अंतरराष्ट्रीय संकट की वजह से जो बोझ आ रहा है, वह तो आ ही रहा है, लेकिन सरकार ने अपनी तरफ से टोल टैक्स भी 5 फीसद महंगा कर दिया है। इन सभी चीजों का मूल उत्पाद कच्चा तेल है।

अगर प्रीमियम पेट्रोल, कमर्शियल गैस, सीमेंट और विमान ईंधन जैसी चीजों पर इतनी तेजी से दाम बढ़ रहे हैं, तो यह साफ इशारा है कि आम लोगों के ऊपर भी यह आफत बहुत जल्द फूटने वाली है। सरकार ने सिर्फ चुनाव की वजह से घरेलू ग्राहकों के लिए इसे बढ़ने से रोका हुआ है।

अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि ऐसी आपात स्थिति में जब देश इतनी गंभीर समस्या से जूझ रहा है और साफ नजर आ रहा है कि आगे का समय कितना भयानक होने वाला है, तब प्रधानमंत्री को क्या करना चाहिए? क्या उनको अपनी कैबिनेट और विशेषज्ञों के साथ बैठकर आगे आने वाले भयानक समय की तैयारी नहीं करनी चाहिए?

लेकिन हमारे प्रधानमंत्री को चुनाव प्रचार से फुर्सत नहीं है। अभी दो-तीन दिन पहले वह एक ऐसे एयरपोर्ट का फीता काटने गए हुए थे, जहां से पहली उड़ान दो-तीन महीने बाद उड़ेगी। लेकिन प्रधानमंत्री के लिए फीता काटना जरूरी है। मंगलवार को वह गुजरात के अंदर कहीं रोड शो कर रहे थे, कहीं रैली कर रहे थे, म्यूजियम का उद्घाटन कर रहे थे और कहीं रेल को हरी झंडी दिखा रहे थे।

आज प्रधानमंत्री असम में चाय की पत्तियां तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री जिस चीज को छू लेते हैं, वह महंगी हो जाती है, तो आने वाले समय में चाय के दाम भी बढ़ जाएंगे क्योंकि उन्होंने असम जाकर वहां चुनाव प्रचार करते हुए चाय को हाथ लगा दिया है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस वक्त पूरे देश में आम लोगों के घरों पर आफत टूट रही है, पूरा देश महंगाई के खौफ में है, लोग लाइनों में लगे हुए हैं और उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, जिस वक्त लोग इस संशय में लाइनों में लगे हैं कि उन्हें कल पेट्रोल मिलेगा या नहीं, क्या ऐसे समय में प्रधानमंत्री को यह शोभा देता है कि वह गंभीर संकट से जूझने और उस पर काम करने की बजाय चुनाव प्रचार करें, फीता काटें और जगह-जगह चुनावी रैलियां करें?

क्या राजनीति में सिर्फ चुनाव जीतना ही भाजपा का मकसद है? क्या उन्हें देश के लोगों की कोई परवाह नहीं है? क्या प्रधानमंत्री ने देश और देश के लोगों के प्रति जो संवैधानिक शपथ ली थी, उसकी उन्हें कोई फिक्र नहीं है?

अनुराग ढांडा ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को इस आफत में झोंका और अब इससे बचाने का कोई उपाय नहीं कर रहे हैं। शहरों से मजदूर वर्ग और गरीब लोगों ने अभी से पलायन शुरू कर दिया है। कोई मध्यम वर्गीय या अमीर व्यक्ति तो ब्लैक में 5000 रुपए का सिलेंडर भी मजबूरी में ले लेगा, लेकिन वह गरीब व्यक्ति जो रोजाना छोटे सिलेंडर में एक-एक किलो गैस भरवाकर अपना काम चलाता था, उसके पास इस आफत से बचने का कोई कानूनी तरीका नहीं है। वह ब्लैक में भी लेता है तो उसे एक किलो गैस 500 रुपए में मिल रही है।

सरकार आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए कुछ नहीं कर रही है। सरकार कह रही है कि उनके पास स्टॉक है। अगर स्टॉक है, तो जहां एक किमी लंबी लाइनें लगी हैं, लोग उतने ही सिलेंडर भरवाएंगे जितने उनके घर में होंगे, कहीं और जाकर नाले में तो गैस स्टोर कर नहीं लेंगे, जैसा कि प्रधानमंत्री कहते हैं।

अनुराग ढांडा ने कहा कि इसका मतलब यह है कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार देश को असली तस्वीर नहीं दिखाना चाहती। वह असली संकट पर कोई योजना नहीं बनाना चाहती और देश को जबरदस्ती एक आफत की तरफ धकेल रही है। प्रधानमंत्री ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि कोरोना जैसे हालात होने वाले हैं। अब ऐसा लगता है कि वे खुद प्रयास कर रहे हैं कि कोरोना जैसे हालात बनें, ताकि वे इस आपदा में अवसर तलाश कर अपने व्यापारी दोस्तों को खूब मुनाफा कमा सकें।



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