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Britain In Iran War: ब्रिटिश PM को सता रहा मारग्रेट थैचर वाला डर, खुलवाएंगे होर्मुज? ट्रंप से बनाई दूरी


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oi-Siddharth Purohit

Britain In Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने NATO सहयोगियों से इसमें मदद करने के लिए कहा तो सब ने हाथ खींच लिए। वहीं अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने 35 देशों (यूरोपियन यूनियन) का एक अलग गुट बना लिया है जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने या फिर इसके दूसरे विकल्प का रास्ता तैयार करेगा। खास बात ये है कि इसमें से अमेरिका को बाहर रखा है।

ब्रिटेन युद्ध में कूदने से कर दिया था मना

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और यूके के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। वजह यह है कि ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ युद्ध में और ज्यादा शामिल होने से इनकार कर दिया है। अपने भाषण में स्टार्मर ने कहा कि इस संघर्ष का असर यूके पर जरूर पड़ेगा, लेकिन सरकार लोगों की मदद के लिए कदम उठा रही है।

Britain In Iran War

पेट्रोल-डीजल पर साफ-साफ बताने का दबाव

यूके में विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार से सवाल कर रही हैं कि बढ़ती ऊर्जा लागत से लोगों को कैसे बचाया जाएगा। लिबरल डेमोक्रेट्स ने ऊर्जा बिल बढ़ाने से रोकने की मांग की है, जबकि ग्रीन पार्टी चाहती है कि जुलाई से पहले ही अरबों पाउंड की सब्सिडी देने का ऐलान किया जाए, क्योंकि तब रेट दोबारा तय होगा।

ऐसा क्यों कर रहा यूके?

एक्सपर्ट की मानें तो वहां भारत की तरह नहीं होता, कि जब सरकार की मर्जी हो तेल और गैस के दाम बढ़ाए जा सकते हैं, साथ ही जनता या विपक्ष को जवाब देने की भी जरूरत नहीं है। अचानक बढ़ी महंगाई पर ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों को जवाब और कई मामलों में इस्तीफा दोनों देने पड़े हैं। जेम्स कैल्हन 1976 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन उनके कार्यकाल के शुरू होते ही महंगाई बड़ी, जिसको लेकर मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी। इसके जवाब में कैल्हन ने वेतन पर कंट्रोल किया और बाद में कार्यकाल पूरा किए बिना ही 1979 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

थैचर भी हुईं थी महंगाई की शिकार

इसके अलावा एक और उदाहरण मारग्रेट थैचर का है जिन्हें पोल टैक्स और महंगाई की वजह से 1990 में इस्तीफा देना पड़ा था। कुछ ऐसा ही जॉन मेजर और लिज ट्रस के साथ हो चुका है। इसलिए कीर स्ट्रार्मर को इसी बात का डर है। अगर युद्ध जारी रहता है तो ब्रिटेन जुलाई में महंगाई का सामना करेगा और वहां गैस-तेल के दाम बढ़ने की आशंका है।

35 देशों की बैठक, होर्मुज को खोलने पर चर्चा

इस बीच यूके के विदेश सचिव 35 देशों की बैठक कर रहे हैं, जिसमें यूरोप और खाड़ी देश शामिल हैं। स्टार्मर ने कहा कि इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को युद्ध खत्म होने के बाद सुरक्षित और चालू करने के तरीकों पर बात होगी। उन्होंने माना कि यह आसान नहीं होगा, लेकिन यह यूके के हित में है। क्योंकि होर्मुज के बंद होने से ही तेल के दाम बढ़े हैं, हालांकि यूके में तेल के दाम जुलाई में बढ़ने की आशंका है, जिसको लेकर अभी से घबराहट लाजमी है।

ट्रंप की आलोचना के बीच UK का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में स्टार्मर की आलोचना की थी, क्योंकि उन्होंने अमेरिका को ईरान के खिलाफ हमलों के लिए यूके के ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके स्टार्मर थोड़ा नरम रुख लेकर चल रहे हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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Iran America War: ‘ईरान के नए राष्‍ट्रपति ने सीजफायर की लगाई गुहार’, ट्रंप ने किया दावा, बताई क्‍या हैं शर्तें


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oi-Bhavna Pandey

Iran America War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने चल रहे युद्ध के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्धविराम (सीजफायर) की गुजारिशकी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप किस ईरानी नेता का जिक्र कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने उनकी पहचान उजागर नहीं की है। हालांकि सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट के जरिए डोनाल्‍ड ट्रंप ने इस युद्धविराम के लिए अपनी शर्तें भी बताई हैं।

ट्रंप ने बताई शर्ते

ट्रंप ने साफ किया कि इस कथित सीजफायर के प्रपोजल परविचार करेगा जब ईरान होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोलेगा और वहां पर सुरक्षित मार्ग भी सुनिश्चित करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ईरान के ‘नए शासन’ के कथित राष्ट्रपति द्वारा उनसे संपर्क कर युद्धविराम की घोषणा करने के आग्रह के बाद आया है।

Iran America War

ट्रंप ने अपनी पोस्‍ट में ईरान के नए राष्‍ट्रपति की तारीफ

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के नए शासक को “पूर्व के राष्‍ट्रपतियों से कम कट्टरपंथी तथा अधिक बुद्धिमान” बताया। उन्होंने लिखा, उन्‍होंने अभी-अभी संयुक्त राज्य अमेरिका से ‘युद्धविराम’ का अनुरोध किया है!”हम तभी विचार करेंगे जब होर्मुज स्ट्रेट को खोलेगा और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध करवाएगा।

ट्रंप ने ईरान को तबाह करने की दोहराई धमकी

ट्रंप ने धमकी दी कि जब तक होर्मुज स्‍ट्रेट सुरक्षित रूप से खुल नहीं जाता। उन्‍होंने आगे कहा अमेरिका “ईरान को तबाह कर देगा या, जैसा कि कहा जाता है, ‘उन्‍हें हम पाषाण युग (Stone Ages) में वापस भेज देंगे।” ईरान ने अभी तक ट्रंप के सीजफायर अनुरोध के दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप की ये टिप्पणियां युद्ध की स्थिति को लेकर अमेरिकी नागरिकों को संबोधित करने से कुछ ही घंटे पहले आई हैं।

ट्रंप ने एक हफ्ते में युद्ध खत्‍म होने का किया था दावा

इससे पहले, मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका का ईरान में अभियान हफ्तों के भीतर समाप्त हो सकता है, भले ही तेहरान के साथ कोई औपचारिक समझौता न हो। व्हाइट हाउस में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका “बहुत जल्द” यानी “दो सप्ताह, शायद दो से तीन सप्ताह के भीतर” ईरान से “निकल जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सैनिक हटने से पहले “काम पूरा कर रहे थे।” ट्रंप ने विश्वास जताया, “मुझे बस ईरान छोड़ना है, और हम यह बहुत जल्द करेंगे, और वे (विपक्षी) बिखर जाएंगे।”

हालांकि, ईरान में युद्ध की स्थिति को लेकर अब तक अनिश्चितता बनी हुई है; यह कब और कैसे समाप्त होगा, इसकी स्पष्टता नहीं है। अमेरिका और इजरायल के बीच समन्वय को लेकर भी मिश्रित संकेत मिल रहे हैं।

इजरायल के नेतन्याहू बोले- जंग अभी खत्‍म नहीं हुई है

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान जारी रखने का संकल्प लिया। नेतन्याहू ने कहा, “यह अभियान खत्म नहीं हुआ है… हम आतंक के शासन को कुचलना जारी रखेंगे।” उन्होंने संकेत दिया कि अगर अमेरिका पीछे हटता भी है तो इजरायल ईरान पर हमले जारी रख सकता है।



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‘यहां पैसा कम मिलता है,’ एडम जैम्पा ने IPL को लेकर दिया विवादित बयान, PSL की सैलरी से पकड़ा गया झूठ


Cricket

oi-Naveen Sharma

Adam Zampa: ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जैम्पा (Adam Zampa) ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। दुनिया की सबसे अमीर लीग मानी जाने वाली आईपीएल (IPL) को लेकर जैम्पा ने दावा किया है कि भारतीय लीग में उन्हें उनकी काबिलियत के हिसाब से पर्याप्त पैसा नहीं मिलता है। इसी वजह से उन्होंने आईपीएल के बजाय पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को तवज्जो देने का फैसला किया है।

एडम जैम्पा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स जैसी बड़ी टीमों का हिस्सा रह चुके हैं, उन्होंनेहाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका मानना है कि आईपीएल के ऑक्शन में स्पिनर्स को अक्सर वह वैल्यू नहीं मिलती जो तेज गेंदबाजों या बल्लेबाजों को मिलती है।

Adam Zampa

जैम्पा का यह बयान चौंकाने वाला है क्योंकि आईपीएल का कुल बजट किसी भी अन्य लीग से कई गुना ज्यादा है। हालांकि पीएसएल में प्लेटिनम कैटेगरी के खिलाड़ियों को एक निश्चित बड़ी राशि मिलती है, जबकि आईपीएल में ऑक्शन की वजह से कभी-कभी बड़े खिलाड़ियों को कम बेस प्राइस पर रुकना पड़ता है। जैम्पा शायद इसी ऑक्शन सिस्टम से खुश नहीं हैं।

आईपीएल से कम मिल रहा पैसा

भारतीय फैंस का तर्क है कि आईपीएल के एक सीजन का बजट पीएसएल के पूरे टर्नओवर से ज्यादा है। जैम्पा ने बयानबाजी जरूर की है लेकिन पीएसएल में उनको आईपीएल से काफी कम पैसा मिल रहा है। भारत से मिलने वाली रकम से काफी कम पैसा वह पाकिस्तान में ले रहे हैं।

धन राशि में कितना आया अंतर

सनराइजर्स हैदराबाद ने उनको मेगा ऑक्शन के समय 2 करोड़ 40 लाख रुपये की धन राशि के साथ खरीदा था। पीएसएल में वह कराची किंग्स में शामिल हुए हैं। पाकिस्तान की करेंसी के हिसाब से वह 4 करोड़ 50 लाख में खेल रहे हैं, यही रकम भारतीय करेंसी में 1 करोड़ 51 लाख हो जाती है। पीएसएल से उनको पैसों के मामले में बड़ा नुकसान हुआ है लेकिन बयानबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं।

विवादों से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब जैम्पा ने आईपीएल से दूरी बनाई है। इससे पहले भी उन्होंने वर्कलोड मैनेजमेंट और निजी कारणों का हवाला देकर लीग के बीच से नाम वापस लिया है। लेकिन इस बार पैसे को आधार बनाना बीसीसीआई और आईपीएल फ्रेंचाइजी को नागवार गुजर सकता है।





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Chandigarh blast: चंड़ीगढ़ में BJP कार्यालय के सामने हुआ धमाका, स्‍कूटी में ब्लास्ट, जांच में जुटी पुलिस


Punjab CM भगवंत सिंह मान का दावा- अमेरिका और यूरोप की तरह अब पंजाब में सिर्फ 6 मिनट में पुलिस मदद मिलेगी



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Amaravati Capital Bill: आंध्र प्रदेश में खत्म हुआ ‘थ्री कैपिटल्स’ विवाद, अमरावती बनी स्थायी राजधानी


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oi-Smita Mugdha

Amaravati Capital Bill: आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद से ही प्रदेश की राजधानी को लेकर विवाद चल रहा था। पहले तीन राजधानी का फॉर्मूला था, लेकिन अब आखिरकार अमरावती के नाम पर मुहर लग गई है। राजनीति और विकास के लिहाज से एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमरावती कैपिटल बिल को पारित कर दिया है। इस फैसले के साथ ही राज्य की राजधानी को लेकर लंबे समय से जारी ‘थ्री कैपिटल्स’ विवाद पर विराम लग गया है।

यह बिल अमरावती को कानूनी और संवैधानिक आधार प्रदान करता है, जिससे राजधानी के रूप में इसकी स्थिति अब और मजबूत हो गई है। इससे पहले जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने तीन राजधानी (अमरावती, विशाखापत्तनम और कुर्नूल) का प्रस्ताव रखा था, जिसे लेकर राज्य में काफी राजनीतिक और सामाजिक विवाद पैदा हुआ था।

Amaravati Capital Bill

Amaravati Capital Bill: अमरावती ही होगी राजधानी

आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस बिल को पास कराकर स्पष्ट संदेश दिया है कि अमरावती ही राज्य की एकमात्र राजधानी रहेगी। इस कदम से खासतौर पर उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने पहले भूमि पूलिंग योजना में अपनी जमीन दी थी। भविष्य में राजधानी बदलने की आशंका के कारण दूसरे चरण में भाग लेने से हिचक रहे थे। अब फैसले के साथ ही किसानों के लिए यह बड़ी राहत है और उनकी सारी आशंकाएं खत्म हो गई है।

Andhra Pradesh में निवेश आकर्षित करने के लिहाज से अहम फैसला

सरकार के इस फैसले के बाद अब भूमि पूलिंग की प्रक्रिया को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। अमरावती क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है, जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य के निवेश माहौल को भी बेहतर बनाएगा। राजधानी को लेकर स्पष्टता आने से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी।

साथ ही, प्रशासनिक कार्यों में भी स्थिरता आएगी। अमरावती कैपिटल बिल का पास होना आंध्र प्रदेश के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जो न केवल राजनीतिक विवाद को खत्म करेगा, बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी नई दिशा देगा।



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Iran Vs America War: मोदी का मास्टरस्ट्रोक! पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 1,171 भारतीयों का ‘महा-रेस्क्यू’।


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oi-Sumit Jha

Iran Vs America War: विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती सक्रियता और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नीदरलैंड और पुर्तगाल के नेताओं से बात कर द्विपक्षीय संबंधों और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात पर चर्चा की, वहीं दूसरी ओर सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है।

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से अब तक 1,171 भारतीय नागरिकों, जिनमें भारी संख्या में छात्र शामिल हैं, को सुरक्षित सुरक्षित निकाला जा चुका है।

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नीदरलैंड के साथ मजबूत होते रिश्ते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन से टेलीफोन पर बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और आपसी सहयोग को और अधिक गहरा करना था। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और नीदरलैंड की साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस संवाद ने भविष्य के लिए नए रणनीतिक रास्तों को खोलने का काम किया है।

पश्चिम एशिया के संकट पर मंथन

दुनिया के इस अशांत हिस्से में शांति बहाली भारत की प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री मोदी और पुर्तगाल के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए हिंसा का रुकना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे शांति के लिए कूटनीतिक रास्तों का समर्थन करें। भारत का यह रुख दिखाता है कि वह एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

पुर्तगाल के साथ कूटनीतिक संवाद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पुर्तगाल के विदेश मंत्री पाउलो रेंगेल के बीच हुई बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ वैश्विक संघर्षों पर भी विचार साझा किए गए। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा युद्ध जैसी स्थितियों का समाधान केवल संवाद से ही संभव है। यह बातचीत यूरोप के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक तालमेल का एक अच्छा उदाहरण है, जिससे आने वाले समय में नए समझौते होने की उम्मीद है।

भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी

सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि ईरान से अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालना रही है। दूतावास की मदद से 1,171 भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इनमें 818 छात्र शामिल हैं जिन्हें ईरान की ज़मीनी सीमा से आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते निकाला गया। यह बचाव कार्य दिखाता है कि भारत सरकार संकट के समय दुनिया के किसी भी कोने में फंसे अपने नागरिकों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



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चंडीगढ़ BJP दफ्तर के बाहर ब्लास्ट: कर्मचारी की स्कूटी में प्लांट किया विस्फोटक, ऑफिस खाली कराया, पूरा इलाका सील – Chandigarh News




चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी के दफ्तर के बाहर ब्लास्ट हुआ है। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू की। मौके पर चंडीगढ़ पुलिस की कई टीमें पहुंची हैं। BJP दफ्तर को भी खाली करा दिया गया है। वहीं, ऑफिस में ही काम करने वाले हर्ष नाम के कर्मचारी ने बताया है कि उसकी ही स्कूटी में ब्लास्ट हुआ है। उसने सुबह यहां स्कूटी खड़ी की थी। हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसे यह नहीं पता कि इसमें ब्लास्ट कैसे हुआ? चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने बताया है कि पंजाब प्रदेश BJP दफ्तर के बाहर शाम करीब 5 बजे धमाका हुआ है। एक एक्टिवा दिखाई दे रही है। धमाके के बाद पार्टी दफ्तर की दीवार पर करीब 70 से 80 छर्रे लगे जैसे निशान हैं। उन्होंने बताया कि पास में खड़ी एक गाड़ी का शीशा भी टूटा हुआ है। मामले की पूरी जांच की जा रही है। पूरे इलाके को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। यह घटना उस समय हुई, जब पूरे शहर में पुलिस की तरफ से स्पेशल नाके लगाए जा रहे हैं। इससे पुलिस की चेकिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर पुलिस के सारे सीनियर अधिकार पहुंचे हैं। इस मौके पर बीजेपी के सीनियर नेता व प्रवक्ता विनीत जोशी ने बताया कि यह चिंता का विषय है। जोर की आवाज आई। दीवारों पर काफी सारे निशान हैं। लोग कहते हैं कि ये छर्रे हैं। पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची हैं। लो मैग्नीच्यूट का धमाका था, हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस समय ब्लास्ट हुआ है, उस समय वहां एक संदिग्ध स्कूटी खड़ी देखी गई। यह स्कूटी BJP ऑफिस के कॉल सेंटर में काम करने वाले एक युवक हर्ष की है। उसने आज सुबह 9 बजे दफ्तर के बाहर यह स्कूटी खड़ी की थी। इसी स्कूटी में ही ब्लास्ट हुआ है। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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एक फोन और सब खत्म! यह ट्रिक अपना लें कभी नहीं होंगे साइबर फ्रॉड का शिकार, क्रिमिनल भी पकड़ लेंगे अपना माथा


होमताजा खबरक्राइम

यह ट्रिक अपना लें कभी नहीं होंगे साइबर फ्रॉड का शिकार, क्रिमिनल पकड़ेंगे माथा

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Cyber Crime: साइबर क्राइम से बचने के कुछ आसान तरीके होते हैं. अगर आपने अपना लिया तो यकीनन कभी भी आपके साथ साइबर फ्रॉड नहीं हो पाएगा. साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल भी अपना माथा पकड़ लेंगे. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और इनेफू लैब्स के मालिक तरुण विग ने इसकी पूरी जानकारी दी है.

नई दिल्ली. भारत में बढ़ते हुए साइबर क्राइम कहीं ना कहीं लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. साइबर क्राइम को रोकने के लिए भारत सरकार की ओर से तमाम अभियान चलाए जा रहे हैं. सिस्टम बनाया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साइबर क्राइम से बचने के कुछ आसान तरीके होते हैं जिसे अगर आपने अपना लिया तो यकीनन कभी भी आपके साथ साइबर फ्रॉड नहीं हो पाएगा. साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल भी अपना माथा पकड़ लेंगे. साइबर क्राइम से बचने के कई उपाय होते हैं. इसके अलावा साइबर क्राइम का अगर आप शिकार हो भी गए तो कहां सबसे पहले शिकायत करें यह भी आज आपको बताएंगे.

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और इनेफू लैब्स के मालिक तरुण विग ने बताया कि साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता की बहुत ज्यादा जरूरत है. तमाम जागरूकता और अभियानों के बाद भी लोग डिजिटल अरेस्ट के शिकार हो रहे हैं. लोग फ्रॉड की बातों में आ जाते हैं और डर जाते हैं, लेकिन कुछ तरीके हैं जिसे आप अपना सकते हैं.

आधार और मोबाइल नंबर हर किसी को ना दें
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट तरुण ने बताया कि अपने डेटा को जितना हो सके प्राइवेट रखें. आपका निजी डेटा चाहे वो सोशल मीडिया पर हो या कहीं पर भी उसे हर किसी से साझा ना करें. निजी डेटा को हमेशा निजी ही रखें. अगर आप कहीं जाते हैं और कोई आपका आधार नंबर मांगता है या मोबाइल नंबर मांगता है तो हर जगह आधार नंबर और मोबाइल नंबर देने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है. आपका मोबाइल नंबर जहां एक बार कई लोगों के हाथ लगा तो आपके पास तमाम तरह की कॉल आने लग जाएगी. आपके मोबाइल नंबर से ही तमाम तरह का फ्रॉड हो सकता है, इसीलिए हर किसी को अपना नंबर बांटने से बचें. इसके अलावा हर एक मोबाइल एप्लीकेशन पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा लागू रखें. टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन आजकल हर एप्लीकेशन में है, जिसके जरिए फ्रॉड होने से बच सकेंगे.

प्ले स्टोर से बाहर की एप्लीकेशन डाउनलोड ना करें
उन्होंने बताया कि अगर आपके पास कोई लिंक भेजता है और कहता है कि इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लो इसमें तमाम फीचर्स हैं तो कभी भी उस बाहर की आई हुई मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड ना करें. ना ही उस लिंक पर क्लिक करें. ऐसा करने से आपका मोबाइल हैक हो सकता है. आपका डेटा चोरी हो सकता है. आपके साथ फ्रॉड हो सकता है. इसलिए जो भी एप्लीकेशन आपको डाउनलोड करनी है आप हमेशा गूगल प्ले स्टोर पर जाइए और वहीं से डाउनलोड करिए. लेकिन वहां पर भी अगर वह एप्लीकेशन आपसे तमाम तरह का डाटा मांग रही है जैसे आपकी कॉल एक्सेस, वीडियो और फोटो एक्सेस मांग रही है तो यकीनन आप बहुत जांच पड़ताल करके ही उस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करें.

यहां करें शिकायत
तरुण ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र में आप साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं. अब हर शहर में और जिले में एक साइबर क्राइम थाना भी है वहां भी जा सकते हैं. साइबर सेल में जा सकते है और अपने साथ हुई फ्रॉड की शिकायत कर सकते हैं. इसके अलावा एक टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर है जो 1930 है इस पर भी आप अपने साथ हुई धोखाधड़ी और साइबर क्राइम की शिकायत कर सकते हैं.

About the Author

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें



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RCB vs CSK Ticket Prices: धोनी के बिना भी जबरदस्त क्रेज! 65,800 में बिक रहा एक टिकट, टूट गए सारे रिकॉर्ड


Cricket

oi-Naveen Sharma

RCB vs CSK Ticket Prices: आईपीएल 2026 का सबसे प्रतीक्षित मुकाबला यानी RCB vs CSK अब बस कुछ ही दिन दूर है। 5 अप्रैल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले इस मैच ने शुरू होने से पहले ही तहलका मचा दिया है। हैरानी की बात यह है कि चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज एमएस धोनी (MS Dhoni) चोट के कारण टीम से बाहर हैं, लेकिन फिर भी टिकटों की मांग और उनकी कीमतें आसमान छू रही हैं।

चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के लिए टिकटों की कीमतें पिछले मैच (RCB vs SRH) के मुकाबले 1.5 गुना तक बढ़ गई हैं। ईद वृद्धि के पीछे कारण भी बड़ा अहम है, आरसीबी और चेन्नई दोनों के बड़ी संख्या में फैन्स हैं।

RCB vs CSK Ticket Prices

RCB vs CSK Ticket Prices: क्या है टिकट के दाम

शुरुआती कीमत: सबसे सस्ता टिकट 4,675 से शुरू हो रहा है (जो पिछले मैच में 3,785 था)।

प्रीमियम और लग्जरी: अगर आप लग्जरी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो कॉर्पोरेट और प्लैटिनम लाउंज की कीमत 35,000 से 65,800 तक जा पहुंची है।

मिड-रेंज: प्यूमा बी, बोट सी और ई स्टैंड जैसे लोकप्रिय स्टैंड्स के टिकट 5,850 से 7,800 के बीच हैं।

बढ़ी हुई इन कीमतों को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि धोनी फैक्टर न होने के बावजूद विराट कोहली बनाम रुतुराज गायकवाड़ की जंग देखने के लिए फैंस इतनी भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं। यह आईपीएल की ब्रांड वैल्यू का असली सबूत है।

टिकट के साथ मेट्रो राइड फ्री

RCB फ्रेंचाइजी ने फैंस के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक खास पहल की है। हर वैध टिकट के साथ मैच के दिन फ्री मेट्रो राइड की सुविधा दी जा रही है। डिजिटल टिकट के साथ मिलने वाले क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करके फैंस स्टेडियम तक मुफ्त सफर कर सकेंगे। फ्रेंचाइजी ने सख्त हिदायत दी है कि टिकट केवल RCB की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से ही खरीदें। टिकट आज ही बिकने वाले हैं।



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IND vs ZIM Schedule: जिम्बाब्वे दौरे पर जाएगी टीम इंडिया, 3 टी20 मैचों का शेड्यूल हुआ घोषित


Cricket

oi-Naveen Sharma

IND vs ZIM Schedule: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांच के बाद, टीम इंडिया एक बार फिर एक्शन में नजर आएगी। जिम्बाब्वे क्रिकेट (ZC) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि भारतीय टीम जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। यह दौरा भले ही छोटा है, लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह पक्की करने का यह सुनहरा मौका होगा।

इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि सभी मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। इससे खिलाड़ियों को बार-बार यात्रा करने की थकान नहीं होगी और वे खेल पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे। इसके अलावा एक और अहम घोषणा यह भी हुई है कि ज़िम्बाब्वे की टीम एक साल बाद भारत दौरे पर आएगी।

IND vs ZIM Schedule

IND vs ZIM Schedule (भारत के ज़िम्बाब्वे दौरे का शेड्यूल, टी20 मैच)

तारीख दिन वेन्यू
23 जुलाई गुरुवार

हरारे स्पोर्ट्स क्लब

25 जुलाई शनिवार

हरारे स्पोर्ट्स क्लब

26 जुलाई रविवार

हरारे स्पोर्ट्स क्लब

2024 का वो शानदार दौरा

आपको याद होगा कि साल 2024 में भी भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद जिम्बाब्वे का दौरा किया था। तब शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने 5 मैचों की सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। उस दौरे पर अभिषेक शर्मा का शतक और वाशिंगटन सुंदर की फिरकी ने सबका दिल जीत लिया था। इस बार भी उम्मीद है कि बीसीसीआई सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर यंग ब्रिगेड को मैदान पर उतारेगी।

सूत्रों के अनुसार जिम्बाब्वे क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर गिवमोर माकोनी ने इस सीरीज को लेकर काफी उत्साह जताया है। उनका मानना है कि विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ खेलना जिम्बाब्वे के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन टेस्ट होगा। हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में जिम्बाब्वे के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, यह सीरीज काफी टक्कर वाली होने वाली है।

2027 में भारत आएगी जिम्बाब्वे टीम

क्रिकेट का यह आदान-प्रदान यहीं नहीं रुकेगा। जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे की टीम 3 मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारत का दौरा करेगी। कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में तीन एकदिवसीय मुकाबले खेले जाएंगे।



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