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दतिया विधायक राजेंद्र भारती को जेल: भूमि विकास बैंक घोटाले में दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने माना दोषी; फर्जीवाड़ा कर FD की अवधि बढ़वाई थी – datia News




मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली MP-MLA कोर्ट ने भूमि विकास बैंक से जुड़े मामले में बुधवार को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तिहाड़ जेल भेज दिया है। विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम बैंक में 10.50 लाख रुपए की एफडी तीन साल के लिए कराई थी, जिस पर 13.50% ब्याज मिल रहा था। आरोप है कि बाद में एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई। इसी मामले में बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसे धोखाधड़ी का मामला माना और केस दर्ज करने के आदेश दिए। दतिया से कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक दांगी ने बताया कि विधायक राजेंद्र भारती को न्यायालय ने अभी केवल दोषी ठहराया है। कितनी सजा दी गई है, या क्या दंड दिया गया है। इस का अभी कोई अपडेट न्यायालय से नहीं आया है। 25 साल पहले की थी गड़बड़ी यह मामला करीब 25 साल पुराना है, जब दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक दतिया के अध्यक्ष थे। उसी दौरान उन्होंने अपनी मां स्व. सावित्री देवी के नाम पर 1998 में 10 लाख रुपये की एफडी (सावधि जमा) कराई, जिसकी अवधि 3 साल थी। उस समय 13.5% वार्षिक ब्याज मिल रहा था। आरोप है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने नियमों के विपरीत हर साल एफडी का ब्याज अलग से निकलवाया, जबकि नियमानुसार ब्याज और मूलधन मैच्योरिटी के बाद ही दिया जाता है। इस तरह तीन साल तक नियमों के खिलाफ भुगतान कराया गया। कागजों में छेड़छाड़ कर बढ़ाई गई एफडी की अवधि आरोप है कि 2001 में जब एफडी की अवधि पूरी होने वाली थी और बाजार में ब्याज दरें कम हो गई थीं, तब राजेंद्र भारती ने पद का दुरुपयोग कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अवधि 3 साल और बढ़ा दी। इसके बाद भी उन्होंने 13.5% की ऊंची ब्याज दर पर हर साल ब्याज लिया। आरोप है कि 2004 में फिर दस्तावेजों में बदलाव कर एफडी की अवधि करीब 10 साल और बढ़ा दी गई, जिससे उन्हें ज्यादा ब्याज मिलता रहा। यह पूरा खेल फर्जी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में बदलाव से किया गया। 2003 में सामने आया मामला, जांच में मिले सबूत बैंक प्रबंधन को गड़बड़ी की जानकारी 2003 में मिली, जिसके बाद आंतरिक जांच शुरू हुई। जांच में राजेंद्र भारती और उनकी मां को दोषी पाया गया। इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम और दतिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट में दस्तावेजी साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश (IPC 420, 467, 468, 471, 409, 120B) में मामला दर्ज कर पुलिस जांच के आदेश दिए। जांच के दौरान बैंक के एक कर्मचारी को भी आरोपी बनाया गया। हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई, फिर दिल्ली MP-MLA कोर्ट ट्रांसफर हुआ केस इस केस में राजेंद्र भारती ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक याचिकाएं दायर कीं, लेकिन राहत नहीं मिली। बाद में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की कि मध्यप्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, जिसके बाद मामला दिल्ली की स्पेशल सेशन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। पहले यह मामला दतिया कोर्ट में चला, फिर MP-MLA कोर्ट ग्वालियर और दिल्ली में सुनवाई हुई। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले में दोष सिद्ध माना है। ………………………………… यह खबर भी पढ़ें कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा बने रहेंगे विजयपुर विधायक: SC ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी को बरकरार रखते हुए एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया था। पढ़ें पूरी खबर…



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कौन हैं 27 साल की Sona Dey? खेसारी लाल यादव के साथ सरेआम किया रोमांस? ‘कमर में दागी’ ने काटा बवाल


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Sona Dey and Khesari Lal Yadav: भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव एक बार फिर अपने नए गाने के साथ इंटरनेट पर छा गए हैं। उनका लेटेस्ट ट्रैक ‘कमर में दागी’ रिलीज होते ही यूट्यूब पर ट्रेंड करने लगा है और फैंस के बीच जबरदस्त चर्चा में है।

गाने ने रिलीज होते ही मचाया तहलका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘कमर में दागी’ गाने को रिलीज हुए अभी कुछ घंटे ही हुए हैं और इसने 11 लाख से ज्यादा व्यूज बटोर लिए हैं। आपको बता दें कि ये गाना लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है। ये आंकड़े बताते हैं कि खेसारी का क्रेज फैंस के बीच कितना जबरदस्त है।

Sona Dey

सोना डे संग खेसारी लाल यादव का रोमांस

-हालांकि ‘कमर में दागी’ गाने में सबसे ज्यादा जिसने लोगों का ध्यान खींचा है वो हैं इसकी एक्ट्रेस सोना डे। इस गाने में खेसारी लाल यादव और सोना डे की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।

-गाने के वीडियो में खेसारी लाल यादव का रोमांटिक अंदाज देखने को मिल रहा है। खोसारी लाल यादव और सोना डे के बीच कई ग्लैमरस और एंटरटेनिंग सीन हैं। आपको बता दें कि गाने की लंबाई करीब 3 मिनट 20 सेकेंड है।

खेसारी लाल यादव और शिल्पी राज की आवाज ने लगाया तड़का

गाने को खेसारी लाल यादव और शिल्पी राज ने अपनी आवाज दी है। गाने के बोल कुंदन प्रीत ने लिखे हैं जबकि म्यूजिक रोशन सिंह ने दिया है। म्यूजिक और बोल दोनों ही फैंस को झूमने पर मजबूर कर रहे हैं। गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फैंस के कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोगों के रिएक्शन्स से साफ है कि गाना फैंस के दिल में जगह बना चुका है।

कौन हैं सोना डे?

-सोना डे एक पॉपुलर डांसर, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। 27 साल की सोना डे कोलकाता से ताल्लुक रखती हैं। कम उम्र से ही वह डांस की दुनिया में काफी एक्टिव हैं। वह टीवी के पॉपुलर डांस रिएलिटी शोज जैसे डांस इंडिया डांस और इंडियाज बेस्ट डांसर की एक्स कंटेस्टेंट रह चुकी हैं।

-सोशल मीडिया पर सोना डे की बड़ी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर 9.1 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल पर 2.5 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ, सोना डे डांस रील और व्लॉग्स के लिए जानी जाती हैं।

-सोना डे अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में रह चुकी हैं। उन्होंने सुर्खियां तब बटोरी थीं, जब उनका MMS वीडियो लीक हुआ था। इसके बाद से ही सोना डे (Sona Dey Video) का नाम अक्सर चर्चाओं में रहता है। साल 2024 में सोना डे का MMS Video लीक हुआ था, जिसके बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया गया था। सोना डे फिलहाल डांसर मुकुल गेन को डेट कर रही हैं।

भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री में फिर छाए खेसारी लाल यादव

लगातार हिट गाने देने वाले खेसारी लाल यादव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे बड़े ट्रेंडसेटर हैं। कमर में दागी की रफ्तार को देखकर कहा जा सकता है कि ये गाना आने वाले दिनों में और भी बड़े रिकॉर्ड बना सकता है।



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अडानी पोर्ट्स ने 500 मिलियन टन कार्गो हैंडलिंग का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार


India

oi-Ankur Sharma

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ), जो भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी और प्रमुख पोर्ट डेवलपर है, ने 500 मिलियन टन से ज़्यादा कार्गो को हैंडल करके एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। यह इसकी विकास यात्रा और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, दोनों में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह उपलब्धि भारत के लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज़ी से विस्तार को दर्शाती है, जिसमें APSEZ व्यापार और औद्योगिक विकास के एक प्रमुख माध्यम के रूप में उभरा है। 1998 में एक अकेले बंदरगाह-आधारित पहल के रूप में जो सफ़र शुरू हुआ था, वह अब भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 19 बंदरगाहों और टर्मिनलों के एक विशाल नेटवर्क में बदल चुका है।

APSEZ

चेयरमैन गौतम अडानी ने इस उपलब्धि को एक संख्यात्मक उपलब्धि से कहीं ज़्यादा बताया और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता तथा आर्थिक आत्मविश्वास को आकार देने में बंदरगाहों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कंपनी की विकास यात्रा को संभव बनाने का श्रेय ग्राहकों, साझेदारों, कर्मचारियों और सरकारी सहयोग को दिया।

कंपनी ने बताया कि समय के साथ उसका विस्तार तेज़ी से हुआ है। जहाँ पहले 100 मिलियन टन कार्गो तक पहुंचने में 16 साल लगे थे, वहीं उसके बाद इसमें बहुत तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जो बेहतर कार्यक्षमता, पैमाना और परिचालन क्षमता को दर्शाता है। APSEZ एक विशाल एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का संचालन करता है, जिसमें भारत के समुद्र तट पर स्थित 15 बंदरगाह और प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्गों पर स्थित चार अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह शामिल हैं। इसका लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर भारत के लगभग 95 प्रतिशत भीतरी इलाकों को जोड़ता है और इसमें मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, रेल परिचालन, ट्रकिंग बेड़े, भंडारण सुविधाएँ और कृषि-साइलो शामिल हैं। कंपनी अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्रों में कार्गो की आवाजाही में सहायता के लिए एक बड़ा समुद्री बेड़ा भी रखती है।

अभी 633 मिलियन टन प्रति वर्ष की कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ, APSEZ भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। कंपनी ने 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो थ्रूपुट तक पहुँचने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह मील का पत्थर भारत के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के प्रयासों को और मज़बूत करता है, और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते महत्व को भी उजागर करता है।



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निशिकांत दुबे ने माफी मांगी, कहा- बीजू पटनायक बड़े नेता: पहले बताया था CIA और नेहरु के बीच की कड़ी; अब बोले- मेरे बयान को गलत समझा


नई दिल्ली50 मिनट पहले

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बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर दिए बयान को लेकर माफी मांग ली है। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे। मेरे बयान से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं।’

उन्होंने कहा की उनके बयान उनकी निजी राय थी और उसे गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेहरू जी पर कही गई बात को बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया, जो सही नहीं है।

दरअसल, 27 मार्च को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दुबे ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 के युद्ध में अमेरिका और CIA की मदद ली थी और बीजू पटनायक अमेरिका, CIA और नेहरू के बीच कड़ी थे।

सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट।

सोशल मीडिया पर निशिकांत दुबे का पोस्ट।

PM मोदी ने बीजू पटनायक की तारीफ की

इस विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बीजू पटनायक की तारीफ की। उन्होंने उन्हें देश निर्माण के लिए समर्पित नेता और साहस का प्रतीक बताया।

दुबे के बयान के बाद ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की थी।

भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में पटनायक ने कहा था की भाजपा सांसद का बयान आपत्तिजनक है और उन्हें मेंटल डॉक्टर की जरूरत है।

BJD ने सोमवार को निशिकांत दुबे की टिप्पणी के विरोध में राज्यसभा से वॉकआउट किया था। कार्यवाही शुरू होते ही सस्मित पात्रा ने कहा, ‘निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक को CIA एजेंट बताया है, जो पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बयान है।’

BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था।

BJD सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को राज्यसभा में निशिकांत दुबे की टिप्पणी का विरोध किया था।

निशिकांत ने कहा था नेहरु ने अमेरिकी पैसे से युद्ध लड़ा

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 27 मार्च को दावा किया था कि नेहरू ने 1962 का चीन युद्ध अमेरिकी पैसे और CIA एजेंटों की मदद से लड़ा। दुबे ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर नेहरू के दो पत्र जारी किए, जिनमें अधिकारियों, खासतौर पर अमेरिकी राजदूत को निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा- 1963-64 में अमेरिका के कहने पर नंदा देवी पर एक न्यूक्लियर डिवाइस लगाया गया, जो आज तक नहीं मिला है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि ओडिशा का चारबतिया एयरबेस, जिसमें बीजू पटनायक की भूमिका थी, U-2 जासूसी विमानों के लिए बनाया गया था और 1963 से 1979 तक अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया।

बीजू पटनायक स्वतंत्रता सेनानी और दो बार CM रहे

बीजू पटनायक दो बार (1961-63, 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। वे स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे। 1947 में इंडोनेशियाई सेनानियों को बचाने के लिए जकार्ता उड़ान जैसे मिशनों के लिए जाने जाते हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

17 अप्रैल 1997 को उनके निधन के बाद उनके बेटे नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल की स्थापना की। नवीन पटनायक 5 मार्च 2000 से 12 जून 2024 तक लगातार पांच बार ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे।

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नवीन पटनायक बोले- निशिकांत दुबे को मेंटल डॉक्टर की जरूरत:भाजपा सांसद ने कहा था- बीजू पटनायक नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी के बीच कड़ी थे

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ओडिशा के पूर्व CM और बीजू जनता दल (BJD) चीफ नवीन पटनायक ने सोमवार को पिता बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की आलोचना की। पूरी खबर पढ़ें…



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LSG vs DC Live Streaming: आज इकाना में मचेगा गदर! ऋषभ और केएल राहुल की साख दांव पर, FREE में यहां देखें मैच


Cricket

oi-Sohit Kumar

LSG vs DC Live Streaming: IPL 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज यानी 1 अप्रैल को सीजन के 5वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Cricket Stadium) में खेला जाएगा। पिछले सीजन में दोनों ही टीमों का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा था, लेकिन इस बार नए जोश और नई रणनीतियों के साथ दोनों टीमें मैदान पर उतर रही हैं।

लखनऊ बनाम दिल्ली के मैच का टॉस शाम 7:00 बजे होगा और पहली गेंद 7:30 बजे फेंकी जाएगी। पिछले साल दोनों टीमों का प्रदर्शन काफी हद तक एक जैसा रहा था, और अब दोनों ही टीमें इस नए सीजन में अपने अधूरे कामों को पूरा करने के इरादे से उतर रही हैं।

KL Rahul with teammates

LSG vs DC: पिछले सीजन कैसा रहा लखनऊ और दिल्ली का प्रदर्शन?

दिल्ली ने IPL 2025 की शुरुआत जबरदस्त फॉर्म में की थी, अपने शुरुआती छह मैचों में से पांच जीते थे, लेकिन उसके बाद उनकी लय अचानक बिगड़ गई और अगले आठ मैचों में वे सिर्फ दो ही जीत हासिल कर पाए, जिसके चलते वे प्लेऑफ में जगह बनाने से चूक गए। लखनऊ की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। शुरुआत में चार जीत हासिल करने के बाद टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता गया, और वे सातवें स्थान पर खिसक गए।

कप्तान ऋषभ पंत की फॉर्म पर टिकी नजर

LSG की बल्लेबाजी एक बार फिर उनके अनुभवी बल्लेबाज़ों के इर्द-गिर्द ही घूमेगी। हालांकि, उनकी गेंदबाज़ी की गहराई को लेकर अभी भी कुछ चिंताएं बनी हुई हैं, जो कागज़ों पर थोड़ी कमज़ोर नज़र आती है। कप्तान ऋषभ पंत की फॉर्म पर भी सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि लखनऊ की टीम एक बार फिर अपना सही बैलेंस हासिल करने की कोशिश में है।

दूसरी ओर, दिल्ली की टीम थोड़ी ज़्यादा बैलेंस नज़र आती है, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों का एक मज़बूत ग्रुप टीम को स्थिरता प्रदान करता है। हालांकि, मिचेल स्टार्क की गैरमौजूदगी से उनकी नई गेंद की गेंदबाज़ी थोड़ी कमज़ोर ज़रूर हुई है, लेकिन DC के पास इतनी गहराई और विविधता मौजूद है कि वे टूर्नामेंट के शुरुआती चरणों में इस कमी को पूरा कर सकें।

LSG बनाम DC टेलीकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग की जानकारी

IPL 2026 में 1 अप्रैल (बुधवार) को किन टीमों के बीच मुकाबला होगा?
IPL 2026 के 5वें मैच में 1 अप्रैल (बुधवार) को लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला होगा।

LSG बनाम DC IPL 2026 मैच का वेन्यू (जगह) क्या है?
लखनऊ का इकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले IPL 2026 मैच की मेज़बानी करेगा।

LSG बनाम DC मैच के लिए लाइव टॉस कब होगा?
LSG बनाम DC क्रिकेट मैच के लिए लाइव टॉस 1 अप्रैल को शाम 7:00 बजे IST पर होगा।

कौन से टीवी चैनल पर LSG vs DC मैच का सीधा प्रसारण करेंगे?
लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के स्टार स्पोर्ट्स 2 HD/SD पर अंग्रेज़ी कमेंट्री के साथ उपलब्ध होगा।

LSG बनाम DC मैच की लाइव स्ट्रीमिंग कैसे देखें?
JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर LSG बनाम DC मैच की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।



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ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल: सोशल मीडिया पर शेयर पीडीएफ खोलने पर ‘April Fool’ निकला


नई दिल्ली24 मिनट पहले

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एक अप्रैल को सोशल मीडिया पर ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ। इसके पीडीएफ के ऊपरी हिस्से पर सत्यमेव जयते के साथ अशोक चक्र दिख रहा है। जब इसे खोला गया तो यह ‘अप्रैल फूल’ का मजाक निकला। कई लोगों ने इसे फॉरवर्ड किया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर इसके फेक होने की सच्चाई सामने आई।

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सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा…

लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था…

  • संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू: लॉकडाउन की अफवाह कौन उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक, यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं।
  • पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी: लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें।
  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं।
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जानिए अप्रैल फूल डे के बारे में

अप्रैल फूल डे हर साल 1 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन लोग मजाक करते हैं, एक-दूसरे को हल्के-फुल्के तरीके से बेवकूफ बनाते हैं और फिर कहते हैं- अप्रैल फूल! माना जाता है कि 16वीं सदी में फ्रांस में जब नया साल 1 अप्रैल से बदलकर 1 जनवरी कर दिया गया, तब जो लोग पुरानी तारीख पर ही नया साल मनाते रहे, उनका मजाक उड़ाया गया। धीरे-धीरे यह परंपरा दुनिया के कई देशों में फैल गई।

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PM मोदी की ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, कहा- मिलकर काम करें और तैयारियां मजबूत रखें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा था कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



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ईरान युद्ध के बीच लॉकडाउन का फेक नोटिस वायरल: सोशल मीडिया पर शेयर पीडीएफ ‘April Fool’ निकला; मंत्री की अफवाह न फैलाने की अपील


नई दिल्ली1 मिनट पहले

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सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर मंगलवार को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ तेजी से वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की।

मंगलवार को वायरल हुए इस संदेश में दावा किया गया कि अमेरिका-ईरान तनाव के चलते भारत में ‘वार लॉकडाउन’ लगाया जा सकता है और लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है। नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया।

हालांकि, दस्तावेज को अंत तक खोलने पर सच्चाई सामने आई। आखिरी हिस्से में केवल ‘April Fool’ लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था।



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Assam Polls 2026: असम में फिर खिलेगा ‘कमल ‘या ‘पंजा’ करेगा कमाल? ताजा सर्वे ने बताई किसको कितनी सीटें?


India

oi-Ankur Sharma

Assam Polls 2026: असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए चुनावी मंच सज चुका है, 9 अप्रैल को यहां पर मतदान होगा, जिसमें जनता राजनेताओं के भाग्य का फैसला करने वाली है, सभी के दिमाग में केवल एक ही प्रश्न चल रहा कि इस बार राज्य में किसकी सरकार बनने वाली है? क्या बीजेपी की सत्ता में वापसी होगी या फिर कांग्रेस बड़ा कमाल करेगी? इस बात का पता तो 4 मई को चलेगा, जब चुनानी नतीजे सामने आएंगे।

लेकिन जनता के फैसले से पहले ‘वोट ट्रैकर’ का ओपिनियन पोल सामने आया है, जिसे कि सीएनएन-न्यूज18 पर जारी किया गया है। इस ओपिनियन पोल के मुताबिक, राज्य में भारतीय जनता पार्टी की फिर से वापसी हो रही है जबकि कांग्रेस को एक बार फिर से हार का मुंह देखना पड़ेगा।

Assam Polls 2026

सर्वे के मुताबिक 126 सदस्यों वाली असम विधानसभा में, BJP को 69 से 73 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वह अकेले ही बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। इसके विपरीत, कांग्रेस (INC) को 22 से 26 सीटें मिलने की उम्मीद है, जो कि सत्ताधारी पार्टी को चुनौती देने के लिए काफ़ी कम है।

Assam Polls 2026 के मुताबिक बीजेपी की वापसी

मालूम हो कि साल 2021 के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने कुल 75 सीटें जीती थीं, जिनमें से 60 सीटें अकेले भारतीय जनता पार्टी के खाते में आई थीं, सर्वे के मुताबिक बीजेपी की सीटें इस बार बढ़ने वाली हैं। सर्वे के मुताबिक NDA की ताकत इस बढ़त को और भी मजबूत करती है। गठबंधन के सहयोगी दल, जैसे कि असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF), से क्रमशः 8-11 सीटें और 8-9 सीटें मिलने का अनुमान है।

Assam Opinion Polls 2026 को कांग्रेस को खानी पड़ेगी मुंह

कुल मिलाकर, NDA की सीटों की संख्या 90 के आंकड़े के करीब पहुंचने की उम्मीद है, जो न केवल जीत का, बल्कि एक निर्णायक जनादेश का भी संकेत है। वहीं दूसरी ओर, AIUDF, रायजोर दल, UPPL, AJP, CPI(M) और निर्दलीय उम्मीदवारों जैसे अन्य राजनीतिक दलों के हाशिए पर ही रहने की उम्मीद है।

BJP को 39 प्रतिशत वोट मिलेंगे: Opinion Polls 2026

वोट प्रतिशत की बात करें तो BJP को 39 प्रतिशत वोट मिलेंगे, जबकि कांग्रेस 36.5 प्रतिशत वोटों के साथ उसके ठीक पीछे है। अगर ये सर्वे सही साबित होता है तो निश्चित रूप से कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।

क्या था असम विधानसभा चुनाव 2021 परिणाम

असम विधानसभा चुनाव भारतीय राज्य असम में 27 मार्च से 6 अप्रैल तक तीन चरणों में चुनाव हुए थे, परिणाम 2 मई को घोषित हुए थे। असम की 14वीं विधानसभा का कार्यकाल 31 मई 2021 को समाप्त हुआ। इस चुनाव में सत्ताधारी भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 75 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, इसमें 60 सीटें अकेली बीजेपी की थीं।



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बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं: SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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फाइल फोटो।

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी।

हाईकोर्ट ने बताया गया है कि हर दिन लगभग 1.75 लाख से 2 लाख आपत्तियों को निपटाया किया गया। सभी लंबित आपत्तियों का निपटारा 7 अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा, ‘हम इन आंकड़ों से काफी खुश हैं।’ सुप्रीम कोर्ट अब 6 अप्रैल को बंगाल SIR के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।

बंगाल में SIR के बाद 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई थी। इसमें 7.04 करोड़ वोटर के नाम थे। लगभग 60 लाख नाम न्यायिक जांच के दायरे में रखे गए। इन्हें वोटर लिस्ट में रखने या हटाने पर फैसले के लिए 705 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया था।

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EC ने 19 ट्रिब्यूनल बनाए, इन्हें वोटरों के नाम जोड़ने-हटाने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने बताया कि चुनाव आयोग ने 19 अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित करने की अधिसूचना भी जारी कर दी है। इन ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस और जज करेंगे।

ये ट्रिब्यूनल मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने से जुड़ी अपीलों की सुनवाई 7 अप्रैल तक करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल को वोटर लिस्ट में गलत तरीके से जोड़े या हटाए नामों को सुधारने का अधिकार भी दिया। इससे पहले 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने ही अपीलीय ट्रिब्यूनल बनाने का निर्देश दिया था।

कोर्ट ने कहा- वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ लोगों की अपील सुन रहे ट्रिब्यूनल नए दस्तावेजों को स्वीकार कर सकते हैं। हालांकि बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

पहले कोर्ट ने कहा था कि अपीलीय ट्रिब्यूनल ऐसे नए दस्तावेज स्वीकार नहीं करेंगे, जो पहले जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं किए गए थे। हालांकि अब कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने चिंता जताई कि नए वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए एक साथ बड़ी संख्या में फॉर्म-6 जमा किए जा रहे हैं। इसपर कोर्ट ने कहा- जब तक कोई चीज रिकॉर्ड में न हो, हम जुबानी दलीलों के आधार पर कोई फैसला नहीं कर सकते।

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चुनाव आयोग सप्लीमेंट्री लिस्ट में वैध वोटरों के नाम जारी कर रहा

चुनाव आयोग जांच के दायरे में आए 60 लाख वोटरों में से वैध वोटरों के नाम सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में जारी कर रहा है। आयोग अब तक 4 सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी कर चुका है।

30 मार्च को चौथी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की गई। हालांकि, आयोग ने यह नहीं बताया कि इस सूची में कितने नाम जोड़े गए हैं या हटाए गए हैं।

24 मार्च: SC ने कहा था- बंगाल छोड़कर सभी जगह SIR ठीक से हुआ

इससे पहले पिछली सुनवाई में CJI सूर्यकांत ने मौखिक रूप से कहा था कि पूरे देश में SIR प्रक्रिया सुचारु रूप से हुई, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसमें दिक्कतें सामने आईं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में भी जटिल मुद्दे थे, फिर भी कुल मिलाकर वहां सबकुछ ठीक रहा।

बेंच ने यह भी संकेत दिया कि इस पूरी प्रक्रिया के लॉजिस्टिक (प्रबंधन) की जिम्मेदारी कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिल को दी गई है। साथ ही पक्षों को सलाह दी गई कि अगर कोई विशेष समस्या बनी रहती है, तो वे उसे कोर्ट के सामने रखें।

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कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प: ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की

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कोलकाता में चुनाव आयोग ऑफिस (ECO) के बाहर मंगलवार को भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया। इधर बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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खूबसूरती में चीन-जापान को मात देते हैं नॉर्थ ईस्ट के ये 5 शहर, विदेशी भी हैं दीवानें


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Most beautiful cities in North East India : जब भी हम हसीन वादियों और साफ-सुथरे शहरों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे जेहन में स्विट्जरलैंड, जापान या चीन के नाम आते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे अपने देश के पूर्वोत्तर (North East) में कुछ ऐसे शहर हैं, जिनकी प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता के आगे बड़े-बड़े विदेशी शहर भी फीके पड़ जाते हैं? बादलों से ढके पहाड़, क्रिस्टल जैसी साफ नदियां और मखमली हरियाली—नॉर्थ ईस्ट के ये पांच शहर किसी जन्नत से कम नहीं हैं. यही वजह है कि अब भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानी भी इनके दीवाने हो रहे हैं.

North East India travel tips in Hindi : नॉर्थ ईस्ट का जिक्र हो और मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग(shillong) का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. इसे ‘पूर्व का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है. यहाँ की एलीफेंट फॉल्स और शिलॉन्ग पीक की खूबसूरती देखते ही बनती है. अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो यहाँ के पाइन के जंगल और ठंडी हवाएं आपका दिल जीत लेंगी. शिलॉन्ग न केवल अपनी प्रकृति बल्कि अपने बेहतरीन म्यूजिक कल्चर और फैशन के लिए भी जाना जाता है. (All Image Credit: Canva)

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सिक्किम की जान और हिमालय की गोद में बसा गंगटोक अपनी स्वच्छता और व्यवस्थित सड़कों के लिए मशहूर है. यहाँ से कंचनजंगा की चोटियों का जो नजारा दिखता है, वैसा पूरे एशिया में कहीं नहीं मिलेगा. गंगटोक में स्थित बौद्ध मठ और एमजी मार्ग (MG Marg) की रौनक आपको यूरोपीय देशों की याद दिला देगी. यहाँ की ताजी हवा और शांत वातावरण उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो खुद को ‘रीचार्ज’ करना चाहते हैं.

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अरुणाचल प्रदेश का तवांग एक ऐसा शहर है जिसे देखकर आपको यकीन नहीं होगा कि आप भारत में हैं. करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह शहर अपने प्राचीन मठों और जमी हुई झीलों के लिए जाना जाता है. यहाँ की शांति और आध्यात्मिकता चीन के किसी भी हिल स्टेशन से कहीं बेहतर है. सर्दियों में जब तवांग सफेद बर्फ की चादर से ढक जाता है, तो इसकी खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं. एडवेंचर के शौकीनों के लिए यह एक ‘मस्ट विजिट’ डेस्टिनेशन है.

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असम का हाफलोंग जिसे ‘असम का स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है, अपनी नीली पहाड़ियों और झीलों के लिए प्रसिद्ध है. यह असम का इकलौता हिल स्टेशन है और यहाँ की जैव विविधता (Biodiversity) कमाल की है. यहाँ के स्थानीय लोगों का आतिथ्य और पारंपरिक भोजन पर्यटकों को बार-बार यहाँ आने पर मजबूर कर देता है. यदि आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो हाफलोंग की वादियां आपको बेहतरीन शॉट्स देने के लिए तैयार खड़ी हैं.

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नागालैंड की राजधानी कोहिमा अपनी ऐतिहासिक महत्ता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जानी जाती है. हर साल यहाँ होने वाला ‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है. पहाड़ियों के ऊपर बसे इस शहर से दिखने वाले सूर्यास्त के नजारे इतने खूबसूरत होते हैं कि जापान के ‘लैंड ऑफ राइजिंग सन’ वाले दृश्य भी इसके सामने फीके लगने लगते हैं. यहाँ की ट्राइबल संस्कृति और हस्तशिल्प (Handicraft) दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखते हैं.

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अब सवाल उठता है कि इन जादुई शहरों की सैर के लिए सबसे अच्छा समय (Best Time to Visit) कौन सा है? नॉर्थ ईस्ट घूमने के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से दिसंबर का समय सबसे बेहतरीन माना जाता है. मार्च से जून के बीच मौसम बहुत सुहाना होता है और फूलों की घाटी पूरी तरह खिल उठती है. वहीं, अगर आप बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो दिसंबर और जनवरी में तवांग या गंगटोक का रुख कर सकते हैं.

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पूर्वोत्तर भारत के ये शहर साबित करते हैं कि हमें खूबसूरती की तलाश में सात समंदर पार जाने की जरूरत नहीं है. बस एक बार अपना बैग पैक करें और निकल पड़ें इन अनछुए रास्तों पर. यहाँ की शुद्ध हवा, साफ सड़कें और मुस्कुराते हुए लोग आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं. यकीन मानिए, नॉर्थ ईस्ट की यह यात्रा आपकी जिंदगी की सबसे यादगार यात्राओं में से एक होगी.



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