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Iran Vs America: ईरान में हो गया तख्तापलट! अमेरिका के इशारे पर चल रही सरकार, ट्रंप के युद्ध मंत्री का दावा


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oi-Sumit Jha

Trump Iran Policy: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब एक नए और बेहद गंभीर मोड़ पर आ गया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और अब वहां अली खामेनेई की जगह उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने कमान संभाल ली है।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान के पास अब समझौते के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इजराइल और अमेरिका की भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच ईरान की कमर टूटती नजर आ रही है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस पूरे विवाद का मुख्य आधार क्या है।

Trump Iran Policy

Iran Regime Change: क्या वाकई बदल गई ईरान की सरकार?

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का दावा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो चुकी है और सत्ता अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के पास है। हालांकि, मोजतबा अब तक दुनिया के सामने नहीं आए हैं, जिससे संशय बना हुआ है। अमेरिका का मानना है कि वहां अब एक ‘नया शासन’ काम कर रहा है। यह दावा अगर सच है, तो यह मध्य पूर्व की राजनीति के लिए सबसे बड़ा बदलाव साबित होगा, क्योंकि खामेनेई दशकों से ईरान की शक्ति का केंद्र थे।

ट्रंप के बाद अब हेगसेथ ने वही लाइन पकड़ ली है। कह रहे हैं कि ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ हो चुका है और ‘नयी सत्ता’ ने अमेरिका की बात नहीं मानी तो और तबाही करेंगे

What they are smoking 🧐 https://t.co/dtMx7OvbCg pic.twitter.com/Mbwtxqr1rU

— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) March 31, 2026 “>

बातचीत या युद्ध: ट्रंप की शर्तें

पेंटागन के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ नए सिरे से समझौता करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसकी शर्तें बेहद सख्त हैं। अमेरिका एक तरफ बातचीत का हाथ बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ साफ चेतावनी दे रहा है कि अगर शर्तें नहीं मानी गईं, तो हमला और तेज होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की तरफ से वार्ता की मेज पर कौन बैठा है, लेकिन अमेरिका ‘डिप्लोमेसी’ और ‘मिलिट्री प्रेशर’ दोनों का इस्तेमाल एक साथ कर रहा है।

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US Military Strike Iran: भीषण सैन्य हमले और जमीनी हकीकत

पिछले कुछ घंटों में अमेरिका ने ईरान पर 200 से ज्यादा ‘डायनामिक स्ट्राइक’ की हैं। हेगसेथ के अनुसार, इन हमलों ने ईरानी सेना के कमांड सेंटर्स, बंकरों और संचार व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। ईरान के कई बड़े नेता अब छिपने को मजबूर हैं और वहां बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। अमेरिका का दावा है कि ईरानी सैनिकों का मनोबल गिर रहा है और उनमें भगदड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे ईरान की युद्ध क्षमता कम हुई है।

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नाटो और सहयोगियों पर अमेरिका का रुख

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीट हेगसेथ ने नाटो (NATO) और अमेरिका के अन्य सहयोगियों पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में कई देशों ने सैन्य मदद देने में हिचक दिखाई है। हेगसेथ के मुताबिक, अगर जरूरत पड़ने पर गठबंधन के साथी साथ नहीं खड़े होते, तो ऐसे संगठन का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अभियान खत्म होने के बाद ट्रंप प्रशासन नाटो के भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकता है।

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भविष्य की राह: तबाही या समझौता?

अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के पास विकल्प खत्म होते जा रहे हैं, जबकि अमेरिका के पास हमले के और भी रास्ते खुले हैं। हेगसेथ की बातों से साफ है कि यदि ‘नयी सत्ता’ ने अमेरिका के इशारे पर काम नहीं किया या समझौते की शर्तों को ठुकराया, तो आने वाले दिनों में और भी बड़ी तबाही देखने को मिल सकती है। अमेरिकी सेना इसे अपनी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए जरूरी बता रही है, जिससे तनाव कम होने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे।





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Dhurandhar In Pakistan: धुरंधर के चक्कर में असली वाले जमील जमाली को दाऊद से कनेक्शन पर देना पड़ी सफाई- Video


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oi-Siddharth Purohit

Dhurandhar In Pakistan: आदित्य धर की फिल्म धुरंधर-2 थिएटर के साथ-साथ पाकिस्तान में भी धूम मचा रही है। जिसका असर असली के लियारी टाउन में पड़ रहा है। यहां पर पाकिस्तानी राजनेता Nabil Gabol, जिन्हें फिल्म Dhurandhar 2 में जमील जमाली से जोड़कर दिखाया गया, उन्हें अब खुद को लेकर सफाई देनी पड़ी।

दाऊद से सांठ-गांठ के आरोप

अपने खुलासे में उन्होंने साफ कहा कि उनका असल जिंदगी में अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim से कभी कोई संपर्क नहीं रहा। यह बयान तब आया जब सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच फिल्म के किरदार और उनके रियल लाइफ इमेज के बीच तुलना तेज हो गई थी। जिसके बाद उनकी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से सांठ-गांठ के का आरोप लगे।

Dhurandhar In Pakistan Jameel Jamali

दाऊद से मुलाकात पर मुकर गए गबोल

इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए नबील गबोल ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं कभी नहीं मिला हूं।” इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि दाऊद इब्राहिम कराची में रहते हैं या नहीं। उनके इस बयान से उन सभी दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं जो सालों से दाऊद के कराची में होने को लेकर किए जाते रहे हैं। हालांकि ये सभी जानते हैं कि 1993 के बम ब्लास्ट के बाद दाऊद पाकिस्तान के कराची में ही रह रहा है। उसे पाकिस्तानी पुलिस, फौज और सरकार तीनों का खुला समर्थन भी है। उसके कराची के क्लिफटन के 37 नंबर बंगले में रहने का दावा किया जाता है, जो काफी हद तक सच भी है।

नबील गबोल किसके करीबी, किसके खास और कब-से सत्ता में?

नबील गबोल 24 साल की उम्र से पाकिस्तान के लियारी को संभाल रहे हैं। पहली बार वे बेनजीर भुट्टो के मार्गदर्शन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी से चुनाव लड़े और जीते थे। इसके बाद वे 1993-96 तक सिंध विधानसभा के स्पीकर भी रहे। इसके बाद गबोल 2002 और 2008 में एमएनए (मेंबर ऑफ नेशनल असेंबली (जैसे भारत में सांसद)) रहते हुए मंत्री भी बने थे। 2013 में नबील ने PPP को छोड़कर MQM यानी मुत्ताहिद कौमी मूवमेंट का हाथ थाम लिया लेकिन जल्द ही 2017 में फिर अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए। 2024 का चुनाव गबोल ने PPP के टिकट पर कराची साउथ-1 से लड़ा और जीता। वर्तमान में वे यहीं से MNA हैं।

फिल्म के किरदार से क्यों जुड़ रहा नाम?

दरअसल, फिल्म धुरंधर 2 में Rakesh Bedi द्वारा निभाया गया किरदार जमील जमाली काफी चर्चा में है। इस किरदार को एक जटिल और रहस्यमयी शख्स के रूप में दिखाया गया है, जिसके संबंध हाई-लेवल जासूसी और क्रिमिनल नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं।

पहले नेता और फिर भारतीय जासूस

फिल्म में यह किरदार एक भारतीय एजेंट के रूप में दिखाया गया है, जो दाऊद इब्राहिम को टारगेट करने वाले एक गुप्त मिशन का कई सालों से हिस्सा है। इसी वजह से लोगों ने इसे असल जिंदगी के कुछ चेहरों से जोड़ना शुरू कर दिया, जिसमें नबील गबोल का नाम भी शामिल हो गया। जिससे अब सभी उनसे सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आप भारतीय एजेंट हैं।

फिल्म की कहानी पर भी उठाए सवाल

नबील गबोल ने सिर्फ इन आरोपों को खारिज ही नहीं किया, बल्कि फिल्म की कहानी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाया गया नैरेटिव असल घटनाओं का तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यह फिल्म भाजपा के चुनाव कैम्पेन जैसी लगती है। उनके इस बयान ने विवाद को और भी बढ़ा दिया है और फिल्म की राजनीतिक एंगल से भी चर्चा शुरू हो गई है।

कुल मिलाकर क्या है मामला?

सीधे शब्दों में समझें तो एक तरफ फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर बहस तेज हो गई है, तो दूसरी तरफ नबील गबोल ने खुद सामने आकर इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है और क्या फिल्म की सफलता पर इसका कोई असर पड़ता है या नहीं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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Indian Railways का नया रिकॉर्ड: 1372 लोकोमोटिव प्रोडक्शन, इलेक्ट्रिक इंजनों का दबदबा, पिछले साल से कितनी बढ़त?


India

oi-Divyansh Rastogi

Indian Railways New Record: भारतीय रेलवे ने एक बार फिर अपनी क्षमता का दम दिखाते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) और बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) ने मिलकर कुल 1372 लोकोमोटिव का उत्पादन किया। यह अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है।

खास बात यह कि इनमें से 1358 लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक हैं, जबकि सिर्फ 14 डीजल लोकोमोटिव हैं। इसका मतलब साफ है – रेलवे तेजी से विद्युतीकरण की राह पर है और आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के लक्ष्य को हासिल करने में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा दिया है। आइए जानते हैं कहां हुई बढ़त?

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Indian Railways Locomotive Production: उत्पादन का पूरा ब्रेकडाउन

उत्पादन इकाई कुल लोकोमोटिव इलेक्ट्रिक लोको खास हाइलाइट्स
CLW (चित्तरंजन + दनकुनी) 800 800 चित्तरंजन: 600 दनकुनी: 200
BLW (वाराणसी) 572 558 WAG-9: 401 WAP-7: 143 अमृत भारत: 14 डीजल: 14
कुल 1372 1358 निर्यात (मोजाम्बिक): 10 गैर-रेलवे: 4

पिछले साल से कितनी बढ़ोतरी?

  • CLW: 700 से 800 करीब 14.3% बढ़ोतरी (100 लोकोमोटिव ज्यादा)
  • BLW: 477 से 572 करीब 19.9% बढ़ोतरी (95 लोकोमोटिव ज्यादा)

यह बढ़ोतरी सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि रेलवे की क्षमता और दक्षता को दर्शाती है।

क्यों मायने रखता है यह रिकॉर्ड?

  • तेज विद्युतीकरण: 1358 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से रेलवे अपने नेटवर्क को और ज्यादा ग्रीन और सस्ता बनाने की दिशा में आगे बढ़ गया। इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव डीजल की तुलना में कम खर्चीले और पर्यावरण अनुकूल होते हैं।
  • अधिक ट्रेनें, बेहतर सेवा: नए लोकोमोटिव से वंदे भारत, अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। यात्री और माल ढुलाई दोनों तेज होगी।
  • आत्मनिर्भरता और निर्यात: बनारस लोकोमोटिव वर्क्स ने 10 लोकोमोटिव मोजाम्बिक को निर्यात किए। यह भारत को वैश्विक रेलवे बाजार में मजबूत बनाता है।
  • रोजगार और अर्थव्यवस्था: इन दो यूनिट्स में हजारों इंजीनियर, टेक्नीशियन और मजदूर सीधे जुड़े हैं। बढ़ा उत्पादन, मतलब ज्यादा रोजगार।

आगे का लक्ष्य (FY 2026-27)

  • BLW का लक्ष्य: 642 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव
  • CLW भी उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में

रेल मंत्रालय का फोकस अब और तेज गति से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बनाने पर है ताकि 2030 तक रेलवे को पूरी तरह ग्रीन बनाने का सपना हासिल हो सके।

FY 2025-26 में 1372 लोकोमोटिव का उत्पादन भारतीय रेलवे की क्षमता का नया प्रमाण है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि ‘न्यू इंडिया’ की विकास गाथा का हिस्सा है – जहां गति, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता साथ-साथ चल रहे हैं।



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IAS Rinku Singh Rahi कौन हैं? आटा चक्की वाले के बेटे ने क्‍यों दिया इस्‍तीफा? कान पकड़कर लगाई थी उठक-बैठक


Uttar Pradesh

oi-Bhavna Pandey

IAS Rinku Singh Resignation: उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अचानक इस्‍तीफा दे दिया है। रिंकू सिंह राही के इस्‍तीफे की वजह से उत्‍तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में हडकंप मच गया है। क्‍योंकि राही ने अपने इस्‍तीफे की जो वजह बताई है वो वाकई हैरान कर देने वाली है।

IAS Rinku Singh क्‍यों अचानक दिया इस्‍तीफा?

आईएएस राही लंबे समय से राजस्व परिषद से संबद्ध थे। उन्‍होंने इस्‍तीफा देते हुए खुलासा किया कि उन्हें लंबे समय से न तो कोई काम मिल रहा था और न ही पोस्टिंग दी जा रही थी। लंबे समय से बड़ी जिम्मेदारी न मिलने और राजस्व परिषद में अटैच रहने के कारण वे सक्रिय रूप से काम नहीं कर पा रहे थे।

IAS Rinku Singh Rahi Resignation

IAS Rinku Singh ने लगाए गंभीर आरोप

राही ने आरोप लगाया कि ‘संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम’ काम करता है। इसी कारण वे अपनी भूमिका नहीं निभा पा रहे थे और जनसेवा से वंचित थे। उन्‍होंने बताया मुझे सैलरी तो मिल रही थी लेकिन ‘जनसेवा का अवसर नहीं मिल रहा था, अपने इस्‍तीफे को ‘नैतिक निर्णय’ बताया।

कौन हैं रिंकू सिंह राही?

रिंकू सिंह राही मूल रूप से यूपी के अलीगढ़ जिले के मूल निवासी हैं। निम्‍न मध्‍यमवर्गीय परिवार में जन्‍में रिंकू ने स्‍कूली पढ़ाई सरकारी स्‍कूल में की इसके बाद स्‍कॉलरशिप पर इंज‍ीनियरिंग की‍ डिग्री हासिल की।

चक्‍की चलाने वाले पिता का बेटा रिंकू बना IAS

रिंकू सिंह राही के पिता आटा चक्‍की चलाते थे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी होने के बाद रिंकू सिंह सीमित संसाधनों के साथ यूपीएससी परीक्षा की दिन रात मेहनत की और 2008 में पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रशासनिक सर्विस ज्‍वाइन की। हापुड़ में तैनाती के दौरान वे आईएएस-पीसीएस कोचिंग केंद्र के निदेशक बने और यहां छात्रों का मार्गदर्शन किया। इसके बाद दोबारा कड़ी मेहतन कर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और 2021 में 683वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने। IPS अंशिका वर्मा ने केके बिश्नोई से रचाई शादी, क्‍या अधूरा ख्‍वाब पूरा करने के लिए त्‍याग देगी खाकी वर्दी?

ईमानदारी के चलते राही खा चुके हैं 7 गोलियां

2009 में मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी रहते रिंकू सिंह राही ने 83 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ और उन्हें सात गोलियां लगीं। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी सेवाएं जारी रखीं।

रिंकू सिंह राही का उठक-बैठक लगाते हुए वीडियो हुआ था वायरल

शाहजहांपुर में वकीलों के बीच कान पकड़कर उठक-बैठक करते हुए राही का वीडियो जमकर वायरल हुआ था। दरअसल, शाहजहांपुर के पुवायां तहसील में राही जब एसडीएम थे तब उन्‍होंने गंदगी फैलाने वाले को दंड दिया था और उठक-बैठक लगवाई थी। जिस पर वकीलों के विरोध पर, राही ने स्वयं माफी मांगी, उठक-बैठक की, यह संदेश देते हुए कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। तब एसडीएम का उठक-बैठक लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरा था।



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पुलिस के हाथ लगी ऐसी डिजिटल कुंडली, जिसने छुड़ा दिए लोगों के पसीना, लाखों का होने वाला था वारा न्‍यारा


होमताजा खबरDelhi

पुलिस के हाथ लगी ऐसी कुंडली, जिसने छुड़ाए लोगों के पसीना, लाखों लगे थे दांव पर

Last Updated:

दिल्ली पुलिस ने आईएमईआई डेटा से 16 लाख के 75 मोबाइल बरामद कर असली मालिकों को लौटाए, प्रीत विहार में छीने गए आईफोन 15 प्रो केस में उजेब खान व नाबालिग पकड़े गए

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दिल्‍ली पुलिस ने लाखों रुपए कीमत के मोबाइल फोन उनके सही मालिकों तक पहुंचएं हैं. (एआई इमेज)

Crime News: दिल्ली पुलिस के हाथ एक ऐसी ‘डिजिटल कुंडली’ लगी, जिसने चोरों के मंसूबों पर न केवल पानी फेर दिया, बल्कि लाखों रुपये का खेल बिगाड़ दिया. दरअसल, यह डिजिटल कुंडली कुछ और नहीं, बल्कि मोबाइल फोनों का आईएमईआई डेटा था, जिसकी मदद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 75 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं. बरामद किए गए मोबाइल फोन्‍स की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपये आंकी गई है.

डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव के अनुसार, इस ऑपरेशन को सेंट्रल रेंज की कमला मार्केट और सनलाइट कॉलोनी की टीमों ने मिलकर अंजाम दिया है. मोबाइल ट्रैकिंग के लिए आईएमईआई नंबर का इस्तेमाल किया गया, जिसे हर फोन की यूनिक पहचान माना जाता है. इसी डिजिटल कुंडली के जरिए पुलिस ने अलग-अलग लोकेशन से फोन ट्रेस कर बरामद किया है. बरामद 75 मोबाइल फोUl में से 65 सेंट्रल रेंज ने और 10 सनलाइट कालोनी टीम ने रिकवर किए है.

असली मालिकों तक पहुंचाए गए मोबाइल फोन
डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि 30 मार्च 2026 को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सभी बरामद मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए. यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पूरी की गई थी, जिसमें हर व्यक्ति की सही पहचान और दस्तावेजों की जांच के बाद ही फोन लौटाए गए. इस पूरे ऑपरेशन को जिस टीम ने अंजाम दिया, उसमें हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार, अंकुर कुमार, जय सिंह, मनीष यादव और सुकराम शामिल थे. इनकी तकनीकी समझ और मेहनत ने इस मिशन को सफल बनाया है.

पुलिस की गिरफ्त में मोबाइल छीन कर भाग रही नाबालिग लड़की
मोबाइल फोन छीन कर भाग रहे एक आरोपी और नाबालिग लड़की को पूर्वी जिले की एंटी स्नैचिंग एंड बर्गलरी सेल ने पकड़ा है. आरोपियों के कब्‍जे से छीना गया आईफोन 15 प्रो फोन पुलिस ने बरामद कर लिया है. यह घटना 22 मार्च 2026 को प्रीत विहार इलाके में हुई थी. शिकायतकर्ता नव्या भाटिया अपनी मां और दादी के साथ शॉपिंग के लिए जा रही थीं. इसी दौरान शंकर विहार के पास एक काले रंग की स्कूटी पर आए लड़के और लड़की ने उनके हाथ से आईफोन 15 प्रो छीन लिया और फरार हो गए. पुलिस ने पकड़े गए आरोपी की पहचान उजेब खान (20) के तौर पर की है. उसे न्यू सीलमपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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PM Modi Vav-Tharad Visit: गुजरात के वाव-थराद को ₹20,000 करोड़ की कौन-कौन सी मिली सौगात? कितना फायदा?


Gujarat

oi-Divyansh Rastogi

PM Modi Gift To Gujarat Banaskantha Vav-Tharad: महावीर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात के बनासकांठा जिले के वाव-थराद से एक बड़ी विकास सौगात भेंट की है। पीएम ने मंगलवार (31 मार्च 2026) को करीब 20,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस दौरान, PM मोदी ने कहा कि ये परियोजनाएं न सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई रफ्तार देंगी। आइए जानते हैं आखिर क्यों और कौन-कौन सी सौगातें पीएम ने दी? क्या होगा फायदा?

PM Modi Gujarat Banaskantha

Deesa Airbase (दीसा एयरबेस): रणनीतिक और विकास दोनों की मिसाल

प्रधानमंत्री पहली बार सीधे दीसा एयरबेस पर उतरे। उन्होंने बताया कि यह एयरबेस अंतरराष्ट्रीय सीमा से सिर्फ 130 किलोमीटर दूर है। दशकों से लंबित इस विस्तार परियोजना को उनकी सरकार ने प्राथमिकता दी। किसानों ने स्वेच्छा से जमीन दी और अब यह हवाई अड्डा क्षेत्र के विकास का मील का पत्थर बन गया है।

Banaskantha Vav-Tharad Major Projects List: ₹20,000 करोड़ की प्रमुख परियोजनाएं कौन-कौन सी हैं?

PM मोदी ने जो परियोजनाएं दीं, वे मुख्य रूप से चार क्षेत्रों से जुड़ी हैं:

सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर (Road Infrastructure)

  • ईडर-वडाली 4-लेन हाईवे
  • धोलावीरा-सांतलपुर हाईवे का अपग्रेडेशन
  • अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का लोकार्पण

रेल कनेक्टिविटी (Rail Connectivity)

  • हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज कन्वर्जन (आदिवासी क्षेत्रों को ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ना)
  • खेड़ब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा नई रेल सेवा

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy)

  • खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से जुड़ी ट्रांसमिशन लाइनें (4.5 गीगावॉट बिजली उत्पादन)
  • PM ने याद दिलाया कि 2010 में मुख्यमंत्री काल में उन्होंने चरंका में देश का पहला सोलर पार्क शुरू किया था। आज वही नींव गुजरात को दुनिया का नवीकरणीय ऊर्जा हब बनाने जा रही है।

आवास योजना

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana)के तहत 40,000 परिवारों को पक्के घर

क्या होगा फायदा? PM मोदी का विजन

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विकास को गति देती हैं। गांवों को बाजारों से, किसानों को नए अवसरों से और युवाओं को रोजगार से जोड़ती हैं।

  • किसानों को फायदा: बेहतर सड़क-रेल से उपज सीधे बाजार पहुंचेगी, बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
  • युवाओं को रोजगार: नई ऊर्जा परियोजनाएं, हाईवे और एयरबेस से उद्योग-निवेश आएगा।
  • आदिवासी क्षेत्रों का विकास: रेल गेज कन्वर्जन से खेड़ब्रह्मा जैसे इलाके मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
  • गुजरात मॉडल की ताकत: इंफ्रास्ट्रक्चर + कल्याणकारी योजनाएं साथ-साथ। PM ने कहा, ‘दुनिया जब भारत की विकास गाथा की बात करती है तो ‘गुजरात मॉडल’ की तारीफ करती है।’

PM का व्यक्तिगत जुड़ाव

पीएम मोदी ने याद किया कि संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में वे इस क्षेत्र के गांवों में लंबे समय तक रहे। माताओं-बहनों द्वारा बनाए गए बाजरे के रोटले, घी, गुड़ और शीरे को आज भी स्नेह से याद करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री काल से शुरू हुआ विकास 2014 के बाद और तेज हुआ है।

अंत में PM मोदी ने संदेश दिया कि जब पंचायत से लेकर संसद तक विश्वास बना रहेगा, तब विकास की सुपरफास्ट एक्सप्रेस इसी गति से चलती रहेगी। दुनिया में जहां कई देश युद्ध और अशांति झेल रहे हैं, भारत स्थिरता और विकास दोनों के साथ आगे बढ़ रहा है।

वाव-थराद में दी गई ये ₹20,000 करोड़ की सौगात सिर्फ परियोजनाएं नहीं, बल्कि उत्तरी गुजरात के लाखों लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव का वादा है। बेहतर सड़कें, रेल, बिजली और घर – सब कुछ मिलकर क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगे। गुजरात एक बार फिर साबित कर रहा है कि विकास की सच्ची मिसाल यहीं से बनती है।



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Mumbai Metro Update: मेट्रो लाइन-9 का पहला फेज 3 अप्रैल से शुरू, 1 घंटे का सफर होगा अब 20 मिनट में


Maharashtra

oi-Smita Mugdha

Mumbai Metro Update: मुंबई महानगर क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुंबई मेट्रो लाइन-9 (Mumbai Metro Line 9) का पहला चरण 3 अप्रैल 2026 को शुरू होने जा रहा है। यह फेज दहिसर ईस्ट से काशीगांव तक फैला हुआ है। खासतौर पर मीरा-भायंदर के लोगों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

करीब 4.5 से 4.97 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर में पांडुरंग वाडी और मीरा गांव जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से यात्रियों को अब भारी ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा, खासकर वेस्टर्न एक्सप्रेसवे हाईवे (Western Express Highway) पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

Mumbai Metro Update

Mumbai Metro Update: घंटों का सफर होगा कुछ मिनट में

– अभी तक मीरा-भायंदर से अंधेरी या अन्य पश्चिमी उपनगरों तक पहुंचने में लोगों को 50 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है।

– इस मेट्रो सेवा के शुरू होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और सफर ज्यादा सुविधाजनक बनेगा।

– इस परियोजना की एक खास बात इसका डबल-डेकर डिजाइन है, जिसमें मेट्रो लाइन के साथ-साथ फ्लाईओवर का निर्माण भी किया गया है।

Mumbai Metro Line 9: मेट्रो के साथ ही फ्लाईओवर भी तैयार

मेट्रो रूट के साथ ही गोल्डन नेस्ट फ्लाईओवर (Golden Nest Flyover) के भी इसी समय शुरू होने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात को और अधिक सुगम बनाया जा सकेगा। मेट्रो लाइन 9 का यह पहला चरण मुंबई मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में इस लाइन को और आगे बढ़ाकर पूरे मीरा-भायंदर क्षेत्र को मुंबई के मुख्य मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के चालू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि क्षेत्र में रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। मेट्रो निर्माण के बाद से ही इन इलाकों में प्रॉपटी के दाम तेजी से बढ़े हैं।



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Lok Sabha Polls 2029 को लेकर शिवसेना का प्लान तैयार, एकनाथ शिंदे के बेटे को बड़ी कमान, 48 चीफ कोऑर्डिनेटर कौन?


लोकसभा क्षेत्र मुख्य समन्वयक मुंबई के 6 क्षेत्र + ठाणे डॉ. श्रीकांत शिंदे भिवंडी + कल्याण नरेश म्हस्के (सांसद) नंदुरबार पूर्व विधायक शिरीष चौधरी धुळे + दिंडोरी भाऊसाहेब चौधरी (शिवसेना सचिव) जलगांव विधायक दिलीप लांडे रावेर विधायक तुकाराम काते बुलढाणा संजय सोनार अकोला पूर्व विधायक राजन साळवी अमरावती विधायक किशोर अप्पा पाटील वर्धा विधायक डॉ. मनीषा कायंदे रामटेक अनिल कोकीळ नागपुर पूर्व सांसद संजय निरुपम भंडारा-गोंदिया विलास चावरी गडचिरोली-चिमूर पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता चंद्रपुर विधायक कृपाल तुमाने यवतमाल-वाशिम प्रिती बंड (उपनेता) हिंगोली आनंदराव जाधव (उपनेता) नांदेड दत्ता दळवी परभणी भास्कर आंबेकर जालना सांसद संदिपान भुमरे छत्रपती संभाजी नगर विलास पारकर नाशिक विधायक सुहास कांदे पालघर पांडुरंग पाटील रायगड अनिल नवघरे कोल्हापुर + मावळ + पुणे मंत्री उदय सामंत बारामती किरण लांडगे शिरुर विधायक शरद सोनवणे अहिल्यानगर राम रेपाळे (शिवसेना सचिव) शिर्डी सांसद डॉ. ज्योती वाघमारे बीड मनोज शिंदे धाराशिव पूर्व सांसद उन्मेष पाटील लातूर मंगेश कुडाळकर सोलापुर सांसद धैर्यशील माने माढा चंद्रहार पाटील सांगली योगेश जानकर सातारा शरद कणसे रत्नागिरी राजेश मोरे (नगरसेवक) सिंधुदुर्ग बाळा चिंदरकर हातकणंगले विधायक सुहास बाबर



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बीना विधायक बोलीं- मैं कांग्रेस में ही हूं: हाईकोर्ट ने मांगे सप्रे के BJP में जाने के सबूत, अब पार्टी व्हिप की कॉपियां देंगे सिंघार – Jabalpur News


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट में निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की याचिका लगाई है।

सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सप्रे ने कहा- मैं अब भी कांग्रेस में हूं। इस बयान को कोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया है। याचिकाकर्ता नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को सप्रे के ब

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इस पर सिंघार ने जवाब दिया है कि वे 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप की प्रतियां पेश करेंगे। मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। इसी दिन विधानसभा अध्यक्ष के सामने भी सुनवाई तय है।

दरअसल, 2023 में बीना सीट से निर्मला सप्रे ने कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे सीएम मोहन यादव के साथ बीजेपी के कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। इसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने के दावे किए गए थे।

5 जुलाई 2024 को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए स्पीकर के समक्ष याचिका लगाई। इसमें कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत पार्टी बदलने पर विधायक की सदस्यता खुद-ब-खुद समाप्त हो जाती है। जब इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो सिंघार ने नवंबर 2024 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

विधायक सप्रे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई 2024 को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थीं। तब से वे कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा के साथ हैं।

सप्रे के भाजपा में शामिल होने के सबूत सोशल मीडिया पर

मंगलवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। इसमें निर्मला सप्रे के वकील संजय अग्रवाल ने उनके कांग्रेस में ही होने का दावा किया। कहा कि ऐसे में सप्रे की विधानसभा सदस्यता को समाप्त करने का सवाल ही नहीं उठता।

वहीं, शासन की तरफ से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर के सामने मामले की सुनवाई जारी है। उनके बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

इसके बाद उमंग सिंघार के अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कहा कि वे 9 अप्रैल तक पार्टी व्हिप की प्रतियां पेश कर देंगे। सप्रे के भाजपा में शामिल होने के सबूत सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। सीएम मोहन यादव के साथ भी उनकी कई तस्वीरें और पोस्ट वायरल हैं।

सोशल मीडिया के आधार पर स्थिति तय नहीं हो सकती

सिंघार की तरफ से दी गई दलील पर कोर्ट ने कहा- सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति की स्थिति तय नहीं हो सकती है। याचिकाकर्ता, स्पीकर के समक्ष ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करें, जिससे यह साबित हो सके कि निर्मला सप्रे ने वास्तव में दल-बदल किया है।

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MLA निर्मला बोलीं-विधायक पद का मोह होता, तो मंत्री होतीं

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बीना सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनीं निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता का मामला हाईकोर्ट में है। उन्होंने कहा- कोई पार्टी हमें सिम्बल देती है, लेकिन विधायक जनता बनाती है। अगर मोह होता तो आज मैं मंत्री होती। बीजेपी को किसी विधायक की आवश्यकता नहीं है और ना ही मेरे विधायक न होने से उनकी सरकार गिर जाती। पढ़ें पूरी खबर…



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Bengaluru Power Cut News: 1 अप्रैल को शहर के इन इलाकों में होगी बिजली की कटौती, पहले से ही कर लें तैयारी


India

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Bengaluru Power Cut News: बेंगलुरु में 1 अप्रैल 2026 को संभावित बिजली कटौती को लेकर BESCOM और KPTCL की ओर से अहम अलर्ट जारी किया गया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत और ग्रीष्मकालीन तैयारियों के मद्देनज़र शहर के कई हिस्सों में मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का काम किया जा रहा है, जिसके चलते पावर सप्लाई प्रभावित रह सकती है।

जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु के कई प्रमुख इलाकों में बिजली कटौती देखने को मिल सकती है। इनमें व्हाइटफील्ड, केआर पुरम, मराठाहल्ली, महादेवपुरा, येलहंका, हेब्बल, बीटीएम लेआउट, जेपी नगर, जयनगर, इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे इलाके शामिल हैं। हालांकि यह कटौती पूरी तरह सभी क्षेत्रों में एक साथ नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग फीडर और सब-डिवीजनों के अनुसार लागू की जाएगी।

Bengaluru Power Cut News

Bengaluru Power Cut News: मेंटनेंस की वजह से कटौती

– समय की बात करें तो अधिकांश इलाकों में बिजली सुबह 9:00 या 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 या 6:00 बजे तक बाधित रह सकती है।

– यह समय मेंटेनेंस काम की वजह से हो रहा है और इस वजह से कटौती के समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले ही अलर्ट रहने की अपील की गई है।

– बिजली कटौती का मुख्य कारण फीडर अपग्रेड, ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत और पुरानी लाइनों का रखरखाव बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य शहर की बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाने के लिए किया जा रहा है।

Bengaluru Power Cut: विभाग ने जारी किया अलर्ट

बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे जरूरी काम पहले से ही प्लान कर लें और आधिकारिक पोर्टल या हेल्पलाइन के जरिए अपने इलाके की सटीक जानकारी लेते रहें। अचानक होने वाली असुविधा से बचने के लिए यह जरूरी है कि लोग अपडेट्स पर नजर बनाए रखें। इसके अलावा, वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग इस दौरान वैकल्पिक व्यवस्था रखें, ताकि काम में किसी तरह का रुकावट न हो।



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