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बेंगलुरु में इंजीनियर कपल ने सुसाइड किया: पति फ्लैट में फंदे से लटका मिला, पत्नी ने 17वीं मंजिल से कूदकर जान दी




बेंगलुरु के कोथनूर इलाके के अपार्टमेंट में एक इंजीनियर कपल के सुसाइड का मामला सामने आया है। पहले पति का शव फ्लैट के बंद कमरे में मिला। कई बार दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो पत्नी ने सिक्योरिटी और पड़ोसियों को बुलाया। दरवाजा तोड़ने पर पति का शव फंदे से लटका मिला। इसके कुछ ही मिनट बाद पत्नी फ्लैट से बाहर निकलीं और उसी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। मृतकों की पहचान तेलंगाना के सिद्दीपेट निवासी भानु चंदर रेड्डी कुंटा (32) और उनकी पत्नी शाजिया (31) के रूप में हुई है। भानु चंदर सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। शाजिया IBM में काम करती थीं। रेड्डी ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताया। साथ ही लिखा कि उनकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। कपल शादी से पहले लिव-इन रिलेशनशिप में रहे पुलिस के अनुसार, कपल की शादी को लगभग नौ साल हो चुके थे। इससे पहले दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह चुके थे। सूत्रों ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद उनके बीच अक्सर विवाद होते रहते थे। हालांकि, दोनों परिवार उनके रिश्ते से अनजान थे। बेंगलुरु पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पति के स्वास्थ्य समस्याओं ने इस घटना में कोई भूमिका निभाई। इसके अलावा रिश्तों में तनाव और मानसिक दबाव और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत की असली वजह और पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। बेंगलुरु के घर में दो महिलाओं के शव मिले, दो घायल इसी बीच, बेंगलुरु के बाहरी इलाके के घर में दो अन्य महिलाओं के गले कटे हुए शव पाए गए। जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल अवस्था में थे। पुलिस के अनुसार, घटना बढ़ते कर्ज के कारण आत्महत्या की कोशिश लगती है। पुलिस ने बताया कि आशा (55) और उनकी बेटी वर्षिता (32) घर में मृत पाई गईं। आशा का बेटा मोहन (27) और 10 साल का पोता मयंक गौड़ा घायल अवस्था में बच गए और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका के टुकड़े किए, धड़ को फ्रिज में रखा; पत्नी मायके गई थी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक शादीशुदा नेवी कर्मचारी ने रविवार 29 मार्च को अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। फिर उसके शव के कई टुकड़े कर दिए। इसके बाद खुद पुलिस स्टेशन गया और अपना अपराध को कबूल कर लिया। आरोपी ने प्रेमिका का सिर, हाथ और पैर को धड़ से अलग किया। पैरों और कूल्हे के हिस्से को ट्रॉली बैग में छिपा दिया। धड़ को फ्रिज में रखा। पूरी खबर पढ़ें…



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बेंगलुरु में इंजीनियर कपल ने सुसाइड किया: पति फ्लैट में फंदे से लटका मिला, पत्नी ने 17वीं मंजिल से कूदकर जान दी




बेंगलुरु के कोथनूर इलाके के अपार्टमेंट में एक इंजीनियर कपल की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। पहले पति का शव फ्लैट के बंद कमरे में फंदे से लटके मिला। पति की मौत के कुछ ही मिनट बाद पत्नी फ्लैट से बाहर निकलीं और उसी अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। मृतकों की पहचान तेलंगाना के सिद्दीपेट निवासी भानु चंदर रेड्डी कुंटा (32) और उनकी पत्नी शाजिया (31) के रूप में हुई है। शाजिया IBM में काम करती थीं। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग अप्राकृतिक मौत के केस दर्ज किए हैं। शुरुआती जांच में स्वास्थ्य, रिश्तों में तनाव और मानसिक दबाव समेत विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत की असली वजह और पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।



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West Bengal Polls 2026: ‘स्टूडेंट बनना चाहता हूं’, क्यों भाजपा में शामिल हुए Leander Paes?


India

oi-Ankur Sharma

Leander Paes: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले, टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। कोलकाता में जन्मे लिएंडर पेस को इस खेल के अब तक के सबसे बेहतरीन डबल्स खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।

इससे पहले वो साल 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे और 2022 में गोवा चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार किया था। उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन आज वो बीजेपी का हिस्सा बन गए हैं, ये ममता बनर्जी की पार्टी के लिए तगड़ा झटका है।

Leander Paes

पार्टी में शामिल होने के बाद लिएंडर पेस ने किरण रिजिजू और पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की और कहा कि ‘कभी-कभी मैं किरण रिजिजू को सुनकर हैरान हो जाता हूं कि इस व्यक्ति को स्पोर्टस के बारे में कितना ज्यादा ज्ञान है, मैं इनसे बहुत ज्यादा प्रभावित हूं और इनका स्टूडेंट बनना चाहता हूं।’

Leander Paes Joins Bjp:’बीजेपी से जुड़कर खुद को धन्य मान रहा हूं, मैं खुश हूं’

‘मैं इनको धन्यवाद देता हूं क्योंकि इन्होंने राजनीति में आने के लिए मुझे मोटिवेट किया तो वहीं पीएम मोदी की भी तारीफ करना चाहता हूं क्योंकि उनके नेतृत्व में देश विकासपथ पर आगे बढ़ रहा है। मैं भी देशवासियों और खेल के लिए कुछ योगदान करना चाहता हूं इसलिए मैंने राजनीति में आने का फैसला किया और बीजेपी से जुड़कर खुद को धन्य मान रहा हूं, मैं खुश हूं।’

‘अब युवाओं की सेवा करने का समय है’

पूर्व दिग्गज टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने कहा, ‘यह मेरी ज़िंदगी का एक बड़ा दिन है। मैं PM मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का एक बड़ा मौका है… मैंने 40 साल तक देश के लिए खेला, अब युवाओं की सेवा करने का समय है। ‘खेलो इंडिया’ आंदोलन और TOPS योजना सचमुच बहुत बढ़िया हैं। मैं जानता हूं कि किरण रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में हमारे दल के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कितने जुनून से काम किया है।’

आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है-लिएंडर पेस

‘उन्होंने PM द्वारा सौंपी गई अपनी ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया। आज, भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। हमें अगले 20-25 सालों में खेल शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। 1986 में, पश्चिम बंगाल में खेल का ज़्यादा बुनियादी ढांचा नहीं था। आज भी, देश में कोई इनडोर टेनिस कोर्ट नहीं है। बंगाल, तमिलनाडु, बिहार और बेहतर कर सकते हैं, लेकिन हमें खेल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें सशक्त बनाने पर ध्यान देने की ज़रूरत है… मेरा सपना भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए समान अवसर वाली छात्रवृत्ति का एक कार्यक्रम शुरू करना है।.’

Leander Paes के माता-पिता दोनों थे खिलाड़ी

गौरतलब है कि Leander Paes भारत के सबसे महान टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने अपने शानदार करियर से देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। उनका जन्म 17 जून 1973 को Kolkata में हुआ था। उनके पिता Vece Paes भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे और ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुके थे, जबकि उनकी मां Jennifer Paes राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी थीं।

अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता

लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता था। वह लगातार 7 ओलंपिक (1992-2016) में भाग लेने वाले एकमात्र टेनिस खिलाड़ी हैं। अटलांटा में, उन्होंने ब्राजील के फर्नांडो मेलिगेनी को हराकर 44 साल बाद व्यक्तिगत ओलंपिक पदक का सूखा खत्म किया था।

Indian Express के नाम से मशहूर थी पेस-भूपति की जोड़ी

उन्होंने मुख्य रूप से डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में शानदार प्रदर्शन किया। पेस ने अपने करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जिनमें पुरुष युगल और मिश्रित युगल दोनों शामिल हैं। उन्होंने Mahesh Bhupathi के साथ मिलकर कई ऐतिहासिक जीत दर्ज कीं। यह जोड़ी “Indian Express” के नाम से प्रसिद्ध हुई। पेस ने Davis Cup में भी भारत के लिए कई यादगार जीत दिलाई। उन्हें “डेविस कप का हीरो” भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाई।

पुरस्कार और सम्मान

लिएंडर पेस को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें Padma Shri (2001) और Padma Bhushan (2014) से नवाजा गया। इसके अलावा उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भी मिला है।



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Sonia Gandhi Health: सोनिया गांधी को छुट्टी तो मिल गई, लेकिन डॉक्टर्स ने क्या कहा? हेल्थ रिपोर्ट पर दिया अपडेट


India

oi-Sohit Kumar

Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती सोनिया गांधी को मंगलवार सुबह अस्पताल से छुट्टी (Discharge) दे दी गई है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, अब उनकी सेहत में सुधार है, हालांकि वे अभी कुछ दिनों तक घर पर ही डॉक्टरों की देखरेख में रहेंगी और अपना इलाज (Follow-up) जारी रखेंगी।

79 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता को 24 मार्च 2026 की रात बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, सोनिया गांधी को ‘सिस्टेमिक इन्फेक्शन’ (Systemic Infection) था, जिसके लिए उन्हें एंटीबायोटिक्स दी गईं।

sonia gandhi with priyanka gandhi

कितने डॉक्टर्स की देखरेख में चल रहा था सोनिया गांधी का इलाज?

सोनिया गांधी की देखरेख में डॉ. डी. एस. राणा, डॉ. एस. नंदी और डॉ. अरूप बसु की टीम लगी थी। इस इलाज के दौरान उन पर सकारात्मक असर हुआ और वे अब रिकवर कर चुकी हैं।

सोनिया गांधी को क्या है स्वास्थ्य समस्या?

डॉक्टरों के अनुसार, सोनिया गांधी को इस बार मुख्य रूप से पेट और इन्फेक्शन की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण और मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण उन्हें सांस लेने में भी हल्की परेशानी महसूस हुई थी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी लंबे समय से अस्थमा (Asthma) की मरीज हैं, जिसकी वजह से उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है और अक्सर अस्पताल जाना पड़ता है।

विदेशी इलाज और पुरानी समस्या

सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर अक्सर चर्चा होती है कि उन्हें ऐसी क्या परेशानी है जिसके लिए समय-समय पर विदेश भी जाना पड़ता है। पिछले कुछ वर्षों में वे नियमित जांच और इलाज के लिए अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों की यात्रा करती रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें कुछ पुरानी स्वास्थ्य जटिलताएं हैं, जिनके फॉलो-अप और विशेषज्ञ सलाह के लिए वे विदेशी डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं।

गांधी परिवार का दशकों पुराना भरोसा

सोनिया गांधी का विदेशी इलाज भले ही चर्चा में रहता हो, लेकिन गांधी परिवार का सबसे गहरा भरोसा दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल पर ही है। हाल ही में जून 2025 में भी उन्हें पेट से जुड़ी समस्या के लिए यहां भर्ती किया गया था। इससे पहले शिमला प्रवास के दौरान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में उनका ब्लड प्रेशर चेक किया गया था, लेकिन मुख्य इलाज यहीं होता है। प्रियंका गांधी के बच्चों के जन्म से लेकर सोनिया गांधी के हर छोटे-बड़े चेकअप तक, इसी अस्पताल की देखरेख में हुए हैं।



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सूरत की बिल्डिंग में आग, 5 की मौत: इनमें चार महिलाएं, एक बच्चा शामिल, घर में रखा था 8 टन साड़ियों का स्टॉक


सूरत29 मिनट पहले

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गुजरात के सूरत में एक मकान में मंगलवार दोपहर को आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 4 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के लिंबायत इलाके का यह मकान एक व्यापारी का है, जिसमें करीब 8 टन साड़ियों का स्टॉक रखा हुआ था। इससे घर में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। इसी के चलते आग इतनी तेजी से भड़की। किसी को बचने का मौका नहीं मिला।

घटनास्थल की तीन तस्वीरें…

घर के बाहर जली हुई साड़ियों का ढेर।

घर के बाहर जली हुई साड़ियों का ढेर।

घर से जले हुई साड़ियां निकालते स्थानीय लोग।

घर से जले हुई साड़ियां निकालते स्थानीय लोग।

मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम।

मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम।

मरने वालों में 4 साल का बच्चा भी

मरने वालों में एक बच्चे समेत 4 महिलाएं शामिल हैं। इनके नाम- शाहनाज बेगम अंसारी (उम्र 65 वर्ष), हुसा बेगम अंसारी (उम्र 18 वर्ष), शबीन अंसारी (उम्र 28), परवीन अंसारी (उम्र 19) और शुभान अंसारी (उम्र 4) शामिल हैं।

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गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

गीजर की गैस से पति-पत्नी और बेटे की मौत:कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस से गई जान

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गुजरात के सूरत शहर में सोमवार-मंगलवार की रात पति-पत्नी और बेटे की नींद में ही मौत हो गई थी। प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि तीनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई थी। पुलिस की जांच में भी सामने आया है कि घर में लगा गीजर रात भर से चालू था। पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…



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सूरत की बिल्डिंग में आग, 5 की मौत: इनमें चार महिलाएं, एक बच्चा शामिल, घर में भर रखा था 8 टन साड़ियों का स्टॉक




गुजरात के सूरत में एक मकान में बुधवार दोपहर को आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 4 महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के लिंबायत इलाके का यह मकान एक व्यापारी का है, जिसमें करीब 8 टन साड़ियों का स्टॉक रखा हुआ था। इससे घर में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। इसी के चलते आग इतनी तेजी से भड़की कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला। मृतकों के नाम हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…



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कोबा तीर्थ में भावुक हुए पीएम मोदी, तक्षशिला की तबाही से लेकर ज्ञान भारत मिशन तक, संबोधन की खास बातें


Gujarat

oi-Kumari Sunidhi Raj

PM Modi Inaugurates Samrat Samprati Museum: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर स्थित कोबा तीर्थ में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन विरासत और आध्यात्मिक शक्ति पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि कोबा तीर्थ दशकों से अध्ययन, साधना और अनुशासन की उस महान परंपरा को जीवंत रखे हुए है, जो हमारी संस्कृति की पहचान है।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जब ज्ञान, तप और अनुशासन का संगम होता है, तभी एक मजबूत और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर जैन संतों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे केंद्र भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

कोबा तीर्थ में भावुक हुए पीएम मोदी, तक्षशिला की तबाही से लेकर ज्ञान भारत मिशन तक, संबोधन की खास बातें

सम्राट संप्रति म्यूजियम, जैन दर्शन और विरासत का संगम

प्रधानमंत्री ने सम्राट संप्रति म्यूजियम की विशेष पहचान का उल्लेख करते हुए इसे जैन दर्शन और भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम केवल पुरातात्विक वस्तुओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन विरासत को आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाने का एक जीवंत सेतु है।

इस संग्रहालय में जैन परंपरा और भारतीय गौरव को अत्यंत वैज्ञानिक और कलात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया है। पीएम मोदी ने जैन मुनियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में समाज को सही दिशा मिल रही है और यह स्थान आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का काम करेगा।

अहिंसा और सत्य, भारत की वैश्विक पहचान

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने सम्राट संप्रति जैसे महान शासकों के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अहिंसा और सत्य के मार्ग को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की असली पहचान शांति, करुणा और अहिंसा में निहित है।

इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही विभिन्न कालखंडों में हिंसा और सैन्य शक्ति के आधार पर शासन करने की कोशिशें हुईं, लेकिन अंततः सत्य और अहिंसा के मार्ग ने ही विश्व को दिशा दिखाई। यह म्यूजियम पूरी दुनिया को भारत के इसी शाश्वत और शांतिपूर्ण संदेश से रूबरू कराने का एक सशक्त माध्यम है।

तक्षशिला और नालंदा का गौरव और ऐतिहासिक क्षति

पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों का उदाहरण दिया। उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की कि विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक रही उपेक्षा के कारण भारत का विशाल ज्ञान भंडार और लाखों दुर्लभ पांडुलिपियां नष्ट हो गईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन महान संस्थानों के ग्रंथालयों का जलाया जाना केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक ऐसी अपूर्णनीय क्षति थी जिसने ज्ञान की सदियों पुरानी परंपरा को बाधित कर दिया।

‘ज्ञान भारत मिशन’ से सुरक्षित होगा भविष्य

पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक इन बहुमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि, वर्तमान सरकार अब इस दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। सरकार ने पुराने ग्रंथों और दस्तावेजों को सुरक्षित करने के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों को आधुनिक तकनीक की मदद से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा रहा है, ताकि हजारों साल पुराना यह अतुलनीय ज्ञान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा उपलब्ध और समझने योग्य बना रहे।

इतिहास के प्रति बदला दृष्टिकोण

इतिहास लेखन और स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक देश के गौरवशाली इतिहास को राजनीतिक नजरिए और एक सीमित दृष्टिकोण से दिखाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अब इस सोच को बदलने का समय आ गया है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत के इतिहास को उसके वास्तविक और व्यापक स्वरूप में जनता के सामने लाया जाए।

इसमें किसी एक परिवार या विशिष्ट राजनीतिक विचारधारा के बजाय पूरे देश और अनगिनत नायकों के योगदान को प्रमुखता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को उनका उचित सम्मान दिया जा रहा है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: Bihar Next CM: कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब- ‘PM ने कर लिया फैसला’



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MPL के सबसे महंगे खिलाड़ी आशुतोष शर्मा: मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा; अक्षत रघुवंशी 13.80 लाख, अनिकेत 13.20 लाख में बिके – Indore News




आशुतोष शर्मा मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा है। दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपए देकर लिया है। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपए में खरीदा। शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख जबकि शिवम शुक्ला को इंदौर पिंक पैंथर ने 6.60 लाख में खरीदा है। हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा। MPL में उम्र सीमा का नियम लागू MPL में 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति नहीं है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नीति के अनुरूप है, जो घरेलू टूर्नामेंट में कम आयु वर्ग के लिए टी-20 मुकाबले नहीं कराती। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को रेड बॉल क्रिकेट जैसे लंबे प्रारूपों के प्रति गंभीर बनाना है। MPL नीलामी के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…



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Rupee Fall Alert: गिर रहा रुपया या ग्लोबल गेम? SBI रिपोर्ट में खुलासा—700 अरब डॉलर का ‘कवच’ बचा रहा भारत


Business

oi-Pallavi Kumari

Rupee Fall Alert SBI: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रुपये की गिरावट को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन क्या वाकई भारतीय रुपया कमजोर में है या यह सिर्फ वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा है? स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ताजा रिपोर्ट इस सवाल का सीधा जवाब देती है। रिपोर्ट के मुताबिक 27 फरवरी के बाद रुपये में आई गिरावट असामान्य नहीं, बल्कि दुनिया की दूसरी करेंसी के मुकाबले संतुलित है। यानी जो दिख रहा है, उतना बड़ा खतरा नहीं है।

ग्लोबल ट्रेंड के साथ चल रहा रुपया?

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि हालिया गिरावट को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। दरअसल, कई ऐसी मुद्राएं जो पहले मजबूत हुई थीं, उनमें अब ज्यादा तेज गिरावट आई है। ऐसे में रुपया अपेक्षाकृत स्थिर माना जा सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि रुपये को ‘शॉक एब्जॉर्बर’ यानी झटकों को संभालने वाली मुद्रा की तरह इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। एक निश्चित स्तर के बाद यह रणनीति काम नहीं करती।

Rupee Fall Alert SBI

2013 जैसा संकट नहीं, हालात अलग

रिपोर्ट ने 2013 के मुद्रा संकट से मौजूदा हालात की तुलना करते हुए कहा कि उस समय स्थिति काफी अस्थिर थी। तब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को विदेशी मुद्रा बाजार को स्थिर करने के लिए FCNR(B) जैसे विशेष कदम उठाने पड़े थे।

लेकिन फिलहाल ऐसा कोई बड़ा संकट नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विदेशी कर्ज के जरिए डॉलर जुटाने का तरीका अभी उचित नहीं दिखता, क्योंकि इससे उधारी की लागत बढ़ सकती है और हेजिंग का खर्च भी ज्यादा हो सकता है।

मजबूत फॉरेक्स रिजर्व बना ढाल

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके विदेशी मुद्रा भंडार को बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास 700 अरब डॉलर से ज्यादा का फॉरेक्स रिजर्व है, जो 10 महीने से ज्यादा के आयात को कवर करता है। साथ ही, शॉर्ट टर्म डेब्ट रिजर्व के 20% से भी कम है, जो एक मजबूत स्थिति को दर्शाता है। हालांकि इसमें 64.5% हिस्सा वोलाटाइल कैपिटल फ्लो का है, लेकिन इसके बावजूद रिजर्व इतना मजबूत है कि सट्टा गतिविधियों को रोका जा सकता है।

रुपये को संभालने के लिए क्या सुझाव?

रिपोर्ट में रुपये की अस्थिरता को कम करने के लिए कई अहम सुझाव दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना की 250-300 मिलियन डॉलर की जरूरत के लिए अलग विंडो दी जाए, ताकि बाजार पर दबाव कम हो सके।

इसके अलावा, RBI द्वारा बैंकों की ओपन पोजीशन को लेकर हाल में किए गए बदलाव से ऑनशोर और ऑफशोर मार्केट में अंतर बढ़ा है। घरेलू बैंक जहां ऑनशोर में मजबूत स्थिति में हैं, वहीं विदेशी बैंक उलट स्थिति में दिख रहे हैं।

रिपोर्ट में “ऑपरेशन ट्विस्ट” जैसे कदम उठाने की भी सलाह दी गई है, जिससे शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म ब्याज दरों में संतुलन बना रहे। इसके साथ ही लिक्विडिटी को नियंत्रित रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि रुपये को स्थिरता मिल सके।

डर नहीं, सतर्कता जरूरी

कुल मिलाकर रिपोर्ट का संदेश साफ है रुपये में जो गिरावट दिख रही है, वह किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है। यह वैश्विक परिस्थितियों का असर है, जिसे भारत अपनी मजबूत आर्थिक नींव और बड़े फॉरेक्स रिजर्व के दम पर संभाल सकता है।

हालांकि आने वाले समय में वैश्विक तनाव और पूंजी प्रवाह की दिशा रुपये की चाल तय करेगी, लेकिन फिलहाल भारत के पास इतना मजबूत सुरक्षा कवच है कि घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।



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Alka Yagnik Caste: क्या है सिंगर अलका याग्निक की जाति? खतरनाक बीमारी से जूझ रहीं गायिका मानती हैं कौन-सा धर्म?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Alka Yagnik Caste: बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक एक बार फिर सुर्खियों में हैं। साल 2024 में अपनी बीमारी का खुलासा करने के बाद अब सिंगर ने बताया है कि वह अब भी उसी समस्या से जूझ रही है और इससे काफी परेशान भी हैं। इस बीमारी ने उनकी हालत और ज्यादा खराब कर दी है।

लाइमलाइट से दूरी, करियर पर पड़ा असर
आपको बता दें कि गंभीर बीमारी के चलते अलका याग्निक लंबे समय से संगीत की दुनिया और पब्लिक अपीयरेंस से दूरी बनाए हुए हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा है कि उनकी सेहत का असर उनके काम पर साफ दिखाई दे रहा है।

Alka Yagnik Caste

‘काम करने की स्थिति में नहीं हूं’

अलका याग्निक ने इंटरव्यू में खुलकर बताया कि वह इस समय कोई नया सिंगिंग असाइनमेंट नहीं ले पा रही हैं। हालांकि म्यूजिक इंडस्ट्री के लोग अब भी उन्हें काम के ऑफर दे रहे हैं। अलका याग्निक ने कहा- लोग अब भी मेरे पास काम लेकर आते हैं लेकिन मैं फिलहाल उसे कर पाने की स्थिति में नहीं हूं। मैं अब काम नहीं कर पाऊंगी।

अलका याग्निक को हुई कौन सी बीमारी?

अलका याग्निक ने साल 2024 में सोशल मीडिया के जरिए खुलासा किया था कि वह सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं। ये बीमारी आमतौर पर वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। इसमें सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है। सिंगर्स के लिए ये बेहद गंभीर स्थिति मानी जाती है। अलका याग्निक ने इसे अपनी जिंदगी का अचानक लगा बड़ा झटका बताया था।

अलका याग्निक की पर्सनल लाइफ को लेकर बढ़ी लोगों की रुचि

इसी बीच अलका याग्निक के फैंस न सिर्फ सिंगर के जल्द ठीक होने की दुआ मांग रहे हैं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ी बातें जानने के लिए भी उत्सुक नजर आ रहे हैं। लोग अलका याग्निक के बारे में कई तरह की बातें गूगल पर सर्च भी कर रहे हैं।

क्या है अलका याग्निक की जाति?

-अलका याग्निक एक भारतीय प्लेबैक सिंगर हैं, जिनका जन्म मार्च 1966 को कोलकाता में एक गुजराती हिंदू परिवार में हुआ था। उनके सरनेम ‘याग्निक’ के आधार पर, उन्हें हिंदू ब्राह्मण समुदाय से माना जाता है, जो मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में पाए जाते हैं। उनकी मां शुभा याग्निक एक शास्त्रीय गायिका थीं।

-याग्निक (Yagnik) मुख्य रूप से भारत के गुजरात और महाराष्ट्र क्षेत्र में पाई जाने वाली एक हिंदू ब्राह्मण उपनाम या जाति है। इस उपनाम की जड़ें ‘यज्ञ’ शब्द से जुड़ी हैं, जो वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान करने वाले लोगों को दर्शाता है।

कौन-सा धर्म फॉलो करती हैं अलका याग्निक?

अलका याग्निक हिंदू धर्म का पालन करती हैं। उनका जन्म कोलकाता, पश्चिम बंगाल में एक गुजराती हिंदू परिवार में हुआ था। अलका याग्निक ने फरवरी 1989 में नीरज कपूर से शादी की थी। शादी के बाद सिर्फ एक महीने ही वो पति के साथ अच्छे से रह पाई थीं। पिछले 36 सालों से वह अपने पति से अलग रह रही हैं।

फैंस कर रहे जल्द ठीक होने की दुआ

मेलोडी क्वीन के नाम से मशहूर अलका याग्निक की आवाज आज भी लाखों-करोड़ों दिलों में बसती है। उनके फैंस और म्यूजिक लवर्स लगातार उनके जल्द स्वस्थ होकर वापसी की दुआ कर रहे हैं।



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