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Exports: रूस ने पेट्रोल निर्यात रोकने का फैसला लिया; भारत ने कहा- ईंधन भंडार पर्याप्त, चिंता की जरूरत नहीं


वैश्विक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रूस सरकार ने एक अप्रैल से पेट्रोल निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। रूसी उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। नोवाक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्राथमिकता घरेलू ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखना है। रूसी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार वर्तमान रिफाइनिंग दरें स्थिर हैं और देश के पास पर्याप्त रिजर्व मौजूद है।

कच्चा तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार सुरक्षित

दूसरी ओर भारत सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने मंत्रालयों की संयुक्त समीक्षा में कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष से वैश्विक आपूर्ति और कीमतें प्रभावित हुई हैं, लेकिन भारत के पास अगले दो महीनों के लिए कच्चा तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार सुरक्षित है।


  • रूसी सरकार के मुताबिक निर्यात पर प्रतिबंध का फैसला घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।

  • पश्चिम एशिया में संकट के बीच भारत में किल्लत की आशंकाओं को लेकर पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

भारत में घरेलू एलपीजी उत्पादन में 20% की वृद्धि

उन्होंने बताया कि भारतीय रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रहीं। घरेलू एलपीजी उत्पादन में 20% की वृद्धि हुई है। सरकार के इन कदमों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद भारतीय बाजार में आपूर्ति निरंतरता और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।

किन देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

इस फैसले का असर चीन, तुर्की, ब्राजील, अफ्रीकी देशों और सिंगापुर पर पड़ने की संभावना है। ये देश रूसी पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदार हैं। भारत कच्चे तेल का आयात करता है, न कि परिष्कृत पेट्रोल का, इसके चलते भारत पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा।



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US Iran War: ईरान ने सऊदी के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइल, 10 सैनिक हताहत! कितना हुआ नुकसान?


International

oi-Siddharth Purohit

US Iran War: अमेरिका-ईरान की जंग जब शुरू हुई थी तब लग रहा था कि 15 दिन में अमेरिका सब समेट देगा। हमले में पहले ही दिन अली खामेनेई की मौत के बाद ऐसा लग भी रहा था। लेकिन अब 29 दिनों के बाद कहानी उल्टी हो चुकी है। ऐसा लग रहा है कि ईरान कमजोर पड़ने के बजाय और ज्यादा मजबूत और घातक हो गया है। ताजा मामला कुछ घंटे पहले का है, जब ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। जिसमें 10 अमेरिकी जवान हताहत हुए हैं। पर किसी की जान नहीं गई है।

किस बेस पर हुआ हमला?

सऊदी अरब से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमला Prince Sultan Air Base पर हुआ। ईरानी मिसाइल और ड्रोन ने अमेरिकी रिफ्यूलिंग (ईंधन भरने वाले) विमानों को निशाना बनाया, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। इसके अलावा 10 सैनिकों के घायल होने की भी खबर आई है।

US Iran War American base Saudi 1

सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

हमले में क्षतिग्रस्त विमानों की सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आईं। इससे पहले 1 मार्च को इसी बेस पर हुए एक हमले में 26 साल के आर्मी सार्जेंट बेंजामिन एन. पेनिंगटन घायल हुए थे, जिनकी कुछ दिनों बाद मौत हो गई। वहीं, United States Central Command ने पहले बताया था कि इस पूरे संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं।

हमले से बौखलाए ट्रंप, अब्राहम एकॉर्ड्स पर दिया जोर

इस हमले पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद अब सऊदी अरब और इजरायल के बीच रिश्तों को सामान्य करना जरूरी है। हमें अब्राहम एकॉर्ड्स में शामिल होना होगा।” बता दें कि ट्रंप लंबे समय से इजरायल और सऊदी अरब पर Abraham Accords के तहत रिश्ते सामान्य करने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन ऐसा अभी तक हो नहीं पाया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान नरम

इस बीच, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Ali Bahreini ने कहा कि तेहरान ने Strait of Hormuz के जरिए मानवीय सहायता को आसान बनाने और तेज करने पर सहमति दे दी है। यह फैसला तब लिया गया है, जब ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमले जारी हैं।

वैश्विक व्यापार और खाद्य सुरक्षा पर असर

अली बहरेनी ने बताया कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध को मान लिया है ताकि मानवीय सहायता और कृषि से जुड़े सामान इस जलमार्ग से गुजर सकें। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल शि पमेंट और करीब एक-तिहाई उर्वरक (फर्टिलाइजर) व्यापार को संभालता है। इसलिए इसका खुला रहना पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और खेती के लिए बेहद जरूरी है।

एक महीने के युद्ध के बाद पहली बड़ी राहत

यह कदम एक महीने से चल रहे युद्ध के बीच पहली बड़ी राहत माना जा रहा है। अब तक दुनिया का ध्यान तेल और गैस सप्लाई पर था, लेकिन उर्वरक की कमी भी एक बड़ा संकट बन रही है। अगर यह समस्या बढ़ती, तो दुनिया भर में खेती और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता था।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट


🔹दिल्ली ₹2,400 (10g) | ₹24,000 (100g) | ₹2,40,000 (1kg) 🔹मुंबई ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹कोलकाता ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹चेन्नई ₹2,450 | ₹24,500 | ₹2,45,000 🔹पटना ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹लखनऊ ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹मेरठ ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹अयोध्या ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹कानपुर ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹गाजियाबाद ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹नोएडा ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹गुरुग्राम ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹चंडीगढ़ ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹जयपुर ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹लुधियाना ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹गुवाहाटी ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹इंदौर ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹अहमदाबाद ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹सूरत ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹पुणे ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹नागपुर ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹वडोदरा ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹नासिक ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹बैंगलोर ₹2,400 | ₹24,000 | ₹2,40,000 🔹भुवनेश्वर ₹2,450 | ₹24,500 | ₹2,45,000 🔹कटक ₹2,450 | ₹24,500 | ₹2,45,000 🔹हैदराबाद ₹2,450 | ₹24,500 | ₹2,45,000



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Delhi IGI vs Noida Jewar Airport: किराया, सुविधाएं, कनेक्टिविटी- कौन बेहतर? स्मार्ट ऑप्शन क्या? 8 बड़ी तुलनाएं


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

Delhi IGI vs Noida Jewar Airport: दिल्ली-NCR में अब हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव आ चुका है। पहले जहां सिर्फ इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Indira Gandhi International Airport) ही सबसे बड़ा विकल्प था, अब उसके साथ नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Noida International Airport) जुड़ गया है।

अब सवाल यह है कि इन दोनों में से बेहतर कौन है? क्या आपको हमेशा IGI ही चुनना चाहिए या अब जेवर एयरपोर्ट ज्यादा स्मार्ट ऑप्शन बन सकता है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह आपकी लोकेशन, बजट और जरूरत पर निर्भर करता है। चलिए इसे एक-एक करके समझते हैं, ताकि अगली बार फ्लाइट बुक करते समय आप कंफ्यूज न हों…

delhi-igi-vs-noida-jewar-airport

Q1. दिल्ली IGI और नोएडा जेवर एयरपोर्ट की लोकेशन और दूरी की तुलना क्या है? कौन किसके लिए आसान है?

दिल्ली-NCR में अब दो बड़े एविएशन हब हैं – इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI, पालम) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)। 28 मार्च 2026 को PM मोदी द्वारा उद्घाटन होने वाले जेवर एयरपोर्ट ने NCR की ट्रैफिक समस्या को हल करने का वादा किया है।

दूरी की तुलना (2026 अपडेट):

  • सेंट्रल दिल्ली (कनॉट प्लेस/राजघाट) से IGI: 15-20 किमी – 30-60 मिनट (ट्रैफिक पर निर्भर)।
  • सेंट्रल दिल्ली से जेवर: 70-100 किमी – 1.5-2.5 घंटे (यमुना एक्सप्रेसवे से)।
  • नोएडा/ग्रेटर नोएडा से जेवर: 40-68 किमी – 30-60 मिनट (यमुना एक्सप्रेसवे डायरेक्ट)।
  • नोएडा से IGI: 30-40 किमी – 1-1.5 घंटे।
  • गुरुग्राम से IGI: 10-20 किमी – 20-45 मिनट।
  • गुरुग्राम से जेवर: 90-110 किमी – 2-2.5 घंटे।
  • फरीदाबाद/घाजियाबाद: दोनों एयरपोर्ट लगभग बराबर (40-80 किमी)।

एक नजर में समझें- सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और गुरुग्राम वालों के लिए अभी IGI बेहतर। लेकिन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, पश्चिमी UP (बुलंदशहर, आगरा, मथुरा) वालों के लिए जेवर गेम-चेंजर है। भविष्य में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक और RRTS से जेवर की दूरी और कम हो जाएगी।

Q2. ट्रैवल टाइम और किराए (कैब/मेट्रो/टैक्सी) की तुलना – कौन सस्ता और तेज?

ट्रैवल टाइम:

  • IGI: दिल्ली-NCR के ज्यादातर हिस्सों से 30-90 मिनट। मेट्रो एक्सप्रेस लाइन (Airport Express) से सीधा कनेक्शन।
  • जेवर: अभी एक्सप्रेसवे पर निर्भर – नोएडा से 45 मिनट, सेंट्रल दिल्ली से 2 घंटे। लेकिन 2027 तक 31 किमी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक (₹3,631 करोड़) पूरा होने से समय 30-40% कम हो जाएगा।

किराया (अनुमानित, Ola/Uber/मेट्रो):

  • IGI: कैब ₹300-800, मेट्रो ₹100-200।
  • जेवर: कैब ₹800-2,000 (लंबी दूरी), लेकिन मेट्रो/RRTS/हाई-स्पीड रेल शुरू होने पर ₹300-500 तक गिर सकता है।
  • फ्लाइट टिकट किराया: जेवर पर 10-20% सस्ता संभव। कारण – नोएडा में एविएशन फ्यूल पर VAT सिर्फ 1% (IGI में 25%)। लो-कॉस्ट कैरियर्स (IndiGo, Akasa) को सस्ता पड़ेगा, तो पैसेंजर को फायदा।

एक नजर में समझें- आज IGI तेज और सस्ता ट्रैवल। लेकिन 2-3 साल बाद जेवर का मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी (मेट्रो + RRTS + एक्सप्रेसवे) IGI को टक्कर देगा।

Q3. दोनों एयरपोर्ट की निर्माण लागत और निवेश की तुलना – कौन कितना महंगा?

IGI एयरपोर्ट:

  • पुराना एयरपोर्ट (1960s से)। T3 जैसे बड़े टर्मिनल पर हजारों करोड़ खर्च (T3 अकेले ₹12,000 करोड़+ में बना)।
  • कुल विस्तार (T1, T2, T3 + रनवे): 2014-2026 तक ₹20,000 करोड़+। अभी GMR चलाता है। क्षमता बढ़ाने के लिए Master Plan 2026 में और ₹10,000 करोड़+ प्लान।
  • Mature इंफ्रास्ट्रक्चर, लेकिन भीड़ और पुरानी समस्याएं।

जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल):

  • फेज-1 लागत: ₹11,282 करोड़ (कंसेशनेयर ₹6,876 करोड़ + राज्य द्वारा भूमि ₹4,406 करोड़)।
  • कुल प्रोजेक्ट लागत: ₹29,560-29,650 करोड़ (4 फेज)।
  • PPP मॉडल – Zurich Airport International + Tata Projects। ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट, दुनिया का सबसे बड़ा नेट-जीरो एयरपोर्ट प्लान।
  • 6,700 एकड़ भूमि (₹5,000 करोड़+ खर्च)। फेज-1 में 3,300 एकड़।

एक नजर में समझें-: IGI mature और कम नई लागत वाला। जेवर भविष्य का मेगा प्रोजेक्ट – एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की राह पर। जेवर का निवेश UP की अर्थव्यवस्था को ₹1 लाख करोड़+ का बूस्ट देगा।

Q4. टर्मिनल, रनवे और यात्री क्षमता की तुलना – आज कौन आगे, भविष्य में कौन?

फैक्टर IGI एयरपोर्ट जेवर एयरपोर्ट (2026+)
टर्मिनल 3 (T1 विस्तारित, T2 रिनोवेटेड, T3) फेज-1: 1 (T1, 90,000 sqm); आगे 4 टर्मिनल
रनवे 3-4 (4,400m नया रनवे 2023 में) फेज-1: 1 (3,900m); आगे 5-6 रनवे
यात्री क्षमता 10.5 करोड़/वर्ष (105 मिलियन); 2029 तक 12.5 करोड़ फेज-1: 1.2 करोड़; पूरा: 7 करोड़ (70 मिलियन)
कार्गो/ MRO बड़ा कार्गो हब नया कार्गो टर्मिनल + MRO सेंटर (शिलान्यास आज)
  • IGI आज: भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट (एशिया-पैसिफिक में टॉप-5), 80+ एयरलाइंस, ज्यादा इंटरनेशनल फ्लाइट्स।
  • जेवर भविष्य: 2050 तक 6 रनवे, 70 मिलियन+ यात्री। NCR का लोड 30-40% कम करेगा।

एक नजर में समझें-: आज IGI आगे (क्षमता और फ्लाइट ऑप्शंस में)। 5-10 साल बाद जेवर भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है।

Q5. कनेक्टिविटी की तुलना – सड़क, रेल, मेट्रो और फ्यूचर प्लान

IGI: Indira Gandhi International Airport

  • दिल्ली मेट्रो (Airport Express Line – 22 मिनट से न्यू दिल्ली)।
  • NH-48, रिंग रोड, बस/टैक्सी/ऑटो।
  • अभी सबसे अच्छी कनेक्टिविटी।

जेवर:

  • यमुना एक्सप्रेसवे (पहले से जुड़ा)।
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 31 किमी लिंक (2027 तक)।
  • ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे क्लोवरलीफ।
  • भविष्य: RRTS, हाई-स्पीड रेल (दिल्ली-वाराणसी), मेट्रो स्टेशन, IGI से RRTS कॉरिडोर (80 मिनट में दोनों एयरपोर्ट कनेक्ट)।

एक नजर में समझें-: IGI अभी बेहतर। जेवर 2027-30 तक मल्टी-मोडल हब बन जाएगा – सड़क + रेल + एयर।

Q6. सुविधाएं और पैसेंजर एक्सपीरियंस की तुलना – कौन बेहतर अनुभव देगा?

IGI: Indira Gandhi International Airport

  • प्रीमियम लाउंज, शॉपिंग, होटल, रेस्टोरेंट।
  • ज्यादा फ्लाइट ऑप्शंस, लेकिन भीड़, लंबी कतारें, पुरानी इमारतें।
  • Established इंटरनेशनल हब।

जेवर: Jewar International Airport

  • नया, मॉडर्न, eco-friendly (नेट-जीरो, सोलर, ग्रीन टेक)।
  • कम भीड़, बड़ा स्पेस, बेहतर चेक-इन/सिक्योरिटी।
  • VIP लाउंज, फूड कोर्ट, रिटेल + MRO और कार्गो हब।
  • कम ऑपरेशनल कॉस्ट – सस्ती फ्लाइट्स।

एक नजर में समझें-: आईजीआई परिपक्व लेकिन भीड़भाड़ वाला। जेवर नया, क्लीन, कम स्ट्रेस वाला अनुभव देगा। शुरुआत में जेवर पर LCC फ्लाइट्स सस्ती होंगी।

Q7. किस-किसको सुविधा मिलेगी? क्षेत्र और सेक्टर के अनुसार फायदे

IGI से फायदा:

  • सेंट्रल/साउथ दिल्ली, गुरुग्राम, साउथ NCR वालों को।
  • इंटरनेशनल बिजनेस ट्रैवलर्स, प्रीमियम पैसेंजर्स।

जेवर से फायदा: Jewar International Airport

  • क्षेत्र: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, पश्चिमी UP (2 करोड़+ लोग), हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर।
  • सेक्टर: लॉजिस्टिक्स (कार्गो), रियल एस्टेट (कीमतें 2-3x बढ़ीं), रोजगार (लाखों जॉब्स), टूरिज्म (आगरा-अयोध्या सर्किट), MSME/कृषि एक्सपोर्ट, MRO इंडस्ट्री।
  • UP को एविएशन हब बनाएगा।

कुल फायदा: जेवर IGI का लोड कम करेगा – दोनों एयरपोर्ट मिलकर NCR को विश्व-स्तरीय एविएशन हब बनाएंगे।

Q8. फाइनल वर्डिक्ट – आज कौन बेहतर, 5-10 साल बाद कौन?

  • आज (2026): IGI बेहतर – बेहतर कनेक्टिविटी, ज्यादा फ्लाइट्स, mature सुविधाएं। जेवर अभी नया है, फ्लाइट्स कम, कनेक्टिविटी डेवलपिंग।
  • भविष्य (2030+): जेवर ज्यादा बेहतर – बड़ा, आधुनिक, सस्ता, कम भीड़। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट। IGI को सपोर्ट करेगा, NCR की ग्रोथ को बूस्ट देगा।

स्मार्ट चॉइस: लोकेशन देखकर चुनें।

  • दिल्ली/गुरुग्राम – IGI
  • नोएडा/ग्रेटर नोएडा/पश्चिमी UP – जेवर
  • लंबी दूरी के लिए ऐप्स चेक करें (Google Maps + flight radar)।

एक नजर: जेवर एयरपोर्ट NCR का नया विकास इंजन है

दिल्ली IGI vs जेवर – दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। IGI पुराना हीरो है, जेवर नया सुपरस्टार। मोदी-योगी सरकार के विजन से UP एविएशन में लीडर बन गया। 28 मार्च 2026 को जेवर का उद्घाटन उत्तर भारत के लिए नया इतिहास रचेगा।



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Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के गिरे भाव, निवेशकों का चढ़ा पारा, जाने मुंबई में कहां पहुंचा रेट?


Business

oi-Ankur Sharma

Mumbai Gold Silver Rate Today: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच सोने की कीमतों में उठा-पटक जारी है, शनिवार को गोल्ड रेट में बदलाव देखा जा रहा है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक दिल्ली में 24 कैरेट वाला सोना लुढ़का है और इसका रेट 1,47,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

लेकिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव में 0.15% वृद्धि देखी गई है जिसके बाद गोल्ड रेट 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है तो वहीं गुडरिटर्न्स के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव 1,44,860 रुपये प्रति 10 ग्राम है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मुंबई में सोने का भाव क्य़ा है?

Mumbai Gold Silver Rate Today

Gold Rate Today in Hindi: आज का सोने का भाव इस प्रकार है (IBJA के मुताबिक)

  • सोना 24 कैरेट: 142942 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 22 कैरेट: 130935 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • सोना 18 कैरेट: 107207 रुपये प्रति 10 ग्राम

Mumbai Gold Rate Today: मुंबई में क्या है सोने का रेट?

  • मुंबई में सोना 24 कैरेट: ₹144710 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 22 कैरेट: ₹132650 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई में सोना 18 कैरेट: ₹108530 प्रति 10 ग्राम

(लोकल ज्वैलर्स के दामों में थोड़ा अंतर संभव है)

Mumbai Silver Rate Today :मुंबई में क्या है चांदी का रेट?

चांदी की कीमतों में भी बदलाव जारी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव आज सुबह 09% लुढ़कर 2,27,750 रुपये किलो पर आ गया है, जबकि गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक चांदी की कीमत 2,40,000 रुपये किलो है, ऐसे में मुंबई में चांदी का रेट निम्नलिखित हैं

मुंबई में आज चांदी का रेट

  • प्रति 10 ग्राम कीमत: ₹2,400
  • प्रति 100 ग्राम कीमत: ₹24,000
  • प्रति किलोग्राम कीमत: ₹2,40,000

(शहर, ज्वेलर और GST/मेकिंग चार्ज के कारण रेट थोड़ा अलग हो सकता है)

डिस्क्लेमर: बताए गए विचार और सुझाव सिर्फ़ अलग-अलग एनालिस्ट या एंटिटी के हैं, वनइंडिया हिंदी किसी भी तरह के कोई निवेश सलाह नहीं देता है देता हैं और ना ही सिक्योरिटीज़ की खरीद या बिक्री के लिए कहता है। सारी जानकारी सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद के लिए दी गई है और कोई भी निवेश का फ़ैसला लेने से पहले लाइसेंस वाले फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से इसे अलग से वेरिफ़ाई कर लेना चाहिए।



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Strait of Hormuz: भारत को मिले सुरक्षित मार्ग पर बोले मनोज तिवारी, ‘यह बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता’


India

oi-Smita Mugdha

Strait of Hormuz Manoj Tiwari: मध्य पूर्व के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया है कि भारत को इस अहम जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति मिली है। उन्होंने कहा कि यह देश की बड़ी कूटनीतिक जीत है। संकट के इस समय में भी भारत की मजबूत स्थिति बरकरार है।

मनोज तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘फिलहाल सिर्फ पांच देशों के जहाजों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है, जिनमें भारत भी शामिल है।’ उन्होंने कहा कि यह स्थिति भारत की मजबूत विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती साख को दर्शाती है। खास तौर पर ईरान ने भारत को ‘फ्रेंडली नेशन’ की सूची में शामिल किया जाना एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

Strait of Hormuz Manoj Tiwari

Strait of Hormuz का है बड़ा कूटनीतिक महत्व

– हार्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है।

– ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और ईंधन कीमतों पर पड़ता है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए इस मार्ग का खुला रहना बेहद जरूरी है।

– मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों के ऊपर कई तरह के प्रतिबंध और टोल टैक्स भी लगाए हैं। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है।

Manoj Tiwari ने बताया पीएम मोदी की सफलता

मनोज तिवारी ने यह भी कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर न पड़े। इसके लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पीएम मोदी के प्रयासों और दूरदृष्टि की वजह से मुमकिन हो सका है। इससे हार्मुज मार्ग पर भारत की सुरक्षित पहुंच से न केवल तेल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी स्थिरता मिलेगी। यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



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Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट


🔹दिल्ली 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹मुंबई 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹अहमदाबाद 24K – ₹1,44,770 | 22K – ₹1,32,710 | 18K – ₹1,01,800 🔹चेन्नई 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹कोलकाता 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹हैदराबाद 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹जयपुर 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹भोपाल 24K – ₹1,44,770 | 22K – ₹1,32,710 | 18K – ₹1,01,800 🔹लखनऊ 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹चंडीगढ़ 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹पुणे 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹बेंगलुरु 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹नोएडा 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹गुरुग्राम 24K – ₹1,44,870 | 22K – ₹1,32,810 | 18K – ₹1,01,880 🔹पटना 24K – ₹1,44,770 | 22K – ₹1,32,710 | 18K – ₹1,01,800 🔹इंदौर 24K – ₹1,44,770 | 22K – ₹1,32,710 | 18K – ₹1,01,800 🔹सूरत 24K – ₹1,44,770 | 22K – ₹1,32,710 | 18K – ₹1,01,800 🔹नागपुर 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹कोच्चि 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770 🔹भुवनेश्वर 24K – ₹1,44,720 | 22K – ₹1,32,660 | 18K – ₹1,01,770



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Jewar Airport Explainer: कितनी लागत से बना? कितनी फ्लाइट्स चलेंगी-कनेक्टिविटी? कितने टर्मिनल?-7 सवालों के जवाब


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

Noida Jewar Airport Explainer: नोएडा के जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उत्तर भारत के भविष्य की एक बड़ी तस्वीर बन चुका है। लंबे इंतजार के बाद 28 मार्च 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब Narendra Modi इसका उद्घाटन कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट सिर्फ दिल्ली-NCR का बोझ कम करने के लिए नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों को नई रफ्तार देने के लिए तैयार किया गया है।

अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर इस एयरपोर्ट में ऐसा क्या खास है, कितनी लागत आई, कितनी फ्लाइट्स चलेंगी, और इससे आपको क्या फायदा होगा, तो चलिए इसे पूरी तरह आपके हर सवाल का जवाब समझते हैं….

Noida International Airport Jewar Project

Q1. नोएडा जेवर एयरपोर्ट कितनी लागत से बना है? पूरी परियोजना की लागत क्या है और फेज-1 में कितना खर्च हुआ?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित हो रहा है। फेज-1 की कुल निवेश लागत ₹11,200 करोड़ है। इसमें भूमि अधिग्रहण पर लगभग ₹5,000 करोड़ और निर्माण पर करीब ₹7,000 करोड़ खर्च हुए हैं। पुराने अनुमानों में फेज-1 की लागत ₹4,588 करोड़ बताई जाती थी, लेकिन अंतिम अपडेटेड फिगर ₹11,200 करोड़ है।

पूरी परियोजना (4-5 फेज में) की कुल अनुमानित लागत ₹29,650 करोड़ है। यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शुमार होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026 के बजट में अतिरिक्त ₹750 करोड़ जेवर एयरपोर्ट के विस्तार और भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित किए हैं। कुल 6,700 एकड़ भूमि अधिग्रहित हो चुकी है (पहले चरण में 3,300 एकड़), बाकी 5,100 एकड़ अगले कुछ महीनों में अधिग्रहण होगा। यह लागत सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि सस्टेनेबल, नेट-जीरो एमिशन एयरपोर्ट बनाने में भी लगी है – सोलर पैनल, एनर्जी एफिशिएंट सिस्टम और ग्रीन टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

Q2. जेवर एयरपोर्ट में कितने टर्मिनल और रनवे होंगे? फेज-वाइज प्लान क्या है?

फेज-1 (28 मार्च 2026 को उद्घाटन):

  • – 1 टर्मिनल (T1)
  • – 1 रनवे (3,900 मीटर लंबा, CAT-I ILS सिस्टम के साथ)
  • – वार्षिक यात्री क्षमता: 1.2 करोड़ (12 मिलियन पासेंजर्स पर ईयर – MMPA)
  • – औसतन 150 फ्लाइट्स प्रतिदिन
  • – 10 एयरोब्रिज, 28 एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड्स, कार्गो टर्मिनल और MRO (मेन्टेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर

भविष्य के फेज (2027-2040 तक):

  • – कुल 4-5 टर्मिनल
  • – 5-6 रनवे (दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स जैसा)
  • – पूरी क्षमता: 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्री प्रति वर्ष (कुछ प्लान्स में 16 करोड़ तक)
  • – 400से ज्यादा एयरक्राफ्ट गेट्स, हाई-स्पीड रेल और मेट्रो स्टेशन, होटल, शॉपिंग मॉल, लॉजिस्टिक्स हब

95% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 10 नवंबर 2025 तक फेज-1 पूरी तरह तैयार था। यात्रियों की संख्या 1 करोड़ पार करते ही दूसरा रनवे शुरू होगा। यह दिल्ली के IGI एयरपोर्ट का लोड कम करेगा और NCR को दूसरा बड़ा एविएशन हब देगा।

Q3. जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी कितनी बेहतरीन है? सड़क, रेल और एयर नेटवर्क की डिटेल बताएं।

जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी है। यह सिर्फ एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट हब बनेगा:

सड़क कनेक्टिविटी:

Noida International Airport Jewar Project

  • यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा लिंक (पहले से जुड़ा)
  • ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से क्लोवरलीफ इंटरचेंज (2019 में प्लान, अब पूरा होने वाला)
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 31 किमी लिंक रोड (₹3,631 करोड़ की लागत, NHAI प्रोजेक्ट) – दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-सोहना से जुड़ेगा। 7 किमी नोएडा खंड पहले से तैयार, बाकी 2027 तक।
  • जेवर टोल प्लाजा से नई सड़कें – माल परिवहन के लिए खास डिजाइन।

रेल कनेक्टिविटी:

Noida International Airport Jewar Project

  • प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली-वाराणसी)
  • मेट्रो और रीजनल रेल कनेक्शन (YEIDA क्षेत्र में)
  • भविष्य में हाई-स्पीड ट्रेन स्टेशन एयरपोर्ट परिसर में

एयर नेटवर्क:

Noida International Airport Jewar Project

  • – शुरुआत में डोमेस्टिक से ज्यादा कार्गो फ्लाइट्स
  • – जल्द ही इंटरनेशनल फ्लाइट्स (इंडिगो, अन्य एयरलाइंस ट्रायल रन कर चुकी हैं)
  • – कुल मिलाकर NCR, पश्चिमी UP, हरियाणा और राजस्थान को 2-3 घंटे में कनेक्ट करेगा।

Q4. जेवर एयरपोर्ट से किस-किसको सुविधा मिलेगी? क्षेत्र और सेक्टर के अनुसार फायदे बताएं।

यह एयरपोर्ट उत्तर भारत का आर्थिक इंजन बनेगा। मुख्य लाभार्थी:-

क्षेत्रीय फायदा:

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश (गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा आदि) – पहले दिल्ली जाना पड़ता था, अब लोकल हब।
  • दिल्ली-NCR (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद) – IGI का 30-40% ट्रैफिक शिफ्ट होगा।
  • हरियाणा और राजस्थान के बॉर्डर एरिया – आसान एक्सेस।
  • कुल 2 करोड़से ज्यादा लोगों को सीधी सुविधा।

सेक्टर-वाइज फायदा:

  • – उद्योग और लॉजिस्टिक्स: कार्गो टर्मिनल से निर्यात-आयात आसान। MRO सेंटर से एयरक्राफ्ट रिपेयर हब बनेगा।
  • – रियल एस्टेट: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्रॉपर्टी कीमतें 2-3 गुना बढ़ चुकी हैं। YEIDA सिटी में नई जॉब्स और हाउसिंग।
  • – रोजगार: हजारों डायरेक्ट से ज्यादा लाखों इनडायरेक्ट जॉब्स (कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन, टूरिज्म, होटल, रिटेल)।
  • – टूरिज्म और व्यापार: अयोध्या, वाराणसी, आगरा जैसे सर्किट से आसान कनेक्शन।
  • – कृषि और MSME: पश्चिमी UP के किसानों को फल-सब्जी एक्सपोर्ट आसान।
  • – अर्थव्यवस्था: UP को ₹1 लाख करोड़ का अतिरिक्त योगदान (CM योगी का अनुमान)।

Q5. उत्तर प्रदेश में कितने नेशनल (डोमेस्टिक) और इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं?

इंटरनेशनल एयरपोर्ट (कुल 5 – भारत में सबसे ज्यादा किसी राज्य में):

  • 1. चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ
  • 2. लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट, वाराणसी
  • 3. कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
  • 4. मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एयरपोर्ट (अयोध्या) – अपग्रेडेड
  • 5. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) – नया

डोमेस्टिक/नेशनल एयरपोर्ट और अन्य (कुल 15-16 ऑपरेशनल से ज्यादा विकास में):

  • गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, हिंदन (गाजियाबाद), झांसी, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या (पुराना), श्रावस्ती, चित्रकूट आदि।
  • कुल मिलाकर UP में 21 एयरपोर्ट (ऑपरेशनल से ज्यादा प्रस्तावित/अंडर कंस्ट्रक्शन) – भारत का पहला राज्य।

Q6. PM मोदी (2014-2026) और CM योगी (2017-2026) के वक्त में UP में कितने एयरपोर्ट बने या अपग्रेड हुए?

2017 से पहले UP में सिर्फ 2-4 फंक्शनल एयरपोर्ट थे (मुख्यतः लखनऊ और वाराणसी)। मोदी-योगी सरकार में एविएशन क्रांति आई:

  • नए इंटरनेशनल: कुशीनगर, अयोध्या, जेवर (2026)
  • अपग्रेड: हिंदन सिविल टर्मिनल, अयोध्या को इंटरनेशनल दर्जा
  • UDAN स्कीम के तहत कई छोटे एयरपोर्ट: अलीगढ़, अयोध्या, चित्रकूट, आजमगढ़, मुरादाबाद आदि
  • कुल 16 डोमेस्टिक से ज्यादा 5 इंटरनेशनल (2017 में सिर्फ 4-5 कुल)।

CM योगी ने कहा – ‘2017 में 2.5 एयरपोर्ट थे, आज 16 डोमेस्टिक से ज्यादा 4 इंटरनेशनल (जेवर के बाद 5)।’ भारत में कुल एयरपोर्ट 2014 के 74 से बढ़कर 140से ज्यादा हो गए। UP में एविएशन सेक्टर 10 गुना बढ़ा।

Q7. किसी एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा कब मिलता है? भारत में क्या शर्तें हैं?

भारत में DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और गृह मंत्रालय के नियमों के अनुसार इंटरनेशनल दर्जा मिलता है जब:

  • 1. एरोड्रोम लाइसेंस DGCA से मिल जाए (जेवर को हाल ही में मिला)।
  • 2. कस्टम्स, इमिग्रेशन और सिक्योरिटी सुविधाएं पूरी हों (BCAS, CISF, इमिग्रेशन काउंटर)।
  • 3. ICAO/IATA स्टैंडर्ड – रनवे लंबाई, ILS, नेविगेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी आदि।
  • 4. इंटरनेशनल फ्लाइट्स की अनुमति – विदेशी एयरलाइंस ऑपरेट कर सकें।
  • 5. सरकार की मंजूरी (MoCA)।

जब एयरपोर्ट से सीधी विदेशी उड़ानें शुरू हो जाती हैं और सभी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो, तब “इंटरनेशनल एयरपोर्ट” कहा जाता है। जेवर में फेज-1 में ही इंटरनेशनल ऑपरेशंस शुरू होंगे।

जेवर एयरपोर्ट सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर भारत का नया विकास इंजन है। यह दिल्ली का ट्रैफिक बोझ हल करेगा, पश्चिमी UP को एविएशन हब बनाएगा, लाखों रोजगार देगा और अर्थव्यवस्था को ₹1 लाख करोड़ का बूस्ट देगा। मोदी-योगी की दूरदर्शिता से UP आज भारत का एविएशन लीडर राज्य बन गया है।



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शंकराचार्य केस में पाकिस्तान की एंट्री! आशुतोष ब्रह्मचारी को मारने की कौन रच रहा साजिश? नंबर का खुलासा


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

Ashutosh Brahmachari Death Threat: उत्तर प्रदेश के शामली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी को जान से मारने की सीधी धमकी दी गई है। यह धमकी किसी स्थानीय अपराधी से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कोड वाले एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से आई है।

आरोप है कि कॉल करने वाले ने आशुतोष महाराज और उनके अधिवक्ता को बम से उड़ाने और अपहरण करने की चेतावनी दी है, यदि उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस नहीं ली। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।

Ashutosh Brahmachari Maharaj

धमकी भरे कॉल के कोड का खुलासा

शामली के कांधला क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली। चौंकाने वाली बात यह है कि यह धमकी भरा कॉल पाकिस्तान के कोड (+92) वाले नंबर से आया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर मिली धमकी

पूरा विवाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े एक कानूनी प्रकरण से शुरू हुआ है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। यह मामला नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है।

आशुतोष महाराज ने लगाए गंभीर आरोप?

आशुतोष महाराज का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में इस केस की पैरवी तेज की, उन्हें डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया। शुक्रवार शाम लगभग 5:53 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने सीधे शब्दों में कहा कि यदि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस नहीं ली, तो उन्हें और उनके अधिवक्ता सौरभ अजय गुप्ता को बम से उड़ा दिया जाएगा या फिर अगवा कर लिया जाएगा।

पाकिस्तान कनेक्शन और पुलिस की कार्रवाई
धमकी मिलने के तुरंत बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने ‘112’ नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय कॉल को देखते हुए शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल सर्विलांस टीम को एक्टिव कर दिया है।

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि जिस नंबर से कॉल आई थी, उस पर पाकिस्तान का कंट्री कोड (+92) प्रदर्शित हो रहा है। उन्होंने बताया कि, ‘प्रथम दृष्टया यह मामला कानूनी प्रक्रिया में बाधा डालने और डराने का प्रतीत होता है। अंतरराष्ट्रीय नंबर होने के कारण हम हर पहलू की तकनीकी जांच कर रहे हैं। कॉल डिटेल्स के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को चिन्हित किया जाएगा।’

सुरक्षा की मांग और कानूनी रुख

आशुतोष ब्रह्मचारी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में अपनी और अपने सहयोगियों की जान को गंभीर खतरा बताते हुए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे धर्म और न्याय की इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल, थाना कांधला पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और महाराज के आवास के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियां भी इस कॉल के मूल स्रोत और किसी संभावित स्थानीय कनेक्शन की तलाश में जुट गई हैं।



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कानपुर-कौशांबी में हाईवे पर पेट्रोल की लूट मची: ड्रम-बाल्टी लेकर पहुंचे लोग; टैंकरों की हुई थी भिड़ंत – Kanpur News




यूपी में पेट्रोल पंपों पर तीन दिन बाद शनिवार को भीड़ कम है। कहीं-कहीं लाइनें दिख रही हैं। कौशांबी में शनिवार सुबह हाईवे पर डीजल टैंकर और डीसीएम की टक्कर हो गई। टैंकर से डीजल सड़क पर फैल गया। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से लोग पहुंच गए और बाल्टियों में डीजल भरकर ले जाने लगे। इसी तरह की घटना कानपुर में भी सामने आई। यहां शुक्रवार शाम हाईवे पर पेट्रोल टैंकर खराब हो गया। उसी दौरान पीछे से आ रही एक गाड़ी ने उसमें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टैंकर से पेट्रोल रिसने लगा। यह देखते ही लोग ड्रम और बाल्टियों के साथ पेट्रोल भरने में जुट गए। चालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा। इसी बीच, तेल कंपनियों के यूपी कोआर्डिनेटर संजय भंडारी ने कहा- प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। सभी मांगों को पूरा किया जा रहा है। अफवाहों पर ध्यान न दें। जरूरत के हिसाब से ही ईंधन खरीदें। हमेशा की तरह सात दिन का बैकअप स्टॉक मौजूद है। सरकार के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह के चलते तीन दिनों में पूर्वी यूपी के कई जिलों में पेट्रोल की बिक्री 222% और डीजल की बिक्री 230% तक बढ़ गई थी। इसके चलते पंपों पर लंबी लाइनें लगने लगी थीं। यूपी में पेट्रोल-डीजल को लेकर पंपों पर क्या हालात हैं, जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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