Bearded Ram In Odisha, Sri Raghunath Jew Temple, Ram Temple In Odisha, Rama Navami, Nayagarh District.
प्रियंका साहू. नयागढ़ (ओडिशा)8 मिनट पहले
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प्रसिद्ध रघुनाथ जीऊ मंदिर में भगवान राम और लक्ष्मण के मुख पर दाढ़ी और मूंछ हैं।
ओडिशा के नयागढ़ जिले में प्रसिद्ध रघुनाथ जीऊ मंदिर है। यहां भगवान राम और लक्ष्मण के मुख पर दाढ़ी और मूंछ हैं। दोनों के सिर पर जटा भी है। माता सीता का चेहरा सीधा न होकर थोड़ा सा टेढ़ा है क्योंकि वे किसी और को न देखकर अपने स्वामी श्रीराम के चरणों को देख रही हैं।
करीब 263 साल पहले मंदिर निर्माण के समय भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता तीनों की मूर्तियां नीम की लकड़ी से बनाकर स्थापित की गई थीं। तब से आज तक ये मूर्तियां वैसी की वैसी ही हैं। ये अनूठी मूर्तियां न पानी से खराब होती है, न ही किसी शृंगार से। देश में ऐसा अदभुत और अनोखा मंदिर संभवत: और कहीं नहीं है।
वरिष्ठ पुजारी रंजन महापात्र करीब 40 साल से यहां पूजा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्र के 9 दिन तक भगवान अलग-अलग भेष धारण करते हैं। इनमें वनवासी, चित्रकूट, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और धनुर्धारी भेष आदि प्रमुख हैं। नौंवे दिन रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन प्रभु सोने के आभूषणों से सज्जित होते हैं। भगवान को रामनवमी समेत साल में 5 बार स्वर्ण शृंगार कराया जाता है।
पूजक परिषद के अध्यक्ष प्रफुल्ल महापात्र ने बताया कि यहां पहले अत्रि मुनि का आश्रम था। जब राम, लक्ष्मण और माता सीता वनवास के दौरान यहां रुके थे, तब उनकी वेशभूषा से अत्रि मुनि प्रभावित हुए थे। वे भगवान राम से बोले, “आपका ये वनवासी रूप चकित कर दे रहा है। कृपा कर यहां से न जाएं।’ तब भगवान राम बोले, “ऋषिवर आप 3 शालिग्राम रखिए। जब भी मेरा ये रूप आपको याद आए, तब आप ये शालिग्राम को देख लेना।
नयागढ़ जिले में स्थित रघुनाथ जीऊ मंदिर।
शिखर पर 15-15 किलो के तीन सुनहरे कलश
यह मंदिर कलिंग वास्तुकला शैली में बना है और तीन हिस्सों में बंटा है: भद्र मंडप, नाट मंडप और दर्शन मंडप। तीनों मंडप के शिखर पर 15-15 किलो के सोने के कलश स्थापित हैं। इसीलिए ये स्वर्ण कलश क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है।
इस मंदिर के ऊपर पहले सोने के कलश रखे गए हैं। इनके ऊपर चक्र स्थापित है। ऐसा अन्य किसी मंदिर में नहीं है। यह भुवनेश्वर से 112 किमी दूर स्थित है। मंदिर में सुबह से शाम तक विभिन्न तरह की पूजा होती है। सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कई तरह के प्रसाद का भी भगवान को भोग लगाया जाता है।
KBC Winner Tehsildar Amita Singh Tomar Arrested: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से प्रशासन और गलियारों में हलचल मचा देने वाली खबर सामने आई है। साल 2021 में हुए चर्चित बाढ़ राहत घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है।
अमिता सिंह तोमर वही अधिकारी हैं, जो कभी लोकप्रिय टीवी रियलिटी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में शामिल होने के बाद देशभर में चर्चा का विषय बनी थीं। लंबे समय से ड्यूटी से नदारद चल रही तहसीलदार को पुलिस ने तकनीकी लोकेशन के आधार पर ग्वालियर से घेराबंदी कर पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें शिवपुरी महिला जेल भेज दिया गया है।
ग्वालियर से हुई गिरफ्तारी, ड्यूटी से थीं गायब
श्योपुर पुलिस को अमिता सिंह तोमर की लंबे समय से तलाश थी। एसपी सुधीर अग्रवाल के मुताबिक, तहसीलदार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थीं और आधिकारिक ड्यूटी से भी गायब चल रही थीं। गुरुवार को मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से उन्हें ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया।
यह पूरा मामला 2021 का है, जब श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में भीषण बाढ़ आई थी। सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए करोड़ों रुपये का फंड जारी किया था।
फर्जीवाड़ा: जांच में खुलासा हुआ कि लगभग 2.5 करोड़ रुपये की राहत राशि वास्तविक पीड़ितों के बजाय फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
पदों का दुरुपयोग: उस समय अमिता सिंह तोमर वहां तहसीलदार के पद पर तैनात थीं। ऑडिट रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिलने के बाद उन्हें मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया।
सुप्रीम कोर्ट तक नहीं मिली राहत
अपनी गिरफ्तारी टालने के लिए अमिता सिंह तोमर ने कानूनी दांव-पेच का सहारा भी लिया था।
उन्होंने पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया।
इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
110 आरोपी, तहसीलदार समेत 22 पटवारी अब तक गिरफ्तार
इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं। पुलिस जांच में अब तक कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों में 1 तहसीलदार और 25 पटवारी शामिल हैं। पुलिस कार्रवाई में अब तक तहसीलदार के अलावा 22 पटवारियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और घोटाले के वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
औरंगाबाद में ट्रिपल मर्डर का मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार को एक चाचा ने तीन भतीजे-भतीजी की गला काटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गला काटकर सुसाइड करने की कोशिश की। उसकी हालत भी गंभीर बनी है। उसे पटना रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अनीश कुमार (10), आयुष कुमार (7) और अनुष्का कुमारी ( 5) के रूप में हुई है। घटना हसपुरा थाना क्षेत्र के खुटहन गांव की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… पहले मौके से आई तस्वीरें देखिए… गेट खोलने में देरी हुई तो बच्चों का काटा गला घटना सुबह 10 बजे की है। बच्चों के पिता गुड्डू ट्रेन में पैंट्री कार में खाना बनाने का काम करते हैं। वो वारदात के वक्त ड्यूटी पर थे। घर में मां औऱ् 3 बच्चे ही थे। बताया जा रहा है कि बच्चों का चाचा शुक्रवार की सुबह घर से बाइक पर सवार होकर कहीं निकला था। जब घर पहुंचा तो दरवाजा खटखटाया। उसकी भाभी अनीता देवी नहा रही थी। जिसके कारण दरवाजा खोलने में देरी हुई। दरवाजा खोलने के बाद वह घर में घुसा और फुल साउंड में स्पीकर बजाकर बड़े चाकू से तीनों बच्चों का बारी-बारी से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद का भी गला काट लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी की अभी शादी नहीं हुई है। इसी बात को लेकर भाभी से झगड़ा होता रहता था। अंदर से बंद था बच्चों के कमरे का दरवाजा बच्चों की मां नहाने के बाद जब उनके कमरे में गई तो दरवाजा अंदर से बंद था। स्पीकर की तेज आवाज आ रही थी। काफी चिल्लाने के बाद भी दरवाजा अंदर से नहीं खुला। महिला ने पड़ोसियों की मदद ली। उसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। कमरे की हालत देखकर सभी सन्न रह गए। तीनों बच्चे जमीन पर पड़े थे। उनके गले से खून निकल रहा था। बच्चों को उठाने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने रिस्पॉन्स नहीं किया। तब पड़ोसी समझ गए कि सभी बच्चों ने दम तोड़ दिया है। आरोपी ने भी अपना गला रेता था, लेकिन दर्द की वजह से वो अपना गला पूरी तरह रेत नहीं पाया। लोगों ने जब उसे हिलाया तो वो दर्द से कराहने लगा। गांव वाले उसे तुरंत उठाकर सदर अस्पताल ले गए। उसकी हालत को देखते हुए आरोपी चाचा को पटना रेफर कर दिया गया है। पड़ोसी बोले- बच्चे रोज हमारे सामने खेलते थे पड़ोस में रहने वालों ने बताया कि अंदर घुसते ही दूसरे वाले कमरे में 4 लोग जमीन पर पड़े थे। अंदर का नजारा दहला देने वाला था। वो बच्चे हमारे सामने रोज खेला करते थे। अंकल-अंकल कहते थे। जमीन पर 3 बच्चे थे और एक उनका चाचा पड़ा था। सभी के गले से खून बह रहा था। पहले लगा कि सब मर चुके हैं। थोड़ी देर बाद चाचा की सांस चलती दिखाई दी। आसपास के लोगों की मदद से हमने उसे अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए ले गई। मोबाइल दिखाने के बहाने बच्चों को ले गया गांव वालों ने बताया कि, उसने बच्चों को मोबाइल दिखाने के बहाने घर में बुलाया था। इसके बाद दरवाजा को बंद कर दिया। अंदर कुंडी लगाने के बाद ताला लगा दिया। दरवाजे के पास आरोपी ने ड्रम रख दिया था, ताकि कोई खोलना चाहे तो ना खोल सके। शोर सुनकर हमलोग पहुंचे। उसका दिमाग बिल्कुल ठीक था। घर में रविवार को सास-बहू में झगड़ा हुआ था। देवर से झगड़ा नहीं हुआ था। वो अक्सर शराब पीता था। किस हालत में मिली बच्चों की बॉडी तीनों बच्चों के शव एक कमरे से मिले हैं। बॉडी एक साथ ही पड़ी थी। तीनों के गले पर गंभीर घाव हैं। कमरे में चारों ओर खून बिखरा है। पास ही चाचा भी पड़ा है। उसके भी गले से खून निकल रहा है। पास ही बड़ा सा चाकू दिखाई दे रहा है। साउंड बॉक्स भी टूटा पड़ा है। ट्रिपल मर्डर के लिए हाई साउंड में स्पीकर बजाया जिस तरह मर्डर किए गए हैं उससे समझ आता है कि आरोपी ने तीनों बच्चों की हत्या का प्लान पहले ही बना लिया था। घर में घुसने के बाद उसने बच्चों को घर में बंद किया। इसके बाद तेज आवाज में स्पीकर बजाने लगा और फिर एक-एक बच्चों को पकड़ने के बाद उसका गला रेत डाला। स्पीकर बजाने के पीछे आरोपी का मकसद ये था कि कोई बच्चों की आवाज ना सुन पाए। डॉक्टर बोले- चाचा की हालत गंभीर है चाचा का इलाज करने वाले डॉक्टर संजय कुमार ने बताया, उसका गला कटा हुआ था। गले पर गंभीर घाव था। देखकर लगता है कि किसी शार्प ऑब्जेक्ट से हमला किया गया है। उसकी स्थिति अभी ठीक नहीं है। हमने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया है। इन 3 एंगल्स पर पुलिस कर रही जांच
विश्व व्यापार संगठन में सुधार को लेकर भारत ने स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित होनी चाहिए, जिसमें विकासशील देशों के विशेष अधिकारों को केंद्र में रखा जाए।
निर्णय प्रक्रिया पर गोलय ने क्या कहा?
कैमरून में आयोजित डब्ल्यूटीए मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि संगठन के सुधार विकास-केंद्रित होने चाहिए और इनमें भेदभावरहित व सहमति आधारित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सभी सदस्य देशों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि डब्ल्यूटीओ समझौतों में शामिल स्पेशल एंड डिफरेंशियल ट्रीटमेंट (S&DT) प्रावधान, जो विकासशील देशों को विशेष अधिकार देते हैं, उन्हें अधिक स्पष्ट, प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए।
कृषि क्षेत्र करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा है
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा है, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण (पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग), विशेष सुरक्षा तंत्र और कपास से जुड़े लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की मांग की।
मत्स्य पालन (फिशरीज) के मुद्दे पर भारत ने संतुलित समझौते की वकालत करते हुए कहा कि यह गरीब मछुआरों की आजीविका की रक्षा करे और वर्तमान व भविष्य की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए, साथ ही S&DT प्रावधानों को भी प्रभावी बनाए।
विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने पर जोर
गोयल ने डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र को बहाल करने की जरूरत पर भी जोर दिया, इसे दुर्बल बताते हुए कहा कि इसके कमजोर होने से सदस्य देशों को न्याय पाने में कठिनाई हो रही है।
इसके अलावा, उन्होंने प्लूरिलेटरल (बहुपक्षीय से इतर) समझौतों को WTO ढांचे में शामिल करने के लिए सर्वसम्मति को जरूरी बताया और कहा कि इससे गैर-भागीदार देशों के अधिकारों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी को लेकर भारत का रुख
ई-कॉमर्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट (मोराटोरियम) के मुद्दे पर भी भारत ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि इसके प्रभावों को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने पर पुनर्विचार जरूरी है।
उभरती तकनीकों के संदर्भ में गोयल ने कहा कि भारत का मानना है कि इनका उपयोग ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, ताकि विकास और नवाचार का लाभ सभी तक समान रूप से पहुंचे।
उन्होंने अंत में कहा कि WTO को वैश्विक व्यापार व्यवस्था के केंद्र में बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि सुधारों के जरिए इसे अधिक प्रभावी, समावेशी और विकासोन्मुख बनाया जाए, ताकि यह गरीब और कमजोर वर्गों के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा कर सके।
IPS Success Love Story: आखिरकार इश्क को मिली मंजिल, यूपी के दो तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब उस मुकाम तक पहुंचने वाली है, जिसका सपना हर चाहने वाले देखते हैं। हम यहां पर बात कर रहे हैं संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ की एसपी अंशिका वर्मा की, जिनकी रिंग सेरोमनी 26 मार्च को संपन्न हुई।
दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग उस पर कमेंट कर रहे हैं। आपको बता दें दोनों ही अफसरों की प्रेम कहानी लंबे वक्त से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दोनों की शादी 28 मार्च को राजस्थान के Barmer जिले में होगी।
इससे पहले 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह आयोजित होगा, जबकि 30 मार्च को Jodhpur के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन होगा। शादी का फंक्शन थोड़ृा प्राइवेट रखा गया है, जिसमें दोनों के परिवार वाले, दोस्त, रिश्तेदार शामिल होंगे।
Sambhal Sp Krishna Kumar Bishnoi : कौन हैं आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई?
कृष्ण कुमार बिश्नोई राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले हैं। वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। उनकी पढ़ाई का सफ़र गांव के एक प्राइमरी स्कूल से शुरू हुआ। कृष्ण ने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं की पढ़ाई की। इसके बाद बिश्नोई ने दिल्ली के सेंट मैरी कॉलेज, सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया।
बाद में, उन्होंने फ्रांस सरकार की स्कॉलरशिप पर पेरिस स्कूल ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स से इंटरनेशनल सिक्योरिटी में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया, जहां उन्हें सालाना 30 लाख रुपये का पैकेज मिला था। बाद में वो अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बने।
Sp Anshika Verma:कौन हैं एसपी अंशिका वर्मा?
अंशिका वर्मा यूपी कैडर की 2021 बैच की एक युवा और तेज-तर्रार IPS अधिकारी हैं जो कि इन दिनों बरेली में एसपी (साउथ) के पद पर तैनात हैं। उन्हें बिना कोचिंग के यूपीएससी (UPSC) क्रैक करने और लेडी सिंघम के रूप में जाना जाता है। मूलरूप से यूपी के प्रयागराज की रहने वाली अंशिका शुरू से ही काफी मेधावी रही हैं। अंशिका वर्मा ने नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अपने दूसरे प्रयास में 136वीं रैंक हासिल की थी। बरेली से पहले वो गोरखपुर में एएसपी थीं।
IPS Success Love Story Hindi:कहां से शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी?
दोनों आईपीएस अधिकारियों की लव स्टोरी यूपी के गोरखपुर से शुरू हुई थी, साल 2023 में केके बिश्नोई एसपी सिटी की सेवा दे रहे थे ,वहीं वो अंशिका वर्मा से पहली बार मिले थे, पहली नजर में ही कृष्ण कुमार बिश्नोई को अंशिका पसंद आ गई थीं और फिर दोनों में दोस्ती हुई जो जल्द ही प्रेम में बदल गई और अब ये पति-पत्नी बनने को तैयार हैं।
शुक्रवार यानी 27 मार्च 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक और बड़ी गिरावट वाले दिन के रूप में दर्ज हो गया। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक गोता लगाकर 74000 के स्तर से नीचे फिसल गया, वहीं निफ्टी 50 टूटकर 23,000 के मनौवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। इस ऐतिहासिक बिकवाली से चंद मिनटों में निवेशकों को करीब पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो गया। आइए आसान सवाल-जवाब में समझते हैं कि इस बड़ी गिरावट के छह बड़े कारण क्या हैं?
सवाल: बाजार में घबराहट का पहला और सबसे बड़ा भू-राजनीतिक कारण क्या है?
जवाब: बाजार में डर का सबसे प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच गहराता युद्ध है। शांति की उम्मीद तब टूट गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 10 दिनों के युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान ने एकतरफा और अनुचित बताकर खारिज कर दिया। निवेशकों को डर है कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां अगर यातायात सामान्य नहीं हुआ तो वैश्विक आपूर्ति शृंखला चरमरा जाएगी।
सवाल: कच्चे तेल की कीमतों ने भारतीय बाजार को कैसे प्रभावित किया?
जवाब: युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 107.19 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 94.07 डॉलर पर पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80-85% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए यह महंगा तेल देश में ‘आयातित महंगाई’ लाएगा। महंगाई बढ़ने से रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कटौती नहीं कर पाएगा, जो शेयर बाजार के लिए एक बड़ा नकारात्मक संकेत है।
सवाल: क्या विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी बाजार का साथ छोड़ दिया है?
जवाब: बिल्कुल। विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से रिकॉर्ड ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक की पूंजी निकाल ली है। जब युद्ध जैसे संकट आते हैं, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालकर सोने, अमेरिकी ट्रेजरी और जापानी बांड जैसी सुरक्षित संपत्तियों में लगा देते हैं। जापान में बांड की यील्ड बढ़कर 1.77% हो गई है, जिससे वहां निवेश करना ज्यादा आकर्षक हो गया है।
सवाल: रुपये की ऐतिहासिक गिरावट का इस बिकवाली में क्या योगदान रहा?
जवाब: शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने 94.24 के सर्वकालिक निचले (ऑल-टाइम लो) स्तर पर पहुंच गया। रुपये की इस भारी कमजोरी से भारत के लिए कच्चा तेल और गैस खरीदना और भी महंगा हो गया है। जिन भारतीय कंपनियों ने डॉलर में कर्ज लिया है, उनकी लागत भी बढ़ जाएगी, जिससे उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
सवाल: विदेशी बाजारों का मूड कैसा था?
जवाब: वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों की भारी बिकवाली ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा चीन पर बड़े पैमाने पर टैरिफ (टैक्स) लगाने की धमकी से नए ‘ट्रेड वॉर’ की आशंका पैदा हो गई है। इसके कारण अमेरिकी बाजार का सूचकांक नैस्डैक 2.38% और डाउ जोंस 1.01% गिर गया। इसके बाद दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
सवाल: विदेशी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट ने आग में घी कैसे डाला?
जवाब: बिकवाली के इस माहौल में ग्लोबल निवेश बैंक ‘गोल्डमैन सैक्स’ ने भारत की रेटिंग को ओवरवेट से घटाकर मार्केटवेट (डाउनग्रेड) कर दिया। बैंक ने महंगे तेल का हवाला देते हुए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाकर 5.9% कर दिया है। साथ ही, निफ्टी का लक्ष्य भी 29,300 से घटाकर 25,900 कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के आते ही एल्गोरिथम ट्रेडिंग के जरिए स्वचालित बिकवाली शुरू हो गई।
27 मार्च की यह गिरावट सामान्य नहीं है। यह युद्ध, महंगे कच्चे तेल, कमजोर रुपये और एफआईआई की भारी निकासी का नतीजा है। जब तक पश्चिम के तनाव में कमी नहीं आती और कच्चे तेल के दाम 80-90 डॉलर के सुरक्षित स्तर पर नहीं लौटते, निवेशकों को बाजार में अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।
नशा मुक्ति केंद्र में विभिन्न तरह के ड्रग एडिक्ट को रखा जाता है. एक्सपर्ट की निगरानी में उनपर नजर रखी जाती है, ताकि उन्हें प्रॉपर तरीके से इलाज मुहैया कराया जा सके. दिल्ली के ऐसे ही एक केंद्र में खूनी झड़प हो गई. इसमें एक युवक की मौत हो गई है.
दिल्ली के एक नशा मुक्ति केंद्र में हिंसक झड़प हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. राजधानी के अलीपुर इलाके में स्थित हिरंकी के एक नशा मुक्ति केंद्र में गुरुवार रात दो युवकों के बीच हुआ मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. इस घटना ने न केवल केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ऐसे संस्थानों में निगरानी और प्रबंधन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. पुलिस के अनुसार, नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती दो युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई. इसी दौरान एक युवक ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान बुराड़ी निवासी युवक के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलते ही अलीपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. पुलिस ने केंद्र में मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक नशे और मानसिक तनाव की स्थिति में थे. पुलिस का मानना है कि इसी वजह से विवाद तेजी से हिंसक रूप ले बैठा और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई. फिलहाल मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नशा मुक्ति केंद्र काफी समय से संचालित हो रहा था और अब तक इसे सुरक्षित माना जाता था. हालांकि, इस घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. पुलिस ने केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है, जिससे घटना के क्रम को स्पष्ट किया जा सके. वहीं, मृतक के परिजनों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है. परिवार का कहना है कि उनके बेटे की जान एक लापरवाही का नतीजा है और दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए.
क्या बोली पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा. साथ ही, उन्होंने संकेत दिए हैं कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित स्टाफ की संख्या बढ़ाने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त करने की आवश्यकता है. मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
LPG Cylinder Price Today: मिडिल ईस्ट में मचे घमासान का सीधा असर अब आपकी रसोई तक पहुंच रहा है। समुद्री रास्तों में रुकावट और सप्लाई में बाधा आने की वजह से एलपीजी (LPG) के दामों में ₹60 तक की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। समुद्री रास्ते ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से भारत का 40% कच्चा तेल आता है, लेकिन वहां मचे संकट ने गैस और तेल की सप्लाई में हड़कंप मचा दिया है।
हालांकि भारत सरकार इस समस्या से निपटने के लिए बड़े कदम उठा रही है, लेकिन सप्लाई में कमी की खबर ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग राज्यों और शहरों में लगने वाले टैक्स और ट्रांसपोर्ट के खर्च की वजह से सिलेंडर के रेट्स अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं आज के ताजा रेट्स क्या हैं।
City-wise LPG prices on 25 March: प्रमुख शहरों में 14.2KG रसोई गैस के दाम
LPG cylinder prices in Delhi: दिल्ली: ₹913.00
LPG cylinder prices in Mumbai: मुंबई: ₹948.50
LPG cylinder prices in Bengaluru: बेंगलुरु: ₹930.00
LPG cylinder prices in Kolkata: कोलकाता: ₹915.00
LPG cylinder prices in Chennai: चेन्नई: ₹920.00
LPG cylinder prices in Hyderabad: हैदराबाद: ₹965.00
LPG cylinder prices in Lucknow: लखनऊ: ₹950.50
LPG cylinder prices in Jaipur: जयपुर: ₹916.50
LPG cylinder prices in Patna: पटना: ₹1002.50
गैस सप्लाई में 46% की गिरावट और किल्लत का डर
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने भारत में एलपीजी का आयात आधा रह सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% गैस सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से मंगवाता है, लेकिन युद्ध जैसे हालात की वजह से मार्च के पहले हफ्ते से ही सप्लाई में कमी आई है। आंकड़ों की मानें तो पिछले महीने (फरवरी) के मुकाबले इस महीने गैस आने में 46% की गिरावट आ सकती है।
सरकार ने बनाई नई रणनीति
इस संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल की अगुवाई में एक खास ग्रुप बनाया है। इसमें ONGC, IOC और GAIL जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। मंत्रालय का कहना है कि खाड़ी देशों में गैस प्लांट को हुए नुकसान और समुद्री रास्ते बंद होने की वजह से यह समस्या काफी समय तक चल सकती है। इसी वजह से सरकार अब गैस सप्लाई के दूसरे विकल्पों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।
Jalukbari Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक जलुकबारी विधानसभा सीट पर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। गुवाहाटी के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में स्थित यह सीट इस बार खास वजहों से चर्चा में है। एक तरफ मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) मैदान में हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने नए चेहरे बिदिशा नियोग (Bidisha Neog) को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
जलुकबारी सीट क्यों है खास? (Jalukbari Seat)
जलुकबारी विधानसभा क्षेत्र न सिर्फ राजनीतिक रूप से अहम है, बल्कि इसका सामाजिक और भौगोलिक संतुलन भी इसे खास बनाता है। 2023 के परिसीमन (Delimitation) के बाद इस सीट की सीमाएं बदली गई हैं, जिससे इसका वोटिंग पैटर्न भी प्रभावित हो सकता है।
इस इलाके में शहरी और नॉन शहरी वोटर्स दोनों रहते हैं। यही वजह है कि यहां के चुनावी नतीजे अक्सर बड़े राजनीतिक संकेत देते हैं। यह सीट गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है और पूरे राज्य की नजर इस पर बनी रहती है।
कौन-कौन हैं मैदान में?
जलुकबारी सीट पर हमेशा कड़ा मुकाबला देखने को मिलता रहा है। इस बार भी मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सबसे मजबूत नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस ने इस बार नया दांव खेलते हुए बिदिशा नियोग को मैदान में उतारा है।
इसके अलावा असम गण परिषद (AGP), यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL), ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF), बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) जैसी पार्टियां भी इस सीट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही हैं।
Who is Bidisha Neog? | कौन हैं बिदिशा बिदिशा नियोग
बिदिशा नियोग असम की राजनीति में उभरता हुआ नया चेहरा हैं, जिन्हें इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) ने 2026 असम विधानसभा चुनाव में जलुकबारी सीट से उम्मीदवार बनाया है। यह सीट बेहद हाई-प्रोफाइल मानी जाती है क्योंकि यहां से मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव लड़ते हैं।
बिदिशा को कांग्रेस ने जलुकबारी हाई प्रोफाइल सीट पर उतारकर एक बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है। पार्टी ने उन्हें नए चेहरे के तौर पर लॉन्च किया है। यह फैसला बीजेपी के मजबूत गढ़ में फ्रेश चैलेंज देने की रणनीति माना जा रहा है। बिदिशा पहली बार चुनाव लड़ रही हैं।
बिदिशा असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी (APCC) से जुड़ी हुई हैं। राज्य सचिव की भूमिका निभा चुकी हैं। पार्टी की स्पोक्सपर्सन (प्रवक्ता) के रूप में भी सक्रिय रही हैं। बिदिशा ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय (GU) से डिग्री ली है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 2021 में जलुकबारी में कुल 1,69,155 मतदाता थे। इनमें 84,229 पुरुष और 84,118 महिला वोटर शामिल थे, जबकि 5 मतदाता थर्ड जेंडर से थे।
इसके अलावा 803 पोस्टल वोट डाले गए थे और 276 सर्विस वोटर भी इस क्षेत्र में मौजूद थे, जिनमें 273 पुरुष और 3 महिलाएं थीं। अगर 2016 की बात करें तो कुल मतदाता 1,54,588 थे। इनमें 78,391 पुरुष और 75,974 महिलाएं थीं। उस समय थर्ड जेंडर वोटर नहीं थे।
पिछले चुनावों का इतिहास (Past Election Results)
2021 के विधानसभा चुनाव में हिमंत बिस्वा सरमा ने शानदार जीत दर्ज की थी। उन्होंने 1,30,762 वोट हासिल किए और 77.39% वोट शेयर के साथ कांग्रेस के उम्मीदवार बोमेन चंद्र बोर्थाकुर को 1,01,911 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। 2016 में भी उनका प्रदर्शन मजबूत रहा था। उस चुनाव में उन्होंने 1,18,390 वोट लेकर 76.62% वोट शेयर हासिल किया और कांग्रेस के निरेन डेका को 85,935 वोटों से हराया था।
इस बार क्या है मुकाबले की तस्वीर?
इस बार मुकाबला दिलचस्प इसलिए हो गया है क्योंकि कांग्रेस ने नए चेहरे बिदिशा को उतारा है। जहां एक तरफ अनुभवी और मजबूत नेता हिमंत बिस्वा सरमा हैं,वहीं दूसरी ओर नई ऊर्जा और नई रणनीति के साथ कांग्रेस चुनौती दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन के बाद बदले समीकरण इस चुनाव को पहले से ज्यादा रोचक बना सकते हैं।
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर इस बार एक ही चरण में मतदान होगा। जलुकबारी सीट पर वोटिंग 9 अप्रैल 2026 को होगी। यह चुनाव न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
FAQs
Q1. जलुकबारी विधानसभा सीट पर मतदान कब होगा? जलुकबारी सीट पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।
Q2. इस सीट पर मुख्य मुकाबला किनके बीच है? मुख्य मुकाबला Himanta Biswa Sarma और Bidisha Neog के बीच माना जा रहा है।
Q3. 2021 में इस सीट से कौन जीता था? 2021 में Himanta Biswa Sarma ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
Q4. जलुकबारी सीट क्यों महत्वपूर्ण है? यह सीट गुवाहाटी के शहरी और अर्ध-शहरी मतदाताओं का मिश्रण है और राज्य की राजनीति पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ता है।
Q5. इस बार चुनाव में क्या नया है? 2023 के परिसीमन के बाद सीट की सीमाएं बदली हैं और कांग्रेस ने नया चेहरा उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
हेरिटेज हवेली स्टाफ ने ही महिला की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पुलिस को दी थी।
रणथंभौर (सवाई माधोपुर) में सफारी करने के कुछ घंटे बाद एक विदेशी पर्यटक की मौत हो गई। आयरलैंड की रहने वाली टूरिस्ट एक ग्रुप के साथ घूमने आई थी।
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गुरुवार (26 मार्च ) रात को होटल में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। सरकारी हॉस्पिटल में चेकअप के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। टूरिस्ट का पोस्टमार्टम आयरलैंड एम्बेसी के अप्रूवल के बाद ही किया जाएगा।
दिन में 2 बार की थी सफारी
कुण्डेरा थाने के एएसआई रूप सिंह ने बताया कि आयरलैंड की मरियन फ्रांसिस (40) दोस्तों के साथ 25 मार्च को रणथंभौर आई थी। उनका ग्रुप हेरिटेज हवेली होटल में रुका था।
सभी ने 26 मार्च को सुबह-शाम के स्लॉट में सफारी की थी। इसके बाद वे होटल आ गए थे। गुरुवार देर रात खाने के बाद करीब 2.30 बजे मरियन की तबीयत बिगड़ी थी।
सरकारी हॉस्पिटल में किया रेफर
मरियन के दोस्तों ने होटल स्टाफ को इसके बारे में बताया। इसके बाद मरियन को अपेक्स सेविका हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। रात करीब तीन बजे मरियन को सवाई माधोपुर के जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया।
इस दौरान पुलिस भी प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंच गई थी। पुलिसकर्मियों के साथ मरियन के दोस्त उन्हें सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर सौरभ गुप्ता ने मरियन की जांच की। कुछ देर बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के लिए इंतजार कर रही पुलिस
डॉक्टर सौरभ गुप्ता ने बताया कि महिला टूरिस्ट की ईसीजी कराई थी, लेकिन रिजल्ट फ्लैट था। इसके बाद उनका फिर से चेकअप किया गया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं था।
मौत का सही कारण पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगा। वहीं, पुलिस का कहना है महिला की मौत की जानकारी आयरलैंड एम्बेसी और उनके परिवार को दी गई है। अब दूतावास की परमिशन का इंतजार है।
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