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Indian Airlines Alert: पश्चिम एशिया जंग ने 12% फ्लाइट्स घटाईं, 3000 उड़ानें रद्द, क्या महंगे होंगे टिकट?


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Indian Airlines Flights Cut: पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग ने अब भारतीय आसमान को भी हिला दिया है। 29 मार्च 2026 से शुरू हो रहे ग्रीष्मकालीन उड़ान सत्र में भारतीय एयरलाइंस ने पिछले साल की तुलना में प्रति सप्ताह करीब 3,000 उड़ानें कम करने का फैसला लिया है। यानी कुल क्षमता में लगभग 12% की कटौती।

पिछले ग्रीष्मकालीन सत्र (2025) में एयरलाइंस प्रति सप्ताह 25,610 उड़ानें चला रही थीं। इस बार यह संख्या घटकर लगभग 22,600 प्रति सप्ताह रह जाएगी। इससे लाखों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित होने वाली हैं। खासकर गर्मी की छुट्टियों, अवकाश यात्रा और घरेलू-विदेशी दोनों रूटों पर। आइए विस्तार से समझें…

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Indian Airlines Flights Cut Reason: क्यों हो रही है यह बड़ी कटौती?

एयरलाइंस के सूत्रों और उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक तीन बड़े कारण हैं:-

1. ईंधन (ATF) की आसमान छूती कीमतें

  • जंग के कारण वैश्विक जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल आया है। परिचालन लागत में 20-30% तक बढ़ोतरी हो चुकी है।

2. विदेशी मुद्रा (Forex) का दबाव

  • अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में डॉलर-आधारित खर्च बढ़ने से लागत और महंगी हो गई।

3. यात्रा मांग में अनिश्चितता

  • पश्चिम एशिया संकट के कारण लोग अपनी यात्रा योजनाएं टाल रहे हैं। अवकाश यात्रा और मध्य पूर्व रूट्स पर बुकिंग कमजोर पड़ी है।

इंडिगो (देश की सबसे बड़ी एयरलाइन) का आधिकारिक बयान में बताया कि अप्रैल में हम करीब 2,000 दैनिक घरेलू उड़ानों के साथ ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम शुरू करेंगे। अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम शीतकालीन स्तर पर रहेगा, लेकिन मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति के आधार पर उड़ानों की संख्या में बदलाव होगा। परिचालन लागत काफी बढ़ी है। हमने ईंधन अधिभार लगाया है, लेकिन फिर भी मांग पर असर पड़ रहा है। हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर क्षमता समायोजित करेंगे।’

यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?

  • किराए बढ़ सकते हैं: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 23 मार्च 2026 से घरेलू उड़ानों पर लगी अस्थायी किराया सीमा हटा दी है। अब एयरलाइंस बाजार के हिसाब से किराया तय कर सकेंगी। अगर ATF कीमतें और बढ़ीं तो अप्रैल से किराए में और उछाल आ सकता है।
  • उड़ानें रद्द या मर्ज: कई रूट्स पर उड़ानों को कम या जोड़ दिया जाएगा। कुछ विमानों को ग्राउंड भी किया जा सकता है।
  • मध्य पूर्व रूट्स सबसे ज्यादा प्रभावित: पहले ही सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। ग्रीष्म सत्र में यह ट्रेंड जारी रह सकता है।

सरकार की भूमिका कहां है?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अभी तक इस क्षमता कटौती पर कोई औपचारिक बयान नहीं जारी किया है। हालांकि, मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि अत्यधिक किराया वृद्धि पर फिर से नियंत्रण लगाए जा सकते हैं।

यह कटौती अस्थायी नहीं, बल्कि जंग के लंबे असर का नतीजा है। अगर स्थिति सामान्य नहीं हुई तो गर्मियों की पीक ट्रैवल सीजन में टिकट महंगे और उपलब्धता कम हो जाएगी। एयरलाइंस का कहना है कि सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।



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बेंगलुरु में प्रोफेसर ने क्लासरूम में छात्रा को प्रपोज किया: लड़की ने चप्पल से पीटा, कॉलेज के बाहर स्टूडेंट्स ने भी घेरकर मारपीट की


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बेंगलुरु32 मिनट पहले

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कॉलेज के स्टूडेंट्स प्रोफेसर को पीटते हुए।

बेंगलुरु के एक मेडिकल कॉलेज में एक प्रोफेसर ने क्लास के दौरान ही एक छात्रा को प्रपोज कर दिया। छात्रा के विरोध के बाद विवाद बढ़ा और इसके बाद अन्य छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रोफेसर के साथ मारपीट कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

यह घटना बुधवार को हुई। स्टूडेंट्स के बनाए वीडियो के सामने आने के बाद मामला सामने आया। प्रोफेसर के खिलाफ कॉलेज के प्रिंसिपल दिवाकर एसपी ने मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

क्लास में छात्रा और प्रोफेसर के बीच हुई बहस।

क्लास में छात्रा और प्रोफेसर के बीच हुई बहस।

स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर के पार्किंग में घेरा।

स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर के पार्किंग में घेरा।

प्रोफेसर ने छात्रा से कहा- तुमने मुझे प्रपोज किया था इस घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से एक क्लिप में अब्दुल मोहम्मद नाम के असिस्टेंट प्रोफेसर क्लास को संबोधित करते हुए एक छात्रा की तरफ देखकर दावा करते हैं कि उसने उन्हें प्रपोज किया था और वह भी वह भी उससे प्यार करते हैं। इस पर छात्रा ने तुरंत इस पर आपत्ति जताई और प्रोफेसर से कहा कि वे इस मामले को प्रिंसिपल के सामने उठाएं। छात्रा ने उनसे यह भी पूछा कि उसने उन्हें प्रपोज कब किया था।

प्रोफेसर ने उससे पूछा कि क्या तुमने यह नहीं कहा था कि ‘आई लव यू मोहम्मद’। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसका सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। इस पर लड़की उनसे वह फुटेज दिखाने की मांग करती है। प्रोफेसर ने जाते समय छात्रा से कहा कि वे उससे अगले दिन बात करेंगे और साथ ही दूसरे स्टूडेंट्स से चॉकलेट लेने को कहते हैं। इसके बाद प्रोफेसर क्लासरूम से बाहर निकल जाते हैं।

इस घटना के बाद कॉलेज में छात्र और छात्राएं भड़क गए। एक छात्रा ने प्रोफेसर को चप्पल से मारा, जबकि दूसरे छात्रों ने भी प्रोफेसर से मारपीट की। छात्रों ने प्रोफेसर का पूरे कैंपस में पीछा किया और उसकी कार के पास पहुंचकर उन पर दोबारा हमला किया।

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भरतपुर में बीच-बाजार लड़की ने सरकारी टीचर को पीटा:रेप करने का आरोप लगाया

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भरतपुर के कोतवाली थाना इलाके में एक लड़की अपने साथी के साथ मिलकर एक सरकारी टीचर की पिटाई कर दी। टीचर को पिटता देखा मौके पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। लड़की का आरोप था कि सरकारी टीचर 3 साल से उसका शोषण कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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टॉप 8 कंट्रीज जो WW3 के खतरे में भी सेफ, वॉर में भी रहेगी शांति, लिस्ट जानकर चौंक जाएंगे


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World’s Safest Countries: कई बड़े देश आपस में युद्ध कर रहे हैं. जिस तरह से इसका असर धीरे-धीरे पूरी दुनिया में देखने के लिए मिल रहा है, लोग कयास लगाया जा रहा है कि ये तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है. अच्छी बात यह है कि दुनिया में कुछ ऐसे शांतिपूर्ण स्थान भी हैं जो इस तरह के संघर्ष से काफी दूर हैं. यहां हम आपको 8 ऐसे देशों के बारे में बता रहे हैं, जो वॉर के समय में सबसे ज्यादा सेफ होंगे.

ये देश न केवल युद्ध में शामिल होने की संभावना कम रखते हैं, बल्कि इनके पास इतने संसाधन भी हैं कि ये बाहरी आपूर्ति रुकने पर भी खुद को संभाल सकते हैं. @geomapas के अनुसार, इन देशों पर हमला होने की संभावना बहुत कम है.

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प्रशांत महासागर के दक्षिण में स्थित न्यूजीलैंड वर्तमान तनाव से काफी दूर है. यह देश रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, इसलिए बड़े शक्तिशाली देशों के लिए यह लक्ष्य नहीं है.

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दुनिया का सबसे दक्षिणी महाद्वीप अंटार्कटिका, इसे अक्सर परमाणु युद्ध के समय सबसे सुरक्षित जगहों में माना जाता है. यहां कोई स्थायी आबादी नहीं है, सिर्फ कुछ रिसर्च स्टेशन और पेंगुइन हैं. इसकी दूरी और कठोर मौसम इसे सुरक्षित बनाते हैं.

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दक्षिण अमेरिका का चिली देश एंडीज पर्वत और प्रशांत महासागर से घिरा हुआ है. यह कई संघर्ष क्षेत्रों से दूर है और यहां पर्याप्त खेती और संसाधन हैं, जिससे यह खुद को संभाल सकता है.

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अर्जेंटीना एक बहुत बड़ा देश है, जहां खेती के लिए विशाल भूमि उपलब्ध है. इसकी मजबूत कृषि क्षमता इसे आत्मनिर्भर बनाती है, जिससे यह संकट में भी टिक सकता है.

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पैराग्वे एक शांत और तटस्थ देश है, जो विश्व राजनीति से काफी हद तक अलग है. यहां कृषि उत्पादन मजबूत है, खासकर सोयाबीन, जिससे यह अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है.

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उरुग्वे देश अंतरराष्ट्रीय तनाव वाले क्षेत्रों से काफी दूर है. इसकी विदेश नीति गैर-हस्तक्षेप और शांति पर आधारित है, जिससे इसके युद्ध में शामिल होने की संभावना कम रहती है.

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भूटान भारत का पड़ोसी देश है, साथ ही ये संयुक्त राष्ट्र में शामिल होने के बाद भी खुद को बाहरी विवादों से दूर रखा है. यह पहाड़ों से घिरा हुआ है, जिससे यह प्राकृतिक रूप से सुरक्षित और अलग-थलग है.

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स्विट्जरलैंड बहुत ही खूबसूरत जगह है. इसका का नाम ही तटस्थता का प्रतीक माना जाता है. यह पहले हो चुके विनाशकारी दो विश्व युद्धों के दौरान भी खुद को सुरक्षित रखने में कामयाब रहा है. यहां पहाड़ प्राकृतिक सुरक्षा देते हैं और देश में बंकरों का अच्छा नेटवर्क है. साथ ही, ये देश दुनिया में शांति बनाए रखने के प्रयासों में भी सक्रिय रहता है.



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कश्मीर में लश्कर के भर्ती मॉड्यूल का खुलासा: पाकिस्तान-बांग्लादेश से चल रहा था नेटवर्क; 3 महीने ट्रेनिंग में मशीन गन और AK-47 चलाना सीखते थे आतंकी


श्रीनगर1 घंटे पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ रउफ डार

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जम्मू-कश्मीर पुलिस की विंग CIK ने गुरुवार को श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों 10 जगहों पर छापेमारी की।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की विंग काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने श्रीनगर, गांदरबल और शोपियां जिलों में छापेमारी कर लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी भर्ती मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था।

CIK ने गुरुवार को 3 जिलों में 10 जगहों पर कोर्ट के आदेश के तहत तलाशी ली। यह कार्रवाई UAPA के तहत दर्ज केस में की गई। जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल सीमा पार बैठे हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहा था।

इसका नेटवर्क बांग्लादेश तक फैला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों को 21 दिन की बेसिक और 3 महीने की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती थी, जिसमें AK-47, मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर और IED बनाना सिखाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए गुप्त तरीके से काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए गुप्त तरीके से काम कर रहा था।

गांदरबल का शबीर बांग्लादेश से चला रहा मॉड्यूल

इस मॉड्यूल को शबीर अहमद लोन नाम का आतंकी चला रहा है, जो गांदरबल के कंगन इलाके का रहने वाला है। वह राजू और जफर सिद्दीकी जैसे नामों से भी सक्रिय है। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी।

लोन पहले ओवर ग्राउंड वर्कर था और बाद में लश्कर में शामिल हुआ। वह बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। बाद में कानूनी कार्रवाई से बचकर बांग्लादेश चला गया। अभी वह बांग्लादेश से ही नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है।

शबीर का साथी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था

इससे पहले पुलिस ने उसके सहयोगी इरफान अहमद वानी (45 साल) को गिरफ्तार किया था, जो शोपियां का रहने वाला है। वह एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों के संपर्क में था और स्थानीय स्तर पर भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल डिवाइस सहित कई अहम सबूत जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

किश्तवाड़ में टेरर नेटवर्क का खात्मा:सेना बोली- 326 दिन तक ऑपरेशन चलाया, 7 आतंकी मारे, इनमें जैश कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल

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भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा है कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है।

पोस्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था। पूरी खबर पढ़ें…

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CSK Schedule IPL 2026: धोनी की टीम का पूरा शेड्यूल जारी, कब और कहां भिड़ेगी चेन्नई सुपर किंग्स


Cricket

oi-Naveen Sharma

CSK Schedule IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. बीसीसीआई ने इस सीजन के शुरुआती शेड्यूल का ऐलान कर दिया है और फैंस की सबसे चहेती टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) एक बार फिर मैदान पर उतरने को तैयार है। पांच बार की चैंपियन सीएसके इस बार नए जोश और पुरानी रणनीति के साथ अपना जलवा बिखेरेगी।

ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स अपने अभियान की शुरुआत 30 मार्च 2026 को करेगी। उनका पहला मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा।

CSK Schedule

चेपॉक (Chepauk) में पहला मैच कब?

चेन्नई के फैंस के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि 3 अप्रैल 2026 को चेपॉक स्टेडियम में पीला समंदर उमड़ेगा। सीएसके अपने घरेलू मैदान पर पहला मैच पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलेगी। धोनी के फैंस के लिए यह मौका बेहद खास होगा, क्योंकि ‘थाला’ एक बार फिर अपने गढ़ में चौके-छक्के लगाते दिखेंगे।

CSK Schedule IPL 2026 (चेन्नई सुपर किंग्स का शेड्यूल)

तारीख दिन समय होम टीम अवे टीम वेन्यू
30 मार्च सोमवार शाम 7:30 बजे राजस्थान रॉयल्स चेन्नई सुपर किंग्स गुवाहाटी
03 अप्रैल शुक्रवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स पंजाब किंग्स चेन्नई
05 अप्रैल रविवार शाम 7:30 बजे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चेन्नई सुपर किंग्स बेंगलुरु
11 अप्रैल शनिवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स दिल्ली कैपिटल्स चेन्नई
14 अप्रैल मंगलवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स कोलकाता नाइट राइडर्स चेन्नई
18 अप्रैल शनिवार शाम 7:30 बजे सनराइजर्स हैदराबाद चेन्नई सुपर किंग्स हैदराबाद
23 अप्रैल गुरुवार शाम 7:30 बजे मुंबई इंडियंस चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई
26 अप्रैल रविवार दोपहर 3:30 बजे गुजरात टाइटंस चेन्नई सुपर किंग्स अहमदाबाद
02 मई शनिवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई इंडियंस चेन्नई
05 मई मंगलवार शाम 7:30 बजे दिल्ली कैपिटल्स चेन्नई सुपर किंग्स दिल्ली
10 मई रविवार दोपहर 3:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स चेन्नई
15 मई शुक्रवार शाम 7:30 बजे लखनऊ सुपर जायंट्स चेन्नई सुपर किंग्स लखनऊ
18 मई सोमवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स सनराइजर्स हैदराबाद चेन्नई
21 मई गुरुवार शाम 7:30 बजे चेन्नई सुपर किंग्स गुजरात टाइटंस चेन्नई

RCB vs CSK: सबसे बड़ी टक्कर

सीजन का सबसे हाई-वोल्टेज मैच 5 अप्रैल को खेला जाएगा, जब चेन्नई सुपर किंग्स का सामना बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। कोहली बनाम धोनी की यह जंग हमेशा की तरह टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है।



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फ्रांस में गूंजेगा भारत का नाम! ‘एवियन समिट’ में शामिल होंगे PM Modi, G7 बैठक में जयशंकर-बैरो की बड़ी बातचीत


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oi-Kumari Sunidhi Raj

PM Modi Evian Summit Visit: फ्रांस में आयोजित G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके फ्रांसीसी समकक्ष जीन-नोएल बैरो ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य, चरमराती वैश्विक अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व के बिगड़ते हालातों पर गहन मंथन किया।

इस मुलाकात की सबसे बड़ी खबर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी (PM Narendra Modi) की आगामी फ्रांस यात्रा को लेकर आई है। यह पुष्टि हो गई है कि पीएम मोदी 15 से 17 जून तक होने वाले एवियन समिट में हिस्सा लेंगे। G7 का सदस्य न होने के बावजूद भारत को मिला यह विशेष निमंत्रण वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक और रणनीतिक स्वायत्तता को दर्शाता है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि वैश्विक नीति-निर्माण में भारत की भागीदारी को भी और सशक्त करेगा।

PM Modi Evian Summit Visit

वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की भूमिका

जी7 जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भारत की मौजूदगी को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ काफी अहम मान रहे हैं। हालांकि भारत इस समूह का हिस्सा नहीं है, लेकिन एक ‘विशिष्ट अतिथि’ के रूप में इसकी भागीदारी निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण है:

आर्थिक निर्णय: भारत को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर वैश्विक वित्तीय नीतियों पर अपनी राय रखने का मंच मिलता है।

निवेश के अवसर: इस समिट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलते हैं।

विकासशील देशों की आवाज: भारत यहां ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रतिनिधि के रूप में उभरता है, जिससे विकासशील देशों की समस्याओं को प्राथमिकता मिलती है।

मध्य पूर्व का तनाव और सुरक्षा चिंताएं

बैठक के दौरान मध्य पूर्व (Middle East) की अस्थिर स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि इस क्षेत्र में जारी तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है। सुरक्षा के लिहाज से दोनों नेताओं ने साझा चिंताएं व्यक्त कीं।

Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष ध्यान

भारत और फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को व्यापारिक दृष्टि से “अति-महत्वपूर्ण” करार दिया। ज्ञात हो कि यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और फ्रांस के रणनीतिक हितों के लिए अनिवार्य है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: Strait of Hormuz पर अब ईरान वसूलेगा टोल टैक्स? किसका है इस पर असली हक, क्या होगा दुनिया की जेब पर असर



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‘पति-पत्नी के बीच अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं’: ग्वालियर हाईकोर्ट ने FIR आंशिक रूप से निरस्त की; मारपीट-दहेज प्रताड़ना के आरोपों पर ट्रायल जारी रहेगा – Gwalior News




ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा- वैवाहिक संबंध के दौरान पति-पत्नी के बीच हुए यौन संबंधों को IPC की धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जा सकता है। पति-पत्नी के बीच अननेचुरल सेक्स अपराध नहीं है। पति के खिलाफ दर्ज FIR को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा- दहेज, मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों पर मुकदमा जारी रहेगा। भिंड में 2023 में पत्नी ने पति पर दहेज न मिलने पर अननेचुरल सेक्स का आरोप लगाकर पति के खिलाफ महिला थाने में मामला दर्ज कराया था। पति ने की थी FIR निरस्त करने की मांग याचिकाकर्ता पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में FIR रद्द करने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि केवल सामान्य आरोप लगाए गए हैं, जिनमें कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कानून के मुताबिक कई तरह के यौन कृत्य अपराध माने जा सकते हैं, लेकिन पति-पत्नी के बीच आपसी संबंध, अगर पत्नी बालिग है, तो उन्हें धारा 377 के तहत अपराध नहीं माना जाएगा। इसी वजह से पति के खिलाफ इस धारा में दर्ज मामला आंशिक रूप से खत्म कर दिया गया। साथ ही, कोर्ट ने पाया कि ननद के खिलाफ कोई ठोस आरोप नहीं हैं, सिर्फ सामान्य बातें कही गई हैं। इसलिए कोर्ट ने उसके खिलाफ मामला चलाना गलत माना और उसकी FIR रद्द कर दी। अन्य आरोपों पर जारी रहेगा ट्रायल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दहेज मांग, मारपीट और प्रताड़ना जैसे आरोपों की सुनवाई जारी रहेगी। इन धाराओं में दर्ज FIR को निरस्त नहीं किया गया है। यह फैसला वैवाहिक संबंधों और आपराधिक कानून की व्याख्या को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने अलग-अलग धाराओं के दायरे को स्पष्ट किया है। 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शादी के समय ससुराल वालों को 4 लाख रुपए कैश, सोने के गहने और घरेलू सामान दिए गए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले 10 लाख रुपए और बुलेट की मांग करते रहे। मांग पूरी नहीं करने पर प्रताड़ित किया गया। मारपीट की गई। शिकायत में महिला ने अपने पति पर जबरन आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति उसके साथ जबरदस्ती करता था, जिससे उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी होती थी। ससुर पर भी गलत व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। ……………….. यह खबर भी पढ़ें मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले की फिर खुलेंगी फाइलें व्यापमं महाघोटाले की जांच की आंच एक बार फिर तेज होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए CBI और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया? पढ़ें पूरी खबर…



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Nayara Energy का मालिक कौन है, जिसने भारत में बढ़ाया Petrol-Diesel का दाम? Russia को कैसे होगा बड़ा फायदा?


India

oi-Divyansh Rastogi

Petrol Diesel Price Hike: मध्य पूर्व (इजरायल-ईरान) जंग के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है। ठीक उसी दिन (26 मार्च 2026) भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। कई शहरों में पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।

लोगों में घबराहट का माहौल बन गया। सरकारी कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) अभी चुप हैं, लेकिन नायरा ने कीमतें बढ़ा दीं। तो सवाल ये है कि नायरा एनर्जी का मालिक कौन है? क्यों बढ़ाए दाम? और सबसे बड़ा सवाल ये है कि इससे रूस को कितना फायदा होगा?

Petrol Diesel Price Hike India Reason

What Is Nayara Energy: नायरा एनर्जी क्या है?

नायरा एनर्जी भारत की सबसे बड़ी निजी तेल रिफाइनिंग और ईंधन मार्केटिंग कंपनी है। गुजरात के वडीनार में भारत की दूसरी सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी (20 मिलियन टन/वर्ष) है। देशभर में 6,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। कच्चे तेल को रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल, एक्सपोर्ट प्रोडक्ट बनाती है।

खास बात यह है कि यह सरकारी कंपनी (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) नहीं है। पहले इसका नाम Essar Oil था। 2018 में नाम बदलकर Nayara Energy किया गया।

Nayara Energy Real Owner: नायरा एनर्जी का असली मालिक कौन?

नायरा एनर्जी का मालिक कोई एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि इसमें बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) के पास है, जो लगभग 49% हिस्सेदारी रखती है। इसके अलावा एक निवेश समूह केसानी एंटरप्राइजेज कंपनी लिमिटेड (Kesani Enterprises Consortium) के पास भी लगभग उतनी ही हिस्सेदारी है। इस कंसोर्टियम में ट्रैफिगुरा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यानी आसान भाषा में समझें तो नायरा एनर्जी पर रूस की मजबूत पकड़ है, इसलिए इसे अक्सर रूस समर्थित तेल कंपनी भी कहा जाता है। इसमें कई छोटे निवेश भी शामिल हैं।

एक नजर में समझें

शेयरहोल्डर हिस्सेदारी खास जानकारी
Rosneft (रूस की सरकारी तेल कंपनी) 49.13% सबसे बड़ा शेयरहोल्डर, रूस का पूरा कंट्रोल
Kesani Enterprises Consortium (Trafigura + UCP + Mareterra) 49% रूसी निवेश समूह + अंतरराष्ट्रीय ट्रेडर्स
छोटे निवेशक (Minority) 1-2% बहुत कम

नतीजा: कंपनी पर रूस की मजबूत पकड़ है। इसे अक्सर ‘Russia-backed Indian oil company’ कहा जाता है। (Rosneft अभी भी 49.13% हिस्सेदारी रखे हुए है, हालांकि 2025 में बिक्री की कोशिशें चल रही थीं।)

आज दाम क्यों बढ़ाए?

मध्य पूर्व जंग (US-Israel vs Iran) से कच्चे तेल की कीमतें फरवरी के बाद 50% तक उछल गईं। नायरा निजी कंपनी है, इसलिए सरकारी कंपनियों की तरह सब्सिडी या बफर नहीं मिलता। इनपुट कॉस्ट बढ़ने पर कीमतें पास-ऑन कर दी गईं। राज्य टैक्स (VAT) के कारण कुछ जगहों पर पेट्रोल ₹5.30 तक महंगा हो गया।

Nayara Energy Russia Advantage: रूस को कैसे होगा बड़ा फायदा? (Deep Analysis)

1. मुनाफे का सीधा हिस्सा रूस को

Rosneft (रूस सरकार की कंपनी) का 49%+ हिस्सा है। कीमत बढ़ने से नायरा का रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़ेगा। Rosneft को डिविडेंड/शेयर इनकम मिलेगी।

2. रूसी कच्चा तेल का बड़ा बाजार

नायरा की वडीनार रिफाइनरी ज्यादातर रूसी क्रूड ही प्रोसेस करती है। मध्य पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट तनाव से वैश्विक सप्लाई बाधित होने पर रूस का तेल और आकर्षक हो गया। नायरा रूस से सस्ता या स्थिर भाव पर तेल खरीदकर महंगे दाम पर भारत में बेच रही है। उच्च मार्जिन के साथ।

3. सैंक्शन्स के बावजूद रूस का चैनल

पश्चिमी सैंक्शन्स के बावजूद नायरा रूस के लिए भारत में तेल बेचने का बड़ा रास्ता बनी हुई है। कीमतें बढ़ने से रूस को ज्यादा विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) मिलेगी।

4. जियो-पॉलिटिकल फायदा

मध्य पूर्व संकट में रूस का तेल ‘विकल्प’ बन गया है। नायरा जैसे रूस-समर्थित रिफाइनर भारत की जरूरत पूरी करते हैं। रूस की ऊर्जा कूटनीति मजबूत होती है।

आसान भाषा में समझें तो, नायरा की कीमत बढ़ोतरी से रूस को दोहरा फायदा होगा। एक तो मुनाफे का हिस्सा, दूसरा रूसी क्रूड का बढ़ा हुआ बाजार और कीमत।



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Trump Iran War: ‘समझौते की भीख मांग रहा है ईरान’ मिडिल ईस्ट जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, क्या खत्म होगी जंग?


International

oi-Puja Yadav

Trump Iran War Update: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान की कमर तोड़ दी है और अब तेहरान का नेतृत्व किसी भी कीमत पर समझौते के लिए भीख मांग रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने न केवल ईरान की सैन्य तबाही का ब्योरा दिया, बल्कि अपने सहयोगियों (NATO) पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप के इस रुख ने विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अमेरिका ईरान को पूरी तरह घुटने पर लाकर अपनी शर्तों पर नया ‘ग्लोबल ऑर्डर’ थोपना चाहता है।

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नौसेना डूबी, वायुसेना खत्म: ट्रंप का तबाही वाला दावा

व्हाइट हाउस से जारी संबोधन में ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ईरान अब लड़ने की स्थिति में नहीं बचा है। ट्रंप ने कहा, ईरान की नौसेना डूब चुकी है। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी भी विदेशी नौसेना का सबसे बड़ा खात्मा है। उनकी वायुसेना खत्म हो गई है और उनकी एंटी-एयरक्राफ्ट व संचार क्षमताएं पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का शीर्ष नेतृत्व (Leadership) अब अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले स्तर के नेता मारे गए और जब वे नए नेता चुनने के लिए मिले, तो उन्हें भी खत्म कर दिया गया।

क्या ईरान को है B-2 बॉम्बर्स और ‘परमाणु हमले’ का डर

ट्रंप ने पहली बार स्वीकार किया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सबसे घातक B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया है। उन्होंने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा, अगर हमने उस समय उन पर हमला नहीं किया होता, तो उनके पास परमाणु हथियार होता और वे बिना किसी सवाल के उसका इस्तेमाल कर देते। वे बीमार लोग हैं, बहुत बीमार।

ट्रंप का यह बयान अमेरिका की एक सोची-समझी मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक चाल (Psychological Warfare) की ओर इशारा करता है। ट्रंप ने बार-बार कहा कि ईरान समझौते के लिए मिन्नतें कर रहा है। उन्होंने कहा, वे भीख मांग रहे हैं, मैं नहीं। जो वहां देख रहा है उसे पता है कि वे क्यों डर रहे हैं।

ईरानियों को घटिया लड़ाके लेकिन महान वार्ताकार बताकर ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे अब ईरान को किसी भी बातचीत की मेज पर बेहद कमजोर स्थिति में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सौदा 4 हफ्ते या 2 साल पहले हो जाना चाहिए था, और अब अमेरिका इसे करेगा या नहीं, यह तय नहीं है।

मिडिल ईस्ट की इस जंग में अकेले लड़ रहे ट्रंप ने अपने सहयोगियों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने नाटो पर अपनी पुरानी भड़ास निकालते हुए कहा-मैं 25 साल से कह रहा हूं कि नाटो एक कागजी शेर (Paper Tiger) है। उन्होंने कुछ नहीं किया। हम उनके बचाव में जाते हैं, लेकिन वे कभी हमारे काम नहीं आते।

क्या अब खत्म होगी जंग?

ट्रंप के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में दो संभावनाएं बन रही हैं। पहली यह कि ईरान अपनी बची-कुची साख बचाने के लिए कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है, और दूसरी यह कि भारी तबाही के बाद वह वास्तव में पर्दे के पीछे से अमेरिका के साथ किसी गुप्त समझौते की कोशिश कर रहा हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का असली मकसद ईरान के तेल और परमाणु संसाधनों पर स्थायी नियंत्रण पाना है, ताकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ($200 प्रति बैरल का खतरा) को अमेरिका के हिसाब से नियंत्रित किया जा सके।



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Rafale Marine Jets: राफेल मरीन जेट्स का इंतजार हुआ खत्म, समुद्र में भी भारत की ताकत उड़ाएगी चीन के होश!


India

oi-Smita Mugdha

Rafale Marine Jets: भारतीय नौसेना को राफेल मरीन फाइटर जेट्स तय समयसीमा से पहले मिलने की संभावना है, जो देश की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इन जेट्स की पहली खेप अगस्त या सितंबर 2026 तक भारत पहुंच सकती है। हालांकि शुरुआती डिलीवरी में पूरी तरह कॉम्बैट-रेडी जेट्स नहीं, बल्कि दो सीट वाले ट्रेनर विमान शामिल होंगे।

भारत और फ्रांस के बीच 28 अप्रैल 2025 को हुए समझौते के तहत करीब 63,000 करोड़ रुपये में कुल 26 राफेल मरीन जेट्स खरीदे जा रहे हैं। इनमें 22 सिंगल-सीट फाइटर जेट्स और 4 ट्विन-सीट ट्रेनर जेट्स शामिल हैं। मूल योजना के अनुसार इनकी डिलीवरी 2028 से शुरू होनी थी, लेकिन ट्रेनर जेट्स की जल्दी आपूर्ति से तैयारी पहले ही शुरू हो जाएगी।

Rafale Marine Jets

Rafale Marine Jets: क्यों अहम हैं ट्रेनर जेट्स?

ट्रेनर जेट्स को एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए विशेष रूप से मॉडिफाई करने की जरूरत नहीं होती, इसलिए इन्हें जल्दी डिलीवर किया जा सकता है। इनका उपयोग पायलटों और तकनीकी स्टाफ को एडवांस एवियोनिक्स, आधुनिक हथियार प्रणालियों और युद्धक तकनीकों की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इससे 2028 में आने वाले फुल कॉम्बैट जेट्स को तुरंत ऑपरेशन में लाया जा सकेगा।

Indian Army News: INS विक्रांत और विक्रमादित्य पर होगी तैनाती

इन अत्याधुनिक जेट्स को भारतीय नौसेना के प्रमुख एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य पर तैनात किया जाएगा। ये जेट्स धीरे-धीरे मौजूदा मिग-29K फाइटर जेट्स की जगह लेंगे। राफेल मरीन जेट्स में ‘Meteor’ जैसी लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल और ‘Exocet’ एंटी-शिप मिसाइल जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल होंगे। इससे समुद्र में दुश्मनों के खिलाफ भारत की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

Rafale Marine Jets Updtae: मेंटनेंस में नहीं होगा ज्यादा खर्च

इन जेट्स के करीब 80% पार्ट्स भारतीय वायुसेना के मौजूदा राफेल विमानों से मिलते-जुलते हैं। इससे मेंटेनेंस और लॉजिस्टिक्स आसान होंगे और लागत में भी कमी आएगी। भारत और फ्रांस ने 2030 तक सभी 26 विमानों की डिलीवरी पूरी करने का लक्ष्य रखा है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ट्रेनर जेट्स की समय से पहले डिलीवरी भारतीय नौसेना की तैयारी को मजबूत करेगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त को और सशक्त बनाएगी।



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