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Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत


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oi-Sumit Jha

Iran Vs America: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने हाथ-पांव मारना शुरू किया, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता का दांव खेला, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने रिशेयर कर हवा तो दी, पर ईरान ने दो टूक कह दिया कि उसे पाकिस्तान की पंचायती मंजूर नहीं है।

ईरान का यह रुख साफ करता है कि वह पाकिस्तान को भरोसेमंद नहीं मानता। ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ की तर्ज पर पाकिस्तान बीच में कूद तो पड़ा, पर ईरान ने भारत का नाम लेकर उसे आईना दिखा दिया कि असली सम्मान और भरोसा कहां है।

iran vs america pakistan mediation

Pakistan Iran mediation: पाकिस्तान की ‘अब्दुल्ला दीवाना’ वाली कोशिश

पाकिस्तान की हालत उस बिन बुलाए मेहमान जैसी हो गई है जो दूसरों के झगड़े सुलझाने के बहाने अपनी अंतरराष्ट्रीय साख बचाना चाहता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति दूत बनने का प्रस्ताव रखा, जिसे ट्रंप ने रिशेयर भी किया। लेकिन कूटनीति सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट से नहीं चलती। ईरान ने पाकिस्तान की इस पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान खुद कर्ज और अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में उसका ‘शांति दूत’ बनना दुनिया को रास नहीं आ रहा।

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India Iran friendship: ‘ईरान को भारत पर भरोसा’

ईरानी प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते या बातचीत का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे विवाद के बीच ईरान ने भारत का जिक्र कर पाकिस्तान को तगड़ा संदेश दिया। ईरान ने कहा कि भारत के साथ उसके संबंध ‘सम्मानजनक’ हैं। यह बयान बताता है कि ईरान की नजर में भारत एक जिम्मेदार शक्ति है, जबकि पाकिस्तान सिर्फ अमेरिका की गुड-बुक में आने की कोशिश कर रहा है।

इजराइल ने भी दिखाई पाकिस्तान को औकात

सिर्फ ईरान ही नहीं, इजराइल ने भी पाकिस्तान के दावों की हवा निकाल दी। भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने साफ कहा कि इजराइल उन देशों पर भरोसा नहीं करता जिनके साथ उसके कूटनीतिक रिश्ते ही नहीं हैं। पाकिस्तान न तो इजराइल को मान्यता देता है और न ही उसके पास कोई रणनीतिक वजन है। इजराइल का यह रुख और भारत के साथ अपनी मजबूत साझेदारी का जिक्र करना यह साबित करता है कि मध्य पूर्व की जंग में पाकिस्तान की कोई अहमियत नहीं है।

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Iran rejects Pakistan’s offer: मध्यस्थता का दिखावा और जमीनी हकीकत

पाकिस्तान अक्सर मुस्लिम जगत का नेता बनने की कोशिश में ईरान और सऊदी अरब जैसे देशों के बीच कूदता रहता है। लेकिन हकीकत यह है कि ईरान को पता है कि पाकिस्तान की विदेश नीति अक्सर अमेरिकी इशारों पर चलती है। ऐसे में ईरान किसी ऐसे देश को बीच में नहीं आने देना चाहता जो खुद अपनी मर्जी से फैसले न ले सके। पाकिस्तान का प्रस्ताव महज एक ‘पीआर स्टंट’ बनकर रह गया, जिसे न ईरान ने भाव दिया और न ही इजराइल ने गंभीरता से लिया।

भारत की ‘चुप्पी’ में छिपा ईरान का भरोसा

इस पूरे ड्रामे के बीच भारत ने खुद को शोर-शराबे से दूर रखा है, फिर भी ईरान ने भारत की तारीफ की। भारत की विदेश नीति किसी एक पक्ष का मोहरा बनने की नहीं, बल्कि अपने हितों और पुराने रिश्तों को निभाने की है। ईरान जानता है कि भारत दबाव में आकर दोस्ती नहीं तोड़ता। यही वजह है कि जब पाकिस्तान मध्यस्थता के लिए छटपटा रहा था, तब ईरान ने भारत के साथ अपने ‘अच्छे और सम्मानजनक’ रिश्तों की दुहाई देकर साबित कर दिया कि असली क्षेत्रीय ताकत कौन है।



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No LPG Crisis: ‘होर्मुज से 4-5 दिनों में 5 LPG जहाज भारत आएंगे’, सरकार का बड़ा ऐलान, LPG किल्लत को ‘बाय-बाय’?


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oi-Divyansh Rastogi

No LPG Crisis: पश्चिम एशिया (अमेरिका-इजरायल-ईरान) संकट के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग बाधित होने से भारत में कमर्शियल LPG की किल्लत और ब्लैक मार्केटिंग की चर्चा तेज हो गई थी। लेकिन 25 मार्च 2026 को संसद में हुई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार ने साफ संदेश दिया कि ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह नियंत्रण में है और होर्मुज से और अधिक भारतीय जहाज सुरक्षित गुजरने वाले हैं।

No LPG Crisis

All-Party Meeting Update: सर्वदलीय बैठक में क्या हुआ?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी समेत सभी प्रमुख मंत्री मौजूद थे।

विपक्षी दलों (बीजेडी, जेडीयू, सपा, सीपीआई-एम आदि) के नेताओं को सरकार ने विस्तार से ब्रिफिंग दी। बैठक में मुख्य आश्वासन ये थे-

  • प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
  • ऊर्जा सुरक्षा बरकरार है। पेट्रोल-डीजल, घरेलू LPG और क्रूड की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य से और अधिक भारतीय जहाज गुजरेंगे।
  • अगले 4-5 दिनों में 5 LPG जहाज भारतीय तट पर पहुंचने वाले हैं।

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा (BJP MP Manan Kumar Mishra) ने बैठक के बाद कहा कि सरकार स्थिति को स्पष्ट करने और सभी दलों को साथ लेकर चलने के लिए बैठक बुलाई थी। विदेश सचिव ने भू-राजनीतिक स्थिति पर प्रस्तुति दी।

LPG Shortage Modi Government Stand:LPG किल्लत पर सरकार का साफ जवाब क्या?

  • सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू LPG (33 करोड़+ परिवारों के लिए) पूरी तरह सुरक्षित है। डिलीवरी साइकिल 2.5 दिन में सामान्य बनी हुई है। रिफाइनरियों को निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। कमर्शियल LPG का आवंटन पहले बढ़ाकर 50% (प्री-क्राइसिस स्तर) कर दिया गया है। पैनिक बुकिंग और जमाखोरी से बचें। असली कमी नहीं, घबराहट से दबाव बढ़ा है। होर्मुज से हाल ही में दो भारतीय LPG टैंकर (Pine Gas और Jag Vasant) सुरक्षित गुजरे हैं। इनमें कुल 92,600+ टन LPG है, जो 26-28 मार्च तक भारत पहुंचेगा। इससे पहले भी दो जहाज आ चुके हैं।
  • पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही संसद में कहा था कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और क्रूड आयात का 70% अब होर्मुज से अलग रूट्स से हो रहा है।

मतलब साफ- LPG संकट खत्म होने की राह?

हां, राहत की उम्मीद बढ़ गई है। होर्मुज से ज्यादा जहाजों के गुजरने और अतिरिक्त खेपों से कमर्शियल गैस की सप्लाई सुधरने की संभावना है। लेकिन पूर्ण सामान्य स्थिति अभी निर्भर करेगी। आगे की डिप्लोमेसी, ईरान के साथ बातचीत और वैकल्पिक रूट्स (जैसे PNG पर शिफ्ट) पर है। सरकार ने कालाबाजारी पर सख्ती बरती हुई है। छापे, जब्ती और FIR जारी हैं।

क्या करें आम नागरिक?

घरेलू गैस की डिलीवरी सामान्य है। अनावश्यक पैनिक बुकिंग न करें। कमर्शियल यूजर्स (होटल, मेस, टिफिन सर्विस) थोड़ी देर और धैर्य रखें। अतिरिक्त आवंटन और आने वाले जहाजों से सुधार होगा। केवल आधिकारिक स्रोतों (IndianOil, BPCL, PIB, Petroleum Ministry) पर भरोसा करें। अफवाहें न फैलाएं।

सर्वदलीय बैठक में सरकार ने एकजुटता का संदेश दिया और कहा कि यह संकट भारत की गलती नहीं है, लेकिन हम पूरी तैयारी के साथ निपट रहे हैं। होर्मुज से ज्यादा जहाजों के गुजरने का ऐलान LPG किल्लत को कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। स्थिति नियंत्रण में है। घबराहट की कोई जरूरत नहीं। अगर आपके इलाके में अभी भी गैस या ईंधन की समस्या दिख रही है, तो अपने डिस्ट्रीब्यूटर या IndianOil/BPCL हेल्पलाइन से संपर्क करें।



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LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू


India

oi-Smita Mugdha

c: देश में जारी एलपीजी संकट के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने होटल और रेस्टोरेंट्स को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे ग्राहकों से एलपीजी (LPG Charges), गैस चार्ज (Gas Charges) या इसी तरह के अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकते।

यह एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई है जब एलपीजी की कीमतों और आपूर्ति को लेकर देशभर में चिंता बनी हुई है। सरकार का मानना है कि कुछ होटल और रेस्टोरेंट उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालते हुए बिल में अलग से गैस चार्ज जोड़ रहे हैं, जो कि अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आता है।

LPG Crisis new rule

LPG Crisis: अलग से नहीं वसूल सकेंगे एलपीजी चार्ज

– प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाने-पीने की वस्तुओं की कीमत में पहले से ही सभी लागतें शामिल होती हैं, जिनमें ईंधन (LPG) का खर्च भी शामिल है।

— ऐसे में अलग से गैस चार्ज या एलपीजी चार्ज जोड़ना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार ने सभी होटल और रेस्टोरेंट्स को निर्देश दिया है कि वे इस तरह के शुल्क को तुरंत बंद करें और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें।

– अगर कोई प्रतिष्ठान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

LPG New Rules: आम उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की लागत में वृद्धि हुई है। हालांकि, इसका सीधा बोझ ग्राहकों पर डालना नियमों के खिलाफ है। इस कदम से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। खास तौर परऐसे समय में जब पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठान लागत बढ़ने का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं का शोषण न करें।

उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि अगर किसी होटल या रेस्टोरेंट में इस तरह का अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है, तो वे इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। यह कदम उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



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राजपाल यादव ने अक्षय कुमार को थप्पड़ जड़ ले लिया ‘भूल-भुलैया’ का बदला? बता दी वजह


Entertainment

oi-Shashank Mani Pandey

चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में रहे राजपाल यादव अब अपनी आगामी फिल्म भूत बंगला के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। यह फिल्म उनके लिए खास मानी जा रही है, क्योंकि निजी चुनौतियों के बाद यह उनकी पहली बड़ी रिलीज़ होगी। हाल ही में आए टीजर ने दर्शकों के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दिया है।

टीजर में एक सीन ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा, जिसमें राजपाल यादव सुपरस्टार अक्षय कुमार को थप्पड़ मारते नजर आते हैं। इस सीन ने दर्शकों को तुरंत भूल भुलैया की याद दिला दी। जहां अक्षय कुमार ने मजाकिया अंदाज में राजपाल को थप्पड़ मारा था। इस उलटफेर ने फैंस के बीच नॉस्टैल्जिया जगा दिया। लेकिन ये थप्पड़ उन्होंने क्यों मारा था और इसके पिछे किसका आइडिया था? अब राजपाल ने इसके बारे में बात की है।

Rajpal Yadav

अक्षय कुमार का था आइडिया
न्यूज 18 से बातचीत में में राजपाल यादव ने इस सीन के पीछे का दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया हमारा और अक्की पाजी का बाल खींचना, चाटना, एक दूसरे पर चिल्लाना सिचुएशन के हिसाब से हो जाता है। ये इम्प्रोवाइजेशन मेरी नहीं है, यकीन मानिए, अक्की पाजी की है, ये उनका आइडिया था। जब हम रिहर्सल कर रहे थे, तब अक्की पाजी के दिमाग में आया कि तू मार, तू रख दे, वो वहां स्थिति पर फिट था। और बड़ा समन्वय वाला है हमारा, कि तू गेंद ऐसे मार तो मैं बल्ला ऐसे चलाऊंगा। यकीन मानिए प्रियन जी, अक्की पाजी, परेश जी और हमारा ऐसा समन्वय है कि कोई भी फिल्म हो, हम उसे आसान से उठाते हैं प्रियन जी की वजह से।

15 साल बाद प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी
‘भूत बंगला’ का एक बड़ा आकर्षण यह भी है कि इसमें प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी करीब 15 साल बाद साथ काम कर रही है। इस कारण फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। टीज़र रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर इसकी कॉमिक टाइमिंग और पुरानी फिल्मों जैसी फील की खूब सराहना हुई।

दमदार स्टारकास्ट और रिलीज़ डेट
फिल्म में तब्बू, असरानी समेत कई अनुभवी कलाकार नजर आएंगे। हॉरर और कॉमेडी का यह मिश्रण दर्शकों को हंसी और रोमांच दोनों देने का वादा करता है। ‘भूत बंगला’ 10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, और इसके प्रति दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।



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Delhi: गैस किल्लत पर भड़कीं आम आदमी पार्टी, दिल्ली विधानसभा के बाहर विधायकों ने किया प्रदर्शन


Delhi

oi-Sumit Jha

AAP protest Delhi Assembly: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में विधायकों ने भाजपा सरकार पर देश में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत पैदा करने का आरोप लगाया।

आतिशी ने कहा कि सरकार की विफल विदेश नीति के कारण आज जनता को सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। विधायकों ने ‘नरेन्द्र मोदी ने किया सरेंडर, गायब हुआ गैस सिलेंडर’ के नारे लगाते हुए पैदल मार्च निकाला और जनता की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया।

AAP protest Delhi Assembly

Gas cylinder shortage Delhi: गैस किल्लत और विदेश नीति पर हमला

आतिशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका और ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं, जिसका खामियाजा आज पूरा देश भुगत रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत कूटनीति की वजह से देश में रसोई गैस की भारी कमी हो गई है। आज दिल्ली समेत पूरे भारत में लोग एक-एक सिलेंडर के लिए तरस रहे हैं। आतिशी के अनुसार, 56 इंच की छाती का दावा करने वाली सरकार आज जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

फ्री सिलेंडर के वादे पर तंज

भाजपा के चुनावी वादों पर कटाक्ष करते हुए आतिशी ने कहा कि सरकार ने होली और दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर देने की बात कही थी। अब समझ में आया है कि इनका ‘फ्री’ का तरीका क्या है-इन्होंने बाजार से सिलेंडर ही गायब कर दिए हैं। जब सिलेंडर मिलेगा ही नहीं, तो पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लोग अब मजबूरी में इंडक्शन और लकड़ियों पर खाना बना रहे हैं। भाजपा सरकार दिल्ली की जनता को मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और गैस देने में विफल रही है।

महिलाओं को सम्मान राशि न मिलने का मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान आतिशी ने महिलाओं को मिलने वाली 2500 रुपये की सम्मान राशि पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने मार्च 2025 तक यह पैसा खातों में भेजने का वादा किया था, लेकिन मार्च 2026 बीत जाने के बाद भी एक भी महिला को यह राशि नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल कागजों पर बजट और घोषणाएं करती है, जबकि हकीकत में मोहल्ला क्लीनिक बंद हो रहे हैं और अस्पतालों में दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं।

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सदन से विधायकों के निलंबन पर नाराजगी

विधायक संजीव झा ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ विधायकों को न केवल सदन से बल्कि विधानसभा परिसर और व्हाट्सएप ग्रुप तक से बाहर निकाल दिया गया है। संजीव झा के अनुसार, जब दिल्ली की जनता गैस की कमी से जूझ रही है, तब भाजपा सरकार विधानसभा में जश्न मना रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक विधायकों का निलंबन वापस नहीं होता, वे सड़क पर उतरकर जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।

पालम अग्निकांड और सरकारी लापरवाही

विधायक कुलदीप कुमार ने पालम अग्निकांड का मुद्दा उठाते हुए रेखा गुप्ता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक लाख करोड़ के बजट वाली सरकार के पास नौ लोगों की जान बचाने के लिए एक सीढ़ी तक नहीं थी। रामनवमी के त्यौहार पर भी लोग सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं और कालाबाजारी के कारण गैस पांच-छह हजार रुपये में मिल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय केवल विपक्ष को सदन से बाहर निकालने की साजिश रच रही है।



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Ananya Birla Net Worth: 20 बेडरूम के घर में रहने वाली अनन्या कितने करोड़ की मालकिन? कितनी कारें-लव स्टोरी?


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oi-Divyansh Rastogi

Who Is Ananya Birla: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) से जुड़ी बड़ी डील के बाद बिड़ला परिवार चर्चा में है, और इसी बीच अनन्या बिड़ला अनन्या बिड़ला (Ananya Birla) का नाम भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हो रहे हैं और लोग उनकी लाइफस्टाइल और नेटवर्थ के बारे में जानना चाहते हैं। अगर आप भी सोच रहे हैं कि आखिर अनन्या बिड़ला कौन हैं? कैसे इतनी कम उम्र में उन्होंने इतनी बड़ी पहचान बना ली, आइए जानते हैं…

Ananya Birla Net Worth

Ananya Birla Net Worth: अनन्या बिड़ला की नेट वर्थ कितनी है?

रिपोर्ट्स के अनुसार अनन्या बिड़ला की पर्सनल नेट वर्थ लगभग ₹1,000 से ₹1,770 करोड़ के बीच बताई जाती है। कुछ मीडिया में इसे ₹1,700 करोड़ के आसपास बताया गया है। ध्यान दें यह उनकी खुद की कमाई और बिजनेस से जुड़ी संपत्ति है, न कि पूरे आदित्य बिड़ला ग्रुप की कुल संपत्ति (जो परिवार स्तर पर $22 बिलियन यानी करीब ₹1.8 लाख करोड़ से ज्यादा है)।

क्या हैं अनन्या बिड़ला के मुख्य कमाई के स्रोत?

स्वतंत्र माइक्रोफिन (Svatantra Microfin)- 17 साल की उम्र में शुरू की गई माइक्रोफाइनेंस कंपनी, जो ग्रामीण महिलाओं को छोटे लोन देती है। 2026 तक यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी NBFC-MFI बन चुकी है। AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ₹13,500-15,700 करोड़ के पार, FY26 में ₹19,600 करोड़ से ज्यादा लोन डिस्बर्स किए। IPO की तैयारी चल रही है।

  • ब्यूटी और लाइफस्टाइल ब्रांड – 2025 में लॉन्च किया लग्जरी परफ्यूम ब्रांड Contraband (जो Nykaa और Parcos पर हिट हो चुका है) और होम डेकोर ब्रांड Ikai Asai।
  • पिछला म्यूजिक करियर – इंग्लिश सिंगल ‘Meant To Be’ भारत का पहला प्लैटिनम इंग्लिश सिंगल बना। शॉन किंग्स्टन और Afrojack जैसे ग्लोबल आर्टिस्ट्स के साथ कोलैब। कुल 350 मिलियन+ स्ट्रीम्स। बाद में बिजनेस पर फोकस करने के लिए संगीत छोड़ दिया।
  • Grasim Industries समेत Aditya Birla Group की कई कंपनियों में डायरेक्टर पद।

अनन्या ने साबित किया है कि विरासत से मिली सुविधाओं के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और यूनिक आइडियाज से अलग पहचान बनाई है।

Ananya Birla Luxury Lifestyle: लग्जरी लाइफस्टाइल- कहां रहती हैं अनन्या?

अनन्या मुंबई के मालाबार हिल स्थित जटिया हाउस (Iconic Jatia House) में रहती हैं। पिता कुमार मंगलम बिड़ला ने 2015 में इसे प्राइवेट ऑक्शन में ₹425 करोड़ में खरीदा था। उस समय भारत का सबसे महंगा रेसिडेंशियल डील।

  • Ananya Birla House: कहां रहती हैं अनन्या?
  • कुल एरिया: 30,000+ sqft
  • 20 बेडरूम, ग्रैंड बॉलरूम, सेंट्रल कोर्टयार्ड
  • बर्मी टीकवुड की शानदार वुडवर्क, विशाल गार्डन और अरेबियन सी का खूबसूरत व्यू

यह महल न सिर्फ लग्जरी, बल्कि विरासत और स्टेटमेंट का प्रतीक है।

Ananya Birla Luxury Cars: अनन्या के पास कितनी लग्जरी कारें हैं?

अनन्या की गैराज सुपरकार और हाई-एंड लग्जरी व्हीकल्स से भरी हुई है। रिपोर्ट्स में खास तौर पर लैंबॉर्गिनी (Lamborghini) का जिक्र आता है। उन्होंने अपनी अच्छी दोस्त जान्हवी कपूर को ₹4.99-5 करोड़ की बैंगनी/बकाइन लेम्बोर्गिनी हुराकैन इवो स्पाइडर (Violet/lilac Lamborghini Huracán Evo Spyder) गिफ्ट की थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

उनकी खुद की मुख्य लग्जरी कारें (रिपोर्टेड):

  • Lamborghini Urus (लैंबॉर्गिनी उरुस)
  • Lamborghini Huracán (कलेक्शन का हिस्सा)
  • Porsche 718 Boxster (पोर्श 718 बॉक्सर)
  • Mercedes GLS (मर्सिडीज़ GLS)
  • Range Rover Vogue (रेंज रोवर वोग)
  • BMW 7 Series (BMW 7 सीरीज)

वे सुपरकार और प्रीमियम SUVs के शौकीन हैं, लेकिन पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं है। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल में प्राइवेट जेट ट्रैवल, इंटरनेशनल बिजनेस टूर और हाई-प्रोफाइल इवेंट्स भी शामिल हैं।

Ananya Birla Love Story: क्या है अनन्या बिड़ला की लव स्टोरी? कोई बॉयफ्रेंड या अफेयर?

अनन्या अभी अविवाहित हैं। पब्लिक डोमेन में किसी कन्फर्म रिलेशनशिप, बॉयफ्रेंड या लव स्टोरी की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। वे अपनी पर्सनल लाइफ को काफी प्राइवेट रखती हैं। कभी-कभी सोशल मीडिया पोस्ट्स पर रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर स्पेकुलेशन होता रहता है, लेकिन अनन्या ने कभी खुलकर कोई नाम या डिटेल शेयर नहीं की। वे खुद को ‘hopeless romantic’ बताती हैं, लेकिन फिलहाल पूरा फोकस बिजनेस, फाउंडेशन और फैमिली बिजनेस पर है।

Ananya Birla Family Tree: कौन-कौन हैं अनन्या के साथ?

  • अनन्या आदित्य बिड़ला परिवार की एल्डेस्ट डॉटर हैं:-
  • पिता: कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla-Aditya Birla Group चेयरमैन)
  • माता: नीरजा बिड़ला (मेंटल हेल्थ और एजुकेशन फाउंडेशन से जुड़ी)
  • भाई: आर्यमन विक्रम बिड़ला (अब RCB और ग्रुप बिजनेस में एक्टिव)
  • बहन: अद्वैतेशा बिड़ला



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Khamenei Threat to Trump: मोजतबा खामेनेई का ट्रंप को अल्टीमेटम, कहा- ‘दुश्मन को मटियामेट कर देंगे’


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oi-Sumit Jha

Mojtaba Khamenei Threat Trump: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां शांति की कोशिशों के साथ-साथ युद्ध की धमकी भी बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता संभालते ही ईरान के प्रति नरम रुख दिखाते हुए हमले रोकने और बातचीत करने का संकेत दिया, लेकिन ईरान ने इस “दोस्ती के हाथ” को कड़े शब्दों में ठुकरा दिया है।

ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे केवल युद्ध रोकना नहीं चाहते, बल्कि हमलावरों को ऐसा सबक सिखाना चाहते हैं कि उन्हें पछतावा हो। यह टकराव दुनिया को एक बड़े खतरे की ओर धकेल रहा है।

Mojtaba Khamenei Threat to trump

Israel Iran War Update: ट्रंप का शांति प्रस्ताव और ईरान का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ तनाव कम करने और बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई है। उन्होंने ईरान पर सैन्य हमलों को रोकने का आदेश देकर एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की। हालांकि, ईरान को ट्रंप की इस पहल पर भरोसा नहीं है। ईरान का मानना है कि यह केवल एक कूटनीतिक चाल है। उनके नेताओं का कहना है कि वे किसी भी दिखावटी बातचीत के बजाय अपनी सुरक्षा और स्वाभिमान को प्राथमिकता देंगे।

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Mojtaba Khamenei Threat America: मुजतबा खामेनेई की सीधी धमकी

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के सचिवालय ने ट्रंप और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान अपनी जमीन पर किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उनका लक्ष्य केवल शांति नहीं, बल्कि दुश्मन को उस हद तक कमजोर करना है कि वह दोबारा हमला करने की हिम्मत न जुटा सके। ईरान ने साफ कर दिया है कि हमलावरों को उनके किए पर पछतावा करवाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।

US Iran Peace Talks: ‘जनरलों की गलती सुधारें सैनिक’

ईरानी संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल को चेताते हुए कहा कि सैन्य तैनाती से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो गलतियां बड़े जनरलों और नेतन्याहू जैसे नेताओं ने की हैं, उन्हें साधारण सैनिक ठीक नहीं कर पाएंगे। गालिबफ के मुताबिक, अमेरिकी सैनिक केवल नेतन्याहू के भ्रम का शिकार हो रहे हैं। ईरान का कहना है कि उनकी सैन्य तैयारी पूरी है और वे हर हलचल पर नजर रख रहे हैं।

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Iran Israel War 2026: अमेरिका की सैन्य गतिविधियों पर नजर

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह क्षेत्र में अमेरिका की हर छोटी-बड़ी सैन्य गतिविधि को देख रहा है। खाड़ी देशों में अमेरिकी बेड़ों की तैनाती और इजरायल को दी जा रही मदद ईरान के लिए चिंता का विषय है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका अपनी ताकत दिखाकर उसे डराने की कोशिश न करे। वे अपनी रक्षा के लिए संकल्पित हैं और किसी भी अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने के लिए उनके ड्रोन और मिसाइलें पूरी तरह तैयार हैं।

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क्या टल जाएगा युद्ध का खतरा?

फिलहाल स्थिति ‘युद्ध और शांति’ के बीच झूल रही है। एक तरफ ट्रंप युद्ध खत्म करने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के सख्त तेवर बता रहे हैं कि समझौता आसान नहीं होगा। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी ने आग में घी डालने का काम किया है। अगर बातचीत का कोई ठोस रास्ता नहीं निकला, तो यह जुबानी जंग जल्द ही एक भीषण युद्ध में बदल सकती है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।



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Bengaluru Mysuru Corridor: ट्रैफिक से मिलेगी राहत, कॉरिडोर एक्सपेंशन से रिंग रोड कनेक्टिविटी होगी मजबूत


India

oi-Smita Mugdha

Bengaluru Mysuru Corridor: बेंगलुरु-मैसूरु इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर एनआईसीई (NICE) रोड के नाम से जाना जाता है, बेंगलुरु की ट्रैफिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है। 25 मार्च 2026 तक के ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, इस कॉरिडोर के विस्तार और आधुनिकीकरण से शहर की रिंग रोड कनेक्टिविटी और मजबूत होने जा रही है।

कॉरिडोर के सबसे व्यस्त हिस्से होसुर रोड से तुमकुरु रोड (NH-48) तक बड़ा सुधार देखने को मिला है। मार्च 2026 तक तुमकुरु रोड पर नया इंटरचेंज लगभग पूरा हो चुका है, जिससे पुणे की ओर जाने वाले वाहनों को अब शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे बेंगलुरु के ट्रैफिक दबाव में कमी आने की उम्मीद है।

Bengaluru Mysuru Corridor

Bengaluru Mysuru Corridor: स्मार्ट टोलिंग तकनीक का इस्तेमाल

– केंगेरी के पास मैसूरु रोड जंक्शन पर फ्री-फ्लो रैंप तैयार किए गए हैं, जहां NICE रोड का जुड़ाव बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे से होता है।

– इन रैंप्स के जरिए एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन बिना रुके इलेक्ट्रॉनिक सिटी या कनकपुरा रोड की ओर आसानी से जा सकेंगे।

– एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू स्मार्ट टोलिंग को लेकर है। हालांकि, NICE रोड निजी परियोजना है और एक्सप्रेसवे सरकारी, लेकिन दोनों के बीच FASTag आधारित टोल भुगतान को लेकर चर्चा जारी है।

IT City Traffic: शहर का इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा बेहतर

मार्च 2026 तक कई टोल प्लाजा पर इस सुविधा को बेहतर बनाया गया है, जिससे यात्रियों को दोहरी कतारों से राहत मिल रही है। इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत कॉरिडोर के साथ जुड़े लिंक रोड्स को भी अपग्रेड किया जा रहा है। कनकपुरा रोड, मैसूरु रोड और मागड़ी रोड को जोड़ने वाले हिस्सों को चौड़ा करने का काम जारी है। इसके साथ ही बिदादी के पास इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में इस मार्ग पर ट्रैफिक बढ़ने की संभावना है।

Bengaluru Traffic: रोड पर लगाई जाएंगी LED लाइटिंग

सुरक्षा के लिहाज से NICE रोड पर 41 किमी के हिस्से में हाई-मास्ट LED लाइटिंग का काम पूरा हो चुका है। साथ ही AI-आधारित CCTV कैमरों के जरिए ओवरस्पीडिंग पर नजर रखी जा रही है और चालान सीधे वाहन मालिक तक भेजे जा रहे हैं। भविष्य की योजना के तहत इस कॉरिडोर को निर्माणाधीन पेरिफेरल रिंग रोड (PRR) से जोड़ने की तैयारी है। इसके पूरा होने पर बेंगलुरु के चारों ओर एक ‘कम्प्लीट रिंग’ बन जाएगी, जिससे बिना ट्रैफिक सिग्नल के शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक सफर संभव होगा। निजी स्वामित्व के कारण NICE रोड का टोल अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना में अधिक है, और मार्च 2026 में इसमें मामूली बढ़ोतरी की भी खबर है।



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Assam Elections 2026: बदरुद्दीन अजमल कौन हैं, क्‍या करते हैं? जिनके पास है 222 करोड़ रुपये की संपत्ति


India

oi-Bhavna Pandey

Badruddin Ajmal Net Worth: असम विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनीतिक दलों के उम्‍मीदवार नामांकन दाखिल कर रहे हैं और चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा दे रहे हैं। नामांंकन पर्चा दाखिल करने वालों में एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल अपनी संपत्ति में बड़ी वृद्धि के साथ फिर सुर्खियों में हैं।

सेंट्रल असम के होजाई जिले के बिन्नाकांडी विधानसभा क्षेत्र से नामांकन भरते हुए अजमल ने जो चुनावी हलफनामा में जो अपनी कुल संप‍त्ति का ब्यौरा दिया है, उसको जानकर हर कोई हैरान है। लोग ये जानने के लिए उत्‍सुक हैं कि आखिर बदरुद्दीन अजगल ऐसा क्‍या करते हैं, जिससे वो कारोड़ों की कमाई कर रहे हैं?

Assam Elections 2026

Badruddin Ajmal Net Worth: 222 करोड़ की संपत्ति मालिक हैं

चुनावी हलफनामे के अनुसार, बदरुद्दीन अजमल की कुल संपत्ति अब 222.33 करोड़ रुपये से अधिक है, जो मात्र दो साल पहले लगभग 151.70 करोड़ रुपये थी। इसमें 52.43 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति और 169.90 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति शामिल हैं।

Badruddin Ajmal पत्‍नी कितनी हैं अमीर?

उनकी पत्नी रिजवाना बदरुद्दीन अजमल के पास 31.08 लाख रुपये की चल और 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।

Badruddin Ajmal कौन हैं?

2006 में दक्षिण सलमारा से विधायक के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया और 2009 से लगातार तीन बार धुबरी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के रकीबुल हुसैन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वे राज्य राजनीति में लौटे हैं

।Badruddin Ajmal कितने पढ़े-लिखें है

अजमल ने 1975 में उत्तर प्रदेश के दारुल उलूम देवबंद से फाजिल परीक्षा उत्तीर्ण की थी। 70 वर्षीय अजमल के खिलाफ दो आपराधिक मामले लंबित हैं, लेकिन उन्हें अभी तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

Badruddin Ajmal कहां से करते हैं इतनी कमाई?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बदरुद्दीन अजमल इत्र कारोबारी हैं। उनकी कमाई का बिजनेस, बैंक ब्याज, साझेदारी फर्मों से पारिश्रमिक, पूर्व सांसद पेंशन और संपत्ति की बिक्री शामिल हैं। वर्ष 2024-25 में अजमल की आय 3.21 करोड़ रुपये से अधिक रही, जबकि उनकी पत्नी की आय लगभग 50 हजार रुपये दर्ज की गई।

Badruddin Ajmal के बैंक अकाउंट में जमा नगद उड़ा देगा होश

अजमल के मुंबई और असम स्थित आठ बैंक खातों में ₹52.43 करोड़ नकद जमा है। उनकी पत्नी के पास नकद 26 हजार रुपये और बैंक में 7.39 लाख रुपये हैं। अजमल ने बॉन्ड, डिबेंचर, शेयर और म्यूचुअल फंड में 10.89 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किया है। वे लगभग 29.80 करोड़ रुपये व्यक्तिगत ऋण भी दे चुके हैं।

कितनी गाडि़यां हैं?

इनके पास छह वाहन हैं जिनकी कुल कीमत 1.56 करोड़ रुपये से अधिक है। उनकी पत्नी के पास तीन वाहन हैं जिनकी कीमत 59.83 लाख रुपये है।

अचल संपत्ति और फ्लैट

अजमल के पास असम में 55.47 लाख रुपये मूल्य की कृषि भूमि है, और गैर-कृषि संपत्ति के तहत उनकी कुल अचल संपत्ति 111.63 करोड़ रुपये है। इसमें महाराष्ट्र के खंडाला, असम के विभिन्न क्षेत्र और कर्नाटक के प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने मुंबई में तीन फ्लैट और दिल्ली में एक फ्लैट भी खरीदा है, जिनकी कुल कीमत 57.72 करोड़ रुपये है।



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US-Iran जंग में चौधरी बन रहे थे शहबाज-मुनीर, ईरान ने होर्मुज से लौटाया कराची जा रहा जहाज, धरी रह गई डिप्लोमेसी


International

oi-Siddharth Purohit

US-Iran जंग में चौधरी बन रहे पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। ईरान ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की मध्यस्थता से इनकार तो किया ही, वहीं अब खबर आ रही है कि ईरान ने Strait Of Hormuz से कराची जा रहे एक कंटेनर जहाज को वापस लौटने का आदेश दिया। जिसके बाद पाकिस्तानी जहाज को लौटना पड़ा, अगर वह ऐसा न करता तो ईरान उस पर हमला कर सकता था। जिससे यह साफ हो गया कि ईरान अपनी नीतियों पर अड़ा हुआ है और किसी का दखल उसे मंजूर नहीं है।

IRGC ने जहाज को वापस लौटाया

Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के नौसेना कमांडर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि कराची जा रहे ‘सेलेन’ नाम के कंटेनर जहाज को वापस मोड़ने का निर्देश दिया गया था। इस जहाज को IRGC नौसेना से इस अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए उसे लौटना पड़ा।

US-Iran pakistan ship

नियम नहीं माने तो एंट्री नहीं- ईरान

IRGC नौसेना के कमांडर Alireza Tangsiri ने कहा, “कंटेनर जहाज सेलेन को कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और अनुमति न मिलने के कारण वापस भेजा गया।” उन्होंने यह भी कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान के समुद्री प्राधिकरण से पूरा समन्वय जरूरी है और यह सब देश की जनता के समर्थन से संभव हुआ है।

कहां का था जहाज और अब कहां है?

ऑनलाइन शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म MarineTraffic के मुताबिक, ‘सेलेन’ सेंट किट्स और नेविस का झंडा लगाए एक कंटेनर जहाज है। यह जहाज पाकिस्तान के Karachi Port की ओर जा रहा था, लेकिन अब फारस की खाड़ी में ही रुका हुआ है और माना जा रहा है कि वह यूएई के शारजाह एंकरेज में खड़ा है।

होर्मुज पर ईरान का दबदबा कायम

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद से ईरान ने फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री एक्टिविटी पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। हालात बिगड़ने पर ईरान ने साफ कहा था कि वह किसी भी अमेरिकी, इजरायली या पश्चिमी सहयोगी जहाज को इस रास्ते से गुजरने नहीं देगा।

किन जहाजों को मिली छूट?

हालांकि, ईरान ने यह भी कहा है कि जिन देशों से संबंध दोस्ताना हैं उन्हें इस रास्ते से गुजरने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन इसके लिए पहले IRGC और ईरानी सरकार से अनुमति लेना जरूरी होगा।

चौधरी बनने की जल्दी में पाकिस्तान

इसी बीच, Pakistan ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। मीडिया में अटकलों के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ‘एक्स’ पर इस पहल की घोषणा की।

शहबाज शरीफ का बयान क्या कहता है?

प्रधानमंत्री शरीफ ने लिखा कि पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि अगर United States और Iran सहमत होते हैं, तो पाकिस्तान इस जंग के समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है। हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को ठुकरा दिया है। वहीं इसके बाद अब जहाज को भी वापस लौटने का निर्देश दिया है जो बताता है पाकिस्तान कितनी मजबूत स्थिति में है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।



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