लंदन के हाई कोर्ट ने भारत में प्रत्यर्पण के मामले को फिर से खोलने के नीरव मोदी की याचिका को खारिज कर दिया है, जहाँ उन पर 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले से संबंधित आरोप हैं। मोदी, एक भगोड़े हीरा कारोबारी, ने प्रत्यर्पण को चुनौती देने की मांग करते हुए हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन से संपर्क किया था।
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क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम के समर्थन से, मोदी की याचिका के खिलाफ मजबूत तर्क पेश किए। सीबीआई के अधिकारी सुनवाई के लिए लंदन गए थे, जो इस मामले के महत्व को उजागर करता है। मोदी की अर्जी हथियार डीलर संजय भंडारी के फैसले पर आधारित थी, लेकिन सीबीआई के समन्वित प्रयासों से इस चुनौती पर काबू पाया गया।
अदालत का फैसला
अदालत ने फैसला सुनाया कि मोदी की याचिका और उसकी परिस्थितियां मामले को फिर से खोलने के लिए पर्याप्त असाधारण नहीं थीं। सीबीआई 2018 से मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है क्योंकि वह एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ महत्वपूर्ण वित्तीय कदाचार में शामिल था। यूके की अदालतों ने 2019 में उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी और कानूनी बाधाओं का हवाला देते हुए और भारत में उनके इलाज के बारे में आश्वासन स्वीकार करते हुए पिछले अपीलों को खारिज कर दिया।
प्रत्यर्पण प्रक्रिया
हालांकि एक अस्थायी कानूनी बाधा के कारण कार्यवाही में देरी हुई, इसे अगस्त 2025 में हल कर दिया गया। मोदी ने भंडारी फैसले के आधार पर संभावित दुर्व्यवहार की चिंताओं का हवाला देते हुए और भारतीय अधिकारियों से उनके अधिकारों के संबंध में दिए गए आश्वासनों की पर्याप्तता पर सवाल उठाते हुए, अपनी अपील को फिर से खोलने की मांग की थी। उन्हें 19 मार्च 2019 से यूके में कैद किया गया है।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
नीरव मोदी पर अपने चाचा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पीएनबी को धोखा देने का आरोप है। अकेले मोदी पर 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इस कानूनी लड़ाई का सकारात्मक परिणाम उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारतीय सरकार के निरंतर प्रयासों और प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
Donald Trump China Visit 2026: दुनियाभर में जारी युद्ध के तनाव के बीच अमेरिकी राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को बीजिंग का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व (Middle East) में संघर्ष चरम पर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगा रही है।
ट्रंप का यह कदम न केवल अमेरिका और चीन के रिश्तों को नई दिशा देगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या दोनों महाशक्तियां मिलकर वैश्विक शांति बहाल कर पाएंगी। इसके बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी सपरिवार वाशिंगटन का दौरा करेंगे।
Trump Xi Jinping Meeting Beijing: युद्ध के साये में कूटनीति का नया अध्याय
मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव और ओपेक देशों की अस्थिरता के बीच ट्रंप का बीजिंग दौरा बेहद साहसिक कदम माना जा रहा है। मूल रूप से यह दौरा मार्च में होना था, लेकिन ईरान के साथ बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब मई की तारीखें तय करना यह दर्शाता है कि व्हाइट हाउस अगले 6 हफ्तों के भीतर मध्य पूर्व में किसी बड़े ‘एंडगेम’ या युद्धविराम की उम्मीद कर रहा है। ट्रंप इस यात्रा के जरिए यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका एक साथ दो मोर्चों पर नियंत्रण रखने में सक्षम है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और चीन की भूमिका
वर्तमान संघर्ष में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। ट्रंप ने पहले चीन से इस क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग की मांग की थी, जिसे बीजिंग ने ठुकरा दिया था। अब बीजिंग में होने वाली वार्ता का मुख्य केंद्र तेल आपूर्ति बहाल करना होगा। चीन, जो ईरानी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है, के पास तेहरान पर दबाव बनाने की अनूठी क्षमता है। ट्रंप इस कूटनीतिक यात्रा का उपयोग चीन को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए मजबूर करने में कर सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में 15% वैश्विक फ्लैट टैरिफ की बात की है, जिसने चीन की आर्थिक चिंताएं बढ़ा दी हैं। मध्य पूर्व के युद्ध ने चीन की ऊर्जा सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। ऐसे में यह शिखर सम्मेलन “लेन-देन की कूटनीति” (Transactional Diplomacy) का केंद्र बनेगा। ट्रंप चीन से व्यापारिक रियायतों के बदले मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए सहयोग मांग सकते हैं। यदि शी जिनपिंग इस संकट में मध्यस्थ बनते हैं, तो यह वैश्विक व्यवस्था में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और मैडम पेंग लियान के बीच वाशिंगटन में एक ‘रेसिप्रोकल विजिट’ (पारस्परिक दौरा) भी होगा। युद्ध के माहौल में इस पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का उद्देश्य दोनों महाशक्तियों के बीच जमी बर्फ को पिघलाना है। यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन केवल सैन्य या आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से भी चीन के साथ एक लंबी अवधि का “ग्रैंड डील” (Grand Deal) सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि एशियाई मोर्चे पर शांति बनी रहे।
LPG Crisis India: दुनिया भर में गैस की किल्लतों के बीच भारत ने कई सालों के बाद ईरान से रसोई गैस (LPG) की पहली खेप खरीदी है। साल 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से ऊर्जा लेना बंद कर दिया था, लेकिन अब प्रतिबंधों में मिली कुछ ढील के बाद यह व्यापार फिर से शुरू होता दिख रहा है।
‘ऑरोरा’ नामक टैंकर, जो पहले चीन जा रहा था, अब ईरानी LPG लेकर भारत के मंगलौर बंदरगाह पहुंचने वाला है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण भारत को गैस सप्लाई में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
India Iran LPG Import: ईरान से सालों बाद गैस की वापसी
भारत और ईरान के बीच ऊर्जा का रिश्ता पुराना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंधों के कारण पिछले कुछ वर्षों से यह पूरी तरह ठप था। अब खबर आ रही है कि भारत ने एक ट्रेडर के जरिए ईरान से LPG की खेप खरीदी है और इसका भुगतान भारतीय रुपयों में किया जाएगा। हालांकि, सरकारी स्तर पर अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर यह सप्लाई नियमित होती है, तो इससे भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सस्ता और नजदीकी विकल्प मिल जाएगा।
Iran-India Energy Trade: तीन प्रमुख कंपनियों में होगा बंटवारा
ईरान से आ रही इस गैस की खेप को भारत की तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों-इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)-के बीच बांटा जाएगा। ये कंपनियां देश में रसोई गैस की मुख्य सप्लायर हैं। सूत्रों का कहना है कि भारत आने वाले समय में ईरान से और भी खेप मंगवाने पर विचार कर रहा है। इससे न केवल गैस की किल्लत दूर होगी, बल्कि घरेलू बाजार में सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में भी मदद मिलेगी, जो आम जनता के लिए राहत की बात है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG खरीदार देश है, लेकिन फिलहाल यह गैस की भारी कमी से जूझ रहा है। पिछले साल देश में लगभग 33 मिलियन टन गैस की खपत हुई थी, जिसका 60% हिस्सा विदेशों से मंगवाया गया था। संकट इतना गहरा है कि सरकार को उद्योगों की गैस सप्लाई काटकर घरों तक रसोई गैस पहुंचानी पड़ रही है। इस किल्लत की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है, जिसके कारण समुद्री रास्तों से माल लाने में काफी रुकावटें और देरी हो रही है।
भारत अपनी गैस सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में फंसे भारतीय जहाजों, जैसे कि शिवालिक और नंदा देवी, को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। भारत अब मिडिल ईस्ट के अन्य देशों के साथ-साथ ईरान जैसे विकल्पों पर भी ध्यान दे रहा है ताकि विदेशी आयात पर निर्भरता के जोखिम को कम किया जा सके। फारस की खाड़ी में फंसे खाली जहाजों को भी भरकर वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
English summary
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Assam Assembly Election Exit Poll Ban: असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले आम चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं का हवाला देते हुए 9 अप्रैल की सुबह 7 बजे से 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे तक किसी भी प्रकार के ‘एग्जिट पोल’ के संचालन और प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने सभी मीडिया घरानों को इन नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। राज्य में इस बार सत्ताधारी भाजपा नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है, जहाँ भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है।
Assam Assembly Election 2026: एग्जिट पोल पर पाबंदी की अवधि
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, 9 अप्रैल (गुरुवार) सुबह 7 बजे से लेकर 29 अप्रैल (बुधवार) शाम 6:30 बजे तक की अवधि को ‘निषिद्ध अवधि’ घोषित किया गया है। इस दौरान कोई भी मीडिया संस्थान, चाहे वह प्रिंट हो या इलेक्ट्रॉनिक, चुनाव के रुझान या एग्जिट पोल जारी नहीं कर पाएगा। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना किसी बाहरी प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपना वोट डालने का अवसर देना है।
Assam Election News in Hindi: 48 घंटे का ‘साइलेंस पीरियड’
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान समाप्त होने से ठीक 48 घंटे पहले किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ओपिनियन पोल या अन्य चुनावी सर्वेक्षण दिखाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। धारा 126(1)(b) के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदान के अंतिम चरणों में किसी भी तरह के विज्ञापनों या सर्वे के जरिए जनता के मत को प्रभावित न किया जा सके। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
असम की 126 सीटों पर इस बार मुख्य लड़ाई मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच है। भाजपा जहाँ अपने विकास कार्यों और ‘डबल इंजन’ सरकार के दम पर लगातार तीसरी जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने और सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है। दोनों दलों ने गठबंधन के साथ अपनी ताकत झोंक दी है।
पिछले चुनाव (2021) का गणित
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, AGP और UPPL के गठबंधन (NDA) ने 75 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, जिसमें अकेले भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर, कांग्रेस और AIUDF का ‘महाजोत’ गठबंधन केवल 16 सीटों पर सिमट गया था। पिछले चुनाव में असम के मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए 86.2 प्रतिशत का भारी मतदान किया था, जो राज्य की जागरूक लोकतांत्रिक छवि को दर्शाता है।
Mumbai Traffic Jam: नवी मुंबई में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। नवी मुंबई नगर निगम की आम सभा में ठाणे-बेलापुर रोड को सिग्नल-फ्री बनाने के उद्देश्य से कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से आने वाले समय में लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मंजूर परियोजना के तहत ठाणे-बेलापुर मार्ग पर राबाले, पावने और तुरभे जैसे प्रमुख जंक्शनों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा, पाम बीच रोड पर ‘एंड ऑफ जंक्शन’ के पास, खासकर नगर निगम मुख्यालय के नजदीक एक ट्विन-टनल अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी और यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
Mumbai Traffic Jam: नवी मुंबई का इलाका होगा जाम से फ्री
– दरअसल, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अटल सेतु और प्रस्तावित ऐरोली क्रीक ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
– सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यहां भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
– इस बैठक में सदन के नेता सागर नाइक ने दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए एक 30:70 लागत-साझाकरण मॉडल (Hybrid Annuity Model) के तहत परियोजना को लागू करने की जानकारी दी।
– साथ ही, दूसरा तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति से जुड़ा। इन प्रस्तावों को महापौर सुजाता पाटिल ने मंजूरी दे दी।
Thane Belapur Road: विपक्ष ने परियोजना पर उठाए सवाल
हालांकि, विपक्ष ने इस परियोजना की लागत और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। द्वारकानाथ भोईर समेत कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि परियोजना की कुल लागत, ठेकेदार और तकनीकी विवरण साझा नहीं किए गए हैं। उन्होंने इसे दोबारा विस्तृत जानकारी के साथ पेश करने की मांग की। बावजूद इसके, सत्ताधारी दल ने अपने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव को पारित कर दिया।
Thane Belapur Road Project: हाइब्रिड मॉडल से तैयार होगा प्रोजेक्ट
वित्तीय दृष्टि से यह परियोजना ‘हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल’ (HAM) के तहत लागू होगी, जिसमें कुल लागत का 30% हिस्सा शुरुआती चरण में दिया जाएगा, जबकि शेष 70% राशि काम पूरा होने के बाद 10 वर्षों में किस्तों में चुकाई जाएगी। इससे नगर निगम पर तत्काल वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो ठाणे-बेलापुर रोड पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और नवी मुंबई में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बन सकेगी।
Jodhpur ISIS arrest News: राजस्थान के जोधपुर में आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए जीशान नामक युवक को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर थी। जोधपुर पुलिस के साथ समन्वय कर चलाए गए इस देर रात के ऑपरेशन में जीशान को दबोचा गया।
प्रारंभिक जांच में उसके तार आतंकी संगठन ISIS से जुड़े होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। फिलहाल पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आंध्र प्रदेश ले जाने की तैयारी में है ताकि भविष्य के खतरों को टाला जा सके।
खुफिया सूचना और सटीक छापेमारी
आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम को जीशान के जोधपुर में छिपे होने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने के बाद, पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। पुलिस अधिकारी मानक राम बिश्नोई के अनुसार, टीम ने उसे देर रात हिरासत में लिया। यह पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय और तेज थी कि आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस अब उसके अन्य संभावित मददगारों की तलाश में जुटी हुई है।
गिरफ्तारी के बाद जब जीशान के मोबाइल फोन की बारीकी से जांच की गई, तो उसमें बेहद आपत्तिजनक और खतरनाक सामग्री बरामद हुई। उसके डिवाइस में प्रतिबंधित संगठन ISIS की विचारधारा से प्रेरित वीडियो, साहित्य और संदेश मिले हैं। वह न केवल इन चरमपंथी मंचों से सीधे जुड़ा हुआ था, बल्कि वहां से प्राप्त सामग्री को अन्य लोगों के साथ साझा भी कर रहा था। डिजिटल फॉरेंसिक टीम अब उसके डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में लगी है।
पुलिस प्रशासन को इस बात का गहरा संदेह है कि जीशान जोधपुर और आसपास के इलाकों के युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा था। वह सोशल मीडिया और अन्य गुप्त माध्यमों से भड़काऊ सामग्री फैलाकर लोगों को गुमराह करने में सक्रिय था। जांच का मुख्य केंद्र अब यह पता लगाना है कि क्या उसने स्थानीय स्तर पर कोई सेल (गुट) तैयार किया था या वह अकेले ही इस नेटवर्क को आगे बढ़ा रहा था।
न्यायालय में पेशी और ट्रांजिट रिमांड
जोधपुर पुलिस की सहायता से पकड़े गए इस संदिग्ध को स्थानीय अदालत में पेश किया गया है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने गहन पूछताछ और मामले की तह तक जाने के लिए आरोपी की ‘ट्रांजिट रिमांड’ की मांग की है। यह कानूनी प्रक्रिया उसे दूसरे राज्य ले जाने के लिए आवश्यक है। पुलिस यह जानना चाहती है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे और कौन से बड़े चेहरे हैं और उनके निशाने पर कौन से प्रमुख संस्थान या व्यक्ति थे।
Ranveer Singh Visit To Chamundi Hills: रणवीर सिंह इन दिनों धुरंधर की सफलता को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. दुनियाभर में उनके अभिनय को बहुत पसंद किया जा रहा है. इस बीच खबर आयी है कि अब एक्टर मैसूर स्थित चामुंडेश्वरी देवी के मंदिर में माफी मांगने के लिए जाएंगे. ये प्राचीन मंदिर से कई सारी दिलचस्प मान्यताएं और इसके बनने के पीछे कथाएं छिपी हुई हैं.
हाल ही में कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह ने माफी मांगते हुए एक हलफनामा दायर करने और चामुंडी हिल जाने पर सहमति जताई है. यह सुनवाई उनकी उस याचिका पर हो रही थी, जिसमें उन्होंने ‘कांतारा चैप्टर 1’ से जुड़े एक दैवीय चरित्र के बारे में कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी. यह विवाद पिछले साल गोवा में हुए एक फिल्मफेयर अवॉर्ड्स कार्यक्रम में की गई टिप्पणियों से जुड़ा है, जहां एक्टर ने ‘चामुंडी दैव’को ‘भूत’ कहा था.
कर्नाटक के दूसरे सबसे बड़े राज्य और सिटी ऑफ पैलेसेस के नाम से मशहूर शहर मैसूर में चामुंडेश्वरी देवी का प्राचीन मंदिर है. माना जाता है कि ये मंदिर चामुंडी हिल्स पर 12वीं सदी में बनाया गया था. देवी के दर्शन के लिए लगभग 1008 सीढ़ियां चढ़नी होती है.
ये दुर्गा माता का वो रूप है, जिसे उन्होंने राक्षस महिषासुर का वध करने के लिए धारण किया था. ऐसा कहा जाता है कि मंदिर का वर्तमान ढांचा विजयनगर काल में बनाया गया था. यह मंदिर नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर भक्तों की भारी भीड़ खींचता है.
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चामुंडेश्वरी मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,489 फीट की ऊंचाई पर है और मैसूर से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह मंदिर मैसूर के शाही परिवार की कुलदेवी हैं. यहां से मैसूर शहर का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है. मंदिर के पास महिषासुर की एक बड़ी प्रतिमा भी है.
इस मंदिर में नंदी की प्रतिमा भी है. यह विशाल नंदी भारत के सबसे बड़े नंदी में से एक है. इसकी ऊंचाई सामने से 16 फीट (4.8 मीटर) और लंबाई 25 फीट (7.5 मीटर) है. इसके गले में लटकी हुई शानदार घंटियां बेहद खूबसूरत हैं. जब आप देवी के दर्शन के लिए सीढ़ियां चढ़ रहे होते हैं, तो लगभग 700 सीढ़ियों को चढ़ने के बाद आपको ये ग्रेनाइट पत्थर से बनी नंदी की मूर्ति देखने के लिए मिलती है.
कैसे पहुंचे यहां आप दर्शन के लिए 7.30 AM to 02.00 PM , 03.00 PM to 06.00 PM and 7.30 PM to 9.00 PM बजे तक जा सकते हैं. यहां पहुंचने के लिए हवाई मार्ग सबसे अच्छा विकल्प है. यहां सबसे नजदीकी एयरपोर्ट केंपेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है. यहां आप ट्रेन से भी पहुंच सकते हैं. स्टेशन से टैक्सी या बस उपलब्ध हैं.
Iran vs America War: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध की आग अब कतर तक पहुंच गई है, जिसके बाद कतर ने अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति को प्राथमिकता देते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
संयुक्त राष्ट्र में कतर की प्रतिनिधि हिंद बिंत अब्दुल रहमान अल मुफ्ती ने साफ कर दिया है कि उनका देश इस लड़ाई का हिस्सा नहीं बनेगा। अमेरिका के लिए इसे एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कतर ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने से मना कर दिया है।
Qatar response to Trump Iran strikes: तनाव के बीच कतर का ‘न्यूट्रल’ स्टैंड
कतर ने संयुक्त राष्ट्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि वह शुरू से ही इस युद्ध से खुद को अलग रखना चाहता था। कतर के अनुसार, वे किसी भी ऐसी गतिविधि का समर्थन नहीं करेंगे जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़े। कतर ने साफ किया है कि वह एक शांतिदूत की भूमिका निभाना चाहता है, न कि किसी सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनकर अपनी सुरक्षा को खतरे में डालना चाहता है। यह फैसला कतर की पुरानी तटस्थ रहने की नीति का हिस्सा है।
हाल के दिनों में ईरान ने उन देशों को भी निशाना बनाया है जो सीधे तौर पर युद्ध में शामिल नहीं थे। कतर के अल उदैद एयर बेस और रास लफान जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर हुए हमलों ने दोहा की चिंता बढ़ा दी है। कतर का कहना है कि जो देश किसी का पक्ष नहीं ले रहे, उन पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। इन हमलों ने कतर को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने को मजबूर किया है।
Qatar quit from war iran us conflict: ट्रंप प्रशासन को लगा करारा झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर स्ट्राइक की घोषणा के बाद उम्मीद थी कि खाड़ी देश अमेरिका का साथ देंगे। लेकिन कतर के इस हालिया बयान ने वाशिंगटन की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। कतर ने अपनी जमीन से किसी भी हमले की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब है कि अमेरिका अब कतर में मौजूद अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए आसानी से नहीं कर पाएगा।
कतर हमेशा से विवादों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाता आया है। अल मुफ्ती ने वैश्विक मंच से अपील की है कि युद्ध को बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता चुना जाना चाहिए। कतर का मानना है कि इस संघर्ष के बढ़ने से पूरा मध्य पूर्व तबाह हो सकता है। इसीलिए कतर ने सरेंडर के बजाय सूझबूझ दिखाते हुए शांति का रास्ता चुना है ताकि वह अपने संसाधनों और जनता की सुरक्षा कर सके।
Arvind Kejriwal Gujarat Rally: आप (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के साथ गुजरात के अमरेली में ‘विजय विश्वास सभा’ को संबोधित किया। इस दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा के कुशासन से गुजरात की जनता त्रस्त है। अब प्रदेश में बदलाव होना तय है और आप के नेतृत्व में जनता की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात के जिला परिषद चुनाव में आम घरों के बच्चों को टिकट देकर पंचायतों और नगर पालिका में भेजेंगे।
पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान कहा कि ‘आप सरकार’ भ्रष्टाचार करने पर अपने ही विधायक को जेल में डालती है और दूसरी पार्टियां अपना हिस्सा मांगती हैं। उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र में 4 सीटें लेकर आने वाली आम आदमी पार्टी के नेता जनता के लिए जेल जाते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जिला परिषद चुनाव में आपके बच्चों को पढ़ाने वाली ‘आप’ को वोट दें।
Arvind Kejriwal ने कहा, ‘गुजरात में होगा बदलाव’
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के साथ गुजरात के अमरेली में ‘विजय विश्वास सभा’ में भाजपा सरकार पर जमकर कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में जनता की सरकार बनेगी। उन्होंने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो, बल्कि अपने आपको वोट दो और अपनी सरकार बनाओ। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता और देश को तरक्की देने का नाम है। पंजाब में जनता की सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है। अगर गुजरात में भी ”आप” के नेतृत्व में जनता की सरकार बन गई तो पूरे राज्य का नक्शा बदल जाएगा।
BJP पर आप संयोजक ने बोला हमला
अमरेला में जनसभा को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल से भाजपा ने गुजरात पर कब्जा कर रखा है। भगवान भाजपा का भ्रष्टाचार और कुशासन से गुजरात के लोगों को मुक्ति दिलाएं। सौराष्ट्र में 48 विधानसभा सीटें हैं। 2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीटें भाजपा को दी। सौराष्ट्र की जनता ने भाजपा को प्यार, सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बदले में भाजपा ने भ्रष्टाचार, धक्के, गालियां, अपमान, डंडा और जेल दिया। जनता को वोट लेकर भाजपा के लोग विधायक, मंत्री बन गए। उनके पास बड़ी-बड़ी गाड़ियां आ गईं, बड़े-बड़े बंगले, प्रॉपर्टी और दुकानें बनवा ली।
गुजरात में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बनवाई गई सड़क तीन दिन में टूट जाती है। मोरबी और बड़ौदा का पूल टूट गया। सारा पैसा कहां जाता है? यहां के किसानों ने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मूंगफली की फसल खराब हो गई। गुजरात सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए मुआवजे का ऐलान किया, लेकिन किसानों को नहीं मिला। राशन कार्ड बनवाने, बिजली का गलत बिल ठीक कराने, जाति-जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र समेत सभी तरह के काम करवाने के बदले पैसे देने पड़ते हैं। 30 साल में गुजरात के अंदर भ्रष्टाचार के रेट जरूर बढ़ गए हैं। पहले जो काम 100 रुपए में होता था, अब 10 हजार रुपए में हो रहा है।
Arvind Kejriwal Gujarat Rally: ‘पंजाब में किसान का बेटा बना सीएम’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल से गुजरात की जनता नेताओं को वोट देती आई, लेकिन कुछ नहीं मिला। ये नेता किसी के सगे नहीं हैं। इस बार गुजरात की जनता अपने आपको को वोट दो, जनता की सरकार बनाओ। इस बार किसी पार्टी या नेता के नाम पर वोट मत दो। पंजाब के लोगों ने अपनी सरकार बनाई है। आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं है, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलन और इस देश को तरक्की देने का नाम है। भगवंत मान किसान के बेटे हैं। मेरे पिता भी नेता नहीं थे। ईशुदान गढ़ी, गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, विनोद सोहरठिया समेत ‘आप’ के सभी नेताओं के घर में पहले कोई नेता नहीं था। हम आम लोग हैं। इसलिए पंजाब में आम आदमी पार्टी के आम लोगों की सरकार है और किसान का बेटा मुख्यमंत्री है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में 117 में से आम आदमी पार्टी के 96 विधायक हैं। इनमें 80 से ज्यादा पहली बार आम घरों के लड़के-लड़कियां विधायक बने हैं। वहीं, गुजरात में विधायक की पत्नी, बेटा विधायक बनता है। भाजपा और कांग्रेस में आम घरों के बच्चों को नहीं, बलिक नेताओं के बच्चों को ही टिकक मिलता है। लेकिन आम आदमी पार्टी सिर्फ आम घरों के बच्चों को टिकट देती है। आम लोगों के मुद्दे उठाती है और आम लोगों की सरकार बनाती है। गुजरात की तरह पंजाब भी किसानों की धरती है। पंजाब में किसानों के लिए काम होता है। गुजरात में आधी रात में किसानों को बिजली मिलती है, लेकिन पंजाब में दिन में 8 घंटे बिजली मिलती है। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली आती है। पहले नहीं आती थी, लेकिन किसान के बेटे ने मुख्यमंत्री बनते ही सारा सिस्टम बदल दिया।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले पंजाब की कुल कृषि भूमि में से सिर्फ 20 फीसद ही नहर से सिंचाई होती थी। लेकिन अब 70 फीसद खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है और अगले साल तक 90 फीसद खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। पूरे देश में पंजाब इकलौता राज्य है, जहां खेती के लिए बिजली मुफ्त मिलती है। गुजरात में नेताओं-अमीरों की सरकार है, इसलिए खेती की बिजली मुफ्त नहीं है। पंजाब में जनता की सरकार है, जो 24 घंटे जनता के बारे में सोचती है। पंजाब में मंडी में आने वाली किसानों की सारी फसल सरकार खरीदती है, किसी को वापस नहीं भेजती है और घर पहुंचने से पहले उसके खाते में पैसे आ जाते हैं। लेकिन गुजरात में तीन-तीन महीने तक किसानों को फसल का पैसा नहीं मिलता है। क्योंकि नेताओं को किसानों की परवाह ही नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सौरष्ट्र में आम की खेती होती है। हर साल आम की खेती बर्बाद होती है, लेकिन सरकार ने आज तक इस नुकसान की भरपाई के लिए कोई पॉलिसी ही नहीं बनाई। गुजरात सरकार ने ईको जोन कानून बनाया, आज इस कानून से पूरा किसान परेशान है। यह कानून खत्म होना चाहिए। भाजपा को किसानों से कोई लेना-देना होता तो यह कानून नहीं बनाते। वन विभाग वाले भी किसानों को परेशान करते हैं। पंजाब की तरह गुजरात में भी किसानो के लिए काम होना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीट भाजपा को दी तो 4 सीट आम आदमी पार्टी को भी दी और गुजरात में ”आप” का खाता खोला। आज भाजपा के लोग आम जनता को डंडे मारते हैं तो उन्हें बचाने के लिए ”आप” के नेता डंडे खाने, जेल जान के लिए आगे आते हैं। सौराष्ट्र में 40 सीट पाने वाली भाजपा जनता को डंडे मारती है और 4 सीट पाने वाली ”आप” के नेता अपनी छाती के उपर डंडे खाकर जेल जाते हैं। चैतर वसावा, प्रवीण राम समेत हमारे तमाम नेता जेल गए। लेकिन हम डरने वाले हैं। जब इन्होंने मुझे जेल में डाल दिया और मैं नहीं डरा तो हमारी पार्टी के लोग इनके डंडों और जेल से डरने वाले नहीं है। सौराष्ट्र ने ”आप” सिर्फ 4 सीट दी, तब भी हम जनता के लिए लड़ रहे हैं। अगर गुजरात के लोग आम आदमी पार्टी की अपनी सरकार बना लेंगे तो गुजरात का नक्शा बदल जाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में इतने काम इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं होने देते हैं। बुधवार सुबह ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी ही पार्टी के एक विधायक को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया, क्योंकि वह भ्रष्टाचार कर रहा था। कभी नहीं सुना गया था कि कोई पार्टी अपने ही विधायक को गलत काम करने पर जेल में डालती है। अगर किसी विधायक के भ्रष्टाचार के बारे में पता चलता है तो मुख्यमंत्री बुलाकर कहता है कि कमाई का हिस्सा मुझे क्यों नहीं दिया? लेकिन भगवंत मान ऐसे विधायक को पकड़ कर जेल में डालते हैं कि उसने जनता का पैसा चोरी करने की हिम्मत कैसे की? पंजाब में ”आप” सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म कर दिया। सरकार का एक-एक पैसा जनता के उपर खर्च हो रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम 24 घंटे जनता के बारे में सोचते हैं कि और क्या काम करें? आज इलाज बहुत महंगा हो गया है। सिटी स्कैन समेत कई जांचें बहुत महंगी हैं। दवाई और एमआरआई में हजारों रुपए खर्च होते हैं। कैंसर में लाखों रुपए लग जाते हैं। गरीब आदमी कहां से पैसे लाएगा? भगवंत मान ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि अब जिस अस्पताल में मुख्यमंत्री का इलाज होता है, उसी में आम आदमी का भी इलाज हो रहा है। क्योंकि पंजाब के 63 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कर दिया। ये नेता गुजरात की जनता को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा नही ंदेने वाला है, इसके लिए अपनी सरकार बनानी होगी। भाजपा और कांग्रेस ने देश का बेड़ा गर्क कर दिया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अहमदाबाद के केडी अस्पताल में अमित शाह अपना इलाज कराते हैं। गुजरात की जनता आम आदमी पार्टी सरकार बनाए, सबका इलाज केडी अस्पताल में फ्री में करवाएंगे। दूसरी पार्टी वाले आकर गालियां देते हैं। लेकिन मैं किसी को गाली नहीं देता, सिर्फ आम लोगों के परिवार, उनके बच्चों और गुजरात के भविष्य और तरक्की की बात करता हूं। हम पंजाब में 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को 1 हजार रुपए और दलित समाज की महिला को 1500 रुपए देने जा रहे हैं। एक घर में तीन महिलाएं हैं तो उसके परिवार को तीन हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगा। कांग्रेस और भाजपा वाले हमें गालियां दे रहे हैं कि महिलाओं को पैसे की देने की क्या जरूरत है? महिलाएं बिगड़ जाएंगी। ये लोग जनता के करोड़ों रुपए डकार गए, ये नहीं बिगड़े। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर गुजरात की हर महिला के खाते में हजार रुपए आएंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में जिला परिषद के चुनाव है। इस चुनाव में आम घरों के बच्चों को टिकट देंगे। ”आप” के नेताओं के बच्चों, भाई या रिश्तेदार को टिकट नहीं मिलेगा। आम लोगों को आम आदमी पार्टी चलानी है और अपनी सरकार बनानी है। जिला परिषद का चुनाव विधानसभा का सेमीफाइनल है। डेढ़ साल बाद विधानसभा का चुनाव है। इससे पहले जिला परिषद में आम आदमी पार्टी को जिताकर अपनी सरकार बनानी है और अपने बच्चों को पंचायतों और नगर पालिका में भेजा है और हम सभी को मिलकर गुजरात को तरक्की के रास्ते पर लेकर जाना है।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम लोगों की भलाई के लिए आम आदमी पार्टी बनी है। जब दिल्ली में ”आप” की सरकार थी, तब वहां सरकारी स्कूल बहुत अच्छे हो गए थे। मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाई और गरीबों को मुफ्त इलाज मिलता था। झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की जिंदगी में सुधार आ गया था और लोगों को रोजगार मिल रहे थे। उसके बाद भाजपा की सरकार आ गई और सब कुछ बंद कर दिया गया। सब कुछ उठाकर बड़े उद्योगपतियों को दे दिया गया। प्राइवेट स्कूल मनमर्जी कर रहे हैं। उन्होंने कि पंजाब में ”आप” की सरकार है। पंजाब में हर परिवार का 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाया जा रहा है, जिससे लोग अपनी पसंद के किसी भी बड़े प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं। पंजाब के सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित समाज की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे।
भगवंत मान ने जनता से अपील की कि आने वाले चुनाव में वे इस बात का ख्याल रखें कि भाजपा पिछले 30 साल से लूट रही है और कांग्रेस भी उनके साथ मिली हुई है। ऐसे में लोग किसके पास जाएं? अब आम आदमी पार्टी आ गई है, इसलिए लोगों को झाड़ू चुनाव चिह्न का बटन दबाना चाहिए। यह झाड़ू राजनीतिक तौर पर 30 साल से फैली सारी गंदगी की सफाई कर देगा। अगर लोग झाड़ू वाला बटन दबाएंगे तो किस्मत चमक जाएगी, लेकिन अगर वे पहले वाले बटन दबाएंगे तो अपनी किस्मत को अगले पांच या 10 साल के लिए इन लुटेरों के पास गिरवी रख देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने गुजरात को बर्बाद कर दिया है। देश में गुजरात का झूठा मॉडल बेचे गए। इसलिए जिला परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट दें। भाजपा-कांग्रेस वाले लोगों केा धर्म और जाति के नाम पर लड़ाएंगे, लेकिन अरविंद केजरीवाल आपके बच्चों को पढ़ाएंगे।
भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी केवल वादे नहीं करती, बल्कि गारंटियां देती है और उन्हें पूरा भी करती है। आज पंजाब में 90 फीसदी घरों का बिजली बिल जीरो आता है। पंजाब में किसानों को बिल्कुल मुफ्त बिजली मिलती है और वह भी दिन के समय। किसान सुबह 10 बजे खेत में जाता है और शाम को छह बजे अपना ट्यूबवेल बंद करके घर आ जाता है, जैसे किसी दफ्तर की छुट्टी हो गई हो। हम किसानों को यही इज्जत और सम्मान देते हैं।
Iran 101 Missile Strikes on USS Abraham Lincoln: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एक बार फिर USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर सुर्खियों में है। ईरान की सेना और आईआरजीसी (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया कि उन्होंने अमेरिकी इस विशाल युद्धपोत पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिससे कैरियर को अपनी पोजिशन बदलनी पड़ी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद स्वीकार किया कि ईरान ने इस कैरियर पर 101 मिसाइलें दागीं थीं।
ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने हमारे सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक पर 101 मिसाइलें दागीं… लेकिन हर एक मिसाइल को समंदर में ही मार गिराया गया।’ उन्होंने इसे अमेरिकी डिफेंस सिस्टम की ताकत बताते हुए ईरानी मिसाइलों को ‘बहुत तेज और सोफिस्टिकेटेड’ करार दिया।
क्या हुआ था असल में?
ईरान की नौसेना और आईआरजीसी ने पहले 4 क्रूज मिसाइलें या बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि हमले से कैरियर को नुकसान हुआ और उसे होर्मुज क्षेत्र से दूर जाना पड़ा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को सिरे से खारिज किया। पेंटागन ने कहा कि ‘मिसाइलें कैरियर के पास भी नहीं पहुंचीं’ और कोई नुकसान नहीं हुआ। अब ट्रंप के बयान में संख्या बढ़कर 101 हो गई है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी मिसाइलें अमेरिकी डिफेंस ( Aegis सिस्टम, SM-3/6 मिसाइलें आदि) ने समंदर में ही नष्ट कर दीं। कोई हिट या नुकसान नहीं हुआ।
नोट: ईरान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कई बार ईरानी मीडिया AI जनरेटेड वीडियो या पुरानी फुटेज का इस्तेमाल करके प्रोपगैंडा फैलाने के आरोप लग चुके हैं। अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं कि कैरियर को कोई क्षति पहुंची।
USS अब्राहम लिंकन कितना ताकतवर है?
यह निमित्ज-क्लास न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो 1989 में कमीशन हुआ। इसमें 80 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर (F/A-18 Super Hornet, F-35C, EA-18G Growler, MH-60R आदि) 24 घंटे तैनात रहते हैं। पूरा Carrier Strike Group- 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर (USS Frank E. Petersen Jr., USS Spruance, USS Michael Murphy आदि), क्रूजर, सबमरीन और सपोर्ट शिप्स के साथ चलता है। एडवांस्ड रडार, मिसाइल डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम इतने मजबूत हैं कि दुश्मन के हमले को दूर से ही नाकाम कर सकते हैं। यह 9/11 के बाद इराक, अफगानिस्तान और सीरिया अभियानों में भी अहम भूमिका निभा चुका है। फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के दौरान इसे मध्य पूर्व में तैनात किया गया था।
ईरान के हमलों का असर
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल के पावर प्लांट पर मिसाइलें दागीं, लेकिन इजरायली एयर डिफेंस ने ज्यादातर को रोक लिया। एक मिसाइल खुले इलाके में गिरी। कोई बड़ा नुकसान नहीं।
मानवीय क्षति (ईरान में):
अब तक करीब 1,500 मौतें, 18,000 से ज्यादा घायल।
मरने वालों में 8 महीने के बच्चे से 88 साल के बुजुर्ग तक शामिल।
200 से ज्यादा महिलाएं और स्कूल हमले में 168 बच्चे शहीद हुए।
55 हेल्थ वर्कर्स घायल, जिनमें 11 की मौत।
क्या है पूरा संदर्भ?
यह घटना फरवरी-मार्च 2026 के US-Israel vs Iran संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका-इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को निशाना बनाया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने और पावर प्लांट्स पर हमले की धमकी दी। ट्रंप ने ईरान को डील की पेशकश की है, लेकिन दोनों तरफ से बयानबाजी जारी है।
ट्रंप का तमाचा या अमेरिकी ताकत का प्रदर्शन?
ईरान इसे ‘ट्रंप के मुंह पर तमाचा’ बता रहा है, क्योंकि अमेरिका ने पहले दावों को झुठलाया था। लेकिन ट्रंप इसे अमेरिकी नौसेना की अजेयता का उदाहरण बता रहे हैं- 101 मिसाइलें दागी गईं, लेकिन एक भी नहीं लगी।
यह दावा प्रोपगैंडा और साइकोलॉजिकल वारफेयर का हिस्सा लगता है। अमेरिकी पक्ष कहता है कि कोई नुकसान नहीं, जबकि ईरान अपनी ‘ताकत’ दिखाने की कोशिश कर रहा है। वास्तविक स्थिति अभी भी अस्पष्ट है क्योंकि दोनों तरफ से विरोधाभासी बयान आ रहे हैं। स्थिति गंभीर है कि होर्मुज से तेल सप्लाई, ग्लोबल इकोनॉमी और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। भारत जैसे देशों के लिए LPG, क्रूड और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।