Home Blog Page 359

48 साल बाद जगन्नाथ मंदिर के रत्नों की गिनती शुरू: जेमोलॉजिस्ट, बैंक अफसर मौजूद रहे, हर आभूषण की डिजिटल फोटोग्राफी


पुरी3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

तस्वीर 14 जुलाई 2024 की है। हाईकोर्ट के आदेश पर रत्न भंडार खोलने से पहले लकड़ी के 6 बड़े-बड़े संदूक लाए गए। बाहरी रत्न भंडार से निकले आभूषण इन्हीं में रखे गए हैं।

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार (खजाने) की गिनती और लिस्ट बनाने की प्र​क्रिया 48 साल बाद बुधवार से शुरू हो गई। ‘रत्न भंडार’ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों का खजाना है।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार यह काम तय शुभ समय (दोपहर 12:09 से 1:45 बजे के बीच) में शुरू किया गया। इसमें केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश दिया गया।

इस प्रक्रिया से मंदिर की हर दिन की पूजा-पाठ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्रद्धालुओं को बाहर के बैरिकेड (बाहर कथा) से दर्शन की अनुमति है, जबकि अंदर वाले हिस्से (भीतर कथा) में इस दौरान प्रवेश बंद रखा गया है।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के बनाए गए नियमों के अनुसार, पहले रोज इस्तेमाल होने वाले गहनों की गिनती होगी, फिर रत्न भंडार के बाहरी कक्ष और अंत में अंदरूनी कक्ष को खोला जाएगा।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने बताया कि पहले दिन कीमती वस्तुओं की गिनती, वजन, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3डी मैपिंग छह घंटे चली। उन्होंने बताया कि अधिकृत कर्मचारियों ने सुबह लगभग 11:30 बजे पारंपरिक धोती और गमछा पहनकर मंदिर में प्रवेश किया।

गिनती का कार्य ठीक 12:12 बजे शुरू हुआ और शाम लगभग 6:15 बजे तक चला। उन्होंने बताया कि पूरी इन्वेंट्री प्रक्रिया एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में की गई और इसकी वीडियोग्राफी भी की गई।

1978 में हुई थी गिनती

इससे पहले 13 मई से 23 जुलाई 1978 में हुई गिनती में 454 सोने-मिश्रित वस्तुएं (128.38 किलो), 293 चांदी की वस्तुएं (221.53 किलो) और कई कीमती रत्न दर्ज किए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि इस बार आधुनिक तकनीक की मदद से यह काम जल्दी पूरा किया जाएगा। दो रत्न विशेषज्ञ (जेमोलॉजिस्ट) पहचान में मदद कर रहे हैं और हर वस्तु की डिजिटल फोटो ली जा रही है।

सोने के गहनों को पीले कपड़े में, चांदी को सफेद कपड़े में और अन्य वस्तुओं को लाल कपड़े में लपेटकर छह खास बक्सों में रखा जा रहा है।

मंदिर के सेवकों, बैंक अधिकारियों, रत्न विशेषज्ञों और RBI के प्रतिनिधियों ने गिनती की प्रक्रिया में भाग लिया।

117209680581721350157 1772596964

खजाने से रोज चाभी लाएंगे मजिस्ट्रेट, उसी दिन जमा भी करनी होगी

गहनों की गिनती के लिए राज्य सरकार ने एसओपी जारी की है। तीन सदस्यीय पैनल प्र​क्रिया की निगरानी करेगा। सोने, चांदी और अन्य कीमती आभूषणों के लिए अलग-अलग बॉक्स होंगे। 10 लोग आभूषणों को बॉक्स में रखेंगे। मजिस्ट्रेट खजाने से रोज रत्न भंडार की चाभी लेकर आएंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन वापस जमा करेंगे।

अप्रैल 2024: चाबियां गुमीं, नहीं खुल सका रत्न भंडार

ओडिशा हाईकोर्ट ने 2018 में राज्य सरकार को रत्न भंडार खोलने के लिए निर्देश दिए थे। हालांकि, 4 अप्रैल 2018 को कोर्ट के आदेश पर जब 16 लोगों की टीम रत्न भंडार के चेंबर तक पहुंची तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा, क्योंकि ये दावा किया गया कि रत्न भंडार की चाबी खो गई है।

चाबी नहीं मिली तो हंगामा हुआ जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 4 जून 2018 को न्यायिक जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी ने 29 नवंबर 2018 को चाबी से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, लेकिन सरकार ने इसे सार्वजनिक नहीं किया और चाबी का कुछ पता नहीं चल सका।

2018 में तत्कालीन कानून मंत्री प्रताप जेना ने विधानसभा में बताया था कि रत्न भंडार में 12,831 भरी (एक भरी 11.66 ग्राम के बराबर) से ज्यादा सोने के जेवर हैं। इनमें कीमती पत्थर लगे हैं। साथ ही 22,153 भरी चांदी के बर्तन और अन्य सामान हैं। पिछले साल अगस्त में जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति ने राज्य सरकार से सिफारिश की थी कि रत्न भंडार 2024 की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान खोला जाए।

जुलाई 2024: जगन्नाथ मंदिर में 46 साल बाद खजाना निकला

18 जुलाई को ओडिशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर के भीतरी रत्न भंडार में रखा खजाना निकाला गया था। इस काम के लिए राज्य सरकार की तरफ से गठित हाई कमेटी के 11 सदस्य गुरुवार सुबह 9:15 बजे भीतरी भंडार के अंदर गए थे।

उन्हें यहां मोटे कांच की तीन और लोहे की एक (6.50 फुट ऊंची, 4 फुट चौड़ी) अलमारियां मिलीं थीं। इसके अलावा 3 फीट ऊंचे और 4 फीट चौड़े लकड़ी के दो संदूक और एक लोहे का संदूक था। सभी के अंदर कई सारे बॉक्स रखे हुए थे, जिनमें सोना था।

टीम के एक सदस्य ने एक बॉक्स को खोलकर देखा गया था। इसके बाद अलमारी और संदूकों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया था, लेकिन वो इतने भारी थे कि जगह से हिले तक नहीं। फिर तय हुआ कि सभी बॉक्स से खजाने को निकालकर महाप्रभु के शयन कक्ष में शिफ्ट किया जाए। टीम को इस काम को करने में 7 घंटे लग गए थे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान


India

oi-Bhavna Pandey

BPF candidate Sewli Mahilari Net Worth: असम विधानसभा चुनाव की हलचल और राजनीतिक सरगर्मियों से जुड़ी है।असम विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद नामांकन प्रक्रिया भी जारी है। बुधवार को बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) की उम्मीदवार सेवली महिलारी ने असम के कोकराझार निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। चुनावी हलफनामे में उन्‍होंने अपनी संपत्ति का जो खुलासा किया है,उसने सबको हैरान कर दिया है।

BPF की उम्मीदवार सेवली महिलारी चुनावी हलफनामे (नॉमिनेशन फॉर्म) में अपनी जो कुल संप‍त्ति का खुलासा किया है वह राशि एक उम्मीदवार की संपत्ति के लिहाज से काफी बड़ी मानी जाती है, जिसके कारण वो अचानक चर्चा में आ गई हैं।

Assam election

Sewli Mahilari के नाम है 37 बैंक अकाउंट और 32 गाडि़या

हलफनामे के अनुसार, महिलारी के 37 बैंक खातों में कुल ₹5.26 करोड़ जमा हैं। उनके वाहन बेड़े में 16 टिपर ट्रक और चार ट्रैक्टर सहित कुल 32 शामिल हैं, जिनकी कीमत ₹12 करोड़ से अधिक है।

Sewli Mahilari Net Worth: सेवली महिलारी कितने करोड़ की संपति की मालकिन हैं?

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) की उम्मीदवार सेवली महिलारी ने असम के कोकराझार निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया है। उनके चुनावी हलफनामे में ₹54.04 करोड़ की विशाल संपत्ति का खुलासा हुआ, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

Sewli Mahilari के पास कितनी चल और अचल संपत्ति है?

महिलारी के पास चल संपत्ति में ₹12.59 करोड़ की मशीनरी तथा ₹20.03 करोड़ की अचल संपत्ति भी है, जिसमें कृषि भूमि और व्यावसायिक इमारतें शामिल हैं। यह दिलचस्प है कि उनके पति, हाग्रामा महिलारी की कुल संपत्ति उनसे काफी कम, मात्र ₹9.17 करोड़ है।

कौन हैं सेवली महिलारी?

सेवली महिलारी बीपीएफ की उम्मीदवार हैं और उन्हें अपनी पार्टी ने कोकराझार से चुनाव लड़ने का टिकट दिया है। वे BPF अध्यक्ष हग्रामा महिलारी की पत्नी हैं, जो बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के मुख्य कार्यकारी सदस्य और पार्टी के प्रमुख राजनीतिक चेहरे हैं। उनका नामांकन भारी जनसमर्थन के बीच दाखिल हुआ, जिससे पार्टी के भीतर और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता पर ध्यान गया।

Sewli Mahilari से भी अमीर है असम का ये उम्‍मीदवार

हालांकि, संपत्ति के मामले में सेवली महिलारी, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से पीछे हैं। इत्र कारोबारी अजमल ने ₹222.34 करोड़ की संपत्ति घोषित की है, जिससे वह सबसे अमीर प्रत्याशी बन गए हैं। अजमल के मुंबई और असम स्थित आठ बैंक खातों में ₹52.43 करोड़ नकद और ₹2.17 करोड़ के वाहन हैं।

असम के सीएम हिमंत सरमा कितने हैं अमीर?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा की संयुक्त आय 2021 के ₹17.27 करोड़ से बढ़कर 2026 में ₹35.16 करोड़ हो गई है। मुख्यमंत्री ने हलफनामे में निजी गाड़ी न होने की बात कही, जबकि पत्नी के पास 2018 मॉडल की एक एसयूवी है। उनका वेतन ही आय का एकमात्र स्रोत है।



Source link

सरकार बोली- देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं: कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदने से बचें




केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। स्टॉक में पेट्रोल-डीजल की मात्रा काफी है। लोग पैनिक में पेट्रोल-डीजल की खरीदारी ना करें। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने आगे कहा कि स्टॉक में पेट्रोल की काफी मात्रा है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…



Source link

क्या हाईवे पर हर बार देना पड़ता है ‘एंट्री चार्ज’? जबलपुर में RTO रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, जानिए पूरा मामला


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

Jabalpur RTO Bribery: जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और सफल ट्रैप अंजाम दिया है। 25 मार्च 2026 को नागपुर-जबलपुर हाईवे के बरगी क्षेत्र में RTO आरक्षक श्वेता अहिरवार और उसके साथी मोहित साहू को 4500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से परिवहन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता प्रशांत दत्तात्रेय जाधव की 10 ट्रकों की काफिला नियमित रूप से मध्य प्रदेश से गुजरते हुए अन्य राज्यों तक माल ढुलाई करती है। 25 मार्च को जब उनका वाहन बरगी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी आरक्षक श्वेता अहिरवार और मोहित साहू ने वाहन रोककर 4500 रुपये की रिश्वत मांगी।

jabalpur rto bribery trap highway corruption mp news lokayukta madhya pradesh

4500 रुपये में खुला बड़ा भ्रष्टाचार

इसकी सूचना मिलने पर लोकायुक्त टीम ने पहले सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपी रिश्वत लेते पकड़े गए, उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लोकायुक्त की सख्ती-जीरो टॉलरेंस का असर

इस कार्रवाई को पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

हाल के समय में भोपाल, उज्जैन और जबलपुर समेत कई जगहों पर लगातार ट्रैप कार्रवाई हो रही है, जिससे साफ है कि लोकायुक्त अब भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाए हुए है।

किन धाराओं में केस दर्ज?

दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 12, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में और नाम सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है।

ट्रांसपोर्टरों में राहत, सिस्टम पर सवाल

इस कार्रवाई के बाद ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों में राहत की भावना देखी जा रही है। लंबे समय से हाईवे पर “एंट्री के नाम पर वसूली” की शिकायतें सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि:

  • क्या यह सिर्फ एक मामला है या बड़े नेटवर्क का हिस्सा?
  • क्या हाईवे पर होने वाली वसूली पर अब पूरी तरह लगाम लगेगी?
  • लोकायुक्त की अपील-डरें नहीं, शिकायत करें

लोकायुक्त विभाग ने आम नागरिकों, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों से अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत शिकायत करें। इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 जारी की गई है।

सख्ती से ही रुकेगा भ्रष्टाचार

जबलपुर में हुई यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि आम लोग आगे आकर शिकायत करें, तभी सिस्टम पूरी तरह साफ हो पाएगा।



Source link

Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान


Business

oi-Ankur Sharma

Gold Silver Price : ईरान-इजरायल और यूएस के युद्ध के चलते सोना-चांदी का भाव प्रभावित हुआ है, हालांकि बुधवार को सोने की कीमतों में कुछ सुधार देखने को मिला है लेकिन मार्च महीने में वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की बदलती भावनाओं के कारण यह पीली धातु अभी भी दबाव में है और अब तक इसमें 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

आपको बता दें कि आज सुबह बाजार खुला तब 24 कैरेट सोना 3 प्रतिशत से अधिक उछलकर 1,43,339 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। दोपहर चढ़ने के बाद इसमें इजाफा भी देखा गया है लेकिन इस उतार-चढाव ने लोगों को निवेशकों को हैरान-परेशान कर दिया है।

Gold Silver Price Today

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, 2 मार्च को यह 1,69,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 25 मार्च तक 13.69 प्रतिशत घटकर 1,44,339 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

Gold Silver Rate: चांदी में भी मार्च में बड़ी गिरावट

जो हाल सोने का है वहीं कंडीशन चांदी की भी है, ANI की रिपोर्ट के मुताबिक चांदी में भी मार्च में बड़ी गिरावट देखी गई है, जो 20 प्रतिशत से अधिक रही है। बुधवार को यह 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर MCX पर 2,36,686 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि 2 मार्च को इसकी कीमत 2,96,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

Sona Chandi Bhav: क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सुधार के बावजूद कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी हुई है। कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह ने ‘डिप पर खरीदारी’ पैटर्न का जिक्र किया और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर नज़र रखने की भी सलाह दी है।

उन्होंने कहा कि 1,48,000 रुपये एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है, जिसे पार करने पर कीमतें 1,55,000-1,57,000 रुपये तक जा सकती हैं। यदि ये स्तर टूटते हैं तो 1,30,000-1,32,000 रुपये तक और गिरावट का जोखिम है।

सोना और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव बना रहेगा

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के शोध प्रमुख राजीव शरण ने कहा कि जियो-पॉलिटिकल तनाव (जैसे युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संघर्ष) के चलते सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।जब तक वैश्विक तनाव बना रहेगा, तब तक इन धातुओं में मांग और कीमत दोनों प्रभावित होती रहेंगी और बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। ऐसे माहौल में सोना-चांदी “सेफ हेवन” निवेश बन जाते हैं, इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय समझदारी से चरणबद्ध निवेश करना चाहिए।



Source link

Finance Bill लोकसभा में पारित हुआ, निर्मला सीतारमण ने बोलीं- नया Income Tax कानून सरल और विवाद-मुक्त है


India

oi-Bhavna Pandey

Finance bill passed in Lok Sabha: निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि भारत तेज़ी से आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये सुधार किसी बाहरी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत इरादों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने देश को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार बताया, जो निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

नया आयकर कानून होगा सरल और विवाद-मुक्त

लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2025 का नया आयकर अधिनियम विवादों को कम करने और अनुपालन को आसान बनाने में मदद करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार करदाताओं के लिए कर प्रणाली को सरल बना रही है, जिससे न केवल कर प्रक्रिया सहज होगी बल्कि मुकदमों और विवादों में भी कमी आएगी।

Finance Bill

2033 तक देश के हर नागरिक को बीमा सुरक्षा

निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया कि केंद्र सरकार ने 2033 तक देश के हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और एक समावेशी इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है।

तेजी से बढ़ रहा बीमा बाजार और कवरेज

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का स्वास्थ्य बीमा बाजार 1.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे लगभग 58 करोड़ लोगों को कवरेज मिला। सार्वजनिक, निजी और स्टैंडअलोन कंपनियों की संतुलित भागीदारी इस सेक्टर की मजबूती को दर्शाती है।

पॉलिसियों से हो रहा लाभ

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के अनुसार, 2.51 करोड़ व्यक्तिगत पॉलिसियों से 6 करोड़ लोगों को और 13 लाख ग्रुप पॉलिसियों से 27 करोड़ से अधिक लोगों को बीमा सुरक्षा मिली है।

वैश्विक औसत से अभी पीछे भारत

हालांकि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि बीमा कवरेज अभी भी वैश्विक स्तर से कम है। जहां दुनिया में प्रति व्यक्ति प्रीमियम औसतन 943 डॉलर है, वहीं भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है।

सरल और भरोसेमंद टैक्स सिस्टम पर सरकार का फोकस

वित्त मंत्री ने कर प्रणाली को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि लक्ष्य एक ऐसा टैक्स सिस्टम बनाना है जो पारदर्शी, सरल और करदाताओं के लिए सुविधाजनक हो। उन्होंने बताया कि ईमानदार करदाताओं को कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े, इसके लिए कर प्रशासन में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। डिजिटल प्रक्रियाओं और यूज़र-फ्रेंडली सिस्टम से टैक्स फाइलिंग अब पहले से अधिक आसान हो रही है।

17 जीवनरक्षक दवाओं पर बड़ी राहत

आम जनता को राहत देते हुए निर्मला सीतारमण ने 17 आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की। इस फैसले से दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है, जिससे लाखों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को और मजबूत करता है।

छोटे करदाताओं के लिए आसान प्रक्रियाएं

छोटे करदाताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब इसके लिए एक नियम-आधारित स्वचालित ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई है, जिससे समय की बचत होगी और जटिलता कम होगी। यह पहल टैक्स सिस्टम को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राज्यों के लिए वित्तीय सहयोग पर स्पष्टता

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा वसूले गए सेस और सरचार्ज से प्राप्त राशि से अधिक धन राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। इससे राज्यों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिलती है और विकास कार्यों को गति मिलती है।

MSME, किसान और सहकारी क्षेत्र को मजबूती

वित्त विधेयक 2026 में MSME sector, किसानों और सहकारी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये क्षेत्र रोजगार सृजन और उत्पादन की रीढ़ हैं। नए प्रावधानों के माध्यम से इन सेक्टरों के लिए तरलता बढ़ाने, नियमों का बोझ कम करने और आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है।



Source link

रेप पीड़ित बच्ची को थाने बुलाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज: गुरुग्राम पुलिस से कहा- यह शॉकिंग, पुलिस पीड़ित के घर क्यों नहीं जा सकती, राजा हो? – gurugram News


गुरुग्राम7 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की बच्ची से रेप के मामले में असंवेदनशील रवैये के लिए हरियाणा पुलिस और बाल कल्याण समिति को जमकर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हरियाणा पुलिस द्वारा पीड़ित से मिलने के बजाय उसे थाने बुलाना शर्मनाक है।

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- पुलिस अफसरों को देखिए, उनकी पोजिशन देखिए। पुलिस स्टेशन में DCP, ASP रहते हैं। इस अपराध में आपकी यही समझ है तो फिर कानून किसे कहेंगे? यह शॉकिंग है… पुलिस पीड़ित के घर क्यों नहीं जा सकती? क्या वे राजा हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए हरियाणा कैडर की महिला आईपीएस अधिकारियों सहित तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। साथ ही हरियाणा सरकार को विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा गुरुग्राम पुलिस को गुरुवार तक मामले के रिकॉर्ड सौंपने के भी आदेश दिए हैं।

गुरुग्राम में बच्ची से यौन उत्पीड़न का मामला फरवरी 2026 में सामने आया था।

गुरुग्राम में बच्ची से यौन उत्पीड़न का मामला फरवरी 2026 में सामने आया था।

पहले जानिए बच्ची से रेप का पूरा मामला…

  • चार फरवरी को पिता ने दी थी शिकायत: 4 फरवरी 2026 को एक व्यक्ति ने गुरुग्राम के थाना सेक्टर-53 में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें कहा था- उनकी सोसाइटी की 2 मेड और एक व्यक्ति ने दिसंबर 2025-जनवरी 2026 में उनकी 3 वर्षीय बेटी के साथ अश्लील हरकत और यौन शोषण किया।
  • पुलिस ने केस दर्ज किया, जांच में लापरवाही: शिकायत पर पुलिस ने POCSO एक्ट की धारा 6, धारा 17 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) (12 साल से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार) के तहत केस दर्ज किया। मगर, शुरुआत से ही पुलिस ने मामले में लापरवाही दिखाई। शुरु में दो महिलाओं को डिटेन किया गया, लेकिन तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई। पुरुष आरोपी का नाम भी शुरुआत में FIR में नहीं था।
  • मामला सीडब्ल्यूसी और सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: इसके बाद मामले को बाल कल्याण समिति (CWC) को रेफर किया गया। माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें CBI या SIT जांच की मांग की गई। परिवार का आरोप था कि हरियाणा पुलिस की जांच निष्पक्ष और संतोषजनक नहीं है। पुलिस ने CCTV फुटेज नहीं लिया, सबूत इकट्ठा नहीं किए और आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी भी की।
  • मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तीन आरोपी अरेस्ट किए: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद पुलिस ने 22 मार्च 2026 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें यूपी और पश्चिम बंगाल की रहने वाली दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल है। पुलिस ने पुरुष को पश्चिम बंगाल की रहने वाली महिला का पति बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर सभी रिकॉर्ड लेकर पेश होने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर सभी रिकॉर्ड लेकर पेश होने के लिए कहा है।

अब जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई हरियाणा पुलिस को फटकार…

  • वकील रोहतगी ने उठाया मामला: वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बीते शुक्रवार को सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के समक्ष मामले का तत्काल उल्लेख किया और आर्टिकल 32 के तहत दायर याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग की। रोहतगी ने अदालत को बताया कि पीड़ित बच्ची को पुलिस स्टेशन, CWC, मेडिकल परीक्षण आदि के लिए बार-बार ले जाया गया, जो कानून के मुताबिक नहीं था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई, लगाई फटकार: सोमवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेआई ने एक मजिस्ट्रेट द्वारा बंद कमरे में आरोपी के सामने 30 मिनट तक बच्ची का बयान लेने पर सख्त टिप्पणी की। कहा- “यह शॉकिंग और इंसेंसिटिव है”।
  • हरियाणा सरकार, DGP को नोटिस जारी किया: इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार और DGP को नोटिस जारी किया। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारी को 25 मार्च 2026 को सभी रिकॉर्ड लेकर पेश होने को कहा। इसके अलावा मामले की जांच के लिए हरियाणा कैडर की महिला आईपीएस अधिकारियों सहित तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है।
  • गुरुग्राम के अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने लापरवाही से जांच करने के लिए गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। बाल कल्याण समिति के सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया कर पूछा कि उन्हें क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए।

—————

ये खबर भी पढ़ें…

गुरुग्राम में बच्ची के यौन उत्पीड़न में तीन अरेस्ट: सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला, तो एक्टिव हुई पुलिस, आरोपियों में 2 मेड और उनका दोस्त

whatsapp image 2026 03 17 at 0839371773717008 1774433650

गुरुग्राम में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने दो मेड और उनके पुरुष दोस्त को अरेस्ट कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और शनिवार को आनन फानन में तीनों की गिरफ्तारियां की गई। (पूरी खबर पढ़ें)

खबरें और भी हैं…



Source link

172 पुल, 2 सुरंगें और अरावली का नजारा, वैली क्वीन ट्रेन से देखें राजस्थान का सबसे खूबसूरत रूप


X

मारवाड़ की वादियों में शाही सफर, गोरम घाट बना राजस्थान का ‘मिनी कश्मीर’

 

arw img

Rajasthan Valley Queen Train: राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के बीच चलने वाली ‘वैली क्वीन हेरिटेज ट्रेन’ अब पर्यटकों के लिए और भी लंबे समय तक उपलब्ध रहेगी. उत्तर-पश्चिम रेलवे ने बढ़ती मांग को देखते हुए इसके संचालन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है. मारवाड़ जंक्शन से कामलीघाट तक का यह 47 किलोमीटर का सफर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक सुरंगों और 172 पुलों के कारण बेहद खास बन जाता है. विस्टाडोम कोच की पारदर्शी छत से यात्री अरावली के खूबसूरत नजारों का 360 डिग्री अनुभव ले सकते हैं. खासकर मानसून में गोरम घाट का दृश्य ‘मिनी कश्मीर’ जैसा लगता है, जहां झरने और हरियाली पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. विंटेज लुक और आधुनिक सुविधाओं से सजी यह ट्रेन राजस्थान पर्यटन को एक नया आयाम दे रही है और देश-विदेश के यात्रियों के लिए एक आकर्षक अनुभव बन चुकी है.



Source link

MP Board Result: 23 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म, चेक करें रिजल्ट—जानिए पास प्रतिशत और पूरी रिपोर्ट


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

MP Board Result News: मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। Rajya Shiksha Kendra ने वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने वल्लभ भवन से बटन दबाकर परिणाम घोषित किया। इस साल करीब 23.68 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे।

पास प्रतिशत में शानदार प्रदर्शन

इस बार परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं। कक्षा 5वीं में कुल 95.14% छात्र पास हुए, जबकि कक्षा 8वीं में 93.83% विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। खास बात यह रही कि दोनों कक्षाओं में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया। 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19% और छात्रों का 94.15% रहा, वहीं 8वीं में छात्राओं का 94.98% और छात्रों का 92.74% रिजल्ट दर्ज किया गया।

MP releases Class 5 and 8 results over 95 pass check results instantly with QR codes

छात्राओं का दबदबा, शिक्षा विभाग खुश

इस बार भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी क्षमता साबित की है। शिक्षा विभाग ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि लड़कियों की शिक्षा पर फोकस का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह ट्रेंड और मजबूत होगा।

QR कोड से तुरंत देखें रिजल्ट

रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आसान बनाया गया है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक पोर्टल पर रोल नंबर या समग्र आईडी से देख सकते हैं। इसके अलावा विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन कर सीधे रिजल्ट पेज पर पहुंचा जा सकता है। स्कूल प्राचार्य भी पोर्टल के जरिए अपने पूरे स्कूल का विद्यार्थीवार परिणाम देख सकेंगे।

रिजल्ट देखने की आसान व्यवस्था

इस बार परिणाम देखने की प्रक्रिया को बेहद आधुनिक और सरल बनाया गया है। छात्र, अभिभावक और स्कूल प्राचार्य तीन तरीकों से रिजल्ट देख सकते हैं:

  • राज्य शिक्षा केंद्र का आधिकारिक पोर्टल।
  • विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके सीधा रिजल्ट।
  • स्कूल प्राचार्य अपने संस्थान का पूरा विद्यार्थीवार प्रदर्शन पोर्टल पर देख सकेंगे।

विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे QR कोड स्कैन करके जल्दी और आसानी से रिजल्ट देखें।

पहली बार बोर्ड पैटर्न पर हुई परीक्षा

इस वर्ष कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं पहली बार बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की गई थीं। फरवरी में हुई इन परीक्षाओं में सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के छात्रों ने हिस्सा लिया। यह बदलाव छात्रों को प्रतिस्पर्धी बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से किया गया था।

322 केंद्रों पर हुआ मूल्यांकन

उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरे प्रदेश में 322 केंद्रों पर किया गया, जहां 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की। इसके बाद अंकों की ऑनलाइन एंट्री कर रिजल्ट तैयार किया गया। विभाग ने दावा किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रही।

मंत्री का बयान-गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में कदम

स्कूल शिक्षा मंत्री Uday Pratap Singh ने कहा कि बोर्ड पैटर्न लागू करने का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। उन्होंने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन को प्रदेश के लिए शुभ संकेत बताया।

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी संदेश

जिन छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें बधाई दी गई है। वहीं जिनका रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आया, उन्हें निराश न होने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।

आगे क्या? शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव संभव

रिजल्ट जारी होने के साथ ही प्रदेश में बोर्ड पैटर्न आधारित शिक्षा का नया अध्याय शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग अब भविष्य में अन्य कक्षाओं में भी इसी पैटर्न को लागू करने की तैयारी कर रहा है।



Source link

SC बोला-आर्थिक बोझ का हवाला देकर मुआवजा नहीं छीन सकते: यह संवैधानिक अधिकार; जमीन अधिग्रहण मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की याचिका खारिज


नई दिल्ली1 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

तस्वीर- फाइल फोटो।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 2019 से पहले हुए भूमि अधिग्रहण मामलों में सोलाटियम और ब्याज देने से जुड़े अपने फैसले पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। इससे किसानों और जमीन मालिकों को राहत मिली है।

चीफ जस्टिश सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के मामलों में सही मुआवजा मिलना संवैधानिक अधिकार है। इसे कमजोर नहीं किया जा सकता। इसे सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ से नहीं जोड़ा जा सकता।

पूरा मामला उन भूमि अधिग्रहण मामलों से जुड़ा है जो 2019 से पहले हुए थे, जिसमें प्रभावित लोगों को सोलाटियम और ब्याज देने का सवाल था। NHAI ने पहले के फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए अपने पुराने फैसले को बरकरार रखा।

normal text quote 100 1774429362

NHAI ने कहा था- ₹29 हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमीन मालिकों को मिलने वाला ब्याज भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार 9% होगा, न कि NHAI एक्ट के 5% की सीमा के अनुसार। NHAI ने तर्क दिया था कि इससे उस पर करीब ₹29,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन कोर्ट ने इसे समीक्षा का आधार मानने से इनकार कर दिया।

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मामलों को दोबारा नहीं खोला जा सकता। यानी 2018 से पहले के बंद मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा, लेकिन जो दावे पहले से लंबित हैं, उन पर कानून के अनुसार फैसला होगा। कोर्ट ने कहा कि जमीन मालिकों के अधिकार और न्यायिक प्रक्रिया की स्थिरता- दोनों के बीच संतुलन जरूरी है।

क्या है पूरा मामला?

NHAI ने अपनी पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 4 फरवरी 2025 के उस आदेश को वापस लेने की मांग की गई थी, जिसमें यूनियन ऑफ इंडिया बनाम तरसेम सिंह (2019) के मुख्य फैसले पर स्पष्टीकरण मांगने वाली अर्जी को खारिज कर दिया गया था।

2019 के फैसले में कोर्ट ने NHAI एक्ट की धारा 3J को असंवैधानिक ठहराया था, क्योंकि यह भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को लागू नहीं होने देती थी और इससे समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14) का उल्लंघन होता था।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 1997 (जब धारा 3J लागू हुई) से लेकर 2015 (जब 2013 का भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कानून राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण पर लागू हुआ) के बीच जिन जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहित हुई, वे भी उसी तरह के लाभ पाने के हकदार हैं, जैसे भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत अन्य मामलों में दिए जाते हैं।

—————————

सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला- पब्लिक इवेंट्स में वंदेमातरम अनिवार्य नहीं:कहा- जब इसके लिए सजा होने लगेगी, तब विचार करेंगे; याचिका खारिज

chatgpt image mar 25 2026 125917 pm1774423771 1774428584

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर गृह मंत्रालय के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका कर दी। कोर्ट ने कहा कि पब्लिक प्लेस और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जारी यह निर्देश अनिवार्य नहीं है। सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका समय से पहले दायर की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला-महिला अफसर सेना में स्थायी कमीशन की हकदार:इससे इनकार करना भेदभाव था; जिनकी सर्विस खत्म हुई, उन्हें भी पेंशन मिलेगी

image resize color correction and ai 1 1774336555

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की महिला अफसरों को पूरी पेंशन देने का आदेश दिया। जिन मामलों में महिला अफसर परमानेंट कमीशन (PC) नहीं मिलने के कारण पहले ही सेवा छोड़ चुकी थीं, उन्हें एकमुश्त राहत देते हुए 20 साल की सेवा पूरी मानकर पेंशन और अन्य लाभ देने का फैसला सुनाया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link