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Dollar vs Rupees: पश्चिम एशिया संकट के बीच रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर, जानिए क्या है अपडेट


डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 20 पैसे गिरकर 93.96 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारी बहिर्वाह और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में चिंता बनी रही। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी भी रुपये को सहारा नहीं दे पाई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में स्थानीय इकाई 93.94 पर खुली थी। इसने 93.86 से 94.13 के दायरे में कारोबार किया। अंततः यह अपने पिछले बंद भाव से 20 पैसे गिरकर 93.96 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे गिरकर 93.76 पर बंद हुआ था। मुद्रा बाजार के कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान भी रुपये को राहत नहीं दे सका। 

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि बाजार जोखिम-उन्मुख मोड में थे। उन्होंने बताया कि महीने के अंत की मांग के कारण डॉलर के मुकाबले रुपये की बिकवाली जारी रही। शेयर बाजार बढ़ने और डॉलर इंडेक्स गिरने के बावजूद ऐसा हुआ। उन्होंने रुपये के 93.25-94.25 के दायरे में कारोबार करने की संभावना जताई।

बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की राय

भंसाली के अनुसार, बाजार अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच किसी समझौते की उम्मीद कर रहे थे। सभी जोखिम वाली संपत्तियां डॉलर के मुकाबले मजबूत थीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष में 94 के स्तर की रक्षा करेगा। आरबीआई इसे संभवतः 93.30 से 92.80 तक नीचे ला सकता है।

अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतक

डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत मापता है, 0.17 फीसदी गिरकर 99.26 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 4.33 फीसदी गिरकर 99.97 डॉलर प्रति बैरल पर था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 फीसदी बढ़कर 75,273.45 अंक पर पहुंच गया। निफ्टी भी 394.05 अंक या 1.72 फीसदी बढ़कर 23,306.45 पर बंद हुआ। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध आधार पर 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।





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Biz Updates: धन शोधन मामले में कारोबारी अमित थेपड़े को झटका, कोर्ट ने कहा- आर्थिक अपराध देश के लिए बड़ा खतरा


मुंबई की विशेष अदालत ने ₹117 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पुणे के कारोबारी अमित थेपड़े को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आर्थिक अपराध देश की वित्तीय सेहत के लिए गंभीर खतरा हैं।

विशेष पीएमएलए कोर्ट के जज आरबी रोटे ने 20 मार्च को सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर पर्याप्त सामग्री मौजूद है। अदालत ने यह भी माना कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज बयानों से अभियोजन का मामला मजबूत बनता है।

करीब सात महीने पहले गिरफ्तार किए गए अमित थेपड़े को मामले में राहत नहीं मिली। कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपी को सीधे तौर पर अपराध से जोड़ते हैं, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत की टिप्पणी में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस तरह के आर्थिक अपराध न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करते हैं।



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देश की ब्लड बैंकों की अब डिजिटल निगरानी: ई-रक्तकोष पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, सख्ती स्टॉक और उपलब्धता में अंतर तो एक्शन होगा


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नई दिल्ली52 मिनट पहलेलेखक: एम. रियाज हाशमी

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सरकार ने कहा है कि राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपनी होगी।

देशभर के ब्लड बैंकों पर अब सरकार की ‘डिजिटल’ नजर रहेगी। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर्स के लिए ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद देशभर में खून की उपलब्धता का एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम तैयार करना और कालाबाजारी रोकना है।

इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ‘ई-रक्तकोष’ को सीधे निरीक्षण (इंस्पेक्शन) प्रक्रिया का हिस्सा बना दिया गया है। यानी जांच के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर पोर्टल पर दर्ज डेटा और वास्तविक स्टॉक का मिलान करेंगे। डेटा में हेराफेरी मिलने पर पहली बार सख्त कार्रवाई होगी।

राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। डोनर्स का रिकॉर्ड भी अब ‘आभा आईडी’ या आधार से जोड़ा जा सकेगा, जिससे पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी होगी।

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तब सिर्फ सलाह थी, नियम नहीं…

2022 में निर्देश ‘एडवाइजरी’ थे, जिसे मानना जरूरी नहीं था। दंड का प्रावधान न होने से मनमानी बढ़ी।

पोर्टल के डेटा को नियमित जांच (इंस्पेक्शन) का हिस्सा नहीं बनाया, जवाबदेही तय नहीं हुई।

राज्यों की लाइसेंसिंग अथॉरिटी निष्क्रिय रहीं और छोटे केंद्रों के पास डिजिटल ट्रेनिंग का अभाव था।

इस बार नियम बदला, कार्रवाई का डर…

पोर्टल से जुड़ना विकल्प नहीं, अब अनिवार्य हो गया। अनुपालन न होने पर लाइसेंस पर गाज गिरेगी।

ब्लड स्टॉक पर देशभर में एक क्लिक पर नजर संभव होगी। मेडिकल इमरजेंसी में मरीज भटकेंगे नहीं।

जो भी नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

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सेहतनामा- शरीर के लिए कितना और क्यों जरूरी है हीमोग्लोबिन: दुनिया के हर चौथे शख्स में खून की कमी, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा खतरा

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। 6 महीने से 5 साल के लगभग 40% बच्चे, 37% गर्भवती महिलाएं और 15 से 49 वर्ष की 30% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं। इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 200 करोड़ लोग एनीमिया से प्रभावित हैं। इसका मतलब है दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी एनीमिया से जूझ रही है। यह आंकड़ा डायबिटीज के रोगियों से भी कहीं ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें…

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Gold-Silver Price: चांदी की कीमतों में करीब 12000 रुपये का उछाल; सोना ₹1.44 लाख पर पहुंचा, जानें ताजा अपडेट


Sone Chandi ka Aaj ka Rate:  सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने फिर से बुलियन में खरीदारी बढ़ाई। चांदी की कीमत 12010 रुपये बढ़कर 2.36 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 5510 रुपये बढ़कर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि कई दिनों की गिरावट के बाद यह उछाल देखने को मिल रहा है।

वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेज उछाल दर्ज किया गया। पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं ने मजबूती दिखाई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की खबरें हैं।

एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोना करीब 4% चढ़कर 4,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में और भी तेज बढ़त देखने को मिली। चांदी करीब 7% उछलकर 74.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।

क्यों बढ़े दाम?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान ने बातचीत के माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए गुडविल जेस्चर दिया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा हुआ है।

वॉशिंगटन और क्षेत्रीय मध्यस्थ जल्द ही उच्च स्तरीय शांति वार्ता की संभावना तलाश रहे हैं, जो गुरुवार तक हो सकती है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

तनाव बरकरार, लेकिन उम्मीदें भी

हालांकि कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है, वहीं इस्राइल लगातार हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 सैनिकों को तैनात करने का निर्देश दिया है। आने वाले दिनों में करीब 5,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की भी तैयारी है।

निवेशकों की रणनीति में बदलाव

पश्चिम एशिया संकट के चलते ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है। इससे ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका बढ़ी है, जो आमतौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश के लिए नकारात्मक होता है।



इसके बावजूद, वैश्विक शेयर और बॉन्ड बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर लौट रहे हैं, जिससे सोना-चांदी में फिर से तेजी देखने को मिल रही है।





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महादेव एप केस में ईडी एक्शन: बुर्ज खलीफा के फ्लैट्स सहित ₹1700 करोड़ की संपत्ति अटैच, जानिए क्या अपडेट


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को महादेव एप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने धनशोधन से जुड़े इस मामले में लगभग 1,700 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई के बुर्ज खलीफा (829.8 मीटर) में स्थित अपार्टमेंट में भी की गई है। यह हाई-प्रोफाइल मामला अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा है। इस जांच के दायरे में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और नौकरशाह भी हैं। 

ईडी ने क्या कार्रवाई की थी?

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस ने यह अस्थायी आदेश जारी किया है। इसके तहत दुबई हिल्स एस्टेट (हिल्स व्यू, फेयरवे रेजिडेंसी और सिद्रा) में 18 ‘हाई-वैल्यू’ लग्जरी विला और अपार्टमेंट्स को अटैच किया गया है। इसके अलावा दुबई के बिजनेस बे, एसएलएस होटल एंड रेजिडेंसेस और बुर्ज खलीफा में कई ‘हाई-एंड’ अपार्टमेंट्स भी इस जब्ती का हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों के साथ-साथ दिल्ली में स्थित दो अचल संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार, कुर्क की गई इन सभी संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य लगभग 1,700 करोड़ रुपये है। 

कैसे चलाया जा रहा था सट्टेबाजी का नेटवर्क?

जांच एजेंसी ने साफ किया है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 व लेजर247 जैसे कई अन्य प्लेटफॉर्म्स के जरिए किए गए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के पैसे से खरीदी गई थीं। महादेव एप एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के रूप में काम कर रहा था।

इस सिंडिकेट को मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से नियंत्रित करते थे, जबकि भारत में इसका पूरा नेटवर्क पैनल और ब्रांच के फ्रैंचाइजी मॉडल पर चल रहा था। जब्त की गई संपत्तियां सौरभ चंद्राकर की हैं और इन्हें उसके तथा उसके सहयोगियों (विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन टिबरेवाल, सुरेंद्र बागरी) की ओर से नियंत्रित संस्थाओं के नाम पर रखा गया था।

क्या है महादेव एप घोटाला और कानूनी कार्रवाई क्या हुई?


  • कुल अवैध कमाई और जब्ती: एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में लगभग 6,000 करोड़ रुपये की ‘अवैध’ कमाई की गई है। ताजा कुर्की के बाद, इस केस में अटैच की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब 4,336 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

  • गिरफ्तारी और चार्जशीट: ईडी अब तक इस जांच के तहत 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही, रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में 5 चार्जशीट दायर कर कुल 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।

भगोड़ा घोषित करने की तैयारी:भारत सरकार लगातार चंद्राकर और उप्पल के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। सौरभ चंद्राकर की आखिरी लोकेशन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में थी, जबकि उप्पल के बारे में बताया गया है कि वह यूएई से वानुअतु भाग चुका है। ईडी ने चंद्राकर, उप्पल, अनिल अग्रवाल (उर्फ अतुल) और शुभम सोनी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018’ के तहत भगोड़ा घोषित करने के लिए भी अदालत का रुख किया है।

आगे का आउटलुक क्या है?

भारत के बाद दुबई में ईडी कार्रवाई बताती है कि जांच एजेंसियां धनशोधन के वैश्विक सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आक्रामक हैं। प्रत्यर्पण की कोशिशों और भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया के चलते आने वाले दिनों में इस सट्टेबाजी नेटवर्क कर्ताधर्ता कानून के शिकंजे में आ सके हैं।





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पंजाब के AAP MLA रेप केस में गिरफ्तार: हरियाणा से भागे थे, MP से पकड़ा; पठानमाजरा ने कहा था-दिल्ली टीम के खिलाफ बोला तो FIR की – Punjab News




आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत पठानमाजरा को पटियाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह 2 साल पुराने रेप केस में वांटेड थे। पठानमाजरा केस दर्ज होने के बाद पहले हरियाणा के करनाल में घेरे गए थे लेकिन वह कस्टडी से फरार हो गए। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। पुलिस ने उनका लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर रखा था। पठानमाजरा 2022 में पटियाला की सनौर विधानसभा सीट से MLA चुने गए हैं। पठानमाजरा 6 महीने से चल रहे थे फरार केस में राहत के लिए पठानमाजरा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी थी। इसकी सुनवाई आज ही होनी थी। इसी को लेकर वह करीब 5 दिन पहले ऑस्ट्रेलिया से भारत लौटे थे। आज वह दिल्ली ही आ रहे थे लेकिन पटियाला पुलिस को इसकी भनक लग गई। इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश में शिवपुरी से गिरफ्तार कर लिया। केस दर्ज होने के बाद वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहे थे। पठानमाजरा पर बाढ़ के दौरान अफसरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद केस दर्ज हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया था कि AAP की दिल्ली टीम के खिलाफ बोलने की वजह से उनके खिलाफ पुराने मामले में FIR की गई है। पठानमाजरा को पटियाला लाई पुलिस, 3 और साथी भी काबू इस बारे में पटियाला के SSP वरुण शर्मा ने बताया है कि MLA को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से 3 साथियों के साथ काबू किया है। 2 दिन के लंबे ऑपरेशन के बाद कामयाबी मिली है। पठानमाजरा को पटियाला ले आए हैं। पठानमाजरा के एडवोकेट बीएस भुल्लर का कहना है कि उन्हें भगोड़ा करार देने के मामले में याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। विदेश से आए उन्हें पांच दिन हो गए थे। महिला ने कहा- तलाकशुदा बताकर शादी रचाई, रेप किया MLA पठानमाजरा पर 1 सितंबर, 2025 को पटियाला के सिविल लाइंस थाने में रेप, फ्रॉड और धमकाने के आरोप में FIR दर्ज हुई थी। इसमें महिला ने बताया कि साल 2013-14 में उसकी मुलाकात पठानमाजरा से फेसबुक के जरिए हुई थी। पठानमाजरा ने कहा था कि उनका तलाक हो गया है। वह शादी के लिए दूसरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं। इसके बाद उसकी पठानमाजरा से जान-पहचान हो गई। इसी दौरान विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताते हुए शादी का प्रपोजल रखा। लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे में हुई थी शादी महिला ने कहा कि पठानमाजरा के तलाकशुदा होने पर यकीन कर उसने हां कर दी। इसके बाद 14 अगस्त 2021 को लुधियाना के जगराओं स्थित गुरुद्वारे पत्ती मुल्तानी में दोनों का आनंदकारज (शादी) हुआ। इस दौरान पठानमाजरा ने गुरुद्वारे के ग्रंथी के सामने भी खुद को तलाकशुदा बताया। महिला का कहना है कि विवाह के बाद उसे लुधियाना के मजीठिया एन्क्लेव स्थित एक मकान में रखा गया, जहां वह खुद को विधायक की कानूनी पत्नी मानकर उनके साथ रहती रही। महिला ने आगे कहा- मार्च 2022 में जब पठानमाजरा ने AAP के टिकट पर सनौर सीट से चुनाव लड़ा, तो हलफनामे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी का नाम लिखा और खुद को विवाहित बताया। यह देखकर उसे पता चला कि पठानमाजरा का तलाक नहीं हुआ था। विधायक ने झूठ बोलकर न केवल धोखा दिया बल्कि लगातार शारीरिक शोषण और रेप किया। अंतरंग पलों के वीडियो बनाने का पठानमाजरा पर आरोप महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसके साथ अंतरंग पलों के वीडियो बनाए और बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया। जुलाई 2024 में भी उसे एक कॉल आई जिसमें विधायक ने कहा कि अगर वह उनके पास नहीं आई तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत 14 अगस्त 2022 को दी थी। हालांकि, 2025 तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की। मगर, पिछले साल अचानक 3 साल बाद पुलिस ने महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी) और 376 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अरेस्ट करने पहुंची, पठानमाजरा भागे, बोले- मरवाना चाहती थी पुलिस
केस दर्ज होने के बाद पठानमाजरा पंजाब से निकलकर हरियाणा में जाकर छुप गए। पुलिस भी पीछा कर वहां पहुंच गई। पटियाला पुलिस ने करनाल में पठानमाजरा को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान पठानमाजरा के साथियों ने फायरिंग की और पथराव किया। इसमें एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। पुलिस का कहना था कि इसके बाद पठानमाजरा वहां से फरार हो गए। हालांकि इसके बाद विधायक ने सफाई भी दी थी। विधायक ने कहा था कि उन्होंने कोई गोली नहीं चलाई, बल्कि वह तो पुलिसवालों को बातों में उलझाकर ही वहां से निकल गए थे। उनके साथ पुलिस की कोई धक्कामुक्की तक नहीं हुई। पठानमाजरा ने कहा कि पुलिस उन्हें गैंगस्टर दिखाकर मार देना चाहती थी। इसके लिए पुलिस ने प्रयास भी किए लेकिन वह जान बचाने में कामयाब रहे। इस मामले में पठानमाजरा ने बाद में पटियाला कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी लेकिन केस गंभीर होने की वजह से कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद दिसंबर 2025 में पटियाला कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। इसके बाद खबर आई कि वह ऑस्ट्रेलिया भाग गए हैं और वहां से इंटरव्यू भी दिए। तब कोर्ट ने लुकआउट नोटिस जारी किया। इसके बाद बतौर MLA पठानमाजरा को मिली कोठी को भी पुलिस ने खाली करा दिया था। पठानमाजरा ने कहा था- दिल्ली वालों के खिलाफ बोलने पर पकड़ा
केस दर्ज होने के बाद पठानमाजरा ने पहले पंजाब और फिर ऑस्ट्रेलिया जाकर वीडियो जारी किए। FIR दर्ज होने से पहले ही पठानमाजरा ने सोशल मीडिया पर कहा था कि दिल्ली की AAP टीम पंजाब पर राज कर रही है और पंजाब के मुद्दों को दबाया जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर एक वरिष्ठ IAS अधिकारी पर बाढ़ प्रबंधन में लापरवाही के आरोप लगाए थे। जिस वजह से उनके गनमैन वापस लिए गए और फिर उनके खिलाफ पुराने मामले में केस दर्ज किया जा रहा है। पठानमाजरा ने मंत्रियों और विधायकों से अपील की कि वे दिल्ली वालों (AAP की दिल्ली लीडरशिप) के खिलाफ खड़े हों, वर्ना पंजाब का नुकसान होगा। इसी बयान के ठीक 48 घंटे बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई और पुलिस उन्हें हरियाणा से हिरासत में लेने पहुंची थी। इसके बाद पठानमाजरा ने कहा कि महिला के खिलाफ पहले से ही हाईकोर्ट में 2 मामले दर्ज हैं, जबकि मुझ पर नाजायज मामला दर्ज किया गया। मेरे साथ जो हुआ, वह पंजाब की आवाज उठाने के कारण हुआ है। उन्होंने उन लोगों को चुनौती दी जो दिल्ली वालों के खिलाफ आवाज उठाने की बात करते थे। पठानमाजरा ने फिर सभी मंत्रियों और विधायकों से जागने की अपील की और कहा कि अगर वे आज नहीं जागे तो उनका कुछ नहीं बनेगा। पठानमाजरा ने कहा था कि दिल्ली वाले पंजाब पर राज कर रहे हैं और उन्हें सरकार चलानी नहीं आती। अश्लील वीडियो भी वायरल हुआ था
पठानमाजरा पर केस दर्ज होने से पहले एक अश्लील वीडियो भी वायरल हुआ था। जिसमें वीडियो कॉलिंग के दौरान कथित तौर पर अपना प्राइवेट पार्ट दिखा रहे थे। तब पठानमाजरा ने सफाई देते हुए कहा था कि वह पत्नी से प्राइवेट बात कर रहे थे। उन्हें इन्फेक्शन हुआ था और पत्नी के मनाने और घर बुलाने पर उन्होंने इन्फेक्शन दिखाया था। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच की बातचीत को अश्लील और गलत तरीके से पेश कर उन्हें बदनाम किया गया। उन्होंने आगे कहा था कि पत्नी ने ही यह वीडियो वायरल किया है और उनका विश्वास तोड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि वीडियो बनाने वाली पत्नी गलत है या वह। पठानमाजरा ने बताया कि पत्नी ने पारिवारिक लड़ाई-झगड़े के बाद इसे वायरल किया और उन्हें पता भी नहीं था कि वीडियो बनाया जा रहा है। मजीठिया ने पठानमाजरा को बताया सरकार का फुफ्फड़ हरमीत पठानमाजरा की गिरफ्तारी के बाद वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि फुफ्फड़ जी का फ्रेंडली मैच शुरू हो गया है। मजीठिया ने पठानमाजरा को फुफ्फड़ बताया है। मजीठिया ने कहा कि भगवंत सरकार और आम आदमी पार्टी की ध्यान भटकाने की मुहिम शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर अपलोड पोस्ट में मजीठिया ने कहा कि फुफ्फड़ को पहले भगाया गया, अब मैच फिक्स करके बुलाया गया। उन्होंने कहा कि पहले हरमीत पठानमाजरा को शक्तियां देकर शक्तिशाली बनाया और फिर दिल्ली वालों से डील होने के बाद मैच फिक्स करके गायब कर दिया गया। मजीठिया ने कहा कि अब जब भगवंत मान को पंजाब में कोई मुद्दा नहीं मिल रहा था और पार्टी में किरकिरी हो रही थी, तब सरकार को ऑक्सीजन देने के लिए हरमीत पठानमाजरा की गिरफ्तारी का मुद्दा खड़ा कर दिया गया। क्योंकि डीएम डॉ. गगनदीप रंधावा मामले में हो रही भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की आलोचना से ध्यान हटाने के लिए फुफ्फड़ को मैच फिक्स करके गिरफ्तार करवाया गया। पहले भगाने का ड्रामा, अब वापस पकड़ने का ड्रामा। पंजाब के लोग ड्रामेबाज़ पार्टी से क्या उम्मीद कर सकते हैं। बिक्रम मजीठीया ने कहा कि मुख्यमंत्री साहब, आपका परिवार हंसता-बसता रहे। यही कामना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… AAP विधायक की सरकारी कोठी खाली कराने पहुंची पुलिस:पटियाला कोर्ट से भगोड़ा करार हुए; पठानमाजरा बोले- केजरीवाल से भी कपूरथला हाउस खाली कराओ पंजाब पुलिस ने पटियाला के सनौर से आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा से सरकारी कोठी खाली कराई जा रही है। पठानमाजरा को MLA के तौर पर पटियाला में सरकारी कोठी अलॉट की गई थी। पूरी खबर पढ़ें…



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30000 फीट पर फ्लाइट में हंगामा, IPS ने संभाली कमान: तीन युवक नशे में चिल्लाने लगे- प्लेन क्रैश होने वाला है, रोने लगे थे बच्चे-महिलाएं – Rajasthan News




हवा में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत का खौफ और सिरफिरे उपद्रवियों का तांडव… यह किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि इंडिगो की गुवाहाटी-दिल्ली फ्लाइट में घटी वो हकीकत है जिसने यात्रियों की सांसें अटका दी थीं। घटना 8 मार्च की है। रात के करीब 8:30 बजे थे। इंडिगो की फ्लाइट ने गुवाहाटी से दिल्ली के लिए उड़ान भरी ही थी। नीचे जमीन पर भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच चल रहा था। ऊपर आसमान में फ्लाइट में सवार तीन युवकों ने अचानक चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया- प्लेन क्रैश होने वाला है।
फिर क्या था… विमान के टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद इन युवकों की इस अफवाह ने पूरे केबिन में दहशत फैला दी। सफर कर रहे बच्चे-महिलाएं डर के मारे रोने लगीं। जब एयर होस्टेस और क्रू मेंबर्स ने इन उपद्रवियों को समझाने की कोशिश की, तो वे उनसे भी उलझ गए और अभद्रता पर उतारू हो गए। माहौल पूरी तरह ‘आउट ऑफ कंट्रोल’ हो चुका था और चंद सेकंड की देरी किसी बड़े हादसे या भगदड़ का सबब बन सकती थी। राजस्थान कैडर के IPS पंकज चौधरी भी उसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। पंकज चौधरी अपनी सीट से उठे। उन्होंने देखा कि विमान के भीतर अराजकता चरम पर है। बिना एक पल गंवाए, उन्होंने एक जिम्मेदार अफसर के नाते मोर्चा संभाला। अपनी सूझबूझ से न केवल उपद्रवी युवकों को कंट्रोल किया, बल्कि फ्लाइट लैंड होते ही CISF बुलाकर उनके हवाले किया। पंकज चौधरी फिलहाल राजस्थान पुलिस मुख्यालय में कम्युनिटी पुलिसिंग के एसपी हैं। कैसे इस पूरे मामले को कंट्रोल किया? घटना क्या थी? युवक क्यों हंगामा कर रहे थे? ऐसे सवालों के जवाब IPS पंकज चौधरी से जानते हैं… सवाल : प्लेन में उस रात क्या हुआ था। पूरी घटना बताइए? जवाब : यह कुछ विशेष घटना है….मैं पिछले 15 -20 साल से हवाई यात्रा कर रहा हूं। फ्लाइट में ऐसी घटना मैंने कभी नहीं देखी। 30 से 35 हजार की हाइट पर विमान उड़ रहा था। अचानक मेरी सीट से कुछ दूरी पर बैठे 25 से 30 साल की उम्र के 3 युवकों ने शोर मचाना शुरू किया। उनका व्यवहार अचानक बदल गया था। वो चिल्लाने लगे- फ्लाइट क्रैश होने वाली है। महिला क्रू मेंबर्स दौड़कर पास पहुंचीं। लेकिन बार-बार समझाने के बाद भी तीनों युवक रुक नहीं रहे थे। यहां तक की तीनों युवकों ने महिला क्रू मेंबर के साथ भी अभद्रता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इधर छोटे बच्चे और महिलाएं काफी डर गईं। तीनों लगातार पिछले 10-15 मिनट से शोर मचा रहे थे। इसके बावजूद क्रू मेंबर उन्हें सख्ती से हैंडल नहीं कर रहा था। हमें लगने लगा था कि आने वाले ढाई घंटे का सफर ऐसे ही पैनिक होने वाला है। मैंने क्रू मेंबर को बुलाया और कहा- आप एसओपी का पालन नहीं कर रहे हैं, आप काम सही नहीं कर रहे। इसके बाद मैंने तीनों युवकों को कड़े शब्दों में डांटा। अपना परिचय दिया और चिल्लाने से रोका। उनसे कहा- जो आप कर रहे हैं उससे पूरे प्लेन में बैठे लोग डर गए हैं। आप जो कर रहे हैं वह कानून विरोधी है। इसके बाद तीनों युवक बैठ गए। तब तक मैं भी उनके पास ही बैठा रहा। जैसे ही ढाई घंटे बाद नीचे उतरे, मैंने सीआईएसएफ की क्यूआरटी बुलवाई। तीनों युवकों को डिटेन कर के उन से पूछताछ की गई। औपचारिक रूप से इस घटना को दर्ज कराया गया। सीआईएसएफ ने इन युवकों से माफी भी मंगवाई। अब मैंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि इंडिगो ने क्रू मेंबर के खिलाफ जांच बिठाई हुई है। सवाल : आखिर कितना पैनिक हो गया था कि आपको IPS की भूमिका में आना पड़ा? जवाब : 8 मार्च का दिन था। भारत-न्यूजीलैंड के बीच मैच था। सभी लोग अच्छे माहौल में फ्लाइट में बैठे हुए थे। फ्लाइट टेक ऑफ होते ही नेटवर्क चला गया था। ऐसे में सब लोग शांति से बैठे थे। अचानक शोर-शराबा होने लगा। मैंने उठकर देखा तो पता चला कि कुछ लोग बदमाशी कर रहे हैं। क्रू मेंबर्स को ये काम करना होता है कि कोई उपद्रवी है तो उसे कंट्रोल करे। लेकिन यहां क्रू मेंबर्स का फेलियर दिखाई दिया। मुझे लगा कि अभी कोई स्टेप नहीं लिया तो ये युवक आने वाले ढाई घंटे तक उपद्रव करेंगे। हमारी सीट के आसपास बच्चे-महिलाएं डरे हुए थे। फिर बेचैनी में लोगों की तबीयत भी खराब होने का डर था। जब मामला आउट ऑफ कंट्रोल होते देखा तो मैंने भी आउट ऑफ द वे जाकर गाली गलौज कर रहे तीनों युवकों से बात की। काफी समझाने के बाद तीनों शांत हुए। सवाल : तीनों युवकों ने आखिर इतना हंगामा किया क्यों? जवाब : दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर लैंड करते ही मैंने CISF के अधिकारियों से बात की। कुछ 2-3 मिनट में सीआईएसएफ की QRT टीम ने विमान के दरवाजे पर पॉजिशन ले ली। तीनों अभद्रता करने वाले यात्रियों को फ्लाइट से बाहर निकलते ही डिटेन कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की तो तीनों युवक घुटनों पर गिर कर माफी मांगने लगे। एक युवक ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात कराई तो उन्होंने कहा कि बेटे ने शराब पी ली होगी, उसे माफ कर दीजिए, आगे से वह नहीं करेगा। तीनों ने शराब पी हुई थी। उनमें एक तो योगा टीचर था। मैंने उससे पूछा- क्या उम्र के इस पड़ाव में उन्हें फ्लाइट में यह सब करना शोभा दे रहा है। फ्लाइट में बैठे लोग डर में थे, किसी को परेशानी हो जाती तो क्या होता, लोगों की जान पर बन गई थी। जब आप लोग प्लेन क्रैश होगा चिल्ला रहे थे। सब लोग डर गए थे। सवाल : आप आईपीएस हैं, इसलिए सिचुएशन कंट्रोल कर पाए, क्या कॉमन मैन भी ये काम कर सकता है? जवाब : मुझे दुख इस बात का है कि फ्लाइट में ये घटना 15 से 20 मिनट तक चली। मैंने तुरंत रिएक्शन नहीं दिया, तीनों युवकों के आसपास 20 से 25 लोग बैठे थे। किसी ने युवकों का विरोध नहीं किया। चुपचाप तीनों युवकों की हरकतें सुनते रहे और सहते रहे। आज के दौर में कोई व्यक्ति नहीं चाहता है कि वह किसी पचड़े में फंसे। यह दुर्भाग्यपूर्ण पहलू मुझे तब नजर आया। मैं बैठा था तो मैंने उस भूमिका को निभाया। मुझे लगता है कि जो अन्य यात्री थे, उन्हें अपने अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए। ऐसी जगहों पर वह रिएक्ट कर सकते हैं, व्यवस्था को बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारी या क्रू मेंबर्स को बोला जा सकता है, क्योंकि वह आपकी सहायता के लिए ही हैं। इंडिगो ने घटना को लेकर माफी मांगी और कार्रवाई की बात की
पंकज चौधरी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने मोबाइल पर इंडिगो के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा। इंडिगो की अधिकारी निर्मिता भट्टाचार्य ने घटना के बाद मेल पर बताया कि वह इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं तीनों युवकों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। मेल के कुछ अंश… 8 मार्च 2026 को गुवाहाटी से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E‑6367 में आपको और दूसरे यात्रियों को जो अनुभव हुआ, उसके लिए हमें सच में अफसोस है। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंजूर नहीं है। क्रू के रिस्पॉन्स के बारे में आपके फीडबैक को बहुत गंभीरता से लिया गया है। हम आपको भरोसा दिलाना चाहते हैं कि खराब व्यवहार करने वाले पैसेंजर से जुड़ी घटनाओं को डॉक्यूमेंट किया जाता है और उन्हें DGCA रेगुलेशन के अनुसार हैंडल किया जाता है। चूंकि CISF ने मामले में दखल दिया है, इसलिए यह मामला पहले से ही ऑफिशियल सिक्योरिटी प्रोसेस का हिस्सा है। हम अपने क्रू द्वारा उठाए गए कदमों के साथ-साथ ग्राउंड और इन-फ्लाइट टीमों के बीच कम्युनिकेशन का रिव्यू कर रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि स्थिति की गंभीरता को कम करके आंकने या अनदेखा करने की कोई कोशिश किए बिना प्रोसीजर कम्प्लाइंस का पालन किया गया था। आपके फीडबैक को हमारे सेफ्टी और सिक्योरिटी डिवीजन के साथ-साथ इन-फ्लाइट सर्विसेज टीम को एक पूरी इंटरनल रिव्यू के लिए भेज दिया गया है।



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SEBI: रिसर्च एनालिस्ट और निवेश सलाहकारों की वार्षिक ऑडिट के लिए कॉस्ट अकाउंटेंट्स को भी अनुमति, जानें सब


बाजार नियामक सेबी ने रिसर्च एनालिस्ट और निवेश सलाहकारों के वार्षिक ऑडिट की अनुमति कॉस्ट अकाउंटेंट्स (लागत लेखाकारों) को भी दे दी है। यह कदम योग्य पेशेवरों के दायरे को बढ़ाएगा। पहले केवल इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के सदस्य ही यह ऑडिट कर सकते थे। सेबी ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के सदस्यों को भी अब इसमें शामिल किया है। सेबी ने बुधवार को जारी सर्कुलर में यह जानकारी दी। 

इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के प्रतिनिधित्व पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया है। लागत लेखाकारों को रिसर्च एनालिस्ट और निवेश सलाहकारों के वार्षिक ऑडिट के लिए मान्यता दी गई है। सेबी ने अपने मास्टर सर्कुलर में संशोधन किया है। यह मास्टर सर्कुलर 6 फरवरी, 2026 को जारी किया गया था। संशोधित नियमों के तहत, रिसर्च एनालिस्ट और निवेश सलाहकारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत से छह महीने के भीतर सेबी नियमों के अनुपालन का वार्षिक ऑडिट कराना होगा। ऑडिट रिपोर्ट को पूरा होने के एक महीने के भीतर जमा करना अनिवार्य है। इसे पिछले वित्तीय वर्ष के लिए 31 अक्टूबर से पहले जमा करना होगा। यह रिपोर्ट सेबी या संबंधित पर्यवेक्षी निकायों को प्रस्तुत की जाएगी।

ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के नियम

ऑडिट रिपोर्ट सेबी या रिसर्च एनालिस्ट एडमिनिस्ट्रेशन एंड सुपरवाइजरी बॉडी (आरएएएसबी) को जमा करनी होगी। निवेश सलाहकारों के लिए यह रिपोर्ट निवेश एडवाइजर्स एडमिनिस्ट्रेशन एंड सुपरवाइजरी बॉडी (आईएएएसबी) को भी जमा की जा सकती है। रिपोर्ट पूरा होने के एक महीने के भीतर जमा की जानी चाहिए। किसी भी स्थिति में, इसे पिछले वित्तीय वर्ष के लिए 31 अक्तूबर तक जमा करना होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि अनुपालन समय पर हो।

रिसर्च एनालिस्ट के लिए अतिरिक्त आवश्यकताएं

रिसर्च एनालिस्ट को अपनी वेबसाइटों पर अनुपालन ऑडिट रिपोर्ट की स्थिति प्रकाशित करनी होगी। उन्हें किसी भी प्रतिकूल निष्कर्ष का खुलासा करना होगा। साथ ही, सुधारात्मक कार्यों की जानकारी भी देनी होगी। यह रिपोर्ट अपने ग्राहकों के साथ साझा करना भी अनिवार्य है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को जानकारी मिलेगी।

निवेश सलाहकारों के लिए जारी स्पष्टीकरण में क्या कहा गया है?

सेबी ने निवेश सलाहकारों के लिए भी एक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्हें ग्राहक-स्तर पर अलगाव की आवश्यकताओं के अनुपालन की पुष्टि करने वाला वार्षिक प्रमाण पत्र बनाए रखना होगा। यह प्रमाण पत्र इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया या इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के सदस्य द्वारा जारी किया जाएगा। इसे वित्तीय वर्ष के अंत के छह महीने के भीतर अनुपालन ऑडिट के हिस्से के रूप में प्राप्त करना होगा। यह नियम भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

म्यूचुअल फंड के इंट्राडे उधार से जुड़े दिशानिर्देशों की समय सीमा 15 जुलाई तक बढ़ी

बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को म्यूचुअल फंडों को बैंकों सहित वित्तीय संस्थानों से इंट्राडे उधार लेने की अनुमति देने वाले दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन को 15 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। इस ढांचे को पहले 1 अप्रैल से लागू होना था।

सेबी ने अपने परिपत्र में कहा, “म्यूचुअल फंडों की ओर से इंट्राडे उधार के संबंध में परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की ओर से उठाई गई परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करने के लिए, यह निर्णय लिया गया है कि इंट्राडे उधार से संबंधित दिशानिर्दे अब 15 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगे।”

सेबी के नए ढांचे के तहत, एक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) के बोर्ड के साथ-साथ न्यासी बोर्ड को भी इंट्राडे उधार सुविधाओं के उपयोग को नियंत्रित करने वाली नीति को मंजूरी देनी होगी। इसके अलावा, एएमसी अपनी वेबसाइट पर अनुमोदित नीति का खुलासा भी करेगी।

 



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Iran Israel War: ड्रोन अटैक से दहला कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट, भीषण आग के बाद फ्लाइट स‍र्विस ठप्‍प



Iran Israel War: कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में ईंधन टैंक में लगी आग, कोई हताहत नहीं। जानें पूरी घटना, अधिकारियों का बयान और ए



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IPL 2026 PBKS: क्या पंजाब किंग्स इस बार तोड़ पाएगी हार का चक्रव्यूह? इन 11 खिलाड़ियों पर टिकी है टीम की किस्मत


Cricket

oi-Amit Kumar

IPL 2026 PBKS Preview: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल (IPL 2026) का आगाज शनिवार 28 मार्च से होने वाला है। इस बार सबसे ज्यादा नजरें पंजाब किंग्स (PBKS) पर हैं। पिछले सीजन (2025) में उपविजेता रही पंजाब की टीम इस बार एक कदम आगे बढ़कर अपने पहले खिताब के सूखे को खत्म करना चाहती है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी और दिग्गज रिकी पोंटिंग के मार्गदर्शन में टीम ने पिछले साल शानदार खेल दिखाया था, जिसका फायदा उन्हें इस सीजन में मिलने की उम्मीद है।

क्या खत्म होगा एक दशक का इंतजार (IPL 2026 PBKS Preview)

पंजाब किंग्स के लिए साल 2025 किसी टर्निंग प्वॉइंट से कम नहीं था। साल 2014 के बाद पहली बार टीम फाइनल तक पहुंची थी। पिछले सीजन में टीम ने 15 में से 9 मैच जीतकर अपनी ताकत का अहसास कराया था। हालांकि, फाइनल में उन्हें आरसीबी (RCB) से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रेयस और पोंटिंग की जुगलबंदी ने टीम की हारने वाली मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है।

Punjab Kings 1

क्या है पंजाब की ताकत

पंजाब की टीम हमेशा से विदेशी सितारों पर निर्भर रही है, लेकिन इस बार रणनीति बदली हुई है। टीम ने प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या जैसे युवा प्रतिभाओं पर दांव लगाया है। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर में नेहल वढेरा और शशांक सिंह जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती दे रहे हैं। गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल जैसे अनुभवी भारतीय कंधों पर है, जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने का दम रखते हैं।

शेड्यूल और पहला मुकाबला

पंजाब किंग्स अपने अभियान की शुरुआत 31 मार्च को गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ पीसीए न्यू क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में करेगी। इसके बाद टीम के मुकाबले 3 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स से होगा। वहीं 6 अप्रैल को टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से भिड़ेगी। जबकि 11 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद से टक्कर होगी।

गेंदबाजी के मोर्चे पर पंजाब को एक झटका लगा है। टीम के मुख्य तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन शुरुआती कुछ मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। वे अपने बच्चे के जन्म के चलते परिवार के साथ समय बिताने के लिए स्वदेश में हैं। उनकी अनुपस्थिति में मार्को जानसन और जेवियर बार्टलेट पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी।



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