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Capex: निजी क्षेत्र का कैपेक्स वित्त वर्ष 2027 में 16.5 फीसदी घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये, जानिए आंकड़ों का हाल


एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार, निजी क्षेत्र द्वारा नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2026-27 में 16.5 फीसदी घटकर 9.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई संपत्तियों के अधिग्रहण पर कुल पूंजीगत व्यय 11.43 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है।

सर्वेक्षण में शामिल 5,366 परिचालन उद्यमों में से 4,203 (लगभग 78.3 फीसदी) ने अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए अपनी पूंजीगत व्यय निवेश योजनाओं की जानकारी दी। उद्यम आमतौर पर भविष्य के लिए ऐसे अनुमानों की रिपोर्टिंग में सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान वास्तविक पूंजीगत व्यय प्रति उद्यम 173.5 करोड़ रुपये था, जबकि लक्षित 180.2 करोड़ रुपये था। यह 96.3 फीसदी की समग्र प्राप्ति दर को दर्शाता है, जिससे पता चलता है कि वास्तविक व्यय निवेश इरादों के अनुरूप था।

सर्वेक्षण के अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 48.63 फीसदी उद्यमों की निवेश रणनीति मुख्य संपत्तियों पर केंद्रित थी। वहीं, 38.36 फीसदी ने मौजूदा संपत्तियों में मूल्य वृद्धि के लिए निवेश की योजना बनाई। लगभग 14.54 फीसदी ने अवसरवादी संपत्तियों में निवेश किया, जबकि चार फीसदी से कम ने ऋण-संबंधी रणनीतियों का पालन किया। लगभग एक फीसदी ने संकटग्रस्त संपत्तियों या गैर-निष्पादित ऋणों से संबंधित रणनीतियों का अनुसरण किया।

पूंजीगत व्यय के उद्देश्य और वित्तपोषण

सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में लगभग 60.13 फीसदी उद्यमों ने मुख्य रूप से आय सृजन के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया। जबकि 42.12 फीसदी ने मौजूदा क्षमता के उन्नयन के लिए पूंजीगत व्यय की सूचना दी। लगभग 7.2 फीसदी उद्यमों ने विविधीकरण के उद्देश्य से पूंजीगत व्यय किया। सर्वेक्षण के परिणामों से पता चलता है कि आंतरिक संचय वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पूंजीगत व्यय वित्तपोषण का प्राथमिक स्रोत है, जो कुल निवेश का 65.35 फीसदी है।

वित्तपोषण के अन्य स्रोत और सर्वेक्षण की पृष्ठभूमि

घरेलू ऋण दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है, जिसका योगदान 23.25 फीसदी है। इसके बाद देश के भीतर जुटाई गई इक्विटी 3.78 फीसदी है। बाहरी स्रोतों की भूमिका अपेक्षाकृत कम है, जिसमें 1.04 फीसदी पूंजीगत व्यय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मार्ग से और 2.38 फीसदी विदेशी ऋण के माध्यम से वित्तपोषित होता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में उद्यमों की पूंजीगत व्यय योजनाओं पर जानकारी एकत्र करने के लिए नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के दौरान पहला सर्वेक्षण किया था। इस पहल की निरंतरता में, सर्वेक्षण का वर्तमान दौर अक्तूबर-दिसंबर 2025 के दौरान आयोजित किया गया था।



 



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Aaj Ka Panchang: षष्ठी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, जानिए शुभ मुहूर्त


पंचक रहित मुहूर्त शुभ – सुबह 5:58 से 7:03 तक, शुभ – सुबह 7:03 से 8:41 तक, चोरा पंचक – सुबह 8:41 से 10:38 तक, शुभ – सुबह 10:38 से दोपहर 12:52 तक, रोग पंचक – दोपहर 12:52 से दोपहर 3:10 तक, शुभ – दोपहर 3:10 से शाम 4:07 तक, मृत्यु पंचक – शाम 4:07 से शाम 5:24 तक, अग्नि पंचक – शाम 5:24 से शाम 7:05 तक, शुभ – शाम 7:05 से शाम 7:36 तक, राज पंचक – शाम 7:36 से रात 9:53 तक, शुभ – रात 9:53 से 12:10 बजे तक, 25 मार्च, चोरा पंचक – 12:10 बजे से 25 मार्च सुबह 2:15 तक, मार्च 25 मार्च, शुभ – सुबह 2:15 बजे से सुबह 4:00 बजे तक, रोग पंचक – सुबह 4:00 बजे से सुबह 5:30 बजे तक, शुभ – सुबह 5:30 बजे से सुबह 5:57 बजे तक, उदय लग्न मुहूर्त मीन – सुबह 5:34 से 7:03 तक, मेष – सुबह 7:03 से 8:41 तक, वृषभ – सुबह 8:41 से 10:38 तक, मिथुन – सुबह 10:38 से दोपहर 12:52 तक, कर्क – दोपहर 12:52 से दोपहर 3:10 तक, सिंह – दोपहर 3:10 से शाम 5:24 तक, कन्या – शाम 5:24 से शाम 7:36 तक, तुला – शाम 7:36 से रात 9:53 तक, वृश्चिक – रात 9:53 से 12:10 बजे तक (25 मार्च), धनु – 12:10 बजे से 2:15 बजे तक (25 मार्च), मकर – 2:15 बजे से 4:00 बजे तक (25 मार्च), कुंभ – 4:00 बजे तक 25 मार्च की सुबह से 25 मार्च की सुबह 5:30 बजे तक



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ECI ने आंधी रात को जारी की पश्चिम बंगाल की सप्‍लीमेंट्री वोटर लिस्‍ट,SIR के विवादित 29 लाख वोटरों पर आया फैसला


India

oi-Bhavna Pandey

West Bengal supplementary voter list: लंबे इंतजार के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI)ने सोमवार रात करीब 11:55 बजे पहली सप्‍लीमेंट्री वोटर लिस्‍ट आखिरकार जारी कर दी है। यह महत्वपूर्ण लिस्‍ट उन वोटर्स के नामों की है जो पहले ‘निर्णय प्रक्रिया’ के अंतर्गत थे।

ये लिस्‍ट चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) की वेबसाइटों पर अपलोड की गई है। जिसमें विधानसभा-वार adjudicated मामलों का विस्तृत जानकारी है।

West Bengal s first supplementary voter list

60 लाख वोटरों के नाम विचाराधीन श्रेणी में थे

बता दें 28 फरवरी को ECI ने अंतिम वोटर लिस्‍ट में लगभग 60 लाख नामों को ‘विचाराधीन’ की श्रेणी में रखा था और लिस्‍ट में इन वोटर्स का नाम रखा जाय या नहीं। इसकी गहन समीक्षा के लिए चुनाव आयोग ने 705 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया था।

29 लाख वोटरों पर आया फैसला

जिसके संबंध में बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने सोमवार को जानकारी दी थी कि दोपहर तक 60 लाख न्यायिक समीक्षा के मामलों में से 29 लाख वोटरों के मामलों का adjudication पूरा कर लिया गया था और अधिकारियों ने अब तक लगभग 29 लाख नामों पर फैसला सुना दिया है।

किन जिलों के वोटरों के नाम हैं शामिल?

मुख्य चुनाव अधिकारी ने यह भी बताया था कि कलिम्पोंग, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुरा जैसे जिलों में सभी मामलों का adjudication पूरा हो चुका है। इन जिलों के न्यायिक अधिकारियों को उन स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है जहां मामलों की संख्या अधिक है, ताकि ‘विचाराधीन’ मामलों की सूची को शीघ्रता से निपटाया जा सके।

कब आएगा लंबित मामलों पर फैसला?

हालांकि, यह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस पहली सप्‍लीमेंट्री लिस्‍ट में कितने वोटरों के नाम जोड़े गए हैं और कितने हटाए गए हैं। शेष अन्य लंबित मामलों पर कार्रवाई अभी भी जारी है और उन पर भी जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है।

हालांकि, इस लिस्‍ट को डाउनलोड करने संबंधी समस्या नजर आई। कुल कितने नाम जोड़े गए या हटाए गए हैं पोर्टल पर अभी तक यह स्पष्ट रूप से नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही कई यूजर्स ने बताया कि वेबसाइट पर तकनीकी खराबी के कारण वे अपने बूथ की सूची डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे।

राज्‍य भर में बढ़ाई गई सुरक्षा

तकनीकी समस्याओं की शिकायतों और सप्‍लीमेंटी लिस्‍ट के जारी होने को ध्‍यान में रखते हुए राज्यभर में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। आगामी चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है। पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे – 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को। मतों की गिनती 4 मई को होनी निर्धारित है।



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धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने बधाई संदेश में ​कही बड़ी बातें, जानिए क्या


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

dhami sarkaar kay 4 saal उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर सीएम चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को बधाई दी। पीएम ने संदेश जारी कर कहा कि उत्तराखंड चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड के ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

dhami sarkaar kay 4 saal PM Modi said important things in his congratulatory message know what

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं।

चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य

उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है।

हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

नई उपलब्धियां हासिल करेगा उत्तराखंड

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है। प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।



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Banking: बैंकों ने 60,518 करोड़ रुपये की लावारिस राशि आरबीआई फंड में भेजी, जानें क्या बोले वित्त राज्य मंत्री


सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से 60,518 करोड़ रुपये की लावारिस राशि भारतीय रिजर्व बैंक के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता फंड में स्थानांतरित की गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 24 मार्च 2026 को राज्यसभा को यह जानकारी दी। यह राशि जनवरी 2026 के अंत तक की है।

उन्होंने बताया कि बीमा कंपनियों के पास फरवरी के अंत तक 8,973.89 करोड़ रुपये की लावारिस बीमा राशि बकाया थी। इसके अतिरिक्त, सेबी नियमों के तहत म्यूचुअल फंड में 3,749.34 करोड़ रुपये की लावारिस राशि थी। वित्तीय क्षेत्र के नियामकों ने इन लावारिस वित्तीय संपत्तियों की पहचान के लिए कई उपाय किए हैं। इसका उद्देश्य सही दावेदारों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना है। साथ ही, मौजूदा लावारिस स्टॉक को कम करना और नई वृद्धि को रोकना भी है। नागरिकों के लिए दावा प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना भी इन उपायों का लक्ष्य है। मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि सरकार ने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड में निवेशकों की रुचि की समीक्षा की है।

लावारिस राशि का विवरण

सार्वजनिक बैंकों द्वारा आरबीआई फंड में भेजी गई राशि 60,518 करोड़ रुपये है। यह जनवरी 2026 के अंत तक की स्थिति है। बीमा कंपनियों के पास फरवरी के अंत तक 8,973.89 करोड़ रुपये की लावारिस राशि थी। म्यूचुअल फंड में भी 3,749.34 करोड़ रुपये की लावारिस राशि दर्ज की गई है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह सभी आंकड़े राज्यसभा में प्रस्तुत किए।

दावा प्रक्रिया में सुधार

वित्तीय क्षेत्र के नियामकों ने लावारिस वित्तीय संपत्तियों के लिए कई कदम उठाए हैं। इन उपायों का मुख्य लक्ष्य सही दावेदारों की पहचान को समय पर सुनिश्चित करना है। इसका उद्देश्य लावारिस संपत्तियों के मौजूदा स्टॉक को कम करना भी है। साथ ही, इसमें नई लावारिस राशियों के जमा होने को भी रोकना शामिल है। नागरिकों के लिए दावा प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर भी जोर दिया गया है।

सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड में निवेशकों की रुचि

सरकार ने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड में निवेशकों की रुचि की समीक्षा की है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में शुरू होने के बाद से औसत बिड-कवर अनुपात दो से ऊपर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह अनुपात 2.32 पर पहुंच गया है। 28 नवंबर, 2025 को हुई नवीनतम नीलामी में निवेशकों ने सात आधार अंक का ग्रीनियम दिया। यह दर्शाता है कि ये बॉन्ड निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। हालांकि, सरकार का सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड निवेशकों के लिए कर प्रोत्साहन शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।





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Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Silver Rate Today 24 March 2026: सोने-चांदी के बाजार में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। 24 मार्च को कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया। एक तरफ जहां सोना हजारों रुपये सस्ता हुआ, वहीं चांदी में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजार के दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का सीधा असर अब भारत के सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है।

सोने में बड़ी गिरावट क्यों? (Gold Price Crash Reason)

इससे एक दिन पहले 23 मार्च को सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के दाम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 12,077 रुपये गिरकर 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। हालांकि दिन के अंत तक थोड़ी रिकवरी जरूर हुई, लेकिन फिर भी कीमत करीब 7,649 रुपये नीचे रहकर लगभग 1.40 लाख रुपये पर बंद हुई।

Gold Silver Rate Today 24 March 2026

इससे पहले सोना 1.47 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। अगर पिछले कुछ दिनों का ट्रेंड देखें तो ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना करीब 24 दिनों में लगभग 20 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है।

चांदी में भी जबरदस्त गिरावट (Silver Price Crash)

चांदी की बात करें तो इसमें भी जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह चांदी करीब 30,864 रुपये टूटकर 2.01 लाख रुपये प्रति किलो पर खुली, लेकिन बाद में इसमें कुछ सुधार आया। इसके बावजूद दिन खत्म होते-होते चांदी करीब 13,104 रुपये की गिरावट के साथ 2.19 लाख रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। इससे पहले शुक्रवार को इसका भाव 2.32 लाख रुपये प्रति किलो था।

Gold Rate In India: देश के बड़े शहरों में गोल्ड रेट

शहर 24K (10g) 22K (10g) 18K (10g)
दिल्ली ₹1,40,000 ₹1,28,000 ₹1,05,000
मुंबई ₹1,39,800 ₹1,27,800 ₹1,04,800
चेन्नई ₹1,40,500 ₹1,28,500 ₹1,05,300
कोलकाता ₹1,39,900 ₹1,27,900 ₹1,04,900
बेंगलुरु ₹1,40,200 ₹1,28,200 ₹1,05,100
हैदराबाद ₹1,40,100 ₹1,28,100 ₹1,05,000
अहमदाबाद ₹1,39,700 ₹1,27,700 ₹1,04,700
जयपुर ₹1,40,300 ₹1,28,300 ₹1,05,200
पटना ₹1,40,400 ₹1,28,400 ₹1,05,300
लखनऊ ₹1,40,350 ₹1,28,350 ₹1,05,250

Silver Rate In India: चांदी के शहरवार लेटेस्ट भाव

शहर 10 ग्राम 100 ग्राम 1 किलो
दिल्ली ₹2,190 ₹21,900 ₹2,19,000
मुंबई ₹2,180 ₹21,800 ₹2,18,000
चेन्नई ₹2,200 ₹22,000 ₹2,20,000
कोलकाता ₹2,185 ₹21,850 ₹2,18,500
बेंगलुरु ₹2,195 ₹21,950 ₹2,19,500
हैदराबाद ₹2,190 ₹21,900 ₹2,19,000
अहमदाबाद ₹2,175 ₹21,750 ₹2,17,500
जयपुर ₹2,185 ₹21,850 ₹2,18,500
पटना ₹2,195 ₹21,950 ₹2,19,500
लखनऊ ₹2,190 ₹21,900 ₹2,19,000

🟡 सोने-चांदी का पूरा सफर (Price Journey Analysis)

सोना (Gold Trend)

  • 31 दिसंबर 2025: ₹1.33 लाख
  • 29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹1.76 लाख
  • अब: करीब ₹1.40 लाख
  • यानी अपने हाई से सोना करीब ₹36,000 से ज्यादा सस्ता हो चुका है

चांदी (Silver Trend)

  • 31 दिसंबर 2025: ₹2.30 लाख
  • 29 जनवरी 2026 (ऑल टाइम हाई): ₹3.86 लाख
  • अब: ₹2.19 लाख
  • यानी चांदी में करीब ₹1.67 लाख की गिरावट

इंटरनेशनल मार्केट का असर (Global Market Impact)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव बना हुआ है।

  • Comex Gold: करीब 2.47% गिरावट
  • Comex Silver: करीब 4.78% गिरावट

MCX पर भी सोना और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि ग्लोबल ट्रेंड है।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही है? (Should You Buy Now?)

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट शॉर्ट टर्म हो सकती है। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं तो यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, ग्लोबल टेंशन और डॉलर की मजबूती आगे भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

सोने की कीमतों में इस तरह की तेज गिरावट पिछले कई दशकों में कम ही देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक बाजार पर दबाव बनाया है, जिसका असर सीधे सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

सोने-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट आम खरीदारों के लिए राहत जरूर है, लेकिन निवेशकों के लिए यह सतर्क रहने का समय है। बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और आने वाले दिनों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।



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PM Kisan IFSC Correction: अटक ना जाए पीएम किसान की 23वीं किस्त, बैंक IFSC सुधारने की ये रही पूरी प्रक्रिया


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

PM Kisan IFSC Correction: देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही किसान अब अपनी 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो संभवतः मई से जुलाई 2026 के बीच जारी की जा सकती है।

हालांकि, हाल ही में जारी हुई 22वीं किस्त के दौरान कई किसानों के खातों में पैसे नहीं पहुंच पाए, जिसका मुख्य कारण बैंक विवरण और विशेषकर IFSC कोड में गड़बड़ी पाया गया है। पिछले कुछ समय में कई बैंकों के आपस में विलय (Merger) होने के कारण पुराने IFSC कोड अमान्य हो गए हैं। यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो अगली किस्त से पहले बैंक सुधार करना अनिवार्य है, वरना आपके खाते में आने वाली सम्मान राशि रुक सकती है।

PM Kisan Samman Nidhi Yojana

बैंक विलय और बदला हुआ IFSC, सबसे बड़ी समस्या

कई सरकारी बैंकों के एक-दूसरे में विलय होने के बाद बैंकों ने अपने IFSC कोड बदल दिए हैं। सरकारी रिकॉर्ड में अभी भी कई किसानों का पुराना डेटा दर्ज है, जिससे ट्रांजैक्शन फेल हो रहे हैं। अब सरकार ने पैसे भेजने के लिए Aadhaar Based Payment (DBT) को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि पैसा अब उस बैंक खाते में जाता है जो आपके आधार से सबसे अंत में लिंक (Seed) हुआ है।

ये भी पढ़ें: PM Kisan Yojana: नहीं आ रही पीएम किसान की OTP? घर बैठे झटपट ऐसे बदलें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर

PM Kisan IFSC Correction: कैसे करें बैंक अकाउंट और IFSC में सुधार?

PM Kisan पोर्टल पर सुरक्षा के चलते अब आप सीधे बैंक अकाउंट नंबर एडिट नहीं कर सकते। इसके लिए आपको यह तरीका अपनाना होगा:

  • बैंक जाकर आधार लिंक कराएं: अपने उस बैंक खाते पर जाएं जिसे आप चालू रखना चाहते हैं। वहां ‘आधार सीडिंग’ का फॉर्म भरें और उसे NPCI (National Payments Corporation of India) से मैप कराएं।
  • नया रजिस्ट्रेशन सुधार: अगर आपका आवेदन पेंडिंग या रिजेक्ट है, तो पोर्टल पर ‘Updation of Self Registered Farmers’ विकल्प में जाकर आधार के जरिए लॉगिन करें और बैंक विवरण ठीक करें।
  • e-KYC है जरूरी: अगर आपका बैंक विवरण सही है लेकिन e-KYC अधूरा है, तो भी किस्त नहीं आएगी। इसे पोर्टल या CSC सेंटर से तुरंत पूरा करें।

PM Kisan Online Status: लाभार्थी स्थिति ऑनलाइन कैसे जांचें?

किस्त आने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका डेटा सही है:

  • आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
  • ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Know Your Status’ पर क्लिक करें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें।
  • यहां ‘Eligibility Status’ में देखें कि Aadhaar Bank Seeding और Land Seeding के सामने ‘YES’ लिखा है या नहीं।

किस्त रुकने के अन्य मुख्य कारण

सिर्फ बैंक खाता ही नहीं, बल्कि कई बार भूमि सत्यापन (Land Seeding) न होने या आधार कार्ड में नाम और बैंक खाते में नाम अलग होने के कारण भी पैसा अटक जाता है। सरकार अब पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था पर काम कर रही है, इसलिए डेटा में एक मात्रा की भी गलती होने पर पेमेंट सिस्टम उसे रोक देता है। अगर आपकी 22वीं किस्त नहीं आई है, तो ऊपर बताए गए सुधारों के बाद आपको पिछली रुकी हुई राशि और अगली किस्त एक साथ मिल सकती है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: PM Kisan 23rd Installment: कब आएगी पीएम किसान की 23वीं किस्त? इन किसानों को नहीं मिलेंगे 2000 रुपये



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CCTV कैमरों से पाकिस्तान जा रहे थे वीडियो फुटेज: देशभर में सभी नेटवर्क की होगी जांच, अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे


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  • National CCTV Audit | Pakistan Spy Racket | Hack Proof Cameras From April

8 मिनट पहले

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दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट के खुलासे के बाद CCTV सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। जांच में सामने आया कि संवेदनशील जगहों पर लगाए गए कैमरों की लाइव फुटेज सीमा पार पाकिस्तान भेजी जा रही थी।

इसके बाद केंद्र सरकार ने देशभर में CCTV नेटवर्क की जांच का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने आईबी और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर देशभर के CCTV नेटवर्क का ऑडिट शुरू करने की तैयारी में है।

वहीं 1 अप्रैल से सिर्फ वही कैमरे बिक सकेंगे, जो सरकारी सुरक्षा जांच (STQC सर्टिफिकेशन) पास करेंगे। इसका मतलब है कि कैमरे की जांच सरकारी लैब में होगी। अगर कैमरा हैक नहीं किया जा सकता, तभी उसे बेच सकेंगे।

भारत में भी 80% कैमरे चीन के हैं, जिनसे डेटा चोरी का खतरा बना रहता है। फिलहाल 7 कंपनियों के 53 मॉडल ही ऐसे हैं, जिन्हें सर्टिफाइड और सुरक्षित माना गया है।

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लोगों की प्राइवेसी पर भी खतरा

CCTV सिस्टम से निजी डेटा लीक होने के मामले भी सामने आए हैं। इजरायल की ओर से ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर वीआईपी मूवमेंट ट्रैक करने का उदाहरण सामने आ चुका है।

वहीं, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति ने निगरानी सिस्टम में घुसपैठ कर कैमरों की लाइव फीड एक्सेस की और यात्रियों की फुटेज रिकॉर्ड कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर किया। यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है। 2023 के डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान उजागर करने वाली फुटेज का गलत इस्तेमाल गैरकानूनी है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ विराग गुप्ता के मुताबिक, सिर्फ सुरक्षित कैमरे बेचना काफी नहीं है। डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानून और भारी जुर्माने की जरूरत होगी।

भारत से पाकिस्तान कैसे भेजा जा रहे थे फुटेज

दरअसल, हाल ही में यूपी के गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके में एक बीट कांस्टेबल की सूचना के बाद जासूसी का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि सोलर पावर से चलने वाले छोटे कैमरे संवेदनशील इलाकों के आसपास लगाए गए थे।

ये कैमरे इंटरनेट के जरिए विदेशी सर्वर से जुड़े थे। उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान भेजी जा रही थी, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।

इस मामले में अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नेटवर्क में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल थे। कई कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

स्टैंटर्ड प्रोटोकॉल की कमी

जांच में यह भी सामने आया कि देशभर में CCTV अलग-अलग एजेंसियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन कोई एकीकृत डेटाबेस या स्पष्ट नियंत्रण प्रणाली नहीं है। यही वजह है कि कई जगह निगरानी तंत्र में खामियां बनी हुई हैं, जो अब सुरक्षा जोखिम बन चुकी हैं।

ऑडिट रिपोर्ट के बाद सरकार यूनिक रजिस्ट्रेशन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साइबर सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत नेटवर्क सिस्टम लागू कर सकती है।

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जेल में आजम, बिना पूछे रामपुर में लीडरशिप बदली: क्या 2027 के चुनाव से पहले सपा भूली, लोग बोले- ये बुरे वक्त में धोखा – Uttar Pradesh News


7 नवंबर 2025, आजम खान के जेल से रिहा होने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव उनसे मिलने रामपुर पहुंचे थे। इस मुलाकात के बाद आजम थोड़ा तल्ख दिखे। अखिलेश से बढ़ती दूरी पर उनसे सवाल पूछा गया, तो बोले- ‘अब दिल ही कहां रह गया है, बगैर दिल के काम कर रहे हैं। इस र

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इस बयान ने साफ कर दिया कि आजम को रामपुर में अपने और पार्टी के बीच ‘किसी और’ का आना पसंद नहीं है। शायद उन्हें अंदाजा था कि सपा रामपुर में बड़ा फेरबदल कर सकती है। 2 मार्च को ऐसा ही हुआ। अखिलेश यादव ने BSP से आए पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सागर को प्रदेश सचिव बना दिया।

सुरेंद्र रामपुर के कद्दावर नेता रहे हैं। उन्हें प्रदेश सचिव बनाने का फैसला आजम खान की गैरमौजूदगी में हुआ। फैसले को 20 दिन हो गए, लेकिन रामपुर में आजम के समर्थक अब भी नाराज हैं। उनका कहना है कि आजम 7 साल की सजा काट रहे हैं, नहीं पता कब चुनाव लड़ पाएंगे। इसलिए उन्हें पार्टी में तवज्जो नहीं मिल रही।

लखनऊ में 2 मार्च को सपा कार्यालय में अखिलेश ने सुरेंद्र सागर (काली सदरी में) को पार्टी का प्रदेश सचिव बनाया। 2022 में सुरेंद्र ने रामपुर की मिलक सीट से चुनाव लड़ा था।

अब तीन सवाल हैं 1. सुरेंद्र सागर को लाना अखिलेश यादव की 2027 विधानसभा चुनाव की नई रणनीति का हिस्सा है? 2. क्या सपा रामपुर में आजम खान से अलग नई लीडरशिप तलाश रही है? 3. रामपुर में आजम समर्थकों और सुरेंद्र सागर का इस फेरबदल पर क्या कहना है?

4 पॉइंट्स में जानिए, रामपुर में सुरेंद्र सागर को कमान देने की वजह 1. दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक, यानी PDA मॉडल को मजबूत करना 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा का फोकस PDA फॉर्मूले पर है। सुरेंद्र सागर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर अखिलेश रामपुर और मुरादाबाद मंडल के दलित वोटर्स को पॉजिटिव मैसेज देना चाहते हैं।

2. आजम की गैरमौजूदगी में नया विकल्प आजम फर्जी पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे हैं। वे 2027 में चुनाव नहीं लड़ सकते। उनकी गैरमौजूदगी में सपा रामपुर में एक खालीपन महसूस कर रही थी। इसकी भरपाई के लिए सुरेंद्र सागर को प्रदेश सचिव बनाकर रामपुर की जिम्मेदारी दी गई।

3. बसपा के कोर वोट बैंक में सेंधमारी सुरेंद्र सागर की बसपा के कैडर वोटरों और यादव-जाटव बिरादरी में अच्छी पकड़ मानी जाती है। सपा ने उनके जरिए BSP के पारंपरिक वोट बैंक को अपनी ओर खींचने का दांव चला है।

4. लोकल गुटबाजी को बैलेंस करना रामपुर में सपा की लीडरशिप में पहले भी गुटबाजी रही है। सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी आजम खान के खिलाफ बयान देते रहते हैं। लिहाजा पार्टी ने ऐसे नेता को जिम्मेदारी दी, जो बाहर से (BSP से) आए हैं। इससे पुराने समीकरणों को बैलेंस करने की कोशिश की गई है।

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वो दौर, जब रामपुर में आजम के बिना पत्ता नहीं हिलता था रामपुर के सीनियर जर्नलिस्ट विवेक गुप्ता कहते हैं, ‘आजम के दबदबे की शुरुआत 2003 में मुलायम सरकार से हुई। वे यूपी सरकार में शहरी विकास मंत्री बनाए गए। 2012 से 2017 तक रामपुर में जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सुबह उठकर सबसे पहले आजम के घर हाजिरी लगाने जाते थे। जिले का DM या SP कौन होगा, ये लखनऊ से नहीं बल्कि आजम की पसंद से तय होता था।‘

‘2005 में मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव रामपुर में आजम की जौहर यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करने आए थे। तब आजम की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता था। आज वे सलाखों के पीछे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में सपा ने सुरेंद्र सागर पर दांव चला है। ये बताता है कि अब सपा रामपुर को एक चेहरे के भरोसे नहीं छोड़ना चाहती।‘

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2017 में योगी सरकार आने के बाद से आजम खान तीन बार जेल जा चुके हैं। पहली बार फरवरी 2020 से मई 2022 तक और फिर अक्टूबर 2023 से सितंबर 2025 तक जेल में रहे। बीते 5 साल में उन्होंने 50 महीने जेल में काटे। 23 सितंबर 2025 को सीतापुर जेल से रिहा होकर रामपुर आए। 54 दिनों तक बाहर रहे, लेकिन 17 नवंबर 2025 को फर्जी पैन कार्ड मामले में उन्हें फिर 7 साल की सजा हो गई।

सुरेंद्र सागर बोले- रामपुर में सपा का हर वोटर मेरे साथ रामपुर सीट पर आजम खान 9 बार विधायक और 2 बार सांसद रहे। 4 बार यूपी सरकार में मंत्री रहे। फिलहाल बेटे अब्दुल्ला के साथ रामपुर जेल में बंद हैं। रामपुर की सियासत में बीते 40 साल से आजम फैमिली का दबदबा रहा है। उनकी गैरमौजूदगी में सुरेंद्र सागर रामपुर की कमान कैसे संभालेंगे, ये जानने के लिए हम उनके दफ्तर पहुंचे। यहां मिले सुरेंद्र सागर के बेटे अंकुर सागर ने बताया कि वे पार्टी के काम से बाहर गए हैं।

हमने सुरेंद्र से फोन पर बात की। सपा में मिली जिम्मेदारी पर उन्होंने कहा, ‘रामपुर के लोग हमारे साथ है। आजम खान साहब ने रामपुर को सपा का गढ़ बनाया है। उनके संघर्ष के दिनों में पार्टी को जमीन पर मजबूत रखना हमारी प्राथमिकता है।‘

क्या रामपुर में आजम खान के समर्थक आपको वोट देंगे? सुरेंद्र जवाब देते हैं, ‘सिर्फ रामपुर में ही नहीं बल्कि पूरे यूपी में सपा PDA मॉडल पर काम रही है। पार्टी का टारगेट है कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को एकजुट किया जाए। यही लक्ष्य लेकर हम रामपुर में गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं। हमें हर वर्ग के लोगों का सपोर्ट है।‘

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BSP में रहते हुए सुरेंद्र सागर 5 बार रामपुर के जिला अध्यक्ष बने थे। वे BSP के टिकट पर 2 बार मिलक विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। मायावती ने उन्हें राज्यमंत्री भी बनाया। मायावती ने 24 दिसंबर, 2024 को उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वे इस बात से नाराज थीं कि सुरेंद सागर ने अपने बेटे की शादी सपा नेता की बेटी से कर दी थी। इस शादी में अखिलेश यादव भी पहुंचे थे।

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सपा को ‘खामोश’ आजम खान की जरुरत रामपुर में नवाबों के दौर से लेकर मौजूदा सियासत पर रिसर्च कर चुके पॉलिटिकल एनालिस्ट तमकीन फयाज खान कहते हैं, ‘सपा में आजम खान का कद तो बरकरार है, लेकिन पार्टी को उनकी दखलंदाजी और बयान बर्दाश्त नहीं हो रहे। सपा को अब एक खामोश आजम खान चाहिए।‘

‘आजम जेल में रहते हैं, तो पार्टी के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करते हैं। बाहर आकर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाते हैं कि PDA का नारा देने वाले अल्पसंख्यकों को स्टेज पर क्यों नहीं जाने देते। इससे सपा असहज हो जाती है।‘

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तमकीन आगे कहते हैं, ‘सपा का सुरेंद्र को प्रदेश सचिव बनाकर रामपुर में नई लीडरशिप तैयार करना चौंकाने वाला फैसला है। PDA मॉडल पर रामपुर में सुरेंद्र सागर का अपॉइंटमेंट हुआ, लेकिन बड़ी अजीब बात है कि उन्हीं की बिरादरी के अजय सागर को पार्टी ने दरकिनार कर दिया है। इन्हें कभी आजम खान की सिफारिश पर सपा का जिलाध्यक्ष बनाए गया था। इससे ये मैसेज गया कि बड़े फैसलों में सपा आजम खान की मर्जी नहीं देख रही।’

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क्या सपा आजम फैमिली से जानबूझकर कट रही है? तमकीन इसका जवाब एक सियासी घटना से देते हैं। उन्होंने बताया, ‘पिछले साल आजम खान की जमानत से लगभग 5 महीने पहले उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जमानत हुई थी। अब्दुल्ला ने बाहर आने के बाद अपने वालिद को बेल दिलवाने के लिए बहुत कोशिशें की। इसके बाद सितंबर में आजम रिहा हो गए।’

’अब्दुल्ला जमानत पर बाहर थे, तब उसी समय सपा ने रामपुर में अल्पसंख्यकों का बड़ा सम्मेलन करवाया। इसमें अब्दुल्ला को न्योता तक नहीं दिया गया। आजम फैमिली का कोई सदस्य इसमें शामिल नहीं हुआ। ये सब देखकर लगता है कि सपा में रहते हुए आजम खान को सियासत में बड़ा मौका मिलना मुश्किल होगा।’

भड़काऊ भाषण के मामले में 2022 में आजम को सजा हुई और उनकी विधायकी चली गई। वे 2028 तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकते। यही हाल अब्दुल्ला का भी है। 2023 में अब्दुल्ला की विधायकी चली गई। वो स्वार सीट से विधायक थे। वे 2029 तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।

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लोग बोले- अखिलेश बुरे वक्त में आजम को धोखा दे रहे रामपुर के शाहबाद गेट पर बेकरी चलाने वाले जाहिद का मानना है कि रामपुर की लीडरशिप में फेरबदल करने से सपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। जाहिद सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराजगी जताते हुए कहते हैं, ‘मीडिया सुरेंद्र सागर को नेता बना रही है, जबकि वे खुद बहन जी (मायावती) की मेहरबानी से जिलाध्यक्ष बने थे। आजम खान के मुकाबले उनकी कोई हैसियत नहीं है।‘

‘रामपुर में सुरेंद्र सागर क्या, अगर अखिलेश यादव भी आजम के मुकाबले चुनाव लड़ लें तो हार जाएंगे। आजम खान की वजह से सपा उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी पार्टी बन पाई। जाटव समाज को छोड़ दें, तो सुरेंद्र सागर को रामपुर में कोई नहीं जानता।‘

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आदर्श कॉलोनी के रहने वाले गोविंद यादव सुरेंद्र सागर का समर्थन करते हैं। वे कहते हैं, ‘ यादव और जाटव बिरादरी के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। हमने वो दौर देखा है, जब रामपुर में एक ही परिवार की चलती थी। सुरेंद्र के आने से राजनीति जौहर यूनिवर्सिटी की दीवारों से निकलकर खेतों और गांवों तक पहुंचेगी।‘

‘आजम के आगे सागर कमजोर विकल्प’ सीनियर जर्नलिस्ट सुहैल जैदी कहते हैं, ‘आजम खान का कद आज भी अपनी जगह है। वे अपनी सियासत के ऐसे मुकाम पर आ चुके हैं कि उसमें कुछ भी फेरबदल होना नामुमकिन है। बात रही सुरेंद्र सागर की, तो उन्होंने मंत्री रहते हुए रामपुर में ऐसा कोई काम नहीं करवाया, जिससे उनका प्रभाव दिखता हो।‘

‘दूसरी तरफ आजम खान ने बतौर मंत्री यहां के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पताल, स्कूल और बस स्टॉप जैसी सुविधाएं दीं। भले ही वे जेल में हैं, लेकिन उनके लिए इज्जत बरकरार है। आजम खान और सुरेंद्र सागर के बीच कोई बराबरी नहीं है। सबको पता है आजम खान की मर्जी के बिना रामपुर का विधायक नहीं तय हो सकता।‘

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धुरंधर-2 में अतीक अहमद की कहानी सच या प्रोपेगैंडा

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इलाहाबाद का चकिया। सफेद कुर्ता, सिर पर साफा पहने, चेहरे पर मुस्कान लिए एक माफिया। फिल्म धुरंधर-2 शुरुआती सीन से ही आपको सीधे यूपी के माफिया और सांसद रहे अतीक अहमद के दौर में ले जाएगी। फिल्म में भले ही डिस्क्लेमर है, लेकिन आतिफ का किरदार हूबहू अतीक अहमद से मिल रहा है। ये कहानी सच है या प्रोपेगैंडा, पढ़िए पूरी खबर…



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Aaj Ka Mesh Rashifal 24 March 2026: जल्दबाजी से बचें, भावनाओं पर रखें काबू


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Mesh Rashifal: आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरा रहेगा, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा देना बेहद ज़रूरी है। कुछ नए विचार आपके मन में आ सकते हैं, जिन्हें लेकर आप काफी उत्साहित महसूस करेंगे। हालांकि, जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें, खासकर जब बात करियर या रिश्तों की हो। आज आपको अपनी भावनाओं पर थोड़ा नियंत्रण रखने की आवश्यकता पड़ सकती है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी से बचा जा सके।

Aaj Ka Mesh Rashifal 24 March 2026

सामान्य भविष्यफल:

आज का दिन आपके लिए कुछ नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ सकता है। आप अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन टीम वर्क में थोड़ा लचीलापन दिखाना फायदेमंद रहेगा। घर-परिवार में किसी बात को लेकर हल्की-फुल्की बहस हो सकती है, जिसे शांति से सुलझाना बेहतर होगा। अपनी प्राथमिकताओं को तय करें और एक-एक करके उन पर काम करें, इससे आप अनावश्यक तनाव से बचेंगे। शाम का समय दोस्तों या परिवार के साथ बिताने से मन को शांति मिलेगी।

स्वास्थ्य:

आज आपको अपनी सेहत का खास ख्याल रखना होगा। अत्यधिक काम का बोझ या तनाव सिरदर्द का कारण बन सकता है। अपनी दिनचर्या में थोड़ा आराम और हल्का व्यायाम शामिल करें। मसालेदार खाने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं। मानसिक शांति के लिए ध्यान या योग का सहारा लेना भी अच्छा रहेगा।

करियर/वित्त:

करियर के मोर्चे पर आज आपको कुछ नए प्रोजेक्ट्स या जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी लगन से काम करें। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आर्थिक मामलों में आज कोई बड़ा निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। अचानक खर्चों पर नियंत्रण रखना ज़रूरी है, ताकि बजट बिगड़े नहीं।

प्रेम:

प्रेम संबंधों में आज आपको अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात करने का मौका मिलेगा। अगर कोई गलतफहमी है, तो उसे दूर करने के लिए यह अच्छा दिन है। सिंगल जातकों को किसी नए व्यक्ति से मुलाकात का अवसर मिल सकता है, लेकिन जल्दबाजी में कोई वादा न करें। परिवार के सदस्यों के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करने पर ध्यान दें।

शुभ अंक: 9

शुभ रंग: लाल

मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः

पूजनीय देवता: हनुमान जी

ग्रहों का प्रभाव:

आज मंगल, जो आपकी राशि का स्वामी है, आपको ऊर्जा और उत्साह से भर देगा। यह आपको अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा, लेकिन इसकी तीव्र ऊर्जा कभी-कभी आपको अधीर भी बना सकती है।

सूर्य की स्थिति आपको आत्मविश्वास देगी और आप अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाएंगे। हालांकि, कभी-कभी यह अहंकार का रूप भी ले सकता है, इसलिए विनम्रता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

बुध की चाल आज संचार में कुछ उतार-चढ़ाव ला सकती है। अपनी बात कहने से पहले अच्छी तरह सोच लें, ताकि कोई गलतफहमी न हो। यह नए विचारों को जन्म देने के लिए भी एक अच्छा समय है।

बृहस्पति का प्रभाव आपको आशावादी बनाए रखेगा और आपको सही निर्णय लेने में मदद करेगा। यह आपको किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए आंतरिक शक्ति प्रदान करेगा।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपने लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और उन पर फोकस करें, इससे काम आसान लगेगा।
  • सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने की बजाय, अपनी हॉबीज़ पर ध्यान दें या कुछ नया सीखें।
  • अपने दोस्तों और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं, यह आपको मानसिक रूप से मजबूत करेगा।
  • किसी भी नए अवसर को तुरंत हां कहने से पहले उसके फायदे और नुकसान पर विचार करें।
  • अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में संकोच न करें, लेकिन सही शब्दों का चुनाव करें।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है। हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। आपका दिन शुभ हो!



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