Home Blog Page 367

AWS Bahrain Disruption: पश्चिम एशिया तनाव की आंच अमेजन तक पहुंची, बहरीन में असर; कंपनी बोली- ड्रोन से चिंता


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी दिखने लगा है। ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने कहा है कि उसके अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) का बहरीन रीजन मौजूदा हालात के बीच बाधित हो गया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि यह व्यवधान इलाके में ड्रोन गतिविधियों के कारण हुआ है। यह जानकारी रॉयटर्स की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। 

कंपनी ने क्या बताया?

हालांकि, कंपनी ने नुकसान की सीमा या सेवाएं पूरी तरह बहाल होने में लगने वाले समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि हालात लगातार बदल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे यूजर्स को अन्य लोकेशंस में शिफ्ट होते रहने की सलाह दी गई है।

एडब्ल्यूएस, अमेजन की क्लाउड कंप्यूटिंग यूनिट है, जो कई बड़ी वेबसाइट्स और सरकारी सेवाओं के संचालन के लिए बेहद अहम है। कंपनी के मुनाफे का बड़ा हिस्सा भी इसी से आता है।

दूसरी बार हुआ एडब्ल्यूएस रीजन पर हमला

गौरतलब है कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की शुरुआत के बाद यह दूसरी बार है जब बहरीन स्थित एडब्ल्यूएस रीजन ड्रोन हमले से प्रभावित हुआ है। इससे पहले इसी महीने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में एडब्ल्यूएस की सुविधाएं पावर आउटेज के कारण प्रभावित हुई थीं, जिन्हें बहाल करने की प्रक्रिया जारी थी।

इन हमलों के दौरान आग लगने और इमरजेंसी सप्रेशन सिस्टम सक्रिय होने से पानी से भी नुकसान हुआ, जिसके चलते सेवाएं अस्थिर हुईं और कई जगह अस्थायी आउटेज देखने को मिला था। अमेजन ने उस समय चेतावनी दी थी कि भौतिक नुकसान के कारण सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने में समय लग सकता है और ग्राहकों को डेटा बैकअप लेने व वर्कलोड अन्य रीजन में शिफ्ट करने की सलाह दी गई थी।

डेटा सेंटर अब बने रणनीतिक निशाना

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद, तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं, जिनका निशाना अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों जैसे यूएई, सऊदी अरब और बहरीन को बनाया जा रहा है।



इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अब टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी सीधे निशाने पर आ रहा है। एडब्ल्यूएस, जो दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर है, लाखों एप्लिकेशन होस्ट करता है और कंपनियों व सरकारों का अहम डेटा संभालता है।



विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे डेटा सेंटर अब रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं, इसलिए वे संभावित हमलों के लिए ज्यादा संवेदनशील भी बन गए हैं। इसका असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कई उद्योगों और डिजिटल सेवाओं पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।


 



Source link

Fact Check: 14 किलो वाले LPG सिलेंडर में 10 किलो की गैस मिलेगी? क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?


Fact Check

oi-Ankur Sharma

Fact Check, LPG: एलपीजी की किल्लत और सिलेंडरों के वजन को लेकर सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक चर्चाओं का बाजार गर्म था, बहुत सारे वायरल वीडियो में कहा जा रहा है कि सरकार घरेलू एलपीजी सिलेंडर में गैस की मात्रा 14.2 किलोग्राम से घटाकर 10 किलोग्राम करने पर विचार कर रही है, जिससे आम लोगों काफी परेशान हो गए हैं और बहुत सारे लोग इस संदर्भ में सरकार से जवाब मांग रहे हैं।

वनइंडिया हिंदी ने इन वायरल वीडियों के बारे में जांच पड़ताल करने की कोशिश की और उसकी जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो केवल भ्रम पैदा कर रहे हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। दरअसल सरकार ने खुद ही इसके बारे में बयान जारी किया है और सिलेंडर का वजन घटाने की खबरों को ‘भ्रामक’ बताया है।

LPG cylinder

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘यह कहना कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर का वजन 14.2 किलो से घटाकर 10 किलो किया जा रहा है, पूरी तरह से अटकलबाजी है, कृपया ऐसी किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें, सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।’

LPG Fact Check: सिलेंडर छोटा होने की खबर झूठी

सरकार के इस स्पष्टीकरण से उन करोड़ों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है जो सिलेंडर छोटा होने और कीमतों में बदलाव की आशंका से चिंतित थे।’

LPG:आपके शहर में क्या है एलपीजी की कीमत?

  • शहर पेट्रोल (₹/लीटर)-डीजल (₹/लीटर)
  • मुंबई ₹104.21- ₹92.15
  • पुणे ₹104.04- ₹90.57
  • कोलकाता ₹103.94- ₹90.76
  • बेंगलुरु ₹102.92- ₹89.02
  • चेन्नई ₹100.75- ₹92.34
  • नासिक ₹95.50- ₹89.50
  • नई दिल्ली ₹94.72- ₹87.62
  • लखनऊ ₹94.69- ₹87.80
  • अहमदाबाद ₹94.49- ₹90.17
  • चंडीगढ़ ₹94.30- ₹82.45

एलपीजी, पेट्रोल के दाम पर क्या बोले पीएम मोदी?

संसद में पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है लेकिन सरकार इस संकट के बावजूद सप्लाई और कीमतों को लेकर पूरी तरह सतर्क है।हमारा पूरा फोकस है कि पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।

lpg2 1774327103

Fact Check

दावा

सरकार सीमित स्टॉक को ज्यादा घरों तक पहुंचाने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर में गैस की मात्रा 14.2 किलोग्राम से घटाकर 10 किलोग्राम करने पर विचार कर रही है।

नतीजा

दावा झूठा साबित हुआ

फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें



Source link

Crude Oil: आज ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर के करीब, पश्चिम एशिया में नरमी के संकेत के बाद भी नहीं घट रही कीमतें


वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। मंगलवार सुबह 8:50 बजे के आसपास अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 4% की बढ़त के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में भी मजबूती देखी गई, जिसमें करीब 4.39% की तेजी दर्ज की गई।

ट्रंप ने दिए नरमी के संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की है कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी गई है। साथ ही उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय पर आया है जब फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह अहम समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। लाइवलोंग वेल्थ के संस्थापक और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने कहा कि हालिया तेजी की वजह पश्चिम एशिया में जारी तनाव में संभावित नरमी के संकेत हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों और ऊर्जा ढांचे पर हमलों को अस्थायी रूप से रोकने के ऐलान से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इससे यह उम्मीद जगी है कि यह संघर्ष, जिसने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाया और वैश्विक मंदी की आशंकाओं को जन्म दिया था, अब धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।



Source link

Biz Updates: सेबी ने ब्रोकर्स के लिए नियमों में दी राहत, रिपोर्टिंग जरूरतों को किया आसान, जानें अपडेट


पूंजी बाजार नियामक सेबी ने ब्रोकर्स के लिए कुछ रिपोर्टिंग नियमों में राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत डीमैट खातों की अनिवार्य रिपोर्टिंग को खत्म किया गया है और बैंक खातों के खुलासे से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया गया है। सेबी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य नियामकीय दक्षता बढ़ाना और कारोबार को आसान बनाना है। साथ ही रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए नियमों में सामंजस्य स्थापित किया गया है।

नए नियमों के अनुसार, जो स्टॉक ब्रोकर बैंक या प्राइमरी डीलर भी हैं, उन्हें अब केवल उन्हीं बैंक खातों की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देनी होगी जो उनके ब्रोकिंग कारोबार से जुड़े हैं। पहले सभी खातों की जानकारी देना जरूरी होता था।

इसके अलावा, ब्रोकर्स के डीमैट खातों को पहले की तरह टैग किया जाता रहेगा, लेकिन यह नियम उन खातों पर लागू नहीं होगा जो केवल गैर-ब्रोकिंग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, खासकर उन ब्रोकर्स के मामले में जो प्राइमरी डीलर भी हैं। सेबी के इस फैसले से ब्रोकर्स पर अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है और बाजार में कामकाज और अधिक सुगम हो सकेगा।



Source link

Gold Silver Price: दिल्ली में सोना 1200 रुपये बढ़कर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का हुआ, चांदी स्थिर


अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली में सोने के दाम बढ़े। चार दिनों की गिरावट के बाद सोना 1,200 रुपये बढ़कर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। हालांकि, चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहा।

सोमवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,43,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। व्यापारियों ने घरेलू सोने के दाम में उछाल का कारण बताया। उन्होंने वैश्विक कमोडिटी बाजारों में सुधार को मुख्य कारण बताया। हाल की तेज गिरावट के बाद निचले स्तरों पर कुछ खरीदारी भी हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी हाजिर सोने में तेजी देखी गई। नौ सत्रों की गिरावट के बाद इसमें उछाल आया। यह 16.96 डॉलर बढ़कर 4,423.83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 1.03 फीसदी बढ़कर 69.86 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

वैश्विक बाजार में सोने की स्थिति

मीराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया। नौ दिनों की गिरावट के बाद हाजिर सोना स्थिर कारोबार कर रहा है। यह ईरान युद्ध को लेकर सतर्क आशावाद के कारण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों पर पांच दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की थी।

भविष्य में कीमतों पर असर

हालांकि, प्रवीण सिंह ने कहा कि युद्धविराम की प्रभावशीलता पर संदेह बना हुआ है। इससे निवेशकों की भावनाएं सतर्क बनी हुई हैं। विश्लेषकों ने बताया कि भू-राजनीतिक मोर्चे पर मिले-जुले संकेत हैं। इससे निकट भविष्य में बुलियन की कीमतें अस्थिर रहने की उम्मीद है।



Source link

भास्कर अपडेट्स: नवरात्रि में बढ़ी वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की संख्या, 6 दिन में 2 लाख से ज्यादा भक्तों दर्शन किए


  • Hindi News
  • National
  • Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar

29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

श्री माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर में चल रहे नवरात्रि उत्सव के दौरान तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है; पहले छह दिनों में ही 2 लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन कर लिए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि भारी भीड़ के बावजूद यात्रा सुचारू रूप से चल रही है, और तीर्थयात्रियों के लगातार आने-जाने को संभालने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कटरा में बेस कैंप और भवन तक जाने वाला रास्ता दिन-रात भीड़ से भरा रहता है।

नवरात्रि उत्सव के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए, 21 मार्च की शाम को श्री माता वैष्णो देवी जी के पवित्र मंदिर की तीर्थयात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, लेकिन 22 मार्च को सुबह 4 बजे तक इसे फिर से शुरू कर दिया गया।

आज की बाकी बड़ी खबरें…

पुणे के ऑटोमोबाइल हब में उत्पादन ठप

auto 1774324326

एलपीजी, कच्चे माल और पुर्जों की भारी कमी का असर पुणे के ऑटोहब पर भी पड़ने लगा है। यहां उत्पादन बंद करने की नौबत आ गई है। ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के पास पुर्जों का आमतौर पर एक हफ्ते का स्टॉक होता है। आपूर्ति बंद होने के कारण अब बड़ी कंपनियों को भी अपना उत्पादन घटाना पड़ रहा है। विकास आयुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर स्थिति के मूल्यांकन के निर्देश दिए। वहीं, काम न होने से उत्तर भारतीय कामगारों ने भी अपने गांवों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है।

अब प्रीलिम्स के बाद आंसर की जारी करेगा यूपीएससी

upsc 2 1774316995

केंद्र सरकार ने बताया कि यूपीएससी अब सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा। यह व्यवस्था 2026 परीक्षा से लागू होगी। आंसर की पर उम्मीदवार आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे। हालांकि प्रीलिम्स के अंक अंतिम परिणाम के बाद ही जारी होंगे।

अब सरल भाषा में मिलेगी आईपीओ की जानकारी

ipo 1774324175

सेबी ने आईपीओ से जुड़ी जानकारी को ज्यादा आसान और समझने लायक बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब आईपीओ लाने जा रही कंपनियों को दस्तावेज के साथ एक संक्षिप्त सार ‘एब्रिज्ड प्रॉस्पेक्टस’ देना होगा। इसमें बिजनेस, वित्तीय स्थिति और जोखिम जैसी अहम जानकारी सरल भाषा और तय शब्दसीमा में देनी होगी।



Source link

The Bonus Market Update: शेयर बाजार में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 1078 अंक चढ़ा, निफ्टी 22800 के पार


भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1078.24 अंक या 1.48% बढ़कर 73,774.63 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 326.45 अंक या 1.45% बढ़कर 22,839.10 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे गिरकर 93.71 पर आ गया।

Trending Videos

(यह खबर अपडेट की जा रही है)



Source link

Iran America War: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मुनीर ने ट्रंप को किया कॉल, आखिर क्‍या हुई बात?


International

oi-Bhavna Pandey

Iran America War: अमेरिका और इैरान युद्ध के बीच जहां एक तरफ मिसाइलें गरज रही हैं, वहीं दूसरी तरफ फोन कॉल्स और सीक्रेट मीटिंग्स की हलचल तेज है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध सुलझाने के लिए अब पाकिस्तान खुद को “शांति का सुपरमीडिएटर” साबित करने में जुट गया है।

शहबाज़ शरीफ़ की सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर सक्रिय रूप से अमेरिका और ईरान के बीच दूरी कम करने में लगे हैं। म‍ीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। जबकि रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने इस्लामाबाद को इस हफ्ते ट्रंप प्रशासन और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संभावित वार्ता के लिए प्रस्तावित किया है।

Iran America War

बैक-चैनल डिप्लोमेसी चला रहा पाकिस्‍तान

पाकिस्तान के दैनिक डॉन ने खबर के अनुसार अमेरिका और ईरान में दूरी कम करने के लिए पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र मिलकर ‘बैक-चैनल डिप्लोमेसी’ चला रहे हैं। इसमें अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ़ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची भी शामिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज़ शरीफ़ ने भी सोमवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत की।

तीनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल ने एक नया कूटनीतिक रास्ता खोला है, जो तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। डॉन की रिपोर्ट कहती है कि अंकारा, काहिरा और इस्लामाबाद के बीच ‘रणनीतिक तालमेल’ ने महत्वपूर्ण राजनयिक माध्यम स्थापित किया है, जो क्षेत्रीय सहयोग को तनाव कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

वहीं प्रधानमंत्री शरीफ़ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से कई बार बात की है। पाकिस्तान ने भरोसा दिलाया है कि वह शांति स्थापित करने में “रचनात्मक भूमिका” निभाता रहेगा।

ट्रंप ने लिया यूटर्न

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों को नष्ट करने की धमकी फिलहाल टाल दी है और बातचीत को “प्रोडक्टिव” बताया है। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन वार्ताओं पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है। उसने कहा, “ये संवेदनशील राजनयिक चर्चाएं हैं, और संयुक्त राज्य अमेरिका समाचार मीडिया के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा।” हालांकि ट्रंप ने ईरान के बिजली संयंत्रों को ‘मिटा देने’ की अपनी धमकी टालने की घोषणा उस समय की जब पाकिस्तान और ईरानी नेताओं के बीच बातचीत हुई।

ईरान ने सीधी बातचीत से किया इनकार

ईरान ने अमेरिका से सीधे संवाद से इनकार किया है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि “मित्र देशों” के जरिए संदेश मिल रहे हैं। ईरान ने साफ किया है कि उसकी शर्तों और रणनीतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

गौरतलब है कि युद्ध से पहले भी मध्यस्थता में रहा तुर्किये, ईरान के अधिकारियों और विटकॉफ़ से बात कर रहा है ताकि संक्षिप्त युद्धविराम हो सके और बातचीत के लिए जगह बन सके। सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार ने अपने तुर्की समकक्ष हाकन फ़िदान से मुलाकात की।

वहीं मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलटी ने भी रविवार को ईरानी, पाकिस्तानी समकक्षों, विटकॉफ़ और क़तर के विदेश मंत्री से बात की। ईरान के विदेश मंत्रालय ने युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के साथ किसी सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन कहा कि कुछ क्षेत्रीय राज्य मध्यस्थता में शामिल थे।

क्यों अहम बन रहा है पाकिस्तान?



Source link

सोना कॉमस्टार विवाद: आरके फैमिली ट्रस्ट से रानी कपूर को हटाने की तैयारी में प्रिया सचदेव, भेजा नोटिस


भारत की प्रमुख ऑटो कंपोनेंट्स निर्माता कंपनी सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स के कपूर परिवार में जारी विवाद अब और गहरा गया है। सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने अपनी सास रानी कपूर को ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ के ट्रस्टी पद से हटाने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा है। परिवार के भीतर चल रही यह खींचतान अब ट्रस्ट के नियंत्रण और कॉर्पोरेट विरासत की एक बड़ी कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुकी है।

नोटिस के मुख्य आरोप और तत्काल प्रभाव

पीटीआई ने दावा किया है कि इस नोटिस में प्रिया सचदेव ने रानी कपूर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। 


  • प्रिया का आरोप है कि रानी कपूर ने अपने प्रत्ययी कर्तव्यों का उल्लंघन किया है और उनका आचरण ट्रस्ट व इसके लाभार्थियों के हितों के सख्त खिलाफ रहा है।

  • नोटिस के अनुसार, प्रिया ने आरोप लगाया है कि रानी कपूर ने “ट्रस्ट की वैधता को चुनौती दी है और ट्रस्ट को उसकी सभी संपत्तियों से वंचित करने की कोशिश की है,” जिससे वह ट्रस्ट के एक ट्रस्टी के रूप में बने रहने के लिए अक्षम हो गई हैं।

  • ट्रस्ट डीड के क्लॉज का हवाला देते हुए प्रिया ने अपने नोटिस में साफ किया है कि रानी कपूर को 25 मार्च, 2026 से ट्रस्टी के पद से औपचारिक रूप से हटा दिया गया है।

  • इस निष्कासन के प्रभाव में आने के बाद, रानी कपूर के पास अब ट्रस्ट की ओर से कार्य करने, इसके प्रशासन में दखल देने, ट्रस्ट की बैठकों में भाग लेने, ट्रस्ट की किसी भी संपत्ति से निपटने या ट्रस्ट के दस्तावेजों, डेटा और वित्तीय रिपोर्ट आदि तक पहुंच प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

आरके फैमिली ट्रस्ट की पृष्ठभूमि 


आरके फैमिली ट्रस्ट का निर्माण साल 2017 में रानी कपूर ने किया था। यह ट्रस्ट मुख्य रूप से उनके इकलौते बेटे दिवंगत संजय कपूर के लाभ के लिए बनाया गया था, जो अपने जीवनकाल के दौरान इसके एकमात्र लाभार्थी थे। संजय कपूर दिग्गज ऑटो कंपोनेंट कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन भी थे। 



यह विवाद केवल ट्रस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे तौर पर कॉर्पोरेट बोर्डरूम पर पड़ रहा है। सोना ग्रुप की पूर्व चेयरपर्सन और पूर्व चेयरमैन सुरिंदर कपूर की पत्नी रानी कपूर ने सोना कॉमस्टार में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में प्रिया की नियुक्ति का कड़ा विरोध किया था। 


 


क्या है पूरा मामला विस्तार से समझिए


इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। 


  • रानी कपूर का नोटिस: घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हाल ही में 21 मार्च 2026 को रानी कपूर ने भी ट्रस्ट डीड के क्लॉज 8.12 के तहत प्रिया को ट्रस्टी पद से हटाने का एक नोटिस जारी किया था।

  • विरासत हड़पने का आरोप: पिछले साल जुलाई में रानी कपूर ने यह आरोप लगाया था कि जब संजय कपूर की अचानक मृत्यु के कारण पूरा परिवार शोक में था, तब कुछ लोगों ने इस समय को परिवार की विरासत पर कब्जा करने और उसे हड़पने के एक उपयुक्त अवसर के रूप में चुना।

अब आगे क्या?


वर्तमान में कपूर परिवार के दोनों पक्ष एक लंबी कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं। आरके फैमिली ट्रस्ट की वैधता और इसके प्रशासन से संबंधित यह पूरा विवाद फिलहाल दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद पर अदालत का अंतिम फैसला ही यह तय करेगा कि सोना ग्रुप की इस महत्वपूर्ण पारिवारिक विरासत का नियंत्रण भविष्य में किसके हाथों में रहेगा।





Source link

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी करीब ₹9050 तक टूटी, सोना ₹2360 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंगलवार को बुलियन पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 9050 रुपये गिरकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 2360 रुपये गिरकर 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत

वहीं सोमवार को कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यही नहीं, साल 1983 के बाद यह सोने का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन रहा, जिसमें लगभग 11% की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर चांदी करीब 3% टूटकर 67.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

ईरान से जुड़े संघर्ष के चौथे सप्ताह में प्रवेश करते ही कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ गया है। 28 फरवरी से तनाव बढ़ने के बाद स्पॉट गोल्ड अब तक करीब 15% गिर चुका है और जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 22% नीचे आ गया है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर सोना महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बढ़ती ब्याज दरों की आशंका इसके लिए नकारात्मक साबित हो रही है। ऊंची ऊर्जा कीमतों के चलते महंगाई बढ़ने की संभावना है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए निवेशक इससे दूरी बना रहे हैं।

विश्लेषकों के मुताबिक, निकट भविष्य में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि निवेशक जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर भी दबाव डाला है।

सोना गिरकर 4,098 डॉलर प्रति औंस तक फिसला

सोमवार के शुरुआती कारोबार में सोना चार महीने के निचले स्तर 4,098 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया था। इस गिरावट के पीछे चीन के शेयर बाजार में आई बड़ी कमजोरी भी एक कारण रही, जहां एक साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी आई और स्पॉट गोल्ड 2.5% की गिरावट के साथ 4,377 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। बाजार में थोड़ी राहत तब देखने को मिली जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों को फिलहाल टालने का संकेत दिया।





Source link