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SC बिल्डिंग पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग, याचिका खारिज: CJI बोले- यह मामला न्यायिक नहीं, प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा


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नई दिल्ली16 मिनट पहले

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तस्वीर- फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग के गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर विचार का विषय है।

यह याचिका बदरवाड़ा वेणुगोपाल उर्फ बरा खतरनाक की तरफ से दायर की गई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की।

CJI ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग बन रही है और इस मुद्दे पर उस समय विचार किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने मौजूदा भवन पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग की। इस पर कोर्ट ने आश्वासन दिया कि इसके बारे में सोचा जाएगा, लेकिन ऐसे मामलों को याचिका के जरिए नहीं उठाया जाना चाहिए।

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याचिकाकर्ता ने बताया- मई 2025 में लेटर लिखकर भेजा था

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लिखित अपील करें। याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने मई 2025 में इस मुद्दे पर लेटर लिखा था, जिस पर नवंबर 2025 में जवाब मिला था कि सुप्रीम कोर्ट अपना अलग प्रतीक इस्तेमाल करता है।

इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह जवाब उनके कार्यकाल से पहले का है और अब इस पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सचिव जनरल को निर्देश दिया कि इस मामले पर एक नोट तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के सामने रखा जाए।

याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि अगर गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने के लिए कोई वास्तु या संरचनात्मक व्यवस्था नहीं है, तो जरूरी संस्थागत और तकनीकी कदम उठाए जाएं। यह सब संविधान और राज्य प्रतीक के उपयोग से जुड़े कानूनों के अनुसार किया जाए।

याचिका में यह भी मांग की गई थी कि इस प्रक्रिया को तय समय सीमा में लागू किया जाए। इसके लिए करीब 8 सप्ताह का समय सुझाया गया था। यह मांग State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 और State Emblem of India (Regulation of Use) Rules, 2007 के अनुरूप की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक प्रतीक में अशोक चक्र के नीचे अशोक स्तंभ का सिंह बना है।

सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक प्रतीक में अशोक चक्र के नीचे अशोक स्तंभ का सिंह बना है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रतीक में अशोक चक्र और संस्कृत श्लोक

सुप्रीम कोर्ट का आधिकारिक प्रतीक अशोक चक्र के नीचे स्थित अशोक स्तंभ के सिंह को दर्शाता है। इसके नीचे संस्कृत में “यतो धर्मस्ततो जयः” (जहां धर्म है, वहां विजय है) लिखा है।

यह प्रतीक 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था, जिस दिन सुप्रीम कोर्ट की स्थापना हुई थी। यह सारनाथ के सिंह स्तंभ से प्रेरित है, जो न्याय, धर्म और देश की सर्वोच्च अदालत की अधिकारिता का प्रतीक है।

वहीं भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ स्थित सम्राट अशोक के लायन कैपिटल (सिंह स्तंभ) से लिया गया है। इसमें चार एशियाई शेर पीठ से पीठ मिलाकर खड़े हैं। सामने से केवल तीन शेर दिखाई देते हैं, चौथा पीछे होता है।

नीचे एक गोलाकार आधार होता है, जिस पर सिंह, बैल, घोड़े और हाथी की आकृतियां उकेरे गए हैं। इसके बीच में अशोक चक्र होता है और नीचे “सत्यमेव जयते” (सत्य की ही जीत होती है) लिखा होता है। राष्ट्रीय प्रतीक देश की करेंसी और सरकारी दस्तावेजों पर इस्तेमाल होता है।

2022 में नई संसद भवन पर राष्ट्रीय प्रतीक पर भी विवाद हुआ

नई संसद भवन पर लगाए गए राष्ट्रीय प्रतीक को लेकर 2022 में बड़ा विवाद खड़ा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई 2022 को संसद की नई इमारत की छत पर अशोक स्तंभ आधारित राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया था। यह कांस्य (ब्रॉन्ज) से बना लगभग 6.5 मीटर ऊंचा और करीब 9,500 किलोग्राम वजनी है।

विवाद की वजह प्रतीक में बने शेरों का स्वरूप बना। विपक्षी दलों और कई लोगों ने आरोप लगाया कि नए प्रतीक में शेर अधिक आक्रामक और ‘गरजते हुए’ दिख रहे हैं, जबकि मूल अशोक स्तंभ (सारनाथ) में शेर शांत और गंभीर मुद्रा में हैं। उनका कहना था कि इससे राष्ट्रीय प्रतीक की मूल भावना—सत्य, शक्ति और शांति—प्रभावित होती है।

वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोण (एंगल) और आकार के कारण शेरों की अभिव्यक्ति अलग दिख रही है, लेकिन डिजाइन पूरी तरह से मूल प्रतीक के अनुरूप ही है। सरकार के मुताबिक, जमीन से 33 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित इस प्रतीक को नीचे से देखने पर उसका प्रभाव अलग नजर आता है।

यह मामला अदालत तक भी पहुंचा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद भी यह मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का हिस्सा बना रहा।

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सुप्रीम कोर्ट जज बोले- ज्यूडिशियरी हद से ज्यादा सख्त हो रही: इसलिए लोग जेलों में सड़ रहे; यह विकसित भारत का आदर्श नहीं हो सकता

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सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि ज्यूडिशियरी के कुछ हिस्से ‘मोर लॉयल देन द किंग सिंड्रोम’ से ग्रस्त हैं। यानी ये हिस्से राजा से भी ज्यादा वफादार होने की प्रवृत्ति अपना चुके हैं। इसके कारण ही लोग महीनों तक जेलों में सड़ते रहते हैं। जस्टिस भुइयां ने यह बात रविवार को बेंगलुरु में हुए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की पहली नेशनल समिट के दौरान कही। पूरी खबर पढ़ें…

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SC बिल्डिंग पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग, याचिका खारिज: CJI बोले- यह मामला न्यायिक नहीं, प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा


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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

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तस्वीर- फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग के गुंबद पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामला न्यायिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर विचार का विषय है।

यह याचिका बदरवाड़ा वेणुगोपाल उर्फ बरा खतरनाक की तरफ से दायर की गई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की।

CJI ने सुनवाई के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग बन रही है और इस मुद्दे पर उस समय विचार किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने मौजूदा भवन पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने की मांग की। इस पर कोर्ट ने आश्वासन दिया कि इसके बारे में सोचा जाएगा, लेकिन ऐसे मामलों को याचिका के जरिए नहीं उठाया जाना चाहिए।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लिखित अनुरोध करें। याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने मई 2025 में इस मुद्दे पर लेटर लिखा था, जिस पर नवंबर 2025 में जवाब मिला था कि सुप्रीम कोर्ट अपना अलग प्रतीक इस्तेमाल करता है।

इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि वह जवाब उनके कार्यकाल से पहले का है और अब इस पर विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सचिव जनरल को निर्देश दिया कि इस मामले पर एक नोट तैयार कर सक्षम प्राधिकारी के सामने रखा जाए।



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Delhi Budget 2026: खीर से शुरू हुआ बजट सत्र! CM रेखा गुप्ता का अनोखा अंदाज, क्या है इस परंपरा का मतलब


Delhi

oi-Pallavi Kumari

Delhi Budget 2026 (Kheer Ceremony Tradition): दिल्ली में बजट सत्र की शुरुआत इस बार कुछ खास अंदाज में हुई। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने पारंपरिक ‘खीर सेरेमनी’ के साथ दिल्ली सरकार के दूसरे बजट सत्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रभु श्री राम, माता सीता और मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाकर आशीर्वाद लिया और आगामी बजट के लिए सकारात्मक शुरुआत की।

यह सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक संदेश भी था। कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग वर्गों को शामिल किया गया। डॉक्टरों, किन्नर समुदाय, किसानों, स्कूल की बालिकाओं, मंत्रियों और विधायकों को खीर परोसी गई। इससे यह साफ संकेत दिया गया कि सरकार का फोकस समावेशी विकास पर है, जहां हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।

Delhi Budget 2026 CM Rekha Gupta

Delhi Budget Vision: हर वर्ग की भागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि दिल्ली का हर नागरिक विकास की इस यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक सोच को दर्शाती है, जिसमें समृद्धि का मतलब सिर्फ आर्थिक बढ़ोतरी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति तक अवसर पहुंचाना है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाला बजट आस्था और जिम्मेदारी के संतुलन के साथ तैयार किया जा रहा है। इसमें बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार और जीवन को आसान बनाने वाले कदमों पर खास जोर रहेगा।

Viksit Delhi Goal – ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप तैयार

रेखा गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य ‘विकसित दिल्ली’ का विजन साकार करना है। बजट के जरिए ऐसे फैसले लिए जाएंगे, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

कुल मिलाकर, खीर सेरेमनी के जरिए सरकार ने यह संदेश दिया कि दिल्ली का बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि हर वर्ग के सपनों को पूरा करने का एक प्रयास है।



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IPL Throwback: पाकिस्तानी होकर भी खेला आईपीएल, बैन के बावजूद कैसे प्रीति जिंटा की टीम का हिस्सा बना यह खिलाड़ी


अर्जुन तेंदुलकर IPL में पानी पिलाते रह जाएंगे, खेलने का नहीं मिलेगा मौका, किसने किया चौंकाने वाला खुलासा



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हरियाणा में बेकाबू कैंटर ने 7 लोगों को रौंदा: 3 की मौत, सड़क पर बिखरीं लाशें; फ्लाईओवर के 2 पिलर के बीच फंसकर रुका – Jhajjar News




हरियाणा के झज्जर में सोमवार की दोपहर एक कैंटर ने सात लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले टैंकर ड्राइवर ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को कुचला। इसके बाद भी ड्राइवर नहीं रुका और तेज गति से कैंटर दौड़ा दिया। इसी भागमभागम में कई और लोगों को भी चपेट में ले लिया। इनमें एक और बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि चपेट में आकर ऑटो सवार महिला समेत चार घायल हो गए। इसके बाद बेकाबू कैंटर फ्लाईओवर के दो पिलर के बीच फंस कर रुक गया तो ड्राइवर कूदकर कर फरार हो गया। हादसे के बाद सड़क पर अफरातफरी मच गई। पुलिस के आने तक शव सड़क पर ही पड़े रहे। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बहादुरगढ़ में हुए हादसे के कुछ PHOTOS…. यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ हादसा… मामा चौक पर हुआ हादसा, पहले 2 युवकों को मारी टक्कर जानकारी अनुसार, हादसा बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (MIE) के मामा चौक पर सोमवार की दोपहर हुआ। चौक की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर (HR-63E-4325) ने सड़क पार कर रहे दो युवकों को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। युवकों को टक्कर मारने के बाद बाइक सवार को रौंदा पहले हादसे के बाद ड्राइवर रुका नहीं, बल्कि पकड़े जाने के डर से कैंटर को और तेज भगाते हुए बाईपास की ओर ले गया। बाईपास पर कैंटर ने एक मोटरसाइकिल को रौंद दिया। इस हादसे में कानोंदा निवासी योगेंद्र (30) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। ऑटो को मारी टक्कर, महिला सहित 3 चपेट में आए इसके बाद बेकाबू कैंटर ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मारी। ऑटो में सवार लाइनपार निवासी प्रेम (महिला), उनके पति कृष्ण और ड्राइवर जयवीर घायल हो गए। कई लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा तफरी मच गई। पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से घायल लोगों को उठाकार बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने अशोक (32) निवासी छपरा (बिहार) और शंभू (22) निवासी छपरा (बिहार) और हरियाणा के कानोंदा निवासी योगेंद्र (30 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। महिला प्रेम को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पिलर के बीच में फंसकर रुका कैंटर, ड्राइवर फरार उधर, ऑटो में टक्कर मारने के बाद भी ड्राइवर कैंटर को दौड़ाता रहा। ड्राइवर तेज रफ्तार से नजफगढ़ फ्लाईओवर की ओर बढ़ा, लेकिन कैंटर अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर के नीचे दो पिलर के बीच फंस गया। इसके बाद ड्राइवर कैंटर को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर उसके नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… मुरथल ढाबे पर परांठे खाने गए 2 दोस्तों की मौत:सोनीपत में कार डिवाइडर से टकराई, 5 घायल; एक की होने वाली थी शादी सोनीपत में नेशनल हाईवे (GT रोड) पर रात को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार 2 युवकों की मौत हो गई। जबकि इनके पांच अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हैं। सभी दिल्ली से परांठे खाने के लिए मुरथल के ढ़ाबे पर आए थे। (पूरी खबर पढ़ें)



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Bengaluru Tunnel Project: बेंगलुरु में बन रही सुरंग से लालबाग के पेड़ों को होगा नुकसान? सरकार ने बताया प्लान


India

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Bengaluru Tunnel Project: बेंगलुरु के बहुचर्चित टनल प्रोजेक्ट को लेकर लालबाग बॉटनिकल गार्डन के आसपास विवाद तेज हो गया है। शहर के इस ऐतिहासिक और पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण गार्डन के नीचे से टनल निर्माण की योजना पर सरकार, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों के बीच गहन चर्चा चल रही है।

सरकार और बी-स्माइल (B-SMILE) के अनुसार, प्रस्तावित टनल लालबाग की सतह से लगभग 25 से 30 मीटर नीचे से गुजरेगी। इतनी गहराई का चयन इसीलिए किया गया है ताकि ऊपर मौजूद पेड़ों की जड़ों, जैव विविधता और ऐतिहासिक संरचनाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

Bengaluru Tunnel Project

Bengaluru Tunnel Project: लालबाग के पेड़ों को नहीं होगा नुकसान

– लालबाग में मौजूद कई पेड़ 200 साल से भी अधिक पुराने हैं, जिन्हें शहर के ‘फेफड़े’ कहा जाता है। वनस्पति वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि टनल निर्माण के दौरान खुदाई से भूमिगत जल स्तर (Water Table) प्रभावित हो सकता है।

– इससे पेड़ों की सेहत पर असर पड़ सकता है। इसके जवाब में सरकार ने ‘शिल्डिंग तकनीक’ और जल-अभेद्य कंक्रीट (Water-tight Concrete) के इस्तेमाल का भरोसा दिया है।

– इस जमीन के नीचे का इकोसिस्टम सुरक्षित रखा जा सके। इससे शहर के ऐतिहासिक लालबाग के पेड़ों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।

Lalbagh Greenery के साथ ग्लास हाउस भी सुरक्षित

इस प्रोजेक्ट का एक और अहम पहलू लालबाग का प्रसिद्ध ग्लास हाउस है, जो एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। विशेषज्ञों की चिंता है कि टनलिंग के दौरान होने वाले कंपन से इस संरचना को नुकसान हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक Tunnel Boring Machine (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कम कंपन और शोर के साथ काम करती है, जिससे ऊपर की संरचनाओं पर असर न्यूनतम रहेगा।

कर्नाटक हाई कोर्ट में डाली गई याचिका

वहीं, ‘विरासत बनाम विकास’ की बहस भी इस मुद्दे को और जटिल बना रही है। सिटिजंस ऑफ बेंगलुरु जैसे नागरिक समूहों ने आशंका जताई है कि टनल के वेंटिलेशन शाफ्ट से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ सकता है। इसके समाधान के लिए सरकार ने वेंटिलेशन पॉइंट्स को पार्क की मुख्य सीमा से दूर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। कर्नाटक उच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लालबाग की एक इंच जमीन का स्थायी अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और न ही पार्क के भीतर कोई निर्माण दिखाई देगा।

Bengaluru Tunnel से कम होगा शहर का ट्रैफिक दबाव

सरकार का दावा है कि यह ‘अदृश्य बुनियादी ढांचा’ (Invisible Infrastructure) होगा, जो शहर के ट्रैफिक को कम करेगा, लेकिन लालबाग की हरियाली और विरासत को पूरी तरह सुरक्षित रखेगा। हालांकि, आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाता है।



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प्रयागराज में पूर्व मंत्री का कोल्ड स्टोरेज ढहा,4 की मौत: मलबे से 17 लोगों को बाहर निकाला गया; प्रत्यक्षदर्शी बोले- धमाका हुआ था – Prayagraj (Allahabad) News




उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके के बाद कोल्ड स्टोरेज की एक बिल्डिंग ढह गई। मलबे में करीब 20 मजदूर दब गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौत हुई है। मरने वालों में पिलत चौधरी, मशींदर, ज्योतिष और जगदीश शामिल हैं। जगदीश प्रयागराज और बाकी तीनों बिहार के रहने वाले थे। हालांकि, प्रशासन ने अभी मौतों की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन 7 जेसीबी से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। अब तक 17 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर हैं। यह कोल्ड स्टोरेज सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है, पहले अमोनिया गैस स्टोरेज टैंक में विस्फोट हुआ। इससे आरसीसी पिलर स्ट्रक्चर ढह गया। फिर बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। अमोनिया गैस की बदबू करीब 1 किलोमीटर तक फैल चुकी है। ज्यादातर लोग मुंह पर कपड़ा (रुमाल, गमछा) बांधे हुए हैं। घटना को लेकर लोग गुस्से में हैं। पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा। हादसे की तस्वीरें देखिए- कोल्ड स्टोरेज 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बना आदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग हादसा फाफामऊ इलाके में थी। इसके मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद है। 27 साल पुराना कोल्ड स्टोरेज करीब 5 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर बना है। इसमें तीन बिल्डिंग हैं। करीब 1500 स्क्वायर फीट एक बिल्डिंग ढही है। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते हैं। पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और अंसार अहमद के परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में लिया है। सीएम योगी ने मृतकों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। उन्होंने घटना पर दुख जाहिर किया है। घटना से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



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लोकसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान- ‘जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’


India

oi-Bhavna Pandey

PM Modi Lok Sabha Speech: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबाेधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में जारी जंग से सर्वाधिक प्रभावित देशों में से एक है, और भारतीय मिशन प्रभावितों की मदद में जुटे हैं।

पीएम मोदी का ये संबोधन ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ता टकराव वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।

Prime Minister Narendra Modi to address Lok Sabha

पीएम मोदी बोले- जहाजों पर हमला अस्वीकार्य

पीएम मोदी ने अपने भाषण में इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से तनाव कम करने और संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों की निंदा की और स्पष्ट किया कि होर्मुज जलसंधि में किसी भी प्रकार की बाधा या वाणिज्यिक जहाजों पर हमले अस्वीकार्य हैं। भारत ने सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किए हैं और बातचीत को ही समस्या का एकमात्र समाधान बताया।

पीएम मोदी ने कहा भारत सरकार आवश्यक सामानों से जुड़े जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के तहत होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फंसे कई भारतीय जहाज सुरक्षित देश लौट पाए हैं।

क्‍या भारत में होगी पेट्रोल और डीजल की कमी?

पीएम मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में हासिल प्रगति का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में, भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात को 27 से बढ़ाकर 41 विभिन्न देशों तक विविधीकृत किया है, जिससे निर्भरता कम हुई है। इसी अवधि में देश की रिफाइनिंग क्षमता में भी वृद्धि हुई है। भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार उपलब्ध है, जिसका लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाना निर्धारित किया गया है।

क्‍या जंग से भारत की अर्थव्‍यवस्‍था पर है संकट?

पीएम मोदी ने बताया वैश्विक अर्थव्यवस्था पर वर्तमान संकट के प्रभावों को स्वीकार करते हुए, सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम कर रही है। एक अंतर-मंत्रालयी समूह प्रतिदिन बैठक कर रहा है और सभी हितधारकों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है।

इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी जोर दिया

पीएम मोदी ने इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहापिछले 10-11 वर्षों में इथेनॉल के उत्पादन और पेट्रोल में उसकी 20% ब्लेंडिंग पर भी महत्वपूर्ण कार्य हुआ है, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिल रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए ईंधन लागत में भी बचत हो रही है।

मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया गया है और वैकल्पिक ईंधनों पर किए जा रहे काम से भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा। खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार है और खरीफ सीजन की बुवाई ठीक से हो सके, इसके लिए सरकार ने खाद्य पदार्थों की पर्याप्त व्यवस्था की है।



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Bihar Board 12th Topper List 2026: आदित्य प्रकाश साइंस के टॉपर, आर्ट्स-कॉमर्स में किसने मारी बाजी? देखें लिस्ट


Career

oi-Kumari Sunidhi Raj

BSEB Bihar Board 12th Topper List 2026: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने आज 23 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही बिहार के करीब 13 लाख छात्र-छात्राओं का लंबा इंतजार खत्म हो गया। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने पटना स्थित बोर्ड मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नतीजे जारी किए।

इस साल का कुल पास प्रतिशत 85.19% रहा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बोर्ड की बेहतर होती साख और छात्रों की मेहनत को दर्शाता है। एक बार फिर बिहार की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, जहां छात्राओं का पास प्रतिशत 86.23% रहा, जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 84.09% दर्ज किया गया।

Bihar Board 12th Topper List 2026

Bihar Board Result Out: साइंस स्ट्रीम की टॉपर्स लिस्ट

  • आदित्य प्रकाश अमन (समस्तीपुर) – 96.2%
  • साक्षी कुमारी (सीतामढ़ी) – 95.8%
  • सपना कुमारी (नवादा) – 95.8%
  • अनामिका कुमारी (बेगूसराय) – 95.6%
  • सत्यम कुमार (दरभंगा) – 95.2%
  • पलक कुमारी (मुजफ्फरपुर) – 95%

ये भी पढ़ें: Bihar Board Result Out: आ गया बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट, फटाफट इस लिंक से करें चेक, ये रहा पूरा प्रोसेस

रिजल्ट चेक करने की प्रक्रिया और आधिकारिक वेबसाइट्स

छात्र अपना स्कोरकार्ड ऑनलाइन मोड में देख सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट धीमी होने पर धैर्य बनाए रखें और नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:

आधिकारिक वेबसाइट्स:

  • biharboardonline.bihar.gov.in
  • results.biharboardonline.com
  • secondary.biharboardonline.com

कैसे देखें अपना रिजल्ट:

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होमपेज पर ‘Intermediate Annual Exam 2026 Result’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल कोड (Roll Code) और रोल नंबर (Roll Number) दर्ज करें।
  • स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा कोड को भरें और ‘View’ बटन पर क्लिक करें।
  • आपका मार्कशीट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, इसे डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

Bihar Board 12th रिजल्ट के महत्वपूर्ण आंकड़े एक नजर में

  • कुल परीक्षार्थी: लगभग 13,17,846
  • कुल पास प्रतिशत: 85.19%
  • लड़कियों का प्रदर्शन: 86.23% पास (कॉमर्स और आर्ट्स में लड़कियां टॉपर)।
  • लड़कों का प्रदर्शन: 84.09% पास (साइंस में छात्र ने किया टॉप)।
  • मेरिट लिस्ट का दबदबा: टॉप 26 में से 19 लड़कियां शामिल हैं।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा के जरिए अपना साल बचाने का मौका दिया जाएगा। इसके अलावा, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे जल्द ही स्क्रूटनी (Scrutiny) के लिए आवेदन कर सकेंगे।

With AI Inputs

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