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AI के भरोसे निवेश कितना सही?: जानिए क्यों मशीन नहीं समझ सकती आपके पैसे और भविष्य की जरूरतें


दुनिया बदल गई है। मशीनी दिमाग यानी AI का जमाना है, जो पलक झपकते ही दुनिया भर के आंकड़े खंगाल देता है। लोग अब अपनी जीवन भर की जमापूंजी यानी म्यूचुअल फंड निवेश के लिए भी इन्हीं मशीनों से सलाह ले रहे हैं। देखने में लुभावना लगता है, एक ऐसा सहायक जो 24 घंटे हाजिर है, जिसे बाजार के हर उतार-चढ़ाव की खबर है और जो मुफ्त में सलाह दे रहा है।

सवाल है क्या यह मशीनी दिमाग आपके सपनों और आपकी जरूरतों को समझ सकता है? सीधा जवाब है, बिल्कुल नहीं!

 

मशीन क्यों नहीं बन सकती आपकी मार्गदर्शक? एक ऐसा आहार विशेषज्ञ जो सेहत, बीमारियों या आपकी पसंद-नापसंद के बारे में पूछे बिना ही एक जैसा पर्चा थमा दे। क्या वह आपकी सेहत सुधार पाएगा? निवेश भी बिल्कुल वैसा ही है। हर इन्सान की जरूरत, उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारी अलग होती है। मशीनी सलाहकारों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वे ‘एक ही लाठी से सबको हांकते’ हैं।

 

क्यों ये मशीनी औजार एक तजुर्बेकार सलाहकार की जगह कभी नहीं ले सकते?


व्यक्तिगत जानकारी का अभाव

मशीन पुराने आंकड़ों और रुझानों का विश्लेषण करती है। मशीन यह नहीं जानती कि आपके पास निवेश के लिए कितना समय है या कितना घाटा सह सकते हैं। एक अच्छा सलाहकार आपसे बात करता है, आपके भविष्य के लक्ष्यों को समझता है और फिर आपके लिए एक विशेष योजना तैयार करता है।

संवेदना और समझ की कमी

जब बाजार गिरता है और पोर्टफोलियो लाल निशान में होता है, तो अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। उस वक्त एक मशीनी चैटबॉट आपको वह ढांढस नहीं बंधा सकता जो एक इन्सान दे सकता है। बाजार की गिरावट में जब आप घबराकर अपना निवेश बेचने की सोचेंगे, तब एक सलाहकार ही आपको सही और गलत का फर्क समझा कर अनुशासन में रख पाएगा।

पुराने आंकड़ों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा

मशीनी दिमाग पूरी तरह से इतिहास पर निर्भर है। बाजार में कल क्या होगा, यह हमेशा बीते हुए कल जैसा नहीं होता। अचानक आए वैश्विक बदलाव, युद्ध या नई सरकारी नीतियां मशीनों के गणित को फेल कर सकती हैं। एक अनुभवी इन्सान इन बदलावों को भांप सकता है और तुरंत अपनी रणनीति बदल सकता है।

मशीनी पक्षपात का खतरा

आर्टिफिशियल मशीन वैसी ही सलाह देगी जैसा उसे सिखाया गया है। अगर उसे सिखाने वाले आंकड़ों में कोई कमी रह गई, तो उसकी सलाह भी पक्षपाती हो सकती है। वह किसी खास तरह की स्कीम की तरफ झुकी हो सकती है, जो शायद आपके लिए सही न हो।

सलाहकार का सही चुनाव जरूरी

यह जरूरी नहीं है कि हर इन्सान सही सलाह दे। बाजार में ऐसे भी लोग हैं, जो सिर्फ अपना कमीशन बनाने के लिए गलत फंड बेच देते हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि आप केवल सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकारों के पास ही जाएं। ये वे लोग हैं जो सरकार के कड़े नियमों और पारदर्शिता के दायरे में रहकर काम करते हैं। इनका उद्देश्य उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि आपके लक्ष्यों को पूरा करना होता है।

AI को बनाएं अपना ‘को-पायलट’


  • मशीनी दिमाग यानी AI आपके ज्ञान को बढ़ाने, जानकारी जुटाने और तुलना करने के लिए एक बेहतरीन औजार हो सकता है।

  • इसे एक ‘को-पायलट’ की तरह इस्तेमाल कीजिए, लेकिन अपनी गाड़ी की स्टीयरिंग इसके हाथ में मत दीजिए।

अस्वीकरण: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य पढ़ने के उद्देश्यों के लिए है। यह दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, आंतरिक रूप से विकसित डाटा और अन्य स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है जिन्हें विश्वसनीय माना जाता है। इस जानकारी को प्राप्त करने वालों को सलाह दी जाती है कि वे स्वयं के विश्लेषण, व्याख्या और जांच पर भरोसा करें।


  • आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड की एक निवेशक शिक्षा और जागरूकता पहल। सभी निवेशकों को एक बार ‘केवाईसी’ प्रक्रिया से गुजरना होगा। निवेशक केवल सेबी (SEBI) पंजीकृत म्यूचुअल फंड में ही निवेश करें।

  • केवाईसी, सेबी पंजीकृत म्यूचुअल फंड की सूची और सेबी स्कोर्स (SCORES) पोर्टल के विवरण सहित शिकायतों के निवारण के बारे में अधिक जानकारी के लिए, इस लिंक पर जाएं: https://mutualfund.adityabirlacapital.com/Investor-Education/education/kyc-and-redressal

  • म्यूचुअल फंड निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन हैं, योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।

अन्य वीडियो:-

 



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Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: शहीद दिवस पर आज दिल्ली में क्या खुला, क्या बंद? ये रहा छुट्टियों का पूरा अपडेट


Delhi

oi-Kumari Sunidhi Raj

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: आज सोमवार, 23 मार्च 2026 को पूरा देश ‘शहीद दिवस’ मना रहा है। यह दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को समर्पित है। दिल्ली के नागरिकों के मन में सुबह से ही यह सवाल है कि क्या आज राजधानी में सार्वजनिक छुट्टी (Public Holiday) है? क्या आज बैंक, स्कूल और सरकारी दफ्तर काम करेंगे या बंद रहेंगे?

आपको बता दें कि दिल्ली में आज जनजीवन पूरी तरह सामान्य है। दिल्ली सरकार के कैलेंडर के अनुसार, 23 मार्च को कोई गजटेड छुट्टी घोषित नहीं की गई है, जिसका मतलब है कि सभी आवश्यक सेवाएं और संस्थान खुले रहेंगे। हालांकि, शहीद दिवस के अवसर पर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि सभाएं और देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh

Delhi News: बैंक और वित्तीय संस्थानों का हाल

आज दिल्ली में सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक (Banks) खुले हुए हैं। अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम जैसे चेक डिपॉजिट, केवाईसी या लोन संबंधी कार्य है, तो आप अपनी नजदीकी ब्रांच में जा सकते हैं। आरबीआई (RBI) के कैलेंडर के मुताबिक आज बैंकिंग हॉलिडे नहीं है। ग्राहक नेट बैंकिंग और एटीएम (ATM) सेवाओं का भी सामान्य रूप से उपयोग कर सकते हैं।

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Delhi Update: स्कूल और कॉलेजों में क्या है स्थिति?

दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल (Schools) आज खुले हैं। बोर्ड परीक्षाओं और नए सत्र की तैयारियों के बीच आज स्कूलों में नियमित कक्षाएं लग रही हैं। कई स्कूलों में सुबह की सभा (Assembly) के दौरान शहीदों को नमन किया गया और बच्चों को उनके वीरतापूर्ण कार्यों के बारे में बताया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और अन्य कॉलेज भी आज अपने निर्धारित समय पर खुले हैं।

Delhi News: बाजार और सार्वजनिक परिवहन

राजधानी के मुख्य बाजार जैसे चांदनी चौक, सदर बाजार, सरोजिनी नगर और कनॉट प्लेस (CP) आज खुले हैं और वहां सामान्य व्यापारिक गतिविधियां जारी हैं। परिवहन की बात करें तो दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) और डीटीसी (DTC) बसें अपने पीक-आवर शेड्यूल के अनुसार चल रही हैं। यात्रियों को आवाजाही में किसी विशेष रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Haryana Holiday Today: हरियाणा में आज सरकारी छुट्टी

ध्यान रखने वाली बात यह है कि दिल्ली से सटे राज्य हरियाणा (Gurugram/Faridabad) में आज शहीद दिवस पर आधिकारिक छुट्टी घोषित है। हरियाणा सरकार के कैलेंडर के अनुसार, वहां के सरकारी स्कूल, कॉलेज और कुछ सरकारी दफ्तर आज बंद रह सकते हैं। अगर आप काम के सिलसिले में दिल्ली से हरियाणा जा रहे हैं, तो वहां के स्थानीय अवकाश की जानकारी जरूर कर लें।

With AI Inputs

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Anjali Arora Net Worth: ‘काचा बादाम गर्ल’ ने शुरू किया ये बिजनेस, कैसे छापेंगी नोट? कितनी संपत्ति की मालकिन?


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Anjali Arora Net Worth: सोशल मीडिया सेंसेशन और काचा बादाम गर्ल के नाम से मशहूर अंजलि अरोड़ा अब एक नए अवतार में नजर आ रही हैं। डांस वीडियोज से पहचान बनाने वाली अंजलि ने अब बिजनेस की दुनिया में कदम रखते हुए अपना पहला ब्रांड और लग्जरी सलून लॉन्च कर दिया है।

सपना हुआ सच, खोला पहला सलून
अंजलि अरोड़ा ने हाल ही में अपने पहले सलून का उद्घाटन किया, जिसमें उनके परिवार और करीबी लोग शामिल हुए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए अपनी खुशी जाहिर की है और बताया है कि ये उनका लंबे समय से देखा गया सपना था।

Anjali Arora

अंजलि अरोड़ा ने बेंगलुरु में खोला शानदार सलून

-अंजलि अरोड़ा ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा है कि इस ब्रांड और सलून के हर एक कोने को उन्होंने खुद डिजाइन किया है, जो इसे और भी खास बनाता है। अंजलि का ये पहला सलून बेंगलुरु के बसवेश्वरनगर इलाके में खोला गया है।

-ये अंजलि अरोड़ा की फ्रेंचाइजी का पहला आउटलेट है जिसे बेहद लग्जरी और मॉडर्न लुक दिया गया है। फैंस सोशल मीडिया पर सलून की झलक देखकर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और इस नई शुरुआत के लिए बधाई दे रहे हैं।

कम उम्र में बना ली करोड़ों की प्रॉपर्टी

सिर्फ 26 साल की उम्र में अंजलि अरोड़ा ने शानदार प्रॉपर्टीज भी खड़ी कर ली है। आपको बता दें कि साल 2023 में उन्होंने दिल्ली में करीब 4 करोड़ का घर खरीदा था। इसके बाद दिल्ली में ही एक और घर लेकर उसका रेनोवेशन कराया था। इसके अलावा मुंबई और गुरुग्राम में भी अंजलि अरोड़ा की लग्जीरियस प्रॉपर्टीज मौजूद हैं।

रातोंरात सोशल मीडिया स्टार बन गई थीं अंजलि अरोड़ा

अंजलि अरोड़ा को असली पहचान तब मिली जब उनका काचा बादाम गाने पर बना डांस वीडियो वायरल हो गया था। एक रील ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था और सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ गई थी।

रिएलिटी शो से मिली नई पहचान

इसके बाद अंजलि अरोड़ा ने फेमस रिएलिटी शो Lock Upp में हिस्सा लिया था, जिसे बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने होस्ट किया था। इस शो ने अंजलि अरोड़ा की पॉपुलैरिटी को और अधिक बढ़ा दिया था और उन्हें मेनस्ट्रीम ऑडियंस तक पहुंचाया।

अंजलि अरोड़ा की कुल संपत्ति और कमाई

-आज के समय में अंजलि अरोड़ा सोशल मीडिया, ब्रांड एंडोर्समेंट और म्यूजिक वीडियोज के जरिए तगड़ी कमाई कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्सके मुताबिक अंजलि अरोड़ा इस समय करीब 4 से 5 करोड़ रुपए की संपत्ति की मालकिन हैं।

-अंजलि अरोड़ा एक इंस्टाग्राम पोस्ट के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये तक की फीस लेती हैं। ऐसे में वह महीनेभर में 50 लाख रुपये से ज्यादा कमा लेती हैं। एक समय ऐसा भी था जब वह सिर्फ 300 रुपये कमाती थीं।

21 साल की उम्र से कमा रही हैं पैसे

अंजलि अरोड़ा ने एक TED Talk के दौरान अपनी जिंदगी का संघर्ष शेयर किया था। अंजलि ने बताया था कि 21 साल की उम्र में उन्होंने कमाना शुरू कर दिया था। पढ़ाई में एवरेज होने के बावजूद उनकी रुचि अलग चीजों में थी और उन्होंने सोशल मीडिया को ही अपना करियर बना लिया।

टिकटॉक से इंस्टाग्राम तक का सफर

अंजलि अरोड़ा ने करियर की शुरुआत टिकटॉक से की थी लेकिन कोरोना काल में ऐप बंद होने के बाद उन्हें लगा कि उनका करियर खत्म हो गया है। हालांकि इंस्टाग्राम रील्स ने उनकी किस्मत बदल दी। अंजलि के एक लाख की फॉलोअर्स की संख्या एकदम से 8 मिलियन पर पहुंच गई है।

अंजलि अरोड़ा के पास हैं लग्जीरियस गाड़ियां

अंजलि अरोड़ा के पास महंगी गाड़ियां भी मौजूद हैं। उनके पास 48.50 लाख रुपये की एक Jaguar XE और एक किया सोनेट है, जिसकी कीमत 12 लाख रुपये बताई जाती है। साल 2023 में अंजलि अरोड़ा ने पापा भी को भी एक महंगी कार गिफ्ट की थी।



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गुजरात दौरे पर जाएंगे राहुल गांधी: वडोदरा में आदिवासी अधिकार संवाद कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार की नीतियों पर करेंगे चर्चा




राहुल गांधी सोमवार को वडोदरा में ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में आदिवासी क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए लगभग 1,000 आदिवासी डॉक्टर, इंजीनियर, गैर सरकारी संगठन (NGO) के सदस्य, कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ाई तेज करना, सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व और मनरेगा व अन्य योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर चर्चा करना है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सम्मेलन के बाद, राहुल गांधी पार्टी के राज्य नेतृत्व के साथ भी बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। गुजरात कांग्रेस के नेता अमित चावडा ने कहा कि राहुल गांधी दोपहर 2 बजे वडोदरा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और करीब एक घंटे बाद अजवा रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से आदिवासी कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल होंगे। आदिवासी संस्कृति, शिक्षा और वनाधिकार कानून (Forest Rights Act) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यकर्ता पैनल डिस्कशन में भाग लेंगे। इसी महीने हो सकता है निकाय चुनाव का ऐलान
गुजरात में नगर निगम और जिला पंचायत चुनावों की घोषणा होने वाली है। राज्य विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 26 मार्च गुजरात राज्य चुनाव आयोग लोकल बॉडी चुनावों के लिए शेड्यूल का ऐलान कर सकता है। इससे पहले राहुल गांधी पिछले साल 12 सितंबर को जूनागढ़ पहुंचे थे, तब उन्होंनें सभी जिला अध्यक्षों के कार्यक्रम को संबोधित किया था। निकाय चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी के दौरे के बाद कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं के बीच गुजरात आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
देश में आंदोलन की शुरुआत गुजरात से होगी: चावडा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि देश में लोगों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। हर तरफ से अतिक्रमण हो रहा है। सरकार रक्षा करने के बजाय समर्थन कर रही है। आदिवासी समुदाय के जल और वन भूमि के अधिकार छीने जा रहे हैं। आज भी आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। आज भी आदिवासियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। विकास बजट में भी भारी भेदभाव है। आदिवासियों के नाम पर आवंटित बजट में भ्रष्टाचार है। गुजरात में आदिवासी समुदाय के लोग विभिन्न मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। यह समुदाय वर्तमान में संघर्षरत है। राहुल गांधी गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में संघर्ष कर रहे युवाओं, महिलाओं, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों के लोगों से सीधे संवाद करने के लिए गुजरात आ रहे हैं। गुजरात से ही देश में आदिवासी समुदाय के लिए आंदोलन की शुरुआत होगी। ———————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को पेश हो सकता है विधेयक उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। पूरी खबर पढ़ें…



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West Bengal Election 2026: बंगाल की ये 7 सीटें बना सकती हैं नया CM! जहां हार-जीत का अंतर 1000 वोट से भी था कम


India

oi-Pallavi Kumari

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। मतदान 23 और 29 अप्रैल को होना है और नतीजे 4 मई को आएंगे। लेकिन इस बार असली लड़ाई सिर्फ बड़ी सीटों पर नहीं, बल्कि उन सीटों पर होगी जहां पिछले चुनाव 2021 में जीत और हार का अंतर 1000 वोट से भी कम था।

यही वो सीटें हैं, जहां थोड़ा सा झुकाव पूरे चुनाव का गणित बदल सकता है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इन ‘माइक्रो सीट्स’ पर ही 2026 का ‘गेम चेंजर’ छिपा है।

West Bengal Election 2026

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 7 सीटों पर मुकाबला इतना करीबी था कि जीत का अंतर 1000 वोट से भी कम रहा। दिनहाटा विधानसभा सीट पर सिर्फ 57 वोटों से जीत दर्ज की गई थी। इसका मतलब साफ है कि इन सीटों पर वोटर का मूड थोड़ा सा बदलते ही नतीजा पलट सकता है। इन सीटों पर न सिर्फ पार्टी की ताकत, बल्कि उम्मीदवार की छवि, स्थानीय मुद्दे और बूथ मैनेजमेंट बहुत बड़ा रोल निभाते हैं। आइए जानते हैं वो 7 विधानसभा सीट के बारे में और वहां हार-जीत का अंतर कितना था।

बंगाल की ये हैं वो सीटें जहां हुआ था कांटे का मुकाबला

क्रमांक सीट कुल वैध वोट विजेता पार्टी विजेता वोट उपविजेता पार्टी उपविजेता वोट जीत का अंतर
1 दिनहाटा 2,43,751 निशीथ प्रमाणिक बीजेपी 1,16,035 उदयन गुहा टीएमसी 1,15,978 57
2 बलरामपुर 1,97,965 बनश्वर महतो बीजेपी 89,521 शांतराम महतो टीएमसी 89,098 423
3 दांतन 1,97,798 बिक्रम चंद्र प्रधान टीएमसी 95,209 शक्तिपद नायक बीजेपी 94,586 623
4 कुल्टी 1,74,767 अजय कुमार पोद्दार बीजेपी 81,112 उज्जल चटर्जी टीएमसी 80,433 679
5 तमलुक 2,36,031 सौमेन कुमार महापात्र टीएमसी 1,08,243 हरे कृष्ण बेड़ा बीजेपी 1,07,450 793
6 जलपाईगुड़ी 2,25,933 डॉ. प्रदीप कुमार बरमा टीएमसी 95,668 सुजीत सिंघा (पिकू) बीजेपी 94,727 941
7 घाटाल 2,25,375 सीतल कपाट बीजेपी 1,05,812 शंकर दोलाई टीएमसी 1,04,846 966

Bengal Chunav में बड़ा दांव! RG Kar पीड़िता की मां को टिकट दे सकती है BJP, ममता के गढ़ में भावनात्मक मुकाबला?

क्यों ये सीटें हैं ‘गेम चेंजर’?

इन सीटों का सबसे बड़ा फैक्टर है ‘लो मार्जिन’। जब जीत का अंतर 1000 वोट से कम हो, तो इसका मतलब है कि सिर्फ 1-2% वोट स्विंग भी नतीजा बदल सकता है।

राजनीतिक तौर पर इसे ‘स्विंग सीट’ कहा जाता है। यहां पर

  • उम्मीदवार बदलते ही समीकरण बदल सकता है
  • स्थानीय मुद्दे चुनाव का रुख तय कर सकते हैं
  • गठबंधन या बगावत का असर सीधा परिणाम पर पड़ता है
  • यानी ये सीटें किसी भी पार्टी के लिए आसान नहीं हैं।

2026 में क्या बदलेगा?

2026 के चुनाव में दोनों प्रमुख पार्टियां इन सीटों पर खास फोकस कर रही हैं। बीजेपी यहां बूथ लेवल मैनेजमेंट मजबूत कर रही है। टीएमसी अपने पुराने वोट बैंक को बचाने और बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इन सीटों पर उम्मीदवार चयन सबसे बड़ा फैक्टर है। 2021 में जहां मामूली अंतर से जीत मिली थी, वहां इस बार नए चेहरे या मजबूत स्थानीय नेता उतारे गए हैं।

इन सीटों पर जातीय समीकरण, ग्रामीण-शहरी संतुलन और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे निर्णायक होंगे। उदाहरण के तौर पर दिनहाटा और बलरामपुर जैसी सीटों पर सीमावर्ती मुद्दे असर डालते हैं। कुल्टी और घाटाल में औद्योगिक और रोजगार के मुद्दे अहम हैं। तमलुक और जलपाईगुड़ी में स्थानीय विकास और संगठन की ताकत काम करती है

2021 में ये सीटें भले ही ‘करीबी मुकाबले’ के रूप में सामने आईं, लेकिन 2026 में यही सीटें सत्ता की चाबी बन सकती हैं। अगर किसी एक पार्टी ने इन 7 सीटों में से 4-5 सीटें भी अपने पक्ष में कर लीं, तो पूरे राज्य का राजनीतिक समीकरण बदल सकता है। यही वजह है कि इस बार बंगाल चुनाव में असली खेल इन ‘1000 वोट’ वाली सीटों पर ही होगा।



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वैश्विक बाजार में बड़ी राहत: ट्रंप के ईरान पर सैन्य कार्रवाई टालने के बाद टूटा कच्चा तेल, कीमतें 15% तक फिसलीं


पश्चिम एशिया में चल रहे गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और बुनियादी ढांचे पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को टालने के आदेश के बाद, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़े कूटनीतिक कदम से तेल बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया, जिससे कीमतें अपने हालिया उच्चतम स्तरों से काफी नीचे आ गई हैं।

आंकड़ों में गिरावट: ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड का हाल

बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के इस फैसले के बाद तेल की कीमतों में 13 प्रतिशत से अधिक की कुल गिरावट देखी गई है। बाजार में इस डी-एस्केलेशन (तनाव में कमी) का सीधा असर दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क पर पड़ा है:


  • ब्रेंट क्रूड: 11:08 GMT तक, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा में लगभग 17 डॉलर यानी 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 96 डॉलर प्रति बैरल के सत्र के निचले स्तर पर आ गया।

  • डब्ल्यूटीआई क्रूड: इसी तर्ज पर, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) में भी भारी बिकवाली देखी गई। यह 13 डॉलर या लगभग 13.5 प्रतिशत टूटकर 85.28 डॉलर प्रति बैरल के सत्र के निचले स्तर पर पहुंच गया।

तनाव का असर: 100 डॉलर के पार क्यों गया था तेल?


इस तेज गिरावट को समझने के लिए बाजार के हालिया रुझानों पर गौर करना जरूरी है। इससे पहले, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया था और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इस भारी उछाल का मुख्य कारण ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमले थे। इन हमलों की वजह से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य, व्यावहारिक रूप से  बंद हो गया था। आपूर्ति बाधित होने के इस सीधे खतरे ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की स्थिति पैदा कर दी थी।



अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए इसके मायने?


ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई टलने का अर्थ है कि फिलहाल खाड़ी क्षेत्र से तेल उत्पादन और आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है। 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी कीमतों का 96 डॉलर (ब्रेंट) और 85.28 डॉलर (डब्ल्यूटीआई) पर वापस लौटना, वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आयातक देशों के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। जहाजों पर हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से जो आपूर्ति का जोखिम पैदा हुआ था, वह सैन्य कार्रवाई टलने से बाजार की नजरों में थोड़ा कम हुआ है।



भू-राजनीतिक मोर्चे पर यह तनाव में कमी ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि तेल की कीमतों में यह भारी सुधार आ गया है, लेकिन बाजार की नजरें अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका-ईरान के बीच आगे की कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी रहेंगी। यदि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य होती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में आगे और अधिक स्थिरता देखने को मिल सकती है।





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उत्तराखंड की ब्यूटी क्वीन बोलीं- अब मिस इंडिया जीतना है: बचपन की बीमारी को हराकर जीता क्राउन; आगे का प्लान बताया – Dehradun News


आंचल फर्स्वाण से अपने सफर, चुनौतियों और आगे की तैयारियों को लेकर खास बातचीत की।

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यह कहना है उत्तराखंड की ब्यूटी क्वीन आंचल फर्स्वाण का। उन्होंने साफ कहा- अब नेशनल मंच पर उत्तराखंड के लिए क्राउन जीतना है।

चमोली के पीपलकोटी की रहने वाली 22 वर्षीय आंचल फर्स्वाण ने बीते शनिवार फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 का खिताब जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। अब उनकी नजरें 18 अप्रैल को उड़ीसा के भुवनेश्वर में होने वाले फेमिना मिस इंडिया के राष्ट्रीय मंच पर टिकी हैं, जहां वे उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। बचपन में कमजोर इम्यूनिटी के कारण अक्सर बीमार रहने वाली आंचल ने खुद को कमजोर नहीं बनने दिया। उन्होंने उसी अनुभव को अपनी ताकत बनाया और कुछ कर गुजरने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर ने आंचल फर्स्वाण से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने सफर, चुनौतियों, सपनों और नेशनल स्टेज की तैयारियों को लेकर खुलकर बात की।

क्राउन जीतने के बाद मंच से खुशी जतातीं आंचल फर्स्वाण।

अब सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत…

सवाल: फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड का ताज जीतने तक आपकी यात्रा कैसी रही? जवाब: फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 बनने का मेरा यह सफर बेहद खास रहा है। इस पल को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक तरफ खिताब जीतने की खुशी है, वहीं अब फेमिना मिस इंडिया को लेकर थोड़ा नर्वस भी हूं, क्योंकि उत्तराखंड के लिए क्राउन लेकर आना है। मेरी सबसे बड़ी मोटिवेशन मेरी मां रही हैं। उतार-चढ़ाव के हर दौर में उन्होंने मेरा साथ दिया। हाउसवाइफ होने के बावजूद उन्होंने हमेशा मुझे सपोर्ट किया। मेरा सपना है कि आगे आने वाले खिताब जीतकर उन्हें समर्पित करूं।

सवाल: इस मुकाम तक पहुंचने में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा? क्या कभी लगा कि छोड़ देना चाहिए? जवाब: मुझे खास चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि मेरे माता-पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया और मेरी राह आसान बनाई। हालांकि आज भी कई परिवारों में यह धारणा है कि मॉडलिंग में करियर नहीं बनाना चाहिए, लेकिन मेरे हिसाब से यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हर लड़की को अपनी आवाज देता है। अगर आप में क्षमता है, तो यह आपको आगे बढ़ने का हौसला देता है। आज मैं यहां तक पहुंची हूं, तो उसके पीछे मेरी मां और मेरे मार्गदर्शकों का बड़ा योगदान है, जिनका मैं दिल से धन्यवाद करती हूं।

फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 में जीतने के बाद आंचल।

फेमिना मिस इंडिया उत्तराखंड 2026 में जीतने के बाद आंचल।

सवाल: मॉडलिंग में आने से पहले आप क्या कर रही थीं? आपकी पर्सनालिटी को किसने सबसे ज्यादा शेप किया? जवाब: मैं फिलहाल दून पैरामेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में ग्रेजुएशन कर रही हूं। इसे चुनने के पीछे एक खास वजह है- मैं बचपन में अक्सर बीमार रहती थी। मुझे पता है कि बीमारी के दौरान व्यक्ति खुद को कितना असहाय महसूस करता है। यही अनुभव मेरी पर्सनालिटी को सबसे ज्यादा शेप करने वाला रहा। मैं उन लोगों की मदद करना चाहती हूं जो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या हार मान चुके हैं। मेरा मानना है कि अगर मैं खुद बीमारी को हराकर आगे बढ़ सकती हूं, तो कोई भी ऐसा कर सकता है।

सवाल: अब नेशनल स्टेज पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना है, इसके लिए आपकी तैयारी कैसी चल रही है? जवाब: इस खिताब के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आई है। मेरा लक्ष्य भुवनेश्वर में होने वाला फेमिना मिस इंडिया जीतना है। इसके लिए मैं कम्युनिकेशन स्किल, ग्रूमिंग, फिजिकल और मेंटल फिटनेस हर पहलू पर फोकस कर रही हूं।

खिताब जीतने के बाद परिवार के साथ खुशी जाहिर करतीं आंचल।

खिताब जीतने के बाद परिवार के साथ खुशी जाहिर करतीं आंचल।

सवाल: आगे आपका सपना क्या है? सिर्फ मॉडलिंग या उससे आगे भी कुछ प्लान है? उत्तराखंड की लड़कियों को क्या संदेश देना चाहेंगी? जवाब: मेरा सपना सिर्फ मॉडलिंग तक सीमित नहीं है। मैं लोगों को मोटिवेट करना चाहती हूं, खासकर मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। आजकल काम के दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण लोग डिप्रेशन और एंजायटी का शिकार हो रहे हैं। मैं एनजीओ के जरिए ऐसे लोगों की मदद करना चाहती हूं। लड़कियों से यही कहना चाहूंगी कि खुद को कभी कमजोर मत समझो। जिस दिन आप खुद पर भरोसा कर लेंगी, उस दिन आपके लिए कुछ भी असंभव नहीं रहेगा।

सवाल: क्या भविष्य में फिल्म इंडस्ट्री में भी कदम रखने की योजना है? जवाब: जी हां, अगर मौका मिला तो जरूर फिल्म इंडस्ट्री में काम करना चाहूंगी। बचपन से ही मुझे डांस, एक्टिंग और स्पोर्ट्स में रुचि रही है। अगर अच्छे प्रोजेक्ट्स मिलते हैं, तो मैं जरूर इस दिशा में आगे बढ़ना चाहूंगी।

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पति का मजाक बना चैंपियन प्रतिभा के लिए टर्निंग प्वॉइंट:43 की उम्र में जीती बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप, बोलीं- उत्तराखंड की बेटियां किसी से कम नहीं

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8 फरवरी को नेशनल वुमन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उत्तराखंड की बेटी प्रतिभा ने साबित कर दिया कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। कभी थायरॉइड, लो बीपी और 88 किलो वजन से जूझ रही प्रतिभा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली चैंपियन बन चुकी हैं। (पढ़ें पूरी खबर)



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PM Kisan Yojana: नहीं आ रही पीएम किसान की OTP? घर बैठे झटपट ऐसे बदलें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर


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PM Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) के तहत मिलने वाली 2000 रुपये की किस्त का इंतजार करोड़ों किसान कर रहे हैं। हालांकि, कई किसान ऐसे हैं जिनका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो चुका है या वे अपना नया नंबर पोर्टल पर रजिस्टर करना चाहते हैं। जब किसान भाई आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नंबर बदलने की कोशिश करते हैं, तो सबसे बड़ी रुकावट ‘OTP Not Coming’ यानी ओटीपी न आने की समस्या बन जाती है।

कई बार घंटों इंतजार के बाद भी मैसेज नहीं आता, जिससे किसान परेशान होकर प्रक्रिया बीच में ही छोड़ देते हैं। इस समस्या के पीछे अक्सर सर्वर डाउन होना या आधार कार्ड के साथ गलत मोबाइल नंबर का लिंक होना मुख्य कारण होता है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टल पर एक साथ लाखों लोगों के लॉगिन करने से सिस्टम क्रैश हो जाता है। अगर आप भी इस तकनीकी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है।

PM Kisan Yojana: नहीं आ रही पीएम किसान की OTP? घर बैठे झटपट ऐसे बदलें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर

OTP न आने की 3 बड़ी वजहें और उनका सुधार

अगर आपके फोन पर ओटीपी नहीं आ रहा है, तो सबसे पहले अपने मोबाइल की DND (Do Not Disturb) सेटिंग चेक करें। कई बार यह सर्विस ट्रांजेक्शनल मैसेज को ब्लॉक कर देती है। दूसरी बड़ी वजह ब्राउजर का पुराना डेटा (Cache) है; इसके लिए आप हमेशा ‘Incognito Mode’ का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपका वही मोबाइल नंबर सक्रिय है जो आपके आधार कार्ड से जुड़ा है, क्योंकि सिस्टम सबसे पहले आधार ऑथेंटिकेशन के लिए उसी नंबर पर ओटीपी भेजता है।

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PM Kisan पोर्टल पर नंबर अपडेट करने का सही तरीका

नंबर बदलने के लिए सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं। यहां ‘Farmers Corner’ में ‘Updation of Self Registered Farmers’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर और कैप्चा भरकर सर्च करें। अब अपनी प्रोफाइल में जाकर नया मोबाइल नंबर दर्ज करें और ‘Get OTP’ पर क्लिक करें। ध्यान रहे, ओटीपी आने में कभी-कभी 2-5 मिनट का समय लग सकता है, इसलिए बार-बार ‘Resend’ बटन न दबाएं।

PM Kisan: बिना OTP के ऐसे बदलें मोबाइल नंबर

यदि ऑनलाइन पोर्टल से काम नहीं बन रहा है, तो आप Face Authentication (चेहरा प्रमाणीकरण) का सहारा ले सकते हैं। इसके लिए ‘PM Kisan Mobile App’ डाउनलोड करें। इसमें चेहरे के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाती है, जिसमें किसी ओटीपी की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, आप अपने नजदीकी CSC (जन सेवा केंद्र) पर जाकर बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) के जरिए भी अपना नंबर तुरंत अपडेट करवा सकते हैं।

PM Kisan: कृषि कार्यालय से भी ले सकते हैं मदद

अगर ऊपर दिए गए सभी तरीके फेल हो जाएं, तो अपने जिले के कृषि विभाग (Agriculture Department) में जाकर नोडल अधिकारी से मिलें। वहां एक साधारण फॉर्म भरकर और आधार की फोटोकॉपी देकर आप अपना रिकॉर्ड मैन्युअल रूप से अपडेट करवा सकते हैं। नंबर अपडेट होने के बाद कम से कम 48 घंटे का इंतजार करें, जिसके बाद पोर्टल पर आपका नया नंबर दिखने लगेगा।

With AI Inputs

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LPG Crisis: पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की नजर, सरकार बोली- सुरक्षा व आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भारत सरकार लगातार नजर रख रही है। विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में फंसे या कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर कई विश्व नेताओं से बातचीत की है।

एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर क्या जानकारी दी गई?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एलपीजी आपूर्ति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, वितरक जहाजों में कोई कमी नहीं है। अफरा-तफरी में हुई एलपीजी बुकिंग में कमी आई है। अब आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। सरकार के बयान के अनुसार, मार्च के पहले तीन हफ्तों में शहर गैस वितरण इकाइयों ने साढ़े तीन लाख से अधिक घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी किए हैं। घरेलू एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। घबराहट में बुकिंग में भी काफी कमी आई है।

भू-राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर एलपीजी आपूर्ति की निगरानी जारी है। वितरकों पर किसी सूखे की सूचना नहीं मिली है। सरकार ने 20 फीसदी वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति बहाल की है। पीएनजी विस्तार हेतु कारोबार सुगमता सुधारों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त 10 फीसदी वाणिज्यिक एलपीजी देने का प्रस्ताव है। रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी उत्पादन संकट-पूर्व स्तरों से बढ़ा है। सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी नहीं बताई है। पर्याप्त स्टॉक होने के कारण नागरिकों को घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी गई है।

घरेलू पीएनजी और कमर्शियल सीएनजी की 100% आपूर्ति हो रही सुनिश्चित

प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को संरक्षित आपूर्ति मिल रही है, जिसमें घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन को 100 फीसदी आपूर्ति शामिल है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को करीब 80 फीसदी आपूर्ति विनियमित की जा रही है। शहर गैस वितरण इकाइयों को वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह मिली है। आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियां प्रोत्साहन दे रही हैं। प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से पीएनजी पर स्विच करने का अनुरोध किया गया है।

सरकारी पहल और समन्वय के बारे में सरकार ने क्या बताया?

भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सीजीडी नेटवर्क विस्तार के लिए आवश्यक आवेदनों को शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय को राजस्थान और मध्य प्रदेश से सीजीडी व पीएनजी सुधारों पर आवेदन मिले हैं, जिनकी जांच हो रही है। सरकार ने केंद्रीय मंत्रालयों से सीजीडी बुनियादी ढांचे की लंबित अनुमतियों को तेजी से निपटाने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्रालयों से अपने प्रतिष्ठानों में पीएनजी मांग का मूल्यांकन कर नोडल अधिकारी नामित करने का अनुरोध है।



विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति से भी बात की है। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इन हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हुआ है। साथ ही, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का महत्व दोहराया कि जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। उन्होंने ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने कहा कि मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

समुद्री सुरक्षा और जहाजों की वापसी पर क्या बताया गया?

बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने समुद्री सुरक्षा पर बात की। डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ लगातार समन्वय में है। पिछले 24 घंटों में 13 जहाजों की वापसी हुई है। यदि 48 घंटे की अवधि देखें, तो कुल 34 जहाजों की वापसी हुई है। डीजी शिपिंग के संचार केंद्र, 24/7 डीजीकॉम सेंटर को पिछले 24 घंटों में 60 टेलीफोन कॉल और 129 ईमेल प्राप्त हुए। इन सभी का विधिवत जवाब दिया गया है।

भारत के राजनयिक प्रयासों के बारे में क्या जानकारी दी गई?

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर कई विश्व नेताओं से बात की है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से भी इस विषय पर चर्चा की। भारत ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की है। इन हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं बाधित हुई हैं। भारत नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और जहाजरानी मार्गों को सुरक्षित रखने पर जोर दे रहा है। विदेश मंत्रालय भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।





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आज का कर्क राशिफल 23 मार्च 2026: रिश्तों में रहेगी मिठास, होगा धनलाभ


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Kark Rashifal: आज कर्क राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा भावनात्मक और चिंतनशील रह सकता है, जहाँ आपको अपने मन की आवाज़ सुनने की ज़रूरत पड़ेगी। निजी रिश्तों में कुछ पुरानी बातें फिर से सामने आ सकती हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा।

कामकाज में भी आपको शांत रहकर परिस्थितियों का सामना करना होगा, क्योंकि जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले उलझनें बढ़ा सकते हैं। कुल मिलाकर, यह दिन आत्म-चिंतन और रिश्तों को मज़बूत करने का है।

Aaj Ka Kark Rashi Rashifal 23 March 2026

सामान्य भविष्यफल: आज आप अपने भीतर कुछ भावनात्मक उथल-पुथल महसूस कर सकते हैं, इसलिए अपने मन को शांत रखने का प्रयास करें। यह समय अपने मन की बात सुनने और उन रिश्तों को प्राथमिकता देने का है जो आपके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। किसी भी तरह के विवाद से बचने की कोशिश करें और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने पर ज़ोर दें। शाम का समय परिवार के साथ बिताने से मन को सुकून मिलेगा और आप तरोताज़ा महसूस करेंगे।

स्वास्थ्य: मानसिक तनाव का असर आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर दिख सकता है। पेट से जुड़ी हल्की-फुल्की समस्याएँ परेशान कर सकती हैं, इसलिए खान-पान का विशेष ध्यान रखें और हल्का भोजन करें। योग या ध्यान जैसी गतिविधियाँ आपको शांत रहने में मदद करेंगी और ऊर्जा का स्तर बनाए रखेंगी। पर्याप्त नींद लेना भी ज़रूरी है ताकि आप अगले दिन के लिए तैयार रहें।

करियर/वित्त: कार्यक्षेत्र में आज कुछ अप्रत्याशित चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, जिनसे निपटने के लिए आपको अपनी सूझबूझ और धैर्य का इस्तेमाल करना होगा। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाना महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि टीम वर्क से ही आप मुश्किलों से निकल पाएंगे। आर्थिक मामलों में कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें, ख़ासकर निवेश से जुड़े मामलों में जल्दबाज़ी न करें और विशेषज्ञों की सलाह लें।

प्रेम: प्रेम संबंधों में आज पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखना ज़रूरी है। पार्टनर के साथ किसी पुरानी गलतफहमी को दूर करने का यह अच्छा मौका है, खुलकर बात करें। सिंगल जातकों को किसी नए रिश्ते की शुरुआत में थोड़ा संयम बरतने की सलाह दी जाती है, भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें। परिवार के सदस्यों के साथ भी भावनात्मक जुड़ाव महसूस होगा और आप उनके साथ अच्छा समय बिताएंगे।

शुभ अंक: 2

शुभ रंग: सफेद, क्रीम

मंत्र: ॐ सोमाय नमः

पूजनीय देवता: भगवान शिव

ग्रहों का प्रभाव:

चंद्रमा: आपकी राशि का स्वामी चंद्रमा आज कुछ संवेदनशील स्थिति में है, जिसके कारण आपकी भावनाएँ थोड़ी अस्थिर रह सकती हैं। मन में कई तरह के विचार आ सकते हैं, इसलिए शांत रहकर निर्णय लेना बेहतर होगा और अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनें।

मंगल: मंगल की स्थिति कार्यक्षेत्र में थोड़ी बेचैनी या प्रतिस्पर्धा का माहौल बना सकती है। आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने और टकराव से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।

बुध: बुध की चाल संचार में कुछ गलतफहमी पैदा कर सकती है। अपनी बात स्पष्ट रूप से कहने का प्रयास करें और दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें ताकि कोई भी गलतफहमी पैदा न हो।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सही मंच चुनें, उन्हें दबाकर न रखें, चाहे वह दोस्त हों या परिवार।
  • करियर से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाज़ी न करें, अनुभवी लोगों से सलाह लें और सभी पहलुओं पर विचार करें।
  • सोशल मीडिया पर ज़्यादा समय बिताने की बजाय वास्तविक दुनिया के रिश्तों पर ध्यान दें और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं।
  • अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, खासकर मानसिक शांति के लिए कुछ समय निकालें, जैसे कि ध्यान या प्रकृति में घूमना।
  • नए कौशल सीखने या अपनी हॉबी को समय देने से आपको सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी और आप खुद को बेहतर महसूस करेंगे।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणामों में भिन्नता संभव है।

आपका दिन शुभ हो और आप हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास से करें!



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