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Puducherry Elections 2026: बीजेपी की 9 उम्मीदवारों की सूची जारी, नमशिवायम को भी चुनावी मैदान में उतारा


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oi-Bhavna Pandey

Puducherry Assembly Elections 2026: पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी पहली सूची जारी करते हुए कुल 9 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

इस सूची में पार्टी प्रमुख और वर्तमान गृह मंत्री ए. नमशिवायम का नाम भी शामिल है। इन्‍हें भाजपा ने मान्नाडीपेट विधानसभा सीट से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है।

Puducherry Assembly Elections 2026

कौन हैं वो 9 उम्‍मीदवार?

बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों के चयन में विविध क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा है। सूची में ओसुद्दु (SC) से ई. थीप्पैन्तन, कालापेट से पी.एम.एल. कल्याणसुंदरम, राज भवन से वी.पी. रामालिंगम, मुदलियारपेट से ए. जॉनकुमार, मनवेली से एम्बलम आर. सेल्वम, तिरुनल्लार से जी.एन.एस. राजशेखरन, नेरवी-टी.आर. पत्तिनम से टी.के.एस.एम. मीनाचिसुंदरम और माहे से ए. दिनेशन शामिल हैं।

Puducherry Elections | BJP releases a list of 9 candidates for the upcoming election in the UT.

Puducherry Home Minister A. Namassivayam to contest from Mannadipet. pic.twitter.com/Zi7J2sEVHU

— ANI (@ANI) March 21, 2026 “>

कब है पुडुचेरी में चुनाव, कितनी हैं सीटें?

पुडुचेरी में कुल 30 विधानसभा सीटें हैं, और किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 16 सीटें जीतनी आवश्यक होंगी। बीजेपी ने 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव रणनीति तैयार कर रही है। मतदान 9 अप्रैल 2026 को और मतगणना 4 मई 2026 को होगी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह चुनाव प्रदेश के भविष्य और सत्ता समीकरण दोनों पर निर्णायक प्रभाव डालेगा।





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Bengaluru Tunnel Road Project: ₹17,698 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए 4 कंपनियों ने लगाई बोली


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oi-Smita Mugdha

Bengaluru Tunnel Road Project: बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रस्तावित ₹17,698 करोड़ की नॉर्थ-साउथ टनल रोड परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए अडानी समूह सहित चार प्रमुख कंपनियों ने अपनी बोलियां जमा कर दी हैं। यह परियोजना शहर के उत्तरी हिस्से हेब्बाल को दक्षिण के सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से जोड़ेगी, जिससे शहर के प्रमुख कॉरिडोर पर यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

यह टनल रोड करीब 16.74 किलोमीटर लंबी होगी और इसे ट्विन-टनल (दो समानांतर सुरंगों) के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग 50 महीने की समयसीमा तय की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु की अब तक की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड रोड परियोजनाओं में से एक होगा, जो शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।

Bengaluru Tunnel Road Project

Bengaluru Tunnel Road Project: एक बार में देना होगा 300 का टोल टैक्स

– परियोजना के तहत प्रस्तावित टोल दर लगभग ₹19 प्रति किलोमीटर रखी गई है। इसका मतलब है कि पूरी टनल का उपयोग करने वाले यात्रियों को एक बार में लगभग ₹300 से अधिक का टोल देना पड़ सकता है।

– हालांकि, सरकार का मानना है कि समय की बचत और सुगम यात्रा के चलते लोग इस टोल को स्वीकार करेंगे।

– सिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह टनल रोड प्रोजेक्ट बेंगलुरु के आईटी कॉरिडोर और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।

Bengaluru Tunnel Road: 2 घंटे का सफर होगा 30 मिनट में

वर्तमान में हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक का सफर ट्रैफिक के कारण 1.5 से 2 घंटे तक का समय ले सकता है, लेकिन टनल बनने के बाद यह समय काफी घटकर 30-40 मिनट तक रह सकता है। अब सभी की नजरें टेंडर प्रक्रिया के अगले चरण पर हैं, जहां सबसे उपयुक्त कंपनी का चयन किया जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो यह परियोजना बेंगलुरु के शहरी परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है और आने वाले वर्षों में शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।



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Varanasi के कॉलेज में छात्र की गोली मारकर हत्या, पिता ने अंतिम संस्कार से इनकार किया, आरोपी के एनकाउंटर की मांग की


धर्म और शिक्षा की नगरी काशी शुक्रवार को उस वक्त दहल गई, जब प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज के कैंपस में दिनदहाड़े एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीए चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) को उनके ही एक साथी ने आपसी विवाद के चलते मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे कैंपस में भारी हिंसा भड़क गई और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार देर रात इस घटना के बाद कॉलेज में झड़पें शुरू हो गईं, और पीड़ित के पिता ने अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया, और मांग की कि आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया जाए। उदय प्रताप कॉलेज में BA चौथे सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की सुबह 11 बजे सोशल साइंसेज फैकल्टी बिल्डिंग के एक गलियारे में गोली मारकर हत्या कर दी गई। चश्मदीदों के मुताबिक, मनजीत चौहान नाम के एक साथी छात्र ने बहुत करीब से गोली चलाई। हमलावर ने कथित तौर पर चार गोलियां चलाईं, जिनका निशाना सिंह का सिर और सीना था। इसके बाद वह पहली मंजिल की ओर भागा, एक चारदीवारी फांदी, और पास के कूड़े के ढेर में पिस्तौल फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने बाद में वह हथियार बरामद कर लिया।

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सिंह को पहले मालदहिया के एक निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में BHU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़ित के पिता पोस्टमार्टम हाउस पर फूट-फूटकर रो पड़े और कहा कि जब तक आरोपी को खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस के साथ तनावपूर्ण गतिरोध के बाद, शव को परिवार के शिवपुर स्थित आवास पर ले जाया गया।
सिंह गाजीपुर जिले के रहने वाले थे और अपनी पढ़ाई के लिए वाराणसी में रह रहे थे। उन्हें एक होनहार और लोकप्रिय छात्र बताया गया है। अपने माता-पिता — ऋषिदेव सिंह और किरण सिंह (दोनों अतुलानंद स्कूल में कर्मचारी हैं) — के इकलौते बेटे, पीड़ित के परिवार में उसकी दो बहनें हैं।
 

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कैंपस में हिंसा भड़की
इस हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, और गुस्साए छात्रों ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और संपत्ति में तोड़फोड़ की। कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, और कम से कम तीन शिक्षकों पर हमला किया गया। एक शिक्षक के सिर में चोट लगी और उन्हें पुलिस सुरक्षा में अस्पताल ले जाया गया।
तनाव बढ़ने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और अधिकारियों ने कैंपस में फंसे शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला।
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि यह गोलीबारी दो छात्रों के बीच आपसी विवाद का नतीजा थी। कमिश्नर अग्रवाल ने कहा, “शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह गोलीबारी छात्रों के बीच आपसी दुश्मनी का नतीजा थी।”
पुलिस ने मनजीत चौहान और उसके साथी अनुज ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है; बताया जा रहा है कि अनुज ठाकुर भी इस घटना के दौरान वहीं मौजूद था। शुरुआती जाँच से पता चलता है कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश या वर्चस्व को लेकर हुए विवाद से जुड़ी हो सकती है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपी का पता लगाने के लिए छापेमारी कर रही है; आरोपी अभी भी फरार है।
इस घटना ने कैंपस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर इस बात पर कि कॉलेज के अंदर हथियार कैसे पहुँचा।



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बेंगलुरू में भारी बारिश बढ़ाएगी जोखिम! Bescom ने जारी किया इमरजेंसी चेतावनी, क्या आपके लिए है खतरा?


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oi-Bhavna Pandey

Bengaluru pre-monsoon rain dangerous: बेंगलुरु इलेक्ट्रिकल सप्लाई कंपनी (Bescom) ने शहर में चल रही प्री-मॉनसून बारिश और तेज़ हवाओं के मद्देनजर निवासियों के लिए इररजेंसी सेफ्टी एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने नागरिकों से बिजली के खंभों और तारों के आसपास अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि बदलते मौसम से बिजली संबंधी ख़तरों का जोखिम बढ़ गया है।

यह चेतावनी 21 मार्च, 2026 को दोपहर में जारी की गई। पिछले कुछ दिनों से बिजली संबंधी ख़तरे बढ़े हैं। बेस्कॉम ने आगाह किया है कि लोग क्षतिग्रस्त, झुके हुए बिजली के खंभों, खराब पावर लाइनों, अथवा उन जगहों से दूर रहें जहाँ पेड़ की टहनियां बिजली के बुनियादी ढ़ाचेपर गिर गई हों। ऐसे में बिजली के तारों, खंभों और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाए रखना ज़रूरी है।

Bengaluru pre-monsoon rain dangerous

बेस्कॉम के बयान के अनुसार, “तेज़ हवा और बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने और गिरने की बहुत अधिक आशंका होती है। जनता को सख़्त हिदायत दी जाती है कि वे ऐसे पेड़ों के नीचे खड़े न हों जिनसे बिजली की लाइनें गुज़रती हैं, और ऐसे मौसम में बिजली के ट्रांसफार्मर के पास जाने से बचें।”

अधिकारियों ने नागरिकों से गिरी हुई बिजली लाइनों, टूटे खंभों या किसी भी अन्य बिजली संबंधी ख़तरे की तुरंत सूचना देने को कहा है। निवासी नज़दीकी बेस्कॉम उप-मंडल से संपर्क कर सकते हैं या हेल्पलाइन 1912 पर कॉल करें। उपभोक्ता WhatsApp नंबरों पर तस्वीरें/वीडियो भेजकर त्वरित टीमों की मदद कर सकते हैं।

बारिश और तेज़ हवाओं से तारों के टूटने और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ता है, जिससे जन जागरूकता और सावधानी अत्यंत आवश्यक है। यह सलाह निचले इलाकों या पुराने बिजली के बुनियादी ढाँचे वाले निवासियों के लिए खास है, जहाँ खंभे पहले से ही कमज़ोर हो सकते हैं। जनता को DIY मरम्मत भी नहीं करनी चाहिए।

क्षतिग्रस्त खंभों के पास न जाएं; केवल प्रशिक्षित कर्मी ही सुरक्षित रूप से ऐसी स्थिति संभाल सकते हैं। मॉनसून सीज़न की तैयारी में, बेस्कॉम ने सतर्कता का महत्व दोहराया है। बेंगलुरु भर में दुर्घटनाओं को रोकने तथा सामुदायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी बिजली संबंधी ख़तरे की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।



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फरीदाबाद: गर्लफ्रेंड की सगाई से नाराज युवक ने महिला को जबरन खिलाया जहर, खुद भी की आत्महत्या की कोशिश


फरीदाबाद में अपनी महिला मित्र की दूसरे व्यक्ति से सगाई होने से नाराज एक युवक ने कथित तौर पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिला दिया और खुद भी उसका सेवन कर लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी युवक महिला पर सगाई तोड़ने का दबाव बना रहा था, लेकिन उसके इनकार करने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

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क्या है पूरा मामला?

पीड़िता, जो पलवल जिले की रहने वाली है और एक निजी स्कूल में शिक्षिका है, उसने पुलिस को बताया कि आरोपी मोनू भाटी, जो नोएडा का निवासी है, पिछले आठ वर्षों से उसका दोस्त था। पीड़िता के अनुसार, जनवरी में जब उसकी सगाई कहीं और तय हुई, तो उसने मोनू से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी थी। आरोपी इस बात से बेहद नाराज था और लगातार पीड़िता पर सगाई तोड़ने का दबाव बना रहा था। जब महिला ने उसकी बात मानने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी ने इस वारदात को अंजाम देने का फैसला किया।

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पुलिस ने बताया कि महिला की हालत बिगड़ने पर युवक उसे खुद अस्पताल ले गया, जहां दोनों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर शुक्रवार को सेक्टर-58 थाने में नोएडा निवासी आरोपी मोनू भाटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पलवल जिले की रहने वाली पीड़िता एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। उसने पुलिस को बताया कि आरोपी से उसकी आठ साल से दोस्ती थी, लेकिन जनवरी में दूसरी जगह सगाई तय होने के बाद उसने उससे बातचीत बंद कर दी थी।



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लाल किला हिंसा में भी दिखे थे भुल्लर: मंत्री बनते ही स्टंट, जातिवादी टिप्पणी की, हर बार बचते रहे; अफसर के सुसाइड से कुर्सी छिनी – Amritsar News


अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड से कुर्सी गंवाने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री लालजीत भुल्लर पहली बार विवादों में नहीं फंसे, इससे पहले भी वह लाल किला हिंसा, जातिवादी टिप्पणी से लेकर मंत्री बनते ही स्टंटबाजी को

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कभी सफाई देकर तो कभी माफी मांगकर वह हमेशा बचते रहे। हालांकि इस बार वह सीधे अफसर के सुसाइड केस में फंस गए। पंजाब में एक साल बाद चुनाव है, ऐसी सूरत में AAP सरकार किसी तरह का रिस्क लेने के मूड़ में नहीं है। इसी वजह से मामला मीडिया में आते ही CM भगवंत मान ने तुरंत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया।

लाल किला हिंसा के वक्त दीप सिद्धू के साथ नजर आते लालजीत भुल्लर। फाइल फोटो

1. लाल किला हिंसा के वक्त दीप सिद्धू के साथ वीडियो हुआ था वायरल लालजीत सिंह भुल्लर 26 जनवरी, 2021 को लाल किले पर हुई हिंसा के दौरान एक पुराने वीडियो में दिखने के कारण विवादों में घिर गए थे। इस वीडियो में उन्हें दीप सिद्धू के साथ ‘निशान साहिब’ फहराते हुए कथित तौर पर देखा गया। इसके बाद विपक्षी दलों (कांग्रेस, भाजपा) ने उन पर गंभीर सवाल उठाए। अगस्त 2022 में यह वीडियो वायरल हुआ, जिसमें AAP नेता भुल्लर लाल किले की हिंसा के समय मौजूद थे।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि भुल्लर किसान आंदोलन के दौरान कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे थे, जबकि राज्य सरकार तिरंगा अभियान चला रही थी। उस समय लालजीत भुल्लर ने सफाई देते हुए कहा कि वह एक किसान के बेटे के रूप में दिल्ली गए थे और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। विपक्षी दलों ने उनकी बर्खास्तगी की मांग की थी जबकि भुल्लर ने आरोप लगाने वाले नेता पर पलटवार करते हुए उनके पिता के खालिस्तान समर्थक होने का मुद्दा उठाया।

दीप सिद्धू के साथ दिख रहे लालजीत भुल्लर। यह मामला 2022 में उनके मंत्री बनने से पहले का है।- फाइल फोटो

दीप सिद्धू के साथ दिख रहे लालजीत भुल्लर। यह मामला 2022 में उनके मंत्री बनने से पहले का है।- फाइल फोटो

ट्रासपोर्ट मंत्री बनकर गाड़ी से किए स्टंट करीब 4 साल पहले मंत्री बनते ही लालजीत सिंह भुल्लर का खतरनाक स्टंट सामने आया था। वह अपनी एंडेवर गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर हाथ हिलाते दिख रहे थे। यह वीडियो नेशनल हाईवे पर बनाया गया था। गाड़ी तेज रफ्तार में चल रही थी और उनके दो गनमैन भी गाड़ी के दरवाजे के शीशे खोलकर बाहर की ओर जान को खतरे में डालकर लटके हुए थे।

इस मामले में भुल्लर ने कहा कि यह वीडियो पुराना है। जब वह चुनाव जीते थे, तब यह वीडियो बना था। हालांकि, उनके साथ गनमैन और आगे चल रही दो पायलट गाड़ियों को देखकर उनके इस दावे पर भी सवाल खड़े हुए थे। उस समय वह ट्रांसपोर्ट मंत्री थे। उन्होंने सफाई दी कि यह वीडियो पुराना है और जब वे जीते थे, तब उन्हें हार पहनाए गए थे। उसके बाद उन्हें कभी हार नहीं पहनाए गए। हालांकि, मंत्री के आगे चल रही दो पायलट जिप्सियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उस वक्त पुलिस प्रशासन उन्हें छोड़ने आया था।

भुल्लर के स्टंट करते का ये वीडियो वायरल हुआ था।- फाइल फोटो

भुल्लर के स्टंट करते का ये वीडियो वायरल हुआ था।- फाइल फोटो

3 स्वर्णकार समुदाय पर टिप्पणी की भुल्लर ने खडूर साहिब लोकसभा चुनाव 2024 में प्रचार के दौरान पट्टी (तरनतारन) में पार्टी मीटिंग में पूर्व कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह गिल पर हमला करते हुए रामगढ़िया और सुनियारा (स्वर्णकार) समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक/जातिवादी टिप्पणियां कीं। उन्होंने खुद को “लाहौरिया जट्ट” बताते हुए कहा कि “मैं लाहौरिया जट्ट हूं, सुनियारा नहीं।”

हरमिंदर गिल को संबोधित करते हुए भुल्लर ने कहा था- ‘तुम्हारी तरह कोई गुल्ली सुनियारा नहीं… यहां हर कोई गुल्ली घर सुनियारा बुलाता है।’ इसे जातिवादी माना गया। उस समय विपक्षी दल (शिअद और कांग्रेस) ने उन पर FIR दर्ज करने, गिरफ्तारी और मंत्री पद से हटाने की मांग की थी। मामला चुनाव आयोग तक भी पहुंचा था।

मगर, बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर माफी मांग ली थी। साथ ही कहा कि बात सिर्फ हरमिंदर गिल पर थी, किसी बिरादरी पर नहीं। रामगढ़िया संगठनों (जैसे ऑल विश्वकर्मा रामगढ़िया फाउंडेशन) ने असंतुष्ट रहते हुए AAP का बहिष्कार करने का आह्वान किया। कुछ जगहों पर उनका पुतला भी जलाया गया।

भुल्लर की टिप्पणी करते हुए फाइल फोटो।

भुल्लर की टिप्पणी करते हुए फाइल फोटो।

**************** ये खबर भी पढ़ें…

पंजाब में मंत्री का नाम लेकर अफसर ने सुसाइड किया:वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने मरने से पहले वीडियो जारी किया; CM ने मिनिस्टर का इस्तीफा लिया

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पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले अमृतसर में तैनात डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने 12 सेकेंड का वीडियो जारी किया। इसमें रंधावा ने कहा- खा ली सल्फास, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से, अब मैं नहीं बचता।

इसका पता चलते ही CM भगवंत मान ने भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी गई है। इस्तीफा लेने की पुष्टि करते हुए CM मान ने चंडीगढ़ में कहा- इसके पीछे क्या कारण हैं, यह जांच का विषय है। जांच किसी तरह से प्रभावित न हो, इसके लिए मंत्री का इस्तीफा लिया गया है (पढ़ें पूरी खबर)



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Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया


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oi-Smita Mugdha

Hyderabad Bengaluru Bullet Train: दक्षिण भारत में तेज रफ्तार कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाला बेंगलुरु-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अब अहम चरण में पहुंच गया है। करीब 626 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। यह परियोजना पूरी होने के बाद दोनों बड़े आईटी शहरों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आने की संभावना है।

इस बीच, सीएम रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना सरकार ने एक अहम प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार चाहती है कि यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर हैदराबाद के शमशाबाद से शुरू हो। राज्य सरकार का कहना है कि इससे राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का क्षेत्र एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित हो सकेगा।

Hyderabad Bengaluru Bullet Train

Hyderabad Bengaluru Bullet Train: भूमि अधिग्रहण की तैयारी

– इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार सक्रिय रूप से विचार कर रही है और राज्य सरकार ने इसके लिए जरूरी भूमि उपलब्ध कराने की भी तैयारी जताई है।

– वहीं, संसदीय स्थाई समिति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी देने से पहले भूमि अधिग्रहण और सभी वैधानिक मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर ली जानी चाहिए।

– इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाली देरी और लागत बढ़ोतरी से बचना है। इसके अलावा, जिन लोगों की जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए ली जाएगी उन्हें तय समय में मुआवजा देना भी सरकार की प्राथमिकता है।

Hyderabad को हाई स्पीड नेटवर्क बनाने की योजना

बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच प्रस्तावित यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। आने वाले महीनों में DPR पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट को लेकर और ठोस फैसले सामने आ सकते हैं। सरकार की कोशिश है कि आईटी सिटी को हाई स्पीड रेल नेटवर्क का हब बनाया जाए। इससे देश के लिए ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय निवेश को भी आकर्षित करने की उम्मीद है।



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ये हैं भारत की 6 ऐसी जगहें, जो वसंत ऋतु में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती!


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6 Best places to visit in india during spring : वसंत ऋतु प्रकृति के पुनर्जन्म का समय है, जब चारों ओर रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं और मौसम न तो बहुत गर्म होता है, न ही बहुत ठंडा. भारत में मार्च का महीना घूमने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं भारत की उन 6 जगहों के बारे में, जो वसंत के मौसम में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं…

श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर: श्रीनगर में, वसंत का मौसम इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन है. बर्फ से ढकी ज़बरवान पर्वत श्रृंखला की पृष्ठभूमि में, लाखों ट्यूलिप के फूल खिलकर रंगों का एक शानदार नज़ारा पेश करते हैं. सूर्यास्त के समय डल झील पर शिकारा की सवारी करना पानी पर तैरते और खिले हुए फूलों के बीच एक ऐसा यादगार पल बनाता है जो सचमुच इंस्टाग्राम पोस्ट के लायक है.

Yumthang Valley, Sikkim: Known as the "Valley of Flowers of the East," Yumthang sits at 12,000 feet and erupts into a kaleidoscope of rhododendrons and primulas by late March. The contrast of vibrant alpine petals against jagged, snowy Himalayan peaks and winding river streams creates a surreal, high-altitude aesthetic for any feed.

युमथांग घाटी, सिक्किम: “पूरब की फूलों की घाटी” के रूप में प्रसिद्ध, युमथांग घाटी 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और मार्च के अंत तक, यह रोडोडेंड्रोन और प्रिमूला फूलों की चादर से ढक जाती है. ऊबड़-खाबड़, बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों और घुमावदार नदी धाराओं के बीच, हिमालयी फूलों का यह शानदार नज़ारा किसी भी आगंतुक के लिए एक अलौकिक, ऊंचे पहाड़ों वाला दृश्य अनुभव प्रदान करता है.

Coorg, Karnataka: In spring, the "Scotland of India" is blanketed in white as coffee blossoms release a jasmine-like fragrance across the hills. The misty mornings at Raja’s Seat and the lush, emerald-green spice plantations provide a soft-focus, ethereal backdrop that looks particularly stunning during the "golden hour" of sunrise.

कूर्ग, कर्नाटक: वसंत के मौसम के दौरान, यह क्षेत्र जिसे अक्सर “भारत का स्कॉटलैंड” कहा जाता है. कॉफी के फूलों की एक सफेद चादर से ढक जाता है, जिनकी चमेली जैसी खुशबू ऊंची पहाड़ियों पर फैल जाती है. राजा की सीट पर धुंध भरी सुबह और मसालों के हरे-भरे बागान एक शांत, जादुई पृष्ठभूमि प्रदान करते हैं जो सूर्योदय के “सुनहरे समय” के दौरान विशेष रूप से मनमोहक लगती है.

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Munnar, Kerala: Spring offers the best clarity in Munnar before the monsoon haze sets in. The rolling, velvet-like tea gardens shimmer under a gentle sun, while wild orchids bloom along the trekking trails of Anamudi. The symmetrical patterns of the tea bushes create mesmerizing leading lines for landscape photography enthusiasts.

मुन्नार, केरल: वसंत मुन्नार में सबसे सुहावना मौसम लाता है, जो मानसून की धुंध छाने से ठीक पहले आता है. लहरदार, मखमल जैसे चाय के बागान सुबह की धूप में चमकते हैं, जबकि अनामुडी की ट्रेकिंग ढलानों पर जंगली ऑर्किड खिलते हैं. चाय के बागानों की सममित बनावट आकर्षक रेखाएं बनाती है जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक आनंददायक दृश्य है.

Darjeeling, West Bengal: The "Queen of the Hills" awakens in spring with orchids and magnolias painting the colonial architecture. Catching the Darjeeling Himalayan Railway (Toy Train) as it chugs through blooming loops at Batasia, with Kanchenjunga standing tall in the distance, offers a timeless, vintage-style aesthetic that is deeply nostalgic.

दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल: वसंत के मौसम में, “पहाड़ियों की रानी” ऑर्किड और मैगनोलिया के फूलों से जीवंत हो उठती है, जो इसकी औपनिवेशिक वास्तुकला में रंगों के जीवंत छींटे जोड़ते हैं. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (टॉय ट्रेन) पर यात्रा करना जैसे ही यह बटासिया की फूलों से भरी ढलानों से होकर गुजरती है, और दूर माउंट कंचनजंगा की राजसी भव्यता दिखाई देती है एक कालातीत, पुरानी दुनिया का सौंदर्य प्रदान करता है जो गहरी, पुरानी यादें ताज़ा करता है.

Udaipur, Rajasthan: Before the summer heat intensifies, Udaipur’s Lake Pichola reflects the shimmering white marble of the City Palace under a clear spring sky. The vibrant bougainvillea draping over heritage havelis and the colorful folk-art-filled streets of the old city provide an explosion of regal, warm-toned colors for your lens.

उदयपुर, राजस्थान: गर्मियों की गर्मी शुरू होने से पहले, उदयपुर की पिछोला झील एक साफ, नीले आसमान के नीचे सिटी पैलेस के चमकते सफेद संगमरमर को अपने पानी में दर्शाती है. ऐतिहासिक हवेलियों पर लिपटी बोगनवेलिया की रंग-बिरंगी बेलें और पुराने शहर की तंग गलियां जो रंगीन लोक कला से सजी हैं शाही और मनमोहक रंगों का एक शानदार नज़ारा पेश करती हैं, जो आपके कैमरे के लेंस के लिए एकदम सही फ्रेम बनाते हैं.



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पटना के गांधी मैदान में ईद मिलन में पहली बार नहीं पहुंचे नीतीश कुमार, बेटे निशांत ने निभाई जिम्‍मेदारी, Video


Bihar

oi-Bhavna Pandey

Patna Eid Milan: पटना के गांधी मैदान में इस बार ईद-उल-फितर की नमाज का दृश्य कुछ बदला-बदला नजर आया। वर्षों से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए नीतीश कुमार इस बार नमाजियों के बीच मौजूद नहीं रहे। उनकी गैर-मौजूदगी में उनके बेटे निशांत कुमार ने आगे आकर न सिर्फ नमाजियों से मुलाकात की, बल्कि पूरे प्रदेश को ईद की मुबारकबाद भी दी।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “ईद के इस पवित्र अवसर पर मैं और मेरे पिता नीतीश कुमार की ओर बिहार और देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देता हूं।”

Patna Eid ul Fitr

दरअसल, यह बदलाव अचानक नहीं माना जा रहा। हाल के दिनों में निशांत कुमार की सक्रियता लगातार बढ़ी है। जेडीयू की इफ्तार पार्टी में उनकी प्रमुख मौजूदगी और जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यक्रमों में उनकी बढ़ती भागीदारी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि वे अब सार्वजनिक और राजनीतिक भूमिका में आगे आ रहे हैं। ऐसे में गांधी मैदान की ईद नमाज में उनकी उपस्थिति को उसी कड़ी का अगला कदम माना जा रहा है

जेडीयू इफ्तार पार्टी में भी पिता संग पहुंचे थे निशांत

सार्वजनिक और राजनीतिक आयोजनों से अक्सर दूर रहने वाले निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति में आने के बाद जेडीयू का नेतृत्व करते देखे जा रहे हैं। हाल ही में बहुचर्चित जेडीयू इफ्तार पार्टी में भी वह मुख्यमंत्री की जगह प्रमुखता से बैठे थे, जबकि नीतीश कुमार की उपस्थिति महज सांकेतिक थी।

जेडीयू इफ्तार बदले-बदले नजर आए थे नीतीश कुमार

दरअसल, 18 मार्च को जेडीयू इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार बेटे निशांत के साथ मौजूद थे और लोगों को ईद की मुबारकबाद दी थी। लेकिन इस मौके पर नीतीश कुमार बदले हुए अंदाज में नजर आए। हर बार सिर पर मुस्लिम टोपी लगाए नजर आते थे लेकिन इस बार वो टोपी नदारत रही।

निशांत ने जेडीयू इफ्तार पार्टी में भी आगे-आगे आए थे नजर

जेडीयू के इफ्तार पार्टी में निशांत कुमार की मौजूदगी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। सिर पर मुस्लिम टोपी लगाए निशांत कुमार अपने पिता के साथ मौजूद थे और उन्होंने लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समुदाय के सदस्यों से मेलजोल बढ़ाया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी उत्साह देखा गया।



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Mathura News: ‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

Mathura News: मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में शनिवार तड़के एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। प्रसिद्ध गौ-रक्षक संत बाबा चंद्रशेखर (फरसा वाले बाबा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। समर्थकों का सीधा आरोप है कि गौ-तस्करों ने साजिश के तहत बाबा को गाड़ी से कुचलकर मार डाला है।

इस घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है और गुस्साई भीड़ ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की घटना का संज्ञान लिया है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 4 बजे बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गायों को लेकर भाग रहे हैं।

baba-chandrashekhar-killed

सूचना मिलते ही बाबा अपनी बाइक से तस्करों का पीछा करने निकल पड़े। वारदात कोटवन चौकी क्षेत्र के ग्राम नवीपुर के पास हुई। बताया जा रहा है कि पीछा करने के दौरान तस्करों ने बाबा की बाइक को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें अपनी गाड़ी से रौंदते हुए फरार हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबा चंद्रशेखर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

एक आरोपी दबोचा, तीन फरार

घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और गौ-रक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए एक युवक को पकड़ लिया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पकड़े गए युवक का संबंध दूसरे समुदाय से बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि तीन अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

मथुरा, उत्तर प्रदेश: फरसा वाले बाबा की मौत के बाद छाता नेशनल हाईवे पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। pic.twitter.com/XJySYqwiZw

— IANS Hindi (@IANSKhabar) March 21, 2026 “>

हाईवे पर पथराव और पुलिस के साथ झड़प

बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और गौ-भक्त दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। हालात को काबू में करने के लिए भारी संख्या में पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। आला अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं।

अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

बाबा चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को कोसी से आंजनौख गौशाला ले जाया जा रहा है। बाबा अपनी निडरता और गौ-सेवा के लिए पूरे क्षेत्र में विख्यात थे। उनके निधन से ब्रज के संतों और ग्रामीण इलाकों में गहरा दुख है। ग्रामीणों का कहना है कि बाबा हमेशा गौ-वंश की रक्षा के लिए तत्पर रहते थे और आज इसी सेवा के दौरान उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी।

CM योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा की घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा, जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।





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