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Delhi Fire: दिल्ली के पालम में इमारत में लगी भीषण आग, 3 बच्चे समेत 7 लोगों की मौत, मौके पर फायर ब्रिगेड


Delhi

oi-Sohit Kumar

Delhi Fire: दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम 7 लोगों की जान चली गई। आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कॉस्मेटिक दुकान से हुई और देखते ही देखते लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद लोग फंस गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

अधिकारियों ने बताया कि पालम कॉलोनी के साध नगर में एक रिहायशी इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि कम से कम दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

fire broke out in residential building delhi

दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) को सुबह करीब 7 बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक इमारत के एक घर से आग लगने की सूचना मिलने के बाद, 30 दमकल गाड़ियों के साथ एक बड़ा अग्निशमन और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंज़िल पर दुकानें हैं, जबकि दूसरी और तीसरी मंज़िल पर रिहायशी मकान हैं।

DFS के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमें एक रिहायशी मकान में आग लगने की सूचना मिली थी, और हमें आशंका थी कि कुछ लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।’

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बुधवार सुबह दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में एक रिहायशी इमारत में आग लग गई, जिसके बाद आग बुझाने और बचाव का एक बड़ा अभियान शुरू किया गया। आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए मौके पर 30 दमकल गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस आग की घटना में छह लोगों की मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि पालम की एक इमारत में स्थित एक घर से सुबह 7 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा, ‘एक रिहायशी यूनिट में आग लगने की सूचना मिली थी, और हमें आशंका है कि कुछ लोग अंदर फंसे हो सकते हैं।’

पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाएं भी इस घनी आबादी वाले इलाके में बचाव अभियान में मदद के लिए मौके पर पहुंच गईं। आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस संबंध में और जानकारी का इंतजार है।



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Silver Price Today: चांदी की कीमतें क्रैश! मार्च महीने में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट, कितना हुआ सिल्वर का रेट?


Business

oi-Kumari Sunidhi Raj

Silver Price: भारतीय सराफा बाजार में आज चांदी की कीमतों में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग में उतार-चढ़ाव के बीच, आज चांदी के दाम धड़ाम से नीचे गिर गए हैं। मार्च महीने के इस तीसरे सप्ताह में निवेशकों और आभूषण खरीदारों के लिए यह एक राहत भरी खबर है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों की अस्थिरता के बाद कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट में से एक है।

आज बाजार खुलते ही चांदी की चमक थोड़ी फीकी नजर आई, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों और शादी-ब्याह के लिए खरीदारी करने वालों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और औद्योगिक मांग में आए बदलावों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।

Silver Price

Silver Price: आज के ताजा भाव (18 मार्च, 2026)

आज चांदी की कीमतों में प्रति किलोग्राम ₹10,000 की बड़ी कटौती दर्ज की गई है। विस्तृत रेट नीचे दिए गए हैं:

  • प्रति ग्राम: ₹265 (₹10 की गिरावट)
  • 10 ग्राम: ₹2,650
  • 100 ग्राम: ₹26,500
  • 1 किलोग्राम: ₹2,65,000

Silver Rate in Last 10 Days: पिछले 10 दिनों का चांदी का भाव

चांदी की कीमतों में पिछले 10 दिनों से काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मार्च 11 को जो चांदी ₹2,90,000 के स्तर पर थी, वह आज गिरकर ₹2,65,000 पर आ गई है। नीचे दिए गए डेटा से आप पिछले 10 दिनों के बदलाव को समझ सकते हैं:

दिनांक 10 ग्राम का भाव 1 किग्रा का भाव बदलाव (किग्रा)
18 मार्च, 2026 ₹2,650 ₹2,65,000 -₹10,000
17 मार्च, 2026 ₹2,750 ₹2,75,000 +₹5,000
16 मार्च, 2026 ₹2,700 ₹2,70,000 -₹5,000
15 मार्च, 2026 ₹2,750 ₹2,75,000 0
14 मार्च, 2026 ₹2,750 ₹2,75,000 -₹5,000
13 मार्च, 2026 ₹2,800 ₹2,80,000 0
12 मार्च, 2026 ₹2,800 ₹2,80,000 -₹10,000
11 मार्च, 2026 ₹2,900 ₹2,90,000 0
10 मार्च, 2026 ₹2,900 ₹2,90,000 +₹10,000
09 मार्च, 2026 ₹2,800 ₹2,80,000 -₹5,000

MCX पर चांदी का भाव

चांदी की कीमतों में आज गिरावट देखी गई है। 18 मार्च 2026 को सुबह 11:21 बजे तक बुलियन कैटेगरी में चांदी का भाव 252,230 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जो पिछले रिकॉर्ड से 883 रुपये या 0.35% कम है। आज का दाम 249,501 से 253,300 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच रहा।

आज तक का औसत भाव 251,126.36 रुपये प्रति यूनिट दर्ज किया गया। चांदी का कारोबार 30 किलोग्राम के ट्रेडिंग यूनिट में हुआ और कुल 988 लॉट्स का वॉल्यूम रहा। ओपन इंटरेस्ट 5,890 लॉट्स था, जिसमें 51 लॉट्स की गिरावट देखी गई। चांदी का एक्सपायरी डेट 5 मई 2026 है।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: Gold Rate Today: थमी सोने की रफ्तार, कीमतों में जबरदस्त गिरावट! खरीददारी से पहले चेक कर लें लेटेस्ट रेट



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Crude Oil: होर्मुज संकट के बीच भी जारी ईरान का तेल निर्यात; चुनिंदा जहाजों को मिल रही इजाजत, जानें पूरा मामला


पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य, भले ही लगभग ठप हो गया हो, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। समुद्री और व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक 1 से 15 मार्च के बीच करीब 90 जहाज, जिनमें 16 तेल टैंकर शामिल हैं, इस जलमार्ग को पार करने में सफल रहे।

हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद से यहां जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। पहले जहां रोजाना 100 से 135 जहाज गुजरते थे, अब यह संख्या बेहद सीमित हो गई है। इस दौरान करीब 20 जहाजों पर हमले भी हुए हैं, जिससे जोखिम और बढ़ गया है।

ईरान होर्मुज पर कैसे कर रहा नियंत्रण?

विश्लेषकों का कहना है कि ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर चयनात्मक नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यानी कुछ खास देशों या जहाजों को ही सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है, जबकि बाकी के लिए मार्ग लगभग बंद है। इसके बावजूद ईरान मार्च की शुरुआत से अब तक 1.6 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल निर्यात करने में सफल रहा है।

ट्रेड डेटा प्लेटफॉर्म केप्लर के मुताबिक, चीन ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, जबकि कई जहाज डार्क ट्रांजिट यानी बिना ट्रैकिंग के पश्चिमी प्रतिबंधों से बचते हुए गुजर रहे हैं।

भारत-पाकिस्तान के जहाज भी निकले सुरक्षित

हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान से जुड़े जहाज भी इस खतरनाक मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। भारत के शिपिंग कॉरपोरेशन के एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी 13-14 मार्च के आसपास जलडमरूमध्य से गुजरे। बताया जा रहा है कि इसके लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की गई थी। वहीं पाकिस्तान का तेल टैंकर कराची भी इस मार्ग से गुजर चुका है और सुरक्षित पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।

सेफ कॉरिडोर का संकेत, चीन फैक्टर भी अहम

समुद्री विश्लेषकों के अनुसार, कुछ जहाज ईरान के तट के पास से गुजरते हुए सुरक्षित कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि कई जहाज खुद को चीन से जुड़ा या चीनी क्रू वाला बता रहे हैं, ताकि हमलों से बचा जा सके क्योंकि चीन और ईरान के रिश्ते अपेक्षाकृत बेहतर हैं।

तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिका का दबाव

इस संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए अमेरिका ने अपने सहयोगियों पर जलमार्ग खोलने का दबाव बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धपोत भेजने तक की बात कही है। हालांकि, अमेरिका ने फिलहाल ईरान के तेल बुनियादी ढांचे को पूरी तरह निशाना नहीं बनाया है और वैश्विक सप्लाई बनाए रखने के लिए ईरानी टैंकरों को गुजरने की अनुमति भी दी है।

अब आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान का मकसद ऊंची ऊर्जा कीमतों के जरिए दबाव बनाना है, तो वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या सीमित ही रखेगा। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।






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असम विधानसभा चुनाव के लिए AAP का बड़ा दांव! दूसरी लिस्ट में 6 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान


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Weather Delhi-NCR: दिल्ली में नई आफत का अलर्ट! अगले 48 घंटे में खतरनाक यू-टर्न लेगा मौसम, IMD ने बढ़ाई टेंशन


Delhi

oi-Sohit Kumar

Weather Forecast Delhi NCR: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम की लुकाछिपी जारी है, लेकिन अब कुदरत एक बड़ा यू-टर्न लेने वाली है। दिल्ली-एनसीआर में अब आसमानी आफत का साया मंडरा रहा है, जिसने मौसम वैज्ञानिकों को भी अलर्ट कर दिया है। अचानक बदलते इस मिजाज ने दिल्लीवालों के मन में सस्पेंस भर दिया है कि आखिर आने वाले कुछ घंटे क्या रंग दिखाएंगे। आइए जानते हैं मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी में क्या है खास?

दिल्ली-एनसीआर में आज, 18 मार्च को सुबह के समय हल्की धूप खिली है। आसमान में कहीं-कहीं बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ-साथ रात के समय 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।

weather forecast delhi ncr

Tomorrow Weather Forecast: कल कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

कल यानी 19 मार्च को मौसम और अधिक बिगड़ने के आसार हैं। दोपहर से पहले और फिर शाम/रात के दौरान बारिश के दो अलग-अलग स्पेल देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 50 किमी प्रति घंटे तक जा सकती हैं। हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

Weather Delhi NCR: 20 मार्च को भारी बारिश और येलो अलर्ट

20 मार्च को दिल्ली में मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी (IMD) ने इस दिन के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और सुबह से लेकर शाम तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। हवा की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मौसम का हाल

  • Weather In North Delhi: उत्तर दिल्ली: बादल छाए रहेंगे और रात में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी संभव है।
  • Weather In New Delhi and Central Delhi: नई दिल्ली और मध्य दिल्ली: दोपहर के बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं।
  • Weather In South and South-East Delhi: दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली: यहां भी 19 और 20 मार्च को तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।
  • Weather In West Delhi: पश्चिमी दिल्ली: 20 मार्च को सुबह और शाम दोनों वक्त बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं।

Weather Forecast Delhi NCR: एनसीआर के शहरों का मौसम

एनसीआर के प्रमुख शहरों जैसे नोएडा (Weather In Noida), गाजियाबाद (Weather In Ghaziabad, गुरुग्राम (Weather In Gurugram) और फरीदाबाद (Weather In Faridabad) में भी मौसम का रुख दिल्ली जैसा ही रहेगा। 19 और 20 मार्च को इन शहरों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की पूरी संभावना है।हालांकि, 21 मार्च से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा और आसमान में केवल आंशिक रूप से बादल ही नजर आएंगे।



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कानपुर के छुपे खजाने! जहां है शांति, आस्था और इतिहास, जानें ऐसी 5 अनजानी जगहें


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Kanpur Picnic Spots: कानपुर सिर्फ औद्योगिक पहचान वाला शहर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और रहस्यों से भरी एक जीवंत धरोहर भी है. यहां की गलियों और किनारों पर कई ऐसी जगहें छिपी हैं. जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. लेकिन उनकी आध्यात्मिक ऊर्जा और पौराणिक महत्व मन को गहराई से छू जाते है. भीड़भाड़ से दूर ये शांत स्थल न सिर्फ सुकून देते हैं, बल्कि परिवार के साथ बिताने के लिए भी बेहद खास बन जाते है. गंगा किनारे बसे ये अनजाने ठिकाने प्रकृति, इतिहास और श्रद्धा का अनोखा संगम प्रस्तुत करते है. अगर आप कानपुर को सिर्फ एक औद्योगिक शहर समझते है तो इन छुपी जगहों की यात्रा आपकी सोच बदल सकती है.

कानपुर के मोती झील के बारे में तो हर कोई जानता है. लेकिन इसके पीछे बना जापानी गार्डन भी बेहद खास है. लोग मोती झील तक सीमित रह जाते हैं. उनको जापानी गार्डन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन मोती झील के अंदर झील के पीछे की तरफ बना यह हिस्सा बेहद सुकून देने वाला और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता है. यह गार्डन अपने लकड़ी के फूलों और पत्थर के रास्तों के लिए प्रसिद्ध है. लोग मोती झील तक सीमित रह जाते है. लेकिन इसके बारे में कम लोगों को ही जानकारी होती है. यहां आप शहर के चोट शराबी से दूर सुकून के पल बिता सकते है.

भीतरगांव का ईट वाला मंदिर

अगर आप इतिहास के शौकीन है और पुरानी चीजों के बारे में जानना चाहते है या फिर अपने बच्चों को अपने इतिहास और पुरातन चीजों के बारे में दिखाना और बताना चाहते है तो आप कानपुर के भीतरगांव स्थित ईट वाला मंदिर जा सकते है. गुप्त काल का ईट से बना यह मंदिर अनोखी वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है. यह एक बेमिसाल धरोहर है जो आज भी वैसे ही खड़ी है. इसकी दीवारों पर बनी टेराकोटा की नकाशियां और कलाकृति आपको काफी पुराने समय में ले जाएगी. यह शोर शराबी से भी दूर है और आसपास बड़ा सा खाली इलाका है. जो आपको सुकून देगा और आपको अपने इतिहास से जोड़ने का मौका भी देगा.

जगन्नाथ मंदिर

कानपुर का भीतर गांव में ही स्थित जगन्नाथ मंदिर भी बेहद प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है. इस मंदिर को मौसम मंदिर भी कहा जाता है. इस मंदिर को लेकर यह मानता है कि सबसे पहले मौसम का अनुमान यह मंदिर बताता है. इस मंदिर के गुम्मद से गिरने वाली बूंदे बताती है की बारिश होने वाली है और यह भी बताती है कि इस बार बारिश अधिक होगी या कम होगी. इसको मानसून मंदिर कहते है क्योंकि यह एक आध्यात्मिक मंदिर भी है और एक साइंटिफिकली ऐसी चीज होना यहां पर विज्ञान और वैज्ञानिकों को भी इसकी और केंद्रित करती है. कई बार बाहर से भी वैज्ञानिक है. इसका रहस्य ढूंढने के लिए लेकिन अभी तक इसका रहस्य कोई नहीं जान पाया है.

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जाजमऊ का टीला

कानपुर का जाजमऊ का टीला भी आपको प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत उदाहरण नजर आता है. गंगा किनारे बना यह टीला बरसात के मौसम में या फिर जब हरियाली का मौसम होता है तो किसी जन्नत से काम नहीं लगता है, बड़ी संख्या में लोग यहां पर फोटोग्राफी करने के लिए और अपने परिवार के साथ समय बिताने के लिए जाते है. गंगा किनारे ठंडी ठंडी हवा के बीच लोगों को यहां समय बिताना बेहद अच्छा लगता है. यहां पर एकदम शहर से अलग माहौल उनको देखने को मिलता है जो इस खास बनाता है.

वाल्मीकि

कानपुर का बिठूर हो तो एक बड़ी आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र है. लेकिन यहां के कुछ ऐसे सपोर्ट है जिनके बारे में कम लोग ही जानते है. इसमें से एक वाल्मीकि आश्रम है इसी आश्रम में भगवान राम के पुत्र लव कुश का जन्म हुआ था. इसलिए आध्यात्मिक रूप से भी यह काफी महत्वपूर्ण जगह है और अगर आप अपने बच्चों को धर्म अध्यापक से किसे जोड़ना चाहते है तो यहां लेकर जा सकते है. यहां पर आपको एक अद्भुत शांति का अनुभव होगा और यहां का सच और शांत वातावरण आपके अंदर एक अलग ऊर्जा भर देगा.



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अयोध्या राम मंदिर: दर्शन से पहले जरूर जान लें ये नए नियम


Ram Mandir New Rules: अयोध्या जाने की प्लानिंग कर रहे हैं? खासकर चैत्र नवरात्रि या रामनवमी के दौरान, तो थोड़ा ठहरिए और ये खबर जरूर पढ़ लीजिए. रामलला के दर्शन का उत्साह जितना बड़ा है, उतनी ही जरूरी हो गई है तैयारी भी. हर साल लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं, लेकिन इस बार मंदिर प्रशासन ने कुछ नए नियम लागू किए हैं जो सीधे आपके दर्शन पर असर डाल सकते हैं. कई लोग बिना जानकारी के पहुंचते हैं और फिर लंबी लाइन के बाद भी अंदर प्रवेश नहीं मिल पाता-ऐसी स्थिति से बचना है तो पहले से अपडेट रहना जरूरी है. ये नियम सिर्फ सख्ती के लिए नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था के लिए बनाए गए हैं, अगर आप चाहते हैं कि आपका दर्शन बिना किसी रुकावट के हो, तो इन निर्देशों को जानना बेहद जरूरी है.

बढ़ती भीड़ के बीच सख्त हुए नियम
अयोध्या में इस समय श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. खासकर चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के दौरान यहां लाखों लोग पहुंचते हैं. इसी भीड़ को संभालने के लिए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को और मजबूत किया है. अधिकारियों का कहना है कि अगर नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो हर श्रद्धालु को आसानी से दर्शन मिल सकते हैं. मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस बार भीड़ पहले से ज्यादा रहने की संभावना है. ऐसे में छोटी-छोटी लापरवाहियां भी परेशानी का कारण बन सकती हैं.

मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह मना
-अंदर फोन ले गए तो रोक दिया जाएगा
सबसे बड़ा बदलाव यही है कि मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साफ कहा है कि यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. कई बार लोग फोटो या वीडियो बनाने में लग जाते हैं, जिससे व्यवस्था बिगड़ती है. इसी वजह से अब प्रवेश से पहले ही मोबाइल जमा करना होगा, अगर आपके पास फोन मिला, तो आपको वहीं रोक दिया जा सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

हथियारों पर सख्त पाबंदी
-लाइसेंसी हथियार भी नहीं ले जा सकेंगे
मंदिर परिसर में किसी भी तरह के हथियार ले जाना पूरी तरह बैन है. इसमें लाइसेंस प्राप्त रिवॉल्वर या बंदूक भी शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में कोई ढील नहीं दे रही हैं. हालांकि, सिख श्रद्धालुओं को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार छोटी कृपाण रखने की अनुमति दी गई है. यह छूट आस्था के सम्मान को ध्यान में रखकर दी गई है.

व्रत रखने वालों के लिए खास व्यवस्था
-भूखे पेट नहीं रहना पड़ेगा
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं. यहां फल, मक्खन, मूंगफली और आलू से बने हल्के खाने के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे श्रद्धालुओं को लंबी लाइन में खड़े रहने के दौरान परेशानी नहीं होगी और वे आराम से दर्शन कर सकेंगे.

-पानी और शौचालय की बेहतर सुविधा
भीड़ को देखते हुए इस बार मूलभूत सुविधाओं पर खास ध्यान दिया गया है. मंदिर परिसर में जगह-जगह पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा शौचालयों की संख्या भी बढ़ाई गई है ताकि लोगों को असुविधा न हो. खासकर बुजुर्ग और बच्चों के लिए ये सुविधाएं काफी राहत देने वाली हैं.

प्रशासन की सीधी अपील
नियम मानेंगे तो ही आसान होंगे दर्शन
मंदिर प्रशासन ने साफ कहा है कि इन नियमों का पालन करना हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है. ये सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि दर्शन प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए भी जरूरी हैं. कई बार लोग जल्दबाजी या अनजाने में नियम तोड़ देते हैं, जिससे उन्हें ही नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए बेहतर है कि यात्रा से पहले ही सभी दिशा-निर्देश अच्छे से समझ लिए जाएं.

अयोध्या में रामलला के दर्शन हर भक्त का सपना होता है, लेकिन अब ये सपना तभी पूरा होगा जब आप नियमों का ध्यान रखेंगे. थोड़ी सी तैयारी और जानकारी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है, अगर आप इन नए नियमों का पालन करते हैं, तो आपका दर्शन अनुभव न सिर्फ आसान बल्कि यादगार भी बन सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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विमान यात्रियों के लिए खुशखबरी: अब 60% सीटें मुफ्त में चुन सकेंगे यात्री, केंद्र ने एयरलाइंस को दिया निर्देश


भारत में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यात्रियों को निष्पक्ष और सस्ती सीट चयन सुविधा देना है।

मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अब तक केवल सीमित सीटें ही मुफ्त में दी जाती थीं, जबकि बाकी सीटों के लिए यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था। नए निर्देश के लागू होने के बाद अधिकतर यात्रियों को बिना अतिरिक्त खर्च के सीट चुनने का विकल्प मिलेगा।

सस्ती दरों पर भोजन और मुफ्त किताबों की सुविधा

सरकार ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए अन्य कई पहल भी शुरू की हैं। इनमें उड़ान यात्री कैफे (UDAN Yatri Café) के जरिए सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराना, फ्लाइब्ररी (Flybrary) के तहत मुफ्त किताबें पढ़ने की सुविधा देना और देशभर के हवाई अड्डों पर मुफ्त वाई-फाई की व्यवस्था शामिल है।

एक ही PNR पर यात्रा करने वालों को साथ बैठाने का निर्देश

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर यात्रियों ने एक ही PNR (Passenger Name Record) के तहत टिकट बुक किया है, तो उन्हें साथ बैठाया जाएगा। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे यात्रियों को पास-पास सीट देना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि परिवार या समूह को अलग-अलग बैठने की समस्या न हो।

एयरलाइनों के लिए नए नियम भी लागू

सरकार ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुछ और अहम निर्देश जारी किए हैं-


  • खेल उपकरण और संगीत वाद्ययंत्र ले जाने के लिए स्पष्ट और यात्री-अनुकूल नियम बनाए जाएं।

  • पालतू जानवरों को ले जाने की नीति सार्वजनिक और साफ हो।

  • उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या बोर्डिंग से इनकार की स्थिति में यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन हो।

  • एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्री अधिकार स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।

  • क्षेत्रीय भाषाओं में भी यात्रियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाए।

सरकार का कहना है कि इन कदमों से हवाई यात्रा को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा सकेगा।






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America: राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल लागत घटाने को जोन्स एक्ट में 60 दिन की छूट दी, जानिए क्या है यह कानून


राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने 18 मार्च 2026 को जोन्स एक्ट के माल ढुलाई नियमों में 60 दिनों की छूट देने की घोषणा की है। यह छूट अमेरिकी बंदरगाहों के बीच माल ढुलाई के लिए अमेरिकी ध्वज वाले जहाजों की आवश्यकता पर लागू होगी।

जोन्स एक्ट 1920 के दशक का एक शताब्दी पुराना कानून है। इसका उद्देश्य अमेरिकी जहाज निर्माण क्षेत्र की रक्षा करना है। यह कानून अक्सर गैस की कीमतों को महंगा बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह कदम रिपब्लिकन प्रशासन पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। प्रशासन पर बढ़ती तेल कीमतों को कम करने का भारी दबाव है। अमेरिका और इस्राइल ईरान के साथ एक अनिश्चित युद्ध लड़ रहे हैं। इस युद्ध से वैश्विक तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात रोक दिया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के एक-पांचवें हिस्से तेल का महत्वपूर्ण मार्ग है।

जोन्स एक्ट के कारण क्या हो रही दिक्कत?

जोन्स एक्ट के तहत अमेरिकी बंदरगाहों के बीच माल केवल अमेरिकी जहाजों से ही ले जाया जा सकता है। इन जहाजों का निर्माण व स्वामित्व अमेरिकी कंपनियों के पास होना चाहिए। इनका संचालन अमेरिकी चालक दल द्वारा अनिवार्य है। यह नियम घरेलू उद्योग को बढ़ावा देता है पर माल ढुलाई लागत बढ़ाता है।

वैश्विक तेल बाजार पर दबाव क्यों?

अमेरिका-इस्राइल के ईरान युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रुकावट से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।



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The Bonus Market Update: सेंसेक्स 518 अंक चढ़ा, US डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 92.50 के पार


शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 518.84 अंक बढ़कर 76,589.68 पर पहुंच गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 157.75 अंक बढ़कर 23,738.90 पर पहुंच गया। 

रुपये में रिकॉर्ड गिरावट 

भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक कमजोरी के स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान रुपया पहली बार 92.50 के स्तर को पार करते हुए 92.57 के रिकॉर्ड इंट्रा-डे निचले स्तर तक गिर गया।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एचसीएल टेक, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा प्रमुख लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक इस मामले में पिछड़ गए।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, बाजार ने अत्यधिक गिरावट और निराशा के स्तर से उभरते हुए रिकवरी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि मार्च में विदेशी निवेशकों (FPI) द्वारा कैश इक्विटी से 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभाला है।

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान की तीव्रता और अवधि पर निर्भर करेगी। उनके मुताबिक, यह एक बड़ा अनिश्चित कारक है, जिसे बाजार अभी पूरी तरह से कीमतों में शामिल नहीं कर रहा है।

अजय बग्गा ने कहा कि इस सप्ताह का सबसे अहम वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक है। बाजार को उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और 2026 के अंत तक एक संभावित दर कटौती हो सकती है।

वहीं, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता और भ्रम का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में अनुभवी विशेषज्ञ भी निवेशकों को स्पष्ट रणनीति देने में हिचक रहे हैं।

एशियाई बाजारों में दिखी तेजी

अन्य एशियाई बाजारों में, बुधवार के शुरुआती सत्र में अधिकांश प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 2.21 प्रतिशत बढ़कर 54887 के स्तर पर पहुंच गया, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.94 प्रतिशत बढ़कर 4982 के स्तर पर, ताइवान का भारित सूचकांक 1.56 प्रतिशत बढ़कर 34356 के स्तर पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.84 प्रतिशत बढ़कर 5856 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक मामूली रूप से 0.16 प्रतिशत गिरकर 25826 के स्तर पर आ गया।



मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में भी प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखी गई। डाउ जोन्स 0.1 प्रतिशत बढ़कर 46993 के स्तर पर, एसएंडपी 500 0.25 प्रतिशत बढ़कर 6716 के स्तर पर और नैस्डैक 0.47 प्रतिशत बढ़कर 22479 के स्तर पर बंद हुआ। 

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 103 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

इस बीच, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं और इस रिपोर्ट को लिखे जाने के समय यह 103 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही थी, जिससे वैश्विक चिंताएं और बढ़ गईं। कमोडिटी सेगमेंट में, सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई और 24 कैरेट सोने का भाव 155743 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई और यह 251301 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।


 



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