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Cabinet: उद्योग, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹54,926 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, जानिए एमएसपी पर क्या फैसला


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने उद्योग, कृषि, सड़क निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को लक्षित करते हुए कुल 54,926 करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय परिव्यय वाली चार प्रमुख योजनाओं पर मुहर लगाई है।

यह कदम भारत के समग्र आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बैठक के संपन्न होने के बाद सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की।


कैबिनेट के अहम फैसले ये रहे?

भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA): केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दे दी है। ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य)’ नामक इस केंद्रीय क्षेत्र की योजना के लिए 33,660 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत देशभर में 100 निवेश-तैयार प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य उद्योगों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक का वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी। यह योजना छह साल की अवधि के लिए है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2031-32 तक चलेगी। औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम 100 एकड़ क्षेत्र की आवश्यकता होगी। हालांकि, पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। यह पहल देश में विनिर्माण और रोजगार सृजन को गति देगी।

 

कपास एमएसपी (2023-24):  कैबिनेट ने कपास सीजन 2023-24 के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संचालन पर हुए 1,718 करोड़ रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय किसानों को समर्थन देने के लिए लिया गया था, क्योंकि अक्तूबर 2023 से सितंबर 2024 तक चले इस सीजन में कपास की कीमतें एमएसपी से नीचे गिर गई थीं। सरकार ने भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के माध्यम से किसानों से एमएसपी पर कपास की खरीद की।



इस खरीद से 7.25 लाख किसानों को सीधा लाभ मिला। कुल 33 लाख गांठें कपास खरीदी गईं। इन खरीदों के माध्यम से किसानों को कुल 11,712 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। कपास सीजन 2023-24 में भारतीय किसानों ने कुल 325 लाख गांठें कपास का उत्पादन किया था।


 

राजमार्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर (NH-927): राष्ट्रीय सड़क संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के बाराबंकी से बहराइच खंड को 4-लेन बनाने के लिए 6,969 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।



एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 101.515 किलोमीटर की इस परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश भर के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।



आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 6,969.04 करोड़ रुपये की लागत से हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएम) पर बाराबंकी से बहराइच तक 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को मंजूरी दे दी है।



इस परियोजना में सिविल कार्य की लागत लगभग 3,485.49 करोड़ रुपये है और भूमि अधिग्रहण के लिए अतिरिक्त 1,574.85 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से 36.54 लाख व्यक्ति-दिवस (प्रत्यक्ष) और 43.04 लाख व्यक्ति-दिवस (अप्रत्यक्ष) के नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।


 

लघु पनबिजली विकास योजना: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 2,585 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली एक लघु जलविद्युत विकास योजना को मंजूरी दी, इसका उद्देश्य 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया, “2,585 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लघु जलविद्युत विकास योजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।”



मंत्री ने कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इन परियोजनाओं को बिना बांध बनाए और लोगों को विस्थापित किए बिना, नदी के प्रवाह पर आधारित परियोजनाओं के रूप में विकसित किया जाएगा।



वैष्णव ने कहा कि देश में 7,133 स्थलों पर कुल 21,000 मेगावाट क्षमता वाली लघु जलविद्युत परियोजनाओं की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में, देश में 1,196 स्थलों पर 5,100 मेगावाट की लघु जलविद्युत परियोजनाएं कार्यरत हैं।



इन परियोजनाओं की क्षमता 1 मेगावाट से 25 मेगावाट तक है। ये परियोजनाएं 2030-31 तक पांच वर्षों में कार्यान्वित की जाएंगी। इस योजना से लघु जलविद्युत परियोजनाओं में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।



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West Asia Crisis: रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन 40% बढ़ा, सरकार ने लोगों से की अफवाहों से बचने की अपील


पश्चिम एशिया में जारी हालिया तनाव और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतरमंत्रालयी प्रेसवार्ता में साफ किया देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए रिफाइनरियों से घरेलू एलपीजी के उत्पादन में लगभग 40% की भारी वृद्धि की गई है।

मंत्रालय ने अफवाहों से बचने की सलाह देते हुए आश्वस्त किया है कि किसी भी खुदरा आउटलेट या डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर गैस की कोई कमी नहीं है और घरेलू पीएनजी और परिवहन सीएनजी उपभोक्ताओं को 100% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज में फिलहाल 22 जहाज और 600 से अधिक नाविक विभिन्न जहाजों पर फंसे हैं। वे सभी फिलहाल सुरक्षित हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता और पीएनजी की ओर झुकाव

वर्तमान परिस्थितियों में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शुरुआत में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री में जो कटौती की गई थी, उसे अब आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए, प्रमुख शहरों और शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक एलपीजी उपभोक्ताओं से पीएनजी में स्विच करने का आग्रह किया गया है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन  कंपनियों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए कई प्रोत्साहन भी पेश किए हैं और उपभोक्ता ईमेल, पोर्टल या कॉल सेंटर के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

राज्यों को नीतिगत निर्देश और अतिरिक्त आवंटन

पीएनजी के बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने 16 मार्च 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कई सख्त निर्देश दिए हैं:


  • लंबित सीजीडी पाइपलाइन आवेदनों के लिए ‘डीम्ड अनुमति’ जारी करना और नई स्वीकृतियां 24 घंटे के भीतर देना।

  • राज्य या स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगाए गए सड़क बहाली और अनुमति शुल्क को माफ करना।

  • काम के घंटों और मौसम संबंधी प्रतिबंधों में ढील देना तथा समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करना।

इसके अलावा, एलपीजी से पीएनजी में दीर्घकालिक परिवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए 18 मार्च 2026 को राज्यों को व्यावसायिक एलपीजी का 10% अतिरिक्त आवंटन देने की पेशकश की गई है। यह प्रोत्साहन विभिन्न चरणों में मिलेगा: सीजीडी आवेदनों की मंजूरी के लिए राज्य/जिला समितियों के गठन पर 1%, डीम्ड अनुमतियों के आदेश पर 2%, ‘डिग एंड रिस्टोर स्कीम’ शुरू करने पर 3% और वार्षिक लीज शुल्क कम करने पर 4% अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा।

वैकल्पिक ईंधन और आपूर्ति शृंखला प्रबंधन

एलपीजी की बढ़ती मांग के दबाव को कम करने के लिए कोयला और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्पों को सक्रिय कर दिया गया है। बिहार, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों ने केरोसिन आवंटित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, गैर-घरेलू एलपीजी की आंशिक आपूर्ति सभी राज्यों में उपलब्ध कराई जा रही है; जिसके लिए दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान सहित 14 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं। गैस के डायवर्जन और कालाबाजारी को रोकने के लिए ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसका उपयोग 15 मार्च 2026 के 72% से बढ़कर 17 मार्च तक 81% हो गया है। 



निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र


बाजार में अनुशासन बनाए रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों ने 17 मार्च 2026 को 2300 से अधिक औचक निरीक्षण किए हैं। तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई छापे भी मारे गए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 30 राज्यों ने स्टेट कंट्रोल रूम और 22 राज्यों ने जिला कंट्रोल रूम स्थापित कर लिए हैं।



उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक मजबूत शिकायत निवारण तंत्र भी तैयार किया गया है। इसमें टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800 2333 555), सीपीजीआरएएमएस, ओएमसी वेबसाइट्स, और सोशल मीडिया (व्हाट्सएप, ट्विटर) शामिल हैं। एलपीजी दुर्घटनाओं या लीकेज के लिए समर्पित हेल्पलाइन ‘1906’ भी सक्रिय है।



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The Bonus Market Update: बाजार में हरियाली लौटी; सेंसेक्स ने लगाई 633 अंकों की छलांग, निफ्टी 23700 के पार


कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट और वैश्विक बाजारों में मजबूती के रुझान के बीच, शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे लगातार तीसरे दिन उनकी बढ़त जारी रही। आईटी शेयरों में तेजी के कारण घरेलू बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 76,704.13 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 929.38 अंक या 1.22 प्रतिशत की तेजी आई और यह 77,000.22 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 196.65 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 23,777.80 पर बंद हुआ।

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 92.63 (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो मजबूत डॉलर और निरंतर विदेशी निवेशक बहिर्वाह के दबाव में था।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से, इटरनल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, अदानी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एक्सिस बैंक प्रमुख लाभ कमाने वालों में शामिल थे। एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मा और एचडीएफसी बैंक पिछड़ने वालों में शामिल थे।

यूरोपीय बाजारों में दिखी तेजी 

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी 5 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.87 प्रतिशत चढ़ गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ।

अवसरवादी खरीदारी के समर्थन से घरेलू बाजारों में सुधार जारी रहा

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि हालिया बिकवाली के बाद अवसरवादी खरीदारी के समर्थन से घरेलू बाजारों में सुधार जारी रहा। यह उछाल व्यापक था, जो शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग के संयोजन से प्रेरित था, जिसमें आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टरों के नेतृत्व के साथ-साथ मिड और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती देखी गई।

ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 103.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 0.10 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 103.3 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,741.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,225.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।



मंगलवार को सेंसेक्स 567.99 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 76,070.84 पर बंद हुआ। निफ्टी 172.35 अंक या 0.74 प्रतिशत चढ़कर 23,581.15 पर समाप्त हुआ।



 



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कम नहीं हो पा रही पाकिस्तान की तंगहाली: गरीबी और बढ़ी, कमजोर सिस्टम ने किया आग में घी का काम


पाकिस्तान एक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जहां सरकारी आंकड़ों के अनुसार गरीबी की समस्या लगातार गहराती जा रही है। नवीनतम रिपोर्टों से यह स्पष्ट होता है कि देश केवल मौद्रिक गरीबी का सामना नहीं कर रहा है, बल्कि ‘संस्थागत गरीबी’ की गिरफ्त में भी आ गया है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां मजबूत, अनुमानित और लचीले संस्थानों का अभाव है, जो आय की सुरक्षा कर सकें, अवसरों को सक्षम बना सकें और झटकों को अवशोषित कर सकें।

मौद्रिक गरीबी में वृद्धि

पाकिस्तान के योजना आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, मौद्रिक गरीबी का प्रतिशत 2018-19 में 21.9 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 28.9 प्रतिशत हो गया है। इसका अर्थ है कि देश की एक बड़ी आबादी जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है।

मौद्रिक गरीबी आय या व्यय की उस कमी को कहते हैं, जहां कोई व्यक्ति या परिवार जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक न्यूनतम आय स्तर (गरीबी रेखा) से नीचे रहता है।

ग्रामीण और शहरी गरीबी का विभाजन

गरीबी का यह संकट देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 36 प्रतिशत से अधिक है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 17 प्रतिशत को पार कर गई है। राष्ट्रीय गिनी सूचकांक, जो आय असमानता को मापता है, 28.4 से बढ़कर 32.7 हो गया है, जो विशेष रूप से सिंध जैसे कुछ प्रांतों में स्थिति के और बिगड़ने का संकेत देता है।

आय असमानता और आर्थिक अस्थिरता

योजना आयोग की रिपोर्टों से पता चलता है कि हालांकि नाममात्र की आय में वृद्धि हुई है, लेकिन मुद्रास्फीति के आय से अधिक होने के कारण वास्तविक आय में गिरावट आई है। इससे प्रांतों के बीच असमानता बढ़ी है और देश व्यापक आर्थिक अस्थिरता व जलवायु झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है। यह कमजोर नीति-कल्याण संचरण तंत्र का संकेत देता है।

संस्थागत गरीबी के आयाम

संस्थागत गरीबी कई रूपों में प्रकट होती है, जिनमें शामिल हैं:


  • नीति अस्थिरता: बार-बार नीतियों में बदलाव से अनिश्चितता का माहौल बनता है।

  • कमजोर श्रम औपचारिकता: अधिकांश श्रमिक अनौपचारिक क्षेत्र में हैं, बिना अनुबंध, बीमा या उत्पादकता वृद्धि के अवसरों के।

  • नाजुक स्थानीय शासन: जिला-स्तरीय संस्थान, जहां सेवाएं प्रदान की जाती हैं, प्रशासनिक रूप से कमजोर और वित्तीय रूप से निर्भर हैं।

  • सामाजिक सुरक्षा में स्वचालित स्थिरीकरण का अभाव: संकट के समय में लोगों को सहारा देने वाली प्रणालियाँ प्रभावी नहीं हैं।

  • जवाबदेही के बिना योजना: योजनाओं का निर्माण तो होता है, लेकिन उनके कार्यान्वयन और परिणामों के लिए कोई जवाबदेही तय नहीं की जाती।

सुधार के लिए सुझाव

रिपोर्टों में संस्थागत गरीबी से निपटने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:


  • ऊर्जा टैरिफ सुधार: निम्न आय वर्ग के लिए पूर्व-निर्धारित क्षतिपूर्ति तंत्र शामिल किया जाना चाहिए।

  • कृषि बीमा का संस्थागतकरण: यह दाता-निर्भरता के बजाय एक स्थायी प्रणाली के रूप में स्थापित होना चाहिए।

  • लचीलापन फ्रेमवर्क: पंचवर्षीय योजनाओं को, या कम से कम उनके पूरक के रूप में, ऐसे लचीलापन फ्रेमवर्क द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए जो व्यापक आर्थिक स्थिरता, श्रम बाजार, जलवायु अनुकूलन और असमानता की निगरानी को एकीकृत करें।

आर्थिक जाल और भविष्य की चुनौतियां

एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने उत्पादक विकास पर अल्पकालिक प्रवासी प्रेषण और विदेशी सहायता को प्राथमिकता देकर खुद को एक खतरनाक आर्थिक जाल में फंसा लिया है। प्रवासी प्रेषण अब सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा हैं और निर्यात आय के बराबर हैं। यह प्रणाली की विफलताओं को छुपाता है, जैसे कि निष्क्रिय कारखाने, उच्च बेरोजगारी और उत्पादक कार्यबल का अल्प-उपयोग। 






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मार्च के पहले हफ्ते में LPG की खपत 17% घटी: पेट्रोल 13% और डीजल 8% ज्यादा बिका; 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने दाम बढ़ाए




देश भर में मार्च के पहले हफ्ते में लिक्विफाइट पेट्रोलियम गैस(LPG) की खपत 17% घटी है। ये असर वेस्ट एशिया में बने जंग के हालातों की वजह से हुआ है। 90% मार्केट शेयर वाली 3 सरकारी कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में LPG की खपत कम हुई है। मार्च की इस अवधि में LPG की खपत 1.147 मिलियन टन रही, जबकि पिछले साल इसी समय में ये 1.387 मिलियन टन थी। फरवरी के पहले पखवाड़े की तुलना में मार्च में 26.3% कम खपत रही। दूसरी तरफ, पेट्रोल-डीजल की मांग बढ़ी। पेट्रोल की बिक्री 13.2% बढ़कर 1.5 मिलियन टन और डीजल की बिक्री 8.2% बढ़कर 3.384 मिलियन टन रही। वहीं, लोकलसर्कल्स सर्वे के मुताबिक कमर्शियल गैस की किल्लत से देशभर में खाना महंगा हुआ है। लागत बढ़ने की वजह से एक हफ्ते में 57% रेस्टोरेंट्स, 54% स्ट्रीट वेंडर्स ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर सरकार की नजर, 12 हजार छापे केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एलपीजी की कमी नहीं है। सप्लाई सामान्य है। कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी है। देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्ती के निर्देश दिए हैं। एलपीजी सप्लाई पर दबाव कम करने के लिए शहरी क्षेत्रों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने को कहा है। डिजिटल सिस्टम को मजबूत करते हुए एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर करीब 94% तक पहुंच गई है। रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन में 38% की बढ़ोतरी हुई है। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। होर्मुज में अभी 22 जहाज, 611 नाविक और फंसे हैं केंद्र सरकार के अनुसार, 611 नाविकों के साथ भारतीय झंडे वाले 22 जहाज पश्चिमी खाड़ी में हैं। इनमें 6 एलपीजी कैरियर, 1 एलएनजी टैंकर, 4 कच्चा तेल टैंकर भी शामिल हैं। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ा कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ते दाम ने आम आदमी का भी बजट बिगाड़ा है। लोकलसर्कल्स के सर्वे में शामिल 50% से ज्यादा लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट वेंडर्स ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। 57% लोगों ने रेस्टोरेंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की। 54% का कहना है कि रेहड़ी-पटरी वालों ने दाम 10-25% बढ़ाए हैं। सर्वे में देश के 309 जिलों में 38,000 उपभोक्ताओं की राय जानी गई। इसके मुताबिक, ईंधन की ऊंची लागत की भरपाई का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जा रहा है। खाने की कीमतें घटाने के लिए सरकार को तत्काल दखल देने की जरूरत है। ये हुआ असर… गैस कनेक्शन बंद होने की खबरों पर सरकार की सफाई, कहा- सभी को e-KYC की जरूरत नहीं केंद्र सरकार ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि अगर ग्राहकों ने e-KYC नहीं कराया, तो उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि eKYC की जरूरत सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को है, जिनका वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है। सरकार ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जो जानकारी दी है, वह पुराने अभियान का ही हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ इतना है कि ज्यादा से ज्यादा गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें, ताकि सिस्टम में फर्जीवाड़ा न हो। पूरी खबर पढ़ें… —————– ये खबर भी पढ़ें… कैफे ने नींबू पानी पर 5% गैस-क्राइसिस चार्ज वसूला:₹358 के बिल पर ₹17 एक्स्ट्रा लिए देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। पूरी खबर पढ़ें…



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रणवीर सिंह ने धुरंधर की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया और इसके सीक्वल के लिए उत्सुकता जताई।


India

-Oneindia Staff

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी फिल्म “धुरंधर” की सफलता के लिए दुनिया भर के दर्शकों का आभार व्यक्त किया, और इसके बॉक्स ऑफिस की शानदार सफलता का श्रेय उनके प्यार और सम्मान को दिया। दिसंबर 2025 में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने भारतीय बाज़ार से 1,000 करोड़ रुपये के साथ, वैश्विक स्तर पर 1,300 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस स्पाई थ्रिलर को इसकी कहानी, संगीत और प्रदर्शन के लिए सराहा गया।

 धुरंधर की सफलता के लिए रणवीर सिंह ने प्रशंसकों को धन्यवाद दिया

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सीक्वल “धुरंधर: द रिवेंज” के संगीत लॉन्च के अवसर पर बोलते हुए, सिंह ने कहा कि टीम फिल्म के आसपास की प्रत्याशा से अभिभूत है, जो 19 मार्च को रिलीज़ होने वाली है। “आपने हमारी फिल्म को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर तक पहुंचाने में मदद की,” सिंह ने कहा, टीम की ओर से दुनिया भर के दर्शकों को धन्यवाद देते हुए। सीक्वल की रिलीज़ का बेसब्री से दुनिया भर में इंतजार है।

सिंह ने दूसरे भाग के लिए उत्साह को बेजोड़ बताया। फिल्म का संगीत राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शशांक सचदेव ने तैयार किया है, जो “द बा***ड्स ऑफ बॉलीवुड” और “केसरी 2” में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। सिंह ने सचदेव को एक म्यूजिकल पावरहाउस बताया और भविष्य में उन्हें महान संगीतकारों में से एक के रूप में पहचाने जाने की भविष्यवाणी की।

सचदेव की रचनाएँ दोनों फिल्मों का अभिन्न अंग बन गई हैं, सिंह ने “धुरंधर: द रिवेंज” को एक सच्चा शशांक सचदेव म्यूजिकल बताया। सिंह ने साउंडट्रैक की बहुमुखी प्रतिभा पर प्रकाश डाला, और कॉलेजों और जिम जैसे विभिन्न स्थानों पर इसकी अपील को नोट किया। उन्होंने युवा कलाकारों के साथ सहयोग का जश्न मनाया जिसने संगीत को समृद्ध किया।

सह-अभिनेत्री सारा अर्जुन ने भी प्रशंसकों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने किरदार की यात्रा का वर्णन किया और साझा किया कि कैसे संगीत ने सिंह के किरदार हमजा के साथ उनके दृश्यों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अर्जुन ने जीवन में संगीत के महत्व पर जोर दिया और सचदेव के एल्बम की प्रशंसा की।

सचदेव ने सीक्वल में सिंह के प्रदर्शन को असाधारण बताया। उन्होंने सिंह के प्रति प्रशंसा व्यक्त की, किसी भी सफलता का श्रेय उन्हें देते हुए किसी भी कमी के लिए जिम्मेदारी ली। संगीत टीम, जिसमें खान साब, सुधीर यादवंशी, शहज़ाद अली, और रैप कलाकार रीबल और टोकन शामिल थे, ने टी-सीरीज़ के भूषण कुमार के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

अभिनेता आर माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, और राकेश बेदी “धुरंधर: द रिवेंज” में अपनी भूमिकाएँ दोहराएंगे। फिल्म जियो स्टूडियोज़ और बी62 स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत की गई है और आदित्य धर द्वारा ज्योति देशपांडे और लोकेश धर के साथ सह-निर्मित है।

With inputs from PTI



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सारा अली खान आस्था के शपथ पत्र के साथ बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में प्रवेश कर सकती हैं।


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-Oneindia Staff

हाल ही में एक घोषणा में, बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि अभिनेत्री सारा अली खान बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर परिसरों में प्रवेश पा सकती हैं यदि वह सनातन धर्म में अपनी आस्था की पुष्टि करने वाला एक हलफनामा प्रस्तुत करती हैं। यह घोषणा बीकेटीसी के गैर-सनतानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के बाद आई है।

 सारा अली खान के मंदिर में प्रवेश की शर्त आस्था पर आधारित है।

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि गैर-हिंदू जो लिखित घोषणा के माध्यम से सनातन धर्म में अपने विश्वास को व्यक्त करते हैं, उनका मंदिरों में स्वागत है। बीकेटीसी ने पहले ही इस उद्देश्य के लिए एक मानकीकृत हलफनामा प्रारूप तैयार कर लिया है। यह कदम मंदिर परिसरों में गैर-सनतानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव की समिति द्वारा सर्वसम्मति से मंजूरी के बाद आया है।

प्रवेश प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव 10 मार्च को एक बोर्ड बैठक के दौरान स्वीकृत किया गया था और आगे की विचार-विमर्श के लिए उत्तराखंड सरकार को भेजा गया है। इस निर्णय का उद्देश्य बद्रीनाथ और केदारनाथ की मंदिर परिसरों और गर्भगृहों की पवित्रता को बनाए रखना है।

चार धाम यात्रा की तैयारियाँ

आगामी चार धाम यात्रा तीर्थयात्रा की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं, जिसमें 16 मार्च तक 600,000 से अधिक श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं। यह तीर्थयात्रा 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर शुरू होने वाली है। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलेंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल और केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को खुलेंगे।

बीकेटीसी का निर्णय सनातन धर्म में अपनी आस्था घोषित करने वालों को समायोजित करते हुए धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे चार धाम यात्रा की तैयारियाँ जारी हैं, श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

With inputs from PTI

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भास्कर अपडेट्स: महात्मा गांधी पर अपमानजनक टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग की याचिका, हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया


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46 मिनट पहले

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बॉम्बे हाइकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के गृह विभाग और शहर की पुलिस से एक याचिका पर जवाब मांगा। इस याचिका में महात्मा गांधी के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक बयान देने के आरोप में एक पत्रकार और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी और याचिकाकर्ता अश्विन बैस ने आरोप लगाया कि ‘सकल हिंदू समाज सम्मेलन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिए और कहा कि गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ नहीं कहा जा सकता।

वकील आकाश मून के माध्यम से दायर इस याचिका में हाई कोर्ट से शहर की सीताबर्डी पुलिस को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह कुलश्रेष्ठ और 15 फरवरी के कार्यक्रम के आयोजक निशांत गांधी के खिलाफ उनकी शिकायत पर कार्रवाई करे।

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एयर इंडिया शैनन में फंसे यात्रियों को लाने के लिए स्पेशल फ्लाइट चलाएगा

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एयर इंडिया बुधवार को शैनन के लिए एक स्पेशल फ़्लाइट चलाने की योजना बना रही है, ताकि उन फंसे हुए यात्रियों को दिल्ली लाया जा सके जिनकी फ़्लाइट विमान में तकनीकी खराबी के कारण इस आयरिश शहर की ओर मोड़ दी गई थी।

सोमवार को, एयरलाइन का A350 विमान, जो न्यूयॉर्क से दिल्ली जा रहा था, तकनीकी खराबी के कारण शैनन की ओर मोड़ दिया गया। बाद में, विमान को इस आयरिश शहर में ही रोक दिया गया।

मंगलवार को एक अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन बुधवार को एक स्पेशल फ़्लाइट चलाने की योजना बना रही है – जिसकी सबसे ज्यादा संभावना ज़्यूरिख से होने की है – ताकि शैनन में फंसे यात्रियों को दिल्ली तक पहुंचाया जा सके।

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विधानसभा चुनाव से कुछ सप्ताह पहले प्रद्युत बोरदोलोई ने असम कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।


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-Oneindia Staff

असम में कांग्रेस पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, लोकसभा सांसद प्रद्योत बोरदोलोई ने राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक 20 दिन पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बोरदोलोई के इस्तीफे की चिट्ठी एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित थी, जिसकी पुष्टि गुवाहाटी में राज्य मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदाब्रत बोरा ने की है।

 बोरदोलोई ने असम कांग्रेस से इस्तीफा दिया

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एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दिल्ली में बोरदोलोई से मुलाकात की। उन्होंने इस्तीफे का कारण आंतरिक मतभेद बताया और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर बोरदोलोई को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए एक मीडिया अभियान चलाने का आरोप लगाया। बोरदोलोई, जो पूर्व राज्य कैबिनेट मंत्री और नगाँव निर्वाचन क्षेत्र से दो बार के सांसद रह चुके हैं, उनके एक बेटे, प्रतीक हैं, जो 9 अप्रैल को होने वाले आगामी चुनावों में मारघेरिटा से चुनाव लड़ रहे हैं।

खड़गे को लिखे अपने इस्तीफे के पत्र में, बोरदोलोई ने सभी पार्टी पदों और विशेषाधिकारों से इस्तीफा देते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। पत्र मीडिया के पास उपलब्ध है। बोरा ने उल्लेख किया कि गोगोई और सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में बोरदोलोई के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। सिंह ने टिप्पणी की कि बोरदोलोई कांग्रेस परिवार का हिस्सा बने हुए हैं और उन्होंने उनके बीजेपी में शामिल होने की किसी भी जानकारी से इनकार किया।

सिंह ने भूपेन बोरा का भी उल्लेख किया, जो पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष थे और फरवरी में बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने दावा किया कि बोरा अब पार्टी का टिकट सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उनका उनकी नई पार्टी द्वारा गर्मजोशी से स्वागत नहीं किया जा रहा है। गोगोई ने बोरदोलोई के इस्तीफे के बारे में मीडिया रिपोर्टों की निंदा की और मुख्यमंत्री पर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

बोरदोलोई के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, गोगोई और सिंह ने चुनावों से पहले मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीतियों पर चर्चा की। बोरदोलोई विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। कॉटन कॉलेज (अब एक विश्वविद्यालय) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, वह अपने छात्र दिनों से ही कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और 2016 तक मारघेरिटा से विधायक के रूप में कार्य कर चुके हैं।

कांग्रेस के वर्तमान में असम से तीन लोकसभा सांसद हैं: राज्य अध्यक्ष गोगोई जोरहाट से, बोरदोलोई नगाँव से, और रकीबुल हुसैन धुबरी से। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के एक अन्य वरिष्ठ नेता, नवज्योति तालुकदार ने भी मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। तालुकदार गुवाहाटी सेंट्रल सीट के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन एक अन्य उम्मीदवार के नामांकित होने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

बोरदोलोई ने पहले जितेंद्र सिंह के साथ संभावित इस्तीफे के बारे में तब से संचार किया था यदि मौजूदा लाहोरिघाट विधायक आसिफ मोहम्मद नज़र को विधानसभा चुनावों के लिए फिर से नामांकित किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि नज़र के सहायक, इमदादुल इस्लाम, पर अप्रैल 2025 में उन पर और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल होने का आरोप था और पुलिस ने उन्हें चार्जशीट किया था। बोरदोलोई ने यह भी दावा किया कि गोगोई ने इस साल की शुरुआत में इस्लाम से उनके आवास पर मुलाकात की थी। लाहोरिघाट, बोरदोलोई के नगाँव लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

With inputs from PTI



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NIA ने 6 यूक्रेनी, 1 अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया: भारत में उग्रवाद का समर्थन कर रहे थे; यूक्रेन ने तत्काल रिहाई की मांग की




नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 6 यूक्रेनियों और एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया। इन पर म्यांमार के जातीय युद्ध समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे थे। साथ ही भारत में उग्रवाद का भी समर्थन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (अमेरिकी नागरिक), हुर्बा पेट्रो (यूक्रेनी नागरिक), स्लीव्याक तारास (यूक्रेनी नागरिक), इवान सुकमानोव्स्की (यूक्रेनी नागरिक), स्टेफानकिव मारियन (यूक्रेनी नागरिक), होनचारुक मैक्सिम (यूक्रेनी नागरिक) और कामिंस्की विक्टर (यूक्रेनी नागरिक) के रूप में हुई है। NIA ने 13 मार्च को दिल्ली से तीन यूक्रेनियों, लखनऊ से तीन और कोलकाता से एक अमेरिकी नागरिक को धारा 18 (आतंकवादी षड्यंत्र) और BNS के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं, यूक्रेन ने मंगलवार को भारत को एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई की मांग की गई है। आरोपियों को ले जाने की 5 तस्वीरें… कोर्ट ने 11 दिन की रिमांड पर भेजा NIA के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सोमवार को सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया। NIA ने 15 दिन की हिरासत मांगी थी। रिमांड मांगते समय, NIA ने आरोप लगाया कि आरोपी AK-47 राइफलें रखने वाले अज्ञात आतंकवादियों के सीधे संपर्क में थे और उनकी आतंकवादी/अवैध गतिविधियों में मदद कर रहे थे। NIA ने कहा कि जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़े ये आरोपी, कुछ प्रतिबंधित भारतीय उग्रवादी समूहों को हथियार और आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके तथा उन्हें प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन कर रहे हैं। यूक्रेन ने विरोध दर्ज कराया यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में देश के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध नोट सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। इसमें आगे कहा गया कि दूतावास हिरासत से जुड़े सभी हालात और कारणों को स्पष्ट करने के लिए भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए है। अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है।



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