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सीहोर में पानी के लिए हाहाकार, सैकड़ों परिवार गांव छोड़कर पलायन को मजबूर, CM हाउस पहुंचा ग्रामीणों का गुस्सा


Bhopal

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मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में भीषण जल संकट ने ग्रामीण जीवन को उजाड़ दिया है। कई गांवों में कुएं, बोरवेल और हैंडपंप सूख चुके हैं। महिलाएं और बच्चे बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सैकड़ों परिवारों ने घरों पर ताले लगाकर गांव छोड़ दिया है। कुछ शहरों में मजदूरी करने चले गए, तो कुछ दूर-दराज के खेतों में टेंट लगाकर रहने लगे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री स्तर तक शिकायत और आदेश पहुंच चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आज (17 मार्च 2026) किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों सरपंच, ग्रामीण और महिलाओं ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास पर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र नलकूप खनन कर पानी की व्यवस्था करने की मांग की।

Water crisis in Sehore district Hundreds of families lock their homes and flee

गांव-गांव में पलायन की तस्वीर

  • ग्राम खमरिया: करीब 80 परिवारों ने पानी के अभाव में गांव छोड़ दिया। घरों पर ताले लटक रहे हैं।
  • ग्राम भरवेली: 40 परिवारों ने पलायन किया। लोग शहर या रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं।
  • ग्राम रायपुर: 30 परिवारों ने पानी के संकट में गांव छोड़ दिया।
  • ग्राम नरेला: 25 परिवार बूंद-बूंद पानी से परेशान होकर पलायन कर चुके हैं।
  • अन्य गांव जैसे ग्राम क्लास कला, जामिनी, पचामा, बडवेली, रोला मानपुर, नया खेड़ा आदि में भी यही हाल है। महिलाएं रोज 3-5 किमी दूर पानी लाने को मजबूर हैं। पशु-पक्षी मर रहे हैं। खेती-बाड़ी ठप है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से सूखा है। भूजल स्तर 300-400 फीट नीचे चला गया है। पुराने नलकूप काम नहीं कर रहे। टैंकर से पानी आता है, लेकिन अपर्याप्त और महंगा। मंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं

Water crisis in Sehore district Hundreds of families lock their homes and flee

ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए:

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री (मैडम साहिबा) ने प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भोपाल को निर्देश दिए थे कि उपरोक्त गांवों में शीघ्र नलकूप खनन कराया जाए। प्रमुख अभियंता ने कार्यपालन यंत्री श्री सक्सेना को निर्देश जारी किए।
प्रभारी मंत्री सीहोर जिले की कृष्णा गौर ने भी कलेक्टर सीहोर को सिग्नल करने के निर्देश दिए। लेकिन जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे। ग्रामीणों ने कहा कि मंत्री जी के आदेशों की अनदेखी हो रही है।

मुख्यमंत्री निवास पर ज्ञापन

आज एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों सरपंच, ग्रामीण और महिलाएं भोपाल पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर ज्ञापन सौंपा और मांग की:

  • उपरोक्त सभी गांवों में शीघ्र नलकूप खनन कराया जाए।
  • जल संकट से जूझ रहे परिवारों को तत्काल राहत दी जाए।
  • मंत्री और प्रमुख अभियंता के आदेशों का पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी और प्रमुख सचिव ने दूरभाष पर प्रमुख अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से बात की और शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब काम होगा, वरना पलायन और बढ़ेगा।

विशेषज्ञों और ग्रामीणों की चिंता

जल विशेषज्ञों का कहना है कि सीहोर जैसे क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। अनियंत्रित बोरिंग और वर्षा जल संचयन की कमी से समस्या बढ़ी है। अगर तुरंत नलकूप खनन और अमृत सरोवर जैसे कार्य नहीं हुए तो बड़े पैमाने पर पलायन होगा। ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पानी के लिए रोज संघर्ष कर रही हैं, लेकिन बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। पशु मर रहे हैं।

एमएस मेवाड़ा ने कहा कि यह संकट सिर्फ सीहोर का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में है। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। यह पलायन ग्रामीण भारत के जल संकट की चेतावनी है। अगर जल्द राहत नहीं मिली तो हजारों परिवार उजड़ जाएंगे। ग्रामीणों की एकमात्र उम्मीद अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से है।



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MP News: कटनी में CM मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक, हेलीपैड के पास फूटे पटाखे, पुलिस ने की FIR


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर लैंडिंग के समय हेलीपैड के समीप पटाखे (आतिशबाजी) फूटे, जिससे सुरक्षा में बड़ी चूक हुई।

पुलिस प्रशासन ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह घटना 14 मार्च 2026 को हुई, जब मुख्यमंत्री कृषि महोत्सव और विकास कार्यों की सौगात देने बरही पहुंचे थे।

Security lapse for CM Mohan Yadav in Katni Firecrackers explode near helipad police register FIR

कैसे हुआ ये घटना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 मार्च को बरही में विजयनाथ धाम मेला प्रांगण में कृषि महोत्सव में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात दी। हेलीकॉप्टर से उतरते समय हेलीपैड के आसपास पटाखे फूटे, जिससे सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री के काफिले और हेलीपैड की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही से यह घटना घटी। पटाखों की आवाज से सुरक्षा घेरा तनावपूर्ण हो गया, लेकिन मुख्यमंत्री सुरक्षित रहे।

कटनी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और हेलीपैड पर की गई आतिशबाजी को सीएम सुरक्षा में गंभीर लापरवाही मानते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में यह साबित हुआ कि पटाखे फूटने से सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ, जो मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता था।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

FIR दर्ज: अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 336 (लापरवाही से खतरा पैदा करना), 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज।

जांच: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हेलीपैड और आसपास के क्षेत्र की जांच की। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा: मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बरती जाएगी।

प्रशासन का बयान: कलेक्टर कटनी ने कहा कि मुख्यमंत्री का दौरा सफल रहा, लेकिन सुरक्षा चूक पर कोई समझौता नहीं होगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के दौरे का संदर्भ

डॉ. मोहन यादव बरही में कृषि महोत्सव में शामिल हुए थे। उन्होंने विजयनाथ धाम में पूजा-अर्चना की और किसानों से संवाद किया। क्षेत्र में 1 किमी लंबी आभार रैली निकाली गई, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना की सौगात दी, जिससे 27 गांवों के 11 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।

सुरक्षा लापरवाही का गंभीर संदेश

यह घटना मुख्यमंत्री सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला है। हाल ही में अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां हेलीपैड पर पटाखे या भीड़ प्रबंधन में लापरवाही से खतरा पैदा हुआ। मध्य प्रदेश पुलिस ने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह घटना मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जरूरत को रेखांकित करती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मुख्यमंत्री या अन्य VIP कार्यक्रमों में पटाखेबाजी या ऐसी गतिविधियां न करें, जो सुरक्षा को खतरा पैदा करें।



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‘ईरान से खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ’, NCTC चीफ केंट ने दिया इस्‍तीफा, ट्रंप टीम में शुरू हुई खिलाफत


International

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। Joe Kent ने राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (NCTC) के डॉयरेक्‍टर पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। उनका यह कदम सीधे तौर पर Donald Trump प्रशासन की ईरान नीति पर सवाल खड़े करता है।

युद्ध के औचित्य पर उठाए सवाल

केंट ने अपने बयान में साफ कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सैन्य कार्रवाई इजरायल और उसकी अमेरिकी लॉबी के दबाव में की गई। उनका कहना था कि वे “सच्चे मन से” इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।

Iran Conflict

ट्रंप प्रशासन में पड़ी फूंट

केंट का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि यह ट्रंप प्रशासन के भीतर बढ़ती असहमति का संकेत है। इससे साफ है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर सवाल अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता के अंदर भी उठने लगे हैं।

घरेलू सुरक्षा के बीच नेतृत्व में बदलाव

यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका में हालिया हमलों के बाद घरेलू आतंकवाद को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। NCTC जैसे अहम संस्थान में नेतृत्व परिवर्तन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

केंट का राजनीति और विवादों से रहा पुराना नाता

जो केंट का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वे दक्षिणपंथी समूहों से कथित संबंधों और 2020 चुनाव को लेकर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे।
डेमोक्रेट्स ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, जबकि रिपब्लिकन ने उनके सैन्य और खुफिया अनुभव का समर्थन किया।

डेमोक्रेट्स ने भी ठहराया सही

सीनेटर Mark Warner ने केंट के कई विचारों से असहमति जताने के बावजूद कहा कि ईरान युद्ध पर उनकी चिंता “जायज” है। उनके मुताबिक, अमेरिका के पास ईरान से किसी आसन्न खतरे का ठोस सबूत नहीं था।

अब नजरें अमेरिकी खुफिया प्रमुखों की आने वाली गवाही पर हैं, जहां ईरान युद्ध और उससे जुड़े फैसलों पर तीखे सवाल उठ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अमेरिका की विदेश नीति और सैन्य फैसलों की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है।



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IPL 2026: नाम बड़े दर्शन छोटे, 3 दिग्गज खिलाड़ी सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होकर बने ‘डक किंग’


Cricket

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IPL 2026: आईपीएल की दुनिया में जहां एक तरफ रनों की बरसात होती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे शर्मनाक रिकॉर्ड्स भी हैं जिन्हें कोई भी खिलाड़ी अपने नाम नहीं करना चाहेगा। आईपीएल 2026 के आगाज़ से पहले जब हम आंकड़ों पर नज़र डालते हैं, तो 3 ऐसे बड़े नाम सामने आते हैं जो शून्य (0) पर आउट होने के मामले में सबसे आगे हैं।

खास बात तो यह है कि टॉप तीन प्लेयर्स में भारत के दो खिलाड़ी शामिल हैं। एक खिलाड़ी विदेशी है। हालांकि फैंस को जीरो पर आउट होने वाले खिलाड़ी ज्यादा पसंद नहीं आते लेकिन बढ़िया बल्लेबाज ही कई बार निराश करते हैं।

ipl 2026

ग्लेन मैक्सवेल

ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल अपनी बेखौफ और तूफानी बल्लेबाजी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं, लेकिन इसी आक्रामक शैली के कारण वे अक्सर अपना विकेट जल्दी गंवा बैठते हैं। आईपीएल इतिहास में मैक्सवेल के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जिसे वे कभी याद नहीं करना चाहेंगे। उन्होंने अब तक खेले 141 मैचों की 135 पारियों में सर्वाधिक 19 बार शून्य (0) पर आउट होने का अनचाहा कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके करियर में जहां बड़े-बड़े छक्के शामिल हैं, वहीं इतनी ज्यादा बार खाता न खोल पाना उनकी बल्लेबाजी के जोखिम भरे पहलू को दर्शाता है।

दिनेश कार्तिक

भारतीय क्रिकेट के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने कई मौकों पर फिनिशर की भूमिका निभाते हुए अपनी टीमों को जीत दिलाई, लेकिन उनके लंबे करियर के साथ-साथ शून्य का साया भी चलता रहा। कार्तिक ने अपने 257 मैचों के करियर में कुल 18 बार बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौटने का स्वाद चखा है। इतने सालों का अनुभव होने के बावजूद, शून्य पर आउट होने के मामले में वे आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे अनलकी बल्लेबाज माने जाते हैं।

रोहित शर्मा

मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी में पांच बार चैंपियन बनाने वाले हिटमैन रोहित शर्मा इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम हैं। जहां एक तरफ रोहित के नाम आईपीएल में हजारों रन और अनगिनत रिकॉर्ड्स हैं, वहीं दूसरी तरफ 18 बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड उनके शानदार करियर पर एक छोटे दाग की तरह है। रोहित ने अब तक 272 मैच खेले हैं और दिनेश कार्तिक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि चाहे बल्लेबाज कितना भी महान क्यों न हो, आईपीएल जैसे प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में पहली कुछ गेंदे किसी के लिए भी काल साबित हो सकती हैं।



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‘अंकल’ की बुरी नजर, 6 साल की मासूम को चॉकलेट का लालच दे किया गंदा काम, अब पुलिस कर रही हिसाब


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दिल्ली के छावला में एक पड़ोसी ने 6 साल की नाबालिग संग गंदी हरकत की. दिल्ली पुलिस ने उसे POCSO एक्ट सेक्शन 6 के तहत गिरफ्तार की है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने पीड़िता का बार-बार शोषण किया था और किसी को न बताने की धमकी भी दी थी.

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6 साल की नाबालिग बच्ची संग पड़ोसी ने किया गंदा काम, गिरफ्तार. (सांकेतिक तस्वीर)

नई दिल्ली (द्वारका): राजधानी दिल्ली में मासूमों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं. द्वारका के छावला इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें पड़ोसियों के बीच के भरोसे को खत्म कर दिया है. एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ ऐसी हरकत जिसको ये भी नहीं मालूम था कि गंदी क्या होती है. उसका पड़ोसी उसे अपनी हवस और अश्लील हरकतों का शिकार बना रहा था. दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

मिली जानकारी के मुताबिक, 6 वर्षीय पीड़िता अपने घर के पास स्कूल के मैदान में अपनी छोटी बहन के साथ खेल रही थी. तभी वहां रहने वाला एक परिचित पड़ोसी आया. उसने मासूम को बातों में उलझाया और अपनी दुकान पर ले गया. दुकान के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए उसने मासूम बच्ची के साथ गलत हरकतें कीं. हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उसने बच्ची को डराया-धमकाया भी कि किसी को कुछ मत बताना.

मासूम की हिम्मत से खुला राज

बच्ची इस घिनौनी हरकत से सहम गई थी, लेकिन उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती सुनाई. मां के पैरों तले जमीन तब खिसक गई जब बच्ची ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं था, आरोपी पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका था. मां ने तुरंत अपने एक रिश्तेदार (आंटी) को फोन किया और फिर परिवार के साथ मिलकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई.

FIR दर्ज और गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना वक्त गंवाए तत्काल कार्रवाई की. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 06 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी ने इलाके के अन्य बच्चों के साथ भी इस तरह की कोई हरकत की है.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें



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Kumar Vishwas के दामाद की जाति क्‍या है? कभी इस दिग्गज एक्‍ट्रेस की शादी का उड़ाया था मजाक


India

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Kumar Vishwas Son In Law Caste: कवि‑राजनीतिज्ञ कुमार विश्वास आए दिन अपने बयानों के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं, आजकल रामकथा के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले कुमार विश्‍वास ने 2 मार्च 2025 को अपनी बड़ी बेटी अग्रता शर्मा की शादी बिजनेसमैन पवित्र खंडेलवाल से धूम‑धाम से की थी। जिसमें देश की जानी-मानी हस्तियां पहुंची थीं।

शादी के एक साल बाद अब सोशल मीडिया यूज़र्स में उनके दामाद की जाति को लेकर बहस छिड़ गई है और इसी वजह से वो लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गए हैं।

Kumar Vishwas Son In Law Caste

कौन हैं कुमार विश्‍वास के दामाद?

आपको बता दें कि कुमार विश्वास के दामाद पवित्र खंडेलवाल एक सफल बिजनेसमैन हैं और प्रतिष्ठित परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं। उनकी कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। पवित्र व्यापार जगत में अच्छी पहचान रखते हैं और उनका परिवार भी मशहूर है। इन्‍होंने इंग्लैंड के Warwick Business School से अपनी शिक्षा पूरी की है और ‘Alt Foods’ जैसी कंपनियों में को-फाउंडर और सीएफओ की भूमिका निभाई है। उनका मुख्य ध्यान डेयरी उद्योग और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में नवाचार और विकास पर है।”

कुमार विश्‍वास की बेटी अग्रता क्‍या करती है?

पवित्र खंडेलवाल और अग्रता शर्मा दोनों कॉलेज के दिनों से साथ पढ़े हैं। जहां पवित्र ने इंग्लैंड के वार्विक बिज़नेस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की, वहीं अग्रता ने बिजनेस मैनेजमेंट में बीएससी की डिग्री हासिल की है। अग्रता शर्मा वर्तमान समय में ‘डिजिटल खिड़की’ नामक कंपनी में निदेशक हैं।

कुमार विश्‍वास के दामाद की जाति क्‍या है?

कुमार विश्‍वास के दामाद पूरा नाम पवित्र खंडेलवाल है, और खंडेलवाल सरनेम आमतौर पर राजस्थान के Khandelwal (खंडेलवाल) व्यासायिक समुदाय से जुड़ा होता है, जो हिंदू पारंपरिक रूप से वैश्य (व्यापारी) समुदाय में आता है। दिलचस्प बात यह है कि कुमार विश्वास ने अपनी बेटी अग्रता शर्मा का विवाह वैश्य समाज में किया, जबकि वे स्वयं अन्य वैवाहिक रिश्तों पर सार्वजनिक मंचों पर टिप्पणी कर चुके हैं।

सोनाक्षी और ज़हीर इकबाल की शादी पर कसा था तंज

याद रहे शत्रुघ्नन सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने मुस्लिम अभिनेता ज़हीर इकबाल से शादी की थी, तब कुमार विश्वास ने इस पर तंज कसा था। ये ही वजह है कि उनकी अपनी बेटी की शादी के बाद लोग कुमार विश्‍वास के दामाद की जाति जानना चाहते हैं।

कुमार विश्‍वास के दामाद की जाति क्‍यों सर्च हुई सर्च?

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक यूजर ने एक पोस्‍ट लिखी थी जिसमें उन्‍होंने दावा किया था कि कवि कुमार विश्वास जी के दामाद को लेकर जो भी लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, उनको जानकारी के लिए बता दूं कि खंडेलवाल ब्राह्मण भी होते हैं। जिसके बाद लोग उस पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।



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स्कूल से हंसती-खेलती घर आ रही थी मासूम, रास्ते में मिला दरिंदा, हुआ कुछ ऐसा मच गई चीख पुकार


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संगमनेर के वडगांव पान में क्लास 6 की नाबालिग छात्रा पर एसिड अटैक से हड़कंप मच गया. ये घटना तब हुई जब स्कूल कैंपस से पीड़िता घर जा रही थी. नाबालिग को तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया. पीड़िता की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है.

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6 साल की मासूम पर एसिड अटैक. (सांकेतिक)

संगमनेर: महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के संगमनेर तालुका से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है. वडगांव पान इलाके में एक अज्ञात सिरफिरे ने छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा पर एसिड (तेजाब) फेंककर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. घटना उस वक्त हुई जब बच्ची अपनी पढ़ाई पूरी कर उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर स्कूल से घर लौट रही थी.

वारदात का खौफनाक मंजर

जानकारी के अनुसार, वडगांव पान स्थित स्कूल में पढ़ने वाली यह छात्रा हमेशा की तरह स्कूल की छुट्टी के बाद अपने घर की ओर पैदल जा रही थी. रास्ते में सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए एक अज्ञात युवक अचानक उसके सामने आया. इससे पहले कि मासूम कुछ समझ पाती या वहां से भागती, उस दरिंदे ने उसके चेहरे पर एसिड से हमला कर दिया. तेजाब गिरते ही बच्ची दर्द से तड़प उठी और उसकी चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े. भीड़ को इकट्ठा होते देख आरोपी अंधेरे और गलियों का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा.

इलाज और पुलिस की कार्रवाई

घायल छात्रा को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लोणी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और एसिड के कारण उसका चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा झुलस गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए संगमनेर तालुका पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और पीड़िता के सहपाठियों व ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है. इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी की पहचान की जा सके.

भारी आक्रोश

इस जघन्य अपराध के बाद वडगांव पान सहित पूरे संगमनेर तालुका में तनाव और गुस्से का माहौल है. अभिभावकों में डर बैठ गया है कि क्या उनके बच्चे स्कूल में भी सुरक्षित नहीं हैं? स्थानीय लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है.

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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें



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रोहित शर्मा के साथ मुंबई इंडियंस फिर से करेगी नाइंसाफी? हेड कोच ने दिया ऐसा बयान कि खौल उठेगा खून


Cricket

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Rohit Sharma: मुंबई इंडियंस (MI) के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को लेकर आईपीएल 2026 से पहले एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। टीम के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने संकेत दिए हैं कि आगामी सीजन में रोहित शर्मा की भूमिका टीम की जरूरत के हिसाब से बदली जा सकती है, जिसमें उन्हें फिर से ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में इस्तेमाल करना भी शामिल है।

एक इंटरव्यू के दौरान जब महेला से रोहित की भूमिका पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। महेला ने कहा कि सब कुछ टीम के संतुलन और कप्तान की रणनीति पर निर्भर करेगा।

rohit sharma

मुंबई इंडियंस के कोच ने कहा कि अगर कप्तान को लगता है कि रोहित को एक इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल करना टीम के लिए बेहतर होगा, तो हम उस विकल्प पर विचार करने से पीछे नहीं हटेंगे। हमारा लक्ष्य हमेशा मैच जीतना और सही संतुलन बनाए रखना होता है।

रोहित और इम्पैक्ट प्लेयर नियम का पुराना नाता

पिछले IPL में रोहित शर्मा को इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है ताकि उनकी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाया जा सके और उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा सके। अब कोच के इस ताज़ा बयान के बाद यह लगभग तय लग रहा है कि हार्दिक पांड्या की कप्तानी में रोहित एक बार फिर इसी ‘स्पेशलिस्ट’ रोल में नजर आ सकते हैं।

IPL 2026 और रोहित का भविष्य

रोहित शर्मा ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है, जिसके बाद अब उनका पूरा फोकस आईपीएल और सीमित ओवरों के क्रिकेट पर है। मुंबई इंडियंस के फैंस के लिए यह खबर ज्यादा अच्छी तो नहीं हो सकती है, क्योंकि वे हिटमैन को पूरे 20 ओवर मैदान पर फील्डिंग करते हुए भी देखना चाहते हैं। लेकिन टीम की रणनीति को देखते हुए, रोहित का बल्ला अगर पावरप्ले में आग उगलता है, तो इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका भी उनके लिए वरदान साबित हो सकती है।



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Nandigram Election 2026: कौन हैं पबित्र कर? किस जाति से? TMC उम्मीदवार BJP के सुवेंदु अधिकारी को देंगे चुनौती


India

oi-Pallavi Kumari

Nandigram Election 2026 Pabitra Kar: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले नंदीग्राम सीट एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस हाई प्रोफाइल सीट से पबित्र कर को उम्मीदवार बनाकर बड़ा राजनीतिक दांव चला है। दिलचस्प बात यह है कि पबित्र कर कभी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते थे और उनके साथ ही उन्होंने टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।

अब चुनाव से ठीक पहले पबित्र कर ने भाजपा छोड़कर फिर से टीएमसी में वापसी कर ली है और पार्टी ने उन्हें सीधे नंदीग्राम से मैदान में उतार दिया है। भाजपा ने इस सीट से फिर सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है, ऐसे में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर से भी सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ रहे हैं। ऐशे में आइए जानते हैं पबित्र कर कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है।

who is Pabitra Kar TMC Nandigram

कौन हैं पबित्र कर (Who is Pabitra Kar)

पबित्र कर पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र से आते हैं और स्थानीय राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। नंदीग्राम कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित है और राज्य की राजनीति में बेहद अहम सीट मानी जाती है।

पबित्र कर को इलाके में “नंदीग्राम का बेटा” भी कहा जाता है। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में रही है, जो ज्यादा प्रचार से दूर रहकर संगठन और क्षेत्र में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी यही छवि उन्हें नंदीग्राम में एक मजबूत स्थानीय चेहरा बनाती है।

किस जाति से आते हैं पबित्र कर(Pabitra Kar Caste)

राजनीतिक हलकों में अक्सर पूछा जा रहा है कि पबित्र कर किस सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं। जानकारी के मुताबिक पबित्र कर बंगाली कायस्थ समुदाय से संबंध रखते हैं।

बंगाल की राजनीति में कायस्थ समुदाय का भी प्रभाव माना जाता है और कई प्रमुख नेता इसी समुदाय से आते रहे हैं। टीएमसी ने नंदीग्राम में उम्मीदवार चुनते समय स्थानीय सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा है।

Nandigram Election 2026 Pabitra Kar

सुवेंदु अधिकारी के करीबी रहे हैं पबित्र कर

पबित्र कर का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वह पहले तृणमूल कांग्रेस में ही सक्रिय थे, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

सुवेंदु अधिकारी के साथ उनका रिश्ता इतना करीबी माना जाता था कि उन्हें उनका “राइट हैंड” भी कहा जाता था। 2021 और 2024 के चुनावों में नंदीग्राम ब्लॉक-II में भाजपा को बढ़त दिलाने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। लेकिन अब उन्होंने फिर से टीएमसी का दामन थाम लिया है। पार्टी में उनकी वापसी टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में हुई।

2018 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर (Political Journey of Pabitra Kar)

  • पबित्र कर का राजनीतिक सफर कोई नया नहीं है। 2018 में वह बोयाल इलाके के दो गांवों के मुखिया बने थे। यहीं से उनकी स्थानीय राजनीति में पहचान मजबूत हुई।
  • इसके बाद उन्होंने सुवेंदु अधिकारी का साथ दिया और 2021 में भाजपा में शामिल हो गए। इस दौरान नंदीग्राम क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका मानी जाती रही। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा हुआ है। 2023 में उनकी पत्नी ने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और बोयाल इलाके की दो ग्राम पंचायतों की प्रमुख बनीं।
  • नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में दो ब्लॉक हैं और ब्लॉक-II में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। पबित्र कर इसी इलाके के निवासी हैं और वहां उनका अच्छा प्रभाव बताया जाता है।
  • स्थानीय स्तर पर लोग उन्हें जमीनी नेता मानते हैं। यही वजह है कि टीएमसी ने उन्हें नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाकर भाजपा के खिलाफ उसी की रणनीति अपनाने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पबित्र कर का टीएमसी में लौटना सुवेंदु अधिकारी के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
who is Pabitra Kar TMC Nandigram

क्या नंदीग्राम में बदल जाएगा चुनावी समीकरण? (Nandigram Political Battle)

नंदीग्राम सीट पहले से ही बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में रही है। 2021 के चुनाव में इसी सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था।

अब जब टीएमसी ने सुवेंदु के पूर्व करीबी को ही मैदान में उतार दिया है, तो मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। अगर भाजपा एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी को इस सीट से उम्मीदवार बनाती है, तो नंदीग्राम में इस बार चुनाव सिर्फ दो नेताओं के बीच नहीं बल्कि पुराने रिश्तों और नई राजनीतिक रणनीतियों के बीच भी होगा।

FAQs

1. पबित्र कर कौन हैं?
पबित्र कर पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम क्षेत्र के एक स्थानीय नेता हैं, जिन्हें टीएमसी ने 2026 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है।

2. पबित्र कर किस जाति से आते हैं?
पबित्र कर बंगाली कायस्थ समुदाय से संबंध रखते हैं।

3. क्या पबित्र कर पहले भाजपा में थे?
हाँ, पबित्र कर 2021 में सुवेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

4. पबित्र कर का सुवेंदु अधिकारी से क्या संबंध रहा है?
उन्हें सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।

5. टीएमसी ने पबित्र कर को किस सीट से उम्मीदवार बनाया है?
टीएमसी ने उन्हें नंदीग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से हो सकता है।



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Iran Heritage: ईरान से इस्लाम का नामो-निशान मिटाना चाहते US-Israel? 63000 साल पुराने इतिहास पर हमले- Video


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oi-Siddharth Purohit

Iran Heritage: ईरान में अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध का असर अब सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान भी खतरे में आ गई है। तेहरान ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि इस युद्ध ने उसके समृद्ध इतिहास की कई अहम निशानियों को नुकसान पहुंचाया है। इजरायल और अमेरिका दोनों उसकी ऐतिहासिक धरोहरों को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं।

56 ऐतिहासिक इमारतों को पहुंचा नुकसान

ईरानी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में कम से कम 56 संग्रहालय, ऐतिहासिक स्मारक और सांस्कृतिक स्थल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यह जानकारी सरकारी मीडिया के जरिए सामने आई है। गोलिस्तान पैलेस भी इन क्षतिग्रस्त स्थलों में शामिल है।

Iran Heritage

कई बड़े स्थल नुकसान में

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान तेहरान में हुआ है, जहां 19 जगहों पर हमले हुए और उनमें बर्बादी हुई। इनमें गोलिस्तान पैलेस, ग्रैंड बाज़ार तेहरान और पूर्व सीनेट भवन जैसे अहम स्थल शामिल हैं। इससे साफ है कि राजधानी को युद्ध का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है।

The missile attack on the historic Arg Square precinct in #Tehran, which caused damage to the Golestan Palace—one of the most enduring symbols of Irans capital and a @UNESCO World Heritage Site—represents a heinous crime aimed at erasing the cultural heritage of Iran, the cradle… pic.twitter.com/7tRrG2WlZv

— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) March 4, 2026 “>

UNESCO साइट भी बर्बाद

सरकार ने बताया कि इस्फ़हान, कुर्दिस्तान, लोरस्तान, कर्मनशाह, बुशहर और इलाम में भी कई ऐतिहासिक स्थल प्रभावित हुए हैं। इस्फ़हान का नक़्श-ए-जहां स्क्वायर, जो एक UNESCO विश्व धरोहर स्थल है, उसके कुछ हिस्से भी नुकसान की चपेट में आए हैं।

म्यूजियम और पुरानी बिल्डिंग्स टूटे

सानंदज, खुर्रमबाद और शिराज़ में स्थित संग्रहालय और ऐतिहासिक परिसर भी प्रभावित हुए हैं। इससे ईरान की सांस्कृतिक पहचान पर खतरा और बढ़ गया है।

1789 में बने गोलिस्तान पैलेस को भी नुकसान

गोलिस्तान पैलेस क़ाजार काल (1789-1925) का है, जब एक तुर्की राजवंश ने ईरान को एकजुट किया और तेहरान को राजधानी बनाया। यह महल फारसी और यूरोपीय वास्तुकला का उदाहरण है, जिसमें बगीचे, पूल और शानदार सजावट शामिल हैं। “गोलिस्तान” का मतलब होता है “फूलों का बगीचा”, जो इसकी खूबसूरती को दर्शाता है।

वीडियो में दिखा भारी नुकसान, टूटी छत और दीवारें

3 मार्च को एसोसिएटेड प्रेस द्वारा जारी वीडियो में महल की दर्पण वाली छत के टूटे हुए शीशे, फर्श पर बिखरे टुकड़े, टूटी खिड़कियां और क्षतिग्रस्त दीवारें साफ दिखाई दीं। इससे पता चलता है कि नुकसान कितना गंभीर है।

अन्य ऐतिहासिक स्थलों को भी नुकसान

तेहरान का ग्रैंड बाज़ार, जो क़ाजार काल से जुड़ा है, भी प्रभावित हुआ है। वहीं नक़्श-ए-जहां स्क्वायर में स्थित मस्जिदें और महल (1598-1629) भी इस हमले से अछूते नहीं रहे। ये सभी स्थल ईरान की सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। ये वो जगहें जिन्हें पहलवी शासन के दौरान पर्यटकों ने सबसे ज्यादा देखा था। इसके अलावा फलक-ओल-अफ़लाक किला, जो लोरस्तान के खुर्रमबाद में है, वह भी क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इसकी मुख्य संरचना अभी सुरक्षित है, जो थोड़ी राहत की बात है।

अंतरराष्ट्रीय कानून की उड़ी धज्जियां

ईरान ने 1954 के हेग कन्वेंशन 1954 और यूएनएससी प्रस्ताव 2347 का हवाला दिया है, जो युद्ध के दौरान सांस्कृतिक संपत्तियों की सुरक्षा की बात करते हैं। इन नियमों के अनुसार ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माने जाते हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि वे केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन उन पर नागरिक ढांचे और सांस्कृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना बढ़ रही है। वहीं

यूनेस्कों ने भी सभी इमारतों में नुकसान की पुष्टि की है।

सदियों पुरानी गुफाएं और 63,000 साल पुराना इतिहास भी खतरे में
खुर्रमबाद घाटी के पास की इमारतों और उस इतिहास की गुफाओं को भी नुकसान हुआ है जो इतिहास के लिखे जाने के पहले से वहां हैं। इन गुफाओं में जहां 63,000 ईसा पूर्व के मानव निवास के प्रमाण मिलते हैं। यह जगह पुरातत्व के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।ॉ

यूनेस्को की तैयारी के बावजूद नहीं रुका नुकसान

यूनेस्को ने पहले ही सभी पक्षों को इन स्थलों के लोकेशन कोऑर्डिनेट्स दे दिए थे ताकि नुकसान से बचा जा सके। इसके बावजूद लगभग 30 विश्व धरोहर स्थल खतरे में हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने यूनेस्को की प्रतिक्रिया को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि इसकी चुप्पी सवाल खड़े करती है।

पहले भी हुए ऐसे नुकसान

2003 में इराक पर हमले के दौरान इराक नेशनल म्यूजियम को लूटा गया था। 2015 में आईएसआईएल ने पाल्माइरा के बालशामिन मंदिर को नष्ट कर दिया था। आईएसआईएल ने मोसुल म्युजियम को भी नष्ट किया था। वहीं 2023 के गाजा युद्ध में लगभग 200 ऐतिहासिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए। दिसंबर 2024 में ग्रेट ओमारी मस्जिद पर हमला हुआ, जो 7वीं सदी की ऐतिहासिक मस्जिद है।इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।





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