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क्या आपको भी नहीं पसंद घूमना-फिरना? इन टिप्स से उठाएं ट्रैवल का असली लुत्फ


How to Enjoy Traveling : काम और घर की भागदौड़ के बीच हम अक्सर वेकेशन का प्लान तो बना लेते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमें घूमने-फिरने का वह असली सुकून नहीं मिल पाता, जिसकी हमें तलाश होती है. कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जिन्हें “ट्रैवल” नाम से ही थकान होने लगती है. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं जिन्हें पैकिंग करना, लंबी फ्लाइट्स और भीड़भाड़ वाली जगहें पसंद नहीं हैं, तो यह खबर खास आपके लिए है. आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपनी ‘हेक्टिक जर्नी’ को ‘ट्रैवल लव’ में बदल सकते हैं. बस इन आसान और स्मार्ट टिप्स को आजमाएं:

1. ‘डेस्टिनेशन’ नहीं, ‘एक्सपीरियंस’ चुनें
अक्सर हम सिर्फ इसलिए कहीं जाते हैं क्योंकि वह जगह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. अगर आपको भीड़ पसंद नहीं है, तो मनाली या गोवा जैसी मशहूर जगहों के बजाय किसी शांत ‘ऑफबीट’ डेस्टिनेशन को चुनें. ऐसी जगह जहां आप प्रकृति के करीब हों और शोर से दूर.

2. पैकिंग को बोझ न बनाएं
आधे से ज्यादा लोग तो पैकिंग और भारी बैग्स के चक्कर में घूमने से कतराते हैं. इसलिए नियम बना लें कि ‘Less is More’. सिर्फ जरूरी चीजें रखें. जब आपका बैग हल्का होगा, तो आप ज्यादा आजादी महसूस करेंगे. साथ ही, अपनी पसंद की आरामदायक चप्पलें और कपड़े साथ रखें, ताकि आप कहीं भी असहज महसूस न करें.

3. ‘चेकलिस्ट’ की गुलामी छोड़ दें
जब हम घूमने जाते हैं, तो एक ही दिन में 10 जगहें देखने का प्रेशर पाल लेते हैं. इससे एन्जॉयमेंट कम और थकान ज्यादा होती है. इसकी जगह ‘स्लो ट्रैवल’ (Slow Travel) अपनाएं. दिन में सिर्फ एक या दो अच्छी जगहें देखें और बाकी समय वहां के स्थानीय खाने, संगीत और संस्कृति का आनंद लेने में बिताएं.

4. डिजिटल डिटॉक्स है जरूरी
घूमने का असली मजा तभी आता है जब आपका ध्यान फोन की स्क्रीन पर नहीं, बल्कि सामने वाले नजारों पर हो. हर फोटो को तुरंत पोस्ट करने की होड़ में हम उस पल को जीना भूल जाते हैं. कोशिश करें कि ट्रैवलिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल कम से कम करें.

5. अपनी पसंद का साथी चुनें (या अकेले चलें!)
कई बार गलत ट्रैवल पार्टनर के कारण पूरा ट्रिप खराब हो जाता है. अगर आपको शांति पसंद है और आपका साथी एडवेंचर का शौकीन है, तो तालमेल बिठाना मुश्किल होगा. इसलिए हमेशा ऐसे लोगों के साथ ट्रिप प्लान करें जिनकी पसंद आपसे मिलती हो. और हां, ‘सोलो ट्रिप’ (Solo Trip) एक बार जरूर ट्राई करें, यह आपको खुद से मिलने का मौका देता है.

6. अपनी ‘कंफर्ट’ का ख्याल रखें
जरूरी नहीं कि आप बजट ट्रिप ही करें. अगर आपको अच्छी नींद और साफ-सुथरा बाथरूम चाहिए, तो रहने की जगह पर थोड़ा निवेश करें. एक अच्छी नींद आपके अगले दिन के अनुभव को कई गुना बेहतर बना देती है.

इस तरह घूमना-फिरना केवल नई जगहों को देखना नहीं है, बल्कि खुद को रिचार्ज करना है. जब आप अपनी शर्तों पर और अपनी पसंद के हिसाब से ट्रैवल करते हैं, तो वही सफर जो आपको पहले बोझ लगता था, आपकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अनुभव बन जाता है.



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Khamenei Advisor Death: खामेनेई के राइट हैंड लारीजानी पर अटैक, इजराइल ने सेफ हाउस में किया मिसाइल से हमला


International

oi-Sumit Jha

Khamenei Advisor Akram al Ajouri killed: इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी यह जंग अब उस मोड़ पर आ गई है, जहां से वापसी मुमकिन नहीं लगती। ताजा घटनाक्रम में इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान के भीतर घुसकर एक एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया है। इस हमले का मुख्य निशाना ईरान के कद्दावर नेता अली लारीजानी थे, जो ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में गिने जाते हैं।

इजराइल की इस कार्रवाई ने न केवल ईरान के सुरक्षा चक्र को तोड़ दिया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अब युद्ध का मैदान तेहरान की गलियों तक पहुंच चुका है।

Khamenei Advisor Akram al Ajouri killed

IDF Chief Eyal Zamir: कौन हैं अली लारीजानी?

अली लारीजानी ईरान की सत्ता के वो ‘चाणक्य’ हैं, जिन्हें अयातुल्ला खामेनेई का दायां हाथ माना जाता है। वे लंबे समय तक ईरान की संसद के अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के रूप में सीधे खामेनेई को रिपोर्ट करते हैं। इजराइल के लिए लारीजानी इसलिए बड़े खतरे थे क्योंकि वे ही हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे गुटों को तेहरान से रणनीतिक और सैन्य मदद पहुंचाने का काम देख रहे थे। खामेनेई के इतने करीब होने के कारण, उन पर हमला सीधा ईरान के ‘सुप्रीम लीडर’ पर हमले जैसा है।

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Israel surgical strike Iran: इजराइल का ‘सेफ हाउस’ मिशन

इजराइल की खुफिया एजेंसी और वायुसेना ने इस ऑपरेशन को बेहद सटीक जानकारी के आधार पर अंजाम दिया। तेहरान के जिस सेफ हाउस को निशाना बनाया गया, वहां लारीजानी के साथ फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के बड़े नेता अकरम अल-अजौरी भी मौजूद थे। इजराइल के रक्षा सूत्रों के अनुसार, ये सभी नेता वहां बैठकर गाजा और वेस्ट बैंक में नई आतंकी साजिशें रच रहे थे। इजराइल ने एक ही झटके में ईरान के रणनीतिक दिमाग और उसके आतंकी प्यादों, दोनों को एक साथ निशाना बनाकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।

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IDF चीफ का बड़ा कबूलनामा

इजराइल की सेना (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया है। उन्होंने सुबह की समीक्षा बैठक में कहा कि रात भर चले इस ऑपरेशन में ऐसे ‘खास तत्वों’ को खत्म किया गया है, जो इजरायली मिशन को प्रभावित करने की क्षमता रखते थे। ज़मीर का इशारा साफ तौर पर लारीजानी और इस्लामिक जिहाद के उन वरिष्ठ कमांडरों की तरफ था, जो तेहरान की सुरक्षा के साये में छिपकर इजराइल के खिलाफ साजिशें बुन रहे थे।

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Mossad operations Tehran: खामेनेई के लिए सबसे बड़ा झटका

यह हमला अयातुल्ला खामेनेई के लिए एक व्यक्तिगत और रणनीतिक हार है। अली लारीजानी का कद ईरान में इतना बड़ा है कि उनकी कमी को पूरा करना लगभग नामुमकिन होगा। इजराइल ने यह साबित कर दिया है कि खामेनेई के सबसे करीबी लोग भी अब सुरक्षित नहीं हैं। जिस तरह से इजराइल ने ईरान के दिल में घुसकर हमला किया है, उससे ईरान की अंतरराष्ट्रीय साख को भी गहरा धक्का लगा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि खामेनेई अपने सबसे प्रिय सिपहसालार पर हुए इस हमले का क्या बदला लेते हैं।



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Hyderabad Rising Plan: केबीआर पार्क के पास बनेंगे 7 फ्लाईओवर, एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी होगी आसान


India

oi-Smita Mugdha

Hyderabad Rising Plan: तेजी से विकसित हो रहे Hyderabad में ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए ‘राइजिंग हैदराबाद’ योजना के तहत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को सिग्नल-फ्री बनाना और यात्रियों को तेज व सुगम सफर उपलब्ध कराना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत केबीआर नेशनल पार्क (KBR National Park) के आसपास 1,090 करोड़ रुपये की लागत से 7 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।

खास बात यह है कि इन संरचनाओं में आधुनिक स्टील तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके और ट्रैफिक पर कम असर पड़े। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी, जिससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

Hyderabad Rising Plan

Hyderabad Rising Plan: पीक आवर्स में नहीं लगेगा लंबा जाम

– KBR पार्क के आसपास का इलाका शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जोन में गिना जाता है, जहां पीक आवर्स में लंबा जाम लगना आम बात है।

– ऐसे में फ्लाईओवर और अंडरपास बनने से ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और सफर का समय कम होगा। साथ ही, एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी भी पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी।

Hyderabad Rising Plan: एयरपोर्ट कनेक्टिविटी होगी मजबूत

इसके अलावा, शहर की एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। चंद्रायनगुट्टा से राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 345 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन का नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को तेज और बिना रुकावट वाली यात्रा उपलब्ध कराना है।

Hyderabad Flyover: नए फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक समय होगा कम

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस नए फ्लाईओवर के बनने से यात्रा समय में 20 से 30 मिनट तक की बचत होने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी। ‘राइजिंग हैदराबाद’ योजना के तहत हो रहे ये प्रोजेक्ट्स शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देंगे। आने वाले समय में हैदराबाद न केवल आईटी हब के रूप में बल्कि बेहतर शहरी परिवहन व्यवस्था के लिए भी जाना जाएगा।



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पेटरनिटी लीव को सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट बनाने कानून लाएं: इसकी अवधि माता-पिता और बच्चे की जरूरत के अनुसार तय करें, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश


नई दिल्ली19 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह पेटरनिटी लीव (पितृत्व अवकाश) को सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट(सामाजिक सुरक्षा लाभ) के रूप में मान्यता देने के लिए कानून बनाए।

कोर्ट ने कहा कि इस अवकाश की अवधि ऐसी होनी चाहिए जो माता-पिता और बच्चे दोनों की जरूरतों के अनुसार तय की जाए।

जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच यह बात उस मामले की सुनवाई के दौरान कही, जिसमें इस सोशल सिक्योरिटी कोड की उस धारा को चुनौती दी गई थी जिसमें गोद लेने वाली मां को तभी मातृत्व अवकाश मिलेगा जब बच्चा 3 महीने से कम उम्र का हो। हमसानंदिनी नंदूरी ने इसे लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी जिसमें कहा गया था कि उम्र आधारित प्रतिबंध मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

कोर्ट ने कहा

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सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 की धारा 60(4), जो गोद लेने वाली मां को केवल 3 महीने से कम उम्र के बच्चे पर 12 हफ्ते की मेटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) देती है, असंवैधानिक है।

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कोर्ट ने इस प्रावधान को संशोधित करते हुए कहा कि जो महिला कानूनी रूप से बच्चे को गोद लेती है, उसे बच्चे की उम्र चाहे कुछ भी हो, 12 महीने की मेटरनिटी लीव मिलेगी।

पेटरनिटी लीव क्या है

पेटरनिटी लीव वह समय होता है जो बच्चे के जन्म या गोद लेने के बाद पिता को दिया जाता है, ताकि वह बच्चे की देखभाल कर सके और मां का सहयोग कर सके।

यह विचार इस समझ पर आधारित है कि बच्चे की परवरिश माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी होती है।

इससे महिलाओं को भी काम जारी रखने में मदद मिलती है और घर के कामों का संतुलित बंटवारा होता है।

भारत में अभी पेटरनिटी लीव को कानूनन मान्यता नहीं

भारत में अभी तक पेटरनिटी लीव को कानूनन मान्यता नहीं मिली है। हालांकि महिलाओं को मेटरनिटी लीव मिलती है।

  • पहले दो बच्चों तक: 26 हफ्ते का वेतन सहित अवकाश
  • दो से अधिक बच्चों पर: 12 हफ्ते का अवकाश
  • इसमें से 8 हफ्ते डिलीवरी से पहले लिए जा सकते हैं

———————————- ये खबर भी पढ़ें:

सुप्रीम कोर्ट बोला-मैटरनिटी लीव जन्म देने के अधिकारों का हिस्सा:मद्रास हाईकोर्ट का फैसला खारिज; तीसरे बच्चे के लिए छुट्‌टी देने से इनकार किया था

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सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के एक आदेश को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने एक सरकारी स्कूल की टीचर को उसके तीसरे बच्चे के जन्म के लिए मैटरनिटी लीव देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि स्टेट पॉलिसी के मुताबिक मैटरनिटी लीव का फायदा केवल दो बच्चों तक ही सीमित है। पढ़ें पूरी खबर…

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उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी: समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी, 24 मार्च को सदन में पेश हो सकता है विधेयक




उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। यूसीसी के लिए इस समिति का गठन 4 फरवरी, 2025 को हुआ था। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। गुजरात सरकार इस रिपोर्ट पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। यूसीसी विधेयक 24 मार्च को सदन में पेश किए जाने की संभावना है। महिलाओं के समान अधिकारों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री को यह रिपोर्ट प्रस्तुत करते समय दिए गए विवरण में कहा गया है कि समिति ने इस मसौदा रिपोर्ट में विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मुद्दों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक समान कानूनी ढांचा सुझाया है। इस मसौदे में विशेष रूप से महिलाओं के समान अधिकारों और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में गुजरात की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का भी ध्यान रखा गया है।
मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा के बाद यूसीसी पर चर्चा तेज हुई
दिल्ली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गुजरात में यूसीसी पर चर्चा और तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई बैठक में केंद्र के नेताओं के साथ राज्य में यूसीसी को लागू करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है, जो विभिन्न धाराओं के सुझावों और कानूनी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है। मार्च के अंतिम सप्ताह में विधानसभा सत्र में यूसीसी से संबंधित कोई प्रस्ताव या विधेयक पेश कर सकती है और इसके लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यदि यह कानून लागू होता है, तो विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों पर एक समान नियम लागू होंगे। इस तरह उत्तराखंड के बाद गुजरात भी यूसीसी लागू करने वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं रंजना प्रकाश देसाई जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज हैं। वह 13 सितम्बर 2011 से 29 अक्टूबर 2014 तक सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रहीं। रंजना देसाई ने 1970 में एलफिंस्टन कॉलेज, मुंबई से स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की और उसके बाद 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से विधि स्नातक (बीए एलएलबी) की परीक्षा उत्तीर्ण की। जस्टिस रंजना देसाई जम्मू-कश्मीर पर परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। देसाई सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की जज भी रह चुकी हैं। ———————
UCC से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करें; शरियत कानून में सुधार की जल्दबाजी न करें, इससे नुकसान की आशंका सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। कोर्ट शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें…



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भोपाल में फिर RDX धमकी से हड़कंप: दूसरे दिन भी नापतौल विभाग को उड़ाने का मेल, जांच में फर्जी


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

RDX in Bhopal: राजधानी भोपाल में सरकारी कार्यालयों को मिलने वाले धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज (17 मार्च 2026) एक बार फिर नाप तौल विभाग (कार्यालय नियंत्रक, लीगल मेट्रोलॉजी) के मुख्यालय को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी मिली।

ई-मेल में दावा किया गया कि विभाग में ड्रोन के जरिए आरडीएक्स बम लगाए गए हैं और वे जल्द फटेंगे। यह धमकी लगातार दूसरे दिन आई है, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया और सरकारी कार्य प्रभावित हुए। पुलिस द्वारा तत्काल जांच करने पर यह धमकी भी फर्जी साबित हुई है।

RDX in Bhopal mailed to weights and measures department found to be fake in investigation

कर्मचारियों में दहशत, कार्य प्रभावित

मध्य प्रदेश नाप तौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि सुबह धमकी भरा ई-मेल मिलने पर पूरे विभाग में दहशत फैल गई। कर्मचारी घबरा गए और कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में यह लगातार दूसरी घटना है, जिससे सरकारी कामकाज रुक गया।

तिवारी ने कहा: “नाप तौल मुख्यालय में आरडीएक्स से उड़ाने की खबर आज फिर मिलने पर कर्मचारियों में दहशत का वातावरण बन गया था। ऐसा होने से सरकारी कार्य भी रुक जाता है। वित्तीय वर्ष होने के कारण लगातार दूसरे दिन इस प्रकार की स्थिति बनी, जो कि उचित नहीं है। यह जो भी मेल पर धमकी दे रहे हैं, ऐसे लोगों को देशहित, सामाजिक हित, देश और प्रदेश की शांति व्यवस्था में तत्काल चिन्हित कर सजा दी जानी चाहिए।”

उन्होंने मांग की कि ऐसे फर्जी धमकी भरे ई-मेल भेजने वालों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए, ताकि सरकारी कर्मचारियों में भय का माहौल खत्म हो और कार्य सुचारू रूप से चल सकें।

पुलिस जांच: दोनों धमकियां फर्जी

एमपी नगर थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पूरे कार्यालय की गहन सर्चिंग की। ड्रोन, बम या किसी संदिग्ध वस्तु की तलाश की गई, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। थाना प्रभारी जय हिंद शर्मा ने पुष्टि की कि आज की धमकी भी फर्जी निकली है। कल (16 मार्च) भी इसी तरह का मेल आया था, जिसमें पुलिस की तलाशी तकनीकों की जांच करने की बात कही गई थी। दोनों मामलों में जांच के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल के साथ मिलकर तकनीकी जांच कर रही है। IP ट्रेसिंग, ई-मेल हेडर एनालिसिस और सर्वर लॉग की जांच चल रही है। पुलिस का कहना है कि यह कोई संगठित गिरोह का काम भी हो सकता है, इसलिए जांच को व्यापक बनाया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों में धमकियों का सिलसिला

भोपाल में पिछले हफ्ते से सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को इसी तरह के फर्जी धमकी भरे ई-मेल मिल रहे हैं। इनमें AIIMS, पीपुल्स यूनिवर्सिटी, नाप तौल विभाग और अन्य दफ्तर शामिल हैं। धमकियों में साइनाइड गैस, IED, RDX और ड्रोन का जिक्र किया जाता रहा है। हर बार पुलिस जांच में ये फर्जी साबित हुईं, लेकिन कर्मचारियों और आम लोगों में दहशत फैल रही है।

कर्मचारी संघ की मांग

संघर्ष समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा कि ऐसे धमकियां न सिर्फ सरकारी कार्य में बाधा डाल रही हैं, बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस से अपील की कि:

  • ऐसे अपराधियों को जल्द चिन्हित कर सजा दी जाए।
  • सरकारी कार्यालयों में साइबर सुरक्षा और फिजिकल सिक्योरिटी बढ़ाई जाए।
  • फर्जी धमकियों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

भोपाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सकती है। फिलहाल शहर में सरकारी दफ्तरों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।



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‘शर्म की बात है’, धर्मेंद्र की मौत के 4 महीने बाद पत्नी-BJP सांसद हेमा मालिनी ने ये क्या कहा? अब मचेगा हंगामा


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Hema Malini On Dharmendra: गत 16 मार्च 2026 को आयोजित हुए 98वें अकैडमी अवॉर्ड्स का जश्न दुनियाभर में देखा गया। भारत में भी लोगों ने इस ग्लैमरस समारोह का जमकर लुत्फ उठाया लेकिन इस बार ऑस्कर का In Memoriam सेगमेंट भारतीय दर्शकों के लिए निराशा लेकर आया।

ऑस्कर 2026 में नहीं लिया गया धर्मेंद्र का नाम
दरअसल हिंदी सिनेमा के लिजेंड्री एक्टर धर्मेंद्र (Dharmendra) का नाम ऑन-स्टेज श्रद्धांजलि में शामिल नहीं किए जाने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। लोग इस तरह की हरकत से काफी गुस्सा हो गए हैं।

Hema Malini

हेमा मालिनी ने गुस्से में कहा- ये बेहद शर्मनाक है

-ऑस्कर 2026 इंवेंट में हुए इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की पत्नी एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी (Hema Malini) ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि इतने बड़े कलाकार को नजरअंदाज करना बेहद दुखद और शर्मनाक है।

-हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में पॉपुलर थे लेकिन उन्हें अपने करियर में अवॉर्ड्स कम ही मिले। हेमा मालिनी ने ये भी जोड़ा कि उनके लिए और धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा सम्मान रहा है, न कि पुरस्कार।

बेटी ईशा देओल ने भी कही ऐसी बात

वहीं धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल (Esha Deol) ने इस मामले पर अलग नजरिया रखा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें इन चीजों से कभी फर्क नहीं पड़ता था। ईशा देओल के मुताबिक धर्मेंद्र के लिए जिंदगी नाम और शोहरत से ज्यादा लोगों के प्यार और दिलों में जगह बनाने के बारे में थी।

धर्मेंद्र के फैंस ने ऐसे जाहिर की नाराजगी

ऑस्कर के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने नाराजगी जाहिर की है। कई यूजर्स ने इसे बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा की अनदेखी बताया है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि सिनेमा को दशकों तक अपना योगदान देने वाले महान कलाकार को श्रद्धांजलि सूची में जगह क्यों नहीं मिली।

कई भारतीय कलाकारों को ऑस्कर में दी जा चुकी है श्रद्धांजलि

-आपको बता दें कि पहले कई भारतीय कलाकारों को ऑस्कर के इन मेमोरियम (In Memoriam) सेगमेंट में शामिल किया जा चुका है। शशि कपूर (Shashi Kapoor) और श्रीदेवी (Sridevi) को साल 2018 में ऑस्कर इवेंट में श्रद्धांजलि दी गई थी।

-वहीं इरफान खान (Irrfan Khan) और भानु अथैया (Bhanu Athaiya) को साल 2021 में ऑस्कर के इन मेमोरियम (In Memoriam) सेगमेंट में याद किया गया था।

ऑस्कर के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल था धर्मेंद्र का नाम

वहीं इस पूरे विवाद के बीच एक अहम तथ्य भी सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है कि ऑस्कर के आधिकारिक रिकॉर्ड में दिवंगत बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र का नाम शामिल था लेकिन लाइव प्रसारण के दौरान उनका जिक्र नहीं किया गया। ऐसे में ऑन-स्क्रीन ट्रिब्यूट में भले ही उनका नाम न दिखा हो लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई थी।

हॉलीवुड सितारों को दी गई श्रद्धांजलि

इस साल के इन मेमोरियम (In Memoriam) सेगमेंट में हॉलीवुड के कई दिग्गजों को याद किया गया जिनमें Diane Keaton, Catherine O’Hara, Rob Reiner, Robert Duvall, Gene Hackman और Val Kilmer जैसे नाम शामिल रहे।

धर्मेंद्र को लेकर सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे ऐसे सवाल

धर्मेंद्र जैसे महान कलाकार को ऑन-एयर श्रद्धांजलि न मिलना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। भले ही उनका नाम आधिकारिक सूची में शामिल था लेकिन लाइव मंच पर अनुपस्थिति ने विवाद को जन्म दे दिया है। अब ये बहस जारी है कि क्या ऑस्कर जैसे वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा को पर्याप्त सम्मान मिल रहा है या नहीं।



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PM Awas Yojana: UP में CM योगी ने लाभार्थियों के खाते में भेजे ₹1 लाख, आपको मिले या नहीं लिस्ट में चेक करें


Uttar Pradesh

oi-Sohit Kumar

PM Awas Yojana: अगर आप भी अपने पक्के घर का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के गरीब परिवारों को बड़ा तोहफा दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 90,000 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की।

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जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कभी भू-माफियाओं का कब्जा हुआ करता था, अब वहां गरीबों के आशियाने बनेंगे। सीएम ने स्पष्ट किया कि जिन्होंने वर्षों तक आम जनता का शोषण किया, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों को सम्मान के साथ रहने का हक मिलेगा।

राज्य में अब तक 62 लाख परिवारों को मिले घर

राज्य में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को इस योजना के तहत घर मिल चुके हैं। सरकार का लक्ष्य केवल छत देना नहीं, बल्कि शौचालय, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।

पीएम आवास योजना की लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

  • ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर लॉग इन करें।
  • Stakeholders विकल्प चुनें: होमपेज पर ऊपर दिए गए मेन्यू में ‘Stakeholders’ टैब पर जाएं और वहां ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें: अब एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना पंजीकरण नंबर (Registration Number) डालना होगा जो फॉर्म भरते समय मिला था।
  • कैप्चा और सबमिट: रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ नीचे दिया गया कैप्चा कोड भरें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक कर दें।
  • स्टेटस चेक करें: सबमिट करते ही आपके आवेदन की पूरा जानकारी सामने आ जाएगी, जिससे आप जान पाएंगे कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं और फॉर्म किस चरण में है।

पीएम आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए ऑनलाइन आवेदन PMAY(U) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। ‘Citizen Assessment’ पर जाएं, अपनी कैटेगरी (EWS/LIG/MIG) चुनें, आधार विवरण दर्ज करें और फॉर्म भरें। शहरी क्षेत्रों के लिए PMAY-Urban और ग्रामीण के लिए PMAY-Gramin पोर्टल का उपयोग करें।

PMAY ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • स्टेप 1: PMAY की आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in
  • पर जाएं।
  • स्टेप 2: ‘Citizen Assessment’ मेन्यू में जाकर ‘Benefit under other 3 components’ पर क्लिक करें (या झुग्गीवासियों के लिए ‘Slum Dwellers’ चुनें)।
  • स्टेप 3: अपना 12-अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और ‘Check’ पर क्लिक करें।
  • स्टेप 4: आपके सामने एक ऑनलाइन आवेदन फॉर्म खुलेगा। इसमें नाम, पता, आय, बैंक विवरण आदि सही-सही भरें।
  • स्टेप 5: फॉर्म के अंत में ‘Save’ पर क्लिक करें और Captcha कोड भरकर ‘Save’ कर दें।
  • स्टेप 6: आवेदन पूरा होने के बाद भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट (Application Form) ले लें।

महत्वपूर्ण दस्तावेज

• आधार कार्ड (अनिवार्य)
• आय प्रमाण पत्र (EWS/LIG के लिए)
• बैंक खाता विवरण
• निवास प्रमाण पत्र
• फोटो

ग्रामीण (PMAY-G) के लिए आवेदनग्रामीण क्षेत्रों के लिए, आप आवास सॉफ्ट पोर्टल pmayg.nic.in
या आवास प्लस (AwaasApp) के माध्यम से सर्वेक्षण और पंजीकरण करा सकते हैं।



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FTA: विदेश मंत्री ने एफटीए को बताया भारत-ईयू रिश्तों का टर्निंग पॉइंट, ब्रुसेल्स में हुई अहम बैठक


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रुसेल्स दौरे के दौरान यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ व्यापक बातचीत की। इस दौरान हाल ही में अंतिम रूप दिए गए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को द्विपक्षीय संबंधों में टर्निंग पॉइंट बताया गया।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने ईयू फॉरेन अफेयर्स काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की, साथ ही यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ईयू की विदेश व सुरक्षा नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी चर्चा की। इसके अलावा कई देशों के समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं।

उन्होंने कहा कि एफटीए से भारत और ईयू के बीच विशाल आर्थिक संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और यह साझेदारी को नई रणनीतिक दिशा देगा। जयशंकर ने जोर दिया कि इस समझौते के वास्तविक लाभ जमीन पर उतारने के लिए दोनों पक्षों को व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय सहयोग करना होगा।

(यह खबर अपडेट की जा रही है)



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