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एलपीजी यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट: आधार e-KYC कराना अनिवार्य, नहीं कराया तो हो सकती है बड़ी परेशानी



देश में बढ़ती एलपीजी मांग और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापन जरूरी होगा। अगर यूजर e-KYC पूरा नहीं करता है, तो गैस सिलिंडर की बुकिंग और सब्सिडी दोनों प्रभावित हो सकती हैं।




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Big update for LPG users: Aadhaar e-KYC is mandatory, failing which could lead to major problems

एलपीजी गैस
– फोटो : ANI


क्यों जरूरी किया गया e-KYC?

सरकार के इस फैसले के पीछे कई अहम वजह:

  • फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शन खत्म करना।
  • ब्लैक मार्केटिंग और स्टॉकिंग पर रोक लगाना।
  • सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाना।

कई मामलों में यह सामने आया था कि कुछ लोग एक से ज्यादा गैस कनेक्शन लेकर सब्सिडी का गलत फायदा उठा रहे थे। आधार ई-केवाईसी के जरिए ऐसे मामलों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।


Big update for LPG users: Aadhaar e-KYC is mandatory, failing which could lead to major problems

एलपीजी संकट
– फोटो : अमर उजाला


क्या है एलपीजी आधार ई-केवाईसी?

  • एलपीजी ई-केवाईसी एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें गैस कनेक्शन धारक अपनी पहचान को आधार के माध्यम से सत्यापित करता है।
  • इसमें आधार नंबर के साथ बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है।
  • इससे गैस कंपनियों का डेटा अपडेट होता है और सरकार यह सुनिश्चित कर पाती है कि सब्सिडी सही व्यक्ति तक पहुंच रही है।


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घरेलू एलपीजी सिलिंडर।
– फोटो : अमर उजाला


मोबाइल से ही करें e-KYC, एजेंसी जाने की जरूरत नहीं

अब यूजर्स को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। यह पूरा प्रोसेस मोबाइल फोन से ही आसानी से किया जा सकता है।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:

स्टेप 1:

  • अपनी गैस कंपनी का मोबाइल ऐप डाउनलोड करें और मोबाइल नंबर या कंज्यूमर नंबर से लॉगिन करें।
  • ऐप में दिए गए ‘ई-केवाईसी’ या ‘आधार ऑथेंटिकेशन’ विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप 2:

  • अब ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप डाउनलोड करें।
  • निर्देशों के अनुसार फेस स्कैन या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा करें।
  • प्रक्रिया पूरी होते ही आपका ई-केवाईसी सफलतापूर्वक अपडेट हो जाएगा।

सरकार के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।


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एलपीजी सिलेंडर


ई-केवाईसी के लिए क्या-क्या जरूरी है?

ई-केवाईसी करते समय इन चीजों को तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • एलपीजी कंज्यूमर नंबर
  • गैस एजेंसी का नाम
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक अकाउंट डिटेल (सब्सिडी के लिए)

 




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“बम से उड़ा दूंगा” मेल से हड़कंप. भोपाल पुलिस की बार-बार कौन ले रहा फिरकी?


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भोपाल में बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला जारी है. पुलिस को शक है कि एक ही व्यक्ति बार-बार ऐसे मेल भेज रहा है. एम्स और पीपुल्स अस्पताल के बाद नापतौल विभाग को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी के ठीक दूसरे दिन आरडीएक्‍स से उड़ाने की धमकी मिली है. हर बार की तरह पुलिस और बम स्क्वॉड की जांच में जुटी हुई है. हालांकि पिछली सभी जांचों में कुछ विस्‍फोटक नहीं मिला था, लेकिन अब पुलिस फिरकी लेने वाले की तलाश में जुट गई है.

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भोपाल पुलिस धमकी भरे ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है.

भोपाल. राजधानी में संस्‍थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला लगातार जारी है और अब यह सिर्फ एक-दो संस्थानों तक सीमित नहीं रहा है. स्‍कूल्स, एम्स भोपाल और पीपुल्स अस्पताल के बाद नापतौल विभाग को साइनाइड गैस से उड़ाने की धमकी के ठीक दूसरे दिन आरडीएक्‍स से उड़ाने की धमकी दी गई है. ऐसे ईमेल्‍स से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. हर बार ईमेल में बड़े हमले का दावा किया जाता है, लेकिन मौके पर जांच के बाद कुछ नहीं मिलता. यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर भोपाल पुलिस की बार-बार कौन फिरकी ले रहा है और इस तरह के फर्जी अलर्ट के पीछे किसका हाथ है?

लगातार मिल रही धमकियों ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है. हर बार पुलिस, बम स्क्वॉड और सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत से जांच करती हैं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहता है. इसके बावजूद इन मेल्स को हल्के में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि हर अलर्ट संभावित खतरे की ओर इशारा करता है. पुलिस कमिश्नर ने आशंका जताई कि ऐसी संभावना है कि एक ही शख्स बार-बार ऐसे मेल भेज रहा है. अब चुनौती उसे ट्रेस करने और इस सिलसिले को खत्म करने की है.

नापतौल विभाग को साइनाइड अटैक की धमकी के बाद आरडीएक्‍स से हमले का ईमेल 
भोपाल के नापतौल विभाग को भेजे गए एक ई-मेल में दावा किया गया कि परिसर में साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं. मेल में दोपहर 1 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई. सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया. धमकी मिलते ही पुलिस और बम स्क्वॉड टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई. हर कमरे, स्टोर और खुले हिस्सों की जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि ई-मेल में किया गया दावा झूठा था. न कोई सिलेंडर मिला और न ही किसी तरह का विस्फोटक. इससे पहले भी इसी तरह के कई मामलों में कुछ नहीं मिला है.

भोपाल एम्स और पीपुल्स अस्पताल को भी मिल चुकी धमकी
हाल के दिनों में एम्स भोपाल और पीपुल्स अस्पताल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. कुछ निजी स्कूलों को भी ऐसे मेल मिले थे. हर मामले में जांच के बाद अलर्ट फर्जी निकला. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि एक ही व्यक्ति इस तरह के मेल भेज रहा है. साइबर टीम लगातार उसे ट्रेस करने में जुटी है. पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए मेल के सोर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट खंगाले जा रहे हैं. सभी मामलों को जोड़कर जांच की जा रही है.

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
बार-बार मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं. हर बार संसाधन और समय खर्च होता है. साथ ही शहर में डर का माहौल भी बनता है. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि हम तमाम कोशिश कर रहे हैं कि इस मामले में जो-जो शामिल हो, उसे तुरंत गिरफ्तार करें. पुलिस टीमों को लगाया गया है और मुखबिर से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश हो रही है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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दिल्ली में LPG की अवैध सप्लाई का खुलासा, जामिया नगर से 62 सिलेंडर जब्त



दिल्ली पुलिस ने जामिया नगर इलाके में अवैध तरीके से LPG गैस सिलेंडर बेचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और मौके से बड़ी संख्या में सिलेंडर भी बरामद किए हैं।



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UP ATS का बड़ा एक्शन, सहारनपुर से BDS का छात्र हारिस अली गिरफ्तार, ISIS कनेक्शन और खौफनाक प्लानिंग का खुलासा


UP पुलिस भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द पर बवाल, मुख्यमंत्री दरबार तक पहुंची शिकायत, अब नपेंगे जिम्मेदार!



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संत प्रेमानंद महाराज से मिलने आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: अयोध्या में श्रीरामयंत्र करेंगी स्थापित; UP में तीन दिन रहेंगी – Mathura News


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में संत प्रेमानंदजी महाराज से मिलने आ रही हैं। वह 19 से 21 मार्च तक तीन दिन यूपी में रहेंगी।

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राष्ट्रपति मुर्मू अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगी। श्रीरामयंत्र स्थापित करेंगी। मथुरा- वृंदावन में इस्कॉन और प्रेम मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाएंगी।

20 मार्च को राष्ट्रपति संत उड़िया बाबा के निर्वाण दिवस पर उनके आश्रम पहुंचकर समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। संत उड़िया बाबा की जन्मस्थली ओडिशा है। राष्ट्रपति मुर्मू भी वहीं की रहने वाली हैं।धर्मनगरी में करीब 50 घंटे का राष्ट्रपति का दौरा कितना खास, कहां-कहां जाएंगी, जिन जगहों पर जाएंगी उनका महत्व क्या? सबकुछ जानिए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या-मथुरा में करीब 50 घंटे रहेंगी।

पहले बात राष्ट्रपति के अयोध्या दौरे की…

राष्ट्रपति का दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी। इस मौके पर वे राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर श्री राम यंत्र का विधि-विधान से पूजन करेंगी।

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राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर स्थापित होगा यंत्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किए जाने वाले दिव्य श्रीराम यंत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस यंत्र की स्थापना मंदिर के दूसरे तल पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कराई जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र का पूजन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही नियमित रूप से राम मंदिर में किया जा रहा है। अब इसे औपचारिक रूप से मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा।

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यंत्र 150 किलो वजनी, सोने की परत चढ़ी है करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस श्रीराम यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है। इसे कांचीपुरम मठ के मुख्यालय में स्थापित प्राचीन यंत्र के आधार पर तैयार किया गया है।

यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

यह यंत्र पहले कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया था। इसके बाद एक भव्य रथयात्रा के माध्यम से करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर अयोध्या पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान कई राज्यों में श्रद्धालुओं ने यंत्र के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी।

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अब मथुरा में राष्ट्रपति का कार्यक्रम जानिए…

राष्ट्रपति सबसे पहले इस्कॉन मंदिर जाएंगी अयोध्या से 19 मार्च को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सेना के हेलीपैड से नेशनल हाईवे होते हुए शाम करीब 5:35 पर वृंदावन स्थित रेडिसन होटल आएंगी। यहां से वह शाम 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर जाएंगी। जहां वह एक घंटे तक रहेंगी। यहां वह भगवान कृष्ण- बलराम, राधा-कृष्ण और निताई गौर के दर्शन करेंगी। मुर्मू वृंदावन दो बार आने वाली तीसरी राष्ट्रपति हैं।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

वृंदावन इस्कॉन की स्थापना राम नवमी के दिन 1975 में की गई थी।

प्रेम मंदिर जाएंगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू इस्कॉन मंदिर के बाद 19 मार्च की देर शाम प्रेम मंदिर जाएंगी। जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा बनाए गए प्रेम मंदिर में वह भगवान कृष्ण के दर्शन करेंगी। प्रेम मंदिर का उद्घाटन 17 फरवरी, 2012 को हुआ था। प्रेम मंदिर जनवरी, 2001 में बनना शुरू हुआ था।

12 साल में बनकर तैयार हुए इस मंदिर में सफेद इटैलियन पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन करने के साथ-साथ शाम के समय होने वाली लाइटिंग देखने के लिए आते हैं। राष्ट्रपति यहां भगवान की आरती में भी शामिल होंगी।

केली कुंज आश्रम में करेंगी संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात राष्ट्रपति दौरे के दूसरे दिन यानी 20 मार्च की शुरुआत संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा से होगी। संभावित समय के अनुसार वह सुबह 7:25 पर रमण रेती स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचेंगी। जहां वह 8 बजे तक रहकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर उनसे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

राधारानी की भक्ति में लीन प्रेमानंद महाराज। क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का ने संत प्रेमानंद से दीक्षा ली थी।

संत प्रेमानंद महाराज राधा रानी के अनन्य भक्त हैं। उनके भक्त मानते हैं कि किडनी न होने के बाबजूद वह राधारानी की कृपा से सकुशल हैं। पिछले कुछ वर्षों से उनका सोशल मीडिया पर तेजी से प्रचार बढ़ा तो उनके अनुयायियों की संख्या लाखों में पहुंच गई।

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विराट-अनुष्का जैसे सेलेब्रिटी संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य संत प्रेमानंद महाराज वर्तमान में प्रतिष्ठा के शिखर पर हैं। उनके शिष्यों में प्रसिद्ध क्रिकेटर विराट कोहली, उनकी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, WWE चैंपियन रिंकू सिंह के अलावा अन्य नामचीन हस्तियों के नाम हैं। उनसे मिलने संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अलावा राजनीतिक, फिल्मी जगत, खेल जगत, आध्यात्मिक जगत, सांस्कृतिक जगत की हस्तियां आ चुकी हैं।

बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करने के बाद होटल जाएंगी। जहां से सुबह 11:10 बजे हनुमानजी के अनन्य भक्त और उनका कलयुग में स्वरूप माने जाने वाले बाबा नीब करौरी के परिक्रमा मार्ग स्थित आश्रम जाएंगी। जहां वह बाबा नीब करौरी की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इस दौरान वह हनुमान जी के दर्शन करेंगी। राष्ट्रपति के आश्रम पहुंचने पर उनका प्रबंधन बाबा का प्रसादी कंबल और लड्डू प्रसाद देकर स्वागत करेगा।

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1973 में बाबा ने त्यागा था शरीर बाबा नीब करौरी ने 11 सितंबर 1973 में वृंदावन के इसी आश्रम में अपना शरीर छोड़ा था। बाबा कैंची धाम जा रहे थे, लेकिन अचानक उन्होंने वृंदावन जाने का प्रोग्राम बनाया। बाबा जैसे ही वृंदावन में प्रवेश किए, उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाबा आश्रम पहुंचे और अपना शरीर त्याग दिया। बाबा के गोलोक गमन के बाद उनका यहां समाधि स्थल बना हुआ है। इसके साथ ही ध्यान कक्ष है, जहां बाबा ध्यान लगाते थे। राष्ट्रपति यहां आधे घंटे तक रहेंगी।

उड़िया बाबा की समाधि के करेंगी दर्शन बाबा नीब करौरी के समाधि स्थल से राष्ट्रपति का काफिला दावानल कुंड स्थित उड़िया बाबा आश्रम पहुंचेगा। जहां वह जगन्नाथ पूरी के राजगुरु के परिवार के सदस्य आर्थ प्राण मिश्रा उर्फ स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा की समाधि के दर्शन करेंगी। 1875 में जन्मे आर्थ प्राण मिश्रा ने जब पूरी शंकराचार्य से दंड संन्यास लिया तो उनका नाम स्वामी पूर्णानंद तीर्थ हो गया।

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बाबा 1913 में जब वृंदावन आए तो उनको ब्रजवासी उड़ीसा से आने के कारण उड़िया बाबा कहने लगे। उड़िया बाबा का यह नाम अब तक प्रसिद्ध हो गया। उड़िया बाबा महाराज का जन्म ओडिशा में हुआ था। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ओडिशा से हैं। इसी कारण दोनों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध एक ही प्रदेश की पवित्र भूमि से जुड़ता है।

संत प्रेमानंद महाराज भी पढ़ते हैं उड़िया बाबा के उपदेश संत स्वामी पूर्णानंद तीर्थ उर्फ उड़िया बाबा के बारे में कहा जाता है, वह वृंदावन आने वाले पहले संत थे। उड़िया बाबा 1913 में वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज भी उड़िया बाबा के उपदेश पुस्तक के बारे में कहते हैं- यह उनके जीवन गाइड है। इसने ऐसा गाइड किया है कि आजतक दूर नहीं कर पाए।

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कैंसर विभाग का करेंगी उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला उड़िया बाबा आश्रम से 20 मार्च की दोपहर 12:30 मथुरा वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंचेगा। जहां वह रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर विभाग) का उद्घाटन करेंगी।

रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज और सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण दिया था।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

वृंदावन रोड स्थित रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल का कैंसर विभाग।

स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने बताया, यह चार मंजिला कैंसर ब्लॉक आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों से लैस इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, आधुनिक कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी, RT-CT स्कैन और PET-CT स्कैन जैसी जांच और उपचार सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही यहां जनरल वार्ड, डे-केयर यूनिट, फार्मेसी और प्राइवेट केबिन जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए यह अत्याधुनिक कैंसर उपचार केंद्र होगा, जहां लगभग सभी प्रकार के कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

साध्वी ऋतम्भरा से करेंगी मुलाकात राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में एक घंटे रहने के बाद वापस होटल जाएंगी। दोपहर को आराम करने के बाद राष्ट्रपति शाम 5:10 पर साध्वी ऋतम्भरा के आश्रम वात्सल्य ग्राम जाएंगी। यहां वह पद्मश्री साध्वी ऋतम्भरा से मुलाकात करेंगी और उन बच्चियों से मिलेंगी] जिनका कोई अपना न होने पर वात्सल्य ग्राम में आश्रय दिया गया है। यहां राष्ट्रपति उन महिलाओं से भी मुलाकात करेंगी जो यहां दादी, नानी, मौसी बनकर बेसहारा बच्चियों के साथ रिश्ता निभा रही हैं।

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21 किलोमीटर की करेंगी परिक्रमा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दौरे के तीसरे दिन यानी 21 मार्च की सुबह करीब 9 बजे वृंदावन से गोवर्धन के लिए रवाना हो जाएंगी। जहां वह दानघाटी मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना करेंगी और गिरिराज जी का दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति गोवर्धन की 21 किलोमीटर की गोल्फ कार्ट से परिक्रमा करेंगी। राष्ट्रपति उसी दिन गोवर्धन स्थित हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन और गोवर्धन दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारी वृंदावन की सड़कों को दुरुस्त करा रहे हैं, तो रास्ते में पड़ने वाली सभी दीवारों पर पेंट किया जा रहा है। इन दीवारों पर भगवान की पेंटिंग बनाई जा रही हैं। बिजली विभाग खंभों, झूलते तारों को दुरुस्त करा रहा है। जिन सड़कों को वर्षों से लोग बनवाने की मांग कर रहे थे, वह अब तेजी से सही की जा रही हैं।

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ये खबर भी पढ़ें…

शंकराचार्य की ‘चतुरंगिणी’ सेना कैसी होगी?:योद्धाओं की पीली ड्रेस; हाथ में तलवार-भाले; सेनापति खुद अविमुक्तेश्वरानंद

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी सेना तैयार कर रहे हैं। इसके सेनापति खुद शंकराचार्य होंगे। टास्क वो खुद देंगे, उनके आदेश पर ये सेना पूरे देश में मूवमेंट करेगी।अभी मौजूदा वक्त में 3 तरह के टास्क होंगे। पहला- गोरक्षा। दूसरा- धर्म की रक्षा। तीसरा- मंदिर रक्षा। इस सेना को बनाने की शुरुआत हिंदू नववर्ष यानी 19 मार्च से होगी। इस सेना में कोई नागा साधु नहीं, ब्लकि आम लोग होंगे। पढ़ें पूरी खबर



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Biz Updates: वॉइस और क्षेत्रीय भाषाओं में एआई को बढ़ावा देने पर जोर, पीयूष गोयल ने पुच एआई के सीईओ से की चर्चा


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ाने के मुद्दे पर पुच एआई के को-फाउंडर और सीईओ सिद्धार्थ भाटिया के साथ अहम बैठक की। इस दौरान खासतौर पर वॉइस-फर्स्ट और क्षेत्रीय भाषाओं (वर्नाक्युलर) पर आधारित एआई समाधान को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई, ताकि तकनीक देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।

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मंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक में एआई के जरिए देशभर में डिजिटल पहुंच को विस्तार देने और आम नागरिकों के लिए तकनीक को आसान बनाने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर भी चर्चा की कि एआई का उपयोग स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और नागरिक सेवाओं को मजबूत करने में कैसे किया जा सकता है।



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रील देखने से रोका तो दोस्त का मर्डर. ग्वालियर में सिर पर दनादन डंडे मारे


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ग्वालियर के मोहना बायपास पर मोबाइल पर रील देखने को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने अपने जिगरी दोस्त की डंडे से पीटकर हत्या कर दी. दोनों ने पहले साथ में शराब पी थी, जिसके बाद मामूली झगड़ा हिंसक बन गया. आरोपी वारदात के बाद जंगल में छिप गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

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ग्‍वालियर में हुए मर्डर में पुलिस ने आरोपी दोस्‍त को गिरफ्तार कर लिया है.

ग्वालियर. जिले के मोहना थाना क्षेत्र में मोबाइल छीनने और रील देखने से रोकने पर नाराज जिगरी दोस्त ने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी ने डंडे से सिर पर लगातार वार कर दोस्त को मौत के घाट उतार दिया. रविवार शाम करीब 6 बजे मोहना बायपास पर अजीत नायक भोजनालय के सामने यह वारदात हुई. पुलिस के अनुसार मुरैना के न्यू आमपुरा निवासी ऋषिकेश सिकरवार अपने दोस्त दीपक शाक्य के साथ काम की तलाश में ग्वालियर आया था. दोनों बेहद करीबी बताए जा रहे हैं. दिनभर काम की तलाश के बाद शाम को दोनों ने बायपास पर शराब पी और खाना खाया था. पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मोहना थाना टीआइ रशीद खान ने बताया कि शराब के नशे में दीपक मोबाइल पर रील देख रहा था. इसी दौरान ऋषिकेश ने मजाक में उसका मोबाइल छीन लिया. इस बात पर दीपक भड़क गया. दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई. नशे के सुरूर में विवाद बढ़ गया. गुस्से में दीपक ने सड़क किनारे पड़ा बबूल का डंडा उठाया. उसने ऋषिकेश के सिर पर ताबड़तोड़ 12-13 वार किए. वार इतने जोरदार थे कि ऋषिकेश मौके पर ही गिर पड़ा. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

वारदात के बाद जंगल में भागा, रात भर तलाश हुई 
मोहना थाना टीआइ रशीद खान का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी मौके से भाग निकला. वह नंगे पैर जंगल में घुस गया था. उसने वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपने की कोशिश की थी. पुलिस टीमों को तुरंत लगाया गया और आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया. इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत है और लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं. सूचना मिलते ही मोहना थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. सोमवार सुबह पुलिस ने आरोपी दीपक शाक्य को जंगल से गिरफ्तार कर लिया. हत्या में इस्तेमाल डंडा भी बरामद किया गया.

मोबाइल की लत और शराब के नशे में बन गया हैवान 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें मौत की वजह बताई गईं. पुलिस के अनुसार मामला मोबाइल पर रील देखने की लत और शराब नशे में की गई हत्या का है. किसी पुरानी रंजिश की बात सामने नहीं आई है. मामले में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं. मामूली विवाद ने दोस्ती को खत्म कर दिया. पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.

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रेगिस्तान में यहां है मिनी स्विट्जरलैंड, खूबसूरती देख रह जाएंगे दंग


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Ajmer Kishangarh Mini Switzerland: अजमेर जिले के किशनगढ़ में स्थित डंपिंग यार्ड अपनी अनोखी खूबसूरती के कारण राजस्थान का मिनी स्विटजरलैंड कहलाता है. यहां संगमरमर की धूल से बने सफेद टीले बर्फीली पहाड़ियों जैसे दिखाई देते हैं और उनके बीच नीला पानी बेहद आकर्षक दृश्य बनाता है. यह जगह आज एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुकी है. यहां बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के साथ-साथ प्री-वेडिंग फोटोशूट भी खूब होते हैं. सफेद टीलों और खुले आसमान के बीच फोटो खिंचवाने के लिए राजस्थान ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं.

राजस्थान का नाम आते ही अक्सर लोगों के मन में रेतीले धोरों, ऊंटों, किलों, महलों और विशाल मरुस्थल की तस्वीर उभरती है. लेकिन इसी राजस्थान में एक ऐसी जगह भी है जो अपनी अनोखी खूबसूरती के कारण लोगों को स्विटजरलैंड की याद दिलाती है. यह जगह अजमेर जिले के किशनगढ़ में स्थित प्रसिद्ध डंपिंगयार्ड है, जिसे लोग राजस्थान का मिनी स्विटजरलैंड कहते हैं. यहां फैली सफेद संगमरमर की धूल और ऊंचे-नीचे ढेर बर्फीली पहाड़ियों जैसा दृश्य बनाते हैं. इसी अनोखी खूबसूरती के कारण यह जगह पर्यटकों और फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच खासा लोकप्रिय हो गई है.

डंपिंग यार्ड किशनगढ़

किशनगढ़ का यह डंपिंग यार्ड करीब 500 से अधिक बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है. यहां दूर-दूर तक सफेद रंग के छोटे-छोटे टीले और समतल मैदान नजर आते हैं, जो पहली नजर में बर्फ की चादर जैसे दिखाई देते हैं. दरअसल यह सफेद परत संगमरमर की धूल से बनी है. इन सफेद टीलों के बीच जमा हुआ नीले रंग का पानी इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देता है. यह नजारा इतना आकर्षक लगता है कि यहां आने वाले लोगों को लगता है जैसे वे किसी बर्फीली पहाड़ियों वाले देश में पहुंच गए हों.

डंपिंग यार्ड किशनगढ़

यहां दिखाई देने वाली सफेद परत असल में बर्फ नहीं होती, बल्कि संगमरमर की कटाई और तराशने के दौरान निकलने वाला महीन पाउडर होता है. दरअसल किशनगढ़ संगमरमर उद्योग के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, इसलिए यहां बड़ी मात्रा में संगमरमर की कटाई और प्रोसेसिंग होती है. इस प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला पाउडर धीरे-धीरे जमा होकर एक बड़े डंपिंग यार्ड का रूप ले चुका है. यही सफेद पाउडर दूर से बर्फ जैसी परत और पहाड़ियों जैसा दृश्य बनाता है, जो इस जगह को बेहद अनोखा और आकर्षक बना देता है.

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डंपिंग यार्ड किशनगढ़

आज यह स्थान केवल एक औद्योगिक अवशेष नहीं, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना चुका है. किशनगढ़ का यह डंपिंग यार्ड अपनी अनोखी सफेद पहाड़ियों और नीले पानी के कारण पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है. यहां सालभर देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग घूमने और फोटोग्राफी करने के लिए पहुंचते हैं. इस अनोखी लोकेशन की खूबसूरती इतनी खास है कि यहां कई बॉलीवुड फिल्मों और गानों की शूटिंग भी हो चुकी है. इसी वजह से यह जगह सोशल मीडिया और पर्यटन मानचित्र पर तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है.

डंपिंग यार्ड किशनगढ़

बॉलीवुड फिल्मों और गानों की शूटिंग के अलावा यहां वेडिंग और प्री-वेडिंग फोटोशूट का भी जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिलता है. सफेद टीलों और नीले पानी के अनोखे नजारों के कारण यह जगह फोटोशूट के लिए बेहद आकर्षक मानी जाती है. कई दूल्हा-दुल्हन अपने प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए खास तौर पर किशनगढ़ के इस मिनी स्विटजरलैंड को चुनते हैं. यहां सिर्फ अजमेर या किशनगढ़ ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अलग-अलग जिलों और अन्य राज्यों से भी कपल फोटोशूट के लिए पहुंचते हैं. इसी वजह से यह जगह युवाओं और फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय बन गई है.

किशनगढ़ डंपिंग यार्ड

यहां फोटोशूट के लिए कई आकर्षक बैकग्राउंड भी मौजूद हैं, जहां लोग बेहतरीन तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं. सफेद टीलों, नीले आसमान और पानी के अनोखे नजारों के बीच फोटो खिंचवाना लोगों को बेहद पसंद आता है. दूर-दराज से आने वाले पर्यटक यहां अपने खास पलों को कैमरे में कैद करवाते हैं. इन प्राकृतिक और अनोखे दृश्यों के कारण तस्वीरें बेहद शानदार और अलग दिखाई देती हैं. यही वजह है कि किशनगढ़ का यह मिनी स्विटजरलैंड फोटोग्राफी और प्री-वेडिंग शूट के लिए तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है.

डंपिंग यार्ड किशनगढ़

किशनगढ़ का यह प्रसिद्ध डंपिंग यार्ड पर्यटकों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है. यह स्थान किशनगढ़ शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहां सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है. पर्यटन के लिए आने वाले लोगों के लिए यहां पहुंचना काफी सुविधाजनक माना जाता है. इस जगह का निकटतम हवाई अड्डा किशनगढ़ एयरपोर्ट है, जो लगभग 10 किलोमीटर दूर है. वहीं किशनगढ़ रेलवे स्टेशन भी करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे पर्यटक ट्रेन के जरिए भी आसानी से यहां पहुंच सकते हैं.



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Parliament Session LIVE: लोकसभा के 8 निलंबित सांसदों का सस्पेंशन हो सकता है वापस


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लोकसभा के 8 निलंबित विपक्षी सांसदों का निलंबन मंगलवार यानी 17 मार्च को वापस लिया जा सकता है।



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Banking: खाते में न्यूनतम राशि न रख पाने के कारण गरीबों को उठाना पड़ा ₹19000 करोड़ का नुकसान, जानिए क्या अपडेट


आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए बैंकों द्वारा पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम बैंक खाते की शेष राशि  न रखने पर वसूले गए भारी जुर्माने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह राशि अमीरों या बड़े कर्जदारों से नहीं, बल्कि सिस्टम में सबसे गरीब खाताधारकों से वसूली गई है, जिनका एकमात्र अपराध यह था कि उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं थे।

किसानों, पेंशनरों और दिहाड़ी मजदूरों पर मार

सांसद चड्ढा ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि यह जुर्माना उन लोगों पर लगाया गया है जो सबसे ज्यादा आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्होंने विशेष रूप से किसानों, पेंशनरों और दिहाड़ी मजदूरों का उल्लेख किया, जिनके खातों में न्यूनतम राशि कम होने पर भी भारी जुर्माना लगाया गया। उन्होंने कहा कि पेंशनर जब अपनी दवाइयों के लिए पैसे निकालते हैं, तब भी उन पर जुर्माना लगता है, और दिहाड़ी मजदूर के खाते में कुछ सौ रुपये कम होने पर भी उनसे पैसे वसूले जाते हैं।

वित्तीय समावेशन की असलियत

राघव चड्ढा ने वित्तीय समावेशन के मूल उद्देश्य पर भी सवाल उठाया। उनका मानना है कि वित्तीय समावेशन का लक्ष्य छोटी बचत की रक्षा करना होना चाहिए, न कि छोटे बैंक बैलेंस वाले लोगों को दंडित करना। उन्होंने कहा कि गरीब लोग बैंकों में अपना पैसा सुरक्षा के लिए रखते हैं, और उन्हें उनकी गरीबी के लिए चुपचाप दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

न्यूनतम राशि रखने पर जुर्माना खत्म करने का प्रस्ताव

सांसद चड्ढा ने संसद में न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि इससे बैंकिंग सिस्टम उन लोगों से पैसे लेना बंद कर देगा जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। यह कदम गरीबों को राहत देगा और वित्तीय समावेशन को उसके वास्तविक अर्थ में साकार करेगा।

पिछले तीन वर्षों में बैंकों की ओर से न्यूनतम बैलेंस न रखने पर वसूली गई 19,000 करोड़ रुपये की राशि, वित्तीय समावेशन के प्रति मौजूदा दृष्टिकोण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। यह राशि उन लोगों से ली गई है जिन्हें वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि उन्हें दंडित किया जाना चाहिए। जुर्माने की वसूली गई राशि में पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने लगभग 8 हजार करोड़ वसूले, जबकि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने इस दौरान लगभग 11 हजार करोड़ रुपए वसूले।

राज्यसभा सांसद के अनुसार, ऐसी प्रथाएं फाइनेंशियल इंक्लूजन (वित्तीय समावेशन) के मूल मकसद को ही खत्म कर देती हैं और लोगों को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने से हतोत्साहित करती हैं। चड्ढा ने आगे कहा कि गरीब लोग सुरक्षा के लिए बैंकों में पैसे रखते हैं, न कि गरीब होने की वजह से चुपचाप जुर्माना भरने के लिए।

उन्होंने कहा कि बार-बार लगने वाले बैंक शुल्कों की वजह से कई बार खातों का बैलेंस नेगेटिव में चला जाता है, जिससे ग्राहकों को जुर्माने के तौर पर अपनी जमा की गई मूल रकम से भी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बैंक लगातार शुल्क जोड़ते रहते हैं और बैलेंस नेगेटिव हो जाता है। कभी-कभी वे शुल्कों के नाम पर हमसे हमारी जमा की गई असल रकम से भी ज्यादा पैसे वसूल लेते हैं।

बैंक लोगों से उनकी गरीबी के लिए पैसे वसूलना बंद करें: चड्ढा

चड्ढा ने कहा कि बैंक खातों का मकसद नागरिकों को फाइनेंशियल सुरक्षा देना होता है, लेकिन कई मामलों में वे फाइनेंशियल तनाव का जरिया बनते जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “फाइनेंशियल इंक्लूजन का मकसद छोटी बचत की सुरक्षा करना होना चाहिए, न कि कम बैलेंस होने पर लोगों को सजा देना। बैंक खातों का मकसद हमें फाइनेंशियल सुरक्षा देना है, लेकिन आजकल वे कई लोगों को फाइनेंशियल सुरक्षा देने के बजाय फाइनेंशियल तनाव दे रहे हैं।” आप नेता ने संसद में यह प्रस्ताव रखा है कि न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को खत्म कर दिया जाना चाहिए, ताकि बैंकिंग सिस्टम लोगों से उनकी गरीबी के लिए पैसे वसूलना बंद कर दे।



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