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Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान आज, कब आएंगे नतीजे?


India

oi-Ankur Sharma

Rajya Sabha Election 2026: देश में आज राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। ये चुनाव 10 राज्यों में आयोजित हुए हैं जिसके लिए सुबह 9 बजे से वोटिंग जारी है और ये शाम 4 बजे तक चलेगी जबकि वहीं सात राज्यों की 26 सीटें निर्विरोध चुनी जाएंगी। मतदान के बाद शाम को 5 बजे से वोटों की काउंटिंग शुरू हो जाएगी और देर रात तक रिजल्ट आने की उम्मीद है।

आज जिन 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं उसमें महाराष्ट्र की 7, ओडिशा की 4, तमिलनाडु की 6, पश्चिम बंगाल की 5, असम की 3, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ में 2 हरियाणा में 2, हिमाचल प्रदेश में 1 और तेलंगाना की 2 सीटें शामिल हैं।

Rajya Sabha Election 2026

NDA, जो ऊपरी सदन के चुनावों में शामिल 10 राज्यों में से छह में सत्ता में है, 234 सदस्यों वाली राज्यसभा में 134 सदस्य उसके हैं जबकि विपक्षी INDIA गठबंधन जो चार राज्यों में सत्ता में है, 80 सीटें रखता है।

Rajya Sabha Election 2026 Today: नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय

बिहार में, NDA खेमा सभी 5 सीटों पर क्लीन स्वीप करने की बात कह रहा है इन सीटों पर नीतीश कुमार (JD-U), नितिन नबीन (BJP) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM), केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर (JD-U) और BJP के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार शामिल हैं। नीतीश कुमार की वजह से ये चुनाव दिलचस्प हो गया है क्योंकि अगर वो राज्यसभा पहुंचते हैं तो फिर बिहार का सीएम कौन बनेगा इस पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं।

Rajya Sabha Polls Today:सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां एकजुट हैं-RJD

इस बीच, RJD पूरी तरह से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थन पर निर्भर है, जिसके 5 विधायक हैं। RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव रविवार को AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान के आवास पर मिलने भी गए थे। पार्टी ने RS चुनावों में RJD नेता अमरेन्द्र धारी सिंह का समर्थन करने का फ़ैसला किया है। तेजस्वी यादव ने भी कहा, सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां एकजुट हैं, और हमारे विधायक RJD उम्मीदवार को ही वोट देंगे।’

Rajya Sabha Chunav : राज्यसभा चुनाव कैसे होता है?

राज्यसभा के सदस्य जनता सीधे नहीं चुनती है बल्कि संबंधित राज्य के निर्वाचित सदस्यों के जरिए चुने जाते हैं। चुनाव प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम से होता है।राज्यसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर दो साल में कुछ सीटों पर चुनाव होते हैं।



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रणथम्भौर में वनकर्मियों पर बाघ झपटा: बाइक से गश्त पर निकले थे, गाड़ी को दबोचकर खींचा; 10 मिनट तक अटकी रहीं सांसें – Sawai Madhopur News


रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों के सामने अचानक बाघ आ गया था। बाइक छोड़कर वनकर्मी वहां से भाग निकले।

सवाई माधोपुर के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में 2 वनकर्मी बाल-बाल बचे। बाइक से गश्त के दौरान अचानक टाइगर सामने आ गया। वह वनकर्मियों की ओर झपटा। बड़ी ही तेजी से दोनों वनकर्मी बाइक वहीं छोड़ भागकर कुछ दूर आगे जाकर रुके।

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करीब 10 मिनट टाइगर बाइक के पास रहा। बाइक को उसने दबोचकर घसीटा भी। इस दौरान वनकर्मियों की सांसें अटकी रहीं। घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे की है।

रणम्भौर टाइगर रिजर्व के ROPT रेंज में सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे वनकर्मियों के सामने अचानक टाइगर आ गया।

पहले से बैठा था टाइगर डीएफओ मानसिंह ने बताया- घटना टाइगर रिजर्व के ROPT रेंज में सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र की है। वनकर्मी निरंजन और होम गार्ड जितेंद्र शर्मा मोटरसाइकिल से गश्त कर रहे थे। मोड़ पर चढ़ाई थी। मोड़ पर टाइगर (आरबीटी-2511) पहले से बैठा था।

जैसे ही वहां बाइक पहुंची, टाइगर और वनकर्मी आमने-सामने आ गए। टाइगर गुर्राया। दोनों वनकर्मी फुर्ती से वहां से भाग खड़े हुए। उनके हाथों में डंडे थे। करीब 15 मीटर आगे जाकर वह रुके। दोनों हाथ में डंडा लेकर टाइगर की हरकतों को देखते रहे। करीब 10 मिनट बाद वह पहाड़ी पर चला गया।

इतनी देर में टूरिस्ट की जिप्सी आई और स्टाफ को बैठा लिया था। करीब 5 मिनट के अंदर गाड़ी पहुंच गई थी।

वनकर्मियों की बाइक के आसपास करीब 10 मिनट तक टाइगर घूमता रहा। बाइक को दबोचकर खींचा भी।

वनकर्मियों की बाइक के आसपास करीब 10 मिनट तक टाइगर घूमता रहा। बाइक को दबोचकर खींचा भी।

टाइगर ने बाइक की सीट फाड़ी दोनों वनकर्मियों के वहां से चले जाने के बाद टाइगर बाइक के पास आया। यहां उसने पंजों-जबड़े में दबाकर बाइक को खींचा। इसके बाद बाइक के आसपास घूमता रहा। सीट फाड़ दी। बाइक पर कई बार हमलावर भी हुआ।

10 महीने पहले रेंजर की जान ली थी 12 मई 2025 को टाइगर रिजर्व के जोन नंबर-3 में बाघ ने रेंजर देवेंद्र चौधरी की गर्दन पर दांतों और नाखून से हमला किया था। टाइगर 20 मिनट तक रेंजर के शव के पास बैठा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

7 साल के बच्चे को दबोचकर ले गया था 16 अप्रैल 2025 को रणथंभौर में टाइगर ने 7 साल के बच्चे को मार डाला था। बच्चा अपनी दादी के साथ त्रिनेत्र गणेश के दर्शन कर लौट रहा था। अचानक जंगल से टाइगर आया और बच्चे को दबोचकर ले गया था। पढ़ें पूरी खबर…

वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे‌ क्रिटिकल टाइगर हैबिटैट वाले इलाकों में अक्सर कुछ टाइगर एग्रेसिव बिहेवियर के होते हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए विभाग को वनकर्मियों को फोर व्हीलर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

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Warning For Trump: ट्रंप को तेल इंडस्ट्री की चेतावनी- होर्मुज जलडमरूमध्य संकट रहा जारी तो और बदतर होंगे हालात


ईरान युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी व्यवधान को लेकर अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनियों ने ट्रंप प्रशासन को गंभीर चेतावनी दी है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा बनी रही, तो वैश्विक ईंधन संकट और गहरा सकता है।

कंपनियों ने किन-किन कारकों को लेकर जताई चिंता?

रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस में बुधवार को हुई बैठकों और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट व आंतरिक मंत्री डग बर्गम के साथ हालिया बातचीत में एक्सॉन मोबिल, शेवरॉन और कोनोकोफिलिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता जताई। कंपनियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट का असर केवल कच्चे तेल की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रिफाइंड प्रोडक्ट्स की उपलब्धता पर भी दबाव बढ़ सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सॉन के सीईओ डैरेन वुड्स ने अधिकारियों से कहा कि अगर सट्टेबाजों ने अचानक कीमतों को और ऊपर धकेला, तो तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तर से भी आगे जा सकती हैं। उन्होंने यह भी आगाह किया कि बाजार में रिफाइंड उत्पादों की कमी की स्थिति बन सकती है। वहीं, शेवरॉन के सीईओ माइक वर्थ और कोनोकोफिलिप्स के सीईओ रयान लांस ने भी व्यवधान की गंभीरता को लेकर चिंता जाहिर की।

अमेरिका में घरेलू उत्पादन बढ़ाने की गुंजाइश सीमित 

तेल उद्योग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका में घरेलू उत्पादन बढ़ाने की गुंजाइश सीमित है और इससे हॉर्मुज के पीछे फंसी करीब 90 लाख से एक करोड़ बैरल प्रतिदिन तेल आपूर्ति की भरपाई नहीं हो सकेगी। इस बीच अमेरिकी तेल कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। बुधवार को 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहने वाला अमेरिकी तेल शुक्रवार तक बढ़कर 99 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।

ट्रंप ने सात देशों से क्यों मांगी मदद?

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने करीब सात देशों से युद्धपोत तैनात कर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने में मदद करने का अनुरोध किया है। रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि वह इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाना चाहते हैं।



ट्रंप ने कहा कि हम देशों से बात कर रहे हैं कि वे जलडमरूमध्य की निगरानी करें, क्योंकि वही देश पश्चिम एशिया के तेल पर ज्यादा निर्भर हैं। हम बहुत कम, लगभग एक प्रतिशत तेल लेते हैं। उदाहरण के तौर पर चीन को अपना करीब 90 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि मैं इन देशों से कह रहा हूं कि वे आगे आएं और अपने हितों की रक्षा करें, क्योंकि यह उनके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। हालांकि, अब तक किसी भी देश ने इस मिशन में शामिल होने को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई है।

होर्मुज क्यों है इतना अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा लेकिन रणनीतिक समुद्री मार्ग है, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माना जाता है। हर दिन दो करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग चौथाई हिस्सा है। दुनिया की बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की ढुलाई भी इसी रास्ते से होती है।



ऐसे में अगर इस मार्ग में थोड़ी देर के लिए भी बाधा आती है, तो उसका असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वित्तीय बाजारों, वैश्विक सप्लाई चेन और आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट तक महसूस किया जाता है। यही वजह है कि होर्मुज में मौजूदा संकट को लेकर दुनिया भर की निगाहें अमेरिका, ईरान और ऊर्जा बाजारों पर टिकी हुई हैं।





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Rajya Sabha Election 2026 LIVE: जो लोग विकास चाहते हैं, वे हमारे पक्ष में ही वोट देंगे-संतोष कुमार सुमन


Rajya Sabha Election 2026 LIVE: हमारा मकसद BJP को हराना है-कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर

चुनाव आयोग पूरी तरह से भारत सरकार के कंट्रोल में आ गया है…चुनाव आयोग, PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुविधा के हिसाब से चुनावों की तारीखें तय करता है…हम केरल में पूरी तरह से तैयार हैं; असम में कांग्रेस पार्टी एक बड़ी पार्टी के तौर पर चुनाव लड़ रही है और हमें पूरा भरोसा है कि अगर निष्पक्ष चुनाव हुए, तो कांग्रेस पार्टी ही सरकार बनाएगी। तमिलनाडु में हम गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और हमें विश्वास है कि हम चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे…हमारा मकसद BJP को हराना है-कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर

#WATCH | Delhi | On the announcement of dates of polls in 5 states/UTs, Congress MP Manickam Tagore says, “…The Election Commission has completely come under the control of the Government of India…The Election Commission schedules the election dates at the convenience of PM… pic.twitter.com/FuCbaL6XQT

— ANI (@ANI) March 16, 2026 “>





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Delhi LPG Crisis: दिल्ली में सिर्फ 20% सिलेंडर सप्लाई का नया नियम लागू, किन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता?


Delhi

oi-Smita Mugdha

Delhi LPG Crisis: देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में आई बाधा और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब रसोई तक पहुंच गया है। दिल्लीवासियों के लिए फिलहाल मुश्किल हालात दिख रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गैस वितरण पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया है। नया ’20 फीसदी सप्लाई रूल’ लागू किया गया है।

नए नियम के तहत, अब मांग के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडर ही बाजार में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका मतलब है कि सामान्य दिनों की तुलना में करीब 80 प्रतिशत सप्लाई घट गई है। इस फैसले के बाद शहर में गैस सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। लोगों को बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में ज्यादा समय लग सकता है।

Delhi LPG Crisis

Delhi LPG Crisis: अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता

– सीमित स्टॉक का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक प्रायोरिटी लिस्ट (Priority List) तैयार की है।

– इस सूची में सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं को रखा गया है। राजधानी के सभी सरकारी और निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटर को गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी।

– सरकार का मानना है कि मरीजों की देखभाल और अस्पतालों की रसोई व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

– इसके बाद दूसरी प्राथमिकता शैक्षणिक संस्थानों को दी गई है। स्कूलों, कॉलेजों और उनके हॉस्टल या कैंटीन में चलने वाली मेस को भी गैस उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि छात्रों को भोजन की समस्या न हो।

LPG Crisis: रेस्टोरेंट और होटल पर पड़ेगा ज्यादा असर

गैस की कमी का सबसे बड़ा असर व्यावसायिक संस्थानों पर पड़ने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार बड़े रेस्टोरेंट, होटल और अन्य कमर्शियल प्रतिष्ठानों को उनकी जरूरत के मुकाबले काफी कम गैस उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि इन्हें प्राथमिकता सूची में रखा गया है, लेकिन सप्लाई कैप के कारण इन्हें भी कटौती का सामना करना पड़ेगा। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

Delhi LPG Rule: क्या है 20% वाला नियम?

20 प्रतिशत सप्लाई का मतलब है कि सिलेंडर की डिलीवरी में देरी होना तय है और लोगों को अपने घरेलू गैस उपयोग को सावधानी से मैनेज करना होगा। सरकार ने इन सबके बीच लोगों से किसी भी तरह के अफवाह से बचने की अपील की है।

वैश्विक तनाव से प्रभावित हुई सप्लाई

विशेषज्ञों के अनुसार इस संकट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई रूट में आई बाधा है। Iran-Israel conflict के कारण समुद्री रास्तों से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कई देशों में गैस की उपलब्धता कम हो गई है।

दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में जहां रोजाना हजारों सिलेंडरों की खपत होती है, वहां सप्लाई में इतनी बड़ी कटौती ने लगभग आपात स्थिति पैदा कर दी है। तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि वे सरकार के निर्देशों के अनुसार सप्लाई कर रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कालाबाजारी न हो तथा जरूरतमंद क्षेत्रों को पहले गैस उपलब्ध कराई जाए।



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देहरादून में ‘उत्तराखंड-विकास-विश्वास-विजन कॉन्क्लेव: राज्यपाल बोले- राज्य की महिलाएं बन रहीं मिसाल, विधानभा स्पीकर बोलीं- लड़कों को भी देने चाहिए संस्कार – Uttarakhand News


देहरादून में आज दैनिक भास्कर एप की ओर से ‘उत्तराखंड-विकास-विश्वास-विजन कॉन्क्लेव’ की शुरुआत हो गई है। राजपुर रोड स्थित होटल हयात सेंट्रिक में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भ

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कार्यक्रम में स्पीकर ऋतु खंडूरी ने उत्तराखंड में बेटियों की शिक्षा, महिलाओं के सम्मान और गांव की जरूरतों को समझने की बात कही। वहीं राज्यपाल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड की महिलाओं को साहस, संस्कार और परिश्रम की मिसाल बताते हुए कहा कि राज्य की नारियां और बेटियां दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती हैं।

एक दिवसीय इस कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के विकास, निवेश और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल होंगे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर और बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे।

कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS देखें…

राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखंड यहां की महिलाओं के कारण आगे बढ़ रहा।

मंच पर पहुंचे राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर।

मंच पर पहुंचे राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर।

विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी ने कहा- मैं हमेशा पहाड़ों पर रही, वहां का जीवन कठिन था।

विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी ने कहा- मैं हमेशा पहाड़ों पर रही, वहां का जीवन कठिन था।

कॉन्क्लेव से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



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Aadhaar Card Update Rules: UIDAI की चेतावनी, आधार में हर जानकारी बार-बार नहीं बदली जा सकती, क्या है नया नियम?


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

Aadhaar Card Update Rules: आधार कार्ड आज भारत में सबसे जरूरी पहचान दस्तावेजों में से एक बन चुका है। सरकारी योजनाओं से लेकर बैंकिंग, मोबाइल सिम और कई दूसरी सेवाओं में आधार का इस्तेमाल किया जाता है। देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी के पास आधार कार्ड है। ऐसे में कई बार लोग अपने आधार कार्ड में फोटो, मोबाइल नंबर, एड्रेस या अन्य जानकारी अपडेट करवाते रहते हैं।

लेकिन बहुत कम लोगों को यह पता होता है कि आधार में कुछ जानकारियां ऐसी भी हैं जिन्हें बार-बार बदलवाने की अनुमति नहीं होती। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार अपडेट को लेकर कुछ सख्त नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार आधार कार्ड की कुछ जानकारी जीवन में केवल एक बार ही बदली जा सकती है। इसलिए आधार में किसी भी तरह का बदलाव करवाते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।

Aadhaar Card Update Rules: UIDAI की चेतावनी, आधार में हर जानकारी बार-बार नहीं बदली जा सकती, क्या है नया नियम?

कई जगह जरूरी हो गया है आधार

आज आधार कार्ड का इस्तेमाल कई जरूरी कामों में किया जा रहा है। स्कूल में एडमिशन, बैंक अकाउंट खोलना, मोबाइल सिम लेना और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार जरूरी दस्तावेज बन चुका है। एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए इस्तेमाल होने वाले डिजियात्रा ऐप में भी आधार के जरिए ही लॉगिन किया जाता है। यही वजह है कि आधार में दर्ज जानकारी का सही होना बेहद जरूरी है।

जन्मतिथि बदलने का मिलता है केवल एक मौका

आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि बेहद अहम जानकारी होती है। अगर आधार बनाते समय जन्मतिथि गलत दर्ज हो जाती है, तो उसे ठीक कराने का मौका केवल एक बार ही मिलता है। इस बदलाव के लिए आवेदक को सही दस्तावेज देने होते हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या अन्य मान्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। एक बार अपडेट हो जाने के बाद दोबारा जन्मतिथि बदलने की अनुमति नहीं मिलती।

दस्तावेजों की जांच के बाद ही होता है अपडेट

UIDAI के नियमों के अनुसार जन्मतिथि बदलने के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच की जाती है। जब दस्तावेज सही पाए जाते हैं तभी बदलाव की मंजूरी दी जाती है।

अगर पहली बार अपडेट कराने के बाद फिर से जन्मतिथि बदलने की रिक्वेस्ट की जाती है, तो आमतौर पर उसे स्वीकार नहीं किया जाता। इसलिए आधार बनवाते समय जन्मतिथि की जानकारी सही देना बहुत जरूरी है।

जेंडर अपडेट करने का भी एक ही मौका

आधार कार्ड में दर्ज जेंडर की जानकारी को भी बार-बार बदलने की अनुमति नहीं है। UIDAI के नियम के मुताबिक जेंडर की जानकारी भी पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अपडेट की जा सकती है। इसलिए अगर किसी कारण से जेंडर की जानकारी बदलवानी हो, तो सही दस्तावेज और पूरी जानकारी के साथ ही आवेदन करना जरूरी होता है।



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अनंत सिंह बोले- मैं अब चुनाव नहीं लड़ूंगा: बिना नीतीश के लड़ने से मतलब नहीं, तेजस्वी का नाम लेने पर भड़के, कहा- किसका नाम ले लिया – Patna News




बाहुबली अनंत सिंह ने सोमवार को विधानसभा के बाहर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है। अनंत सिंह से पूछ गया कि अगला CM कौन होगा। इस पर उन्होंने कहा कि नीतीश जी तय करेंगे। बिना नीतीश के चुनाव लड़के के सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश नहीं रहेंगे तो मैं भी चुनाव नहीं लड़ूंगा। निशांत और तेजस्वी में से आपको कौन अच्छा लगता है। इस सवाल के जवाब को अनंत सिंह टाल गए। अनंत सिंह ने ये भी दावा किया कि मैं 1 महीने में जेल से छूट जाऊंगा। असली अपराधी पकड़ा जाएगा। अनंत सिंह सोमवार को बेऊर जेल से राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डालने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने NDA के पांचों कैंडिडेट्स की जीत का भी दावा किया। 1 महीने पहले ली थी विधायक की शपथ बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने 1 महीने पहले विधायक पद की शपथ ली थी। सदन के अंदर बिना पढ़े उन्होंने कहा- मैं अनंत सिंह ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा। मैं बिहार राज्य के विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करूंगा। शपथ लेने के बाद अनंत सिंह ने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार से मुलाकात की। इसके बाद वो CM नीतीश के पास पहुंचे और उनके पैर छुए। इस दौरान CM नीतीश ने अनंत सिंह के तिलक के बारे में पूछा। इसके बाद अनंत सिंह जाकर अपनी सीट पर बैठ गए। करीब 10 मिनट बाद वो विधानसभा से फिर जेल के लिए निकल गए। शपथ की कुछ तस्वीरें देखिए… अनंत सिंह बोले- मैं निर्दोष हूं, मुझे न्याय की उम्मीद विधानसभा से निकलने के दौरान अनंत सिंह ने कहा, ‘मैं न्याय की उम्मीद करता हूं। जांच चल रही है, 100 परसेंट न्याय मिलने की उम्मीद है। विपक्ष अब बोलने लायक नहीं है। तेजस्वी को अब किसी और पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा।’ नीट छात्रा रेप-हत्या मामले में अनंत सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बेऊर जेल से अनंत सिंह को एंबुलेंस से विधानसभा लाया गया था। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से शपथ लेने में देरी हुई।’ जब उनसे पूछा गया कि वो मोकामा की जनता से कब मिलेंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘जब जज साहब चाहेंगे तब ही ना जेल से बाहर आएंगे। मैंने बेल के लिए अप्लाई किया है।’ कोर्ट में अनंत सिंह ने ये अर्जी दी थी 28206 वोट से जीते अनंत सिंह अनंत सिंह 28206 वोटों के अंतर से मोकामा सीट से जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें 91416 वोट मिले। दूसरे नंबर पर राजद की प्रत्याशी वीणा देवी रहीं। उन्हें 63210 वोट मिले। अनंत सिंह की जीत के जश्न में पुराने बंगले में करीब 50 हजार लोगों के लिए भोज की व्यवस्था की गई थी। अनंत सिंह के भोज की 2 तस्वीरें… 2020 में कोर्ट ने अनंत सिंह को दी थी इजाजत 2020 विधानसभा चुनाव में भी अनंत सिंह जेल से ही चुनाव जीते थे। जब विधानसभा का सत्र शुरू हुआ तो उन्होंने शपथ लेने के लिए पैरोल मांगी। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया और उन्होंने विधानसभा में आकर शपथ ली थी। अब जानिए वो पूरा मामला जिसे लेकर अनंत सिंह जेल में बंद हैं 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक में राजद नेता और जनसुराज के प्रत्याशी के लिए प्रचार कर रहे दुलारचंद यादव की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह पर लगे थे। उन्हें 1 नंवबर की रात गिरफ्तार किया गया था। 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया। दुलारचंद हत्याकांड में 4 FIR पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज की गई। बता दें कि पहला केस भदौर थाने में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने दर्ज कराया। दूसरा अनंत के समर्थक जितेंद्र कुमार ने और तीसरा केस पुलिस ने अपने बयान पर किया है। घोड़े, गाय और गाड़ियों के शौकीन हैं अनंत सिंह



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शादी में डांस देखने पर विवाद! सागर में पिता-पुत्र पर हमला, एक की मौत


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मध्यप्रदेश के सागर जिले में शादी समारोह के दौरान डांस कार्यक्रम देखने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. कुर्सी पर बैठने को लेकर हुई कहासुनी के बाद पांच आरोपियों ने पिता और बेटे पर लाठी, पत्थर और साइकिल की चेन से हमला कर दिया. हमले में पिता प्रदीप पांडे की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर घायल है और उसे भोपाल रेफर किया गया है.

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सागर में शादी के डांस को देखने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें एक की मौत हो गई.

सागर. जिले में एक शादी समारोह के दौरान मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक परिवार के लिए खुशी का मौका मातम में बदल गया. शादी में चल रहे डांस कार्यक्रम के दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में खूनी हमले में बदल गया. आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर पिता और बेटे पर लाठी, पत्थर और साइकिल की चेन से हमला कर दिया. इस हमले में पिता की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक यह विवाद सिर्फ शादी में कुर्सी पर बैठने का नहीं था, बल्कि दोनों पक्षों के बीच पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश भी इसमें सामने आई है. घायल युवक को गंभीर हालत में इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है. वहीं पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.

जानकारी के अनुसार घटना शनिवार देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बम्होरी तिराहा के पास हुई. बाग खैजरा रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में शादी समारोह के दौरान नाचने वाली डांसर्स का कार्यक्रम चल रहा था. उसी दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई. बताया गया कि अनिल पांडेय और उसके परिजनों का विवाद प्रथम दुबे और बब्लू उर्फ रामअवतार पांडेय से हो गया. मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा.

विवाद की खबर सुनकर पहुंचे पिता-पुत्र
कुछ देर बाद इस विवाद की जानकारी 40 वर्षीय प्रदीप पांडे और उनके बेटे रचित पांडेय को मिली. दोनों अपने गांव खैजरा बाग से बम्होरी तिराहा की ओर निकले. पिता और बेटा बाइक से आगे निकल गए जबकि परिवार के अन्य सदस्य पीछे आ रहे थे. रात करीब 12 बजे जब वे बम्होरी तिराहा के ओवरब्रिज के पास पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद पुरानी रंजिश और शादी में हुए विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू हो गई.

डंडों और पत्थरों से बेरहमी से हमला
विवाद के दौरान आरोपियों ने प्रदीप और उनके बेटे रचित पर डंडों, पत्थरों और साइकिल की चेन से हमला कर दिया. दोनों को सड़क पर ही बुरी तरह पीटा गया. हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और काफी देर तक सड़क किनारे पड़े रहे. इसी दौरान पीछे से आ रहे प्रदीप के भाई ने हमलावरों को देख लिया. आरोपियों ने उसे भी मारने की कोशिश की, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग गया.

अस्पताल में पिता की मौत
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पिता-पुत्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रदीप पांडे को मृत घोषित कर दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल रचित को पहले बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया.

पुरानी चुनावी रंजिश भी आई सामने
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष एक ही गांव के रहने वाले हैं. सरपंच चुनाव के दौरान दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा हुई थी. उसी समय से दोनों पक्षों में दुश्मनी चली आ रही थी. पुलिस का मानना है कि शादी में हुआ विवाद इस पुरानी रंजिश के कारण और ज्यादा बढ़ गया और मामला हिंसक हो गया.

गांव में तनाव, पुलिस तैनात
हत्या के बाद गांव में तनाव का माहौल है. पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं. पुलिस ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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छात्र की डेडबॉडी देने कनाडा सरकार मांग रही 35 लाख: उज्जैन लाने के 10 लाख अलग लगेंगे; दो दिन पहले कार से कुचलकर हत्या हुई थी – Ujjain News


उज्जैन7 घंटे पहले

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गुरकीरत की हत्या के बाद से उज्जैन में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

कनाडा में कार से कुचले गए उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की बॉडी भारत लाने में परिवार के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। परिजन का कहना है कि कनाडा सरकार बॉडी देने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) जमा कराने को कह रही है।

इतना ही नहीं, जांच प्रक्रिया के कारण अस्पताल से बॉडी 15 दिन बाद ही दी जाएगी। परिवार ने बताया कि बॉडी को कनाडा से उज्जैन लाने में करीब 10 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा।

ऐसे में परिजन ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। बता दें, गुरकीरत सिंह मनोचा की दो दिन पहले कनाडा में कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी।

गुरकीरत की असामयिक मौत से परिजन का बुरा हाल है।

गुरकीरत की असामयिक मौत से परिजन का बुरा हाल है।

सरकार से मदद की लगाई गुहार गुरकीरत सिंह के पिता गुरजीत सिंह का कहना है कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना उनके लिए संभव नहीं है। ऐसे में सरकार ही उनकी मदद करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है।

पिता बोले- बेटा बेहद शांत स्वभाव का था

पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि गुरकीरत लगभग सवा साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। वह बेहद शांत और नेक स्वभाव का था। वह किसी भी विवाद में नहीं पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवार के लिए बेहद दुखद है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में कनाडा में जांच जारी है। स्थानीय पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो-तीन अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

परिवार में शोक, लोगों का लगा तांता उज्जैन में लगातार लोग गुरकीरत के घर पहुंचकर परिजन से मिल रहे हैं और उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। गुरकीरत के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य बेटे को याद कर रो रहे हैं। उनकी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। वह सदमे में हैं।

कनाडा जाने वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे

गुरकीरत के पारिवारिक मित्र अभिलाष जैन ने बताया कि परिवार के सदस्य कनाडा जाने के लिए वीजा प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। वे वहां पहुंचकर आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना चाहते हैं। स्थानीय परिचित और समाज के लोग भी परिवार के संपर्क में हैं। उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दे रहे हैं।

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