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The Bonus Market Update: घरेलू शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; उठापटक जारी, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल


हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला। बाजार में उठापटक की स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24.79 अंक चढ़कर 74,588.71 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 29.20 अंक या 23,180.30 अंक पर आ गया।

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‘घर में रसोई गैस खत्म, इंडक्शन भी नहीं मिल रहा’: 400 से 500% बढ़ी डिमांड, चीन से 45 दिन में आएगा कच्चा माल


इजराइल-ईरान जंग का देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पर असर पड़ा है। LPG सिलेंडर की कमी के बीच इंडक्शन कुकर की डिमांड अचानक कई गुना बढ़ गई है। हालत ये है कि कई इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में इंडक्शन स्टोव का स्टॉक खत्म हो चुका है। कंपनियों के लिए भी डिमांड प

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इलेक्ट्रॉनिक्स डीलर्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन कुकर की बिक्री में 400 से 500% का इजाफा हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि इंडक्शन बनाने में इस्तेमाल होने वाला ज्यादातर कच्चा माल चीन से आता है। इसलिए नई सप्लाई आने में करीब 45 दिन का वक्त लग सकता है। ऐसे में कंपनियों के लिए प्रोडक्शन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।

इंडक्शन के साथ ही दूसरे कुकिंग अप्लायंस जैसे एयर फ्रॉयर, ओटीजी और माइक्रोवेव की डिमांड भी बढ़ी है।

लोग बोले- ईद में कैसे बनेगा खाना, इंडक्शन का ही सहारा भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में इंडक्शन स्टोव खरीदने वालों की भीड़ बढ़ गई है। LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कई परिवार एहतियात के तौर पर इंडक्शन खरीद रहे हैं।

इसकी डिमांड जानने के लिए हम सबसे पहले बाजार पहुंचे। यहां मिली नुसरत कहती हैं, ‘हमारा परिवार बड़ा है, इसलिए एक साथ तीन इंडक्शन खरीद रही हूं। सिलेंडर के साथ-साथ इंडक्शन के दाम भी बढ़ गए हैं। पिछले महीने जो इंडक्शन 2200 रुपए में मिल रहा था। अब वही करीब 3000 रुपए का हो गया है। लगता है आने वाले दिनों में दाम और बढ़ेंगे।‘

‘रमजान का महीना चल रहा है, रोज शाम को इफ्तारी के लिए घर में खाना बनाना जरूरी है। ईद की तैयारी भी करनी है, इसलिए एहतियात के तौर पर इंडक्शन खरीदना पड़ रहा है।‘

वहीं बाजार में मिले कैलाश भी गैस सिलेंडर की सप्लाई न होने से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि कई दुकानों पर पूछ चुके लेकिन इंडक्शन नहीं मिल रहा। कैलाश कहते हैं, ‘गैस सिलेंडर के लिए नंबर लगाया है, लेकिन कह रहे हैं कि मिलने में 8–10 दिन लग सकते हैं।’

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कई दुकानों में इंडक्शन का स्टॉक भी खत्म इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ज्यादातर दुकानों पर इंडक्शन स्टोव का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। जिन दुकानों में इंडक्शन की गिनी-चुनी यूनिट्स बची भी हैं, वहां दाम काफी ज्यादा हैं।

भोपाल में एक इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम मालिक श्याम बंसल बताते हैं, ‘आमतौर पर जो माल एक हफ्ते या दस दिन में आता था, उसे अब हर दिन मंगाना पड़ रहा है। हम खुद महंगे दाम पर माल खरीद रहे हैं, इसलिए कस्टमर को भी महंगे में ही देना पड़ रहा है। हालांकि कोशिश यही है कि जरूरत के समय ज्यादा मुनाफा न लिया जाए।’

बाजार के जानकार बताते हैं कि आमतौर पर गर्मियों में इंडक्शन स्टोव की बिक्री कम हो जाती है। इस वक्त कस्टमर की जरूरत एयर कंडीशनर, कूलर, फ्रिज और पंखे जैसे प्रोडक्ट रहते हैं। इसलिए दुकानदार भी गर्मियों में इंडक्शन का ज्यादा स्टॉक नहीं रखते। अब की LPG को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार का ट्रेंड ही बदल दिया है।’

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन की कीमतें करीब 10 से 20% तक बढ़ गई हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन की कीमतें करीब 10 से 20% तक बढ़ गई हैं।

5 दिन में इंडक्शन की महीने भर से ज्यादा बिक्री फिलिप्स डीए के मुंबई और एमपी में ब्रांच मैनेजर सेल्स विवेक गौर बताते हैं, ‘LPG की कमी की खबरों के बीच इंडक्शन एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। लोगों ने एहतियात के तौर पर इसे खरीदना शुरू कर दिया है। इसलिए इंडक्शन की डिमांड में करीब 400–500% का इजाफा हुआ है। सप्लाई बनी रहे इसलिए बढ़ती डिमांड पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं।‘

वहीं, उषा इंटरनेशनल लिमिटेड के भोपाल में डिप्टी सेल्स मैनेजर बिनीत शर्मा बताते हैं,

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अगर किसी महीने में आम तौर पर इंडक्शन की 1,000 यूनिट बिकती हैं, तो इस बार पिछले पांच दिन में ही करीब 8,000 से 10,000 यूनिट बिक चुकी हैं। यानी इसकी डिमांड 8 से 10 गुना तक बढ़ गई है।

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वे आगे कहते हैं कि फिलहाल इंडक्शन कैटेगिरी में कई ब्रांड कच्चे माल की कमी का सामना कर रहे हैं। बाजार में बड़ी संख्या में छोटे और अनऑर्गनाइज्ड ब्रांड हैं, इसलिए इसका सटीक डेटा नहीं है।

कोविड काल जैसे हालात, अचानक बढ़ा बाजार केनस्टार में एमपी के स्टेट हेड रोहित श्रीवास्तव कहते हैं कि मौजूदा हालात कोविड के दौर की याद दिला रहे हैं, जब इलेक्ट्रॉनिक किचन अप्लायंसेज की डिमांड बढ़ गई थी।

वे बताते हैं, ‘इंडक्शन और इंफ्रारेड की बिक्री का ये दौर बिल्कुल कोविड के समय जैसा है, जब अचानक माइक्रोवेव और डिशवॉशर की मांग बढ़ गई थी। अब भी उसी तरह की आर्टिफिशियल ग्रोथ देखने को मिल रही है। पहले ही दिन हमने 7 हजार से ज्यादा यूनिट बेचीं।’

LPG सिलेंडर न मिलने की वजह से चाय की दुकानों पर भी इंडक्शन का ही इस्तेमाल हो रहा है।

LPG सिलेंडर न मिलने की वजह से चाय की दुकानों पर भी इंडक्शन का ही इस्तेमाल हो रहा है।

कंपनियों के लिए सप्लाई देना और कच्चा माल जुटाना चैलेंज इंडक्शन बनाने वाली कंपनियों के लिए भी अचानक बढ़ी डिमांड चुनौती बन गई है। प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कच्चा माल, फैक्ट्री क्षमता और सप्लाई चेन की तैयारी पहले से करनी पड़ती है। डीलरों का कहना है कि अगर डिमांड ऐसे ही बढ़ती रही तो कुछ वक्त के लिए बाजार में इंडक्शन की सप्लाई कम हो सकती है।

मध्यप्रदेश में उषा इंटरनेशनल लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर मोहनीश जैन बताते है, ‘इंडक्शन स्टोव बनाने में इस्तेमाल होने वाला लगभग सारा कच्चा माल चीन से आता है, खासकर हीट प्लेट जैसे बाकी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट। ऐसे में चीन में भी डिमांड बढ़ने का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।‘

‘कंपनियों के लिए ये अप्रत्याशित संकट है। कंपनियां चीन में सप्लाई सेंटर्स से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं, लेकिन नए ऑर्डर की शिपमेंट आने में करीब 45 दिन का वक्त लग सकता है।‘ डीलरों के मुताबिक, सिर्फ फिलिप्स ब्रांड में ही एक लाख से ज्यादा यूनिट की डिमांड आ चुकी है। कंपनियां फिलहाल अपने मौजूदा स्टॉक के आधार पर प्रोडक्शन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

LPG पर निर्भरता कम करने के लिए कई कंपनियां अब कमर्शियल किचन के लिए बड़े इंडक्शन सिस्टम तैयार करने का भी काम कर रही हैं। उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि होटल और बड़े किचन के लिए अलग से कमर्शियल इंडक्शन यूनिट डेवलप करने की योजना बनाई जा रही है।

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हालात सामान्य होने पर कम होंगी कीमतें इलेक्ट्रॉनिक्स डीलरों का मानना है कि मौजूदा हालात स्थायी नहीं है। जैसे ही गैस सिलेंडर की सप्लाई सामान्य होगी, लोगों की चिंता कम होने लगेगी। इंडक्शन की डिमांड भी धीरे-धीरे घटने लगेगी।दुकानदार भी मानते हैं कि कई कस्टमर AC या कूलर खरीदने का प्लान बनाकर शॉप पर आ रहे हैं, लेकिन गैस लेकर बने माहौल के कारण पहले इंडक्शन कुकर खरीद रहे हैं।

IRCTC और कई ऑर्गनाइजेशन इंडक्शन का कर रहे इस्तेमाल LPG संकट और मौजूदा हालात को देखते हुए IRCTC ने भी जरूरत पड़ने पर माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे कुकिंग के तरीकों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि IRCTC के दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के CRM का कहना है कि फिलहाल उनके पास LPG की कोई कमी नहीं है। पहले की तरह ही इंडक्शन का इस्तेमाल भी किया जाता रहा है। अभी किचन चलाने में किसी खास बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी है।

वहीं दिल्ली में इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. के. जी. सुरेश बताते हैं कि उनके संस्थान में भी एहतियात के तौर पर हॉट प्लेट, इलेक्ट्रिक ओवन और अन्य अप्लायंसेज खरीदे जा रहे हैं। वे कहते हैं, ‘सरकार ने साफ किया है कि देश में ऊर्जा संकट नहीं है। अगर फ्यूचर में कोई इमरजेंसी की स्थिति आती है तो हमें उसके लिए तैयार रहना चाहिए।’

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……………. ये खबर भी पढ़ें…

यूपी में इंडक्शन की डिमांड 40%, रेट भी 10% बढ़ा

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अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। यूपी में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी–लंबी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। ऐसे में विकल्प के तौर पर इंडक्शन कुकटॉप की डिमांड 40% तक बढ़ गई है। पढ़िए पूरी खबर…



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Oscars 2026 Best Actor: माइकल बी. जॉर्डन ने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड, TV से शुरू होकर ऑस्कर तक की कहानी


Entertainment

oi-Purnima Acharya

Oscars 2026 Best Actor: हॉलीवुड में हर साल कई सितारे आते हैं लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो अपने टैलेंट और मेहनत से इतिहास रच देते हैं। ऐसे ही कलाकारों में अब नाम जुड़ गया है माइकल बी जॉर्डन (Michael B. Jordan) का।

माइकल बी. जॉर्डन ने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड
98वें अकादमी अवॉर्ड्स 2026 में माइकल बी जॉर्डन ने फिल्म ‘सिनर्स’ (Sinners) के लिए बेस्ट एक्टर का ऑस्कर जीतकर अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हालांकि ये सफलता उन्हें रातों-रात नहीं मिली। इसके पीछे सालों की मेहनत, संघर्ष और शानदार अभिनय का सफर छिपा है।

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बचपन से ही एक्टिंग में थी दिलचस्पी

माइकल बी. जॉर्डन का जन्म 9 फरवरी 1987 को अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुआ था लेकिन उनका बचपन न्यू जर्सी में बीता। उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही मॉडलिंग और टीवी विज्ञापनों में काम करना शुरू कर दिया था। धीरे-धीरे उन्हें टेलीविजन सीरियल्स में छोटे-छोटे रोल मिलने लगे और यहीं से उनके अभिनय करियर की शुरुआत हुई।

टीवी से मिली असली पहचान

-माइकल बी. जॉर्डन को शुरुआती पहचान मशहूर टीवी सीरीज ‘द वायर’ (The Wire) से मिली। इस शो में निभाए गए उनके किरदार को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने काफी सराहा था। इसके बाद उन्होंने Friday Night Lights और Parenthood जैसे शोज में काम किया था, जिससे हॉलीवुड में उनकी पहचान मजबूत होने लगी।

-टीवी के बाद माइकल बी. जॉर्डन ने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही अपनी अलग पहचान बना ली। साल 2013 में रिलीज हुई फिल्म Fruitvale Station उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई थी।

-इस फिल्म में माइकल की एक्टिंग को खूब सराहना मिली थी और उन्हें कई अवॉर्ड नॉमिनेशन भी मिले थे। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था।

इन फिल्मों ने बनाया हॉलीवुड का सुपरस्टार

माइकल बी. जॉर्डन को असली स्टारडम कुछ बड़ी फिल्मों से मिला जिनमें ‘क्रीड’, ‘ब्लैक पैंथर’, ‘क्रीड 3’ शामिल हैं। इन फिल्मों ने उन्हें हॉलीवुड के सबसे प्रतिभाशाली और पॉपुलर एक्टर्स में शामिल कर दिया।

Sinners से जीता पहला ऑस्कर

-साल 2026 में रिलीज हुई फिल्म ‘सिनर्स’ (Sinners) ने माइकल बी. जॉर्डन के करियर को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इस फिल्म में उन्होंने जुड़वां भाइयों का डबल रोल निभाया है, जो कहानी को और ज्यादा दिलचस्प बनाता है। उनकी इस शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का ऑस्कर दिया गया है।

-आपको बता दें कि ये माइकल बी. जॉर्डन के करियर का पहला अकादमी अवॉर्ड है, जिसने उन्हें हॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं की सूची में और मजबूत जगह दिला दी है।

संघर्ष मेहनत और सफलता की मिसाल

माइकल बी. जॉर्डन का सफर ये साबित करता है कि अगर प्रतिभा और मेहनत साथ हो तो कोई भी कलाकार बड़े मुकाम तक पहुंच सकता है। टीवी के छोटे किरदारों से शुरुआत करने वाला ये अभिनेता आज ऑस्कर विजेता स्टार बन चुका है और दुनिया भर के युवाओं के लिए प्रेरणा भी।



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Uttarakhand Weather Today केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से लौटी ठंड, ​​अभी ऐसा ही रहेगा मौसम


Uttarakhand

oi-Pavan Nautiyal

Uttarakhand Weather Today उत्तराखंड में बीते कई दिनों से पड़ रही गर्मी से रविवार को लोगों को काफी राहत मिली है। बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं मैदानी इलाकों देहरादून, हरिद्वार समेत प्रदेशभर में कई जगह बारिश हुई, जिससे एक बार फिर ठंड लौट आई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके अलावा देहरादून समेत हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में तेज हवा चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

Uttarakhand Weather Today Cold returns snowfall in high altitude areas Kedarnath weather remain same for now know when

पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और तेज दौर की बारिश होने की भी संभावना है और ओलावृष्टि का भी अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार-पांच दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

देहरादून मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों के अनेक स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश गरज व आकाशीय बिजली चमकने के साथ हो सकती है. जबकि 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। मैदानी जनपदों के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश गरज व चमक के साथ होने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जनपद में कहीं-कहीं गरज व चमक के साथ बारिश होने का अंदेशा जताया है। ओलावृष्टि व झक्कड़ (50-60 किमी प्रति घंटे तक) चलने की संभावना जताई है। जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बता दें कि रविवार को सुबह ही मौसम का मिजाज बदल गया था, जो कि दोपहर तक बारिश व बर्फबारी में बदल गया। बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। इसके साथ ही देहरादून, हरिद्वार समेत प्रदेशभर में कई जगह झमाझम बारिश हुई। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। केदारनाथ धाम में भी अच्छी खासी बर्फबारी हुई। धाम में तापमान शून्य से नीचे जा रहा है। जबकि निचले इलाकों में बारिश ने फिर ठंड बढ़ा दी।



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Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹4000 तक टूटी, सोना ₹1450 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: पश्चिम एशिया में जारी तनाव तीसरे हफ्ते में प्रवेश करने के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। चांदी की कीमत 4000 रुपये गिरकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 1450 रुपये गिरकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव

शुरुआती एशियाई कारोबार में स्पॉट गोल्ड में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 5,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान सोना 4,971.30 डॉलर के इंट्राडे लो तक पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर भी 2.23 फीसदी टूटकर 79.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

क्या है गिरावट के कारण?

कीमती धातुओं में यह दबाव ऐसे समय देखने को मिल रहा है जब पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर चिंताओं ने वैश्विक बाजार का रुख प्रभावित किया है। बढ़ती महंगाई की आशंका के चलते यह उम्मीद कमजोर पड़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में कटौती शुरू करेंगे।

दरअसल, अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। इसके जवाब में तेहरान ने कई अरब देशों के ऊर्जा ढांचे पर जवाबी हमले किए, जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई।

युद्ध कितने समय तक चलेगा, इसको लेकर भी स्पष्टता नहीं है। इसी कारण वित्तीय बाजारों और व्यापक अर्थव्यवस्था पर इसके असर का आकलन करना मुश्किल हो रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के एक सहयोगी ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष चार से छह हफ्ते तक खिंच सकता है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते में रुचि रखता है, लेकिन अमेरिका बेहतर शर्तें चाहता है। दूसरी ओर, तेहरान ने कहा है कि उसने न तो किसी वार्ता का अनुरोध किया है और न ही युद्धविराम की मांग की है।

इस बीच, ब्याज दरों में कटौती को लेकर उम्मीदें और कमजोर हुई हैं। शुक्रवार को जारी अमेरिकी उपभोक्ता खर्च के आंकड़ों में जनवरी में केवल मामूली बढ़त दर्ज की गई, जो युद्ध शुरू होने से पहले ही सुस्त आर्थिक वृद्धि का संकेत दे रही थी। वहीं, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिकी उपभोक्ता भावना भी तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई।



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Odisha: पारिवारिक कलह ने ली चार जान, ट्रिपल मर्डर के बाद आरोपी ने की खुदकुशी


ओडिशा के देवगढ़ जिले के कुंधेइगोला क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ गरियापाली गांव में एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने घरेलू विवाद के चलते अपने ही परिवार के तीन सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया और बाद में पुलिस से घिरने पर खुद भी आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रमेश गरिया का बुधवार रात अपने परिवार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आवेश में आकर रमेश ने अपनी पत्नी, बहू और चार साल की मासूम पोती की कथित तौर पर हत्या कर दी। वारदात के समय रमेश के दोनों बेटे गांव से बाहर थे, जिसका फायदा उठाकर उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।

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घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को गांव में एक पानी की टंकी के ऊपर छिपा हुआ पाया।
देवगढ़ के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि जब पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की तो उसने टंकी से कूदने की धमकी दी, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।

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कई घंटों तक चले अभियान के दौरान पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने उसे काबू में करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पास पहुंचते ही उसने अपने पास रखे किसी जहरीले तरल पदार्थ का सेवन कर लिया।
इसके बाद उसे तुरंत देवगढ़ जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया और हालत बिगड़ने पर विमसर बरला रेफर किया गया, जहां शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।



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Gold Silver Price: कमजोर वैश्विक संकेतों से सर्राफा बाजार में नरमी, सोना 2950 रुपये तो चांदी 9000 रुपये फिसली


कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में आज सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी 9,000 रुपये गिरकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। वहीं, सोना 2,950 रुपये टूटकर 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

चांदी की कीमतों में 3.4 फीसदी की गिरावट आई, जो शुक्रवार के बंद भाव 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना लगातार तीसरे दिन नुकसान में रहा, जिसमें 1.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों ने सर्राफा कीमतों में गिरावट का कारण मुनाफावसूली बताया। उन्होंने सुरक्षित निवेश की मांग का अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड की ओर बढ़ना भी एक वजह बताया। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से बड़े पैमाने पर पोजीशन खत्म होने लगी हैं। निवेशक कीमती धातुओं से पूंजी निकालकर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड में लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक केंद्रीय बैंक अमेरिकी-ईरान संघर्ष से उत्पन्न ऊर्जा आपूर्ति बाधाओं के कारण ब्याज दर समायोजन रोक सकते हैं। परमार ने घरेलू बाजार में सोने और चांदी में वित्तीय वर्ष के अंत से पहले थकावट के स्पष्ट संकेत देखे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सर्राफा कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हाजिर सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया। चांदी भी 80 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। सोना 20.94 डॉलर या 0.42 फीसदी गिरकर 4,998.31 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी 1.81 डॉलर या 2.25 फीसदी गिरकर 78.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। मीराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक प्रवीण सिंह ने बताया कि मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी व्यापार में सोना लगभग 4,992 डॉलर प्रति औंस के नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है।

आगे की राह और बाजार का रुख

कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने कहा कि निकट अवधि में सर्राफा कीमतें नरम रह सकती हैं, क्योंकि भू-राजनीतिक या नीतिगत दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना कम है। व्यापारी आगामी फेडरल ओपन मार्केट समिति की नीति बैठक पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां से आर्थिक अनुमानों और नीतिगत दृष्टिकोण के संकेत मिलेंगे। फेड से दरों पर यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद है। आंकड़ों के मोर्चे पर, अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) और साप्ताहिक बेरोजगार दावे व्यापक अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य के संकेतों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। चैनवाला ने यह भी कहा कि अमेरिकी-ईरान गतिरोध में कमी के कोई संकेत नहीं हैं, इसलिए भू-राजनीतिक जोखिम निकट अवधि में प्रमुख बाजार चालक बना रहेगा।





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Oscars 2026 Winners List: 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में किस फिल्म और कलाकार ने मारी बाजी, देखें पूरी लिस्ट


Entertainment

oi-Shashank Mani Pandey

Oscars 2026 Winners List: हर साल अकेडमी अवॉर्ड्स का आयोजन किया जाता है जहां अलग-अलग कैटेगरी में बेस्ट आर्टिस्ट और उनके कामों को सराहा जाता है। दुनिया भर के लोगों की निगाहें इस अवॉर्ड में होती हैं। इस बार किस-किस ने बाजी मारी है। हम आपको इसकी पूरी लिस्ट बता रहे हैं।

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ऑस्कर्स 2026 की फुल विनर लिस्ट

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (Best supporting actor)
बेनिसियो डेल टोरो- वन बैटल आफ्टर अनदर
जेकब एलॉर्डी- फ्रैंकेंस्टाइन
डेलरॉय लिंडो- सिनर्स
शॉन पेन- वन बैटल आफ्टर अनदर
स्टेलन स्कार्सगार्ड- सेंटिमेंटल वैल्यू
विनर: शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर अनदर)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (Best supporting actress)
एल फैनिंग- सेंटिमेंटल वैल्यू
इंगा इब्सडॉटर लीलास- सेंटिमेंटल वैल्यू
एमी मैडिगन- वेपन्स
वुनमी मोसाकू- सिनर्स
टियाना टेलर- वन बैटल आफ्टर अनदर
विनर: एमी मैडिगन (वेपन्स)

बेस्ट एनिमेटेड फीचर फिल्म (Best animated feature film)
आर्को
एलियो
Kpop डीमन हंटर्स
लिटिल एमली ऑर द कैरेक्टर ऑफ़ रेन
ज़ूटोपिया 2
विनर: Kpop डीमन हंटर्स

बेस्ट एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म (Best animated short film)
बटरफ्लाय
फॉरेवरग्रीन
दी गर्ल हू क्रायड पर्ल्स
रिटायरमेंट प्लान
दी थ्री सिस्टर्स
विनर: दी गर्ल हू क्रायड पर्ल्स

बेस्ट कॉस्ट्यूम डिज़ाइन (Best costume design)
अवतार: फायर एंड एश
फ्रैंकेंस्टाइन
हैमनेट
मार्टी सुप्रीम
सिनर्स
विनर: फ्रैंकेंस्टाइन

बेस्ट मेकअप और हेयर स्टाइलिंग (Best make-up and hairstyling)
फ्रैंकेंस्टाइन
कॉकूओ
सिनर्स
दी स्मैशिंग मशीन
दी अग्ली स्टेपसिस्टर
विनर: फ्रैंकेंस्टाइनबेस्ट

कास्टिंग (Best casting)
हैमनेट- नीना गोल्ड
मार्टी सुप्रीम- जेनिफ़र वेंडिटी
वन बैटल आफ्टर अनदर- कैसेंड्रा कुलूकुंडिस
दी सीक्रेट एजेंट- गेबरियल डॉमीनगिस
सिनर्स- फ्रैन्सीन मेस्लर
विनर: कैसेंड्रा कुलूकुंडिस (वन बैटल आफ्टर अनदर)

बेस्ट लाइव एक्शन शॉर्ट फिल्म (Best live action short film)
बुचर्स स्टेन
अ फ्रेंड ऑफ डॉरथी
जेन ऑस्टिन्स पीरियड ड्रामा
दी सिंगर्स
टू पीपल एक्सचेंजिंग सलाइवा
विनर: दी सिंगर्स और टू पीपल एक्सचेंजिंग सलाइवाबेस्ट

एडैप्टेड स्क्रीनप्ले (Best adapted screenplay)
बुगोनिया
फ्रैंकेंस्टाइन
हैमनेट
वन बैटल आफ्टर अनदर
ट्रेन ड्रीम्स
विनर: पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर)

बेस्ट ओरिजनल स्क्रीनप्ले (Best original screenplay)
ब्लूमून
इट वॉज़ जस्ट एन एक्सिडेंट
मार्टी सुप्रीम
सेंटिमेंटल वैल्यू
सिनर्स
विनर: सिनर्स

बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन (Best production design)
फ्रैंकेंस्टाइन
हैमनेट
मार्टी सुप्रीम
वन बैटल आफ्टर अनदर
सिनर्स
विनर: फ्रैंकेंस्टाइन

बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स (Best Visual Effects)
अवतार: फायर एंड एश
F1
जुरासिक वर्ल्ड रीबर्थ
द लॉस्ट बस
सिनर्स
विनर: अवतार: फायर एंड एश

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म (Best documentary Short Film)
ऑल द एम्प्टी रूम्स
आर्म्ड ओनली विद अ कैमरा: द लाइफ एंड डेथ ऑफ़ ब्रेंट रेनो
चिल्ड्रन नो मोर: वर एंड आर गॉन
दी डेविल इज़ बिज़ी
परफेक्ट्ली अ स्ट्रेंजनेस
विनर: ऑल द एम्प्टी रूम्स

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म (Best documentary Feature Film)
दी एलैबेमा सॉल्यूशन
कम सी मी इन द गुड लाइट
कटिंग थ्रू रॉक्स
मिस्टर नोबडी अगेन्स्ट पुतिन
दी परफेक्ट नेबर
विनर: मिस्टर नोबडी अगेन्स्ट पुतिन

बेस्ट ओरिजनल स्कोर (Best original score)
बुगोनिया
फ्रैंकेंस्टाइन
हैमनेट
वन बैटल आफ्टर अनदर
सिनर्स
विनर: लुडविग यूरनसन (सिनर्स)

बेस्ट साउंड (Best sound)
F1
फ्रैंकेंस्टाइन
वन बैटल आफ्टर अनदर
सिनर्स
सिराट
विनर: F1

बेस्ट फिल्म एडिटिंग (Best film editing)
F1
मार्टी सुप्रीम
वन बैटल आफ्टर अनदर
सेंटिमेंटल वैल्यू
सिनर्स
विनर: वन बैटल आफ्टर अनदर

बेस्ट सिनेमैटोग्रफी (Best cinematography)
फ्रैंकेंस्टाइन
मार्टी सुप्रीम
वन बैटल आफ्टर अनदर
सिनर्स
ट्रेन ड्रीम्स
विनर: सिनर्स

बेस्ट पिक्चर (Best picture)
बुगोनिया
F1
फ्रैंकेंस्टाइन
हैमनेट
मार्टी सुप्रीम
वन बैटल आफ्टर अनदर
दी सीक्रेट एजेंट
सेंटिमेंटल वैल्यू
सिनर्स
ट्रेन ड्रीम्स
विनर: वन बैटल आफ्टर अनदर

बेस्ट एक्टर (Best actor)
टिमथी शैलमे- मार्टी सुप्रीम
लियोनार्डो डी कैप्रियो- वन बैटल आफ्टर अनदर
ईथन हॉक- ब्लू मून
माइकल बी. जॉर्डन- सिनर्स
वाग्नर मोरा- दी सीक्रेट एजेंट
विनर: माइकल बी. जॉर्डन (सिनर्स)

बेस्ट एक्ट्रेस (Best actress)
जेसी बकली- हैमनेट
रोज़ बर्न- इफ़ आय हैड लेग्स, आ वुड किक यू
केट हडसन- सॉन्ग संग ब्लू
रिनाट राइन्सव- सेंटिमेंटल वैल्यू
एमा स्टोन- बुगोनिया
विनर: जेसी बकली (हैमनेट)

बेस्ट डायरेक्टर (Best director)
क्लोई ज़ाओ- हैमनेट
जॉश सैफ्डी- मार्टी सुप्रीम
पॉल थॉमस एंडरसन- वन बैटल आफ्टर अनदर
योआकिम ट्रियर- सेंटिमेंटल वैल्यू
रायन कूगलर- सिनर्स
विनर: पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर)



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बैंकिंग सेक्टर का हाल: 11 साल में 9.75 लाख करोड़ रुपये के लोन राइट ऑफ किए, जानिए यह कर्ज माफी से कैसे अलग


भारतीय बैंकिंग प्रणाली में ‘नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स’ यानी एनपीए और लोन राइट-ऑफ की स्थिति पर सरकार ने संसद में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि पिछले 11 वित्तीय वर्षों में बैंकों ने कुल 9.75 लाख करोड़ रुपये के ऋण को बट्टे खाते में डाला है। हालांकि, आंकड़ों में यह भारी भरकम राशि कर्जदारों के लिए कोई राहत लेकर नहीं आई है, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि राइट-ऑफ का मतलब किसी भी तरह से देनदारियों की माफी नहीं है।

कैसे बढ़ा और घटा राइट-ऑफ का ग्राफ

सोमवार को सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, लोन राइट-ऑफ की गई राशि वित्त वर्ष 2020 (FY20) में अपने सर्वोच्च स्तर 1.59 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान भी राइट-ऑफ की राशि 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। 

    

राहत की बात यह है कि इसके बाद से इस रुझान में लगातार गिरावट देखी जा रही है और मौजूदा वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घटकर 47,568 करोड़ रुपये रह गया है। 

    

पिछले कुछ वर्षों के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति इस प्रकार रही है:


  • वित्त वर्ष 2015 में बैंकों ने 31,723 करोड़ रुपये के लोन राइट-ऑफ किए।

  • वित्त वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 40,416 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

  • वित्त वर्ष 2017 में 68,308 करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले गए।

  • वित्त वर्ष 2018 में यह राशि और बढ़कर 99,132 करोड़ रुपये हो गई थी।

क्या राइट-ऑफ का मतलब कर्जदारों को फायदा पहुंचाना है?


इस आम धारणा को पूरी तरह से खारिज करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया है कि राइट-ऑफ की प्रक्रिया से कर्जदारों की देनदारी खत्म नहीं होती है, और न ही इससे कर्जदार को कोई लाभ मिलता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों और संबंधित बैंकों के बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार, बैंक केवल उन एनपीए को बट्टे खाते में डालते हैं जिनके लिए चार साल पूरे होने पर शत-प्रतिशत प्रोविजनिंगकर दी गई हो। 

अब आगे क्या?

कर्ज को बट्टे खाते में डालने के बावजूद, कर्जदारों पर पुनर्भुगतान की जिम्मेदारी पहले की तरह ही लागू रहती है। राइट-ऑफ किए गए इन ऋणों की वसूली एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। बैंक इन खातों में शुरू की गई अपनी रिकवरी की कार्रवाई लगातार जारी रखते हैं। वित्तीय संस्थान उनके पास उपलब्ध विभिन्न रिकवरी तंत्रों के तहत बकायेदारों के खिलाफ अपने प्रयास सक्रिय रूप से आगे बढ़ाते रहते हैं। इससे साफ है कि बहीखातों की सफाई के साथ-साथ बैंकों का जोर कर्ज वसूली पर लगातार बना हुआ है।



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Oscars 2026 LIVE Update: ‘सिनर्स’ के एक्टर माइकल बी जॉर्डन बने बेस्ट एक्टर, पॉल थॉमस एंडरसन बेस्ट डायरेक्टर


बेस्ट एडिटिंग का अवॉर्ड, एंडी जुर्गेनसन का पहला ऑस्कर

‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ को एक और पुरस्कार मिला, एंडी जुर्गेनसन ने इस फिल्म के लिए अपना पहला ऑस्कर जीता। उन्होंने अपने दोस्तों, अपने साथी बिल और अपनी चाची (एक फिल्म अर्काविस्ट) को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी इस यात्रा में उन्हें प्रेरित किया।



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