Benjamin Netanyahu Alive: इजराइल ईरान के बीच चल रहे युद्ध की बची अचानक ये दावा किए जाने लगा है कि Benjamin Netanyahu की मौत हो गई है। मौत की अफवाहों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री ने खुद सामने आकर इन दावों की हवा निकाल दी।
एक नए वीडियो में वह आराम से कॉफी शॉप में कॉफी पीते नजर आए, मजाक करते हुए अपनी उंगलियां कैमरे के सामने दिखाईं और कहा-“लोग कह रहे हैं बीबी मर गया है… आप भी यही पूछने आए हैं क्या?” यह वीडियो सोशल मीडिया पर उनके निधन की झूठी अफवाहों के बीच जारी किया गया है। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर चल रही मौत और एआई वाली अटकलों पर विराम लग गया।
इन अफवाहों की शुरुआत तब हुई जब नेतन्याहू ने शुक्रवार को अपने ‘एक्स’ (X) अकाउंट पर ईरान युद्ध संबंधी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा किया। कुछ सोशल मीडिया पर उनके एक पुराने वीडियो को लेकर यह दावा किया गया था कि उनके दाहिने हाथ में छठी उंगली दिखाई दे रही है, जिसे कुछ यूजर्स ने एआई से बनी तस्वीर की गड़बड़ी बताया था। इसी के बाद उनकी मौत तक की अफवाहें फैलने लगी थीं।
कॉफी की चुस्कियां लेते हुए नेतन्याहू बोले- बीबी अभी जिंदा है
कॉफी पीते हुए नेतन्याहू ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘लोग कह रहे हैं कि बीबी (उनके निकनेम) मर गया है। क्या आप भी यही पूछ रहे हैं?’ उन्होंने अपने दोनों हाथ कैमरे के सामने दिखाते हुए जोड़ा, ‘लोग मेरी उंगलियां भी गिन सकते हैं।’
देशवासियों की हिम्मत की तारीफ
नेतन्याहू ने वीडियो में कॉफी और अपने देशवासियों के प्रति प्रेम जताया। उन्होंने युद्धकाल में इजरायली नागरिकों की हिम्मत और धैर्य की सराहना की, और कहा, ‘हमारे देश के लोगों का यही जज्बा मुझे, सरकार को, इजरायली सुरक्षा बलों और मोसाद को ताकत देता है।’ ईरान और लेबनान में इजरायली सेना की सख्त कार्रवाई जारी होने का जिक्र करते हुए, उन्होंने सुरक्षा कारणों से अधिक जानकारी देने से मना किया।
नेतन्याहू ने नागरिकों को दी सावधानी बरतने की सलाह
नेतन्याहू ने नागरिकों से अपील की कि वे बाहर निकलते समय ताजी हवा लें, लेकिन हमेशा सुरक्षित शेल्टर के करीब रहें और होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करते रहें। वीडियो के अंत में, उन्होंने कॉफी शॉप के अटेंडेंट से चुटकी लेते हुए कहा, ‘कॉफी के लिए धन्यवाद, यह शानदार है… बस इसकी कैलोरी को लेकर थोड़ा शक है।’
पीएमओ ने भी खारिज की मौत की अफवाह
इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया था। पीएमओ ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी हत्या की खबरें फर्जी हैं।
ईरान की चेतावनी और हमलों का दावा
इधर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हवाले से Fars News Agency ने नेतन्याहू को कड़ी चेतावनी दी है। आईआरजीसी ने कहा कि अगर नेतन्याहू जीवित हैं तो उनका पीछा जारी रहेगा।
रविवार को आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने इराक के एरबिल स्थित अल-हरीर एयरबेस और कुवैत के अली-अल सलेम व अरिफजान सैन्य ठिकानों सहित अमेरिका के तीन ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस कार्रवाई को “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” की 52वीं लहर बताया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के नेपानगर में ₹363 करोड़ से अधिक की 127 विकास परियोजनाओं के औपचारिक उद्घाटन और शिलान्यास की घोषणा की। इस योजना में रोजगार सृजन, कृषि और महिला कल्याण योजनाएं, बुनियादी ढांचे के उन्नयन और सांस्कृतिक विरासत के विकास पर जोर दिया गया है, साथ ही स्थानीय आजीविका और औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है।
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-Oneindia Staff
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 मार्च को बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में ₹363 करोड़ से अधिक लागत के 127 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन और किसानों-महिलाओं के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपानगर प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां कृषि से लेकर उद्योग तक अपनी अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं के हित में लगातार योजनाएं लागू कर रही है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करता है।
युद्धकालीन परिस्थितियों में भी गैस आपूर्ति सामान्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी और कमर्शियल गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय बनाए रखा है।
किसानों और महिलाओं के लिए योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों को सम्मान निधि, विद्यार्थियों को किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही बालिकाओं को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध कराने तथा दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आदिवासी कल्याण के लिए सरकार ने बड़े बजट प्रावधान किए हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एयर एंबुलेंस जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं।
नेपानगर के लिए प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। इनमें नेपानगर कॉलेज में कृषि विषय शुरू करना, धूलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करना, लोखंडिया-हसीनाबाद मार्ग का चौड़ीकरण, ताप्ती नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण और असीरगढ़ किले को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना शामिल है।
इसके अलावा वनाधिकार पट्टों को रजिस्ट्री में बदलने, उनके सर्वेक्षण और संबंधित शुल्क में राहत देने जैसे फैसलों की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
Kerala Opinion Poll 2026: केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव की तरीख का ऐलान 15 मार्च को चुनाव आयोग ने कर दिया है। केरल में लेकर जारी सियासी हलचल के बीच MATRIZE-IANS का नया ओपिनियन पोल सामने आया है।
इस सर्वे ने राज्य की चुनावी तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया है। आकलन के अनुसार राज्य की अधिकांश सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहने वाला है, जहाँ वामपंथी और कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है, जबकि भाजपा भी कुछ सीटों पर प्रभाव दिखाती नजर आ रही है।
140 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले का अनुमान
ओपिनियन पोल के मुताबिक केरल की 140 विधानसभा सीटों में से करीब 140 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सर्वे के अनुसार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को 61 से 71 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) 58 से 69 सीटों के बीच सिमट सकता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के खाते में 2 सीटें आने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण केरल में एलडीएफ को बढ़त
सर्वे के क्षेत्रीय आकलन के मुताबिक दक्षिण केरल की 48 सीटों में एलडीएफ बढ़त बनाता नजर आ रहा है। इस क्षेत्र में एलडीएफ को 22 से 25 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि यूडीएफ को 18 से 22 सीटों के बीच समर्थन मिल सकता है। बाकी सीटों पर अन्य दल या करीबी मुकाबले की स्थिति बन सकती है।
सेंट्रल केरल में यूडीएफ की स्थिति मजबूत
सेंट्रल केरल की 44 सीटों पर यूडीएफ का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहने का अनुमान जताया गया है। सर्वे के अनुसार इस क्षेत्र में यूडीएफ को 21 से 26 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एलडीएफ को 17 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है।
मालाबार क्षेत्र में एलडीएफ आगे
मालाबार क्षेत्र की 48 सीटों में एलडीएफ सबसे आगे दिखाई दे रहा है। सर्वे के मुताबिक इस क्षेत्र में एलडीएफ को 22 से 26 सीटें मिल सकती हैं, जबकि यूडीएफ भी मजबूत चुनौती देता नजर आ रहा है।
IANS–Matrize Kerala Opinion Poll – Seat Projection and Vote Share %
कुल मिलाकर ओपिनियन पोल यह संकेत देता है कि 2026 का केरल विधानसभा चुनाव बेहद प्रतिस्पर्धी और दिलचस्प रहने वाला है, जहाँ दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच सत्ता की लड़ाई आखिरी चरण तक कांटे की टक्कर में बदल सकती है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में तीन-दिवसीय प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के अंतिम दिन उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उद्योग के लिए सरकार की ओर से पूरा सहयोग और रियायतों का भरोसा दिया।
वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों की मजबूत साझेदारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस सम्मेलन ने औद्योगिक विकास के लिए ऐसा माहौल बनाया है, जो राज्य की आर्थिक तरक्की को और रफ्तार देगा। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार सम्मेलन के दौरान दिए गए निवेश प्रस्तावों और प्रोजेक्टों की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए छह महीने बाद समीक्षा सत्र करेगी।
ऐतिहासिक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के समापन वाले दिन कारोबारी दिग्गजों के साथ विचार-विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस सम्मेलन में शामिल होने और राज्य की आर्थिक तरक्की में सक्रिय साझेदार बनने के लिए यहां आए सम्मानित व्यक्तित्वों के समर्पण को बयान करने के लिए मेरे पास शब्द भी कम पड़ जाएंगे। दुनिया भर के अग्रणी औद्योगिक नेता इस ऐतिहासिक और प्रगतिशील सम्मेलन में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी और सूझवान नेता वही होता है जो हर तरह के माहौल और चुनौतियों के लिए अपनी टीम को तैयार रखे, और राज्य सरकार इसी तर्ज पर काम कर रही है।
राज्य के लोगों के जुनून और जज्बे के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी हमेशा सूझवान नेता के रूप में विचरते हैं और हम देश और इसके लोगों के लिए कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि देश हमारे लिए सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक नया उभरता क्षेत्र है लेकिन मानव मस्तिष्क इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, जो मानव संसाधन के विकास के लिए अच्छा है। यह देखकर खुशी होती है कि नीति निर्माण के फैसलों में कारोबारी तेजी से ध्रुव बनकर उभर रहे हैं।
सम्मेलन के दौरान हुए विचार-विमर्श का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा कि प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के तीन दिनों के दौरान लगभग 30 श्रृंखलाबद्ध सत्र करवाए गए, जो राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करने में अधिक मददगार सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य को तेज विकास की लीक पर डालने के अलावा यह सम्मेलन युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन राज्य से युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और तरक्की व खुशहाली के नए युग की शुरुआत के लिए बेहद जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोकतंत्र में सभी के लिए वोट का अधिकार बहुत महत्वपूर्ण है और हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास यह अधिकार है। हर किसी को अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि उनकी आवाज सुनी जाए। उन्होंने कहा कि सभी की भलाई के लिए यह यकीनी बनाना जरूरी है कि हर व्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान किया जाए।
राजनीति में ‘आप’ के प्रभाव के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसने आम आदमी को सियासत के केंद्र में लाया है, सत्ता में आने के बाद बाकी राजनीतिक पार्टियों के मेनिफेस्टो बदल गए हैं। पहले आम आदमी की भलाई का एजेंडा कहीं नहीं दिखाई देता था और नफरत व विभाजनकारी राजनीति का बोलबाला था। अगर राजनीतिक पार्टियां जाति, धर्म या अन्य विभाजनकारी नीतियों के नाम पर वोटें मिली जाएं तो फिर कोई स्कूल, शिक्षा, स्वास्थ्य या किसी अन्य चीज के नाम पर वोट क्यों देगा?
किसी भी देश में एक जैसे अवसरों वाला मुकाबला जरूरी है और एकाधिकार की संभावनाओं को हर पहलू से नकार देना चाहिए क्योंकि एकाधिकार किसी भी समाज के हित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया ऐसी उदाहरणों से भरी हुई है जहां निम्न पृष्ठभूमि वाले लोगों ने अपनी मेहनत और समर्पण से दुनिया को जीता है। छात्रों को दुनिया भर में अपनी योग्यता साबित करने के लिए ऐसी उदाहरणों से प्रेरणा लेनी चाहिए और पंजाब सरकार इस नेक काम में उनकी मदद करेगी।
एक गुलदस्ते का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक गुलदस्ते में कई तरह के फूल होते हैं और यह इसी विविधता के कारण लोगों को आकर्षित करता है। इसी तरह देश का अन्न भंडार होने के साथ-साथ, पंजाब को देश की खड़्ग भुजा होने का भी गौरव हासिल है। यहां के लोग दुनिया भर में अपनी हिम्मत, मेहनत, हठी स्वभाव और उद्यम की भावना के लिए जाने जाते हैं। यह पवित्र धरती महान गुरुओं, संतों, पीर- पैगंबरों की चरण-छोह प्राप्त और हमारे महान शहीदों की धरती है, जिन्होंने हमें जुल्म, अत्याचार व धक्केशाही का विरोध करने का रास्ता दिखाया है।
राज्य और इसके शहीदों की महान विरासत को याद करते हुए उन्होंने आगे कहा कि पंजाब की अमीर सांस्कृतिक विरासत है और राज्य को दुनिया भर में अपनी नरमी मेहमाननवाजी के लिए जाना जाता है। पंजाबियों को विश्व स्तर पर हर कोई जानता है। हमारे शहीदों ने देश के लिए अपनी जानें वार दी और हम सब उनके कर्जदार हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में कई ऐसी ताकतें भी हैं जिन्होंने देश के खजाने को लूटा और शहीदों की पीठ में छुरा मारा है। ये नेता गैर-कानूनी तरीकों से बड़ी दौलत इकट्ठा करने की होड़ में हैं और हमारे देशवासी ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में माफ नहीं करेंगे।
आप सरकार को विरासत में मिली चुनौतियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमें पिछली सरकारों से कर्ज, शिकायतें और खराब शासन की विरासत मिली थी, लेकिन हम राज्य को फिर से सुचारू करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज यहां हुई चर्चा व विचार पूरे दिल से निकले हुए हैं, जो हमारे आपसी विश्वास और पंजाब को औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारे साझा जोश को दर्शाता है। उद्योगपतियों की बांह मरोड़कर जबरदस्ती समझौते करने की पुरानी प्रथा अब खत्म हो गई है और आप सरकार बड़े पैमाने पर औद्योगिकीकरण को उत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
निवेशकों की साझेदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले लोग राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में साझेदार बनने के लिए खुद-ब-खुद आगे आ रहे हैं। यह पंजाब में तरक्की और खुशहाली को हुलार देगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पंजाब को प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने के लिए वचनबद्ध है।
रोजगार और उद्योग पर सरकार के ध्यान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों के सहयोग से ये लक्ष्य जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही मेरा उद्देश्य युवाओं के लिए अधिक से अधिक नौकरियां पैदा करना रहा है ताकि उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर उन्हें नशों के खतरे से दूर रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि मैं उद्योगपतियों से अपील करता हूं कि वे पंजाब के दूत के रूप में काम करें और पंजाब की मुख्य विशेषताओं जैसे कारोबार करने में आसानी और सबसे अनुकूल व्यापारिक माहौल को अन्य राज्यों में अपने साथियों तक पहुंचाएं। हमारा उद्देश्य राज्य में अधिक से अधिक निवेश सुनिश्चित करते हुए पंजाब को देश का औद्योगिक केंद्र बनाना है।
प्रबंधकों और साझेदारों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने आगे कहा कि मैं इस समागम को सफलतापूर्वक करवाने के लिए इन्वेस्ट पंजाब को बधाई देता हूं। इस समागम को बड़ी सफलता बनाने के लिए जमीन पर अथक मेहनत करने वाला हर अधिकारी/कर्मचारी प्रशंसा का पात्र है। इसके साथ ही मैं उद्योग जगत के उन नेताओं का भी धन्यवाद करता हूं, जो बड़ी संख्या में राज्य में निवेश करने के लिए यहां आए हैं। पंजाब औद्योगिक विकास के लिए अधिक अनुकूल माहौल पेश करता है। राज्य निर्माण क्षेत्र का केंद्र है और फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अन्य क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करता है।
राज्य के लोगों की उद्यमी भावना को उजागर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी हमेशा नंबर वन रहने के लिए ही पैदा हुए हैं क्योंकि उनके खून में कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना दौड़ती है। इस भावना से ही पंजाबियों ने हमेशा हर क्षेत्र में सरदार हासिल की है और राज्य के उद्यमियों ने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब तेज औद्योगिक विकास की लीक पर होगा।
उद्योग के नेताओं का उनकी भागीदारी के लिए धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राज्य की विकास कहानी का हिस्सा बनने के लिए कारोबारी दिग्गजों का धन्यवाद करता हूं। हमारी सरकार पंजाब को दुनिया के एक प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र में बदलने के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए वचनबद्ध है। हम पंजाब के लिए संपूर्ण आर्थिक और वित्तीय सफलता चाहते हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारे विकास के मुख्य स्तंभ अच्छा शासन, डिजिटलाइजेशन, निर्माणात्मक फैसले लेने की क्षमता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता हैं। हमारी अमीर विरासत, परंपरा और संस्कृति के साथ, ये क्षमताएं दुनिया भर के कारोबारियों के लिए राज्य को पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में पेश करती हैं। पंजाब अपने निर्माण और बुनियादी ढांचे के माध्यम से वैश्विक मूल्य और सप्लाई चेन को मजबूत करने में देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में गर्व महसूस करता है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, हरभजन सिंह ईटीओ और बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
Vaibhav Sooryavanshi: बीसीसीआई के प्रतिष्ठित ‘नमन अवॉर्ड्स’ की शाम उस वक्त और भी रोमांचक हो गई जब राजस्थान रॉयल्स के उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी ने एक बड़ा और आत्मविश्वास से भरा बयान दिया। दिग्गजों से सजी इस महफिल में जब वैभव से उनके करियर और अगले पड़ाव के बारे में सवाल हुआ, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में अपनी मंजिल साफ कर दी।
उन्होंने खुले मंच से ऐलान किया कि उनका एकमात्र लक्ष्य आईपीएल 2026 में अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनाना है। महज कुछ ही समय में अपनी आक्रामक बैटिंग और बेहतरीन खेल शैली से पहचान बनाने वाले वैभव का यह बयान उनकी काबिलियत और जज्बे को दर्शाता है।
राजस्थान को जीत दिलाना लक्ष्य
सूर्यवंशी ने नमन अवॉर्ड्स को लेकर कहा कि इस सेरेमनी की वजह से मुझे अपने कोच और साथियों से मिलने का मौका मिला है, काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। अपने प्लान को लेकर सूर्यवंशी ने कहा कि कुछ ख़ास नहीं है, बस मैच में मैं अपनी जरूरत के मुताबिक खेलने का प्रयास करूंगा। उनका कहना था कि राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल में टाइटल दिलाना है।
राहुल द्रविड़ के बारे में वैभव की प्रतिक्रिया
पिछले आईपीएल को लेकर वैभव ने कहा कि उस दौरान मुझे राहुल द्रविड़ सर का सान्निध्य मिला, जिनसे मुझे खेल की बारीकियों को समझने का बेहतरीन मौका मिला। टीम में कई दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे और उनके अनुभव से मैंने बहुत कुछ सीखा। चाहे मेरा पहला ट्रेनिंग कैंप हो या फिर आईपीएल का शुरुआती सीजन, वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ बिताया गया वह समय मेरे लिए सीखने के लिहाज से बेहद शानदार रहा।
घरेलू क्रिकेट के मैदानों पर रनों का अंबार लगाने के बाद, अब यह युवा खिलाड़ी आईपीएल के कड़े मुकाबले में खुद को साबित करने के लिए बेताब है। उनकी बातों में छिपा आत्मविश्वास यह बता रहा था कि वे सिर्फ खेलने के लिए नहीं, बल्कि इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं।
Sikkim Weather: सिक्किम के कई इलाकों में 15 मार्च की शाम मौसम अचानक खराब हो गया। तेज़ हवाएं भारी बारिश और ओले गिरने की घटनाओं ने कई स्थानों पर जनजीवन को प्रभावित किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक मौसम बदलने के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया और सड़क मार्ग असुरक्षित हो गए।
अचानक मौसम में बदलाव के साथ तेज़ हवाएं चलने लगीं और ज़ोरदार बारिश शुरू हो गई। इसके चलते कई इलाकों में वातावरण अस्थिर हो गया। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे स्थानीय लोग और यात्री प्रभावित हुए और यात्रा करना कठिन हो गया।
कार पर पेड़ गिरने से तीन लोग हुए घायल
पक्योंग जिले के चोटा सिंगटम के नामचेबोंग क्षेत्र के पास तेज़ हवाओं के कारण एक पेड़ एक वाहन पर गिर गया। इस घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
वहीं सिक्किम के अन्य हिस्सों से यह भी रिपोर्ट मिली कि तेज़ हवाओं के कारण कई बड़े पेड़ गिर गए। इससे सड़कें अवरुद्ध हुईं और बिजली आपूर्ति में व्यवधान आया। स्थानीय लोगों ने असुविधा का सामना किया और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ।
#WATCH | Gangtok, Sikkim: Parts of Sikkim are currently experiencing strong winds, heavy rainfall, and hailstorms. Residents in many locations witnessed intense rainfall accompanied by hailstones, creating difficult travel conditions and causing temporary power disruptions in… https://t.co/0uKKV5qkxhpic.twitter.com/WqDWK1BLrO
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। मौसम में अस्थिरता के कारण आगे भी इसी प्रकार की परिवर्तनशील स्थितियाँ बनी रह सकती हैं।
बिजली आपूर्ति हुई बाधित
निवासियों ने ओलों के साथ भारी बारिश से यात्रा में कठिनाई और कुछ स्थानों पर अस्थाई बिजली कटौती की जानकारी दी। अधिकारियों ने राज्य में अस्थिर मौसम की स्थिति जारी रहने के कारण लोगों को यात्रा के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।
Sikkim | Parts of Sikkim are currently experiencing strong winds, heavy rainfall, and hailstorms. Several areas reported sudden weather changes this evening, with powerful gusts damaging trees and disrupting normal activities. Residents in many locations witnessed intense… pic.twitter.com/Nnmr4v169G
West Bengal Election 2026 Opinion Poll: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को आएंगे। इसी बीच सामने आए वोट वाइब (Vote Vibe) और Matrize-IANS के ताजा ओपिनियन पोल ने बंगाल की सियासत को लेकर दिलचस्प तस्वीर पेश की है।
वोट वाइब के #StateVibe सर्वे के मुताबिक राज्य में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अभी भी बढ़त में दिख रही है, लेकिन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी मजबूत चुनौती देती नजर आ रही है। सर्वे में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी लोगों की राय सामने आई है, जिसमें ममता बनर्जी सबसे आगे हैं। सर्वे में और कई खुलासे हुए हैं, आइए डालें सर्वे पर एक नजर।
Matrize-IANS के ओपिनियन पोल के मुताबिक राज्य की कुल 294 सीटों पर मुख्य TMC और एनडीए गठबंधन के बीच दिखाई दे रहा है। टीएमसी को 155 से 170 सीटें मिल सकती हैं। वहीं एनडीए गठबंधन को 100 से 115 सीटों का अनुमान है। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 5 से 7 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन? (Who Will Be Next CM of West Bengal)
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी लोगों से सवाल किया गया। इसमें ममता बनर्जी सबसे आगे रहीं। सर्वे के मुताबिक 41.6% लोग उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। दूसरे स्थान पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) रहे, जिन्हें 18.9% समर्थन मिला। भाजपा के ही नेता समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) को 15% समर्थन मिला।
अगर दलों के आधार पर देखा जाए तो सर्वे के मुताबिक TMC के संभावित उम्मीदवारों को कुल 45.3% समर्थन मिला, जबकि BJP के उम्मीदवारों को 37.6% समर्थन। यानी इस सर्वे में TMC करीब 7.7% की बढ़त में दिखाई दे रही है।
पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री किसे देखना चाहते हैं लोग?
नेता
समर्थन
ममता बनर्जी
41.6%
सुवेंदु अधिकारी
18.9%
समिक भट्टाचार्य
15.0%
अन्य / कुछ कह नहीं सकते
9.8%
अधीर रंजन चौधरी
4.2%
अभिषेक बनर्जी
3.7%
दिलीप घोष
3.7%
मोहम्मद सलीम
3.1%
दलों के आधार पर समर्थन
दल
समर्थन
TMC उम्मीदवार (ममता + अभिषेक)
45.3%
BJP उम्मीदवार (शुभेंदु + समिक + दिलीप)
37.6%
TMC की बढ़त
7.7%
West Bengal Opinion Poll 2026 Seat Projection: किसे मिल सकती हैं कितनी सीटें?
पार्टी / गठबंधन
संभावित सीटें
🟢 TMC (तृणमूल कांग्रेस)
155 – 170
🟠 NDA (बीजेपी गठबंधन)
100 – 115
⚪ अन्य
5 – 7
वोट शेयर का अनुमान (Estimated Vote Share)
पार्टी / गठबंधन
अनुमानित वोट शेयर
🟢 TMC (तृणमूल कांग्रेस)
43% – 45%
🟠 NDA (बीजेपी गठबंधन)
41% – 43%
⚪ अन्य
13% – 15%
IANS-Matrize West Bengal Opinion Poll – Seat Projection and Vote Share %
सरकार के प्रदर्शन पर क्या कहता है सर्वे (Rating of TMC Government Performance)
सर्वे में लोगों से पूछा गया कि पिछले पांच साल में राज्य सरकार का प्रदर्शन कैसा रहा। इसके जवाब में 34.8% लोगों ने सरकार के काम को ‘एक्सीलेंट’ बताया, जबकि 9.5% ने ‘गुड’ कहा। इस तरह कुल मिलाकर 44.3% लोगों की राय सरकार के पक्ष में दिखी।
हालांकि 15% लोगों ने प्रदर्शन को औसत बताया। वहीं 12.9% ने ‘पुअर’ और 18.2% ने ‘वेरी पुअर’ कहा। यानी करीब 31.1% लोग सरकार के कामकाज से असंतुष्ट भी नजर आए।
SIR और अवैध घुसपैठ पर लोगों की राय (Opinion on SIR Exercise and Illegal Immigration)
सर्वे में मतदाता सूची के विशेष संशोधन यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी लोगों से सवाल किया गया। इसमें 37.8% लोगों ने कहा कि यह अवैध मतदाताओं को हटाने के लिए जरूरी है, जबकि 28.7% ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया।
इसी तरह जब पूछा गया कि क्या TMC सरकार पर अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने के आरोप सही हैं, तो 47.1% लोगों ने इन्हें सही माना, जबकि करीब 19.2% लोगों ने इसे गलत बताया।
राय
प्रतिशत
अवैध मतदाताओं को हटाने के लिए जरूरी
37.8%
सामान्य प्रक्रिया / मतदाता सूची शुद्ध करने की कवायद
28.7%
इसकी जरूरत नहीं
12.2%
चुनाव परिणाम प्रभावित करने की कोशिश
11.1%
कुछ कह नहीं सकते
10.2%
क्या TMC सरकार पर अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने के आरोप सही हैं?
सर्वे के आंकड़े यह जरूर दिखाते हैं कि बंगाल में फिलहाल TMC को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, लेकिन विपक्षी भाजपा भी मजबूत चुनौती देती नजर आ रही है। खासकर युवाओं में घटता समर्थन और कुछ मुद्दों पर बढ़ती असंतुष्टि चुनाव को दिलचस्प बना सकती है।
अब जब चुनाव आयोग ने आधिकारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है और राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है, तो आने वाले हफ्तों में राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी रणनीतियां इस मुकाबले को और रोमांचक बना सकती हैं।
West Bengal TMC, Assam BJP Govt Likely; Stalin In Tamil Nadu: Opinion Poll
नई दिल्ली27 मिनट पहले
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चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया है।
चुनाव की घोषणा के बाद सर्वे एजेंसी Matrize-IANS ने ओपिनियन पोल जारी किया है। सर्वे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में एक बार फिर टीएमसी की सरकार बन सकती है, जबकि असम में बीजेपी की सरकार बनी रहने का अनुमान है।
तमिलनाडु की 231 सीटों में से सर्वे में DMK+ को 104-114 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि AIADMK-BJP गठबंधन को 114-127 सीटें मिल सकती हैं।
वहीं केरल में भी लेफ्ट और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।
राज्यवार ओपिनियन पोल…
पश्चिम बंगाल में दो फेज में चुनाव होंगे
चुनाव आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी। पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। पिछली बार बंगाल में 8 फेज में चुनाव हुए थे।
वहीं तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में चुनाव एक ही चरण में होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। वहीं केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। पांचों राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति
पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।
तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है।
फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही।
केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी।
वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता।
असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।
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पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग:तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग; नतीजे 4 मई को
चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी।
तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। पूरी खबर पढ़ें…
Tamil Nadu Opinion Poll 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर नया ओपिनियन पोल सामने आया है, जिसने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। MATRIZE-IANS के ताजा सर्वे के मुताबिक राज्य की 234 सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा रहने वाला है। पोल के मुताबिक बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन थोड़ा आगे दिखाई दे रहा है, लेकिन डीएमके गठबंधन भी बहुत पीछे नहीं है। ऐसे में अंतिम नतीजा कई अहम सीटों पर होने वाली करीबी लड़ाई पर निर्भर कर सकता है।
ओपिनियन पोल का अनुमान है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए गठबंधन 114 से 127 सीटों तक पहुंच सकता है। वहीं डीएमके गठबंधन को 104 से 114 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा अभिनेता विजय की पार्टी TVK को 6 से 12 सीटें मिल सकती हैं, जबकि अन्य दलों को 1 से 6 सीटें मिलने की संभावना है। इन आंकड़ों से साफ है कि चुनावी मुकाबला काफी रोमांचक रहने वाला है।
Tamil Nadu Opinion Poll 2026 Seat: किसे कितनी सीटें और कितना वोट शेयर?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव वोट शेयर का अनुमान (Estimated Vote Share)
सीटों के साथ-साथ वोट प्रतिशत के अनुमान भी सामने आए हैं। सर्वे के मुताबिक डीएमके गठबंधन को लगभग 37-38 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। वहीं एनडीए गठबंधन को 39-40 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। TVK को करीब 14-15 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य दलों को 10-12 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।
यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों बड़े गठबंधनों के बीच वोट शेयर का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसे में कुछ सीटों पर छोटे अंतर से जीत-हार तय होने की संभावना है।
IANS–Matrize Tamil Nadu Opinion Poll – Seat Projection and Vote Share %
इस ओपिनियन पोल के मुताबिक एनडीए गठबंधन बहुमत के आंकड़े के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकता है, लेकिन डीएमके गठबंधन भी ज्यादा पीछे नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई को इस बार बेहद कड़ा और दिलचस्प माना जा रहा है। कई सीटों पर मुकाबला बहुत करीबी रहने की संभावना है, जिससे अंतिम नतीजे में बड़ा उलटफेर भी संभव है।
तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक राज्य में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी के साथ तमिलनाडु के नतीजे भी 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
अन्य राज्यों के ओपिनियन पोल क्या कहते हैं?
केरल में भी दिलचस्प मुकाबला (Kerala Opinion Poll 2026)
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर भी MATRIZE-IANS के ओपिनियन पोल में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। अनुमान के मुताबिक राज्य की 140 सीटों में से एलडीएफ को 61 से 71 सीटें मिल सकती हैं। वहीं यूडीएफ को 58 से 69 सीटों का अनुमान है। बीजेपी को 2 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।
IANS–Matrize Kerala Opinion Poll – Seat Projection and Vote Share %
अगर क्षेत्रीय आधार पर देखें तो साउथ केरल की 48 सीटों में एलडीएफ को 22-25 सीट और यूडीएफ को 18-22 सीट मिल सकती हैं। सेंट्रल केरल की 44 सीटों में यूडीएफ को 21-26 सीट और एलडीएफ को 17-20 सीट मिलने का अनुमान है। वहीं मालाबार क्षेत्र की 48 सीटों में एलडीएफ 22-26 सीटों के साथ आगे दिखाई दे रहा है।
असम में फिर बन सकती है बीजेपी सरकार (Assam Election Projection 2026)
असम विधानसभा चुनाव को लेकर भी ओपिनियन पोल बीजेपी के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। सर्वे के मुताबिक राज्य की 126 सीटों में बीजेपी को 96 से 98 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य दलों को 2 से 8 सीटें मिल सकती हैं।
वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी को 43-44 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। कांग्रेस को 39-40 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि अन्य दलों को करीब 18-20 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है।