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वंशिका ने ऑस्ट्रेलिया से किया मास्टर्स, तो कुलदीप यादव ने कहां तक की पढ़ाई? शादी से पहले आई सच्चाई उड़ा देगी होश


Cricket

oi-Naveen Sharma

Kuldeep Yadav Education: भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए आज का दिन बेहद खास है। टीम इंडिया के जादुई स्पिनर कुलदीप यादव आज अपनी जिंदगी की सबसे नई और यादगार पारी शुरू करने जा रहे हैं। कानपुर का यह छोरा आज अपनी मंगेतर वंशिका चड्ढा के साथ शादी के बंधन में बंध जाएगा। सोशल मीडिया पर दोनों की जोड़ी की तस्वीरें तो वायरल हो ही रही हैं, लेकिन लोग एक और बात को लेकर काफी चर्चा कर रहे हैं और वो है इस प्यारी सी जोड़ी की एजुकेशन।

कुलदीप की होने वाली दुल्हनिया वंशिका चड्ढा पढ़ाई-लिखाई के मामले में वह काफी धाकड़ हैं। वंशिका ने अपनी उच्च शिक्षा के लिए सात समंदर पार का रुख किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया से अपनी मास्टर्स की डिग्री पूरी की है और LIC में काम करती हैं। कुलदीप यादव को वह काफी लंबे समय से जानती हैं।

Kuldeep Yadav Education

शिक्षा के मामले में कहां टिकते हैं कुलदीप यादव

​अब बात करते हैं क्रिकेट प्रेमियों के चहेते कुलदीप यादव की। मैदान पर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले कुलदीप की पढ़ाई को लेकर अक्सर लोग सवाल पूछते हैं। सच तो यह है कि कुलदीप का दिल बचपन से ही किताबों से ज्यादा क्रिकेट के मैदान में रमता था।

उन्होंने कानपुर के करम देवी मेमोरियल एकेडमी से अपनी स्कूली शिक्षा ली और 12वीं (इंटरमीडिएट) तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद क्रिकेट का ऐसा जुनून सवार हुआ कि वो कॉलेज और डिग्री के चक्कर में नहीं फंसे। छोटी उम्र में ही इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल की व्यस्तताओं के कारण वो अपनी आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए, लेकिन आज वो अपनी मेहनत के दम पर सफलता के उस मुकाम पर हैं जहां पहुंचना करोड़ों का सपना होता है।

मैदान पर कुलदीप यादव का चलता है दिमाग

​भले ही वंशिका ऑस्ट्रेलिया से मास्टर्स हैं और कुलदीप 12वीं पास, लेकिन प्यार और तालमेल के मामले में ये जोड़ी ‘क्लीन बोल्ड’ करने वाली है। फैंस का कहना है कि कुलदीप भले ही कॉलेज नहीं जा पाए, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उनका दिमाग किसी वैज्ञानिक से कम नहीं चलता। आज जब ये दोनों एक-दूसरे का हाथ थामेंगे, तो यह सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो अलग-अलग बैकग्राउंड्स का एक खूबसूरत संगम होगा।



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कुलदीप यादव और वंशिका की शाही शादी, हल्दी, मेहंदी और संगीत के बाद अब सात फेरे की बारी, जानिए कौन कौन पहुंचा


Cricket

oi-Pavan Nautiyal

Kuldeep Yadav Vanshika Wedding भारतीय क्रिकेटर कुलदीप यादव और वंशिका की शाही शादी आज पहाड़ों की रानी मसूरी में सम्पन्न होगी। आज शाम कुलदीप अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी के सेवॉय होटल सात फेरे लेंगे। कुलदीप यादव की शादी के लिए कई क्रिकेटर मसूरी पहुंच चुके हैं और कुछ शाम तक मसूरी में पहुंच रहे हैं।

शुक्रवार को प्री वेडिंग फंक्शन में शादी समारोह के कई फंक्शन संपन्न हुए। हल्दी, मेहंदी कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे से शुरू हो गए थे। जो देर शाम तक संपन्न हो गए। हल्दी और मेहंदी के बाद संगीत और म्यूजिकल इवनिंग का शादी में शामिल होने आए मेहमानों ने जमकर आनंद लिया।

Kuldeep Yadav Vanshika Wedding Haldi Mehendi Sangeet Guests List in Grand Ceremony

जिसमें दूल्हा-दुल्हन और मेहमान जमकर नाचते नजर आए थे। संगीत समारोह के वीडियो में युजवेंद्र चहल, रिंकू सिंह अपनी मंगेतर सांसद प्रिया सरोज के साथ संगीत समारोह में नाचते दिखे थे। सुरेश रैना भी शादी में शामिल होने मसूरी पहुंचे हुए है। इस दौरान संगीत समारोह में दूल्हा दुल्हन कुलदीप यादव वंशिका भी थिरकते नजर आए।

शाम 4 बजे से विवाह समारोह

शादी का जो निमंत्रण कार्ड है, उसके अनुसार आज शाम 4 बजे से विवाह समारोह शुरू हो जाएगा। वरमाला का समय शाम 6 बजे रखा गया है। कुलदीप यादव वंशिका के साथ 7 फेरे रात 8 बजे लेंगे।आज शनिवार 14 मार्च को शादी के मुख्य कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। शाम चार बजे से हाई टी के साथ साफा बांधने का कार्यक्रम होगा। बाद में बारात का कार्यक्रम होगा।

स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ पारंपरिक और आधुनिक कार्यक्रम

15 मार्च को सुबह आठ बजे नाश्ते के बाद मेहमानों के लिए विदाई और चेक-आउट की व्यवस्था की गई है। इस शाही शादी में मेहमानों के लिए स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ पारंपरिक और आधुनिक कार्यक्रमों का खास समावेश किया गया है।

कई भारतीय टीम के खिलाड़ियों के आने की उम्मीद

इससे पहले आज शादी में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा, टी20 कप्तान सूर्य कुमार यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह समेत कई भारतीय टीम के खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है। इसके साथ ही भारतीय वनडे टीम के भी कई खिलाड़ी शादी में दिखेंगे। इस शाही शादी में कई तरह के व्यंजन के साथ ही उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन भी परोसे जाएंगे।सोशल मीडिया में संगीत और हल्दी समारोह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।



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Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना हुआ और सस्ता! 10 ग्राम गोल्ड की कीमत में बड़ी गिरावट, आज क्या है नया रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 14 March 2026: देश में सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से गिरावट का रुख बना हुआ है और 14 मार्च 2026 को भी यही ट्रेंड जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और मजबूत होते डॉलर के कारण भारतीय सराफा बाजार में सोना सस्ता हुआ है। राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,60,830 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है, जबकि मुंबई में यही कीमत ₹1,60,680 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।

एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने के दाम करीब ₹2,000 यानी 1.21 प्रतिशत तक गिर गए थे और कीमत ₹1,65,200 प्रति 10 ग्राम पर आ गई थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट सोना 1,904 रुपये गिरकर करीब ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गया। इससे पहले 12 मार्च को सोना लगभग ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।

Gold Rate Today 14 March 2026

Gold Rate Today In India: 14 मार्च 2026: भारत के 20 बड़े शहरों में गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम)

शहर 24 कैरेट (₹) 22 कैरेट (₹) 18 कैरेट (₹)
🔹दिल्ली ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹मुंबई ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹अहमदाबाद ₹1,60,730 ₹1,47,340 ₹1,21,290
🔹चेन्नई ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹कोलकाता ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹हैदराबाद ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹जयपुर ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹भोपाल ₹1,60,730 ₹1,47,340 ₹1,21,290
🔹लखनऊ ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹चंडीगढ़ ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹पुणे ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹बेंगलुरु ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹नोएडा ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹गुरुग्राम ₹1,60,830 ₹1,47,440 ₹1,21,400
🔹पटना ₹1,60,900 ₹1,47,500 ₹1,21,450
🔹रांची ₹1,60,900 ₹1,47,500 ₹1,21,450
🔹इंदौर ₹1,60,730 ₹1,47,340 ₹1,21,290
🔹सूरत ₹1,60,730 ₹1,47,340 ₹1,21,290
🔹नागपुर ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250
🔹कोच्चि ₹1,60,680 ₹1,47,290 ₹1,21,250

Gold Rate Today: ईरान जंग से सोना फिर उछला! क्या 1.80 लाख तक पहुंच जाएगा गोल्ड? जानिए 20 शहरों के ताजा रेट

West Asia War Impact: ईरान जंग का सोना-चांदी पर असर

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कमोडिटी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और इससे वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक नीतियों को लेकर बाजार में बने दबाव की वजह से गोल्ड में गिरावट देखने को मिल रही है।

🔶Silver Rate In India 14 March 2026: चांदी का क्या है हाल (Chandi ka aaj ka Bhav)

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 14 मार्च की सुबह चांदी की कीमत लगभग ₹2,79,800 प्रति किलोग्राम तक आ गई है।

दिल्ली के सराफा बाजार में एक दिन पहले चांदी करीब ₹11,000 यानी 3.97 प्रतिशत गिरकर ₹2,65,500 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव करीब 83.14 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि इसी साल जनवरी में चांदी की कीमत ₹4 लाख प्रति किलो के स्तर को भी पार कर चुकी थी, लेकिन अब बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

🔶 How Gold & Silver Prices Are Decided in India: भारत में सोना-चांदी के भाव कैसे तय होते हैं

भारत में सोना और चांदी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड-सिल्वर के दाम, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमत, आयात शुल्क और टैक्स का पड़ता है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों के आधार पर रोजाना कीमतें तय होती हैं। इसके अलावा मांग-आपूर्ति, शादी-त्योहार का सीजन और आर्थिक स्थिति भी सोने-चांदी के दाम को प्रभावित करती है।

(नोट: सोना-चांदी खरीदने से पहले या निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ये खबर सिर्फ जानकारी देने के लिए लिखी गई है)



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Israel Iran War: ईरानी हमले में मारे गए Netanyahu? क्यों पिछले वीडियो पर उठे सवाल? Fact-Check


Fact Check

oi-Sumit Jha

Netanyahu death news fake check: सोशल मीडिया पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया की मौत को लेकर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह से फर्जी (Fake) है। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव (मार्च 2026) के दौरान कुछ ईरानी मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया हैंडल द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि एक बैलिस्टिक मिसाइल हमले में इन नेताओं की मौत हो गई है।

तथ्य यह है कि भारतीय खुफिया एजेंसी R&AW ने ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है। इजराइली अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने पुष्टि की है कि नेतन्याहू और बार्निया दोनों जीवित और सुरक्षित हैं।

Netanyahu death news fake check

Israel Iran conflict: फर्जी खबर और RAW का नाम

इंटरनेट पर चल रहे दावों में भारत की खुफिया एजेंसी R&AW का हवाला दिया जा रहा है, जो कि सरासर गलत है। RAW कभी भी दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों की स्थिति पर इस तरह के सार्वजनिक बयान जारी नहीं करती है। यह केवल इस झूठी खबर को विश्वसनीय बनाने के लिए किया गया एक भ्रामक प्रयास है। किसी भी आधिकारिक भारतीय या अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है।

Fake news Israeli leaders killed: इजराइली अधिकारियों ने किया खंडन

इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इन दावों को “फेक न्यूज” और मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बताया है। 12 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद एक सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और एक मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा भी किया था। मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया भी अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं और उनके घायल होने या मौत की कोई रिपोर्ट मौजूद नहीं है।

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AI और पुराने वीडियो का गलत इस्तेमाल

इस अफवाह को फैलाने के लिए Artificial Intelligence (AI) द्वारा बनाई गई तस्वीरों और पुराने युद्ध के फुटेज का सहारा लिया गया है। कुछ वीडियो में मलबे के बीच नेतन्याहू जैसी दिखने वाली आकृतियां दिखाई गई हैं, जिन्हें तथ्य-जांचकर्ताओं (Fact Checkers) ने पूरी तरह से बनावटी पाया है। यह रणनीति जनता के बीच भ्रम और डर पैदा करने के लिए अपनाई गई है ताकि युद्ध के माहौल में अस्थिरता फैलाई जा सके।

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वर्तमान स्थिति: दोनों नेता सुरक्षित

नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू इजराइल की सुरक्षा कैबिनेट की बैठकों का नेतृत्व कर रहे हैं। इजराइल और अमेरिका के ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों के बीच वे लगातार सक्रिय हैं।

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Fact Check

दावा

सोशल मीडिया पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया की मौत को लेकर फैलाया जा रहा है।

नतीजा

इजराइली अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने पुष्टि की है कि नेतन्याहू और बार्निया दोनों जीवित और सुरक्षित हैं।

फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें



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Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट जंग के बीच लेबनान को बर्बाद करेगा इजरायल? नेतन्याहू ने तैयार किया प्लान


International

oi-Smita Mugdha

Middle East Conflict: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। इजरायल अब लेबनान में बड़ा जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इजरायल का लक्ष्य दक्षिणी लेबनान के उस इलाके पर कब्जा करना है जो लितानी नदी के दक्षिण में आता है। इस अभियान के तहत इजराइली सेना वहां मौजूद हिज्बुल्लाह के सैन्य ठिकानों और हथियारों को नष्ट करना चाहती है।

इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अगर यह ऑपरेशन शुरू होता है तो यह 2006 के युद्ध के बाद लेबनान में आईडीएफ का सबसे बड़ा जमीनी हमला होगा। इजरायल के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि सेना वही रणनीति अपनाएगी जो उसने गाजा में अपनाई थी। जिन इमारतों में हिज्बुल्लाह के हथियार छिपे होने या हमलों की तैयारी की जानकारी मिलेगी, उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।

Middle East Conflict

Middle East Conflict: लेबनान के लिए इजरायल ने तैयार किया प्लान

– बताया जा रहा है कि इजराइली सेना पहले ही लेबनान सीमा के पास तीन बख्तरबंद और पैदल सेना डिवीजन तैनात कर चुकी है।

– पिछले दो हफ्तों में सीमित स्तर पर कुछ जमीनी घुसपैठ भी की गई है। अब सीमा पर अतिरिक्त सैनिक भेजे जा रहे हैं और रिजर्व फोर्स को भी बुलाया जा रहा है।

– इजराइल का मकसद दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह की सैन्य मौजूदगी को खत्म करना और उसे सीमा से दूर धकेलना है।

Hezbollah ने भी दी इजरायल को चेतावनी

दरअसल हाल ही में हिज्बुल्लाह ने ईरान के साथ मिलकर इजरायल पर बड़ा हमला किया था। इस हमले में 200 से ज्यादा मिसाइलें दागी गई थीं, जबकि ईरान की ओर से भी दर्जनों मिसाइलें छोड़ी गईं। इसके बाद इजरायल की सरकार ने लेबनान में बड़े सैन्य अभियान पर गंभीरता से विचार शुरू कर दिया। दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है।

संगठन के नेता नईम कासिम ने कहा कि अगर इजराइल जमीनी हमला करता है तो यह उसके लिए जाल साबित होगा। उनका कहना है कि नजदीकी लड़ाई में हिज्बुल्लाह के लड़ाके इजराइली सेना को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Israel Lebanon Conflict: आम जनजीवन पूरी तरह से बेहाल

इस संघर्ष का असर आम नागरिकों पर भी भारी पड़ रहा है। दक्षिणी लेबनान में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। अब तक करीब 8 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, जबकि कम से कम 773 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कई आम नागरिक शामिल हैं। इस बीच अमेरिका भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि युद्ध के दौरान लेबनान की सरकारी इमारतों और बुनियादी ढांचे को कम से कम नुकसान पहुंचे। अमेरिका ने इजराइल से विशेष रूप से बेरुत-रफिक हरीरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना न बनाने की अपील की है।

साथ ही, अमेरिका युद्ध के बाद इजराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत कराने की कोशिश भी कर रहा है, ताकि लंबे समय से जारी तनाव को खत्म किया जा सके। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।



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Middle East में ‘महाविनाश’ का काउंटडाउन! अमेरिका-इजरायल के रोज 8000 करोड़ स्वाहा, ट्रैवल सेक्टर को भारी नुकसान


International

oi-Sohit Kumar

Middle East War Update: मिडल-ईस्ट में जारी जंग ने पूरी दुनिया के टूरिज्म और अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। ईरान पर हो रहे हमलों और वहां से मिल रहे जवाब के कारण लोग अब विदेश यात्रा के नाम से ही घबरा रहे हैं। ऐसे में ट्रैवल सेक्टर से जो रिपोर्ट्स आई हैं वो चौंकाने वाली हैं।

वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के मुताबिक, इस लड़ाई की वजह से दुनिया भर के टूर एंड ट्रैवल सेक्टर को हर दिन लगभग 5,500 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस युद्ध की सबसे बड़ी कीमत वे देश चुका रहे हैं जो इस मैदान में सीधे उतरे हुए हैं।

middle east war


इजरायल पर बढ़ता बोझ, अमेरिका पर भी असर

इजरायल की अर्थव्यवस्था पर इस जंग का बोझ अब बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है। आंकड़ों की मानें तो इजरायल अपने लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और फौज पर रोजाना करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। अगर इसमें अमेरिका की सैन्य मदद और युद्ध के कारण बर्बाद हो रही संपत्तियों को भी जोड़ दें, तो अमेरिका और इजरायल को हर दिन 7,500 से 8,000 करोड़ रुपये की चपत लग रही है।

खाड़ी देशों से तौबा: अब पर्यटकों की पसंद बना अपना देश

भारत के नजरिए से देखें तो यह संकट हमारे टूरिज्म का पूरा गणित बदल रहा है। पहले भारत से विदेश जाने वाले हर दो में से एक व्यक्ति दुबई, सऊदी अरब या कतर जैसे देशों का रुख करता था। लेकिन अब वहां के हालात देखते हुए लोगों ने वहां जाना लगभग बंद कर दिया है।

कंपनियों में कैंसिलेशन 100% तक पहुंचा

‘पिकयोरट्रेल’ जैसी ट्रैवल कंपनियों का कहना है कि मिडल-ईस्ट की बुकिंग में 60% की गिरावट आई है, वहीं दिल्ली की कई कंपनियों में तो कैंसिलेशन 100% तक पहुंच गया है। इसका असर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी दिख रहा है, जहां हजारों लोगों ने अपनी ट्रिप कैंसिल कर दी है या फिलहाल प्लान टाल दिया है।

भारत के पर्यटन स्थलों में जबरदस्त भीड़

विदेश में छाई इस अनिश्चितता का सीधा फायदा भारत के पर्यटन स्थलों को मिल रहा है। ‘ईज माईट्रिप’ और ‘मेकमाईट्रिप’ जैसे दिग्गजों का कहना है कि फ्लाइट के टिकट महंगे होने के बावजूद लोग अब कोच्चि, पुरी और अंडमान जैसी जगहों पर जाना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। इन जगहों के लिए पूछताछ में 200% का उछाल देखा गया है। वहीं जो लोग विदेश जाने की जिद पर अड़े हैं, वे अब थाईलैंड, जापान और मलेशिया जैसे देशों को चुन रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर यह जंग लंबी खिंची, तो 2026 भारत के अपने टूरिज्म सेक्टर के लिए अब तक का सबसे सफल साल साबित हो सकता है।

तेल के संकट ने दुनिया भर में बढ़ाई महंगाई

जंग का सबसे डरावना पहलू ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का रास्ता है। दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर आता है। अगर ईरान ने अपनी धमकी के मुताबिक यह रास्ता बंद कर दिया, तो कच्चा तेल $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि हर चीज की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। साफ है कि यह लड़ाई सिर्फ दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की जेब पर एक बहुत बड़ा हमला है।



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दिल्ली, उबर राइडर ने लड़की से छेड़छाड़ की: आरोपी ने बार-बार ब्रेक लगाए, पीड़ित ने बाइक से कूदने की धमकी दी तो छोड़कर भागा


नई दिल्ली15 मिनट पहले

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पुलिस के मुताबिक आरोपी उबर राइडर की तलाश का जा रही है। File

दिल्ली में युवती से उबर राइडर ने छेड़छाड़ की है। पीड़ित ने बताया कि घटना 12 मार्च की रात की है। इस मामले पर पुलिस का कहना है कि अभी FIR नहीं दर्ज हुई है। युवती की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है।

पीड़ित के मुताबिक 12 मार्च की रात करीब 1.28 बजे उसने रोहिणी सेक्टर 15 से पीतमपुरा के एमपी ब्लॉक मार्केट के लिए उबर बाइक बुक की थी। राइडर का नाम सचिन था।

पीड़ित ने कहा- एप में पीतमपुरा जाने के लिए मैप में जो रास्त नजर आ रहा था, राइडर ने उस रास्ते की जगह दूसरा रास्ता चुना। इसके बाद उसने मुझे गलत तरीके से छूना शुरू कर दिया।

पीड़ित ने कहा कि जब मैंने उसे ऐसा करने से रोका तो राइडर ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी और तेजी से ब्रेक मारने लगा। मैंने डर के मारे शोर मचाया और चलती बाइक से कूदने की धमकी दी

पीड़ित ने बताया कि मैंरे विरोध करने पर राइडर मुझे पीतमपुरा छोड़कर भाग गया। साथ ही उसने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।

12 मार्च: दिल्ली के होटल में मिली युवती की लाश

वहीं, दिल्ली के लाहौरी गेट इलाके में 12 मार्च की रात को प्रिंस होटल के कमरे में 25 साल की लड़की की लाश मिली। होटल के कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से कमरा 205 न खुलने की वजह से हमने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के आने के बाद कमरे का गेट खोला गया तो लड़की की लाश बिस्तर पर पड़ी मिली, आसपास खून के निशान थे। पुलिस के मुताबिक युवती मौजपुर की रहने वाली थी। वह अभिषेक तिवारी नाम के व्यक्ति के साथ होटल में ठहरी थी, जो बाद में वहां से भाग गया। युवक की तलाश की जा रही है।

दिल्ली में महिलाओं के साथ अपराध तेज

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,366 मामले दर्ज किए गए, जो देश के बड़े शहरों में सबसे ज्यादा हैं।

इनमें 3,952 मामले किडनैपिंग के और 1,088 मामले रेप के दर्ज हुए। रिपोर्ट के अनुसार इन मामलों में पुलिस की चार्जशीट दर करीब 69.9% रही।

हालांकि 2022 की तुलना में कुल मामलों में करीब 5.6% की कमी आई है, फिर भी महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में दिल्ली देश के मेट्रो शहरों में शीर्ष पर बनी हुई है।

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दिल्ली- मणिपुर की महिला और उसके दोस्तों से मारपीट:मेघालय CM ने पुलिस सुरक्षा पर नाराजगी जताई, पुलिस ने मुख्यमंत्री को जवाब दिया

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दिल्ली में एक बार फिर नॉर्थ ईस्ट के लोगों के मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। 8 मार्च को साकेत नगर के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कॉम्प्लेक्स के पास मणिपुर की रहने वाली युवती और उसके दोस्तों से मारपीट की घटना हुई। पूरी खबर पढ़ें…

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भोपाल में गैंगवार! रईस के घर पर फायरिंग में बेटा घायल, अस्पताल में भी हमला


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भोपाल के अशोका गार्डन में कुख्यात लल्लू रईस के घर पर शनिवार तड़के 8-10 बदमाशों ने फायरिंग की. इसमें उसके बेटे इमरान के पैर में गोली लगी. बताया जा रहा है कि हमलावर शादाब गेट गिरोह के हैं. अस्पताल ले जाते समय इमरजेंसी गेट पर भी गोलीबारी हुई. यह गैंगवार पुरानी रंजिश कारण हुई है. भोपाल पुलिस जांच में जुटी है और वह सीसीटीवी खंगाल रही है. इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है.

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फायरिंग में घायल इमरान को हमीदिया अस्‍पताल में भर्ती कराया है.

शिवकांत आचार्य
भोपाल.
राजधानी में शनिवार तड़के अशोका गार्डन के शंकर गार्डन इलाके में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के घर पर 8 से 10 हथियारबंद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हमलावरों ने लल्लू के बेटे इमरान का पीछा करते हुए घर पहुंचकर पीछे से गोलियां चलाईं, जिसमें इमरान के पैर में गोली लग गई. घटना सुबह करीब 5:45 बजे की है, जब इलाका सो रहा था और अचानक गोलियों की आवाज से दहशत फैल गई. घायल इमरान को हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी बदमाश पीछा करते हुए पहुंचे और इमरजेंसी गेट पर फायरिंग की, जिससे अस्पताल की खिड़कियां और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं. पुलिस को खाली कारतूस मिले, लेकिन गनीमत रही कि कोई और घायल नहीं हुआ.

लल्लू रईस ने खुद बताया कि अस्पताल में उनके ऊपर निशाना साधा गया. यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है, जिसमें दो साल पहले इमरान ने शादाब गेट के भाई पर हमला किया था, जिसमें उंगलियां कट गई थीं. लल्लू रईस शहर के उन बदमाशों में से हैं जो अवैध जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ वीडियो बनाकर पुलिस को सूचित करते हैं, जिससे आरोपी गिरोह का कारोबार बंद हो जाता है. बदले में आरोपी उन्हें मारने की फिराक में रहते हैं. शादाब गेट गिरोह शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध जुआ चला रहा था, और लल्लू की वजह से कई बार पुलिस कार्रवाई हुई. अस्पताल में फायरिंग ने मामला और गंभीर बना दिया, क्योंकि सरकारी अस्पताल जैसी जगह पर भी बदमाश बेखौफ होकर हमला कर सकते हैं.

पूरा इलाका दहशत में, घर और हमीदिया अस्‍पताल में भी फायरिंग
पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सील कर दिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है. पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह 5:45 बजे शादाब गेट गिरोह के 8-10 सदस्यों ने इमरान का पीछा किया और घर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग की. इमरान घर में घुसकर गेट लॉक कर लिया, लेकिन पैर में गोली लग गई. हमलावरों ने घर की दीवारों और खिड़कियों पर गोलियां दागीं. घायल को हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां बदमाश भी पहुंचे और इमरजेंसी गेट पर फायरिंग की. लल्लू रईस बाल-बाल बचे.

आरोपी गिरोह और पुरानी रंजिश की जड़
मुख्य आरोपी शादाब गेट, उसके साथी शावर (शाबर मौलाना), गुड्डू स्टेशन, अल्लू परवेज और अन्य 4-6 लोग. रंजिश दो साल पुरानी है – इमरान ने शादाब के भाई पर हमला किया था, जिसमें उंगलियां कट गईं. लल्लू रईस अवैध जुआ के खिलाफ वीडियो बनाते हैं, जिससे गिरोह का नुकसान होता है और वे बदला लेना चाहते हैं. अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. आरोपियों की तलाश जारी है. एसीपी अनिल बाजपेयी ने कहा, “जांच चल रही है, फुटेज देखकर कार्रवाई होगी.” लल्लू परिवार को सुरक्षा दी गई है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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Indian Ships In Hormuz: ‘शिवालिक’ के बाद दूसरा भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ भी होर्मुज से निकला, इलाके का हाल क्या?


पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान की ओर से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग देने के फैसले के बाद भारतीय एलपीजी टैंकर शिवालिक ने इस अहम समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वहीं दूसरा एलपीजी पोत नंदा देवी भी इस संवेदनशील तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकल गया है।

शिवालिक को लेकर क्या है स्थिति?

सरकारी सूत्रों ने शनिवार को बताया कि शिवालिक इस समय भारतीय नौसेना की निगरानी और सुरक्षा में आगे बढ़ रहा है। जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और अगले दो दिनों में भारत के किसी बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। इसके मुंबई या कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या कूटनीतिक संवाद से भारत को मिली राहत?

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति के सुचारु प्रवाह को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि इसी कूटनीतिक संवाद के बाद भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग का रास्ता साफ हुआ।

इससे पहले शुक्रवार को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने संकेत दिया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों को जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। उन्होंने कहा था कि भारत ईरान का मित्र देश है और दोनों देशों के इस क्षेत्र में साझा हित हैं। फथाली ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में भारत सरकार ने युद्ध के बाद विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की मदद की है।

राजदूत का यह बयान ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल और गैस निर्यात का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।

होर्मुज में फंसे भारत के कितने जहाज?

उधर, पोर्ट्स एंड शिपिंग मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में संचालित भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 28 बनी हुई है और सभी भारतीय जहाजों व चालक दल की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। इनमें से 24 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में मौजूद थे, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार थे। वहीं चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में थे, जिन पर 101 भारतीय नाविक मौजूद थे।



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Crude Oil: ईरान जंग शुरू होने के बाद 40% तक बढ़े कच्चे तेल के दाम, आने वाले दिनों को लेकर क्या अनुमान?


अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बीते 15 दिनों के भीतर 40 फीसदी से अधिक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार, विशेषकर एशियाई देशों पर दबाव बढ़ा है।

क्या कहते हैं आंकड़े?


  • युद्ध शुरू होने से पहले 27 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। 

  • वहीं शनिवार तक इसकी कीमत बढ़कर लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। 

  • इस तरह महज 15 दिनों में तेल की कीमत में 30 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई, जो करीब 41.1 फीसदी के उछाल के बराबर है।

28 फरवरी से जारी तनाव

बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा सैन्य टकराव 28 फरवरी से तेज हुआ, जब अमेरिकी और इस्राइलों बलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाते हुए व्यापक हमले किए। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजारों की चिंता और बढ़ा दी है।

बाजार को लेकर क्या है विशेषज्ञों की राय?

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर आने वाले दिनों में भी वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई देगा। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाला सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है, क्योंकि निवेशकों की नजरें पूरी तरह इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम पर टिकी रहेंगी।



उन्होंने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशक इस बात पर करीबी नजर रखेंगे कि संबंधित देशों के सरकारी अधिकारी और वैश्विक पक्षकार तनाव बढ़ाने या कूटनीतिक समाधान की दिशा में क्या संकेत देते हैं।



पोनमुडी आर के मुताबिक, इस संघर्ष का असर केवल कच्चे तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बॉन्ड यील्ड, मुद्रा बाजार और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष फोकस बना रहेगा, क्योंकि इसे दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में गिना जाता है।



विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आवाजाही लंबे समय तक बाधित रहती है, तो इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और सख्त हो सकती है। इसका असर एशिया में महंगाई की उम्मीदों पर पड़ेगा और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता व दबाव का माहौल बना रह सकता है।



 



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