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राहुल बोले-DU में इंटरव्यू से छात्रों को बाहर करते हैं: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा- पहले फैक्ट चेक करें, एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट से होता


नई दिल्ली52 मिनट पहले

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राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ में कांशीराम जयंती पर आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में इंटरव्यू के जरिए छात्रों को बाहर किया जाता है।

यूनिवर्सिटी ने कहा कि राहुल बयान देने से पहले फैक्ट्स की जांच करें। DU में एडमिशन कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर के आधार पर मेरिट से होते हैं। ज्यादातर कोर्स में इंटरव्यू प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।

राहुल गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर आयोजित संविधान सम्मेलन कार्यक्रम में कहा था कि दिल्ली यूनिवर्सिटी इंटरव्यू का इस्तेमाल छात्रों को बाहर करने के लिए करती है।

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DU ने लिखा- ऐसे कमेंट्स से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि विश्वविद्यालय की मानक एडमिशन प्रक्रिया में ज्यादातर अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए इंटरव्यू शामिल नहीं होते। एडमिशन पूरी तरह CUET स्कोर के आधार पर पारदर्शी तरीके से दिए जाते हैं।

यूनिवर्सिटी ने कहा कि यदि राहुल गांधी का संकेत फैकल्टी रिक्रूटमेंट की ओर था, तो हाल के समय में सभी कैटेगरी में हजारों शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं। DU ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कमेंट्स से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है।

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राहुल बोले- मोदी साइकोलॉजिकली खत्म, वह अब प्रधानमंत्री नहीं

राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं और नरेंदर ने सरेंडर कर दिया है। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए। उन्होंने कहा-

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नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर दिया है। क्योंकि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? एनर्जी सेक्टर के हालात अभी और खराब होंगे।

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राहुल ने कहा कि कांशीरामजी समाज में बराबरी की बात करते थे। अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। लेकिन आज भाजपा ने समाज को 15 और 85 बांट दिया गया है। फायदा सिर्फ 15% वालों को मिल रहा है। 50% को अलग-अलग कर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संगठन के ढांचे में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व कम है। उन्होंने दावा किया कि RSS के प्रचारकों की सूची में OBC, दलित या आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं दिखता।

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UGC प्रोटेस्ट केस, कोर्ट ने राहुल गांधी-अखिलेश यादव से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी

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दिल्ली की एक कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत 11 नेताओं से जुड़े केस में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। यह मामला फरवरी 2025 में DMK की ओर से जंतर-मंतर पर UGC ड्राफ्ट रेगुलेशन के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। अदालत ने पुलिस की पिछली रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। पूरी खबर पढ़ें…

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PM Kisan Helpline Number: अब तक नहीं आए खाते में पीएम किसान 22वीं किस्त के पैसे, कहां करें शिकायत?


India

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PM Kisan Helpline Number: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) देश के लाखों किसानों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय मदद का जरिया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों के खातों में साल में तीन किस्तों के रूप में राशि भेजी जाती है।

शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को योजना की 22वीं किस्त जारी की गई। इस के जरिए प्रत्येक किसान को 2,000 रुपये की भुगतान राशि उनके बैंक खाते में भेजी गई। अगर आपके खाते में अभी तक पैसे नहीं आए नहीं तो आप आसानी से चेक कर सकते हैं कि किस्त क्यों अटकी है।

PM Kisan Helpline Number: अब तक नहीं आए खाते में पीएम किसान 22वीं किस्त के पैसे, कहां करें शिकायत?

PM Kisan Helpline Number: हेल्पलाइन नंबर से संपर्क

अगर सभी प्रयासों के बाद भी किस्त खाते में नहीं आती है, तो किसान पीएम किसान योजना की हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए 155261 या 011-24300606 नंबर पर कॉल किया जा सकता है। यह हेल्पलाइन कार्य दिवसों में सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहती है।

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PM Kisan 23rd Installment: अगली किस्त की संभावना

योजना के नियमों के अनुसार किस्तें लगभग चार महीने के अंतराल पर दी जाती हैं। इसी आधार पर माना जा रहा है कि 23वीं किस्त जुलाई 2026 के आसपास किसानों के खातों में पहुंच सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे इस समय तक अपने बैंक और आधार विवरण अपडेट रखें ताकि किस्त आसानी से मिल सके।

PM Kisan: e-KYC और आधार लिंकिंग जरूरी

किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंकिंग पूरी तरह से हो। बिना ई-केवाईसी या आधार लिंकिंग के किस्त खाते में नहीं आएगी। यदि कोई समस्या आती है, तो इसे समय पर सही कर लेना लाभकारी होगा।

PM Kisan Website: आधिकारिक जानकारी के लिए

किस्तों से जुड़ी सभी सही जानकारी के लिए किसानों को पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in देखनी चाहिए। इससे अफवाहों और गलत जानकारियों से बचा जा सकता है।

किसानों के लिए यह योजना खेती और रोजमर्रा की आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण मदद प्रदान करती है। सभी किसानों को समय-समय पर अपने खाते और दस्तावेज अपडेट करने की सलाह दी जाती है, ताकि वित्तीय सहायता में कोई रुकावट न आए।

With AI Inputs

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पीएम मोदी आज पश्चिम बंगाल जाएंगे: ₹18,680 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे; जनसभा को भी संबोधित करेंगे


कोलकाता3 घंटे पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। यहां पीएम कुल 18,680 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान पीएम एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

जारी शेड्यूल के मुताबिक पीएम दोपहर करीब 2 बजे कोलकाता में कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। वे 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली और लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं जनता को समर्पित करेंगे।

इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री कई शिपिंग और बंदरगाह से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। वे हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर दो के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन करेंगे, जिससे माल की ढुलाई अधिक कुशल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से हो सकेगी।

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23 फरवरी: पीएम ने बंगाल की जनता के लिए चिट्ठी लिखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 फरवरी को पश्चिम बंगाल के नागरिकों के नाम हिंदी और बांग्ला भाषा में एक खुला पत्र लिखा था। इमसें उन्होंने CAA का जिक्र करते हुए घुसपैठ पर लगाम, राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के मुद्दों पर अपनी बात रखी थी।

पीएम मोदी ने पत्र की शुरुआत जय मां काली के जयकारे के साथ की। उन्होंने लिखा- अब बस कुछ ही महीने में पश्चिम बंगाल का भाग्य सुनिश्चित हो जाएगा। आने वाली पीढ़ी का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह आपके सोचे-समझे फैसले पर निर्भर करता है।

उन्होंने लिखा कि मेरे सोनार बंगाल के सपने देखने वाला हर एक जवान, बूढ़ा और महिलाएं आज बहुत पीड़ा में हैं। उनकी पीड़ा से आज मेरा हृदय भी व्यथित है। इसलिए मैंने मन की गहराइयों से एक संकल्प लिया है, पश्चिम बंगाल को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प। पूरी खबर पढ़ें…

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मोदी बोले-बिहार में दोबारा जंगलराज रोका,अब बंगाल से विदा करेंगे:घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग जरूरी, ममता सरकार जमीन नहीं दे रही

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पीएम नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल में कहा था कि यहां की जनता अब असली परिवर्तन चाहती है। हर कोई 15 साल के महाजंगल राज को बदलना चाहता है। अभी तो बीजेपी-एनडीए ने बिहार में जंगलराज को रोका है। अब टीएमसी के महाजंगलराज को विदा करने के लिए तैयार है। पीएम ने सिंगूर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- केंद्र सरकार ने कई बार चिठ्ठी लिखी कि बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन चाहिए, लेकिन बंगाल सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि घुसपैठिए इनके पक्के वोटर हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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ऊर्जा संकट या चुनावी दांव? तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, रेस्तरां और होटलों के लिए बिजली पर सब्सिडी का एलान


तमिलनाडु सरकार ने रेस्तरां, होटलों और चाय की दुकानों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की जगह बिजली के चूल्हों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देने की घोषणा की है। सरकार ने कहा कि यह फैसला 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद खानपान प्रतिष्ठानों के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच लिया गया है।

क्या है इस पहल का उद्देश्य?

सरकार के मुताबिक, संकट शुरू होने के बाद से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य छोटे और मध्यम स्तर के खानपान कारोबारों को वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था उपलब्ध कराना और ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के प्रभाव को कम करना है।

सब्सिडी का विवरण

शनिवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक में, राज्य सरकार ने यह तय किया कि जो होटल, चाय की दुकानें और क्लाउड किचन इंडक्शन स्टोव का उपयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त बिजली की खपत पर प्रति यूनिट ₹2 की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह सब्सिडी तब तक प्रभावी रहेगी जब तक केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक एलपीजी के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध लागू हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने इस बात की पुष्टि की है।

इस सब्सिडी योजना का उद्देश्य रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को पारंपरिक एलपीजी सिलेंडरों पर अपनी निर्भरता कम करने और बिजली से चलने वाले उपकरणों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इससे न केवल एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को भी बढ़ावा देगा। 



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Biz Updates: पश्चिम एशिया संकट के बीच विमानन कंपनियों की मुश्किलें बढ़ीं, केंद्र सरकार से मांगी राहत


बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Himanshu Singh Chandel

Updated Sat, 14 Mar 2026 05:13 AM IST


बिजनेस अपडेट
– फोटो : अमर उजाला



पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय विमानन कंपनियों की लागत बढ़ने लगी है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो और एअर इंडिया ने केंद्र सरकार से ईंधन कर में कटौती और निजी हवाई अड्डों पर लगने वाले शुल्क कम कराने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, ईरान से जुड़े तनाव के कारण पश्चिम एशिया के कई हवाई मार्गों का उपयोग करना कठिन हो गया है। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव के चलते भारतीय एयरलाइनों को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं है। ऐसे में कंपनियों को लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे परिचालन लागत बढ़ रही है। बताया गया है कि इंडिगो ब्रिटेन के लिए उड़ानों में अफ्रीका के रास्ते जा रही है, जबकि एअर इंडिया को उत्तर अमेरिका जाने वाली उड़ानों में बीच में ठहराव जोड़ना पड़ रहा है। इससे ईंधन और परिचालन खर्च बढ़ रहा है।

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राजस्थान-यूपी में आंधी-बारिश की संभावना, हीटवेव से मिलेगी राहत: हिमाचल-गोवा सहित 4 राज्यों में हीटवेव; MP में पारा 40 डिग्री पार




देश के कई राज्यों में मौसम आज से बदलने वाला है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में शनिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। यूपी के 20 जिले और राजस्थान के 8 जिले में अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश से दोनों राज्यों में हीटवेव से राहत मिलेगी। यूपी में शुक्रवार को पारा 39°C तक पहुंच गया। गोरखपुर समेत 10 जिलों में धुंध दिखाई दी। राजस्थान में अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहा। इसमें बाड़मेर में सबसे अधिक 39.4°C तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और गोवा में लू का अलर्ट जारी किया है। इधर मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी लू जैसे हालात हैं। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में में शुक्रवार कोलगातार दूसरे दिन लू चली। यहां पारा 40.1 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। अगले 2 दिन मौसम का हाल… 15 मार्च- दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की चेतावनी है। 16 मार्च- मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, प. बंगाल, सिक्किम में गरज के साथ बिजली का अलर्ट है। महाराष्ट्र में बारिश की संभावना है।



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LPG: 92700 मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहे शिवालिक और नंदा, सरकार ने बताया- कालाबाजारी के खिलाफ देशभर में छापेमारी


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार सक्रिय है। भारत की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर महत्वपूर्ण गतिविधियां दर्ज की गई हैं। एक तरफ जहां भारी मात्रा में एलपीजी गैस लेकर विशाल टैंकर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार में आपूर्ति शृंखला को बाधित करने वालों के खिलाफ एजेंसियों ने सख्त रुख अपना लिया है।

गैस आपूर्ति और पोर्ट लॉजिस्टिक्स

शनिवार को सरकार की ओर से बताया गया कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ नाम के एलपीजी टैंकर इस समय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज पास को पार कर चुके हैं और भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं। यह एक बड़ा ऊर्जा लॉजिस्टिक्स ऑपरेशन है, क्योंकि ये दोनों पोत कुल मिलाकर 92,700 मीट्रिक टन गैस का बड़ा शिपमेंट लेकर आ रहे हैं। 

जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि तय योजना के मुताबिक, ये वाणिज्यिक जहाज पश्चिमी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों- मुंद्रा पोर्ट और कांडला पोर्ट पर एंकर करेंगे। शेड्यूलिंग के अनुसार ये शिपमेंट 16 और 17 मार्च को भारत पहुंच जाएंगे। इतनी बड़ी मात्रा में गैस की आवक से घरेलू बाजार में ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी और औद्योगिक व घरेलू मांग को सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा।

घबराहट के कारण बढ़े गैस बुकिंग के मामले

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है; हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार की स्टॉक की कमी की सूचना नहीं मिली है। शर्मा ने बताया कि घबराहट में बुकिंग के मामले अब भी बहुत अधिक हैं। उन्होंने कहा, “जो आंकड़ा मैंने कल आपके साथ साझा किया था – लगभग 75 से 76 लाख बुकिंग – वह अब बढ़कर लगभग 88 लाख हो गया है।”

शर्मा ने कहा, “हमें विभिन्न स्थानों और स्रोतों से शिकायतें मिल रही हैं कि गैस सिलेंडर बुक नहीं हो पा रहे हैं। मैं इस अवसर पर एक बार फिर स्पष्ट करना चाहूंगी कि शहरी क्षेत्रों में पिछली डिलीवरी और अगली बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल है और ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतराल 45 दिनों का है। यदि आप इस अवधि के समाप्त होने से पहले सिलेंडर बुक करने का प्रयास करते हैं, तो बुकिंग सफल नहीं होगी। कृपया वर्तमान में उपलब्ध डिजिटल बुकिंग साधनों का उपयोग करें। इनमें आईवीआरएस, एसएमएस बुकिंग, व्हाट्सएप बुकिंग और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की ओर से प्रदान किए गए मोबाइल एप्लिकेशन शामिल हैं। सिलेंडर बुक करने या प्राप्त करने के लिए वितरक केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से जाने, कतार में खड़े होने की कोई आवश्यकता नहीं है। हमारी तेल विपणन कंपनियों ने अतीत में लगातार आपके घर तक सीधे सिलेंडर पहुंचाए हैं और वे ऐसा करना जारी रखेंगी। इसलिए, घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।” शर्मा ने लोगों से अपील की है कि घबराकर बुकिंग न करें; तभी बुकिंग करें जब यह अत्यंत आवश्यक हो।

राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू

व्यावसायिक सिलेंडरों को लेकर काफी चर्चा हुई, जिसके बाद व्यावसायिक सिलेंडरों के लिए भी एलपीजी की एक निश्चित मात्रा आवंटित करने का निर्णय लिया गया। इस बारे राज्य सरकारों से भी बातचीत की गई। उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए ये व्यावसायिक सिलेंडर राज्य सरकारों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस संबंध में, लगभग 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है और वे उपभोक्ताओं तक पहुंच चुके हैं। ऑनलाइन बुकिंग वर्तमान में लगभग 84% है; हालांकि, इस आंकड़े को लगभग 100% तक सुधारने की जरूरत है।” 

भारतीय नाविकों की सुरक्षित और सफल वापसी

कमर्शियल शिपिंग और लॉजिस्टिक्स के अलावा, समुद्री क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सकारात्मक खबर सामने आई है। आधिकारिक सूचना के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर 30 भारतीय नाविकों को सफलतापूर्वक सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। यह कदम समुद्री ऑपरेशंस से जुड़े मानव संसाधन की सुरक्षा और संकट प्रबंधन की सफलता को दर्शाता है।

बाजार में कालाबाजारी के खिलाफ संयुक्त देशव्यापी अभियान

आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ, घरेलू बाजार में गैस और आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम किल्लत  पैदा करने वाले तत्वों पर भी कड़ा प्रहार किया जा रहा है। बाजार में कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कई संयुक्त टीमों  का गठन किया गया है, जो लगातार रेड कर रही हैं।

इस प्रवर्तन अभियान का सीधा प्रभाव कई राज्यों में देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में व्यापक कार्रवाई हुई है।  राज्य में कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए बड़े पैमाने पर 1400 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए 19 लोगों के खिलाफ मामले भी दायर किए गए हैं। अन्य राज्यों में भी चौकसी है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में भी कई जगहों पर संयुक्त टीमों द्वारा छापेमारी की जा रही है।

अब आगे क्या?

कुल मिलाकर, भारत अपनी रणनीतिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्री लॉजिस्टिक्स और आयात को सफलतापूर्वक सुरक्षित कर रहा है। 16 और 17 मार्च को मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों पर 92,700 मीट्रिक टन गैस की आवक से जहां देश के ऊर्जा भंडार में वृद्धि होगी, वहीं देशव्यापी छापों से कालाबाजारी नेटवर्क पर भारी दबाव बनेगा। आपूर्ति और सुशासन की यह दोहरी रणनीति भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत और सकारात्मक आउटलुक पेश करती है।



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Income Tax: आयकर विभाग ने महत्वपूर्ण लेनदेन ईमेल को नजरअंदाज करने को कहा, गलती स्वीकार की


आयकर विभाग ने शनिवार को करदाताओं से आकलन वर्ष 2026-27 के अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए ‘महत्वपूर्ण लेनदेन जुड़ी त्रुटिपूर्ण ईमेल को नजरअंदाज करने की अपील की है। विभाग ने स्वीकार किया है कि इन संचारों में गलत जानकारी शामिल थी, जिसकी रिपोर्ट करदाताओं ने की थी। यह त्रुटि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भेजे गए ईमेल में पाई गई है।

विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि उसे करदाताओं से गलत जानकारी वाले ईमेल मिलने की शिकायतें मिली हैं। विभाग ने इस मुद्दे को ध्यान में लाने के लिए करदाताओं का धन्यवाद किया और हुई असुविधा के लिए माफी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि संचार प्रणाली के लिए जिम्मेदार सेवा प्रदाता के समन्वय से इस मामले को सुलझाया जा रहा है। 

विभाग ने कहा, “हम अपने सेवा प्रदाता के समन्वय से इस मामले को सक्रिय रूप से हल करने के लिए काम कर रहे हैं।” विभाग ने आगे कहा, “इस बीच, करदाताओं से अनुरोध है कि वे आकलन वर्ष 2026-27 के अग्रिम कर ई-अभियान से संबंधित पहले के ईमेल संचार को नजरअंदाज करें।” आयकर विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे संचार करदाताओं के लिए अनुपालन पोर्टल पर उपलब्ध वित्तीय जानकारी की समीक्षा करने और आवश्यक होने पर उचित अग्रिम कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सुविधा प्रदान करने वाले अनुस्मारक के रूप में होते हैं। करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अनुपालन पोर्टल पर ‘ई-अभियान’ टैब के माध्यम से अपने लेनदेन विवरण को सत्यापित करें। विभाग ने इस मुद्दे के समाधान के दौरान करदाताओं से समझ और सहयोग का भी आग्रह किया।

गलती से भेजे गए ईमेल का कारण और समाधान

आयकर विभाग ने स्वीकार किया है कि अग्रिम कर ई-अभियान के तहत भेजे गए कुछ ईमेल में महत्वपूर्ण लेनदेन से संबंधित गलत विवरण थे। यह समस्या आकलन वर्ष 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए भेजे गए ईमेल में सामने आई है। विभाग ने करदाताओं को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। इस मामले को सेवा प्रदाता के साथ मिलकर सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

करदाताओं के लिए निर्देश

विभाग ने करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे पहले भेजे गए त्रुटिपूर्ण ईमेल को अनदेखा करें। करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी लेनदेन जानकारी की पुष्टि आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध अनुपालन पोर्टल के ‘ई-अभियान’ टैब के माध्यम से करें। ये संचार केवल करदाताओं को उनकी वित्तीय जानकारी की समीक्षा करने और अग्रिम कर का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में कार्य करते हैं। विभाग ने इस प्रक्रिया में करदाताओं से सहयोग की अपेक्षा की है।



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Energy Crisis: इंडियन ऑयल की श्रीलंकाई इकाई का आश्वासन, पड़ोसी देश की ऊर्जा सप्लाई में नई पड़ेगा खलल


लंका इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (एलआईओसी) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच श्रीलंका को निरंतर ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि एलआईओसी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ द्वारा अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर से ऊर्जा आपूर्ति शृंखला बनाए रखने के अनुरोध के बाद आया है।

एलआईओसी के प्रबंध निदेशक के. रघु ने शनिवार को कोलंबो में प्रबंधन छात्रों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लंका आईओसी के प्रबंध निदेशक के रूप में, मैं लोगों से केवल इतना कहना चाहता हूं कि आप सभी सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम ईंधन आपूर्ति बनाए रखेंगे और देश को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करेंगे, जो बहुत महत्वपूर्ण है।

एलआईओसी की श्रीलंका में भूमिका


  • एलआईओसी श्रीलंका में एक महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रदाता है, जो पूरे देश में 200 ईंधन स्टेशनों का संचालन करता है।

  • कंपनी की बाजार में 20 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईओसी पहली बार 2003 में 20 साल के अनुबंध के तहत श्रीलंका आया था, जिसे 2023 में नवीनीकृत किया गया है।

  • कंपनी ने मध्य 2022 में देश को आर्थिक संकट का सामना करने पर भी श्रीलंकाई लोगों की सहायता की थी, जब लोगों को ईंधन स्टेशनों पर लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा था।

ऊर्जा सुरक्षा पर राजनयिक प्रयास

श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने 6 मार्च को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान डॉ. एस. जयशंकर के साथ इस मामले पर चर्चा की थी। हेराथ ने विश्वास व्यक्त किया था कि उनका अनुरोध द्वीप राष्ट्र की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को बनाए रखने में मदद करेगा। एलआईओसी का यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।





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Iran War: ‘हम युद्ध नहीं चाहते, वैश्विक नेताओं की जिम्मेदारी वे जंग रुकवाएं’, बोले भारत में ईरान के प्रतिनिधि


पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था। इलाही ने आरोप लगाया कि जब वे बातचीत की मेज पर थे, तब उन पर हमला किया गया और इसी से इस युद्ध की शुरुआत हुई।

एएनआई के साथ बातचीत में डॉ. इलाही ने कहा कि ये वैश्विक समस्याएं और संघर्ष ईरान की वजह से नहीं हैं, बल्कि दूसरे पक्ष द्वारा पैदा किए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान दूसरे लोगों की पीड़ा, गैस, पेट्रोल या तेल की कमी से खुश नहीं है। हालांकि, उन्होंने अपनी रक्षा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इलाही ने दुनिया के नेताओं से अपील की कि यह उनका कर्तव्य और जिम्मेदारी है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। उन्होंने आग्रह किया कि वैश्विक नेता अमेरिका से कहें कि इस युद्ध को रोका जाए, क्योंकि लोग पीड़ित हैं।

युद्ध की शुरुआत पर ईरान का रुख

डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने मौजूदा संघर्ष के लिए दूसरे पक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के माध्यम से समाधान चाहता था। उनके अनुसार, बातचीत के दौरान ही उन पर हमला किया गया। इसी हमले के कारण यह युद्ध शुरू हुआ, जिसमें कई लोग प्रभावित हुए हैं।

वैश्विक नेताओं से अपील और जिम्मेदारी

ईरान के प्रतिनिधि ने वैश्विक नेताओं से इस संघर्ष को समाप्त करने में भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं का यह कर्तव्य है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव डालें। इलाही ने उनसे युद्ध रोकने की अपील की, ताकि पीड़ित लोगों को राहत मिल सके। यह जिम्मेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

होर्मुज से जुड़े सवाल पर क्या बोले इलाही?

ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से पूछा गया कि क्या भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध आवागमन की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां।” उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि हमारे दूतावास ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने का अवसर देने की कोशिश की थी।”

ईरान के जवाबी हमलों की आलोचना पर इलाही की क्या प्रतिक्रिया?

खाड़ी क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे जवाबी हमलों के लिए हो रही आलोचनाओं के बारे में एएनआई से बात करते हुए, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, “…अमेरिका ईरान से 6,000 मील से भी अधिक दूर है… ये ठिकाने कहां हैं जिनका इस्तेमाल अमेरिका ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है? कल मैंने कुछ अमेरिकी सीनेटरों से सुना कि अमेरिका ने ईरान के आसपास 45 ठिकाने स्थापित किए हैं। अमेरिका इस क्षेत्र से क्या चाहता है?… हमने युद्ध से पहले अपने पड़ोसियों से कहा था कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए ठिकाने न दें। उन्होंने हमें बताया कि वे अमेरिका को इसका इस्तेमाल नहीं करने देंगे। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि वे ऐसा नहीं होने देना चाहते… बहरीन से मिसाइलें दागी गईं, जिनमें 175 निर्दोष लड़कियां मारी गईं… हमें अपनी रक्षा करनी होगी। हमें इन ठिकानों को नष्ट करना होगा।”



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