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Parliament Session LIVE: CEC पर महाभियोग नोटिस देने की तैयारी में विपक्ष


Parliament Session LIVE: CEC पर महाभियोग नोटिस देने की तैयारी में विपक्ष

प्रश्नकाल के बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग नोटिस औपचारिक रूप से सौंपने की तैयारी में है।



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Hezbollah Attack On Israel: हिजबुल्लाह के 100 रॉकेटों से दहल उठा इजराइल, क्या घुटने टेक देंगे नेतन्याहू?


International

oi-Sumit Jha

Hezbollah Attack On Israel: हिजबुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल पर रॉकेटों की बरसात कर दी है, जिससे वहां भारी तबाही हुई है। बुधवार रात हुए इन हमलों में 100 से अधिक रॉकेट दागे गए, जिससे इज़राइल के कई इलाकों को दहला दिया। इस भीषण हमले में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और हर तरफ बर्बादी का मंजर है। इसे हाल के समय में इज़राइल पर हुआ सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसने देश की कमर तोड़ दी है।

इज़राइल ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है। इज़राइली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत सहित कई ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने साफ कहा है कि वे अपने नागरिकों की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई और तेज करेंगे। इस जवाबी हमले से लेबनान में भी भारी नुकसान की खबरें हैं।

Hezbollah Attack On Israel

Hezbollah vs Israel latest news: इज़राइल को भारी नुकसान

इज़राइल पर रॉकेट हमलों के बाद भीषण नुकसान हुआ है। इन हमलों ने उत्तरी इज़राइल के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि हिजबुल्लाह के रॉकेटों ने इमारतों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया, जिससे भारी तबाही हुई। इज़राइल की नागरिक रक्षा सेवाओं को नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तैनात किया गया। इस हमले ने देश भर में दहशत पैदा कर दी है।

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Iran USA War: लेबनान पर जवाबी हमले

इज़राइल की रक्षा मंत्री ने हिजबुल्लाह के हमलों के जवाब में लेबनान के बेरूत सहित कई स्थानों पर जवाबी कार्रवाई की है। इज़राइली सेना ने लेबनान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जिससे भारी नुकसान की खबरें हैं। इस जवाबी कार्रवाई से लेबनान के आम नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि इज़राइल अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

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Iran Israel War News Hindi: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

इस टकराव से मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ गया है। हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी चुनौती दी है, जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया है। इज़राइल ने अपनी सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे युद्ध की आशंका और गहरी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को शांति बहाल करने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।

World News Hindi: आम नागरिकों की परेशानी

इस टकराव का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इज़राइली हमलों में कई आम नागरिकों की मौत हुई है। हज़ारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, जिससे उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों ने भी चिंता जताई है और प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने की अपील की है। आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है।



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‘मेरा छोटा भाई अब’, Sara Tendulkar अर्जुन को लेकर हुईं इमोशनल, शादी के तुरंत बाद बयां किया दिल का हाल


Arjun Tendulkar की शादी में सारा तेंदुलकर ने किया जमकर डांस! गुलाबी साड़ी पहन लगीं चांद सी सुंदर, वीडियो वायरल



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India-UK FTA: पीयूष गोयल बोले- भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता तेजी से आगे बढ़ रहा, जल्द लागू होने की उम्मीद


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जल्द लागू हो सकता है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में इस समझौते को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय राजधानी में एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह ब्रिटेन की संसद द्वारा सबसे तेजी से मंजूर किए जाने वाले व्यापार समझौतों में से एक बन सकता है।

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जल्द ही लागू हो सकता है समझौता- पीयूष गोयल

उन्होंने बताया कि यह समझौता 24 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान चेकर्स में हस्ताक्षरित किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह समझौता जल्द ही लागू हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते की तेजी से प्रगति दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग और लंदन में भारतीय राजनयिक टीम के प्रयासों को दर्शाती है। मंत्री ने अपने संबोधन में भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते के महत्व पर भी जोर दिया और इसे यूरोप के साथ भारत के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

‘समझौते ने अन्य व्यापार समझौतों का रास्ता भी खोला’

उन्होंने कहा कि इस समझौते ने यूरोपीय क्षेत्र के साथ गहरे आर्थिक संबंधों की शुरुआत की और आगे अन्य व्यापार समझौतों का रास्ता भी खोला। पीयूष गोयल ने बताया कि ईएफटीए समझौते के बाद भारत ने ब्रिटेन के साथ भी व्यापार समझौता किया और बाद में 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भी समझौते पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया था।

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‘चार देशों ने भारत में $100 अरब निवेश की जताई प्रतिबद्धता’

मंत्री ने ईएफटीए समझौते के तहत मिलने वाले निवेश पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईएफटीए के चार देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टाइन और आइसलैंड) ने इस समझौते के तहत भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। पीयूष गोयल ने बताया कि इस निवेश से भारत की अर्थव्यवस्था में करीब 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह समझौता खास इसलिए है क्योंकि इसमें मुक्त व्यापार समझौते के साथ कानूनी रूप से बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता भी शामिल है, जो वैश्विक व्यापार समझौतों में पहले शायद ही देखने को मिली हो।

-इनपुट आईएएनएस





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Dubai Gold Rate Today: दुबई से सोना लाना हुआ सस्ता! जानें 13 मार्च का ताजा भाव, कितनी होगी बचत?


Business

oi-Sumit Jha

Dubai Gold Rate Today: आज 13 मार्च 2026 को दुबई और भारत के सोने-चांदी के भावों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और करेंसी एक्सचेंज रेट के चलते दुबई हमेशा से सोना खरीदने वालों के लिए पसंदीदा जगह रहा है। आज दुबई में 24 कैरेट सोने की कीमत د.إ617.50 प्रति ग्राम है, जबकि भारत में यही भाव ₹16,221 के उच्च स्तर पर है।

यदि आप निवेश या ज्वेलरी के लिए सोना देख रहे हैं, तो दोनों देशों के टैक्स स्ट्रक्चर और शुद्धता के मानकों को समझना जरूरी है ताकि आप अपनी मेहनत की कमाई का सही फायदा उठा सकें।

Dubai Gold Rate Today 13 March

Dubai Gold Rate: दुबई में क्या है रेट भारतीय रुपए में?

अगर हम आज के एक्सचेंज रेट (1 AED ≈ ₹25.16) के हिसाब से गणना करें, तो दुबई में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹15,535 प्रति ग्राम बैठती है। इसी तरह 22 कैरेट का भाव ₹14,385 और 18 कैरेट का भाव ₹11,825 के करीब है। भारत के मुकाबले दुबई में 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम करीब ₹680 सस्ता पड़ रहा है। यह अंतर मुख्य रूप से दुबई में लगने वाले कम आयात शुल्क और टैक्स फ्री खरीदारी की वजह से आता है।

gold price comparison India vs Dubai: कितने का होगा बचत

भारत में आज सोने के दाम काफी ऊंचे हैं। 24 कैरेट के लिए आपको ₹16,221 प्रति ग्राम चुकाने होंगे। भारत में सोने की कीमतों पर इंपोर्ट ड्यूटी, GST और अन्य स्थानीय टैक्स लागू होते हैं, जिससे इसकी प्रभावी लागत बढ़ जाती है। दुबई के मुकाबले भारत में 10 ग्राम (एक तोला) सोना खरीदने पर आपको लगभग ₹6,800 से ₹7,000 तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। यही कारण है कि भारतीय पर्यटक दुबई से सोना लाना पसंद करते हैं।

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कितनी और कैसे होगी आपकी बचत?

दुबई से सोना खरीदने पर सीधी बचत टैक्स और मेकिंग चार्जेस में होती है। अगर आप 10 ग्राम सोना दुबई से लाते हैं, तो आप भारतीय बाजार के मुकाबले करीब 4% से 5% की बचत कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि भारत लाते समय कस्टम ड्यूटी के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। पुरुषों के लिए ₹50,000 और महिलाओं के लिए ₹1 लाख तक की ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री लाने की अनुमति (निश्चित समय विदेश रहने पर) मिलती है, जिससे आपकी बचत वास्तविक रहती है।

Silver price India today:चांदी का क्या है भाव

भारत में आज चांदी की चमक भी तेज है, जहां रेट ₹279.90 प्रति ग्राम और ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। चांदी को अक्सर ‘गरीबों का सोना’ कहा जाता है, लेकिन इसकी कीमतों में मौजूदा उछाल इसे एक गंभीर निवेश विकल्प बना रहा है। अगर आप भारी मात्रा में चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय चांदी के वायदा बाजार पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि भारत में इसकी कीमतें वैश्विक रुझानों से सीधे प्रभावित होती हैं।



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The Bonus Market Update: घरेलू बाजार में गिरावट का दौर जारी; सेंसेक्स 571 अंक टूटा, निफ्टी 23500 के नीचे


भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 571.34 अंक या 0.75% गिरकर 75,463.09 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 164.65 अंक या 0.70% गिरकर 23,474.50 अंक पर आ गया।

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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि  बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों ने बाजार को कमजोर क्षेत्र में धकेल दिया है। युद्ध के जारी रहने और थमने के कोई संकेत न दिखने के साथ-साथ ब्रेंट क्रूड के एक बार फिर 100 डॉलर के स्तर पर पहुंचने से यह कमजोरी बनी रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि भले ही डीआईआई लगातार बाजार में खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन डीआईआई की खरीदारी बाजार को उबरने में मदद नहीं कर रही है क्योंकि एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे हैं और इस अनिश्चित वैश्विक माहौल में अपनी रणनीति बदलने के कोई संकेत नहीं दिखा रहे हैं। 

(यह खबर अपडेट की जा रही है)



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FSSAI License Rules: अब बार-बार रिन्यूअल कराने का झंझट खत्म, रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस को मिलेगी आजीवन वैधता


‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को फूड रेगुलेटर ने घोषणा की कि अब उसके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और लाइसेंस की वैधता आजीवन  होगी। इस फैसले के बाद फूड बिजनेस से जुड़े कारोबारियों (एफबीओ) को अब अपने लाइसेंस बार-बार रिन्यू कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 मार्च से कई व्यापक विनियामक और प्रक्रियात्मक सुधारों को अपनी मंजूरी दे दी है। FSSAI के अनुसार, इन सुधारों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है। ये बदलाव नीति आयोग की गैर-वित्तीय विनियामक सुधारों पर गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के पूरी तरह से अनुरूप हैं।

टर्नओवर लिमिट में भी किया गया बड़ा बदलाव

नियामक बोझ को कम करने के लिए लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन की टर्नओवर सीमा में भी अहम बदलाव किए गए हैं। FSSAI ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही राज्य और केंद्र के अधिकारों को भी स्पष्ट किया गया है। अब 50 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए स्टेट लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जबकि 50 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर वाले व्यवसायों पर सेंट्रल लाइसेंसिंग के नियम लागू होंगे। इस कदम का उद्देश्य राज्य के अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की निगरानी और प्रवर्तन पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित करने में सक्षम बनाना है।

नए नियमों का व्यापार और सेक्टर पर प्रभाव


  • रिन्यूअल से मुक्ति और कम लागत: पहले FSSAI रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस एक से पांच साल तक की अवधि के लिए जारी किए जाते थे। आजीवन वैधता मिलने से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए कंप्लायंस कॉस्ट (अनुपालन लागत) घटेगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और लाइसेंसिंग अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की जरूरत खत्म होगी। इससे ऑपरेशन्स में सुधार आएगा।

  • 10 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को राहत: दोहरे अनुपालन की समस्या को खत्म करने के लिए, नगर निगमों या टाउन वेंडिंग कमेटियों (स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014) के तहत रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड वेंडर्स को FSSAI के तहत ‘डीम्ड रजिस्टर्ड’ माना जाएगा। इससे 10 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को कई विभागों में चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और वे अपनी आजीविका और स्वच्छता पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

  • जोखिम आधारित निरीक्षण: नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीक आधारित नया ‘डायनेमिक रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन फ्रेमवर्क’ लागू किया गया है। अब निरीक्षण खाद्य पदार्थ की प्रकृति से जुड़े जोखिम, पिछले अनुपालन रिकॉर्ड, थर्ड-पार्टी ऑडिट के प्रदर्शन और निगरानी गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा।

नियामक का मानना है कि इन सुधारों से न केवल खाद्य उद्योग के लिए पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल बनेगा, बल्कि नियामक संसाधनों का इस्तेमाल सिर्फ प्रवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे जरूरी कार्यों में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। यह कदम सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





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Pak Afghanistan War 2026: अफगान सीमा पर ‘खुली जंग’! पाक ने की काबुल और कंधार में भारी बमबारी, फ्यूल डिपो तबाह


International

oi-Puja Yadav

Pak Afghanistan War 2026: दक्षिण एशिया में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब ‘अघोषित युद्ध’ से बदलकर ‘खुली जंग’ के स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार, 13 मार्च सुबह पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कई बड़े शहरों को निशाना बनाया, जिसमें तालिबान का आध्यात्मिक केंद्र माना जाने वाला कंधार और राजधानी काबुल शामिल हैं।

कंधार में हुए हमले में एक बड़ा फ्यूल डिपो (ईंधन भंडार) आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे पूरे शहर में घंटों तक धुएं का गुबार छाया रहा।

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Operation Ghazab Lil Haq: ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’: क्यों आग उगल रहा है पाकिस्तान?

पाकिस्तानी सेना ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक़’ (Operation Ghazab Lil Haq) का नाम दिया है। पाकिस्तान का दावा है कि यह हमला तालिबान के उन ठिकानों और बुनियादी ढांचों पर किया गया है, जिनका इस्तेमाल ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) के आतंकवादी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए कर रहे थे।

पाकिस्तानी जेट विमानों ने कंधार में तालिबान के ‘205 कॉर्प्स’ के ब्रिगेड मुख्यालय और एक रणनीतिक ईंधन डिपो पर बमबारी की। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हमले में ईंधन भंडार पूरी तरह नष्ट हो गया है। राजधानी काबुल के बाहरी इलाकों और पूर्व अमेरिकी सैन्य बेस ‘बगराम एयरबेस’ के पास भी धमाके सुने गए। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए हैं। नंगरहार प्रांत में एक घर पर हुए हमले में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत की खबर है।

28 फरवरी से भड़की आग

दोनों देशों के बीच यह ताजा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर जमीनी हमले किए थे। जवाब में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे खुली जंग करार दिया। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान सरकार टीटीपी के आतंकियों को शरण दे रही है, जबकि तालिबान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: पाखंड और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान की इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। भारतीय राजनयिकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और अफगानिस्तान की संप्रभुता का ‘घोर उल्लंघन’ बताया। भारत ने कहा कि एक ओर पाकिस्तान ‘इस्लामी एकजुटता’ की बात करता है और दूसरी ओर पवित्र महीने (रमजान) के दौरान अफगानिस्तान के निर्दोष नागरिकों पर बमबारी कर रहा है, जो उसका दोहरा चरित्र उजागर करता है।

वैश्विक चिंता और मानवीय संकट

संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य टकराव के कारण अब तक 1.6 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। तुर्की, रूस और चीन ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन फिलहाल युद्ध रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच अफगानिस्तान-पाकिस्तान का यह मोर्चा वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन गया है।



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Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹5370 तक टूटी, सोना ₹720 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: वैश्विक तनाव का असर सोने-चांदी की कीमतों में देखने को मिल रहा है। चांदी की कीमत 5370 रुपये गिरकर 2.63 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 720 रुपये गिरकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमत

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। सफेद धातु यानी चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की गई, जबकि सोने के दाम में गिरावट आई।

आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमत 1,500 रुपये या 0.54 प्रतिशत बढ़कर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। इसके विपरीत, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई।

डॉलर की मजबूती का असर

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो वैश्विक बाजार में सोना महंगा हो जाता है, जिससे निवेशकों की मांग घटती है और कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।

महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी अनिश्चितता

अमेरिका में जारी ताजा महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इन आंकड़ों के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने में जल्दबाजी नहीं करेगा। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी ऐसी संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, जिन पर ब्याज नहीं मिलता।

मुनाफावसूली से बढ़ा बिकवाली का दबाव

विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वहीं औद्योगिक मांग और निवेशक रुचि के चलते चांदी की कीमतों में तेजी बनी हुई है।





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Aaj Ka Rashifal: मेष को मिलेगी चुनौतियां, सिंह को होगा धनलाभ ,जानें बाकी राशियों का हाल



Aaj Ka Rashifal: ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का सीधा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। आइए जानते हैं 12 राशियों के लिए 13 मार्च 2026 का दिन कैसा रहने वाला है।



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