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Meghalaya: हिंसा और तनाव के बीच झुकी सरकार, 2 लोगों की मौत के बाद गारो हिल्स परिषद चुनाव टालने का निर्णय


India

oi-Kumari Sunidhi Raj

Meghalaya के गारो हिल्स क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Conrad K Sangma ने घोषणा की है कि गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHADC) के लिए 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इलाके में मौजूदा हालात और लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

पिछले कुछ दिनों से नामांकन प्रक्रिया को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ था और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई थीं। ऐसे में सरकार ने चुनाव कराने से पहले स्थिति सामान्य करने को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही आगे की प्रक्रिया पर बैठकर फैसला करेगी।

Meghalaya

मुख्यमंत्री ने दिया वीडियो संदेश

मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि गारो हिल्स में अभी जो हालात हैं, उन्हें नजर में रखते हुए चुनाव टालने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की भावनाओं का सम्मान करती है और जल्द ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

एडी नियमों में बदलाव की मांग

उपमुख्यमंत्री Prestone Tynsong ने बताया कि ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट के नियम अलग-अलग जिला परिषदों पर लागू होते हैं। खासी हिल्स, जैंतिया हिल्स और गारो हिल्स तीनों के लिए ऐसे नियम मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि गारो हिल्स के लोगों की मांग है कि ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के नियमों में बदलाव किया जाए, जिन्हें कई सालों से लागू किया जा रहा है।

सरकार पर आरोप से किया इनकार

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह हालात सरकार की विफलता हैं, तो टिनसोंग ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के पास न्यायिक और कार्यकारी दोनों तरह की शक्तियां होती हैं, इसलिए इसे सीधे सरकार की जिम्मेदारी नहीं कहा जा सकता। उनका कहना था कि अगर परिषद को पहले से इस मुद्दे की जानकारी थी, तो उन्हें इस पर विशेष बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए थी।

हिंसा में दो लोगों की मौत

अधिकारियों के अनुसार, West Garo Hills जिले में GHADC चुनाव के नामांकन को लेकर तनाव के दौरान दो लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह झड़पें आदिवासी और गैर-आदिवासी समूहों के बीच हुईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने जिले के 37 गांवों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत 12 घंटे का कर्फ्यू लगा दिया था।

गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चुनाव पहले 10 अप्रैल को कराने की योजना थी, लेकिन मौजूदा हालात के कारण सरकार ने फिलहाल इन्हें टालने का फैसला किया है।

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सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग, ₹900 वाला ₹1800 में मिल रहा: कॉमर्शियल सिलेंडर के ₹4000 वसूले जा रहे, उत्तराखंड में मेन्यू से 70% फूड आइटम गायब


26 मिनट पहले

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अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत बढ़ती जा रही है। गैस सिलेंडर एजेंसियों के बार लम्बी लाइनें लगी हुई हैं। इसके अलावा गैस सिलेंडर कालाबाजारी भी होने लगी है।

बिहार में घरेलू गैस सिलेंडर 1800 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 4000 रुपए में बिक रहा है। इतना ही नहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स में इंडक्शन पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।

मध्य प्रदेश: ब्लैक में कॉर्मिशयल सिलेंडर के दाम 4000 रुपए में बिक रहा

1,918 रुपए का कॉमर्शियल सिलेंडर भोपाल में ब्लैक में 4000 रुपए में बिक रहा है। भास्कर इस्वेस्टिगेशन में सामने आया कि भोपाल के बरखेड़ा पठानी में भारत गैस की एजेंसी पर खुलेआम 4 हजार में सिलेंडर बेचा जा रहा है।

सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू किया है लेकिन कालाबाजारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है। इस खेल में एक प्राइवेट गैस एजेंसी संचालक, कर्मचारी और दलाल भी शामिल हैं। इसके अलावा गैस की अवैध रिफिलिंग करने वाले भी मौके का फायदा उठा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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बिहार: ब्लैक में 1800 रुपए में मिल रहा घरेलू गैस सिलेंडर

गैस सिलेंडर की किल्लत होने से इसकी कालाबाजारी बढ़ गई है। 918 रुपए का गैस सिलेंडर ब्लैक में 1700 से 1800 रुपए तक बेचा जा रहा है। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जिसकी सामान्य कीमत 1910 रुपए है, ब्लैक में इसके 5000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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उत्तर प्रदेश: ब्लैक में 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा सिलेंडर

देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच इसके दाम भी आसमान छू रहे हैं। लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। पूरी खबर पढ़ें…

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पंजाब: लोग एजेंसियों के सामने सिलेंडर लेकर लाइनों में खड़े, फिर भी गैस नहीं मिल रही

पंजाब में कॉमर्शियल सिलेंडर मिलने बंद हो गए हैं, जबकि घरेलू सिलेंडरों के लिए भी बुकिंग में समस्या आ रही है। जंग से पहले जहां घरेलू सिलेंडर घरों में डिलीवर होता था, अब हालात ये हैं कि लोग एजेंसियों के सामने सिलेंडर लेकर लाइनों में खड़े हैं। फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही।

जालंधर में लोग कॉमर्शियल सिलेंडर को ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं। यहां जो सिलेंडर पहले 1600 रुपए में मिलता था, वह अब 3500 रुपए का मिल रहा है। जबकि, सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी बता रहे हैं कि LPG की कोई समस्या नहीं है। उनके पास गैस का भरपूर भंडारण है। पूरी खबर पढ़ें…

लुधियाना में सिलेंडर लेने के लिए लगी लोगों की भीड़।

लुधियाना में सिलेंडर लेने के लिए लगी लोगों की भीड़।

राजस्थान: मेस और हॉस्टलों में खाना सप्लाई करना मुश्किल हो रहा गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कॉमर्शियल और घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी-कर्मचारियों की छुटि्टयां कैंसिल कर दी हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए टीमें छापेमारी कर रही हैं।

कोटा में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्‌ठी की मांग बढ़ गई है। मेस और हॉस्टलों के लिए 35 से 40 किलो वजन की भट्टियां बनाई जा रही हैं, लेकिन बढ़ती मांग के कारण सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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उत्तराखंड: होटल-ढाबों के मेन्यू से 70% फूड आइटम गायब देहरादून और हल्द्वानी में व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और ठेला संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिलेंडर की कमी के कारण कई प्रतिष्ठानों ने अपने मेन्यू से करीब 70% फूड आइटम हटा दिए हैं, जबकि कई लोग वैकल्पिक इंतजाम में जुट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

देहरादून के रेस कोर्स इलाके में गैस एजेंसी पर सिलेंडर बुकिंग करने वालों की भीड़ लग रही है।

देहरादून के रेस कोर्स इलाके में गैस एजेंसी पर सिलेंडर बुकिंग करने वालों की भीड़ लग रही है।

हरियाणा: LPG स्टॉक घटा, OTP नहीं आ रहा

घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी पहले जो 1-2 दिन में हो जाती थी, अब एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है। हिसार, सोनीपत, फतेहाबाद, हांसी, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी और फरीदाबाद में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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संकट से निपटने सरकार ने 5 जरूरी कदम उठाए

1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।

2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।

3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे।

4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।

5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। सूत्रों का कहना है कि अब उत्पादन 10% बढ़ गया है।

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सप्लाई संकट की 2 वजह

1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

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2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

कब तक सुधरेंगे हालात?

इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर का कहना है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और घबराहट में सिलेंडर बुकिंग न करें। सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि ग्लोबल मार्केट में ऊर्जा संकट को कम किया जा सके। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़ाए सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रही है। पहले यह 853 रुपए की थी। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।

वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 1 मार्च को 115 रुपए बढ़ाए गए थे। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है।

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Crude Oil MCX: महंगा होगा पेट्रोल-डीजल? कच्चे तेल की कीमतों में आई तूफानी तेजी ने बढ़ाई चिंता


Business

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Crude Oil MCX: अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज तेजी देखने को मिली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 12 मार्च 2026 को सुबह करीब 11:27 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। ऊर्जा बाजार में इस समय निवेशकों और ट्रेडर्स की गतिविधि तेज हो गई है।

वैश्विक सप्लाई, भू-राजनीतिक तनाव और मांग से जुड़े संकेतों का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। एक ही दिन में आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है और निवेशकों की नजर अब आगे आने वाले ट्रेंड पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर पेट्रोलियम उत्पादों, परिवहन लागत और ऊर्जा सेक्टर से जुड़े अन्य बाजारों पर भी पड़ सकता है।

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आज के कारोबार में कितनी रही कीमत

ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल का भाव 8645 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसमें 538 रुपये की बढ़त दर्ज की गई, जो करीब 6.64 प्रतिशत की तेजी को दिखाती है। इससे पहले पिछले सत्र में कच्चे तेल का क्लोजिंग भाव 8107 रुपये प्रति बैरल दर्ज किया गया था।

दिन के दौरान कीमतों का उतार-चढ़ाव

आज के कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। दिन में इसका न्यूनतम भाव 8431 रुपये प्रति बैरल रहा, जबकि अधिकतम भाव 8829 रुपये प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे यह साफ है कि बाजार में तेजी के साथ-साथ हल्का अस्थिरता का माहौल भी बना हुआ है।

पिछले रिकॉर्ड और औसत कीमत

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल का लाइफटाइम लो 5081 रुपये प्रति बैरल रहा है, जबकि इसका लाइफटाइम हाई 10549 रुपये प्रति बैरल तक दर्ज किया जा चुका है। मौजूदा ट्रेडिंग सत्र में औसत कीमत 8704.57 रुपये प्रति यूनिट दर्ज की गई है, जो बताती है कि दिन भर के कारोबार में कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं।

ट्रेडिंग से जुड़े अन्य आंकड़े

कच्चे तेल के इस कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी डेट 19 मार्च 2026 तय की गई है। कारोबार के दौरान कुल 20042 लॉट का वॉल्यूम दर्ज किया गया, जो बाजार में सक्रिय ट्रेडिंग को दिखाता है। इस कॉन्ट्रैक्ट की ट्रेडिंग यूनिट 100 बैरल निर्धारित है।

ओपन इंटरेस्ट 17195 लॉट दर्ज किया गया है और इसमें 138 लॉट की बढ़ोतरी देखी गई है। ओपन इंटरेस्ट में यह बदलाव बताता है कि बाजार में नए सौदे भी जुड़ रहे हैं और ट्रेडर्स की दिलचस्पी अभी बनी हुई है। ऊर्जा बाजार में जारी इस तेजी पर निवेशकों और विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।

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Hormuz: ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए खोला रास्ता, क्या यह बारूदी सुरंग बने होर्मुज में हमारा कूटनीतिक पंच है?


पश्चिम एशिया में भड़के युद्ध के बीच पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई लाइन खतरे में है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिमी देशों के विदेशी जहाजों के लिए लगभग ‘नो-गो जोन’ बन चुका है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में, ईरान  की ओर से भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने देने की बात कही गई। हालांकि कई रिपोर्ट्स में ईरानी सूत्रों के हवाले इन रिपोर्ट्स को खारिज भी किया जा रहा है। इस बीच इस खबर पर पूरी दुनिया की नजर इस पर बनी हुई है। निश्चित तौर पर अगर भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत मिली है तो इससे देश में ऊर्जा संकट की संभावित आशंका को दूर करने में मदद मिलेगी।

देश के लिए यह महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की एक कॉल ने वह कर दिखाया है जो पश्चिमी देशों के जंगी बेड़े नहीं कर सके। आइए आसान सवाल-जवाब से समझते हैं भारत की इस बड़ी कूटनीतिक जीत के मायने:

सवाल: अचानक होर्मुज में क्या हुआ और भारत को यह कूटनीतिक कामयाबी कैसे मिली?

जवाब: ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे भीषण युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव चरम पर है। विदेशी जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसी बीच, भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच एक उच्च-स्तरीय कूटनीतिक वार्ता हुई। इस बातचीत का सीधा और त्वरित असर यह हुआ कि ईरान ने ‘भारत के झंडे वाले’ टैंकरों को इस क्षेत्र से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी। 

सवाल: इस कूटनीतिक समझौते का जमीनी असर क्या देखने को मिला?

जवाब: कूटनीतिक सहमति बनते ही इसके नतीजे समुद्र में दिखने लगे। समझौते के तुरंत बाद दो भारतीय तेल टैंकर, ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’, इस संवेदनशील जलडमरूमध्य से बिल्कुल सुरक्षित गुजरते हुए देखे गए। यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका, यूरोप और इस्राइल के जहाज अब भी प्रतिबंधों और हमलों के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।

सवाल: ईरान की रणनीति क्या है और वह दूसरे देशों के जहाजों को क्यों रोक रहा है?

जवाब: ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। ईरान ने खुली चेतावनी दी है कि वह ‘अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक लीटर तेल भी यहां से नहीं गुजरने देगा’। उसका मुख्य मकसद इस महत्वपूर्ण चोकपॉइंट को नियंत्रित करके दुनिया की ऊर्जा व्यवस्था को झकझोरना और पश्चिमी देशों पर दबाव बनाना है। 

सवाल: भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस कामयाबी के क्या मायने हैं?

जवाब: होर्मुज का रास्ता कच्चे तेल की सप्लाई के लिए दुनिया की जीवनरेखा है। युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने के डर से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में, जब दुनिया भर के टैंकर निशाने पर हैं, केवल भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने से देश की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला मजबूत बनी रहेगी। इससे भारत में तेल की किल्लत और महंगाई का खतरा काफी हद तक कम हो गया है।



यह घटना साबित करती है कि युद्ध के चरम दौर में भी भारत की स्वतंत्र कूटनीति कितनी प्रभावी है। जहां एक ओर पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार बिगड़ रही है, वहीं भारत ने बिना किसी टकराव के, सिर्फ बातचीत से अपने आर्थिक हितों और ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित कर लिया है।





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Parliament Session LIVE: दो दिन की चर्चा पर मैं भी अपना विचार रखूंगा-ओम बिरला


Parliament Session LIVE :जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर जरूरी हस्ताक्षर की प्रक्रिया बुधवार को पूरी कर ली गई थी। यह पहला मौका है जब किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से हटाने के लिए कोई नोटिस दिया जा रहा है।



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Matiala Fish Market Fire: दिल्ली के मटियाला मछली बाजार में भीषण आग, आधी रात 23 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू


Delhi

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Matiala Fish Market Fire: दिल्ली के पश्चिमी इलाके उत्तम नगर के मटियाला स्थित मछली बाजार में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि बाजार की कई दुकानें और आसपास बनी झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक आग लगने की सूचना रात करीब 11:55 बजे मिली थी। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।

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West Delhi Fire Accident: आधी रात को भड़की लपटें: 23 दमकल गाड़ियां मौके पर

दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के मुताबिक, मटियाला मछली बाजार में आग लगने की सूचना रात 11:55 बजे मिली। आग की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक-एक कर 23 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।आग में कई दुकानें और कुछ झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में अब तक किसी के हताहत होने या जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग अभी आग लगने के सही कारणों का पता लगा रहे हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी घटनास्थल की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर या किसी अन्य वजह से लगी हो सकती है, लेकिन असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

होली के तनाव वाले इलाके से चंद किलोमीटर दूर हादसा

प्रशासन ने बताया कि जिस स्थान पर आग लगी, वह उत्तम नगर इलाके से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर है जहां इस महीने की शुरुआत में तनाव देखा गया था। 4 मार्च को होली समारोह के दौरान 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद उत्तम नगर के जेजे कॉलोनी में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थीं।

पुलिस के अनुसार, विवाद एक पानी वाले गुब्बारे से शुरू हुआ था। तरुण के परिवार की एक बच्ची द्वारा फेंका गया गुब्बारा पड़ोसी महिला पर जा गिरा, जिसके बाद दो समूहों में खूनी संघर्ष हो गया। इस मामले में पुलिस अब तक 16 लोगों (14 वयस्क और 2 किशोर) को गिरफ्तार कर चुकी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की जा रही है और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने हत्या की धाराओं के साथ-साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की कड़ी धाराएं भी लगाई हैं।

पुलिस की कड़ी निगरानी

पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। उधर, मटियाला मछली बाजार में लगी आग की घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है।



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LPG Subsidy Check: गैस की किल्लत और बढ़ी कीमतों के बीच राहत! मिनटों में ऐसे चेक करें अपनी सब्सिडी का पैसा


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LPG Subsidy Check Online Status: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच देश में एलपीजी उपभोक्ताओं (LPG Consumers) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार (Central Govt) ने हाल ही में एलपीजी सिलेंडर के दामों में भारी इजाफा किया है, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट प्रभावित हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 60 रुपये बढ़कर 913 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपये की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।

कीमतों में इस उछाल और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के बीच करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी की सुविधा अभी भी जारी है। खास तौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सीधी सब्सिडी दी जा रही है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी सब्सिडी का पैसा सही समय पर खाते में आ रहा है या नहीं।

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10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी रजिस्टर्ड

मई 2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य देश के गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। वर्तमान में इस योजना के तहत 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी रजिस्टर्ड हैं। इन लाभार्थियों को सरकार की ओर से जो 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है, वह सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। यदि दिल्ली के मौजूदा रेट 913 रुपये को देखें, तो सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए एक सिलेंडर की प्रभावी कीमत केवल 613 रुपये रह जाती है।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

योजना के तहत लाभार्थियों को न केवल सस्ता सिलेंडर मिलता है, बल्कि पहली बार कनेक्शन लेने पर प्रेशर रेगुलेटर, सेफ्टी होज पाइप और दो बर्नर वाला स्टोव भी मुफ्त दिया जाता है। यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक वेबसाइट (pmuy.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी फॉर्म भरा जा सकता है।

ऐसे चेक करें अपनी सब्सिडी का स्टेटस

अपनी एलपीजी सब्सिडी का पैसा चेक करना अब बहुत आसान हो गया है। आप घर बैठे नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके इसकी जानकारी ले सकते हैं:

  • ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। यहां आपको तीन गैस कंपनियों (Indane, Bharat Gas, HP Gas) के नाम दिखेंगे। आपकी जिस कंपनी का कनेक्शन है, उस पर क्लिक करें।
  • सब्सिडी विकल्प चुनें: अगले पेज पर ‘Give your feedback online’ या ‘Check Subsidy Status’ का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करने के बाद ‘LPG’ कैटेगरी को चुनें।
  • विवरण दर्ज करें: अब ‘Subsidy Related (PAHAL)’ पर क्लिक करें और फिर ‘Subsidy Not Received’ के विकल्प को चुनें। यहां आप अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या 17 अंकों की एलपीजी आईडी दर्ज करें।
  • स्टेटस देखें: सबमिट करते ही आपके सामने पिछले कुछ महीनों की बुकिंग हिस्ट्री और सब्सिडी ट्रांसफर की पूरी जानकारी आ जाएगी।

सब्सिडी न मिलने पर क्या करें?

अगर आपके खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं आ रहा है, तो इसके कई तकनीकी कारण हो सकते हैं। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड आपके बैंक खाते और गैस कनेक्शन (17-डिजिट एलपीजी आईडी) दोनों से लिंक है। कई बार बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive) होने या आधार सीडिंग न होने की वजह से पैसा अटक जाता है।

यदि डिलीवरी के 4 दिन बाद भी पैसा खाते में नहीं आता है, तो आप टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप अपने गैस वितरक (Distributor) से मिलकर भी ट्रांजैक्शन स्टेटस की जांच करवा सकते हैं। ध्यान रहे कि जिन परिवारों की सालाना आय 10 लाख रुपये से अधिक है, वे सब्सिडी के दायरे से बाहर होते हैं।

LPG गैस को लेकर क्या है वर्तमान स्थिति?

वर्तमान में देश के कई बड़े शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में कमर्शियल एलपीजी की भारी किल्लत देखी जा रही है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसके चलते होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने अनिवार्य वस्तु अधिनियम (ECA) लागू कर दिया है और रिफाइनरियों को उत्पादन 10% से 25% तक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जमाखोरी रोकने के लिए रीफिल बुकिंग के अंतर को भी बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। सरकार का पूरा जोर इस वक्त घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के गैस उपलब्ध कराने पर है।



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पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल में उछाल: ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर के पार, होर्मुज संकट से बाजार में चिंता


पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं।

ब्रेंट क्रूड की कीमत में नौ प्रतिशत का उछाल

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत नौ प्रतिशत से अधिक बढ़कर 100.76 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 9 प्रतिशत उछलकर लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

आईईए ने क्या फैसला लिया?

तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय पर आई है जब कीमतों को काबू में रखने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने आपातकालीन भंडार से कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया है। बुधवार को आईईए के 32 सदस्य देशों ने मिलकर इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करने की घोषणा की, जो एजेंसी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिलीज माना जा रहा है।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग का एलान

इसके अलावा अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने भी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का एलान किया है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के मुताबिक, तेल की आपूर्ति अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है और इसे पूरी तरह जारी होने में लगभग 120 दिन लगेंगे।

इससे पहले पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, हालांकि बाद में यह गिरकर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा तेजी की प्रमुख वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता तनाव और जहाजों की आवाजाही में कथित बाधा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के बीच तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



होर्मुज जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया का एक संकरा लेकिन बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के कुल कच्चे तेल व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और कीमतों पर पड़ता है।





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Silver Rate Today: ईरान जंग के बीच चांदी में बड़ी गिरावट! ₹4000 तक सस्ती, जानिए 100 ग्राम का ताजा भाव


Business

oi-Pallavi Kumari

Silver Rate Today 12 March 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद चांदी की कीमतों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। हाल के दिनों में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन चांदी का बाजार अलग दिशा में चलता दिख रहा है। ईरान-इजरायल जंग के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं, जबकि चांदी में मुनाफावसूली के कारण गिरावट दर्ज की गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत करीब ₹4,275 गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह लगभग 1.53 प्रतिशत की गिरावट है। इससे पहले पिछले कारोबारी दिन चांदी ₹2,79,275 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

Silver Rate Today 12 March 2026

कमोडिटी बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। Multi Commodity Exchange of India Ltd यानी MCX पर चांदी के वायदा भाव में भी गिरावट रही। चांदी का फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट करीब 0.71 प्रतिशत यानी ₹1,902 टूटकर ₹2,66,589 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले यह ₹2,68,491 प्रति किलो पर बंद हुआ था।

Silver Rate In India: चांदी का ताजा रेट (12 मार्च 2026)

शहर 10 ग्राम 100 ग्राम 1 किलो
दिल्ली ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
मुंबई ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
कोलकाता ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
चेन्नई ₹3,000 ₹30,000 ₹3,00,000
पटना ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
लखनऊ ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
मेरठ ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
अयोध्या ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
कानपुर ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
गाजियाबाद ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
नोएडा ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
गुरुग्राम ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
चंडीगढ़ ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
जयपुर ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
लुधियाना ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
गुवाहाटी ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
इंदौर ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
अहमदाबाद ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
सूरत ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
वडोदरा ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
नागपुर ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
पुणे ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
नासिक ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
बेंगलुरु ₹2,900 ₹29,000 ₹2,90,000
भुवनेश्वर ₹3,000 ₹30,000 ₹3,00,000
कटक ₹3,000 ₹30,000 ₹3,00,000

IBJA के अनुसार क्या है लेटेस्ट रेट

India Bullion and Jewellers Association के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार सुबह तक चांदी का औसत भाव लगभग ₹2,66,010 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। वहीं अलग-अलग ज्वेलरी पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार कई शहरों में चांदी का रिटेल रेट करीब ₹2,90,000 प्रति किलोग्राम के आसपास चल रहा है।

गौरतलब है कि इस साल 29 जनवरी को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। उसके बाद से कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

भारत में सोना और चांदी के भाव कैसे तय होते हैं?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई आर्थिक और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और घरेलू मांग इनकी कीमत तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा प्रमुख बुलियन मार्केट और ट्रेडिंग संस्थाओं के डेटा के आधार पर अलग-अलग शहरों में रेट तय किए जाते हैं। इसलिए देश के अलग-अलग शहरों में कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है।



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होर्मुज से गुजरेंगे भारतीय टैंकर: विदेश मंत्री जयशंकर और अराघची की बातचीत के बाद निकला रास्ता, मिली बड़ी राहत


पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ईरान-इस्राइल-अमेरिका जंग के बीच भारत को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। ईरान ने भारतीय झंडे वाले तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से अहम ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’  से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह घटनाक्रम भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया है।

इन दो टैंकरों को मिली अनुमति

इसके बाद कम से कम दो भारतीय टैंकर पुष्पक और परिमल सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां बढ़ते तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह अनुमति भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वर्तमान में इस क्षेत्र से गुजरने वाले अमेरिका, यूरोप और इस्राइल के जहाजों को प्रतिबंधों और हमलों के गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। 

युद्ध का असर

अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब 12वें दिन में पहुंच गया है। लगातार बढ़ते तनाव के कारण क्षेत्र में समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है और वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।

ईरान ने भी इस दौरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। तेहरान का कहना है कि केवल वे जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं जो अमेरिका और इस्राइल के हितों से जुड़े नहीं हैं।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है।


  • सामान्य परिस्थितियों में यहां से प्रतिदिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत है।

  • इस मार्ग में बाधा आने से इराक, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों के निर्यात पर सीधा असर पड़ता है।

  • दुनिया के तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का भी बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

  • इसलिए यहां तनाव बढ़ने पर वैश्विक बाजार, सप्लाई चेन और ऊर्जा कीमतों पर तुरंत असर देखने को मिलता है।

रक्षा विश्लेषकों के मुताबिक ईरान के पास ऐसे एंटी-शिप मिसाइल, ड्रोन, तेज हमला करने वाली नौकाएं और समुद्री बारूदी सुरंगें हैं, जिनकी मदद से वह पूरे होर्मुज क्षेत्र में जहाजों को निशाना बना सकता है। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग पर बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

भारत के लिए इसके मायने

ईरान द्वारा विदेशी जहाजों को निशाना बनाए जाने के बीच केवल भारतीय टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलना भारत की स्वतंत्र कूटनीति का परिणाम माना जा रहा है। इस कदम से युद्ध और नाकेबंदी के मौजूदा हालात में भी भारत की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला के सुचारू रूप से चलते रहने में मदद मिलेगी।

 



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