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Biz Updates: पश्चिम एशिया में तनाव से तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल, ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर के ऊपर


पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। गुरुवार सुबह वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे कुछ दिन पहले ही यह कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के करीब पहुंच गई थी, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। तेल की कीमतों में 9% से ज्यादा की तेजी तब आई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर ईरान के हमलों के बाद आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। वहीं अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड भी उछलकर करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

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रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले उस संघर्ष के बीच हुए हैं जो 12 दिन पहले शुरू हुआ था। माना जा रहा है कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाकर अमेरिका और इजरायल को युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करना चाहता है। फिलहाल संघर्ष कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस बीच ईरान ने खाड़ी के अरब देशों में तेल क्षेत्रों और रिफाइनरियों को भी निशाना बनाया है। साथ ही उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है, क्योंकि दुनिया में कारोबार होने वाले करीब 20% तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।



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VIDEO: सिर के पास रिवॉल्वर और ट्रिगर पर उंगली! फारूक अब्दुल्ला पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से हुआ हमला


Jammu And Kashmir

oi-Sohit Kumar

Farooq Abdullah Attacked CCTV Video: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात जम्मू में एक हमले में बाल-बाल बच गए। ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान एक हमलावर ने उनके बेहद करीब पहुंचकर उन पर गोली चला दी। गनीमत यह रही कि सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी और ईश्वरीय कृपा से फारूक अब्दुल्ला को कोई चोट नहीं आई। इस घटना के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे।

घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि जब फारूक अब्दुल्ला और सुरिंदर चौधरी शादी समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर पीछे से तेजी से उनके करीब पहुंचा।

farooq abdullah

सिर के बेहत करीब तान दी रिवॉल्वर

उसने अपनी रिवॉल्वर सीधे डॉक्टर अब्दुल्ला के सिर के पास तान दी और फायर कर दिया। अच्छी बात ये रही कि, आरोपी गोली नहीं चला पाया। बाद में उसने गोली चलाई जो फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर ने ‘पॉइंट ब्लैंक रेंज’ यानी बिल्कुल सटीक दूरी से निशाना साधा था, लेकिन सुरक्षा टीम ने ऐन वक्त पर उसे धक्का दिया जिससे गोली का निशाना चूक गया।

हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को दबोच लिया, जिसकी पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी पुरानी मंडी, जम्मू का निवासी है और वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने के मौके की तलाश में था।

#WATCH | Jammu, J&K: An incident of firing occurred at a function where JKNC chief Farooq Abdullah and Deputy CM Surinder Choudhary were present. One person has been arrested. No injuries have been reported.

CCTV visuals showing the moment when the incident took place. pic.twitter.com/pnoD3f9fRJ

— ANI (@ANI) March 11, 2026 “>

गिरफ्तारी के वक्त होश में नहीं था आरोपी

गिरफ्तारी के वक्त आरोपी नशे की हालत में पाया गया और उसके पास से एक लाइसेंसी हथियार बरामद हुआ है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या किसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण उसने यह कदम उठाया।

सुरक्षा घेरे और Z+ सिक्योरिटी पर उठे सवाल

इस हमले ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, खासकर Z+ सुरक्षा प्राप्त नेताओं के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे एक हथियारबंद व्यक्ति NSG और सुरक्षा विंग के इतने कड़े घेरे को तोड़कर एक पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब पहुंच गया।

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी स्थानीय पुलिस की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए और कहा कि जब इतने बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोग कार्यक्रम में मौजूद थे, तो वहां स्थानीय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे।

मामले में क्या हुआ एक्शन?

फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरी साजिश के पीछे के असल उद्देश्यों का पता लगाया जा सके। फारूक अब्दुल्ला पर हुए इस हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस और अन्य दलों ने भी इस घटना को क्षेत्र में बढ़ती कानूनविहीनता का संकेत बताया है।





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गैराज के एक छोटे आइडिया से एपल के 50 साल: अलग सोचने वालों ने बदल दी दुनिया की अर्थव्यवस्था? जानिए पूरी कहानी


1 अप्रैल को दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एपल अपने सफर के शानदार 50 साल पूरे करने जा रही है। कंपनी के सीईओ टिम कुक ने इससे जुड़ा एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि कंपनी की शुरुआत आधी सदी पहले एक छोटे से गैराज में थी। तकनीक को ‘पर्सनल कंम्पयूटर’ बनाने के जिस मूल विचार के साथ कंपनी की शुरुआत की गई थी, उसने पूरी दुनिया के काम करने और सोचने का तरीका बदल दिया। इस ऐतिहासिक मुकाम पर एपल के नेतृत्व ने संदेश दिया है कि दुनिया उन लोगों द्वारा आगे बढ़ाई जाती है। टिम कुक ने अपने संदेश में क्या-क्या आइए सवाल-जवाब के जरिए समझें।

गैराज से शुरू होकर एपल दुनिया की दिशा तय करने वाली कंपनी कैसे बनी?

जवाब: टिम कुक ने अपने संदेश में बताया है कि एपल की शुरुआत उस विचार के साथ हुई थी कि तकनीक हर इंसान की व्यक्तिगत पहुंच में होनी चाहिए। पहले एप्पल कंप्यूटर और मैक से लेकर आईपॉड, आईफोन, आईपैड, एपल वॉच और एयरपॉड्स तक, कंपनी ने पिछले पांच दशकों में तकनीक की परिभाषा बदल दी है। सिर्फ हार्डवेयर ही नहीं, बल्कि ऐप स्टोर, एपल म्यूजिक, एप्पल पे और आईक्लाउड जैसी सेवाओं ने एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है जिसने लोगों के रोजमर्रा के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है।

क्या एपल के उत्पाद सिर्फ गैजेट्स हैं या इनका कोई बड़ा इम्पैक्ट भी है?

जवाब: कुक के अनुसार एपल का बिजनेस मॉडल इसी बात पर टिका है कि उनकी तकनीक का असली मूल्य इस बात में नहीं है कि वह क्या कर सकती है, बल्कि इस बात में है कि आम लोग उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। कंपनी के अनुसार, लोगों ने इन उपकरणों के जरिए नए कारोबार शुरू किए हैं, किताबें लिखी हैं और मैराथन दौड़ी हैं। सबसे अहम बात यह है कि एपल के बनाए उपकरणों ने न केवल लोगों का जीवन बेहतर बनाया है, बल्कि कई बार स्वास्थ्य और आपातकालीन स्थितियों में उनकी जान भी बचाई है। प्रगति हमेशा ऐसे ही किसी आविष्कारक, छात्र या कहानीकार के एक नए विचार से शुरू होती है, जिसे एपल के उपकरण पंख देते हैं।

50 साल बाद भी बाजार में टिके रहने के लिए एपल की आगे की रणनीति क्या है?

जवाब: एक सफल बिजनेस मॉडल की पहचान यह होती है कि वह कभी अपनी पुरानी सफलताओं पर रुकता नहीं है। कुक ने बताया है कि 50 साल के इस बड़े मुकाम पर भी एपल का फोकस कल को याद करने से ज्यादा ‘आने वाले कल’ के निर्माण पर है। इस बात का प्रमाण कंपनी के भविष्य के लिए तैयार किए गए उत्पाद लाइनअप में झलकता है, जिसमें ‘एपल इंटेलिजेंस’, आईफोन 17, आईफोन एयर और मैकबुक नियो जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं। 

एपल अपनी सफलता का श्रेय किसे देता है?

जवाब: कुक ने कंपनी की सफलता का श्रेय उन लाखों ग्राहकों, दुनिया भर की अपनी टीमों और डेवलपर कम्युनिटी को दिया है, जिन्होंने इस सफर में कंपनी का साथ दिया है और कंपनी को बेहतर करने के लिए प्रेरित किया है। कुक के अनुसार, कंपनी का यह 50वां साल उन क्रेजी, विद्रोही और परेशानी खड़ी करने वालों  को समर्पित है, जो चीजों को अलग नजरिए से देखते हैं और जिनमें दुनिया बदलने का पागलपन है।



एपल के 50 साल का यह सफर सिर्फ एक टेक कंपनी के बड़े होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि जब नवाचार और उपभोक्ता के अनुभव को केंद्र में रखा जाता है, तो एक गैराज से निकला आइडिया भी ग्लोबल मार्केट पर राज कर सकता है। भविष्य की एआई तकनीकों और ‘थिंक डिफरेंट’ की अपनी मजबूत रणनीति के साथ एपल अगले 50 वर्षों के लिए भी पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।





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जीत के जश्न में हार्दिक पांड्या ने की बड़ी गलती, पुलिस में शिकायत दर्ज, गर्लफ्रेंड के कारण फंसे क्रिकेटर?


Cricket

oi-Naveen Sharma

Hardik Pandya: भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं, लेकिन इस बार वजह खेल नहीं बल्कि जीत के जश्न का एक तरीका है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराने के बाद टीम इंडिया जब जीत का जश्न मना रही थी, तब हार्दिक पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ मैदान पर ही जीत की खुशियां साझा कर रहे थे।

अब इसी जश्न को लेकर पुणे के एक वकील वाजिद खान ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि हार्दिक ने जश्न के दौरान तिरंगे को जिस तरह अपने शरीर पर लपेटा और फिर उसे पहनकर अपनी पार्टनर के साथ जमीन पर लेटे, वह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है।

Hardik Pandya

वकील के मुताबिक नेशनल फ्लैग एक्ट के तहत तिरंगे की गरिमा बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है और हार्दिक ने भावनाओं में बहकर इसकी मर्यादा का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में आवेदन देकर हार्दिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

​हालांकि पुलिस ने शिकायत तो ले ली है लेकिन अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की है, इसलिए कानूनी तौर पर यह मामला वहां के अधिकार क्षेत्र में आता है।

सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर दो गुट बन गए हैं। जहां कुछ लोग इसे एक ऐतिहासिक जीत के बाद का भावुक पल बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति लापरवाही मानकर इसकी आलोचना कर रहे हैं। गर्लफ्रेंड के साथ हार्दिक की हरकतों को किसी ने सही नहीं माना।

भारतीय टीम की खिताबी जीत के बाद हार्दिक पांड्या और उनकी गर्लफ्रेंड माहिका के कई वीडियो सामने आए थे। पांड्या जमकर नाच रहे थे, यह भी कहा था कि माहिका के आने के बाद जीत ही जीत हो रही है।



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The Bonus Market Update: घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी; सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 23700 के नीचे


भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को बड़ी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 992.53 अंक गिरकर 75,871.18 पर आ गया; निफ्टी 310.55 अंक गिरकर 23,556.30 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 92.32 पर आ गया।

एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट 

एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 1.5% गिरकर 54,177.15 पर आ गया। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी सूचकांक 1% गिरकर 5,552.01 पर आ गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1.2% गिरकर 25,577.71 पर आ गया। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.5% गिरकर 4,110.20 पर आ गया और ऑस्ट्रेलिया में एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.6% गिरकर 8,601.70 पर आ गया। अमेरिकी वायदा बाजार में 1% से अधिक की गिरावट आई और डॉलर बढ़कर 159 जापानी येन हो गया जबकि यूरो गिरकर 1.1538 डॉलर पर आ गया।

ब्रेंट क्रूड का कीमतों में आई तेजी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। आज सुबह वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे कुछ दिन पहले ही यह कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के करीब पहुंच गई थी, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

तेल की कीमतों में 9% से ज्यादा की तेजी तब आई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास व्यावसायिक जहाजों पर ईरान के हमलों के बाद आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई। वहीं अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड भी उछलकर करीब 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।

 



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LPG Prices: ब्लैक में 3000 रुपये में बिक रहा है गैस सिलेंडर, लोग परेशान, जानें अपने शहर का ताजा प्राइस


Business

oi-Ankur Sharma

LPG Prices: ईरान-इज़राइल युद्ध के चलते भारत में कुकिंग गैस सप्लाई की चिंताएं बढ़ गई है, LPG सिलेंडर ब्लैक मार्केट में बहुत ज़्यादा कीमत पर बेचे जा रहे हैं। हालांकि सरकार की ओऱ से लगातार कहा जा रहा है कि घबराने वाली स्थिति नहीं है लेकिन इसके बावजूद लोगों में भय व्याप्त है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर, जिसकी कीमत करीब 1,900 रुपये होती है, अब ब्लैक मार्केट में 3,000 रुपये तक बिक रहा है। इस कालाबजारी की वजह से लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में ब्लैक मार्केट तेजी से बढ़ गया है।

LPG

LPG की कमी से ब्लैक मार्केट में कीमतें बढ़ीं

देश के अलग-अलग हिस्सों की मार्केट रिपोर्ट बताती हैं कि LPG की कमी से ब्लैक मार्केट में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। दिल्ली-NCR के कई इलाकों में, रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे खाने-पीने के बिजनेस करने वालों का कहना है कि ज्यादा पेमेंट करने के बाद भी उन्हें कुकिंग गैस मिलने में मुश्किल हो रही है।

LPG Shortage: काम के घंटे कम किए गए, मैन्यू चार्ट भी छोटा किया गया

रेस्टोरेंट, होटल और स्ट्रीट फूड बिजनेस पर काफी असर पड़ा है क्योंकि उनका रोज का काम काफी हद तक LPG पर निर्भर करता है। कुछ जगहों पर गैस सप्लाई की कमी के कारण काम के घंटे कम करने या कुछ समय के लिए खाना पकाने की सर्विस बंद करने की खबर है।

फिलहाल इसी बीच जानते हैं आपके शहर में LPG की नई कीमतें क्या है?

इस महीने की शुरुआत में, दुनिया भर में फ्यूल की कीमतों में बदलाव की वजह से पूरे भारत में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। 14.2 kg के घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ गई, जबकि कमर्शियल 19 kg सिलेंडर की कीमत में लगभग ₹114-₹115 की बढ़ोतरी हुई।

  • नई दिल्ली – ₹913.00
  • मुंबई – ₹912.50
  • कोलकाता – ₹939.00
  • चेन्नई – ₹928.50
  • बेंगलुरु – ₹915.50
  • हैदराबाद – ₹965.00
  • चंडीगढ़ – ₹922.50
  • गुरुग्राम – ₹921.50
  • नोएडा – ₹910.50
  • भुवनेश्वर – ₹939.00
  • जयपुर – ₹916.50
  • पटना – ₹1,002.50



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Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹2410 तक टूटी, सोना ₹530 सस्ता


Sone Chandi ka Aaj ka Rate: वैश्विक तनाव का असर सोने-चांदी की कीमतों में देखने को मिल रहा है। चांदी की कीमत 2410 रुपये गिरकर 2.67 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 530 रुपये गिरकर 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी का भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा।

स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.2% गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.2% की गिरावट के साथ 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। चांदी की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और स्पॉट सिल्वर 85.82 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रहा।

इस बीच अमेरिकी डॉलर करीब 0.2% मजबूत हुआ। डॉलर के मजबूत होने से सोना-चांदी जैसी डॉलर में कीमत वाली कमोडिटी अन्य मुद्राओं के निवेशकों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से चिंता बढ़ी

दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) फरवरी में 0.3% बढ़ा, जो जनवरी के 0.2% से अधिक है और अनुमान के अनुरूप है। सालाना आधार पर महंगाई दर फरवरी में 2.4% रही।



अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़ों ने ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इन दोनों कारकों का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है और कारोबार की शुरुआत में इसमें करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले भी सोना लगभग 0.3% फिसला था।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मेलबर्न स्थित वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट कमजोरी नहीं बल्कि बाजार में अस्थायी ठहराव का संकेत है। उनके अनुसार, महंगाई बढ़ने की आशंका ने डॉलर को मजबूत कर दिया है और इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दर घटाने की उम्मीदें फिलहाल टल गई हैं। इसी वजह से निवेशकों ने कुछ समय के लिए सोने से दूरी बना ली है, क्योंकि बाजार में आमतौर पर एक समय में एक ही सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता मिलती है।





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LPG Shortage: ‘ Rush Booking ना करें’, एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा बयान, जानें फिर कैसे होगी गैस बुक?


India

oi-Ankur Sharma

LPG Shortage: ईरान-इजरायल के बीच चल रहे युद्द की वजह से भारत सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ‘फ्यूल या कुकिंग गैस की पैनिक की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सप्लाई चेन नॉर्मल तरीके से काम कर रही है।’

कमर्शियल LPG की कमी की वजह से देश भर में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की खबरों के बीच सरकार ने कहा कि ‘कुकिंग गैस के प्रोडक्शन में 25 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है और पैनिक होने कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने घरेलू इस्तेमाल के लिए LPG को प्रायोरिटी दी है।’

LPG Shortage

पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि ‘देश अपनी LPG जरूरत का 60 परसेंट विदेश से मंगाता था, जिसमें से 90 परसेंट स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के जरिए आता था, जिसे ईरान ने US और इज़राइल के साथ युद्ध के बीच बंद कर दिया है। पैनिक बुकिंग की वजह से यह संकट गंभीर लग रहा है लेकिन रश बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।’

LPG सिलेंडर रीबुकिंग का समय 25 दिन कर दिया गया है

उन्होंने आगे कहा ‘डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर मनमाने तरीके से सामान इधर-उधर होने से रोकने के लिए, हम वन टाइम डिलीवरी कोड के जरिए डिलीवरी पक्का कर रहे हैं। LPG सिलेंडर रीबुकिंग का समय 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।’

क्रूड ऑयल को लेकर भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं

सुजाता शर्मा ने कहा कि ‘क्रूड ऑयल को लेकर भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। तेल की आवक रोज़ाना की ज़रूरत 5.5 मिलियन बैरल से ज़्यादा हो रही है। होर्मुज बंद है, 40 देशों से क्रूड ऑयल आ रहा है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।’

LPG Booking Process: जाने कैसे करें ऑन लाइन बुकिंग?

व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजकर निम्नलिखित ढंग से करें गैस बुक

  • Indane: 7588888824 पर टाइप करें ‘REFILL’ और भेज दें।
  • Bharat Gas: 1800224344 पर Hi लिखकर भेजें।
  • HP Gas: 9222201122 पर Hi लिखकर भेजें।

सिलेंडर बुक करने के लिए इस नंबर पर दें मिस्ड कॉल (अगर इंटरनेट का प्रयोग नहीं करते)

  • Indane के लिए 8454955555 पर मिस्ड कॉल दें।
  • Bharat Gas के लिए 7710955555 नंबर पर मिस्ड कॉल दें।
  • HP Gas के लिए 9493602222 नंबर पर मिस्ड कॉल दें।

UPI ऐप से करें गैस बुक

Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स के जरिए भी सिलेंडर बुक कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐप्स पर जाना होगा और उसके बाद Recharge & Pay Bills में जाकर बुक सिलेंडर करना होगा। इसके अलावा आप बुकिंग ऑटोमेटेड फोन कॉल सिस्टम से भी कर सकते हैं।



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Parliament Today: संसद बजट सत्र का तीसरा दिन, आज भी हंगामे की भेंट चढ़ सकती है सदन की कार्यवाही


India

oi-Puja Yadav

Parliament Today Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र का आज यानी 2 मार्च, 2026 को तीसरा दिन है। पिछले दो दिनों की गहमागहमी के बाद आज भी सदन में भारी हंगामे के आसार हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई ज्वलंत मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।

संसद के बजट सत्र का तीसरा दिन आज भी काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों की तरह आज भी लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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राजनीतिक दल पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि सरकार भी अपने रुख को मजबूती से रखने की रणनीति बना चुकी है।

Parliament में इन मुद्दों पर रहेगी विपक्ष की नजर…

बजट सत्र का यह चरण ऐसे समय में हो रहा है जब देश और दुनिया दोनों ही स्तर पर कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट, आर्थिक चुनौतियों और घरेलू राजनीतिक मुद्दों को लेकर संसद में चर्चा की संभावना है।

वेस्ट एशिया संकट पर हो सकती है बहस

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अस्थिर कर दिया है। इस संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर सकता है। विपक्षी दलों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तेल की कीमतों और देश में महंगाई पर पड़ सकता है।

महंगाई और गैस-तेल की कीमतों का मुद्दा

हाल के दिनों में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच विपक्ष इस मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठा सकता है। विपक्ष का आरोप है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और सरकार को इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पहले से पर्याप्त तैयारी कर रखी है और स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।

आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार से सवाल

संसद में आज देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, व्यापार और वित्तीय चुनौतियों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दलों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की रणनीति स्पष्ट होनी चाहिए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते, आयात-निर्यात और निवेश जैसे विषयों पर भी बहस हो सकती है।

क्या है विपक्ष की रणनीति और सरकार की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दल संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर चुके हैं। कई दलों ने अपने सांसदों को सदन में सक्रिय रूप से भाग लेने और विभिन्न मुद्दों को उठाने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर सरकार भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने और अपने फैसलों का बचाव करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का कहना है कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है।

हंगामे के बीच कामकाज पर नजर

हालांकि पिछले कुछ दिनों में संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है, लेकिन आज भी यह देखना अहम होगा कि क्या हंगामे के बीच महत्वपूर्ण विधायी कामकाज आगे बढ़ पाता है या नहीं। संसद के बजट सत्र का यह चरण देश की राजनीति और नीति निर्माण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आज सदन में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा बहस होती है और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव किस हद तक बढ़ता है। आज भी अगर विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहता है, तो सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है।



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Gold Silver Price: वैश्विक तनाव के बीच चांदी की चमक बढ़ी, भाव 2.76 लाख रुपये प्रति किलो के पार; सोना सुस्त


पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक रुझानों के बीच गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया। वहीं, दूसरी ओर सोने की कीमतों में पिछले तीन दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया है। बाजार विशेषज्ञ इस विपरीत चाल को डॉलर की मजबूती और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से जोड़कर देख रहे हैं।

चांदी और सोने के ताजा भाव क्या हैं?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सफेद धातु (चांदी) की कीमत 1,500 रुपये या 0.54 प्रतिशत उछलकर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई है। गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को चांदी 4,275 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,75,000 रुपये पर बंद हुई थी। इसके विपरीत, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,65,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जिसके साथ ही सोने की तीन दिवसीय रैली समाप्त हो गई।

सोने और चांदी की कीमतों में उल्टी चाल का क्या कारण है?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, “मजबूत डॉलर और महंगाई की चिंताओं के कारण सोने में मामूली गिरावट आई है। दूसरी ओर, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रेडर्स को चांदी में खरीदारी के बेहतरीन अवसर दिख रहे हैं, जिससे इसमें मजबूती बनी हुई है।” अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो, हाजिर चांदी 1.25 डॉलर (1.47%) की शानदार बढ़त के साथ 86.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ 5,178.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण क्या हैं?


  • कच्चे तेल से सीधा कनेक्शन: मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट प्रवीण सिंह ने बताया कि हाजिर सोना कच्चे तेल की कीमतों के विपरीत 5,100-5,250 डॉलर प्रति औंस के संकीर्ण दायरे में कारोबार कर रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमलों और बढ़ते तनाव के कारण कच्चा तेल 200 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।

  • महंगाई और मजबूत डॉलर: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका के हालिया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में मध्य पूर्व संकट के बाद ईंधन की बढ़ती लागत का पूरा असर अभी तक प्रतिबिंबित नहीं हुआ है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर को समर्थन दिया है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना है।

सर्राफा बाजार में आगे क्या हो सकता है?

बढ़ती कीमतों के दबाव के कारण प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रुख अपना सकते हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अब निवेशकों की नजर शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी ‘कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर’ (पीसीई) प्राइस इंडेक्स और जीडीपी के आंकड़ों पर टिकी है। ये आंकड़े अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।





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