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हनी ट्रैप गैंग! ग्वालियर में पति-पत्नी, बेटी-दामाद गिरफ्तार, इंदौर का राज खुला


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ग्वालियर में हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश हो गया है. पुलिस ने कांग्रेस नेत्री रीता आर्य, उसके पति, बेटी निधि और दामाद को गिरफ्तार किया. गिरोह ने फेसबुक पर इंदौर की एक महिला के जरिए राजस्थान के ऑटो पार्ट्स व्यापारी को फंसाया. व्यापारी को ग्वालियर फ्लैट पर बुलाकर नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और 12 लाख के सोने के गहने लूट लिए. इंदौर कनेक्शन से गिरोह की पहुंच कई शहरों तक फैली हुई थी. पड़ाव थाना पुलिस ने जांच में फेसबुक चैट्स और लोकेशन ट्रैकिंग से साक्ष्य जुटाए.

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ग्‍वालियर में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है.

ग्वालियर. हाल ही में सामने आया हनी ट्रैप गैंग का मामला अब इंदौर से जुड़ गया है, जहां फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती से ब्लैकमेलिंग और लूट तक की कहानी सामने आई है. राजस्थान के एक ऑटो पार्ट्स व्यापारी को फंसाकर 12 लाख रुपये के सोने के गहने लूटने वाले इस गिरोह के सदस्यों में कांग्रेस से जुड़ी एक महिला और उसके परिवार के लोग शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें पति-पत्नी, बेटी और दामाद शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि कारोबारी की शुरुआती दोस्ती इंदौर की एक महिला से हुई थी, जिसने उसे ग्वालियर की मास्टरमाइंड रीता का नंबर दिया. फेसबुक पर “हैलो” से शुरू हुई बातचीत ब्लैकमेलिंग और लूट पर खत्म हुई. गिरोह ने व्यापारी को फ्लैट पर बुलाकर नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और गहने लूट लिए.

पुलिस के अनुसार, हनी ट्रैप गिरोह ने व्यापारी को फंसाने के लिए महिला सदस्यों का इस्तेमाल किया, जो सोशल मीडिया पर संपर्क बनाती थीं. लूट के बाद ब्लैकमेलिंग की धमकी दी जाती थी. गिरफ्तारियों में कांग्रेस से जुड़ी महिला का नाम सामने आया है, जिसके परिवार ने मिलकर ऑपरेशन चलाया. फेसबुक पर दोस्ती बनाता था. इंदौर की महिला ने राजस्थान के व्यापारी को ग्वालियर की रीता से जोड़ा. व्यापारी को ग्वालियर बुलाकर फ्लैट पर नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया. सोने के गहने लूटे गए. गिरोह में परिवार के सदस्य शामिल थे, जो हनी ट्रैप का जाल बुनते थे.

मास्‍टरमााइंड निकली पत्‍नी, पति, बेटी और दामाद समेत गिरफ्तार 
गिरफ्तारियां और जांच पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें मास्टरमाइंड रीता, उसका पति, बेटी और दामाद शामिल है. जांच में इंदौर कनेक्शन पुख्ता हुआ है. पु‍लिस आरो‍पियों के फेसबुक चैट्स, सोशल मी‍डिया अकाउंट्स, बैंक खाते और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है. पु‍लिस का कहना है कि गैंग की महिलाएं शातिर है. वे बार-बार पूछताछ में भटका रही हैं. ये गैंग हनी ट्रैप में व्‍यापा‍रियों को ही निशाना बनाती थी.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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MP News Gwalior: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का क्यों हुआ चुनाव रद्द, रामनिवास रावत बने नए MLA


Bhopal

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MP News Gwalior High Court: मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर! ग्वालियर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का 2024 उपचुनाव शून्य घोषित कर दिया है।

जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने सोमवार को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें मुकेश मल्होत्रा को नामांकन पत्र में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने का दोषी पाया गया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि यह चुनावी प्रक्रिया में गंभीर उल्लंघन है, जिसके कारण उनका निर्वाचन अमान्य है।

Gwalior High Court Election of Congress MLA Mukesh Malhotra from Vijaypur cancelled Ram Niwas Rawat

इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहे बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत को विजयपुर से विधायक घोषित कर दिया है। यह फैसला रामनिवास रावत द्वारा दायर चुनाव याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने मुकेश मल्होत्रा पर झूठा हलफनामा दाखिल करने का आरोप लगाया था।

विवाद की जड़: नामांकन में छिपाए गए 6 आपराधिक मामले

रामनिवास रावत की याचिका के अनुसार, मुकेश मल्होत्रा ने 13 नवंबर 2024 को हुए विजयपुर उपचुनाव में नामांकन दाखिल करते समय फॉर्म 26 (हलफनामा) में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। याचिका में दावा किया गया कि मल्होत्रा पर कुल छह आपराधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उन्होंने हलफनामे में केवल दो मामलों का ही उल्लेख किया। बाकी चार मामलों को जानबूझकर छिपाया गया, जो चुनाव आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों (जैसे प्यूब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) में स्पष्ट है कि उम्मीदवार को अपने सभी आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा करना अनिवार्य है। छिपाने पर चुनाव अमान्य हो सकता है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी सुनवाई के बाद इस आधार पर मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त कर दिया।

चुनाव का पृष्ठभूमि और परिणाम

विजयपुर उपचुनाव नवंबर 2024 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा ने बीजेपी के रामनिवास रावत को 7,364 वोटों से हराया था। मुकेश मल्होत्रा (42 वर्ष) साहरीया आदिवासी समुदाय से हैं और पहले बीजेपी में थे, लेकिन उपचुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रामनिवास रावत (छह बार के विधायक और तीन बार मंत्री) विजयपुर से लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं। वे कांग्रेस से बीजेपी में आए थे और उपचुनाव में हार गए थे।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई 2025 से चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी मल्होत्रा की याचिका खारिज की थी, जिससे मामला हाईकोर्ट में मजबूत हुआ।

कोर्ट की टिप्पणियां और प्रभाव

जस्टिस अहलूवालिया ने फैसले में कहा कि उम्मीदवार द्वारा आपराधिक रिकॉर्ड छिपाना लोकतंत्र की पारदर्शिता पर हमला है। मतदातकों को सही जानकारी का हक है। कोर्ट ने मल्होत्रा के वकील के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी थी, वकील पर दोष डालना उचित नहीं।
इस फैसले से:

मुकेश मल्होत्रा की विधायकी तत्काल समाप्त हो गई।

उपचुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि कोर्ट ने रावत को विजेता घोषित किया। कांग्रेस को विधानसभा में एक सीट का नुकसान हुआ, जबकि बीजेपी को मजबूती मिली। यह फैसला अन्य चुनावी मामलों में हलफनामे की सत्यता पर सख्त संदेश देता है।

दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया

रामनिवास रावत ने फैसले का स्वागत किया और कहा, “न्याय हुआ है। लोकतंत्र में सच्चाई की जीत हुई।” मुकेश मल्होत्रा की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन सूत्रों के अनुसार वे सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने इस पर अलग-अलग बयान दिए हैं। कांग्रेस इसे “राजनीतिक साजिश” बता रही है, जबकि बीजेपी “न्याय की जीत” कह रही है।

यह फैसला मध्य प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, खासकर विंध्य और चंबल क्षेत्र में जहां विजयपुर सीट महत्वपूर्ण है। अब देखना है कि क्या मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट जाते हैं या नई रणनीति अपनाते हैं।



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दिल्ली से मैनचेस्टर की इंडिगो फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी: इथियोपिया बॉर्डर से प्लेन ने यू टर्न लिया; जंग के कारण आखिरी मिनट में एयरस्पेस बंद


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नई दिल्ली14 मिनट पहले

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दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही इंडिगो की फ्लाइट 7 घंटे उड़ने के बाद वापस लौट आई। इंडिगो के एक अधिकारी ने बताया कि फ़्लाइट 6E33 ने इथियोपिया और इरिट्रिया के बॉर्डर के पास यू-टर्न लिया और अब दिल्ली वापस आ गई।

अधिकारी ने बताया कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से आखिरी मिनट में एयरस्पेस पर रोक लग गई। जिसके बाद पायलट को बीच रास्ते से लौटने का फैसला लेना पड़ा।

यह एयरक्राफ्ट सोमवार सुबह दिल्ली से यूनाइटेड किंगडम (UK) के शहर के लिए निकला था। ये 26 फरवरी के बाद इंडिगो की पहली दिल्ली-मैनचेस्टर फ़्लाइट थी। लंबे समय का रूट कुछ समय बाद फिर से शुरू हुआ था। नॉर्मल हालात में फ़्लाइट को लगभग 11 घंटे लगते हैं।

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फ्लाइट ट्रैकिंग सर्विस Flightradar24 के मुताबिक, नॉर्स की इंडिगो फ्लाइच 6E33 ने इथियोपिया और इरिट्रिया के बॉर्डर के पास यू-टर्न लिया और अब दिल्ली वापस जा रही है।

डेटा से पता चलता है कि वेस्ट एशिया में एक्टिव कॉनिफ्लिक्ट जोन से बचने के लिए बनाए गए रूट के बावजूद, एयरक्राफ्ट लगभग सात घंटे उड़ने के बाद वापस लौट आया।

Flightradar24 के मुताबिक, एयरक्राफ्ट ने अदन की खाड़ी और अफ्रीका के कुछ हिस्सों से होते हुए एक अजीब दक्षिणी रूट अपनाया था, और इस इलाके में ईरान-इजराइल के बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट के ज्यादातर एयरस्पेस को बाइपास कर दिया था।

एक बयान में, इंडिगो के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि एयरलाइन को आखिरी समय में एयरस्पेस पाबंदियां लगाए जाने के बाद यह फैसला लेना पड़ा।

इंडिगो ने कहा- जंग की वजह से कई फ्लाइट्स का रूट बदल सकता है

इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास के बदलते हालात की वजह से, हमारी कुछ फ्लाइट्स लंबे रूट ले सकती हैं या उनका रूट बदल सकता है।

एयरलाइन ने कहा कि वह अभी अधिकारियों के साथ मिलकर यह तय कर रही है कि यात्रा फिर से शुरू हो सकती है या नहीं। प्रवक्ता ने आगे कहा, हम यात्रा फिर से शुरू करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल ने हमला किया था

मिडिल ईस्ट में युद्ध तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल, दो सहयोगी देशों ने 28 फरवरी को ईरान पर मिलकर हमला किया, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। तब से ईरान, खाड़ी देशों में इजराइल और US मिलिट्री बेस पर हमला कर रहा है। दोनों सहयोगी देश भी ईरानी ठिकानों पर हमला कर रहे हैं।

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जंग की शुरुआत से अबतक 2500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों और एयरलाइंस रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 28 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक भारत से मिडिल ईस्ट जाने वाली करीब 2500 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं।

ईरान-इजराइल जंग से जेट-फ्यूल मार्च में 6% महंगा

ईरान ईजराइल जंग की वजह से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में उछाल, डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने एयरलाइंस की प्रॉफिटेबिलिटी यानी मुनाफे पर दबाव बढ़ा दिया है।

हालांकि, ग्राउंडेड विमानों की संख्या में कमी आने से राहत मिली है, लेकिन इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानों के रद्द होने और रूट बदलने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ गया है।

एयरलाइंस के लिए फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% तक होती है। फरवरी 2026 तक 11 महीनों में ATF की एवरेज कीमत 91,173 रुपए प्रति किलोलीटर (KL) थी, लेकिन मार्च 2026 में यह 6% बढ़कर 96,638 रुपए प्रति KL पर पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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ईरान बोला- मजबूरी में जंग लड़ रहे:तुर्किये-साइप्रस और अजरबैजान पर हमले से इनकार किया; इजराइली हमले में ईरान के नए सुप्रीम लीडर घायल

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ईरान ने कहा है कि वह मजबूरी में जंग लड़ रहा है, यह उसकी पसंद नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि जंग देश पर जबरन थोपी गई है। जब उनसे सीजफायर के लिए मध्यस्थता की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह की बात करना गलत होगा। पूरी खबर पढ़ें…

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Rahul Gandhi on Iran Israel War: ‘मैं कह रहा हूं, पीएम संसद में नहीं आ पाएंगे’, राहुल गांधी की खुली चुनौती


India

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Rahul Gandhi on Iran Israel War: संसद के बजट सत्र 2026 में पश्चिम एशिया (West Asia) के संकट को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर वैश्विक मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है।

राहुल गांधी के अनुसार, पश्चिम एशिया का तनाव भारतीय अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और ईंधन की कीमतों के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ जो समझौते किए हैं, उससे देश को भारी नुकसान हो सकता है। राहुल ने इसे ‘ब्लैकमेल’ और ‘कॉम्प्रोमाइज’ करार देते हुए कहा कि चर्चा होने पर सच सामने आ जाएगा, इसलिए पीएम संसद से दूर भाग रहे हैं।

Rahul Gandhi on Iran Israel War

Parliament Budget Session 2026: अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर मंडराता खतरा

राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बड़ा ‘पैराडाइम शिफ्ट’ (Paradigm Shift) है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिसका उदाहरण हालिया शेयर बाजार की गिरावट में देखा जा सकता है। यदि इस मुद्दे पर जल्द चर्चा और ठोस रणनीति नहीं बनी, तो भारत को आर्थिक तबाही का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसे एक राष्ट्रीय आपातकाल जैसी स्थिति बताते हुए सदन में तत्काल बहस की मांग की।

पीएम मोदी और अमेरिकी डील पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के बीच हुए समझौतों पर गंभीर सवाल उठाए। राहुल गांधी का आरोप है कि पीएम मोदी ने कुछ ऐसे सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं जो भारत के हितों के खिलाफ हैं और भविष्य में देश को इसका ‘बड़ा झटका’ लगेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार इसलिए चर्चा नहीं चाहती क्योंकि चर्चा होने पर यह खुलासा हो जाएगा कि प्रधानमंत्री की स्थिति कितनी कमजोर है और उन्हें किन शर्तों पर ‘ब्लैकमेल’ किया जा रहा है।

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ईंधन की कीमतें और आम जनता के मुद्दे

राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट को सीधे आम आदमी की जेब से जोड़ते हुए कहा कि ईंधन की कीमतों (Fuel Prices) में होने वाली वृद्धि देश के लिए एक ज्वलंत मुद्दा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पश्चिम एशिया का मामला महत्वपूर्ण नहीं है? क्या आर्थिक तबाही पर चर्चा करना जरूरी नहीं है? राहुल के अनुसार, ये जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे हैं और विपक्ष चाहता है कि सरकार इन पर जवाबदेही तय करे, न कि अन्य गौण विषयों पर समय बर्बाद करे।

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संसद से पीएम के ‘पलायन’ पर तंज

प्रधानमंत्री मोदी की सदन में अनुपस्थिति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम संसद से भाग रहे हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, “प्रधानमंत्री सदन में नहीं आ पाएंगे, मैं आपको बता रहा हूं।” राहुल का कहना है कि जब भी किसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री की स्थिति स्पष्ट करने की बात आती है, वह सामने आने के बजाय पीछे हट जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रही है ताकि उनकी कमियां उजागर न हों।



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Rudraprayag Double Murder | Delhi Police Arrest | फेसबुक वाली ‘वाइफ’ और 9 साल की मासूम का कातिल दिल्ली में गिरफ्तार, ऐसे खुला हत्या का राज


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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अपनी लिव-इन पार्टनर और उसकी 9 साल की मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपी दीपक बहादुर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. कमरे से आती बदबू ने इस दोहरे हत्याकांड का राज खोला, जिसके बाद दिल्ली की स्पेशल स्टाफ टीम ने आरोपी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उस वक्त दबोचा जब वह मुंबई भागने की फिराक में था.

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रुद्रप्रयाग डबल मर्डर का दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा.

नई दिल्ली. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुए एक सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने सुलझा लिया है. पुलिस ने 38 वर्षीय आरोपी दीपक बहादुर को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है. आरोपी ने अपनी लिव-इन पार्टनर और उसकी 9 साल की मासूम बेटी की हत्या कर उनके शवों को कमरे में बंद कर दिया था और फरार हो गया था. यह गिरफ्तारी तब हुई जब आरोपी दिल्ली से मुंबई भागने की योजना बना रहा था.

वारदात का खुलासा 6 मार्च 2026 की शाम को हुआ, जब रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा निवासी योगेंद्र लाल ने पुलिस को सूचना दी कि उनके किराएदार दीपक बहादुर के कमरे से पिछले कई दिनों से भयंकर दुर्गंध आ रही है और दीपक कई दिनों से लापता है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस जब मौके पर पहुंची और कमरे का ताला तोड़ा, तो अंदर का मंजर रूह कंपा देने वाला था. कमरे के अंदर एक महिला और एक छोटी बच्ची के सड़े-गले शव पड़े हुए थे. कमरे की हालत देखकर साफ था कि हत्या कई दिन पहले की गई थी.

दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन आजादपुर’

रुद्रप्रयाग पुलिस ने इस संबंध में हत्या की धारा के तहत केस दर्ज किया. तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन दिल्ली की आजादपुर मंडी के पास मिली. मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की स्पेशल स्टाफ टीम से संपर्क किया. डीसीपी आकांक्षा यादव के निर्देश पर एसीपी रणजीत ढाका की देखरेख में इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई.

रेलवे स्टेशन पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

पुलिस टीम ने लगातार इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपी का पीछा किया. इसी दौरान खबर मिली कि आरोपी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मौजूद है. स्टेशन पर भारी भीड़ का फायदा उठाकर वह छिपने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. जैसे ही वह मुंबई जाने वाली ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था, पुलिस ने उसे पहचान कर दबोच लिया.

फेसबुक प्यार, शक और कत्ल की खौफनाक दास्तान

पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक बहादुर जो नेपाल का मूल निवासी है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसकी मुलाकात मृतक महिला से फेसबुक के जरिए हुई थी. दोनों के बीच प्यार हुआ और वे रुद्रप्रयाग में महिला की 9 साल की बेटी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ समय बाद उसे शक हुआ कि महिला का किसी दूसरे व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध है. इस बात को लेकर वह तनाव और डिप्रेशन में रहने लगा.

वारदात वाले दिन दोनों के बीच इसी बात को लेकर जोरदार झगड़ा हुआ, जिसके बाद गुस्से में आकर दीपक ने महिला और उसकी मासूम बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद वह कमरे को बाहर से लॉक करके दिल्ली भाग आया. दिल्ली पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को उत्तराखंड पुलिस के हवाले कर दिया है. यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर होने वाली मुलाकातों और लिव-इन रिलेशनशिप में बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करता है. फिलहाल उत्तराखंड पुलिस आरोपी को लेकर रुद्रप्रयाग रवाना हो गई है, जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

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रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें



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विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त: नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास रावत को MLA घोषित किया – Gwalior News




ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया है। अब रामनिवास रावत विजयपुर विधानसभा सीट के नए विधायक होंगे। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने उपचुनाव के दौरान दाखिल नामांकन में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी थी। याचिका में रावत ने मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज सभी 6 आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उपचुनाव में रामनिवास रावत दूसरे स्थान पर थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित करते हुए रावत को विजयपुर का विधायक घोषित किया जाता है। जीतू पटवारी बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे हमें न्याय मिलेगा चुनाव कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पटवार ने कहा- हमें सर्वोच्च्य न्यायालय से न्याय मिलेगा। अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…



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पल भर शरीर से टपकने लगता है मांस, 850 डिग्री तक टेम्परेचर, Israel ने Lebanon पर छिड़का सफेद जहर!


International

oi-Siddharth Purohit

Israel, Iran के अलावा Lebanon पर भी कहर बरपा रहा है। लेकिन युद्ध की आड़ में अब इजरायल पर अंतर्राष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाने और Chemical Weapon (रसायनिक हथियार) का इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है। मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch (HRW) ने अपनी नई रिपोर्ट में दावा किया है कि इस महीने की शुरुआत में Israel ने दक्षिणी Lebanon के रिहायशी इलाकों में सफेद फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया।

HRW के मुताबिक यह इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स लॉ का सीधा उल्लंघन है। सोमवार को जारी रिपोर्ट में संगठन ने 3 मार्च को Yohmor में एक रिहायशी इलाके पर दागे गए गोला-बारूद की सात तस्वीरों की पुष्टि की है। इन हमलों में कई घरों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं।

Israel

HRW ने जताई गंभीर चिंता

HRW के लेबनान रिसर्चर Ramzi Kaiss ने कहा कि इजरायली सेना द्वारा रिहायशी इलाकों में सफेद फॉस्फोरस, जिसे आम भाषा में सफेद जहर भी कहा जाता है, उसका कथित अवैध इस्तेमाल बेहद खतरनाक है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के कैमिकल वेपन का नागरिकों पर बहुत गंभीर असर पड़ सकता है। उनके मुताबिक इसके ज्वलनशील प्रभाव से मौत या ऐसे खतरनाक जख्म हो सकते हैं, जिनसे पीड़ित लोगों को जीवन भर दर्द और परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

क्या होता है सफेद फॉस्फोरस?

सफेद फॉस्फोरस एक कैमिकल होता है। दिखने में यह सूखी मोम के जैसा होता है और कुछ हद तक इसकी बदबू जले हुए लहसुन जैसी लगती है। इसे कैमिकल के साथ प्रोटेक्ट करके रखा जाता है, लेकिन जैसे ही यह हवा के संपर्क में आता है तो आग पकड़ लेता है। कुछ ही पल में इसका तापमान 750 से 850 डिग्री तक पहुंच जाता है। वहीं, जो भी इसकी जद में आता है उसका मांस तक शरीर से टपकने लगता है। साथ ही इसके जलने में जो धुआं निकलता है अगर वह भी किसी मनुष्य या जानवर की नाक तक पहुंचा तो उसके फेंफड़ों को तुरंत खराब कर सकता है। यही कारण है कि लेबनान के कई घरों में अचानक आग लग गई।

योहमोर में नागरिक इलाकों पर हमले का दावा

HRW ने पाया कि योहमोर में ऐसे गोला-बारूद का इस्तेमाल उन इलाकों में किया गया जहां नागरिकों की मौजूदगी ज्यादा थी। इसके कारण कई घरों और नागरिक संपत्तियों में आग लग गई। संगठन ने 3 मार्च की सुबह लेबनानी मीडिया द्वारा ऑनलाइन पोस्ट की गई एक तस्वीर की भी पुष्टि की, जिसमें एक रिहायशी इलाके के ऊपर दो तोपखाने से दागे गए फॉस्फोरस गोले हवा में फटते दिखाई दे रहे थे।

अलग तोप के गोले की पहचान

रिपोर्ट में बताया गया कि इन विस्फोटों से उठने वाले धुएं का आकार M825-सीरीज़ के 155 मिमी तोपखाने के गोले से निकलने वाले सफेद फॉस्फोरस के धुएं जैसा था। HRW ने Islamic Health Committee की नागरिक सुरक्षा टीम द्वारा फेसबुक पर पोस्ट की गई तस्वीरों की भी पुष्टि की। इन तस्वीरों में कर्मचारी आग बुझाते हुए दिखाई दे रहे थे। HRW के मुताबिक यह आग संभवतः सफेद फॉस्फोरस से सने वेजेज की वजह से लगी थी, क्योंकि घटनास्थल के पास हवाई हमले हुए थे।

HRW ने की तत्काल रोक की मांग

रामज़ी कैस ने कहा कि इजरायल को तुरंत इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल बंद करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश इजरायल को सफेद फॉस्फोरस गोला-बारूद सहित हथियार मुहैया कराते हैं, उन्हें सैन्य सहायता और हथियारों की बिक्री तुरंत सस्पेंड करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह इजरायल पर रिहायशी इलाकों में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल बंद करने के लिए दबाव बनाए।

लेबनान में बड़े पैमाने पर पलायन

रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल द्वारा जारी जबरन पलायन आदेशों के कारण लेबनान में 5 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। वहीं National News Agency ने सोमवार को बताया कि इजरायल ने Beirut के दक्षिणी छोटे शहरों वाले इलाकों में कई हवाई हमले किए। इनमें Ghobeiry, Haret Hreik के बीच का इलाका और Sfeir शामिल हैं। दूसरी तरफ इजरायल ने हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला कर 394 लोगों की मौत का दावा किया है।

पहले भी हो चुका है ऐसा इस्तेमाल

संगठन ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि इजरायल ने अक्टूबर 2023 से मई 2024 के बीच दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती गांवों में भी सफेद फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया था। इस वजह से वहां रहने वाले नागरिकों को गंभीर स्वास्थ्य कारणों का सामना करना पड़ा और कई इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

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T20 World Cup: ‘ट्रॉफी चाहिए, माइलस्टोन नहीं’, गौतम गंभीर के बोल्ड स्टेटमेंट ने कैसे बदली टीम इंडिया की तस्वीर


Cricket

oi-Amit Kumar

T20 World Cup 2026, Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को न्यूज़ीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त देकर लगातार दूसरी और कुल तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। भारत की इस जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव बेहद खुश नजर आए। उन्होंने इस बड़ी उपलब्धि के लिए खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। लेकिन इस जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘ट्रॉफी चाहिए, माइलस्टोन नहीं’ (T20 World Cup 2026, Gautam Gambhir)

गौतम गंभीर ने साफ कर दिया है कि उनकी कोचिंग में टीम की सफलता का राज निजी माइलस्टोन के मोह को पूरी तरह त्याग देना है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने अपने कड़क अंदाज़ में कहा कि सूर्या (कप्तान) के साथ मेरी फिलॉसफी बहुत सरल रही है। माइलस्टोन मायने नहीं रखते, ट्रॉफियां मायने रखती हैं। लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट में हमने व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स पर चर्चा की है, लेकिन जब तक मैं यहां हूं, यह चर्चा बंद रहेगी।

T20 World Cup 1

गंभीर ने दिया संजू का उदाहरण

गौतम गंभीर का मानना है कि टीम का सबसे बड़ा उद्देश्य खिताब जीतना होता है। न कि व्यक्तिगत लक्ष्य हासिल करना। उन्होंने साफ़ संदेश दिया कि चयन का आधार अब आंकड़े नहीं, बल्कि टीम की जीत में दिया गया योगदान होगा। गंभीर ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए संजू सैमसन का उदाहरण दिया। संजू टूर्नामेंट की शुरुआत में खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, उन्होंने नॉक-आउट मैचों में लगातार तीन बार 80 से अधिक रन बनाए।

कप्तान सूर्या को लेकर कही ये बात

गंभीर ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने नाबाद 97 रन बनाए। अगर वे अपने शतक (माइलस्टोन) के लिए खेल रहे होते, तो शायद हम 250 के स्कोर तक नहीं पहुंच पाते। कोच के अनुसार, संजू की निस्वार्थ बल्लेबाजी ने टीम को वो गति दी जो अंततः विश्व विजेता बनने के लिए ज़रूरी थी। गौतम गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि सूर्या ने इस फॉर्मेट में उनके काम को बहुत आसान बना दिया है। गंभीर के शब्दों में सूर्या खुद को कप्तान नहीं, बल्कि लीडर कहलवाना पसंद करते हैं। ड्रेसिंग रूम में एक कप्तान से कहीं बड़ा पद एक लीडर का होता है, जो पूरी टीम को साथ लेकर चलता है।



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सुप्रीम कोर्ट में प्याज-लहसुन को तामसिक मानने की याचिका: CJI ने पूछा-आधी रात को पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या; फालतू बताकर 5 याचिकाएं खारिज




सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने 5 पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन(PIL)/जनहित याचिका फाइल की थीं। इनमें से एक कहा गया था कि प्याज और लहसुन में तामसिक या नेगेटिव एनर्जी होती है या नहीं इसके लिए रिसर्च की मांग की गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत ने एडवोकेट सचिन गुप्ता को फटकार लगाई। CJI ने पूछा- आधी रात को ये सब पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या? CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने वकील की पांचों PIL अस्पष्ट, फालतू और बेबुनियाद बताकर खारिज कर दीं। पिटीशनर ने जवाब दिया कि यह एक आम मुद्दा है और दावा किया कि गुजरात में खाने में प्याज के इस्तेमाल को लेकर कथित तौर पर एक तलाक हुआ था। CJI बोले- आप जैन समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना चाहते हैं प्याज और लहसुन से संबंधित पिटीशन में जैन समुदाय के खाने-पीने के तरीकों का जिक्र था, जो पारंपरिक रूप से प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियों को तामसिक खाना मानते हुए उनसे परहेज करते हैं। CJI ने गुप्ता से पूछा, “आप जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस क्यों पहुँचाना चाहते हैं? बेंच ने कहा- आप वकील नहीं होते फाइन लगाते बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर पिटीशनर वकील नहीं होता तो हम बहुत ज्यादा फाइन लगाकर इसे खारिज करते। बेंच ने आगे कहा कि याचिका कैजुअल ड्राफ्टिंग और सुप्रीम कोर्ट पर बोझ डालने का एक उदाहरण है। गुप्ता को चेतावनी दी गई कि अगली बार जब आप ऐसी पिटीशन फाइल करेंगे, तो बहुत ज्यादा फाइन लगाएंगे। एडवोकेट सचिन गुप्ता की ये याचिकाएं भी खारिज ————– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-AI जेनरेटेड सबूतों पर फैसला लेना बिल्कुल गलत:इसका सीधा असर न्याय प्रक्रिया पर पड़ता है सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार सबूतों के आधार पर फैसला लिखना गलत है। जस्टिस पी एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि यह साधारण गलती नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इसका सीधा असर न्याय देने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…



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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गुलाब कोठारी की पुस्तक ‘स्त्री की दिव्यता’ का लोकार्पण


यह कार्यक्रम नई दिल्ली में गुलाब कोठारी की ‘स्त्री की दिव्यता’ का अनावरण है, जिसमें स्त्री दिव्य ऊर्जा और भारतीय दार्शनिक परंपराओं में महिलाओं की आध्यात्मिक भूमिकाओं का विवरण दिया गया है। इसमें प्रमुख शख्सियतें शामिल हैं जो लिंग विमर्श और समाज और संस्कृति में महिलाओं की अभिन्न भूमिका पर जोर देती हैं, जबकि मातृत्व, ज्ञान और संप्रभुता को जोड़ती हैं।

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-Oneindia Staff

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा प्रसिद्ध विचारक, लेखक और राजस्थान पत्रिका के प्रमुख संपादक गुलाब कोठारी की पुस्तक “स्त्री की दिव्यता” का लोकार्पण नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। यह पुस्तक नारीत्व की अवधारणा को केवल शारीरिक आयाम तक सीमित न रखकर उसे दिव्य ऊर्जा के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें स्त्री और पुरुष सिद्धांतों के पूरक स्वभाव का विश्लेषण करते हुए भारतीय दार्शनिक परंपराओं में महिलाओं की आध्यात्मिक भूमिका को विस्तार से समझाया गया है।

Divinity of Woman: Kothari Launches Stree Ki Divyata

पुस्तक का लोकार्पण वरिष्ठ पत्रकार और विचारक राम बहादुर राय, अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, तथा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति और साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की उपाध्यक्ष प्रो. कुमुद शर्मा की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी रचनाओं के प्रकाशन और प्रचार-प्रसार के प्रति न्यास की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों और समाज में संस्कारों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि समाज और राष्ट्र के मूल्यों तथा दिशा को भी आकार देती हैं। अपने संबोधन में प्रो. कुमुद शर्मा ने नारीत्व और सृजन की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘नारी तू नारायणी’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए बताया कि हिंदू धर्मग्रंथों में महिलाओं को देवी के प्रतीक के माध्यम से समृद्धि, शक्ति और ज्ञान का स्वरूप माना गया है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता ने हमेशा महिलाओं को परिवार और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला के रूप में स्वीकार किया है। राम बहादुर राय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस पुस्तक के लोकार्पण के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को महिला दिवस के गहरे महत्व की याद दिलाते हैं। उन्होंने ‘नारायणी’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए महिलाओं की आध्यात्मिक और संरक्षक शक्ति पर प्रकाश डाला।

गुलाब कोठारी के विचार “माँ ही स्वर्ग है” का उल्लेख करते हुए उन्होंने मातृत्व, ज्ञान और स्त्रीत्व के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। इस अवसर पर गुलाब कोठारी ने पुस्तक लिखने की प्रेरणा और भारतीय ज्ञान परंपरा से युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था अधिकतर पुरुष-केंद्रित दृष्टिकोण से विकसित हुई है, जिसके कारण महिलाओं के विशिष्ट गुणों और सामर्थ्य को पर्याप्त महत्व नहीं मिल पाता।

शास्त्रों के संदर्भ देते हुए उन्होंने स्त्री सिद्धांत की आध्यात्मिक और सभ्यतागत समझ को सामने रखा और कहा कि महिलाओं की भूमिका पारंपरिक रूप से देने और सृजन करने से जुड़ी रही है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि समाज में पुरुषों के भीतर का स्त्रीत्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा है, जिससे सहानुभूति और संवेदनशीलता में कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि महान व्यक्तित्वों के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक कुमार विक्रम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि न्यास के प्रकाशन कार्यक्रम में जेंडर विमर्श को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है और वास्तविक जेंडर समानता के लिए पुरुषों को भी अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। वैदिक दर्शन के अध्येता और राजस्थान पत्रिका के प्रमुख संपादक गुलाब कोठारी पिछले चार दशकों से भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिकता को स्थापित करने के लिए कार्य कर रहे हैं।

उनके लेखन में वेद, उपनिषद और भगवद्गीता के विचारों को समकालीन जीवन से जोड़ने का प्रयास दिखाई देता है। गुलाब कोठारी कई चर्चित पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें ‘मानस’, ‘गीता विज्ञान उपनिषद’, ‘वेद विज्ञान उपनिषद’, ‘मैं ही राधा मैं ही कृष्ण’ और ‘ब्रह्म विवर्त’ शामिल हैं। उनकी पुस्तक ‘स्त्री देह से आगे’, जिसे राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने 2025 में प्रकाशित किया था, को भी पाठकों और विद्वानों से व्यापक सराहना मिली है।



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