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Om Birla: अप्सराओं जैसी हैं ओम बिरला की दोनों बेटियां, बड़े बिजनेस घराने की है बहुएं, जानें क्या करती हैं?


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Om Birla Daughter Akansha and Anjali Birla: सोमवार से संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हुई है, इस सत्र के भी काफी हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाया गया है। विपक्ष ने बजट सेशन के पहले फेज में स्पीकर के खिलाफ नोटिस फाइल किया था, जिस पर 118 मेंबर्स ने साइन किए थे। उस समय तृणमूल कांग्रेस ने मोशन पर साइन नहीं किए थे, हालांकि, अब उसने सपोर्ट कर दिया है।

जिसकी वजह से ओम प्रकाश बिरला लगातार चर्चा में बने हुए है और सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। आपको बता दें कि ओम बिरला राजस्थान के कोटा से तीन बार सांसद रह चुके हैं और 2019 से लोकसभा अध्यक्ष के रूप में भारतीय संसद की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं।

Om Birla

कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय रहने वाले ओम बिरला ने साल 1991 में अमिता बिड़ला से शादी की थी, जिनसे इन्हो दो बेटियां हैं, जिनके नाम हैं आकांक्षा औऱ अंजलि बिरला है। दोनों ही बेटियां ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ कहलाती हैं क्योंकि ईश्वर ने दोनों को सुंदरता के साथ-साथ तेज दिमाग भी दिया है।

Om Birla की बड़ी बेटी आकांक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं

बड़ी बेटी आकांक्षा बिरला चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनकी शादी देश के मशहूर बिजनेसमैन में से एक कृष्ण गोपाल बांगड़ से बेटे हुई है तो वहीं उकी दूसरी बेटी अंजली बिरला साल 2019 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी और इस वक्त रेल मंत्रालय में बतौर आईआरपीएस (IRPS) काम कर रही हैं और दिल्‍ली में पोस्‍टेड हैं। आपको बता दें कि अंजली पहले मॉडल थीं और उन्होंने अपने बचपन के दोस्त अनीश राजानी से शादी की है।

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Om Birla की छोटी बेटी ने किया UPSC क्रैक

जिस वक्त उन्होंने UPSC क्रैक किया था, उस वक्त उनका नाम विवादों में आ गया था, कहा जा रहा था कि उन्हें ‘बैकहैंड एंट्री’ दी गई है, जिस पर काफी बवाल मचा था, जिसे कि जांच में गलत पाया गया था, तब अंजली बिरला ने स्पष्ट किया था कि ‘यूपीएससी देश की सबसे पारदर्शी परीक्षाओं में से एक है।’ उन्होंने ऐसी सम्मानित संस्था की प्रक्रिया पर सवाल उठाने को अनुचित बताया था।

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Om Birla का दामाद मुस्लिम है?

और यही नही साल 2024 में जब अंजली की शादी अनीश से हुई थी, उस वक्त भी ये अफवाह उड़ी थी कि Om Birla का दामाद मुस्लिम है, हालांकि ये दावा भी फर्जी निकला क्योंकि अनीश राजानी सिंधी हैं और कोटा के रहने वाले हैं। अंजलि और अनीश स्‍कूल में एक साथ पढ़ाई करते थे। दोनों में दोस्‍ती थी। अनीश राजानी ऑयल बिजनेसमैन हैं।

Om Birla

Om Birla दो बार लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया

ओम बिरला ने 27 जून 2024 को लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष का पद ग्रहण किया था। अपने प्रभावशाली राजनीतिक करियर में उन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं हारा और वह राजस्थान की कोटा लोकसभा सीट से सांसद हैं। वे देश के ऐसे दूसरे व्यक्ति हैं जिन्हें दो बार लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया है।



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वो मिन्नतें करती रही और पति ने फेर लिया मुंह, बरेली में नर्स प्रियंका की मौत के पीछे की दर्दनाक दास्तां


Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक प्राइवेट हॉस्पिटल की नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. नर्स की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. दरअसल, यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि शक, तकरार और टूटते रिश्तों की वो दर्दनाक दास्तां है जिसका अंत अस्पताल के एक छोटे से कमरे में हुआ. पीलीभीत बाईपास स्थित अस्पताल के हॉस्टल में जब 30 वर्षीय प्रियंका की लाश मिली, तो हर कोई दंग रह गया. लेकिन जब पुलिस ने प्रियंका का मोबाइल खोला, तो जो सच सामने आया उसने पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया.

दोपहर 12 बजे: सन्नाटा और फिर चीख
रविवार की सुबह आम दिनों जैसी ही थी. प्रियंका की रूममेट और सहकर्मी नर्स आस्था सुबह 8 बजे अपनी ड्यूटी पर चली गई थी. प्रियंका बिस्तर पर सो रही थी, क्योंकि उसकी रात की ड्यूटी थी. लेकिन किसे पता था कि चादर ओढ़े सो रही प्रियंका शायद कभी न जागने वाली नींद की आगोश में जा चुकी है.

दोपहर करीब 12 बजे जब आस्था वापस कमरे में लौटी, तो उसने प्रियंका को आवाज दी. कोई जवाब नहीं मिला. हिलाने-डुलाने पर भी जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो आस्था के पैरों तले जमीन खिसक गई. आनन-फानन में प्रियंका को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल परिसर, जहां प्रियंका दूसरों की जान बचाती थी, वहीं आज उसकी अपनी जिंदगी की डोर टूट चुकी थी.

मोबाइल ने उगले मौत के राज, 63 कॉल और 47 मैसेज
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और फॉरेंसिक टीम ने जब जांच शुरू की, तो सबसे बड़ा सुराग प्रियंका के मोबाइल फोन में मिला. पुलिस के मुताबिक, शनिवार की पूरी रात प्रियंका ने एक पल के लिए भी पलकें नहीं झपकाईं. वह अपने पति सुनील को मनाने की कोशिश करती रही.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका ने रात भर में पति को 63 व्हाट्सएप कॉल किए, 47 मैसेज भेजे और एक वॉयस नोट भी छोड़ा. हर मैसेज में एक ही बात थी, ‘सॉरी, मुझसे गलती हो गई, मान जाओ.’ लेकिन दूसरी तरफ से पत्थर जैसी खामोशी थी. सुनील ने एक भी कॉल रिसीव नहीं की और आखिरकार तंग आकर प्रियंका का नंबर ब्लॉक कर दिया. पुलिस का मानना है कि नंबर ‘ब्लॉक’ होते ही प्रियंका का दिल टूट गया और उसने अवसाद में आकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया.

शादी के 12 साल और शक का पहरा
शाहजहांपुर के कुंवरपुर बंजरिया निवासी सुनील और प्रियंका की शादी साल 2014 में हुई थी. दोनों ही मेडिकल पेशे से जुड़े थे. सुनील भी एक दूसरे निजी अस्पताल में काम करता है. लेकिन बीते कुछ समय से उनके रिश्ते में ‘शक’ का जहर घुल गया था. सुनील को प्रियंका के चरित्र पर शक था, जिसके चलते अक्सर मारपीट और झगड़े होते थे.

विवाद इतना बढ़ा कि पिछले 6 महीने से दोनों अलग रह रहे थे. प्रियंका ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक बुटीक भी खोला था, लेकिन तंगी और मानसिक तनाव ने उसका पीछा नहीं छोड़ा.

साजिश या खुदकुशी? परिजनों के गंभीर आरोप
पुलिस भले ही इसे सुसाइड मान रही हो, लेकिन प्रियंका के मायके वालों के आरोप सुनील की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. परिजनों का कहना है कि सुनील लगातार प्रियंका को प्रताड़ित करता था. वहीं, पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय का बयान
प्राथमिक जांच में मामला पति-पत्नी के विवाद और खुदकुशी का लग रहा है. सीसीटीवी फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति के कमरे में आने के प्रमाण नहीं मिले हैं. शव पर चोट के कोई निशान नहीं हैं. मौत की असली वजह जहर है या हार्ट अटैक, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच
फिलहाल पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पति सुनील से भी पूछताछ की जा रही है. सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ एक फोन कॉल ब्लॉक होने पर प्रियंका ने जान दे दी, या इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कोई गहरा टॉर्चर था?



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कौन थीं Ishan Kishan की बहन वैष्णवी सिंह? खुद के दम बनाई थी अपनी पहचान, करती थी ये काम


Cricket

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who is Ishan Kishan cousin sister: भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के लिए टी20 विश्व कप की जीत का जश्न एक शोक में बदल गया। शनिवार शाम पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर (NH-27) के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में ईशान की चचेरी बहन वैष्णवी सिंह और उनके पति ऋत्विक ठाकुर का निधन हो गया। इस खबर के आते ही ईशान किशन बुरी तरह टूट गए।

कौन थीं ईशान की बहन, करती थी क्या काम (who is Ishan Kishan cousin sister)

यह कपल पटना हाईकोर्ट में वकालत करता था और कानूनी जगत के दिग्गज माने जाते थे। ईशान की चचेरी बहन वैष्णवी सिंह ने लॉ की पढ़ाई की थी और वह काफी होशियार मानी जाती थीं। उन्होंने खुद के दम पर वकालत की डिग्री हासिल की थी। वह ईशान किशन के बेहद करीब मानी जाती थीं। यही वजह है कि बहन की मौत का असर ईशान किशन पर काफी गहरा हुआ है।

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छुट्टियों की खुशियां मातम में बदलीं

मिली जानकारी के अनुसार ऋत्विक ठाकुर और उनकी पत्नी वैष्णवी सिंह अपने परिवार के साथ सिलीगुड़ी की वादियों में छुट्टियां बिताकर अपनी फॉर्च्यूनर कार से वापस पटना लौट रहे थे। शनिवार शाम करीब 7 बजे इस्लामपुर थाना क्षेत्र के बंगापुल इलाके में एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी।

हादसे में परिवार के अन्य सदस्य घायल

इस दुर्घटना में वैष्णवी सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऋत्विक ठाकुर ने पूर्णिया के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। कार में सवार उनके छोटे बेटे, ऋत्विक के भाई, ड्राइवर और नौकरानी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज पूर्णिया में चल रहा है। ऋत्विक ठाकुर पटना के अधिवक्ता अजय कुमार ठाकुर के पुत्र थे। घटना की सूचना मिलते ही अधिवक्ता समाज और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

वैष्णवी सिंह रिश्ते में ईशान किशन की बहन थीं। विश्व कप के फाइनल से ठीक पहले इस खबर ने ईशान को अंदर तक झकझोर दिया था। ईशान के बड़े भाई और पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। वहीं, ईशान के पिता प्रणव पांडे, जो अहमदाबाद में बेटे का मैच देखने जा रहे थे, एयरपोर्ट से ही सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। इसके बावजूद ईशान ने जिस तरह मैदान पर अपना कर्तव्य निभाया।



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Nitish Kumar: राज्यसभा जाने की तैयारी में नीतीश कुमार, सीएम पद छोड़ते ही बन जाएंगे लालू यादव के पड़ोसी?


Bihar

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Nitish Kumar: बिहार की सियासत में एक युग के अंत और नई पारी की शुरुआत की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) जल्द ही राज्य की कमान छोड़कर दिल्ली की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। नीतीश कुमार राज्यसभा के जरिए देश की संसद में पहुंच सकते हैं।

हालांकि, दिल्ली जाने के बावजूद उनका दिल पटना में ही धड़केगा, इसीलिए उन्होंने अपने नए ठिकाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। वे मुख्यमंत्री आवास ‘1 अणे मार्ग’ को छोड़कर ‘7 सर्कुलर रोड’ वाले बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं।

Nitish Kumar: राज्यसभा जाने की तैयारी में नीतीश कुमार, सीएम पद छोड़ते ही बन जाएंगे लालू यादव के पड़ोसी?

यह बदलाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां रहने पर वे अपने धुर विरोधी और पुराने मित्र लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। 19 सालों तक सत्ता का केंद्र रहा 1 अणे मार्ग अब एक नई राजनीतिक पटकथा का गवाह बनने जा रहा है।

Nitish Kumar Home: 7 सर्कुलर रोड, नीतीश कुमार का पुराना और ‘लकी’ ठिकाना

7 सर्कुलर रोड का बंगला नीतीश कुमार के लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक वापसी का प्रतीक रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जब उन्होंने पद छोड़ा था, तब वे इसी बंगले में शिफ्ट हुए थे। इसी घर की चारदीवारी के भीतर उन्होंने अपनी नई रणनीति बुनी और फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।

दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी यह बंगला उनके पास ही रहा। जब विपक्ष ने एक साथ दो बंगले रखने पर सवाल उठाए, तो तकनीकी रूप से इसे मुख्य सचिव के नाम पर अलॉट कर दिया गया, लेकिन इसका इस्तेमाल नीतीश कुमार के कार्यालय और महत्वपूर्ण बैठकों के लिए होता रहा।

ये भी पढ़ें: Bihar Next CM:कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री? बेटे की राजनीति में एंट्री के साथ CM नीतीश ने कर दिया ऐलान!

लालू यादव के आवास से महज 200 मीटर की दूरी (Lalu Yadav Nitish Kumar Home Distance)

यदि नीतीश कुमार यहां शिफ्ट होते हैं, तो बिहार की राजनीति के दो सबसे बड़े धुरंधर-लालू यादव और नीतीश कुमार पड़ोसी होंगे। राबड़ी देवी का आवास (10 सर्कुलर रोड) यहां से महज दो मकान छोड़कर है। दोनों के बीच की दूरी लगभग 200 मीटर होगी। ऐसे में पटना का यह इलाका सत्ता के गलियारों से हटकर भी बिहार की राजनीति का सबसे पावरफुल एड्रेस बन जाएगा।

सुरक्षा और सुविधाओं से लैस है यह बंगला (7 Circular Road Specialty)

7 सर्कुलर रोड का बंगला बेहद आधुनिक और सुरक्षित है। खुद नीतीश कुमार की देखरेख में निर्मित इस बंगले की खासियतें कुछ इस प्रकार हैं:

भूकंपरोधी निर्माण: यह बंगला विशेष तकनीक से बनाया गया है ताकि तेज भूकंप के झटकों को झेल सके।

VIP सुविधाएं: इसमें 6 वीआईपी बेडरूम, दो बड़े ड्रॉइंग रूम और एक विशाल मीटिंग हॉल है।

कोलकाता की घास और तालाब: इसके लॉन में विशेष रूप से कोलकाता से मंगाई गई घास लगाई गई है। परिसर में एक छोटा तालाब भी है, जिसे छठ पूजा के अर्घ्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

हाई-टेक सिक्योरिटी: पूरा इलाका सीसीटीवी कैमरों और विशेष सुरक्षा बलों की निगरानी में रहता है।

नीतीश कुमार और अंक ‘7’ का खास कनेक्शन (Nitish Kumar Lucky Number 7)

नीतीश कुमार के जीवन में नंबर 7 का बड़ा महत्व है। इसे वे अपना ‘लकी नंबर’ मानते हैं:

  • उनका राजनीतिक सफर 1977 में शुरू हुआ।
  • 1987 में वे युवा लोकदल के अध्यक्ष बने।
  • रेल मंत्री रहते हुए उनके फोन नंबर के अंत में 7 था और सीएम की गाड़ी का नंबर 777 रहा।
  • उनकी सबसे महत्वाकांक्षी योजना का नाम ‘7 निश्चय’ है, जिसका अब तीसरा चरण चल रहा है।

कानूनी पेचीदगियां और समाधान

बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने का नियम हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद, नीतीश कुमार को यह आवास सीधे तौर पर नहीं मिल सकता। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यदि वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो राज्य सरकार उन्हें किराये पर यह आवास आवंटित कर सकती है या इसे किसी अन्य कोटे के तहत उन्हें उपलब्ध कराया जा सकता है।

19 साल तक बिहार की सत्ता का सिरमौर रहने वाला ‘1 अणे मार्ग’ अब खाली होने की कगार पर है, और सबकी नजरें ‘7 सर्कुलर रोड’ पर टिकी हैं, जहां से नीतीश कुमार अपनी राजनीति की नई पारी की बिसात बिछाएंगे।

With AI Inputs

ये भी पढ़ें: ‘पिताजी’ का 7–8 बार जिक्र, क्यों नीतीश समारोह से गायब–JDU ज्वाइन करने के बाद क्या होगा निशांत का भविष्य?



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Parliament Budget Session LIVE: दोनों सदनों में जोरदार हंगामा


Budget Session LIVE: ‘सरकार को अपनी विदेश नीति पर जवाब देना चाहिए’

EAM के संसद में वेस्ट एशिया के हालात पर बयान देने पर, कांग्रेस MP प्रमोद तिवारी ने कहा, “यह एक ज़रूरी मुद्दा है क्योंकि 140 करोड़ भारतीय इस हालात से प्रभावित हैं। क्या ऐसे हालात पर बयान देना काफ़ी है जो पूरे देश पर असर डाल रहा है? सभी पार्टियों को शामिल करते हुए चर्चा होनी चाहिए, और सरकार को अपनी विदेश नीति पर जवाब देना चाहिए।”



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बंगाल पहुंचे चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, कालीघाट में पूजा की: लोगों ने गो-बैक के पोस्टर, काले झंडे दिखाए; BJP की मांग- 3 फेज में ही कराएं चुनाव


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कोलकाता20 मिनट पहले

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चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार सुबह कालीघाट में पूजा करने पहुंचे, जहां लोगों ने उनका विरोध किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार शाम को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने कोलकाता पहुंचे। 3 दिन चलने वाली चुनाव आयोग की फुल बेंच मीटिंग के बीच सोमवार को ज्ञानेश कुमार कालीघाट में पूजा करने पहुंचे।

मंदिर के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने गो बैक के पोस्टर और काले झंडे दिखाए। इसके पहले रविवार को भी कोलकाता पहुंचने पर कुछ लोग उनके काफिले के सामने झंडे लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते दिखे।

इधर, BJP के एक डेलीगेशन ने सोमवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की फुल बेंच से मुलाकात की और मांग की कि 2026 का पश्चिम बंगाल असेंबली चुनाव तीन फेज में ही कराया जाए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म होने वाला है। 294 सीटों पर अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है। 2021 में TMC ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री चुनी गई थीं।

कालीघाट पहुंचे CEC की तस्वीरें…

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एयरपोर्ट से होटल तक विरोध

रविवार को पश्चिम बंगाल के स्थानीय लोग न्यू टाउन में एक प्राइवेट होटल के सामने इकट्ठा हुए, उन्होंने ‘गो बैक, ज्ञानेश कुमार, डेमोक्रेसी के हत्यारे’ लिखी टीशर्ट पहनी थी। जब चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार, इलेक्शन कमिश्नर SS संधू, विवेक जोशी और सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गार्ड और पवन कुमार के साथ CEC ज्ञानेश कुमार कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी वहां भी पहुंच गए।

कोलकाता पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने काफिले की गाड़ियों के पास जाने से रोका।

कोलकाता पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने काफिले की गाड़ियों के पास जाने से रोका।

पोल पैनल से मिला BJP का डेलिगेशन, 16 मांगें रखीं

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार, इलेक्शन कमिश्नर SS संधू और विवेक जोशी सोमवार को मान्यता प्राप्त नेशनल और स्टेट पार्टियों के डेलीगेशन से मिल रहे हैं ताकि चुनाव कराने के बारे में उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना जा सके।

BJP डेलीगेशन ने असेंबली चुनाव से पहले राज्य में सुरक्षा माहौल पर चिंताओं को बताते हुए 16-पॉइंट का मांग पत्र सौंपा। इलेक्शन कमीशन को पश्चिम बंगाल असेंबली चुनाव में हिंसा न हो, इसके लिए कदम उठाने चाहिए।

BJP ने प्रस्ताव दिया कि जिस भी बूथ पर 85 परसेंट से ज़्यादा पोलिंग हो या पिछले चुनावों के दौरान या बाद में हिंसा का रिकॉर्डेड इतिहास हो, उसे अपने आप सेंसिटिव माना जाना चाहिए और उसे एक्स्ट्रा सुरक्षा दी जानी चाहिए।

खबरें और भी हैं…



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Parliament Budget Session: मिडिल ईस्ट तनाव पर संसद में चर्चा, एस. जयशंकर ने बताया क्या है भारत का रुख?


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Parliament Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत आज हंगामेदार रही। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव की गूंज आज भारतीय संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा में सुनाई दी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के मौजूदा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सदन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

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विपक्ष के भारी शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच जयशंकर ने भारत की विदेश नीति और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार का पक्ष रखा।

S Jaishankar Rajya Sabha Speech: संवाद और कूटनीति ही रास्ता: जयशंकर का स्पष्ट संदेश

राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जिस तरह से तनाव बढ़ा है, वह पूरी दुनिया और विशेष रूप से भारत के लिए “गहरी चिंता का विषय” है। उन्होंने कहा, भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि किसी भी संघर्ष का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और चर्चा (Dialogue and Discussion) के जरिए निकाला जाना चाहिए। हम सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हैं।”

प्रधानमंत्री खुद कर रहे हैं ‘क्लोज मॉनिटरिंग’

जयशंकर ने सदन को आश्वस्त किया कि भारत सरकार इस मुद्दे पर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों की निगरानी कर रहे हैं। भारत की प्राथमिकता न केवल क्षेत्रीय स्थिरता है, बल्कि खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी है।

20 फरवरी के बयान का दोहराव

विदेश मंत्री ने सदन को याद दिलाया कि भारत सरकार ने 20 फरवरी को ही एक आधिकारिक बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि भारत आज भी उस रुख पर कायम है और तनाव को कम करने (De-escalation) के लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाने की वकालत करता है।

भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा संकट पर नजर

सत्र के दौरान सरकार ने उन चिंताओं को भी संबोधित किया जो खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा जरूरतों (कच्चे तेल की आपूर्ति) से जुड़ी हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर है, इसलिए युद्ध का लंबा खिंचना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

विपक्ष का विरोध और अन्य मुद्दे

जब विदेश मंत्री अपना बयान दे रहे थे, तब विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। गौरतलब है कि बजट सत्र का यह हिस्सा काफी तूफानी रहने वाला है क्योंकि विपक्ष ने न केवल पश्चिम एशिया संकट, बल्कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौते’ (Indo-US Trade Deal) को लेकर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ‘अमेरिकी दबाव’ के कारण ईरान जैसे पुराने मित्र देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं, जिसे सरकार ने सिरे से खारिज किया है।

कूटनीतिक संतुलन की चुनौती

विदेश मंत्री के बयान से साफ है कि भारत इस वैश्विक संघर्ष में किसी एक पक्ष के साथ खड़े होने के बजाय ‘शांतिदूत’ की भूमिका निभाना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी की सक्रियता यह दर्शाती है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी सावधानी के साथ कदम बढ़ा रहा है।



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Rupee All-Time Low: पश्चिम एशिया तनाव का असर; डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, टूटकर 92.5 तक गिरा


भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25% से ज्यादा उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक, डॉलर-रुपया जोड़ी फिलहाल अपने नए ऑल-टाइम हाई के आसपास 92.30-92.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। तकनीकी चार्ट के आधार पर फिलहाल ट्रेंड अमेरिकी डॉलर के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहा है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी

फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और शेयर बाजार में भारी गिरावट ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ाया है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 18 पैसे गिरकर 91.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

घेरलू शेयर बाजार में दिखी बड़ी गिरावट 

इधर डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.66% बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया। वहीं घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,400 से ज्यादा अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 24,000 के नीचे पहुंच गया।



एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि इस बीच एक सकारात्मक संकेत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया।





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Gold Silver Price Today in Jaipur: जयपुर में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, कितना हुआ भाव?


Business

oi-Kumari Sunidhi Raj

Gold Silver Price Today in Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सराफा बाजार में आज यानी 9 मार्च, 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार के दबाव और स्थानीय मांग में उतार-चढ़ाव के चलते आज 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 197 रुपये गिरकर 16,183 रुपये प्रति ग्राम पर आ गई है।

इसी तरह, जेवराती सोने (22 कैरेट) के दाम में भी 180 रुपये की कमी आई है, जिससे अब यह 14,835 रुपये प्रति ग्राम बिक रहा है। वहीं, 18 कैरेट सोने का भाव आज 12,141 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। पिछले 10 दिनों के रुझान को देखें तो सोने की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। जहां 1 मार्च को 24 कैरेट सोना ₹17,323 के उच्च स्तर पर था, वहीं अब इसमें लगभग ₹1,140 की बड़ी गिरावट आ चुकी है, जो खरीदारों के लिए एक राहत भरी खबर है।

Gold Silver Price Today in Jaipur: जयपुर में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, कितना हुआ भाव?

जयपुर में आज सोने का भाव (प्रति ग्राम) (Gold Rate in Jaipur Today)

शुद्धता आज की कीमत (09 मार्च) बदलाव
24K सोना ₹16,183 – ₹197 (गिरावट)
22K सोना ₹14,835 – ₹180 (गिरावट)
18K सोना ₹12,141 – ₹147 (गिरावट)

पिछले 10 दिनों में जयपुर में सोने की चाल (24K और 22K) (Jaipur Gold Price in 10 Days)

नीचे दी गई लिस्ट से आप पिछले 10 दिनों में आए कीमतों के उतार-चढ़ाव को समझ सकते हैं-

तारीख 24 कैरेट (प्रति ग्राम) 22 कैरेट (प्रति ग्राम)
09 मार्च, 2026 ₹16,183 (-197) ₹14,835 (-180)
08 मार्च, 2026 ₹16,380 (0) ₹15,015 (0)
07 मार्च, 2026 ₹16,380 (+252) ₹15,015 (+230)
06 मार्च, 2026 ₹16,128 (-175) ₹14,785 (-160)
05 मार्च, 2026 ₹16,303 (-163) ₹14,945 (-150)
04 मार्च, 2026 ₹16,466 (-311) ₹15,095 (-285)
03 मार्च, 2026 ₹16,777 (-289) ₹15,380 (-265)
02 मार्च, 2026 ₹17,066 (-257) ₹15,645 (-235)
01 मार्च, 2026 ₹17,323 (+437) ₹15,880 (+400)
28 फरवरी, 2026 ₹16,886 (+714) ₹15,480 (+655)

चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट (Silver Price Crash in Jaipur)

सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी आज फीकी पड़ी है। जयपुर में आज चांदी की कीमतों में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई।

चांदी प्रति ग्राम: ₹280 (कल के मुकाबले ₹5 कम)

चांदी प्रति किलोग्राम: ₹2,80,000 (कल के मकाबले 5000 रुपये की गिरावट)

पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 02 मार्च को चांदी ₹3,15,000 प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर थी, जिसके बाद से इसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है।

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जयपुर में चांदी की 10 दिनों की रिपोर्ट (Jaipur Silver Rate in 10 Days)

चांदी के निवेशकों के लिए यह सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है

तारीख 10 ग्राम 100 ग्राम 1 किलोग्राम
मार्च 09, 2026 ₹2,800 ₹28,000 ₹2,80,000 (-5,000)
मार्च 08, 2026 ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000 (0)
मार्च 07, 2026 ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000 (0)
मार्च 06, 2026 ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000 (0)
मार्च 05, 2026 ₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000 (0)

मार्च 04, 2026

₹2,850 ₹28,500 ₹2,85,000 (-10,000)
मार्च 03, 2026 ₹2,950 ₹29,500 ₹2,95,000 (-20,000)
मार्च 02, 2026 ₹3,150 ₹31,500 ₹3,15,000 (+20,000)
मार्च 01, 2026 ₹2,950 ₹29,500 ₹2,95,000 (0)

फ़रवरी 28, 2026

₹2,950 ₹29,500 ₹2,95,000 (+10,000)

MCX पर सोने के भाव (MCX Gold Price)

MCX पर सोने की कीमत में आज गिरावट देखी जा रही है। 9 मार्च 2026 को सुबह 10:33 बजे तक MCX गोल्ड का भाव 60,113 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो 1,521 रुपये यानी 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। आज के कारोबार में सोने का न्यूनतम भाव 1,59,826 रुपये और अधिकतम भाव 1,60,672 रुपये रहा।

इस कॉन्ट्रैक्ट की औसत कीमत 1,60,303 रुपये दर्ज की गई, जबकि पिछला क्लोजिंग भाव 1,61,634 रुपये था। सोने के इस कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी 2 अप्रैल 2026 को है। ट्रेडिंग यूनिट 1 किलोग्राम है और कुल 861 लॉट का वॉल्यूम दर्ज हुआ है। ओपन इंटरेस्ट 7,287 लॉट है, जिसमें 96 लॉट की कमी देखी गई है। सोने का लाइफटाइम लो 1,01,107 रुपये और लाइफटाइम हाई 1,93,096 रुपये रहा है।

MCX पर चांदी का भाव (MCX Silver)

MCX पर चांदी की कीमत में आज गिरावट दर्ज की गई है। 9 मार्च 2026 को सुबह 10:39 बजे तक MCX सिल्वर का भाव 2,63,037 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो 5,248 रुपये यानी 1.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। आज के कारोबार में चांदी का न्यूनतम भाव 2,60,743 रुपये और अधिकतम भाव 2,67,498 रुपये रहा।

इस कॉन्ट्रैक्ट की औसत कीमत 2,63,844.15 रुपये दर्ज की गई, जबकि पिछला क्लोजिंग भाव 2,68,285 रुपये था। चांदी के इस कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी 5 मई 2026 को है। ट्रेडिंग यूनिट 30 किलोग्राम है और कुल 1,040 लॉट का वॉल्यूम दर्ज हुआ है। ओपन इंटरेस्ट 6,100 लॉट है, जिसमें 71 लॉट की कमी आई है। चांदी का लाइफटाइम लो 1,09,764 रुपये और लाइफटाइम हाई 4,39,337 रुपये रहा है।

With AI Inputs

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Iran New Supreme Leader: मोजतबा को मिला कांटों भरा ताज, ट्रंप-नेतन्याहू के खतरनाक प्लान से कैसे बचेंगे?


International

oi-Smita Mugdha

Iran New Supreme Leader: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपना नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल पहले ही ईरान को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप और नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा था कि अगर खामेनेई के कुनबे से कोई सुप्रीम लीडर चुना जाता है, तो संघर्ष और बढ़ जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सरकारी टीवी चैनल के हवाले से बताया गया है कि मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। यह घोषणा उस समय हुई है जब 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष लगातार जारी है। पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

Iran New Supreme Leader

Iran New Supreme Leader: मोजतबा खामेनेई के लिए विरासत संभालना मुश्किल

मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से अपने पिता के करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है। माना जा रहा है कि अब वे ईरान की इस्लामिक क्रांति की दिशा और देश की रणनीतिक नीतियों की कमान संभालेंगे। हालांकि, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते टकराव को संभालने की होगी। अमेरिका और इजरायल दोनों ही मोजतबा को सर्वोच्च लीडर बनाने पर सख्त प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अब माना जा रहा है कि ईरान के साथ संघर्ष तेज हो सकता है। अमेरिका और इजरायल हमलों की तीव्रता अचानक तेज कर सकते हैं।

Supreme Leader मोजतबा को ट्रंप की खुली चुनौती

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान ऐसा नेता चुनता है, जो अमेरिकी हितों के खिलाफ काम करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ट्रंप ने यहां तक कहा था कि अमेरिका ऐसे किसी व्यक्ति को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे ईरान में ऐसा नेतृत्व देखना चाहते हैं जो शांति और स्थिरता की दिशा में काम करे।

Iran Israel Conflict: नेतन्याहू भी ईरान को लगातार दे रहे चेतावनी

इसी तरह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कड़ा रुख अपनाया है। नेतन्याहू पहले ही कह चुके हैं कि ईरान का कोई भी नेता अगर अमेरिका-इजरायल विरोधी नीति अपनाता है, तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। हालांकि, इन धमकियों के बावजूद ईरान ने मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता चुना है।

उधर, ईरान ने अमेरिका और इजरायल की चेतावनियों को खारिज करते हुए इसे अपना आंतरिक मामला बताया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका इस्लामिक देशों में फूट डालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।

मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर

इस बीच क्षेत्र में संघर्ष और भी तेज हो गया है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के तेल संसाधनों और रिफाइनरियों को निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव लंबा खिंचता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।



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