Home Blog Page 450

Crude Prices: क्या कच्चे तेल में उबाल के बावजूद महंगाई नहीं बढ़ेगी? जानिए वित्त मंत्री लोकसभा में क्या बोलीं


पश्चिम एशिया में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। लेकिन, आम जनता और निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा बताया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेजी का भारत की महंगाई दर पर फिलहाल कोई असर पड़ेगा, इसकी आशंका नहीं है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि युद्ध के बावजूद भारत महंगाई के मोर्चे पर क्यों सुरक्षित है:

कच्चे तेल की कीमतों में कितनी आई तेजी?

28 फरवरी 2026 को पश्चिमी एशिया में भू-राजनीतिक तनाव शुरू होने से पहले, पिछले एक साल से भारत द्वारा आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही थीं।

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से हालात बदल गए। 

इसके असर से, भारतीय बास्केट के लिए कच्चे तेल की कीमत फरवरी के अंत के $69.01 प्रति बैरल से बढ़कर 2 मार्च 2026 तक $80.16 प्रति बैरल तक पहुंच गई है। 9 मार्च को वैश्विक बाजार में कीमतें करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। एक बैरल में करीब 158.987 लीटर तेल होते हैं। जबकि सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 53 पैसे कमजोर होकर 92.35 रुपये पर पहुंच गया।  

भारत पर महंगाई का असर क्यों नहीं होगा?

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत की महंगाई दर इस समय अपने ‘निचले स्तर’ के बेहद करीब है, जिस वजह से कच्चे तेल के महंगे होने का तुरंत कोई बड़ा झटका नहीं लगेगा। 


  • लगातार गिरती महंगाई: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई औसत खुदरा महंगाई दर 2023-24 के 5.4% से घटकर 2024-25 में 4.6% और 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में महज 1.8% पर आ गई है। 

  • आरबीआई के लक्ष्य के करीब: जनवरी 2026 में हेडलाइन महंगाई दर 2.75% थी, जो रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4% से 2% के टॉलरेंस बैंड के सबसे निचले स्तर के पास है। 

  • ब्याज दरों में राहत: महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने फरवरी 2025 से अब तक पॉलिसी रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है।

आम आदमी को बचाने के लिए सरकार के ‘मास्टरस्ट्रोक’


सरकार ने महंगाई को काबू में रखने और आम नागरिकों को राहत देने के लिए कई मोर्चों पर काम किया है:


  • टैक्स में बड़ी छूट: मिडिल क्लास के हाथ में ज्यादा पैसा बचाने के लिए 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से मुक्त कर दिया गया है (नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये है)।

  • सस्ता सामान: वस्तुओं और सेवाओं को उपभोक्ताओं के लिए सस्ता बनाने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में व्यापक कटौती की गई है।

  • खाद्य सुरक्षा: खाने-पीने की जरूरी चीजों का बफर स्टॉक बढ़ाया गया है, खुले बाजार में अनाज की बिक्री की जा रही है और कमी के दौरान आयात को आसान बनाने व निर्यात पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए गए हैं।

अब आगे क्या?


अक्तूबर 2025 की आरबीआई की मौद्रिक नीति रिपोर्ट के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतों में अनुमान से 10% की वृद्धि होती है और इसका पूरा बोझ घरेलू बाजार पर डाला जाता है, तो भी महंगाई दर में केवल 30 बेसिस पॉइंट्स (0.30%) की ही बढ़ोतरी होगी। हालांकि, मध्यम अवधि में महंगाई पर पड़ने वाला असली असर एक्सचेंज रेट (रुपये की चाल), वैश्विक मांग-आपूर्ति और मौद्रिक नीतियों जैसे कई अहम कारकों पर निर्भर करेगा। कुल मिलाकर, मजबूत आर्थिक नीतियों के बफर के कारण भारत फिलहाल इस ग्लोबल क्राइसिस से सुरक्षित नजर आ रहा है।





Source link

खबर हटके- ₹1 में जूते खरीदने पहुंचे 20 हजार लोग: शख्स ने 2 लाख रुपए नहर में बहा दिए; शहर की सफाई कर रहे कौए


केरल में ₹1 में जूते मिलने के ऑफर पर 20 हजार लोगों की भीड़ जुट गई। वहीं सूरत में एक परिवार पूजा की थैली के साथ 2 लाख रुपए नहर में बहा आया। उधर स्वीडन में शहर की सफाई के लिए कौओं को ट्रेन किया जा रहा है।

.

आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें…

khabar hatke 8 march2 1772999980
khabar hatke 8 march7 1772999995
khabar hatke 8 march3 1773000009
khabar hatke 8 march8 1773000021
khabar hatke 8 march 1773000032
khabar hatke 8 march9 1773000048
khabar hatke 8 march5 1773000079
khabar hatke 8 march10 1773000087
khabar hatke 8 march4 1773000106

तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ…

खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…



Source link

आज का धनु राशिफल 9 मार्च 2026: ऊर्जा से भरा दिन, मित्रों से होगी मुलाकात


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Dhanu Rashifal: आज धनु राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरा रहने वाला है, लेकिन कुछ मामलों में आपको धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं, जिन्हें भुनाने के लिए आपको अपनी पूरी क्षमता दिखानी होगी। निजी संबंधों में थोड़ी गलतफहमी पैदा हो सकती है, इसलिए बातचीत में स्पष्टता बनाए रखें।

Aaj Ka Dhanu Rashi Rashifal 9 March 2026

सामान्य भविष्यफल: आज का दिन धनु राशि वालों के लिए मिला-जुला रहेगा। आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे और इसमें सफल भी हो सकते हैं। हालांकि, कुछ अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिनसे निपटने के लिए आपको अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा और नए लोगों से मुलाकात फायदेमंद साबित हो सकती है। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और अनावश्यक वाद-विवाद से बचें।

स्वास्थ्य: आज आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। काम के दबाव के कारण तनाव बढ़ सकता है, जिससे बचने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें। खान-पान में लापरवाही से बचें और हल्का व पौष्टिक भोजन लें। शाम को थोड़ी देर टहलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

करियर/वित्त:

करियर के मोर्चे पर आज का दिन सक्रिय रहेगा। आपको नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिल सकता है, जो आपकी क्षमताओं को निखारेंगे। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलना आपके लिए हितकर होगा। वित्त के मामले में, अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलना समझदारी होगी। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें।

प्रेम:

प्रेम संबंधों में आज थोड़ी उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है। पार्टनर के साथ किसी बात पर गलतफहमी हो सकती है, जिसे बातचीत से सुलझाना बेहतर होगा। सिंगल जातकों को किसी खास व्यक्ति से मुलाकात का अवसर मिल सकता है, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। परिवार के साथ समय बिताना रिश्तों को मजबूत करेगा।

आज आपके लिए शुभ अंक 3 और 9 रहेंगे। शुभ रंग पीला और नारंगी है, जो आपके दिन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा। भगवान विष्णु की आराधना करना और ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ मंत्र का जाप करना आपके लिए विशेष फलदायी होगा।

ग्रहों का प्रभाव:

आज आपकी राशि के स्वामी गुरु की स्थिति आपको सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। यह आपको ज्ञान और विवेक प्रदान करेगा, जिससे आप महत्वपूर्ण निर्णय आसानी से ले पाएंगे।

बुध ग्रह का प्रभाव आपकी संवाद शैली को बेहतर बनाएगा। आप अपनी बात को अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रख पाएंगे, जिससे पेशेवर और निजी संबंधों में सुधार होगा।

मंगल की ऊर्जा आपको अपने लक्ष्यों की ओर धकेलेगी। आपमें उत्साह और कार्य करने की तीव्र इच्छा रहेगी, लेकिन इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाना महत्वपूर्ण है ताकि अनावश्यक टकराव से बचा जा सके।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपने करियर लक्ष्यों को लेकर स्पष्ट रहें और उन्हें प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं।
  • नए कौशल सीखने में निवेश करें, खासकर जो आपके चुने हुए क्षेत्र में प्रासंगिक हों।
  • सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय, वास्तविक दुनिया में लोगों से जुड़ने का प्रयास करें।
  • अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें; तनाव होने पर दोस्तों या परिवार से बात करने में संकोच न करें।
  • छोटी बचत की आदत डालें, भले ही वह कम राशि क्यों न हो, यह भविष्य में बहुत काम आएगी।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है। हम आशा करते हैं कि आज का दिन आपके लिए नई उम्मीदें और सफलता लेकर आए। आपका दिन शुभ और मंगलमय हो!



Source link

Who Won Yesterday Cricket Match, IND vs NZ: टी-20 वर्ल्ड फाइनल मैच- भारत vs न्यूजीलैंड


Cricket

oi-Amit Kumar

Who Won Yesterday Cricket Match, IND vs NZ: नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारतीय क्रिकेट के एक नए युग का उदय हुआ। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने न्यूज़ीलैंड को फाइनल में 96 रनों के विशाल अंतर से हराकर तीसरी बार आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। 2007 और 2024 के बाद अब 2026 में भी भारत विश्व विजेता बन गया है।

बल्लेबाजी ने लगाई रिकॉर्ड्स की सुनामी (Who Won Yesterday Cricket Match, IND vs NZ)

भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 255 रन बनाए। यह टी20 विश्व कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने अपना ही दो साल पुराना रिकॉर्ड (176 रन, बनाम दक्षिण अफ्रीका) तोड़ दिया। अभिषेक शर्मा (21 गेंद, 52 रन) और संजू सैमसन ने मिलकर कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए मात्र 43 गेंदों में 98 रनों की साझेदारी हुई।

Who Won Yesterday 1

एकतरफा अंदाज में जीता मैच

संजू ने टूर्नामेंट का लगातार तीसरा अर्धशतक जड़ा। वे 46 गेंदों में 89 रनों (5 चौके, 8 छक्के) की पारी खेलकर आउट हुए। उनके साथ ईशान किशन ने भी 54 रनों का तूफानी योगदान दिया। एक समय भारत 300 रनों की ओर बढ़ रहा था, लेकिन 16वें ओवर में जिमी नीशम ने संजू, ईशान और सूर्यकुमार यादव को आउट कर रन गति पर ब्रेक लगा दिया। 16वें से 19वें ओवर के बीच भारत ने केवल 28 रन जोड़े। हालांकि, आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने महज़ 8 गेंदों में 26 रन बनाकर भारत को 250 के पार पहुंचा दिया। भारत ने अंतिम ओवर में 24 रन बटोरे, जो अंततः निर्णायक साबित हुए।

कीवी बल्लेबाजों का सरेंडर

256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती झटके देकर कीवियों की कमर तोड़ दी। न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर में मात्र 159 रनों पर सिमट गई। भारत के लिए बुमराह और कुलदीप ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को बांधे रखा और भारत को 96 रनों की ऐतिहासिक जीत दिलाई।



Source link

The Bonus Market Update: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के आगे बेबस बाजार; सेंसेक्स 1353 अंक टूटा, जानें सबकुछ


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया।

इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ।

क्यों गिरा बाजार?

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए।



उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।

यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट 

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।



शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।


 



Source link

बांग्लादेशी नेता हादी हत्याकांड के 2 आरोपी बंगाल में गिरफ्तार: मेघालय बॉर्डर से भारत में हुए दाखिल, वापस बांग्लादेश भागने की फिराक में थे


कोलकाता45 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

उस्मान हादी को ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी। 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद (37) और आलमगीर हुसैन (34) के रूप में हुई है।

दोनों मेघालय सीमा से अवैध रूप से भारत में घुस आए थे और पश्चिम बंगाल के बोंगांव में छिपे थे। आरोपी सही मौके का इंतजार कर रहे थे, ताकि दोबारा बांग्लादेश लौट सकें। लेकिन इससे पहले ही एसटीएफ ने 7 और 8 मार्च की दरमियानी रात को छापेमारी कर दोनों को पकड़ लिया।

राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद बांग्लादेश के पटुआखाली का निवासी है, जबकि आलमगीर हुसैन ढाका का रहने वाला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के भारत में दाखिल होने में किसी स्थानीय नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी।

शरीफ उस्मान हादी राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और नेता थे।

शरीफ उस्मान हादी राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और नेता थे।

हादी को ढाका में गोली मारी गई थी उस्मान हादी को राजधानी ढाका में 12 दिसंबर को गोली मारी गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह रिक्शे पर जा रहे थे तभी बाइक सवार हमलावर ने उन्हें गोली मारी थी।

हादी को तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, बाद में इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था। जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमले से कुछ घंटे पहले उस्मान हादी ने ग्रेटर बांग्लादेश का एक मैप शेयर किया था, इसमें भारतीय इलाके (7 सिस्टर्स) शामिल थे।

हादी को इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

हादी को इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी।

हादी ढाका से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले थे हादी इस्लामी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे और चुनाव में ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार थे। इंकलाब मंच अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के बाद उभरा। इसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सरकार को गिरा दिया था।

यह संगठन अवामी लीग को आतंकवादी करार देते हुए पूरी तरह खत्म करने और नौजवानों की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा।

यह संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है। मई 2025 में अवामी लीग को भंग करने और चुनावों में अयोग्य ठहराने में इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

तस्वीर हादी के अंतिम संस्कार की है। इसमें हजारों लोग जुटे थे।

ढाका में हादी की हत्या के विरोध में हुए थे हिंसक प्रदर्शन हादी की हत्या के विरोध में बांग्लादेश में 18 दिसंबर से कई दिनों तक हिंसक प्रदर्शन हुए थे। उस्मान हादी के समर्थकों और छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढाका और आसपास के कई जिलों में प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शनकारियों ने देश के सबसे बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालय में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया था।

इसके अलावा, शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के घर में तोड़फोड़ की गई और उसे आग लगा दी गई थी।

——————

उस्मान हादी के मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

भाई का आरोप- हादी की हत्या यूनुस सरकार ने करवाई:ऐसा चुनाव रोकने के लिए किया

19 1773005928

भारत और शेख हसीना विरोधी बांग्लादेशी नेता उस्मान हादी की हत्या के मामले में उनके भाई शरीफ उमर हादी ने यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उमर हादी ने कहा कि सरकार के अंदर कुछ ताकतें ही उस्मान हादी की हत्या के पीछे है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

West Asia Tension: पश्चिम एशिया संघर्ष का उभरते बाजारों पर क्या असर? रिपोर्ट में किया गया यह दावा


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए फिच रेटिंग्स ने आगाह किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तनाव से उभरते बाजार के कई देशों, जिनमें भारत भी शामिल है को ऊर्जा आयात, प्रेषण, राजकोषीय सब्सिडी, विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय वित्त तक पहुंच जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, हाइड्रोकार्बन निर्यातकों के लिए इस संघर्ष के बीच सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

ऊर्जा आयात पर सीधा असर

रिपोर्ट के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य का प्रभावी ढंग से बंद होना अगर एक महीने से कम समय तक रहता है और क्षेत्र के तेल उत्पादन बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है, तो उभरते बाजारों की रेटिंग पर जोखिम सीमित रहेगा। हालांकि, अगर यह स्थिति लंबी खिंचती है या इसके अधिक स्थायी प्रभाव होते हैं, तो यह एक अधिक महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

संघर्ष का सबसे सीधा प्रभाव वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर इसके प्रभाव के कारण तेल और गैस आयात पर पड़ेगा। कई छोटे उभरते बाजारों के लिए, जीवाश्म ईंधन का शुद्ध आयात सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का एक बड़ा हिस्सा है।

प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर जीडीपी का प्रभाव

फिच ने अनुमान लगाया है कि कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए, यह आयात जीडीपी के 3 प्रतिशत या उससे अधिक के बराबर हो सकता है। इन देशों में चिली, मिस्र, भारत, मोरक्को, पाकिस्तान, फिलीपींस, थाईलैंड और यूक्रेन शामिल हैं। उच्च आयात लागत के प्रति भेद्यता उन बाजारों में सबसे तीव्र होगी जिनकी वित्तपोषण क्षमता पहले से ही तनी हुई है, जैसे कि पाकिस्तान, या जिनके चालू खाते के घाटे महत्वपूर्ण हैं।

राजकोषीय दबाव और उपभोक्ता सब्सिडी

फिच रेटिंग्स ने कहा कि ऊर्जा की कीमतों में लगातार वृद्धि से उन सरकारों पर राजकोषीय दबाव भी बढ़ेगा, जिनके पास उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सब्सिडी व्यवस्था है, या जो उच्च ऊर्जा कीमतों की प्रतिक्रिया में इसी तरह के उपाय शुरू करते हैं।

निवेशक भावना और बाजार पर प्रभाव

खाड़ी क्षेत्र से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में एक अधिक स्थायी व्यवधान, जैसा कि अनुमान लगाया गया है, वैश्विक निवेशक भावना को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। फिच का मानना है कि इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हो सकता है और ऋण जारी करने के बाजार कमजोर हो सकते हैं, खासकर अत्यधिक सट्टा-ग्रेड जारीकर्ताओं के लिए। उच्च ऊर्जा कीमतें मुद्रास्फीति पर ऊपर की ओर दबाव डाल सकती हैं, जिससे विश्व स्तर पर मौद्रिक नीति निर्णयों पर असर पड़ेगा।

आपूर्ति शृंखला और अन्य वस्तुओं पर प्रभाव

खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) से उच्च आयात एकाग्रता वाले देश आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के संपर्क में भी आ सकते हैं। यह संभावित रूप से उत्पादन और कीमतों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।



फिच ने यह भी नोट किया कि संघर्ष का अन्य वस्तुओं के बाजारों पर प्रभाव कुछ उभरते बाजारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। उदाहरण के लिए, खाड़ी क्षेत्र एल्यूमीनियम का एक महत्वपूर्ण उत्पादक है। उर्वरक उद्योग के लिए इनपुट के उत्पादन में इसकी भूमिका के मध्यम अवधि के परिणाम हो सकते हैं यदि यह वैश्विक खाद्य उत्पादन और मुद्रास्फीति को प्रभावित करता है।

भारत पर क्या पड़ सकता है असर?

भारत, एक बड़ा ऊर्जा आयातक होने के नाते, इन उच्च ऊर्जा कीमतों से सीधे प्रभावित होगा। इससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है और मुद्रास्फीति पर दबाव पड़ सकता है, जिससे मौद्रिक नीति को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए एक दुविधा पैदा हो सकती है। प्रेषण पर प्रभाव भी पड़ सकता है, हालांकि यह संघर्ष के विशिष्ट स्वरूप और खाड़ी देशों में भारतीय श्रमिकों पर इसके प्रभाव पर निर्भर करेगा। राजकोषीय सब्सिडी पर बढ़ा हुआ दबाव सरकार के वित्तीय संतुलन को और बढ़ा सकता है।







Source link

31 मार्च 2026 की डेडलाइन: क्या आपने पीपीएफ, एनपीएस और सुकन्या खाते में डाले पैसे? क्या खाता बंद होने का खतरा


वित्त वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) या नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) जैसी टैक्स-सेविंग स्कीमों में निवेश किया हुआ है, तो आपके लिए 31 मार्च 2026 एक बेहद अहम तारीख है। अगर आपने इस तारीख तक एक जरूरी काम नहीं निपटाया, तो आपका खाता बंद (इनएक्टिव) हो सकता है और आपको भारी नुकसान के साथ-साथ पेनाल्टी (जुर्माना) भी भरनी पड़ सकती है। 

आइए आसान भाषा में सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि आपको 31 मार्च से पहले क्या करना है और अगर आप चूक गए तो क्या नुकसान उठाना पड़ सकता है?

सवाल: 31 मार्च 2026 से पहले निवेशकों के लिए क्या करना सबसे ज्यादा जरूरी है?

जवाब: निवेशकों को 31 मार्च 2026 तक अपने पीपीएफ, एसएसवाई और एनपीएस खातों में इस वित्त वर्ष (FY26) की ‘न्यूनतम जमा राशि’ डालनी होगी। इन योजनाओं में टैक्स छूट का फायदा मिलता है, इसलिए इन्हें एक्टिव रखने के लिए हर साल एक तय रकम जमा करना अनिवार्य होता है।

सवाल: पीपीएफ खाते के लिए न्यूनतम जमा राशि कितनी है और न देने पर क्या होगा?

जवाब: पीपीएफ खाते को चालू रखने के लिए हर वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करना जरूरी है। अगर आप यह रकम जमा नहीं करते हैं, तो आपका खाता निष्क्रिय हो जाएगा। खाता बंद होने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप इस पर लोन लेने या पैसे निकालने की सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे। बंद खाते को दोबारा चालू कराने के लिए आपको हर डिफ़ॉल्ट साल के हिसाब से 500 रुपये का बकाया और 50 रुपये की पेनाल्टी देनी होगी (यानी कुल 550 रुपये प्रति वर्ष)।

सवाल: सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने वालों के लिए क्या नियम हैं?

जवाब: बेटियों के भविष्य के लिए लोकप्रिय इस पुरानी टैक्स व्यवस्था वाली योजना में हर वित्त वर्ष न्यूनतम 250 रुपये जमा करना अनिवार्य है। अगर 31 मार्च तक यह पैसा खाते में नहीं गया, तो अकाउंट को ‘डिफ़ॉल्ट’ मान लिया जाएगा। इस खाते को फिर से एक्टिव कराने के लिए आपको हर डिफ़ॉल्ट वर्ष के 250 रुपये के साथ-साथ 50 रुपये प्रति वर्ष का जुर्माना अलग से भरना होगा।

सवाल: नेशनल पेंशन सिस्टम खातों को फ्रीज होने से कैसे बचाएं?

जवाब: पुरानी और नई दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में टैक्स बचाने के लिए एनपीएस एक बेहतरीन विकल्प है। एनपीएस नियमों के मुताबिक, खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में कम से कम 1,000 रुपये जमा करने होते हैं। अगर टियर-1 खाते में यह न्यूनतम रकम नहीं डाली गई, तो खाता फ्रीज हो जाएगा (अगर टियर-2 खाता लिंक है तो वह भी फ्रीज हो जाएगा)। इसे अनफ्रीज (चालू) कराने के लिए आपको बकाया न्यूनतम राशि के साथ 100 रुपये की पेनाल्टी चुकानी पड़ेगी।



आखिरी वक्त की भागदौड़ और जुर्माने से बचने के लिए तुरंत अपने टैक्स सेविंग खातों का स्टेटस चेक करें। 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले अपनी न्यूनतम जमा राशि सुनिश्चित करें, ताकि आपकी निवेश यात्रा बिना किसी रुकावट के चलती रहे और आपका टैक्स बेनिफिट भी सुरक्षित रहे।





Source link

Bihar News: “चईत मासे बोलेले कोयलिया हो रामा, मोर अंगनवा” से गूंजा बिहार म्यूजियम, महिला दिवस पर संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित


भारतीय नृत्य कला मंदिर और बिहार ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित एक बिहार संग्रहालय संगोष्ठी में भारतीय संस्कृति, संगीत और नृत्य में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला गया, जिसमें नेतृत्व, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक प्रभाव पर ज़ोर दिया गया।

India

-Oneindia Staff

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पटना स्थित बिहार म्यूजियम में कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत भारतीय नृत्य कला मंदिर और बिहार ललित कला अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “चाक्षुष एवं प्रदर्श कला में महिलाओं की भूमिका” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में कला, संस्कृति और समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

Women in Indian Music and Culture: Bihar Seminar

कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के सचिव प्रणव कुमार, प्रशासी पदाधिकारी कहकशां और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर प्रणव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राज्य या देश के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वैदिक काल तक महिलाओं ने विदुषी, कवयित्री और विचारक के रूप में समाज को समृद्ध किया है। महिलाओं ने हमेशा संस्कृति और परंपराओं को संजोकर रखने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

संगोष्ठी की शुरुआत प्रसिद्ध लोकगायिका पियु मुखर्जी के व्याख्यान से हुई। उन्होंने “विमेन्स इम्पोर्टेंस एंड इम्पैक्ट ऐज़ द कैरेक्टर इन इंडियन सेमी-क्लासिकल वोकल म्यूजिक” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने भारतीय संगीत परंपरा में महिलाओं की भूमिका और उनकी भावनात्मक अभिव्यक्ति को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया।

उन्होंने राधा-कृष्ण के प्रेम, विरह और चैता गायन की परंपरा को अपने सुरों में पिरोते हुए “ये मोरा सइयां बुलाए आधी रात, नदिया बैरी भइल” और “चईत मासे बोलेले कोयलिया हो रामा, मोर अंगनवा” जैसे लोकगीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया और दर्शकों ने तालियों की गूंज से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में इसके बाद प्रो. जसमिन्दर कौर, डॉ. विंबावती देवी, डॉ. उलूपी कुमारी और संगीता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने अपने अनुभवों के आधार पर समाज, संस्कृति और कला के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।



Source link

भारत ने देशभर में उत्साही प्रशंसकों के साथ ऐतिहासिक टी20 विश्व कप जीत का जश्न मनाया


India

-Oneindia Staff

भारत भर में प्रशंसकों ने जश्न मनाया क्योंकि राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप में जीत हासिल की। नीले रंग के पुरुषों ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराने के बाद सड़कों पर तिरंगा लहराते और “इंडिया, इंडिया” के नारे लगाते हुए खुशी से झूमते प्रशंसकों की भीड़ थी। भारतीय टीम ने पांच विकेट पर 255 रन बनाकर एक रिकॉर्ड बनाया, जो टी20 विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर था।

 भारत ने टी20 विश्व कप जीत का जश्न मनाया

Representative image

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर अपनी बधाई दी, जिसमें भारत की तीन बार टी20 विश्व कप जीतने की अनूठी उपलब्धि पर प्रकाश डाला गया। मुर्मू ने कहा कि यह जीत भारत के युवाओं के बीच प्रतिभा की प्रचुरता का प्रमाण है। मोदी ने टीम के असाधारण कौशल और टीम वर्क की प्रशंसा की, उनकी शानदार प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया।

राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी टीम के प्रदर्शन की सराहना की, विशेष रूप से संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह का उनकी भागीदारी के लिए उल्लेख किया। दिल्ली में इंडिया गेट और असम के चौराहों जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर प्रशंसकों के एकत्रित होने के साथ पूरे देश में जश्न मनाया गया, आतिशबाजी हुई और ढोल की थाप पर नृत्य किया गया।

राष्ट्रव्यापी समारोह

विभिन्न राज्य नेताओं के बधाई संदेशों से सोशल मीडिया गुलजार था। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने टीम के जुनून की सराहना की, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनकी शानदार जीत पर गर्व व्यक्त किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस जश्न की तुलना रंग पंचमी पर दिवाली के उत्सवों से की।

सोशल मीडिया पर चर्चा

प्रशंसकों ने X पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, एक उपयोगकर्ता ने जसप्रीत बुमराह को “राष्ट्रीय खजाना” बताया। टीम इंडिया के लिए भारी समर्थन और प्रशंसा स्पष्ट थी क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रशंसा और खुशी के संदेशों से भर गए थे।

कार्यक्रम तारीख स्थान
टी20 विश्व कप फाइनल रविवार रात नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद
समारोह मैच के बाद राष्ट्रव्यापी

जीत ने न केवल क्रिकेट प्रशंसकों को अपार खुशी दी है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिभा को भी उजागर किया है। जैसे-जैसे जश्न जारी है, राष्ट्र इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के गौरव में नहाता है।

With inputs from PTI



Source link