Home Blog Page 451

IND vs NZ: मास्टर का मास्टरस्ट्रोक, मैदान के बाहर से सचिन ने ऐसे जिताया वर्ल्ड कप, संजू के खुलासे ने मचाई हलचल


Cricket

oi-Amit Kumar

IND vs NZ Final T20 World Cup 2026: टीम इंडिया ने रविवार को न्यूज़ीलैंड को हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के नायक भले ही मैदान पर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा रहे, लेकिन जीत के बाद एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने फैंस का दिल जीत लिया। ‘मैन ऑफ द मैच’ संजू सैमसन ने बताया कि उनकी इस ऐतिहासिक पारी के पीछे ‘क्रिकेट के भगवान’ सचिन तेंदुलकर का बड़ा हाथ है।

जब टीम से बाहर थे, तब सचिन बने सहारा (IND vs NZ Final T20 World Cup 2026)

मैच के बाद संजू सैमसन ने एक बेहद भावुक खुलासा करते हुए कहा, “जब मैं प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं था और कठिन दौर से गुजर रहा था, तब मैंने सचिन तेंदुलकर सर से संपर्क किया। उन्होंने न केवल मेरा मार्गदर्शन किया, बल्कि लगातार मेरा हौसला बढ़ाया। फाइनल से ठीक एक दिन पहले भी उन्होंने मुझे फोन किया और मेरी तैयारी के बारे में जाना। मैं उनका तहे दिल से आभारी हूं।

IND vs NZ Final 1

सचिन ने की अभिषेक की तारीफ

सचिन की सलाह का असर मैदान पर साफ दिखा। संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रनों की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 8 छक्के शामिल थे। संजू अब दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल, दोनों में अर्धशतक जड़ा है। सचिन ने केवल संजू ही नहीं, बल्कि अभिषेक शर्मा के फॉर्म पर भी नज़र रखी थी। सोशल मीडिया पर सचिन ने लिखा कि टीम ने अभिषेक की क्षमता पर भरोसा दिखाया और उन्होंने 18 गेंदों में सबसे तेज पचासा जड़कर उस भरोसे को सही साबित किया।

अहमदाबाद में रिकॉर्ड्स की झड़ी

भारत ने न्यूज़ीलैंड के सामने 255/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सर्वोच्च स्कोर है। भारत ने पावरप्ले में 92 रन कूटकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। अभिषेक (52) और संजू (89) के बीच 98 रनों की ओपनिंग साझेदारी ने कीवी गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। अंत में शिवम दुबे ने मात्र 8 गेंदों में 26 रन बनाकर भारत को उस स्कोर तक पहुँचाया, जहां से न्यूज़ीलैंड की हार तय हो गई थी।

Not the easiest tournament for Abhishek Sharma, but the team showed belief in his ability. He has repaid that faith with a crucial knock in the final. Well played! 👏🇮🇳

Ishan Kishan bringing real momentum to the innings, and Sanju Samson continuing his reliable run.

— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) March 8, 2026 “>

खबर AI इनपुट के साथ





Source link

‘जब से माहिका आई है तब से जीत ही जीत हो रही है,’ हार्दिक ने सरेआम किस पर साधा निशाना


Cricket

oi-Naveen Sharma

IND vs NZ: भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप का फाइनल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम इंडिया ने तीसरी बार टाइटल अपने नाम किया। ख़िताब जीतने के बाद हार्दिक पांड्या ने कुछ ऐसा कहा है, जिसे जानने के बाद आपको भी हैरानी हो सकती है।

हार्दिक पांड्या ने अपने बयान से निशाना साधने वाला काम किया है। उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को क्रेडिट दिया है। टाइटल जीतने के बाद हार्दिक पांड्या सबसे ज्यादा खुश नजर आए और टीम इंडिया की जीत का क्रेडिट उन्होंने माहिका को देते हुए एक्स वाइफ नताशा पर निशाना साधने का काम किया है।

ind vs nz

टीम इंडिया के ऑल राउंडर ने कहा कि जबसे माहिका आई है, तब से जीत हो रही है। हार्दिक ने इस प्रतिक्रिया से नताशा पर निशाना साधने का काम किया है। टीम इंडिया ने जीत तब भी दर्ज की थी, जब माहिका नहीं थीं। साल 2024 में भारत ने टाइटल जीता था, उस समय हार्दिक के साथ नताशा नहीं थीं और ना ही माहिका थीं।

एक तरह से माहिका के नाम से हार्दिक पांड्या ने नताशा पर निशाना साधा है लेकिन उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर उतना भी असर नहीं पड़ा है। हार्दिक पांड्या ने इस वर्ल्ड कप में महज एक फिफ्टी जड़ी थी। फाइनल में भी हार्दिक पांड्या का बल्ला नहीं चल पाया, वह 13 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हो गए। गेंदबाजी में उनको एक विकेट मिला था।

माहिका हर मुकाबले के दौरान हार्दिक के साथ नजर आई हैं। मुकाबले के तुरंत बाद दोनों एक साथ हो जाते हैं। एयरपोर्ट और होटल के कई वीडियो सामने आए हैं। जिसमें हार्दिक और माहिका को इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक साथ देखा जा सकता है।



Source link

IND vs NZ: धोनी के सामने सूर्या ने किया ऐसा कमाल जो माही भी नहीं कर सके! कोहली की भी रह गई थी ख्वाहिश अधूरी!


मैदान पर मजनू और खेल में जीरो, गर्लफ्रेंड के बेबी कहते ही उखड़ा हार्दिक का विकेट, टीम की डुबो गए लुटिया



Source link

कौन है ये सीनियर साइंटिस्ट? जिस पर मां और बेटियों ने 1 मिनट में मिलकर बरसाए 40 जूते, क्‍या है मामला, Video


Uttar Pradesh

oi-Bhavna Pandey

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर तहसील परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें एक फोरेसिंग विभाग के सीनियर साइंटिस्‍ट की महिलाएं जूते से जमकर पिटाई करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में एक मां और उसकी दो बेटियां साइंटिस्‍ट पर जमकर जूते बरसाती दिखाई दे रही हैं। आइए जानते हैं क्‍या है पूरा मामला और कौन है ये सांइटिस्‍ट?

दरअसल, यह पूरा मामला कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। घाटमपुर निवासी कैलाश और गांव की एक महिला के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस मामले की सुनवाई शनिवार को घाटमपुर तहसील में तय थी, जिसमें दोनों पक्ष पेश होने पहुंचे थे।

Kanpur Ghatampur tehsil

कौन है ये सीनियर साइंटिस्ट?

कैलाश की ओर से पैरवी उनके रिश्तेदार और झांसी के फोरेंसिक विभाग में कार्यरत सीनियर साइंटिस्ट संतोष कुरील कर रहे थे। सुनवाई खत्म होने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

कार से खींचकर की 1 मिनट में बरसाए 40 जूते?

बहस के दौरान महिला और उसकी दो बेटियों ने संतोष कुरील को उनकी कार से बाहर खींच लिया। इसके बाद तीनों ने मिलकर जूतों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। लगभग एक मिनट तक चले इस हमले में उन पर 40 से ज्यादा जूते बरसाए गए।

पुलिस और कर्मचारी बने रहे मूक दर्शक

इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के समय तहसील परिसर में पुलिसकर्मी, कर्मचारी और अधिकारी मौजूद थे, लेकिन वीडियो में वे किसी तरह का हस्तक्षेप करते नजर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

दोनों पक्षों के आरोप

पीड़ित संतोष कुरील का आरोप है कि संबंधित महिला ने पहले उन पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाया था, जो पुलिस जांच में फर्जी साबित हुआ था। वहीं महिला का कहना है कि दो साल पहले संतोष कुरील ने उसके साथ बलात्कार किया था और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को बदलवा दिया।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधिकारी कृष्ण कुमार यादव के मुताबिक, महिला और उसकी बेटियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।



Source link

Aaj Ka Match Kon Jeeta 8 March: आज का मैच कौन जीता- भारत vs न्यूजीलैंड फाइनल, टी20 विश्व कप


Cricket

oi-Naveen Sharma

Aaj Ka Match Kon Jeeta: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी20 विश्व कप 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल में भारतीय बल्लेबाजों ने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 255/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया।

पारी की शुरुआत से ही अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने आक्रामक रुख अपनाया। संजू सैमसन ने महज 46 गेंदों में 89 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 8 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके जड़े। वहीं, उनके जोड़ीदार अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रन बनाकर कीवी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया, उन्होंने 18 गेंदों में ही फिफ्टी जमा डाली, दोनों की पारियों की बदौलत भारत ने पावरप्ले में ही रिकॉर्ड तोड़ स्कोर बना लिया था।

aaj ka match kon jeeta

मध्यक्रम में इशान किशन ने अपनी फॉर्म जारी रखते हुए 25 गेंदों में 54 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। हालांकि कप्तान सूर्यकुमार यादव खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए, लेकिन अंत में शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 26 रन ठोककर स्कोर को 250 के पार पहुंचा दिया। हार्दिक पांड्या ने भी 18 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की खराब शुरुआत रही। फिन एलन के रूप में कीवी टीम का पहला विकेट गिरा, वह 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद विकेट गिरने का सिलसला शुरू हो गया। टिम साइफर्ट ने जरूर कुछ अच्छे शॉट जड़ते हुए फिफ्टी जमाई। वह 26 गेंदों में 52 रन बनाकर आउट हो गए। न्यूजीलैंड को लगातार झटके लगे और आधी टीम 72 के कुल स्कोर पर आधी टीम आउट हो गई। 10 ओवर में न्यूजीलैंड का स्कोर 5 विकेट पर 88 रन था।



Source link

Osman Hadi Case: 2 माह 23 दिन बाद बंगाल STF ने 2 आरोपियों को दबोचा, उस्मान की हत्या से झुलसा था बांग्लादेश!


India

oi-Divyansh Rastogi

Osman Hadi Murder Case Update: बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता और छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी (Osman Hadi) की हत्या के मुख्य आरोपी सहित दो बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी हत्या के ठीक 2 महीने 23 दिन बाद हुई है। दोनों आरोपी ढाका में गोलीबारी के बाद भारत में अवैध रूप से घुसे थे और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास छिपे हुए थे।

Osman Hadi Murder Case

बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता और छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी (फाइल फोटो)

Osman Hadi Murder Case Timeline: घटना का क्रम क्या था?

  • 12 दिसंबर 2025: ढाका के पलटन इलाके में नकाबपोश बंदूकधारियों ने उस्मान हादी पर गोली चलाई। गोली सिर में लगी, उन्हें गंभीर हालत में सिंगापुर ले जाया गया।
  • 18 दिसंबर 2025: सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद मुख्य आरोपी और सहयोगी बांग्लादेश से फरार हो गए। वे मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बोंगांव (Bongaon) सीमावर्ती क्षेत्र में शरण ली। वे मौका मिलते ही बांग्लादेश वापस लौटने की फिराक में थे।

Osman Hadi Murder Case Accused Arrested: गिरफ्तारी कैसे हुई?

पश्चिम बंगाल STF को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली कि हत्या और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों के बाद दो बांग्लादेशी नागरिक भारत में छिपे हैं।

  • 7-8 मार्च 2026 की दरमियानी रात को STF ने बोंगांव क्षेत्र में छापेमारी की।
  • दोनों को रोककर हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार:

  • फैसल करीम मसूद उर्फ राहुल (37 वर्ष, पटुआखली, बांग्लादेश) – मुख्य आरोपी।
  • आलमगीर हुसैन (34 वर्ष, ढाका, बांग्लादेश) – सहयोगी।
  • प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने की बात कबूली। पुलिस ने अवैध घुसपैठ और हत्या में संलिप्तता के लिए मामला दर्ज किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

Who Was Osman Hadi: उस्मान हादी कौन थे?

32 वर्षीय शरीफ उस्मान बिन हादी बांग्लादेश के 2024 के छात्र आंदोलन (जिसने शेख हसीना सरकार को गिराया) के प्रमुख चेहरे थे। वे इंकलाब मंच (Inqilab Mancha) के संयोजक और प्रवक्ता थे। भारत और अवामी लीग (शेख हसीना की पार्टी) के कट्टर आलोचक थे। 2026 फरवरी में होने वाले आम चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने वाले थे। उनकी हत्या के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की। सांप्रदायिक तनाव बढ़ा।

बांग्लादेश पुलिस का पहले का दावा

ढाका पुलिस ने हत्या के तुरंत बाद आरोप लगाया था कि शूटर भारत में भाग गए। उन्होंने हलुआघाट सीमा से भारत में दाखिल होने, मेघालय के तुरा पहुंचने और भारतीय सहयोगियों की मदद का जिक्र किया था। अब STF की गिरफ्तारी से यह दावा सही साबित हुआ। बांग्लादेश पुलिस ने 17 आरोपियों का चार्जशीट दाखिल किया था, जिसमें फैसल को मुख्य आरोपी बताया गया था।

विवाद की राजनीतिक कहानी क्या?

उस्मान हादी की हत्या को राजनीतिक बदला माना जा रहा है। बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि यह अवामी लीग (जो अब प्रतिबंधित है) से जुड़े लोगों ने करवाया। हत्या के बाद बांग्लादेश में अशांति बढ़ी, क्योंकि हादी छात्र आंदोलन के हीरो थे। उनकी मौत ने भारत विरोधी भावनाओं को भी भड़काया था।

यह गिरफ्तारी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ और क्रॉस-बॉर्डर अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता है। दोनों देशों के बीच अब प्रत्यर्पण या आगे की जांच पर बात हो सकती है। पुलिस जांच जारी है। साजिश के पीछे कौन था, यह जल्द सामने आएगा।



Source link

Iran US War: तेहरान के तेल भंडार पर हमला! आग, धुएं और काली बारिश में दिखा क़यामत जैसा मंजर, देखें VIDEO


International

oi-Bhavna Pandey

Iran US War: ईरानी राजधानी तेहरान हाल ही में इजरायली हमलों के बाद पूरी तरह धुएँ की चादर में लिपट गई। शहर के तेल डिपो पर हवाई हमलों के कारण उठती भयंकर आग और काला धुआँ इतना घना था कि सूरज की रोशनी भी छिप गई।

10 मिलियन से अधिक आबादी वाले इस महानगर में रविवार की सुबह लोग अपनी बत्तियाँ जलाकर बाहर देख पाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान के आसमान में उठती आग की लपटें और फैलता धुआँ दिखाई दिया, जिसने अमेरिकी-ईरान संघर्ष को एक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

Iran US War

इजरायली हमले के बाद दिखा क़यामत जैसा मंजर

उत्तर-पूर्वी तेहरान के अगदसीह तेल गोदाम, पश्चिम में शाहरान तेल डिपो और करज शहर में एक अन्य तेल डिपो को निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने कहा कि इन हमलों का मकसद “सैन्य बुनियादी ढाँचे को संचालित करने वाले ईंधन भंडारण सुविधाओं” को क्षति पहुंचाना था। शाहरान बुलेवार्ड की सड़कों पर पाइपलाइन फटने से आग फैल गई और आस-पास की इमारतों की खिड़कियां विस्फोट के बल से टूट गईं। आग की लपटें 12 घंटे से अधिक समय तक उठती रहीं, और यह नौ दिनों की लड़ाई के दौरान देश के तेल बुनियादी ढाँचे पर पहला हमला था।

जारी की गई चेतावनी

तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेघ मोतामेदियन ने कहा कि ईंधन वितरण “अस्थायी रूप से बाधित” हो गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश “काली और तैलीय” थी, जबकि सरकार ने अम्लीय वर्षा की चेतावनी जारी की। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी कि हवा में “महत्वपूर्ण मात्रा में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड” फैल गए हैं। अधिकारियों ने निवासियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी, क्योंकि इन जहरीले धुएँ से सांस लेने में समस्या और आँखों में जलन हो सकती है।

सीएनएन द्वारा साझा किए गए वीडियो में जलते तेल डिपो से उठते घने धुएं के दृश्य दिखाई दिए, हालांकि हिन्दुस्तान टाइम्स ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की। शाहरान बुलेवार्ड के वीडियो की प्रामाणिकता की भी पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा बल ने संभाली कमान

तेहरान की सड़कों पर सुरक्षा बल विशेष कोट और मास्क पहनकर यातायात नियंत्रित कर रहे थे। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाकाए ने अमेरिकी-इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की और इसे “ईरानी नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर किए गए रासायनिक युद्ध” के समान बताया।



Source link

सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 339 लीटर अवैध शराब के साथ कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, बिना नंबर की बोलेरो जब्त


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

MP Police action: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम ने एक बार फिर कमर तोड़ दी है। रविवार को कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात शराब तस्कर कमल मानाठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 339.28 लीटर अवैध शराब और एक बिना नंबर प्लेट वाली सफेद बोलेरो जब्त की गई है।

जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 3 लाख 86 हजार 100 रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सिवनी सचिन परते के मार्गदर्शन में हुई।

Police crack down on liquor smuggler in Seoni seize 339 litres of illicit liquor and a Bolero

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी और सफल कार्रवाई

कार्रवाई की शुरुआत एक मुखबिर की सूचना से हुई। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी को सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बोलेरो में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरकर शहर में बिक्री के लिए लाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना स्तर पर एक विशेष टीम गठित की गई और छिंदवाड़ा रोड स्थित द ग्रैंड रॉयल होटल के सामने घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी गई।

दोपहर करीब 3 बजे छिंदवाड़ा की ओर से आ रही बिना नंबर प्लेट वाली सफेद बोलेरो को रोका गया। वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें 14 थैले और 11 कार्टून में भरी बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। जांच में कुल 339.28 लीटर अवैध शराब पाई गई। वाहन चालक से वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। पूछताछ में उसने अपना नाम कमल मानाठाकुर (पिता मिठाईलाल मानाठाकुर, उम्र 51 वर्ष), निवासी रेलवे क्रॉसिंग के पास, रानी दुर्गावती वार्ड, सिवनी बताया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में खपाने की योजना थी।

जब्त शराब का विवरण

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न प्रकार की अवैध शराब बरामद की:

  • प्लेन मदिरा – 180 लीटर
  • लाल मसाला – 72 लीटर
  • मैकडोवेल्स रम – 43 लीटर
  • ऑफिसर चॉइस व्हिस्की – 35.28 लीटर
  • जिनियस व्हिस्की – 9 लीटर

कुल अवैध शराब: 339.28 लीटर (कीमत लगभग 86,100 रुपये)
जब्त बोलेरो वाहन: लगभग 3,00,000 रुपये
कुल जब्ती मूल्य: 3,86,100 रुपये

आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, कमल मानाठाकुर पहले भी कई बार अवैध शराब तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामले इस प्रकार हैं:

  • आबकारी एक्ट धारा 34(2) के 2 मामले
  • आबकारी एक्ट धारा 34(1) के 2 मामले
  • शासकीय कार्य में बाधा डालने का 1 मामला

विशेष रूप से 24 जनवरी 2024 को कोतवाली पुलिस ने उसके कब्जे से 223.56 लीटर अवैध शराब बरामद की थी, जिसके तहत भी धारा 34(2) के तहत कार्रवाई हुई थी। यह उसका बार-बार दोहराया गया अपराध दर्शाता है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस सफल कार्रवाई में कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में टीम में शामिल थे:

  • उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत
  • सहायक उपनिरीक्षक दिनेश रघुवंशी
  • प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने

आरक्षक प्रदीप चौधरी, पंकज सोलंकी, अजेन्द्र पाल, सौरभ ठाकुर, लोकेश सरयाम, रत्नेश कुशवाहा, रविन्द्र डहेरिया, सुधीर डहेरिया, विश्राम धुर्वे, सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे, प्रशांत गजभिये, प्रतीक बघेल
चालक इरफान

पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और ऐसे तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



Source link

PM मोदी के बाद अब CM योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी, दोनों में बिहार लिंक, भड़के रवि किशन- ‘दिखा दी गंदी सोच’


Uttar Pradesh

oi-Divyansh Rastogi

UP CM Yogi Mother Abusive Comments Case: राजनीतिक विवादों में एक बार फिर मातृत्व का अपमान सामने आया है। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की, जिससे यूपी में आक्रोश फैल गया।

7 मार्च 2026 को लखनऊ के अटल चौराहा पर बड़ी संख्या में युवा और भाजपा समर्थक सड़कों पर उतरे-मौलाना का पुतला फूंका, नारेबाजी की और सख्त कार्रवाई की मांग की। गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन (MP Ravi Kishan) ने भी कड़ी निंदा की और कहा कि यह नफरत वाली सोच का परिचय है, जो भारतीय संस्कृति में कभी स्वीकार नहीं होगी।

Yogi Adityanath Mother Controversy

Who Is Maulana Abdullah Saleem: कौन है मौलाना? क्या कहा?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बिहार के अररिया जिले के जोकी हाट निवासी मौलाना अब्दुल्लाह सलीम एक मजहबी जलसे में यूपी के गौकशी कानून की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने भड़काऊ अंदाज में कहा कि यूपी में ऐसा कानून है कि अगर किसी के पास ‘योगी जी की अम्मा…भी मिल जाए, तो पुलिस एनकाउंटर कर देती है या पैरों में छेद कर देती है। उन्होंने गौमाता को लेकर भी अपमानजनक बातें कही और मुख्यमंत्री की मां को इस संदर्भ में खींचा। यह टिप्पणी गौ-रक्षा कानून को निशाना बनाने के बहाने की गई, लेकिन मातृत्व का अपमान कर समाज में नफरत फैलाने वाली साबित हुई।

Lucknow Protest on Maulana Abdullah Saleem: लखनऊ में प्रदर्शन और आक्रोश

7 मार्च को हजरतगंज के अटल चौराहा पर सैकड़ों युवा जमा हुए। मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला फूंका, पैरों तले कुचला और ‘शव यात्रा’ निकाली। नारे लगाए- ‘मां का अपमान बर्दाश्त नहीं’, ‘मौलाना को गिरफ्तार करो’। चेतावनी दी कि 4 दिनों में FIR और गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के परिवार को विवाद में खींचना गलत है। ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। पुलिस-प्रशासन ने शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नोकझोंक भी हुई। अभी तक कोई FIR की पुष्टि नहीं, लेकिन मांग तेज है।

Ravi Kishan Rebuked: रवि किशन का पलटवार

गोरखपुर सांसद और अभिनेता रवि किशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मौलाना की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ‘भारतीय संस्कृति में मां सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक है। किसी की मां पर अभद्र टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। जो लोग मातृत्व का अपमान करते हैं, वे अपनी संस्कारहीनता और नफरत वाली सोच दिखाते हैं। ऐसी मजहबी सोच महिलाओं के प्रति क्या है, समाज देख रहा है। देश ऐसे बयानों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने अपील की कि सार्वजनिक जीवन में शालीनता और मर्यादा बनाए रखें, और महिलाओं-माताओं के सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।

भारतीय संस्कृति में माँ सर्वोच्च सम्मान की प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री @MYogiAdityanath जी महाराज की पूज्य माता जी पर बिहार के मौलाना द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है।

जो लोग मातृत्व का अपमान करते हैं, वे दरअसल अपने संस्कार और अपनी सोच का ही परिचय…

— Ravi Kishan (@ravikishann) March 8, 2026 “>

PM Modi Mother Abusive Comments Case: यह विवाद PM मोदी की मां से जुड़ा पुराना मुद्दा याद दिलाता है

यह पहली बार नहीं जब राजनीतिक मंचों पर माताओं का अपमान हुआ। कुछ समय पहले बिहार में RJD-कांग्रेस के मंच से PM मोदी की स्वर्गीय मां हीराबेन पर अभद्र टिप्पणियां हुईं थीं। PM मोदी ने खुद भावुक होकर कहा था कि ‘मां ही हमारा संसार और स्वाभिमान है। मेरी मां को गालियां देना देश की मां-बहन-बेटियों का अपमान है।’

मामले में बिहार के दरभंगा में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​राजा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जिसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

बिहार में एंटी मोदी-योगी सुर?

गौर करने वाली बात यह है कि पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी की मां पर अभद्र टिप्पणियां करने वाला भी बिहार राज्य से ही है। एक दरभंगा से मोहम्मद रिजवी उर्फ ​​राजा और दूसरा अररिया जिले से मौलाना अब्दुल्ला सलीम है।

यह मामला अब सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। मौलाना अब्दुल्ला सलीम बिहार के हैं और आए दिन विवादित बयान देते रहे हैं। यूपी में भाजपा कार्यकर्ता और योगी समर्थक इसे ‘नफरत फैलाने की साजिश’ बता रहे हैं। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल आक्रोश चरम पर है। ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा करते हैं-कानून को सख्ती से लागू कर ऐसी हरकतों पर रोक लगनी चाहिए।





Source link

Gujarat News: सूरत इकोनॉमिक रीजन में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपये मंजूर, दक्षिण गुजरात के विकास को मिलेगी नई गति


गुजरात सरकार ने सूरत आर्थिक क्षेत्र में 24 सड़क परियोजनाओं के लिए 1185 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिससे उद्योग, रसद, कृषि, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 383 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जो विकसित गुजरात 2047 की दृष्टि का हिस्सा है।

India

-Oneindia Staff

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल’ और ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुरूप गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से सूरत इकोनॉमिक रीजन (एसईआर) में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए 1185 करोड़ रुपये के 24 कार्यों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत कुल 383 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का उन्नयन किया जाएगा। इससे सूरत, तापी, वलसाड, भरूच, नवसारी और डांग जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी।

INR 1185 Crore road boost for Surat region

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) का गठन किया है। इसके माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, व्यक्ति और संस्थान आधारित दीर्घकालीन तथा परिणामोन्मुखी विकास की योजना बनाई जा रही है।

ग्रिट के मार्गदर्शन में राज्य के संतुलित विकास के लिए छह ग्रोथ हब विकसित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दक्षिण गुजरात के लिए तैयार किए गए रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान के तहत सूरत इकोनॉमिक रीजन में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए यह पहला बड़ा निवेश मंजूर किया गया है।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

सूरत इकोनॉमिक रीजन में शामिल सूरत, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी और डांग जिले राज्य के आर्थिक विकास में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से इन जिलों के प्रमुख औद्योगिक हब और जीआईडीसी क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

इससे टेक्सटाइल, केमिकल, पेट्रोकेमिकल और डायमंड उद्योगों के साथ-साथ फिशरीज, हजीरा पोर्ट, शुगर फैक्ट्री, सुमूल डेयरी, पापड़ उद्योग तथा माइनिंग और लिग्नाइट परियोजनाओं को भी लाभ मिलेगा। साथ ही कडोद, कडोदरा, जोलवा, मांगरोल, कोसंबा और तडकेश्वर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने से औद्योगिक विस्तार को भी गति मिलेगी।

कृषि और लॉजिस्टिक्स को होगा फायदा

सड़क नेटवर्क के उन्नयन से लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ेगी और माल व श्रमिकों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इसके अलावा कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे।

पर्यटन विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

दक्षिण गुजरात के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों जैसे सिद्धनाथ महादेव, शबरीधाम, पांडव गुफा, अंजनीकुंड और संजाण की पारसी अगियारी तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा सापुतारा, विल्सन हिल और महाल के जंगलों जैसे इको-टूरिज्म स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार के नए अवसर

सूरत इकोनॉमिक रीजन में पारंपरिक क्षेत्रों जैसे डायमंड, टेक्सटाइल, केमिकल और फिशरीज के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और लॉजिस्टिक्स में भी नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का लक्ष्य सूरत इकोनॉमिक रीजन को ‘विकसित गुजरात@2047’ का रणनीतिक ग्रोथ इंजन बनाना है। अनुमान है कि वर्ष 2047 तक राज्य की 3.5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में यह क्षेत्र जीएसडीपी में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान देगा।

सरकार का मानना है कि रोड इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन की इन परियोजनाओं से दक्षिण गुजरात के विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्र आर्थिक प्रगति के नए मील के पत्थर स्थापित करेगा।



Source link