Home Blog Page 452

राष्ट्रपति मुर्मू के ‘अपमान’ पर सियासी तूफान? संथाल सम्मेलन से उठा विवाद, ममता सरकार पर केंद्र के सवाल


India

oi-Pallavi Kumari

President Droupadi Murmu: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन एक सांस्कृतिक उत्सव के तौर पर शुरू हुआ था, लेकिन कार्यक्रम खत्म होते-होते यह राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक विवाद में बदल गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा जताई, जिसके बाद मामला अचानक सुर्खियों में आ गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है।

President Droupadi Murmu

संथाल संस्कृति का उत्सव बना राजनीतिक विवाद

दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन का उद्देश्य संथाल समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और इतिहास का सम्मान करना था। देश-विदेश से कई प्रतिनिधियों और समुदाय के लोगों को इस कार्यक्रम में शामिल होना था।

लेकिन कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से जो बातें कहीं, उन्होंने इस आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। राष्ट्रपति ने कहा कि जिस सम्मेलन का मकसद संथाल संस्कृति का जश्न मनाना था, उसी समुदाय के कई लोग इस कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हो पाए। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि कार्यक्रम का स्थल ऐसा चुना गया, जहां पहुंचना कई लोगों के लिए मुश्किल साबित हुआ।

राष्ट्रपति की यह टिप्पणी इसलिए भी खास मानी गई क्योंकि वे आम तौर पर सार्वजनिक मंचों पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर इतनी स्पष्ट टिप्पणी नहीं करतीं। उनकी बात सामने आते ही देशभर में इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई।

स्थल बदलने के फैसले से शुरू हुआ पूरा विवाद

बताया जा रहा है कि इस सम्मेलन का आयोजन पहले दार्जिलिंग जिले के बिधाननगर इलाके में होना था। लेकिन बाद में कार्यक्रम का स्थल बदलकर सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके बागडोगरा क्षेत्र के गोसाईंपुर में कर दिया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि जब उन्होंने आसपास के खुले और विशाल क्षेत्र को देखा तो उन्हें लगा कि कार्यक्रम यहीं आयोजित किया जा सकता था, जहां बड़ी संख्या में लोग आसानी से जुट सकते थे।

उन्होंने कहा कि यह जगह इतनी बड़ी है कि यहां लाखों लोग एकत्र हो सकते थे। अगर कार्यक्रम यहां आयोजित किया जाता तो शायद संथाल समुदाय के अधिक लोग इसमें शामिल हो पाते। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर दुख हुआ कि कई लोग जो इस सम्मेलन में आने की उम्मीद कर रहे थे, वे स्थान की वजह से कार्यक्रम तक पहुंच ही नहीं सके।

This is shameful and unprecedented. Everyone who believes in democracy and the empowerment of tribal communities is disheartened.

The pain and anguish expressed by Rashtrapati Ji, who herself hails from a tribal community, has caused immense sadness in the minds of the people… https://t.co/XGzwMCMFrT

— Narendra Modi (@narendramodi) March 7, 2026 “>

प्रोटोकॉल को लेकर भी उठे सवाल

इस पूरे मामले को और संवेदनशील तब बना दिया जब राष्ट्रपति ने अपने दौरे के दौरान प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। आम तौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाती हैं तो मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव मौजूद थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री इस मौके पर नजर नहीं आए। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जब राष्ट्रपति किसी स्थान पर जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी स्वागत के लिए आना चाहिए।

उन्होंने एक भावनात्मक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि वे खुद को बंगाल की बेटी मानती हैं और ममता बनर्जी को अपनी छोटी बहन की तरह समझती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री उनसे नाराज क्यों हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की इस टिप्पणी ने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया।

प्रधानमंत्री मोदी का तीखा हमला

राष्ट्रपति की टिप्पणी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना को शर्मनाक और अभूतपूर्व बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति की पीड़ा ने पूरे देश को दुखी कर दिया है। लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति इस घटना से आहत है। उन्होंने यह भी कहा कि द्रौपदी मुर्मू स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उनके द्वारा व्यक्त किया गया दुख देश के नागरिकों को गहराई से प्रभावित करता है।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य प्रशासन ने इस मामले में सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने इस घटना को राष्ट्रपति के पद का अपमान बताया और कहा कि संविधान के सर्वोच्च पद का सम्मान हमेशा राजनीति से ऊपर होना चाहिए।

ममता बनर्जी ने आरोपों को नकारा

जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के स्वागत और विदाई की पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा तय प्रोटोकॉल के अनुसार ही की गई थी।

ममता बनर्जी ने कहा कि एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का स्वागत सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर, दार्जिलिंग के जिलाधिकारी और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के कमिश्नर ने किया था। उन्होंने यह भी कहा कि सम्मेलन के आयोजकों की तैयारी शायद पूरी तरह पर्याप्त नहीं थी, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रोटोकॉल उल्लंघन नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

International Santal Council, a private organisation, invited Hon’ble President to the 9th International Adivasi Santal Conference in Siliguri.

After Advanced Security Liaison, district administration flagged in writing to the President’s Secretariat that the organiser appeared…

— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 7, 2026 “>

केंद्र सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। राज्य सरकार से कहा गया है कि रविवार शाम पांच बजे तक इस मामले में पूरी जानकारी दी जाए।

गृह मंत्रालय ने उठाए कई सवाल

सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। इनमें राष्ट्रपति के स्वागत से जुड़े प्रोटोकॉल, सम्मेलन के स्थल में आखिरी समय पर किए गए बदलाव, यात्रा मार्ग में परिवर्तन और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े सवाल शामिल हैं।

इसके अलावा केंद्र ने यह भी पूछा है कि राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारी क्यों मौजूद नहीं थे। सूत्रों का यह भी कहना है कि कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं और राष्ट्रपति के यात्रा मार्ग पर मौजूद सुविधाओं को लेकर भी कुछ चिंताएं जताई गई हैं।

स्थानीय अधिकारियों पर कार्रवाई का सवाल

केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन से यह भी पूछा है कि क्या इस मामले में किसी स्थानीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है या नहीं। रिपोर्ट में दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर और अतिरिक्त जिलाधिकारी की भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी गई है।

केंद्र और राज्य के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह घटना राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को दिखाती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा राष्ट्रपति के पद को राजनीतिक विवाद में घसीट रही है और इस मुद्दे को चुनाव से पहले राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। ममता बनर्जी ने भी सवाल उठाया कि जब देश के अन्य राज्यों में आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दे सामने आते हैं तो उस समय इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई जाती।

सांस्कृतिक आयोजन से राष्ट्रीय विवाद तक

दार्जिलिंग में आयोजित यह सम्मेलन मूल रूप से संथाल समुदाय की संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन राष्ट्रपति की टिप्पणी, प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और राज्य सरकार की सफाई के बाद यह कार्यक्रम अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और क्या इस विवाद से कोई प्रशासनिक कार्रवाई भी सामने आती है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से शुरू हुआ यह मामला देश की राजनीति में बड़ी बहस का विषय बन गया है।





Source link

President Vs Mamata Banerjee: राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी कूदे, केंद्र पर लगाए आरोप


India

oi-Smita Mugdha

President Vs Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में अगले महीने चुनाव प्रस्तावित हैं और इस माहौल में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। राष्ट्रपति के अपमान के मुद्दे पर जमकर सियासी बयानबाजी चल रही है। दक्षिण 24 परगना जिले के मथुरापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने मणिपुर हिंसा, राष्ट्रपति की भूमिका और देश की विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाया।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब मणिपुर तीन साल तक हिंसा की आग में जल रहा था, तब राष्ट्रपति की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर उद्घाटन और नए संसद भवन के उद्घाटन जैसे बड़े कार्यक्रमों में राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। यह साफ दिखाता है कि बीजेपी संवैधानिक पदों की गरिमा का कितना ख्याल रखती है।

President Vs Mamata

President Vs Mamata Banerjee: बीजेपी पर लगाया राष्ट्रपति के अपमान का आरोप

टीएमसी नेता ने राष्ट्रपति के अपमान के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति है। अगर युद्ध जैसे हालात होते हैं, तो आदेश उनके माध्यम से जाने चाहिए। उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील और रूस से तेल खरीद पर मिली छूट पर निशाना साधा। टीएमसी सांसद ने कहा कि मौजूदा हालात में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे देशों का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जो चिंता का विषय है।

Abhishek Banerjee ने मोदी सरकार पर बोला तीखा हमला

अभिषेक बनर्जी संसद और सड़क दोनों ही जगहों पर बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा वार करते हुए कहा, ‘देश के संवैधानिक पदों की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है। सरकार को इस दिशा में जवाबदेह होना चाहिए।’ बता दें कि राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सीएम ममता बनर्जी नहीं पहुंची थीं। विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि धरने पर होने की वजह से उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

अब टीएमसी ने बीजेपी के राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोपों पर पलटवार किया है। ममता बनर्जी के बाद उनके भतीजे अभिषेक ने भी केंद्र को निशाने पर लिया है। टीएमसी सुप्रीमो पहले ही आरोप लगा चुकी हैं कि बीजेपी राजनीतिक हितों के लिए राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद का भी इस्तेमाल करती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और बढ़ सकती है।



Source link

Karnataka के हॉस्टल में Student का खौफनाक Attack, सो रहे दोस्तों पर क्यों बरसाईं लोहे की रॉड?


कर्नाटक के बल्लारी स्थित ‘गुरुकुल रेजिडेंशियल स्कूल’ के हॉस्टल में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जब सभी छात्र सो रहे थे, तब नौवीं कक्षा के एक छात्र ने अचानक लोहे की रॉड उठाकर अपने साथियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल आठ छात्र घायल हुए, जिनमें से आंध्र प्रदेश के विजयनगर के रहने वाले एक छात्र की मौत हो गई। दो अन्य छात्रों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि छह का इलाज चल रहा है।

वॉर्डन और ड्राइवर पर भी किए वार

हमलावर छात्र यहीं नहीं रुका, उसने बीच-बचाव करने आए हॉस्टल वॉर्डन और एक ड्राइवर पर भी हमला किया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी छात्र की तलाश शुरू कर दी है। मौके पर फॉरेंसिक और सबूत जुटाने वाली टीमों को भेजा गया है ताकि घटना के पीछे की सही वजह और इस्तेमाल किए गए हथियार की जानकारी मिल सके।
 

इसे भी पढ़ें: Punjab की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, Mann Govt हर महीने देगी 1,000 रुपये

कानूनी प्रक्रिया

बल्लारी रेंज के आईजीपी पीएस हर्षा ने बताया कि चूंकि आरोपी छात्र नाबालिग है, इसलिए पूरी जांच ‘जुवेनाइल जस्टिस एक्ट’ के नियमों के तहत बेहद संवेदनशीलता से की जा रही है। पुलिस जल्द ही मृतक छात्र के माता-पिता के बयान दर्ज करेगी। कानून के दायरे में रहते हुए आरोपी की सुरक्षा और अधिकारों का भी ध्यान रखा जा रहा है, इसलिए फिलहाल ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
 

इसे भी पढ़ें: India Weather Update: दिल्ली-राजस्थान में रिकॉर्ड गर्मी, कई राज्यों में IMD का हीटवेव अलर्ट

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक छात्र के माता-पिता ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हॉस्टल के भीतर ऐसी हिंसक घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है। परिजनों ने यह आशंका भी जताई है कि हमलावर छात्र नशे का आदी हो सकता है। वे इस पूरे हादसे के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।



Source link

IND vs NZ Final से पहले बड़ा धमाका! Sanju Samson को लेकर रोहित शर्मा के एक खुलासे ने हिला दी क्रिकेट की दुनिया


Cricket

oi-Sohit Kumar

India vs New Zealand, Final, T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से ठीक पहले टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम से एक दिल छू लेने वाली बातचीत सामने आई है। कप्तान रोहित शर्मा ने विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) के साथ हुई अपनी उस ‘सीक्रेट’ बातचीत का खुलासा किया है, जब टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में संजू को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल रही थी।

रोहित ने बताया कि वह एक खिलाड़ी का दर्द समझते हैं, क्योंकि 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में उन्हें खुद भी चयन न होने का दुख झेलना पड़ा था। आइए जानतें हैं रोहित-संजू के बीच क्या बात हुई थी?

Rohit Sharma with Sanju Samson

‘दुखी मत हो भाई’

आईसीसी (ICC) द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में रोहित शर्मा ने बताया कि उन्होंने संजू सैमसन को निराश होते देख उनसे खास बात की थी। रोहित ने संजू को दिलासा देते हुए कहा था, ‘दुखी मत हो भाई। यह एक लंबा टूर्नामेंट है, यहां कभी भी मौका आ सकता है।’

संजू सैमसन को किस बात का था डर?

रोहित ने यह बातें तब कहीं जब संजू सैमसन को टीम से बाहर रखा गया था और उन्हें डर था कि कहीं 2024 वर्ल्ड कप की तरह इस बार भी उन्हें बिना मैच खेले ही बेंच पर न बैठना पड़े।

संजू ने मौका मिलते ही पलट दिया गेम

रोहित ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह एक खिलाड़ी की ‘नब्ज’ पहचान सकते हैं और समझते हैं कि जब मौका न मिले तो कैसा महसूस होता है। उन्होंने संजू को भरोसा दिलाया था कि अतीत में कई बार अजीब चीजें हुई हैं और मौका कभी भी मिल सकता है। रोहित की यह बात सच साबित हुई और संजू को एक महत्वपूर्ण मैच में मौका मिला, जहां उन्होंने अपनी बेहतरीन पारी से टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया।

पिछले कुछ सालों में भारत ने बड़े टूर्नामेंटों में अपनी ताकत फिर साबित की है। 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। सूर्यकुमार यादप (Suryakumar Yadav) की कप्तानी में टीम ने इस टूर्नामेंट में भी कई बड़े मैच जीते हैं और अब वह लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनने की दावेदार मानी जा रही है।

हालांकि फाइनल से पहले टीम के सामने कुछ सवाल भी हैं। अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) और वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakaravarthy) का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। अभिषेक ने आठ मैचों में सिर्फ 89 रन बनाए हैं, जबकि वरुण विपक्षी बल्लेबाजों के लिए उतने प्रभावी नहीं दिखे। इसके बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ कर दिया है कि फाइनल में वरुण को बाहर नहीं किया जाएगा।

भारतीय टीम के लिए छठे गेंदबाज का विकल्प भी चिंता का विषय बना हुआ है, हालांकि सेमीफाइनल में शानदार गेंदबाजी बदलाव और डेथ ओवरों की रणनीति ने टीम को जीत दिलाई थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ले से थोड़ा और योगदान भी टीम के लिए अहम साबित हो सकता है।

फाइनल में क्या है भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती?

फाइनल में भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती न्यूज़ीलैंड के ओपनर फिन एलन (Finn Allen) और टिम सीफ़र्ट (Tim Seifert) को जल्दी रोकना होगी। दोनों बल्लेबाजों ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आक्रामक शुरुआत देकर मैच का रुख बदल दिया था। ऐसे में भारत को अपने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को शुरुआत में ही आक्रमण पर लाना पड़ सकता है।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) की पिच लाल और काली मिट्टी का मिश्रण है, जिससे रन बनने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में फाइनल हाई-स्कोरिंग मुकाबला हो सकता है। हालांकि खिलाड़ियों के लिए असली चिंता ओस की होगी, क्योंकि इस टूर्नामेंट में कई मैचों का नतीजा टॉस और ओस के असर से प्रभावित हुआ है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि वर्ल्ड कप जैसा बड़ा मुकाबला सिर्फ टॉस के सहारे तय न हो।



Source link

IAS IPS Love Story: ‘ट्रेनिंग के दौरान कर बैठे इश्क’,कौन हैं ये IAS जिसने देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की Job?


India

oi-Ankur Sharma

IAS IPS Love Story: 6 मार्च को UPSC 2025 का रिजल्ट आया है, जिसके बाद देश की इस कठिन परीक्षा को पास करने वाले छात्र-छात्राओं के बारे में लगातार बातें हो रहीं है तो वहीं इसी बीच कुछ IAS IPS की लवस्टोरी भी चर्चा का विषय बन गई हैं, जिसमें IAS अभिनव सिवाच और IPS आशना चौधरी का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है जिन्होंने 27 नवंबर, 2025 को लंबी डेटिंग के बाद शादी की थी।

इन दोनों का जिक्र इसलिए हो रहा है क्योंकि IAS सिवाच ने देश सेवा के लिए 30 लाख की नौकरी को छोड़ दिया था। लोग उनके त्याग और मेहनत को याद कर रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी लाइफ का खूबसूरत सच एक बार फिर से लोगों के बीच सुर्खियों बन गया हैं।

IAS IPS Love Story

ये पावर कपल केवल दिमाग से ही तेज नहीं है बल्कि दिखने में भी बहुत ज्यादा खूबसूरत और स्टाइलिश हैं इसी कारण हमेशा लोगों के बीच सुर्खियां बन जाते हैं। आपको बता दें कि IAS अभिनव सिवाच,ने CSE 2022 में AIR 12 हासिल की थी।

IAS IPS Love Story Hindi: ‘देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की नौकरी’

मौजूदा समय में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में SDM के तौर पर काम कर रहे हैं। शुरू से ही काफी मेधावी रहे अभिनव ने दिल्ली से बीटेक करने के बाद आईआईएम कोलकाता से एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी इसके बाद इन्हें एक मशहूर मल्ची अपनी पढ़ाई के दम पर उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में 30 लाख रुपये के पैकेज पर नौकरी हासिल की। लेकिन उनका सपना शुरू से ही सिविल सर्विसेज के जरिए देश की सेवा करने का था इसलिए उन्होंने नौकरी करने का विचार छोड़ दिया।

IAS IPS Love Story

UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए हर दिन सात से आठ घंटे पढ़ाई की’

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गोरखपुर गांव के रहने वाले अभिनव सिवाच ने DTU से BTech और IIM कोलकाता से MBA किया है। उनके पिता सतबीर सिवाच सेलटेक्स डिपार्टमेंट में कमिश्नर के पद पर काम करते हैं, और परिवार हिसार में रहता है। उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए हर दिन सात से आठ घंटे दिए और सोशल मीडिया से भी दूर रहे।

IAS IPS Love Story

आशना चौधरी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी स्कूलिंग दिल्ली पब्लिक स्कूल, गाजियाबाद से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्री राम कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई की और बाद में साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी।

IAS IPS Love Story

LBSNAA में ट्रेनिंग में हुई IAS IPS को मोहब्बत

हरियाणा के 2022 बैच के IAS ऑफिसर अभिनव सिवाच और उत्तर प्रदेश की 2022 बैच की IPS ऑफिसर आशना चौधरी की मुलाकात LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। उनकी दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और दोनों ने 27 नवंबर, 2025 को परिवार और दोस्तों की मौजूदगी में शादी कर ली।



Source link

रंग का गुब्बारा विवाद में मर्डर,आरोपियों के घर बुलडोजर एक्शन: भीड़ ने सामान जलाया; दिल्ली में होली पर युवक की हत्या, छाती पत्थर के कुचली




दिल्ली के उत्तम नगर इलाके की जेजे कॉलोनी में प्रशासन ने मर्डर के आरोपी का घर बुलडोजर से ढहा दिया। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस मौजूद रही। 4 मार्च को होली पर रंग का गुब्बारा फेंकने पर हुए विवाद में निमामुद्दीन समेत कई लोगों ने तरुन (26) नाम के पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में अबतक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और SC/ST एक्ट में केस दर्ज किया गया है। घटना के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने 6 मार्च को उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया था। बुलडोजर एक्शन की 5 तस्वीरें…
होली के दिन हुई थीं हत्या, गुब्बारा फेंकने पर शुरु हुआ विवाद उत्तम नगर के पुलिस का कहना है कि यह घटना 4 मार्च को होली के दिन जेजे कॉलोनी इलाके में हुई थी। तरुण के घर से छोटी बच्ची ने पानी के गुब्बारा के साथ खेल रही थीं। तभी पानी के छिटें राह चलती एक मुस्लिम महिला को लगें। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बहस शुरू हो गई। तरुण के बड़े भाई अरुण का कहना है कि, महिला ने अपने परिवार और आसपास के लोगों को बुला लिया। थोड़ी देर में 20-25 लोग इकट्ठा हो गए और मारपीट शुरू हो गई। उस समय तरुण घर पर नहीं था। वह दोस्तों के साथ होली खेलने गया था। जब वह वापस लौटा तो कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। महिला के घर के लोग तरुण पर हावी हो गए। उससे लाठी और डंडे से मारने लगें। तरुण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों की पहचान उमरदीन (49), जुम्मादीन (36), कमरुद्दीन (36), मुस्ताक (46), मुजफ्फर (25), ताहिर (18) और एक नाबालिग के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और SC/ST की कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। विश्व हिंदू परिषद का प्रदर्शन किया, घर के सामने की आगजनी घटना के बाद शुक्रवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया। सड़क जाम कर दी, इससे कई घंटों तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। इस दौरान इलाके में खड़ी एक कार और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में ड्रोन से निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार पेट्रोलिंग शुरू कर दी। परिजनों कि मांग आरोपियों को कड़ी सजा दें



Source link

Iran Conflict पर मणि शंकर अय्यर ने साधा मोदी सरकार पर निशाना, ‘पीएम ईरान पर हमले की क्यों नहीं कर रहे निंदा?’



Iran Conflict Mani Shankar Aiyar: ईरान में जारी संघर्ष पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अब तक इस हमले की निंदा नहीं की है।



Source link

गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमत के विरोध में NCP ने किया ‘चूल्हा जलाओ’ प्रोटेस्ट, नेताओं ने सड़क पर पकाई रोटियां


Maharashtra

oi-Bhavna Pandey

Gas Cylinder Price Hike: ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी आपूर्ति पर दिखना शुरू हो गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान की नाकेबंदी से मध्य पूर्व से आने वाले एलपीजी टैंकरों की आवाजाही बाधित हुई है। भारत अपनी एलपीजी आवश्यकता के लिए आयात पर भारी निर्भर है, इसी के चलते केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर में ₹118 की वृद्धि कर दी है।

अचानक घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के विरोध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) ने महाराष्ट्र के ठाणे में अनोखा ‘चूल्हा जलाओ’ प्रोटेस्‍ट किया। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर तीव्र प्रदर्शन किया और सड़क पर नेताओं ने खाना पकाया।

Sharad Pawar s NCP started Chulha Jaalao Protest

एनसीपी-शरदचंद्र पवार पार्टी ने ज़िलाध्यक्ष मनोज प्रधान, महिला अध्यक्ष मनीषा भगत और युवा अध्यक्ष अभिजीत पवार के नेतृत्व में ठाणे ज़िलाधिकारी कार्यालय पर अनोखा विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने चूल्हा जलाकर चावल पकाए और रोटियाँ सेंककर प्रदर्शन किया।

‘अमेरिका भारत की घरेलू नीतियां तय कर रहा’

एनसीपी (शरद पवार) के जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसी बाहरी शक्तियां अब भारत की घरेलू नीतियां तय कर रही हैं, जिससे देश की संप्रभुता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करने में पूरी तरह विफल रही और उसने कोई ठोस वित्तीय योजना भी नहीं बनाई, जिससे उसकी नीतियों का खोखलापन उजागर होता है।

महिला दिवस पर सरकार दे रही महंगाई का उपहार

प्रधान ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, “एक तरफ सरकार महिलाओं को ‘लाडली बहन’ बता रही है, वहीं दूसरी तरफ महिला दिवस के ठीक पहले गैस के दाम बढ़ाकर उन्हें महंगाई का ‘उपहार’ दे रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी की जेब पर पड़ रहे इस “युद्ध” जैसे प्रहार को रोका जाना चाहिए।

‘आम जनता को लूटा जा रहा’

महिला अध्यक्ष मनीषा भगत ने गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को आम जनता के साथ “खुली लूट” बताया। उन्होंने सरकार से इस मूल्य वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। भगत ने जोर देकर कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए अब घर चलाना अत्यधिक मुश्किल होगा, जिससे उनका मासिक बजट बुरी तरह प्रभावित होगा। मुंबई के नागरिकों ने भी कीमतों में इस उछाल पर गहरी चिंता जताई है, जिसके चलते अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है।

इराण-इस्रायल युद्धाचे कारण पुढे करत केंद्र सरकारने घरगुती गॅस सिलिंडरच्या दरात ६० रुपयांची वाढ केली आहे. या दरवाढीच्या निषेधार्थ राष्ट्रवादी काँग्रेस-शरदचंद्र पवार पक्षाच्या वतीने ठाणे जिल्हाध्यक्ष श्री. मनोज प्रधान यांच्या नेतृत्वाखाली ठाणे जिल्हाधिकारी कार्यालयासमोर ‘चुल्हा… pic.twitter.com/evJ6rtWUU7

— Nationalist Congress Party – Sharadchandra Pawar (@NCPspeaks) March 7, 2026 “>

एनसीपी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि भले ही यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक था, लेकिन महंगाई के खिलाफ उनकी यह लड़ाई भविष्य में और उग्र होगी। पार्टी का मानना है कि युद्ध के नाम पर कीमतों में इजाफा करना केवल एक बहाना है, और सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर राज्य भर में जनजागरण अभियान चलाने की योजना बना रहा है, ताकि आगामी चुनावों से पहले सरकार को आर्थिक मोर्चे पर कड़ी चुनौती दी जा सके।





Source link

Mamata Vs President: राष्ट्रपति के साथ टकराव पर रविशंकर प्रसाद का हमला, ‘बंगाल में सिर्फ घुसपैठियों का स्वागत’



Mamata Vs President Controversy: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम पर ममता बनर्जी की टिप्पणी पर सियासी संग्राम जारी है। बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दीदी के बंगाल में सिर्फ घुसपैठियों का स्वागत है।



Source link

MP News: महाकाल की परंपरागत गेर में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रंग-गुलाल के साथ मनाई रंग पंचमी


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रंग पंचमी के दौरान महाकाल मंदिर में पारंपरिक गैर जुलूस में शामिल हुए, ध्वज पूजन और शस्त्र अनुष्ठानों का पालन किया। उन्होंने सांस्कृतिक संरक्षण और एकता का आग्रह किया, जबकि सीएम हाउस में समारोहों में ब्रज होली थीम पर प्रकाश डाला गया, जिससे राज्य भर में सामाजिक सद्भाव और उत्सव परंपराओं को मजबूत किया गया।

India

-Oneindia Staff

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ध्वजा पूजन के साथ अखाड़ों के शस्त्रों की विधि-विधान से पूजा की और शस्त्र संचालन का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रंग पंचमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास की कामना की।

Madhya Pradesh CM joins Rang Panchami Gair

गेर के दौरान मुख्यमंत्री ने जनता के बीच पहुंचकर रंग पंचमी का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में रंग-गुलाल के बीच उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री और आम लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रंग पंचमी का यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्साह और उल्लास लेकर आए। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह रंगों का त्योहार समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी संदेश साझा करते हुए लिखा कि रंग पंचमी के अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा और अखाड़ों के शस्त्रों का विधिवत पूजन किया गया। इससे पहले उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

संस्कृति और परंपराओं पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक त्योहारों को राज्य उत्सव का दर्जा दिया गया है ताकि समाज में आपसी समरसता और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने कहा कि त्योहार लोगों के बीच की दूरियों को कम करते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत बनाते हैं। इसलिए ऐसे पर्वों को पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।

सीएम हाउस में भी मनाई गई थी ब्रज की होली

इससे पहले 5 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित सीएम हाउस में ब्रज थीम पर होली उत्सव मनाया था। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग और संत शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीत और पारंपरिक भजन प्रस्तुत किए गए थे।

सीएम हाउस को ब्रज की होली की थीम पर सजाया गया था, जहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में रंगों, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होली का उत्सव मनाया गया। रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित परंपरागत गेर में मुख्यमंत्री की भागीदारी ने उत्सव के माहौल को और भी खास बना दिया।

Read more about:

Read more about:



Source link