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राजनीति के ‘वडाकरा के शेर’ K.P. Unnikrishnan का निधन, सद्दाम हुसैन से टकराकर बचाई थी 1.5 लाख भारतीयों की जान


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oi-Sohit Kumar

भारतीय राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के.पी. उन्नीकृष्णन का मंगलवार तड़के कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 89 वर्षीय उन्नीकृष्णन पिछले काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी अमृता और दो बेटियां हैं। उनके निधन की खबर से केरल सहित पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उन्नीकृष्णन ने संसदीय राजनीति में जो मानक स्थापित किए, वे हमेशा याद रखे जाएंगे।

K P Unnikrishnan

वडाकरा का अटूट किला

केरल के राजनीतिक इतिहास में एक ही लोकसभा क्षेत्र (वडाकरा) से सबसे लंबे समय (1971 से 1996) तक सांसद रहने का दुर्लभ रिकॉर्ड उनके नाम है। वे लगातार 6 बार सांसद चुने गए।

सद्दाम हुसैन से सीधी टक्कर

1989-90 में वी.पी. सिंह सरकार में दूरसंचार और जहाजरानी मंत्री रहते हुए उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। खाड़ी युद्ध के दौरान जब 1.5 लाख भारतीय कुवैत में फंसे थे, तब उन्होंने कैबिनेट की सलाह के खिलाफ जाकर इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के गुप्त ठिकाने पर उनसे मुलाकात की और भारतीयों की सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ किया।

स्वतंत्रता सेनानी परिवार से नाता

20 सितंबर 1936 को जन्मे उन्नीकृष्णन बचपन से ही समाजवादी विचारों से ओत-प्रोत थे। वे शुरू में इंदिरा गांधी के कट्टर समर्थक थे, लेकिन आपातकाल और संजय गांधी से मतभेदों के बाद उन्होंने कांग्रेस से अलग राह चुन ली थी। उन्होंने कांग्रेस के अलावा कांग्रेस (U) और कांग्रेस (S) का भी प्रतिनिधित्व किया। साल 1995 में वे वापस मुख्यधारा की कांग्रेस में लौटे थे।

के.पी. उन्नीकृष्णन: राजनीतिक सफरनामा

  • जन्म: 20 सितंबर 1936 (कोयिलैंडी, कोझिकोड)।
  • संसदीय रिकॉर्ड: 1971, 1977, 1980, 1984, 1989 और 1991 में लगातार जीत।
  • केंद्रीय जिम्मेदारी: वी.पी. सिंह कैबिनेट (1989-90) में दूरसंचार, जहाजरानी और भूतल परिवहन मंत्री।
  • ऐतिहासिक कार्य: खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत से 1.5 लाख से अधिक भारतीयों का सफल रेस्क्यू
  • राजनीतिक दल: कांग्रेस, कांग्रेस (U), और कांग्रेस (S)।



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West Asia Crisis: एयरस्पेस बंद, उड़ानें ठप; भारतीय दूतावास हुआ सक्रिय, स्पाइसजेट-इंडिगो की विशेष सेवाएं शुरू


पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद किए जाने के कारण खाड़ी क्षेत्र में उड़ान संचालन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है। इस स्थिति में बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न देशों में फंस गए हैं। भारतीय राजनयिक मिशनों ने प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए सक्रिय पहल शुरू की है, जबकि कई एयरलाइनों ने विशेष राहत उड़ानों की घोषणा की है।

कुवैत में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह हवाई क्षेत्र के अस्थायी बंद होने के कारण फंसे भारतीय यात्रियों की सहायता के लिए पूरी तरह सक्रिय है। दूतावास अधिकारियों ने बताया कि वे लगातार यात्रियों के संपर्क में हैं और कुवैती प्रशासन, संबंधित होटलों तथा एयरलाइनों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके।

एतिहाद एयरवेज ने उड़ानें रोकीं

अबू धाबी स्थित एतिहाद एयरवेज ने परिचालन अपडेट जारी करते हुए बताया कि अबू धाबी से आने-जाने वाली उसकी सभी निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानें 4 मार्च को दोपहर 2 बजे (यूएई समय) तक निलंबित रहेंगी। एयरलाइन ने कहा कि कुछ री-पोजिशनिंग, कार्गो और प्रत्यावर्तन (रिपैट्रिएशन) उड़ानें यूएई अधिकारियों के समन्वय और कड़ी सुरक्षा मंजूरी के अधीन संचालित की जा सकती हैं।



एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक उनसे सीधे संपर्क न किया जाए, वे हवाई अड्डे न पहुंचें। साथ ही यात्रा से पहले वेबसाइट पर उड़ान की स्थिति जांचने और बुकिंग में संपर्क विवरण अद्यतन रखने की सलाह दी गई है। 28 फरवरी तक जारी टिकटों पर 7 मार्च तक की यात्रा वाले यात्रियों को 18 मार्च तक मुफ्त रीबुकिंग या रिफंड की सुविधा प्रदान की जा रही है।

स्पाइसजेट की विशेष उड़ानें

भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट ने बताया कि हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण यूएई से उसकी कई उड़ानें रद्द हुई हैं। कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह यूएई के फुजैराह से दिल्ली, मुंबई और कोच्चि के लिए चार विशेष उड़ानें संचालित करेगी, जिनमें से दो उड़ानें मुंबई के लिए होंगी।



एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की मांग और नियामकीय मंजूरी के आधार पर अतिरिक्त विशेष उड़ानों की संभावना भी तलाशी जा रही है। साथ ही 4 मार्च से फुजैराह-दिल्ली और फुजैराह-मुंबई की नियमित निर्धारित सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।

अकासा एयर की सीमित बहाली

अकासा एयर ने व्यापक सुरक्षा समीक्षा के बाद 3 और 4 मार्च को जेद्दा से मुंबई व अहमदाबाद के लिए चुनिंदा उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है। हालांकि अबू धाबी, दोहा, कुवैत और रियाद के लिए उसकी उड़ानें 4 मार्च तक निलंबित रहेंगी। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संचालन मौजूदा परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।

जेद्दा से इंडिगो की विशेष उड़ानें

 

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि इंडिगो जेद्दा से भारत के लिए विशेष उड़ानें संचालित करेगा, जिससे फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके। खाड़ी क्षेत्र में विकसित होती स्थिति पर संबंधित देश और एयरलाइंस लगातार नजर रखे हुए हैं। सुरक्षा आकलन के आधार पर चरणबद्ध तरीके से उड़ान संचालन बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि भारतीय मिशन जरूरतमंद नागरिकों की सहायता में जुटे हैं।







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Gold Rate Today: होली से पहले सोना हुआ सस्ता, कितना घटा 22K और 18K गोल्ड रेट, खरीदारी से पहले जानिए ताजा रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 03 March 2026: होली से एक दिन पहले सर्राफा बाजार से थोड़ी राहत भरी खबर आई है। 3 मार्च को सोने की कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई है। प्रति ग्राम 490 रुपये बीते कारोबारी सत्र में इजराइल-ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव ने गोल्ड को मजबूती दी थी और दाम 20 हजार से ऊपर हो गए थे लेकिन आज बाजार में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है।

हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन त्योहार से पहले खरीदारी की सोच रहे ग्राहकों के लिए राहत जरूर है। दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,70,650 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। मुंबई में भी यही रेट चल रहा है और यहां सोना ₹1,70,650 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। यानी देश के दो बड़े बाजारों में कीमतें फिलहाल बराबरी पर हैं।

Gold Rate Today 03 March 2026

दक्षिण भारत में तस्वीर थोड़ी अलग है। चेन्नई में सोने का रेट अन्य राज्यों की तुलना में थोड़ा ज्यादा बना हुआ है। यहां 24 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹1,70,830 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। यह अंतर स्थानीय मांग, टैक्स स्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक लागत के कारण देखने को मिलता है।

भारत की गोल्ड रेट्स सुबह के राउंड के मुताबिक 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव

24K सोना: ~₹17,002 प्रति ग्राम

22K सोना: ~₹15,585 प्रति ग्राम

18K सोना: ~₹12,752 प्रति ग्राम

Gold Rate In India: 03 मार्च 2026 – भारत के प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट (₹/10 ग्राम)

शहर (City) 24K गोल्ड (₹/10g) 22K गोल्ड (₹/10g) 18K गोल्ड (₹/10g)
दिल्ली ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
मुंबई ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
कोलकाता ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
चेन्नई ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
हैदराबाद ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
बेंगलुरु ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
पुणे ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
अहमदाबाद ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
जयपुर ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
लखनऊ ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
पटना ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
चंडीगढ़ ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
भोपाल ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
इंदौर ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
नागपुर ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
सूरत ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
कोच्चि ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
गोवा ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
लुधियाना ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520
कानपुर ₹1,70,020 ₹1,55,850 ₹1,27,520

टिप: इन रेट्स में मेकिंग चार्ज तथा जीएसटी शामिल नहीं हैं, जो ज्वैलर्स के अनुसार अलग से लागू हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वैलर से अंतिम रेट पूछना ज़रूरी होता है।

क्या गोल्ड के रेट आगे बढ़ सकते हैं?

ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड Ross Maxwell (VT Markets) का कहना है कि अगर मध्य पूर्व का कॉन्फ्लिक्ट लंबा चलता है या इलाके में फैलता है, तो भारत में सोने की कीमतें फिर नई ऊँचाइयों तक जा सकती हैं। यह खासकर तब संभव है जब क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची रहें और रुपया दबाव में रहे, जिससे इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ती है। वहीं, अगर शांति संकेत मिलते हैं या USD मजबूत होता है, तो शॉर्ट‑टर्म में रेट काबू में रह सकते हैं।

(नोट: सोना-चांदी खरीदने से पहले या निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ये खबर सिर्फ जानकारी देने के लिए लिखी गई है)



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जबलपुर के 4 परिवार दुबई में फंसे: घूमने गए थे, वीडियो जारी कर मदद मांगी; कहा- होटलों ने किराया तीन गुना तक बढ़ाया – Jabalpur News




ईरान-इजराइल के चलते रद्द हुई उड़ानों की वजह से जबलपुर के चार व्यापारी अपने परिवार सहित दुबई में फंस गए हैं। अनिश्चित हालात के चलते उनकी भारत वापसी फिलहाल संभव नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार शहर के व्यापारी शैलेश जैन, प्रशांत विश्वकर्मा, संजय सिंघई और प्रवीण जैन 21 फरवरी को परिवार के साथ दुबई गए थे। सभी को 28 फरवरी को लौटना था। इसी दौरान क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि कुछ को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। इससे वे वहीं रुकने को मजबूर हो गए हैं। दो वीडियो कर कहा- फिलहाल सुरक्षित हैं दुबई में फंसे व्यापारियों ने मंगलवार को दो वीडियो जारी करके अपनी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में वे रुके हैं, वहां स्थिति अभी सामान्य और सुरक्षित है। हालांकि, एयरपोर्ट का संचालन और फ्लाइट्स फिर से कब सामान्य होंगी, इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ते होटल खर्च ने बढ़ाई परेशानी व्यापारियों के मुताबिक लगातार बढ़ते होटल खर्च ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। तनावपूर्ण हालात के बीच कई होटलों ने किराया तीन गुना तक बढ़ा दिया है। लंबे समय तक ठहरने की मजबूरी से आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ होने के कारण मानसिक दबाव भी महसूस हो रहा है। सरकार से सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई फंसे हुए व्यापारियों ने केंद्र सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार विशेष व्यवस्था कर जल्द उन्हें स्वदेश लाने की दिशा में कदम उठाएगी। इंदौर के पूर्व विधायक समेत कई यात्री लौट रहे यूएई में फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई यात्री अब भारत लौट रहे हैं। दुबई और शारजाह में उड़ानें प्रभावित होने के चलते ये लोग पिछले कुछ दिनों से वहीं रुके हुए थे। लौटने वालों में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य यात्री शामिल हैं। युद्ध के चलते लगातार कैंसिल हो रही थीं फ्लाइट्स यूएई में हालात बिगड़ने के बाद कई उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 को 28 फरवरी से लगातार कैंसिल किया जा रहा था। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं चली। ये खबर भी पढ़िए… आज भी दुबई में फंसे रहेंगे एमपी के लोग ईरान और इजराइल में युद्ध के बीच ईरान ने यूएई सहित आठ देशों में मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। इसमें यूएई भी शामिल है। इसके कारण यूएई के सभी एयरपोर्ट (दुबई, शारजाह और अबूधाबी) कल से बंद हैं। पढ़ें पूरी खबर…



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IRGC vs US Army: ईरान के पलटवार से बर्बाद हुआ अमेरिका, टेंशन में ट्रंप, 560 अमेरिकी सैनिक ढेर, कई एयरबेस तबाह!


International

oi-Sumit Jha

IRGC vs US Army: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ता तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान की IRGC द्वारा किए गए सनसनीखेज दावों ने वैश्विक भू-राजनीति में हलचल मचा दी है। ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर वाशिंगटन के ‘अजेय’ होने के भ्रम को तोड़ दिया है।

दावों के अनुसार, मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी एयरबेस और नौसैनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। यदि ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह क्षेत्र में अमेरिकी दबदबे के अंत की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, पेंटागन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने अभी तक इन ‘मलबे के ढेर’ वाले दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, यह स्थिति एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आहट दे रही है।

IRGC vs US Army

US-Iran conflict news Hindi: अमेरिकी सैन्य शक्ति को सीधी चोट

IRGC का सबसे चौंकाने वाला दावा 560 अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का है। इसके साथ ही, समुद्र में अमेरिका की शान माने जाने वाले विमानवाहक पोत ‘अब्राहम लिंकन’ पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की खबर ने हड़कंप मचा दिया है। अगर ये दावे पुख्ता होते हैं, तो यह आधुनिक इतिहास में अमेरिकी नौसेना को लगा अब तक का सबसे बड़ा और घातक झटका साबित होगा।

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IRGC attack on US Base: रणनीतिक एयरबेसों की तबाही

ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित अमेरिकी नौसैनिक एयरबेस को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा। इसके अलावा, बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइलों की बारिश कर भारी नुकसान पहुँचाया गया है। इन हमलों ने मध्य पूर्व में अमेरिका के पूरे लॉजिस्टिक और डिफेंस नेटवर्क को पंगु बनाने की कोशिश की है।

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तेल टैंकर और आर्थिक मोर्चे पर प्रहार

फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ब्रिटेन के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमलों ने वाशिंगटन को आर्थिक मोर्चे पर भी बैकफुट पर धकेल दिया है। समुद्र में जलते हुए ये टैंकर इस बात का संकेत हैं कि ईरान अब अमेरिका की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को तहस-नहस करने पर आमादा है, जिससे वैश्विक बाजार में अमेरिका की साख को गहरा धक्का लगा है।

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Iran conflict news Hindi: जवाबी कार्रवाई और ट्रंप की चेतावनी

इस भारी नुकसान के बीच अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज है। डोनाल्ड ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा है कि ईरान को इन मौतों और तबाही का हिसाब देना होगा। अमेरिका ने फिलहाल सीमित नुकसान की बात कही है, लेकिन हिजबुल्लाह के मैदान में उतरने और ईरान के आक्रामक रुख ने अमेरिका के सामने एक ऐसी चुनौती पेश कर दी है, जिससे निकलना फिलहाल नामुमकिन लग रहा है।



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Petrol LPG Price: मिडिल ईस्ट युद्ध की पहली मार, आपके शहर में कितने बढ़े गैस और पेट्रोल-डीजल के दाम?


Business

oi-Sohit Kumar

India Petrol Diesel LPG Price Updat: मिडिल ईस्ट में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global energy markets) में खलबली मचा दी है। पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 9 से 13 प्रतिशत तक की भारी तेजी देखी गई है। वहीं, प्राकृतिक गैस (LNG) की कीमतों में 50 प्रतिशत तक का जोरदार उछाल आया है।

भारत अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में वैश्विक कीमतों में यह बढ़ोतरी देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाल सकती है। आइए जानते हैं इस तनाव की स्थिति में सरकार की क्या तैयारी है।

india-petrol-diesel-lpg-price

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) के प्रमुखों के साथ एक हाई लेवल समीक्षा बैठक की।

  • सप्लाई पर नजर: सरकार हर पल बदलती स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और सामर्थ्य (Affordability) बनी रहे।
  • बफर स्टॉक: तेल कंपनियों के पास इस तरह के प्राइस स्पाइक को झेलने के लिए पर्याप्त ‘बफर’ मौजूद है। साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जब तेल $119 प्रति बैरल पहुंचा था, तब भी कीमतों को स्थिर रखा गया था।
  • कीमतों पर रुख: फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना कम है। सरकार एक ‘कैलिब्रेटेड’ नीति अपना रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम होने पर कंपनियां मार्जिन कमाती हैं और कीमतें बढ़ने पर उपभोक्ताओं को सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं।

आम जनता और बाजार पर क्या होगा असर?

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी: फिलहाल राहत की बात यह है कि सरकार और तेल कंपनियां कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, अगर कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार जाता है, तो लंबे समय तक कीमतों को रोक पाना मुश्किल होगा, जिसका सीधा बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

शेयर बाजार में हाहाकार: युद्ध की खबरों ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। दलाल स्ट्रीट में भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की लगभग 8 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई है। बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 91.49 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रुपया गिरने का मतलब है कि भारत को तेल और अन्य सामान मंगवाने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे, जिससे ‘आयातित महंगाई’ (Imported Inflation) बढ़ेगी।

रोजमर्रा की चीजों पर महंगाई की मार: अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसा व्यापारिक मार्ग प्रभावित रहता है, तो माल ढुलाई और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर आपके किचन के बजट पर पड़ेगा, क्योंकि दाल, चावल, खाद्य तेल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे हो सकते हैं।

निर्यात में देरी और घाटा: भारत से होने वाले चावल, टेक्सटाइल, रत्न और आईटी सेवाओं के निर्यात पर भी संकट के बादल हैं। युद्ध के कारण शिपमेंट में देरी होगी और ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ने से भारतीय सामान वैश्विक बाजार में महंगा हो जाएगा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संकट

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य है, जहाँ से भारत का लगभग आधा तेल और गैस आयात होता है। अगर ईरान इस रास्ते को बंद करता है या हमले तेज होते हैं, तो जहाजों को ‘केप ऑफ गुड होप’ के लंबे रास्ते से आना होगा। इससे माल ढुलाई (Freight) और बीमा की लागत काफी बढ़ जाएगी।

घरेलू रसोई गैस (14.2kg) – आम जनता को राहत

आज 3 मार्च 2026 को भी घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने आम आदमी के बजट को ध्यान में रखते हुए घरेलू रसोई गैस के दाम स्थिर रखे हैं। दिल्ली में इसकी कीमत ₹853 पर बनी हुई है।

कमर्शियल सिलेंडर (19kg)- कीमतों में उछाल

व्यापारियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के लिए बुरी खबर है। मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹28 से ₹31 तक बढ़ गए हैं। यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल गैस महंगी हुई है।

प्रमुख शहरों में आज के LPG रेट (19kg कमर्शियल):

  • दिल्ली: देश की राजधानी में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 28 रुपए बढ़कर अब 1,768.50 रुपए हो गई है।
  • कोलकाता: यहां सबसे अधिक 31 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके बाद नया रेट 1,875.50 पर पहुंच गया है।
  • मुंबई: आर्थिक राजधानी में कीमतों में ₹28.50 का उछाल आया है और अब एक सिलेंडर ₹1,720.50 में मिल रहा है।
  • चेन्नई: दक्षिण भारत के इस महानगर में ₹29.50 की वृद्धि के साथ नई कीमत ₹1,929.00 हो गई है।

पेट्रोल-डीजल की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 80 प्रति बैरल के करीब होने के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में आज कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। सरकारी तेल कंपनियां पिछले घाटे और मुनाफे को एडजस्ट करते हुए कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं।



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ईरान-इजराइल जंग में फंसे हरियाणा के 2 भाई: कतर में समंदर से ऑयल निकालने का काम, मिसाइलें उड़ती देखीं; बोले- सामने ही अमेरिकी बेस, डर लग रहा – Sonipat News


राम सिंहमार, सोनीपत2 घंटे पहले

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होटल में बाहर खड़े होकर आसमान से गुजरती मिसाइल दिखाते अमित मलिक।

इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच चार दिन से चल रही जंग में हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले दो भाई अमित मलिक और अनिल मलिक भी फंस गए है। दोनों भाई कतर में समंदर के बीच ऑयल रिंग पर काम करते है। ऑयल रिग से समंदर के 18 हजार फीट नीचे से गैस और ऑयल निकाला जाता है।

अमित के मुताबिक, वे 27 फरवरी को इंडिया से कतर पहुंचे थे। उनके पहुंचने के तुरंत बाद ही युद्ध जैसे हालात शुरू हो गए। पहले जहाज पर थे तो ज्यादा डर महसूस नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही बमबारी शुरू हुई, उसे हेलीकॉप्टर से कतर की सनईया सिटी में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि उनके भाई अनिल को दुबई भेजा गया।

मगर, जिस होटल में वे ठहरे हैं, उसके ऊपर से मिसाइलें गुजरती दिखीं। एक मिसाइल को उनके होटल के ऊपर ही डिफेंस सिस्टम ने हवा में नष्ट किया। उनके सामने की दिशा में ही अमेरिका का बेस कैंप है और वहीं पर मिसाइलें गिराने की कोशिश की जा रही थी। यह आंखों देखा दृश्य उनके लिए बेहद डरावना था।

उधर, जब दोनों भाइयों ने सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में अपने गांव बिधल में परिवार को इसकी जानकारी दी तो उनकी चिंता बढ़ गई। परिवार ने दोनों से कहा कि किसी भी तरह देश लौट आओ। परिवार ने सरकार से भी अपील की है कि जंग में फंसे भारतीयों की जल्द से जल्द वतन वापसी के प्रयास करें।

मोबाइल में युद्ध का अलर्ट मैसेज दिखाते अमित मलिक (गले पर टैटू वाले)। उनके साथ रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र भी है (आगे वाले)।

मोबाइल में युद्ध का अलर्ट मैसेज दिखाते अमित मलिक (गले पर टैटू वाले)। उनके साथ रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र भी है (आगे वाले)।

कैसे है जंग के हालात, दोनों भाइयों ने बताई तीन बातें…

  • अनिल ने सुनी वार्निंग सायरन और देखी मिसाइल : अनिल मलिक ने बताया कि वे एक महीना पहले कतर पहुंचे थे। शनिवार को ऑयल रिग पर हेलीकॉप्टर का इंतजार कर रहे थे, तभी मोबाइल पर वार्निंग सायरन बजा। बाहर निकलकर देखा तो आसमान में मिसाइल जाती दिखाई दी। इसके बाद कंपनी ने सभी कर्मचारियों को शहर में शिफ्ट कर दिया। हेलीकॉप्टर उड़ानें रोक दी गईं। रविवार को भी गोलाबारी हुई और सोमवार सुबह फिर स्ट्राइक की खबर मिली। उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
  • रिग लाइन पर फंसे ढाई सौ से ज्यादा लोग : अनिल ने आगे बताया कि रिग लाइन पर करीब ढाई सौ से ज्यादा लोग मौजूद हैं। यदि तेल और गैस के प्रोडक्शन क्षेत्र पर मिसाइल गिर जाए तो आग पर काबू पाना बेहद मुश्किल होगा, क्योंकि 18 हजार फीट नीचे तक प्रोडक्शन की प्रक्रिया सक्रिय है। जिन्हें शहर में लाया गया है, उन्हें होटल में ही रहने के निर्देश हैं। रिग पर मौजूद कर्मचारियों को वहीं क्वॉरेंटाइन किया गया है। भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। कतर सरकार हर घंटे आधिकारिक अपडेट दे रही है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है।
  • हरियाणा के कई युवक साथ कर रहे काम : अनिल ने बताया कि उनके साथ रोहतक के मायना गांव के सुरेंद्र, अंबाला के पारस, समालखा के रवि शर्मा, हांसी के सुनील, हिसार के प्रदीप और कैथल के अमनदीप सहित कई हरियाणवी युवक काम कर रहे हैं। एक बैच में 6 से 7 लोगों को भेजा जाता है और 28 दिन बाद अगली टीम बदलती है।
जंग के बीच समंदर में बने ऑयल रिग से अनिल और अमित के साथ कई लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।

जंग के बीच समंदर में बने ऑयल रिग से अनिल और अमित के साथ कई लोगों को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।

  • 28 दिन समंदर के बीच रिग लाइन पर काम : अमित बताते है कि रिग लाइन पर काम का एक तय चक्र होता है। दिल्ली एयरपोर्ट से दुबई पहुंचने के बाद कर्मचारियों को होटल में ठहराया जाता है। अगले दिन बेस कैंप से हेलीकॉप्टर के जरिए 8 से 10 लोगों को समुद्र के बीच स्थित जहाज पर उतारा जाता है। एक बार रिग पर पहुंचने के बाद 28 दिन तक वहीं रहना होता है। पहले दिन 8 घंटे की शिफ्ट रहती है, फिर 12-12 घंटे दिन-रात काम चलता है। इसके बाद अगली टीम आती है और पहले वाले वापस लौटते हैं।
  • समुद्र में 18 से 20 हजार फीट तक ड्रिलिंग का काम : अमित के अनुसार, बड़ी-बड़ी 30 फीट लंबी पाइपों को जोड़कर समुद्र के भीतर करीब 18 से 20 हजार फीट तक ड्रिलिंग की जाती है। डायमंड कटर से समुद्र की सतह के नीचे कटिंग होती है। बाद में प्रोडक्शन लाइन डालकर नियंत्रित ब्लास्ट किया जाता है, जिससे गैस और तेल एकत्र होकर पाइपलाइन के जरिए बेस कैंप तक पहुंचते हैं।
दोनों भाइयों के जंग के हालात में फंसने के बाद परिवार के लोग चिंता में है।

दोनों भाइयों के जंग के हालात में फंसने के बाद परिवार के लोग चिंता में है।

दोनों भाइयों के ऑयल रिग तक पहुंचने का सफर…

परिवार खेतीबाड़ी से जुड़ा, नेवी में जाने की चाहत थी

अनिल ने उनका परिवार ढाई एकड़ जमीन का मालिक है, लेकिन खेती-बाड़ी से ज्यादा बचत नहीं हो पाती थी। इसी कारण बेहतर रोजगार की तलाश में मैने और छोटे भाई अमित ने विदेश जाने का फैसला किया। अमित ने 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी में जाने का फैसला किया। वर्ष 2014 में उसने हिसार की एक अकादमी से डिप्लोमा किया और ट्रेनिंग मुंबई में हुई।

ठगी हुई तो विदेश जाने का फैसला किया

अनिल बताते है कि मुंबई से ट्रेनिंग लेकर लौटे तो हिसार का संस्थान बंद मिला। पता चला कि नेवी में भेजने के नाम पर उनके साथ 6 से 8 लाख रुपये की ठगी हो गई। इसके बावजूद अमित ने हार नहीं मानी और मेहनत के दम 10 साल पहले विदेश में काम शुरू किया। पहले दुबई में नौकरी की और पिछले 6 साल से कतर में ऑयल रिग पर कार्यरत हैं। बाद में अमित ने मुझे भी इसी क्षेत्र में लगवा दिया।

20 दिन काम के मिलते है 1.60 लाख रुपए

अमित को 20 दिन काम के लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये मिलते हैं। बेहतर कमाई के लिए उन्होंने जोखिम भरा काम चुना, लेकिन आज हालात इतने भयावह हैं कि चिंता बढ़ गई है। गांव में पिता और पत्नी हर पल फोन का इंतजार करते हैं। अमित ने बताया कि रविवार रात लगातार गोलाबारी होती रही। जहाज के आसपास भी धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। हालांकि अब दोनों भाई सुरक्षित स्थान पर हैं और लगातार परिवार को हालात की जानकारी दे रहे हैं। दोनों भाइयों की हो चुकी शादी, बच्चे भी

बड़े भाई अनिल मलिक लगभग 35 वर्ष के हैं। उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। चार साल पहले उनकी शादी हुई। उनके दो बच्चे है, एक 7 साल की बेटी और 5 साल का बेटा। अनिल का परिवार सोनीपत शहर में रहता है। जबकि, अमित मलिक 28 वर्ष के हैं। दो साल पहले उनकी शादी हुई और उनका दो साल का बेटा है। उनकी पत्नी और पिता गांव में रहते हैं। उनकी मां का करीब तीन साल पहले निधन हो चुका है।

अनिल मलिक की पत्नी किरण ने बताया कि दो दिन पहले ही बात हुई थी।

अनिल मलिक की पत्नी किरण ने बताया कि दो दिन पहले ही बात हुई थी।

अनिल की पत्नी बोलीं- बस सकुशल लौट आए दोनों अनिल की पत्नी किरण ने बताया कि दो दिन पहले ही उनकी पति और देवर से बात हुर्ह थी। दोनों ने वहां के जो हालात बताए थे, उसने हमारी चिंता बढ़ा दी है। बस हमारी हुई कामना है कि वे जहां भी रहे, सुरक्षित रहे। दोनों को जल्दी से जल्दी घर लौट आने को कहा गया है। मगर, अभी सभी फ्लाइट्स बंद है, ऐसे में सरकार को वहां फंसे लोगों को जल्दी ही देश वापस लाने के प्रयास करने चाहिए।

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दोहा कतर में देर रात ईरान का मिसाइल अटैक:एयरपोर्ट और गैस प्लांट को बनाया निशाना, 60-70 भारतीयों का समुंद्र से रेस्क्यू

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रोहतक जिले के गांव मायना के सुरेंद्र उर्फ काला मायना ने दोहा कतर से मंगलवार सुबह दैनिक भास्कर एप से वीडियो शेयर करते हुए बताया कि ईरान ने देर रात करीब 2 बजे कतर में अमेरिकन एयरबेस पर मिसाइल अटैक किया। हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों के मरने की पुष्टि कतर न्यूज ने भी की है। (पूरी खबर पढ़ें)

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West Asia Tension: ईरानी हमले के बाद कतर ने भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति रोकी; 40 फीसदी की कटौती


अमेरिका-इस्राइल की ईरान के साथ जारी जंग का असर अब भारत समेत दुनिया के अन्य देशों पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए जा रहे ईरान के जवाबी हमलों को देखते हुए कतर ने भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में 40 प्रतिशत कटौती का फैसला किया है।

भारत को प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा सप्लायर कतर ने ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रुकने के कारण एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की आपूर्ति पर फोर्स मेज्योर (अपरिहार्य परिस्थिति) घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस बाधा के चलते भारतीय उद्योगों को मिलने वाली गैस आपूर्ति में 10 से 40 प्रतिशत तक कटौती की गई है। कतर हर साल भारत की ओर से आयात की जाने वाली करीब 2.7 करोड़ टन एलएनजी में से लगभग 40 प्रतिशत सप्लाई करता है। यह गैस बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, सीएनजी और पीएनजी (पाइप वाली रसोई गैस) जैसी सेवाओं में उपयोग होती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर

सूत्रों के मुताबिक, गैस आयातक पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को सूचित किया है कि ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर हमले जारी रहने के कारण कतर में एलएनजी उत्पादन ठप हो गया है। इन हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और एलएनजी की ढुलाई लगभग रुक गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है और बीमा व शिपिंग लागत भी बढ़ गई है। ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को नियंत्रित करता है, जहां से भारत के लगभग 50 प्रतिशत कच्चे तेल और 54 प्रतिशत एलएनजी आयात गुजरते हैं।

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85 लाख टन एलएनजी खरीदने का अनुबंध

पेट्रोनेट के पास कतर से सालाना 85 लाख टन एलएनजी खरीदने का दीर्घकालिक अनुबंध है। इसके अलावा, वह हाजिर बाजार से भी कतर की एलएनजी खरीदती है। पेट्रोनेट के अलावा, आईओसी जैसी कंपनियों के संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी एलएनजी आयात अनुबंध हैं।

घरेलू सप्लाई में कटौती

पेट्रोनेट ने अपने ग्राहकों गेल इंडिया लिमिटेड और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन को सप्लाई रुकने की जानकारी दी है। इसके बाद उद्योगों को गैस आपूर्ति घटाई गई है, जबकि सीएनजी रिटेलिंग की आपूर्ति सामान्य रखी गई है। भारत अब स्पॉट मार्केट से गैस खरीदने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वहां कीमतें बढ़कर 25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू पहुंच गई हैं, जो दीर्घकालिक अनुबंध दरों से लगभग दोगुनी है।

  



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IND vs ENG: बिना मैच खेले ही बाहर हो सकती है टीम इंडिया? टूटेगा करोड़ों फैंस का दिल! ICC ने बढ़ाई टेंशन


Cricket

oi-Amit Kumar

IND vs ENG T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब सेमीफाइनल की दौड़ में पहुंच चुका है। टूर्नामेंट की चार सबसे मजबूत टीमें भारत, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। सेमीफाइनल मैच से पहले मुंबई और कोलकाता के मौसम को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं। नॉकआउट मुकाबलों में अगर बारिश खेल बिगाड़ती है, तो फाइनल का टिकट किसे मिलेगा?

क्या सेमीफाइनल के लिए रखा गया है रिजर्व डे (IND vs ENG T20 World Cup 2026)

इसके लिए आईसीसी (ICC) के नियम बेहद स्पष्ट हैं, जो सुपर-8 के प्रदर्शन को आधार बनाते हैं। आईसीसी ने दोनों सेमीफाइनल मुकाबलों के लिए ‘रिजर्व डे’ का प्रबंध किया है। नियमानुसार, यदि मैच वाले दिन (5 मार्च को भारत बनाम इंग्लैंड और 4 मार्च को दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड) खराब मौसम के कारण खेल पूरा नहीं हो पाता है, तो अगले दिन वहीं से मैच शुरू किया जाएगा जहां वह रुका था।

IND vs ENG 1

भारत-इंग्लैंड मैच पर रहेगी नजर

ग्रुप स्टेज के विपरीत नॉकआउट मैचों में परिणाम निकालने के लिए दोनों पारियों में कम से कम 10-10 ओवर का खेल होना अनिवार्य है। यदि रिजर्व डे पर भी भारी बारिश के कारण 10-10 ओवर का खेल संभव नहीं हो पाता, तब आईसीसी ‘स्टैंडिंग्स रूल’ लागू करेगी। 5 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाला भारत और इंग्लैंड का मुकाबला तकनीकी रूप से बेहद अहम है।

बिना खेले ही बाहर हो सकती है टीम इंडिया

आईसीसी के नियमों के मुताबिक, यदि सेमीफाइनल मैच पूरी तरह धुल जाता है और रिजर्व डे पर भी नतीजा नहीं निकलता तो वह टीम फाइनल में पहुंचेगी जिसने सुपर-8 राउंड में अपने ग्रुप में टॉप किया था। इंग्लैंड की टीम सुपर-8 के ग्रुप-2 में टॉप पर रही थी। भारतीय टीम ने ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहकर क्वालीफाई किया था। यदि यह सेमीफाइनल रद्द होता है, तो सुपर-8 में बेहतर स्थिति होने के कारण इंग्लैंड सीधे फाइनल में प्रवेश कर जाएगा और टीम इंडिया बिना खेले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।

यही नियम पहले सेमीफाइनल (ईडन गार्डन्स, 4 मार्च) पर भी लागू होगा। दक्षिण अफ्रीका सुपर-8 के ग्रुप-1 में टेबल टॉपर रही थी, जबकि न्यूजीलैंड ने ग्रुप-2 में दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया था। ऐसे में मैच रद्द होने की स्थिति में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल का टिकट मिलेगा।



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भारत दोहराएगा इतिहास या इंग्लैंड की होगी जीत, सेमीफाइनल से पहले जान लें हेड टू हेड रिकॉर्ड


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oi-Naveen Sharma

IND vs ENG: क्रिकेट की दुनिया में जब भी भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपनी चरम सीमा पर होता है। विशेष रूप से T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में इन दोनों टीमों के बीच की भिड़ंत ने प्रशंसकों को कई ऐसे पल दिए हैं जो क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं।

​T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच कुल 5 मुकाबले हुए हैं। इन भिड़ंतों में पलड़ा लगभग बराबरी का रहा है लेकिन भारत ने मामूली बढ़त बना रखी है, भारत ने 3 और इंग्लैंड ने 2 मैच जीते हैं। इस बार भी 5 मार्च को टीम इंडिया से बड़ी उम्मीदें हैं, वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल होगा। यहां उन मैचों के बारे में जानने का प्रयास किया गया है, जिसमें दोनों टीमों के बीच टक्कर हुई थी।

ind vs eng

युवराज सिंह के 6 छक्के

​यह शायद T20 क्रिकेट के इतिहास का सबसे प्रतिष्ठित मैच है। डरबन के मैदान पर युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। भारत ने इस मैच में इंग्लैंड को 18 रनों से हराकर अपनी पहली वर्ल्ड कप जीत की नींव रखी थी।

दो साल बाद इंग्लैंड ने की वापसी

भारत से पहली हार के दो साल बाद ही इंग्लैंड ने वापसी कर डाली थी, 2009 में लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने 3 रनों से रोमांचक जीत दर्ज करते हुए बदला ले लिया था।

2012 की एकतरफा जीत

​श्रीलंका में खेले गए इस मैच में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा रहा। हरभजन सिंह की फिरकी के जादू (4 विकेट) के सामने पूरी इंग्लिश टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और केवल 80 रनों पर ढेर हो गई। भारत ने यह मैच 90 रनों के विशाल अंतर से जीता था।

एडिलेड का वो ‘दर्दनाक’ सेमीफाइनल

​2022 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को एक ऐसी हार दी जिसे भारतीय प्रशंसक शायद ही भूल पाएं। जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की जोड़ी ने बिना कोई विकेट खोए 169 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत को 10 विकेट से करारी शिकस्त दी।

2024 में हिसाब बराबर

​पिछले साल (2024) के सेमीफाइनल में भारत ने 2022 की हार का बदला चुकता किया। गयाना की टर्निंग पिच पर रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 68 रनों से मात दी। इसी जीत के बाद भारत ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर 11 साल का सूखा खत्म किया और ट्रॉफी जीती।



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