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Delhi Power Cut: होली की मस्ती में पड़ेगी खलल! अगले 48 घंटे जनकपुरी-छतरपुर समेत कई इलाकों में गुल रहेगी बत्ती


Delhi

oi-Puja Yadav

Delhi Power Cut: 3 मार्च और 4 मार्च 2026 को दिल्ली होली के खुमार में डूबी होगी, कहीं होलिका दहन की तैयारी होगी, तो कहीं पकवान बन रहे होंगे। लेकिन सावधान! दिल्ली में होली की छुट्टियों के बीच बिजली विभाग ने मेंटेनेंस का काम तेज कर दिया है।

अगर आप दक्षिण या पश्चिम दिल्ली में रहते हैं, तो अगले दो दिन आपके लिए थोड़े भारी पड़ सकते हैं। BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) ने 3 मार्च और 4 मार्च 2026 के लिए मेंटेनेंस शटडाउन का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।

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अगर आपके घर में भी गुजिया बनाने के लिए मिक्सी चलनी है या शाम को होलिका दहन के समय लाइट की जरूरत है, तो अपने इलाके का टाइम अभी नोट कर लें।

BRPL Holi Outage Schedule: 3 मार्च कहां-कहां लगेगा कट?

BSES ने 3 मार्च मंगलवार को ज्यादातर इलाकों में यह कटौती सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच होगी। विभाग का कहना है कि होली के मुख्य त्योहार से पहले ये काम निपटाना जरूरी है ताकि त्योहार के दिन कोई बड़ा फॉल्ट न हो।

साकेत और मालवीय नगर: ब्लॉक सी शिवालिक और भविष्य निधि एन्क्लेव में 11:00 से 14:00 बजे तक ट्रांसफार्मर मरम्मत के कारण बिजली नहीं रहेगी।

छतरपुर और घिटोरनी: छतरपुर गांव (ब्लॉक A1), घिटोरनी गांव और असोला वाइल्ड लाइफ सेंचुरी वाले इलाकों में 3 घंटे का कट रहेगा।

नजफगढ़ और नवादा: रेवला खानपुर, खैरा गांव और नवादा एक्सटेंशन में भी दोपहर 2 बजे तक बत्ती गुल रहेगी।

जनकपुरी: सी-1 ब्लॉक और तिहाड़ जेल परिसर में मेंटेनेंस के कारण दोपहर तक सप्लाई प्रभावित होगी।

हौज खास और सरिता विहार: गौतम नगर, NCERT कैंपस और सरिता विहार पॉकेट-F में दोपहर 12:30 बजे तक काम चलेगा।

पश्चिम विहार: मियांवाली नगर (ब्लॉक A-4) के निवासियों को भी 11 से 2 बजे तक बिना बिजली रहना होगा।

4 मार्च होली के दिन दिल्ली के इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती

बुधवार को मेंटेनेंस का दायरा और बढ़ जाएगा जिसके कारण सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क में बिजली कटौती रहेगी। सफदरजंग एन्क्लेव ब्लॉक B-4 और ग्रीन पार्क एक्सटेंशन में पोल डैमेज और रूटीन मेंटेनेंस के चलते दोपहर 2 बजे तक बिजली नहीं रहेगी।

सैनिक फार्म और पुष्प विहार: साकेत डिवीजन के तहत सैनिक फार्म और पुष्प विहार सेक्टर-4 के सरकारी क्वार्टरों में 3 घंटे का प्रिवेंटिव मेंटेनेंस होगा।

कालकाजी: अलकनंदा डिवीजन के एच-ब्लॉक कालकाजी में 11:03 से 14:03 बजे तक काम चलेगा।

डेरा और जौनपुर गांव: छतरपुर डिवीजन के डेरा गांव, जौनपुर और फतेहपुर बेरी में सुबह 11 बजे से लंबी कटौती होगी।

मुंडका और नांगलोई: अमर कॉलोनी और इंदर एन्क्लेव (पश्चिम विहार) में भी दोपहर तक सप्लाई बंद रहेगी।

द्वारका सेक्टर-19: नजफगढ़ डिवीजन के तहत पॉकेट-1, बीस सूत्री कॉलोनी में दोपहर 2 बजे तक बिजली बंद रहेगी।

Power Cut होने पर दिल्लीवालों के लिए जरूरी टिप्स

पानी की टंकी फुल रखें: होली पर पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। कट लगने से पहले (सुबह 10 बजे तक) मोटर चलाकर पानी भर लें।

गुजिया और पकवान: मिक्सी या ओवन का काम सुबह 11 बजे से पहले या दोपहर 2 बजे के बाद ही प्लान करें।

स्पीकर और फोन चार्जिंग: अगर आप शाम को ‘होली पार्टी’ की सोच रहे हैं, तो अपने ब्लूटूथ स्पीकर और फोन को सुबह ही फुल चार्ज कर लें।

वर्क फ्रॉम होम: अगर आप घर से काम कर रहे हैं, तो अपने लैपटॉप और पावर बैंक को पहले ही फुल चार्ज रखें।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए मेंटेनेंस के समय अपने महंगे उपकरणों (फ्रिज, एसी) के प्लग निकाल दें।

BSES के मुताबिक, ये रूटीन शटडाउन हैं। हम पुराने ट्रांसफार्मर बदल रहे हैं और फीडर पिलर की सफाई कर रहे हैं ताकि आने वाले हफ्तों में बढ़ते लोड के कारण कोई बड़ा ब्रेकडाउन न हो।

अगर आप दिल्ली के BRPL क्षेत्र में रहते हैं, तो 3 और 4 मार्च 2026 को बिजली कटौती के लिए तैयार रहें। यह शटडाउन अस्थायी है, लेकिन कई इलाकों में 2 से 3 घंटे तक बिजली गुल रह सकती है। समय रहते तैयारी करना आपके लिए परेशानी से बचने का सबसे बेहतर तरीका होगा।



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Defence Deal: एचएएल रूस के साथ करेगा 5083 करोड़ रुपये का करार, भारतीय समुद्री सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत


भारतीय रक्षा क्षेत्र और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को 5,083 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण अनुबंधों पर मुहर लगा दी है। यह सौदा मुख्य रूप से छह उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों  की खरीद से जुड़ा है। समुद्री सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण के लिहाज से यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।

एआई के साथ 2,901 करोड़ रुपये की डील और कॉरपोरेट इम्पैक्ट

भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के लिए यह करार एक बड़ा बिजनेस बूस्ट है। 


  • रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 2,901 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। 

  • इस बजट के तहत तटरक्षक बल के लिए समुद्री भूमिका वाले ALH Mk-III हेलीकॉप्टर खरीदे जा रहे हैं। 

  • इस डील में हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ ऑपरेशनल उपकरण, एक इंजीनियरिंग सपोर्ट पैकेज और प्रदर्शन-आधारित लॉजिस्टिक्स सपोर्ट भी शामिल किया गया है।

तटरक्षक बल की मारक और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि


तटरक्षक बल के लिए खरीदे जा रहे ये ALH Mk-II और Mk-III ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। 


  • यह वर्तमान में संचालित हवाई प्लेटफॉर्मों की तुलना में काफी बेहतर हैं और समुद्र के साथ-साथ तटीय हवाई पट्टियों  से भी उड़ान भरने में पूरी तरह सक्षम हैं। 

  • रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हेलीकॉप्टरों के बेड़े में शामिल होने से कृत्रिम द्वीपों और अपतटीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा क्षमता में भारी इजाफा होगा। 

  • इसके अलावा, यह समुद्री पर्यावरण की रक्षा और मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मिशनों को पूरा करने में भी कारगर साबित होंगे।

रूस के साथ 2,182 करोड़ रुपये का मिसाइल करार


इस रक्षा पैकेज का दूसरा बड़ा हिस्सा भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की सुरक्षा से जुड़ा है।


  • रक्षा मंत्रालय ने सतह से हवा में मार करने वाली ‘श्टिल’ मिसाइलों और उनसे जुड़े मिसाइल होल्डिंग फ्रेम की खरीद के लिए रूस की कंपनी ‘जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट’ के साथ 2,182 करोड़ रुपये का करार किया है। 

  • ये ‘वर्टिकल लॉन्च’ मिसाइलें भारतीय नौसेना के युद्धपोतों पर तैनात की जाएंगी। 

  •  मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस खरीद का मुख्य उद्देश्य हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ युद्धपोतों की हवाई रक्षा क्षमताओं को काफी हद तक बढ़ाना है।

  • यह प्रणाली तेजी से प्रतिक्रिया देने और हर मौसम में काम करने की क्षमता रखती है, जिससे तनावपूर्ण समुद्री वातावरण में युद्धपोतों की सुरक्षा और उत्तरजीविता मजबूत होगी।

यह 5,083 करोड़ रुपये का रणनीतिक निवेश एक तरफ जहां एचएल जैसी स्वदेशी कंपनियों को वित्तीय मजबूती दे रहा है, वहीं दूसरी ओर यह अंतरराष्ट्रीय रक्षा कूटनीति का भी एक अहम हिस्सा है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि श्टिल मिसाइलों का यह अनुबंध भारत और रूस के बीच आपसी विश्वास और रणनीतिक तैयारियों पर आधारित लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और अधिक मजबूत करता है।



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हिमाचल में तापमान में भारी उछाल: 4 शहरों का पारा 30 डिग्री पार, 6 मार्च तक खिलेगी धूप, सात से 3 दिन बारिश-बर्फबारी – Shimla News




हिमाचल प्रदेश में तापमान में भारी उछाल दर्ज किया गया। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक हो गया है। चार शहरों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। इससे मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। किन्नौर के कल्पा के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 11.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया और यहां का अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री पहुंच गया है। मंडी, सुंदरनगर, ऊना और नेरी का पारा 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो गया। शिमला के तापमान में भी सामान्य की तुलना में 7.2 डिग्री का उछाल आने के बाद पारा 22.4 डिग्री, केलांग के तापमान में 8.5 डिग्री का उछाल आने के बाद तापमान 10.5 डिग्री, मनाली का 7.2 डिग्री अधिक के साथ 21.6 डिग्री, कांगड़ा का 7.4 डिग्री ज्यादा के साथ 29.3 डिग्री और सुंदरनगर का सामान्य से 7.6 डिग्री ज्यादा के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस तापमान हो गया है। रात के तापमान में भी उछाल इसी तरह, रात का तापमान भी सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। चंबा के डलहौजी का रात का तापमान सामान्य से 6.7 डिग्री ज्यादा के साथ 10.5 डिग्री पहुंच गया है। शिमला का न्यूनतम तापमान भी 3.9 डिग्री का उछाल के साथ 10 डिग्री, कल्पा का रात का पारा 4.8 डिग्री ज्यादा के सात 3.6 डिग्री और मनाली का पारा भी सामान्य की तुलना में 2.2 डिग्री ज्यादा के साथ 4.0 डिग्री सेल्सियस हो गया है। 6 मार्च तक साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार- प्रदेश में 6 मार्च तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इससे तापमान में और उछाल आएगा। 7 मार्च से बारिश-बर्फबारी के आसार राहत की बात यह है कि 7 मार्च से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इससे अधिक ऊंचे पहाड़ों पर अगले तीन दिन तक बारिश-बर्फबारी के आसार है। खासकर 9 मार्च को वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा सक्रिय होगा। इस दिन अधिक ऊंचे भागों के साथ मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बारिश के आसार है। इन तीन दिनों के दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों की अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है।



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पश्चिम एशिया में तनाव का असर भारत पर: खाद्य तेल-उर्वरक आयात होंगे महंगे, शिपिंग कंपनियां लगा रहीं युद्ध अधिभार


उद्योग संगठनों ने सोमवार को कहा कि अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष के बढ़ने से भारत के खाद्य योग्य सूरजमुखी तेल और जरूरी उर्वरकों के आयात में रुकावट आ सकती है, जबकि पश्चिम एशिया और यूरोप को कृषि जिंसों का निर्यात भी प्रभावित हो सकता है। पोत परिवहन कंपनियों ने पश्चिम एशिया से गुजरने वाले मालवाहक पोतों (कार्गो) पर आपात संघर्ष अधिभार लगाना शुरू कर दिया है। इसमें फ्रांस की कंटेनर क्षेत्र की बड़ी कंपनी सीएमए सीजीएम प्रति कंटेनर 2,000 डॉलर से 4,000 डॉलर के बीच अधिभार लगा रही है, जिससे आयात की लागत बढ़ रही है।

घुलनशील उर्वरक उद्योग संघ (एसएफआईए) के अध्यक्ष राजीब चक्रवर्ती ने कहा, पश्चिम एशिया को निर्यात अभी ठप पड़ा हुआ है। युद्ध जारी रहने के साथ जोखिम भी बढ़ेगा और शिपिंग कंपनियां बीमा अधिभार लगा सकती हैं, जिससे आयात महंगा हो जाएगा।

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राजीब चक्रवर्ती ने जताई चिंता 

चक्रवर्ती ने जून में शुरू होने वाले घरेलू खरीफ बुवाई सत्र से पहले डीएपी और एसएसपी उर्वरक बनाने के लिए जरूरी माल की आपूर्ति पर चिंता जताई। साथ ही कहा, इतने सारे बंदरगाह बंद होने से जाम लगेगा और कंटेनर की कमी हो जाएगी। कतर, सयुक्त अरब अमीरात और ओमान मिलकर भारत के गंधक (सल्फर) आयात का 76 फीसदी हिस्सा बनाते हैं। भारत हर साल 1.6 करोड़ टन खाद्य तेल आयात करता है, जिसमें सूरजमुखी तेल का हिस्सा करीब 20 फीसदी है, जो मुख्य रूप से रूस, यूक्रेन और अर्जेंटीना से आता है।

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आपूर्ति में रुकावट आई तो निर्यात के लिए अपनाना होगा दूसरा रास्ता

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक, बीवी मेहता ने कहा, अभी तक कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन, युद्ध जारी रहा, तो तो सूरजमुखी तेल की आपूर्ति में रुकावट आ सकती है, क्योंकि निर्यात खेप को दूसरा रास्ता अपनाना होगा। ऊर्जा की लागत, लॉजिस्टिक्स और वैश्विक जैव ईंधन बाजार के बीच संबंध को देखते हुए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें दबाव बढ़ा सकती हैं। भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-ईरान के बीच किसी भी तरह की तनातनी का सीधा असर भारत के कच्चे तेल और खाद्य तेल के बाजारों पर पड़ेगा।



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खबर हटके- वर्चुअल गर्लफ्रेंड बनकर करोड़ों की कमाई: ऊंटों के होठों में इंजेक्शन लगाकर सुंदरता बढ़ाई; शाप के डर से दो लड़कों की आपस में शादी


ऑस्ट्रेलिया की एक महिला इंटरनेट पर वर्चुअल गर्लफ्रेंड बनकर करोड़ों रुपए कमा रही हैं। वहीं ओमान के कैमल ब्यूटी शो में ऊंटों को सुंदर दिखाने के लिए उनके होठों में इंजेक्शन लगाया गया। उधर राजस्थान के एक गांव में 500 साल पुराने श्राप के डर से आज भी दो लड

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आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें…

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तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ…

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आज का मेष राशिफल 3 मार्च 2026: वित्तीय मामलों में सावधान रहें, कवियों को लिए दिन अच्छा


Astrology

-P Chakrapani Upadhyay

Aaj Ka Mesh Rashifal: आज मेष राशि के जातकों के लिए ऊर्जा और उत्साह से भरा दिन रहने वाला है। आप अपने लंबित कार्यों को पूरा करने और नई परियोजनाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। हालांकि, वित्तीय मामलों में जल्दबाजी से बचें और सोच-समझकर निर्णय लें, क्योंकि आवेग में लिया गया कोई भी कदम नुकसानदेह हो सकता है। आपकी नेतृत्व क्षमताएं आज खुलकर सामने आएंगी, लेकिन दूसरों को भी अपनी योजनाओं में शामिल करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।

Aaj Ka Mesh Rashifal 3 March 2026

सामान्य भविष्यफल: आज का दिन आपके लिए कई नए अवसर लेकर आ सकता है, खासकर पेशेवर मोर्चे पर। आपको अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखना होगा और चुनौतियों का सामना करने से घबराना नहीं है। सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा और आप नए लोगों से जुड़ सकते हैं, जो भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। शाम का समय परिवार के साथ बिताने से मन को शांति मिलेगी और आप तरोताजा महसूस करेंगे।

स्वास्थ्य: आज आपको अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना होगा। अत्यधिक काम या तनाव से बचें, क्योंकि यह आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार पर ध्यान दें। पेट से जुड़ी हल्की-फुल्की परेशानी हो सकती है, इसलिए बाहर के खाने से परहेज करें और घर का बना सादा भोजन ही करें।

करियर/वित्त: कार्यक्षेत्र में आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। आपको किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे आप सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और बॉस भी आपके काम से प्रभावित होंगे। वित्तीय मोर्चे पर, निवेश के नए अवसर सामने आ सकते हैं, लेकिन किसी भी बड़े फैसले से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना उचित रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी है।

प्रेम: प्रेम संबंधों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी में कोई वादा न करें। विवाहित जातकों को अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ते में मधुरता आएगी। छोटी-मोटी गलतफहमियों को बातचीत से सुलझाएं और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें।

आज के लिए आपका शुभ अंक 9 है। शुभ रंग लाल और नारंगी है। आज आप “ॐ अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं। भगवान हनुमान की पूजा करना आपके लिए विशेष रूप से फलदायी रहेगा।

ग्रहों का प्रभाव:

मंगल (Mars): आपकी राशि का स्वामी मंगल आज आपको ऊर्जा और साहस प्रदान करेगा। यह आपको चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि, इसकी अत्यधिक ऊर्जा आपको थोड़ा आक्रामक भी बना सकती है, इसलिए अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें और धैर्य से काम लें।

सूर्य (Sun): सूर्य की स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और आपको नेतृत्व करने की क्षमता देगी। आप अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त कर पाएंगे और दूसरों को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। यह आपके पेशेवर जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और आपको पहचान दिला सकता है।

बुध (Mercury): बुध की चाल आज आपकी संवाद शैली को प्रभावी बनाएगी। आप अपनी बात को बेहतर ढंग से रख पाएंगे, जिससे व्यापारिक सौदों और व्यक्तिगत बातचीत में सफलता मिलेगी। हालांकि, किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ना सुनिश्चित करें ताकि कोई गलती न हो।

युवा जातकों के लिए सलाह:

  • अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं; किसी नए कौशल को सीखने या रचनात्मक कार्य में हाथ आज़माने का यह अच्छा समय है।
  • सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते समय सावधानी बरतें, अनावश्यक विवादों से बचें और अपनी छवि का ध्यान रखें।
  • अपने दोस्तों के साथ समय बिताएं, लेकिन अपने करियर लक्ष्यों को भी प्राथमिकता दें और पढ़ाई या काम से समझौता न करें।
  • वित्तीय साक्षरता पर ध्यान दें; छोटी बचत की आदत डालें और निवेश के बारे में जानें, यह भविष्य में आपके काम आएगा।
  • किसी भी बड़े निर्णय से पहले अपने बड़ों या अनुभवी लोगों से सलाह ज़रूर लें, उनके अनुभव आपके लिए मार्गदर्शक हो सकते हैं।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणामों में भिन्नता संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।आपका दिन मंगलमय हो और आप हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करें!



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West Asia Tension: खाड़ी संकट की आंच भारत तक, लंदन से मुंबई का किराया नौ लाख रुपये हुआ, जानिए सबकुछ


इस्राइल- अमेरिका की सैन्य कार्रवाई भले ईरान में हो रही हो, लेकिन उसका असर भारत के आम यात्रियों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बाधा और अस्थायी एयरस्पेस बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।


  • सोमवार को स्थिति इतनी भयंकर रही कि लंदन से मुंबई आने का किराया कुछ यूरोपीय एयरलाइंस में प्रति यात्री 9 लाख रुपये तक पहुंच गया।

  • इकॉनमी क्लास का टिकट जहां सामान्यतः 20 से 50 हजार रुपये के बीच होता है।

  • वहीं वह 2.9 लाख रुपये तक बिकता दिखा। बिजनेस क्लास का किराया 1.2 से 2.5 लाख रुपये से बढ़कर 9 लाख रुपये तक पहुंच गया।

क्यों बढ़े किराये इतने ज्यादा?

एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि मुख्य कारण रूट का लंबा हो जाना है। खाड़ी क्षेत्र से बचते हुए उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे:


  • उड़ान समय बढ़ रहा है।

  • ईंधन लागत में इजाफा हो रहा है।

  • क्रू ड्यूटी टाइम और ऑपरेशनल खर्च बढ़ रहे हैं।

बड़ी संख्या में उड़ाने हो रही रद्द

लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। सोमवार को करीब 700 उड़ानें रद्द हुईं। मंगलवार को भी बंगलूरू, मुंबई और दिल्ली एयरपोर्ट्स से लगभग 230 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। कोलकाता से भी प्रतिदिन करीब 20 उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।



जब बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होती हैं, तो सीटों की उपलब्धता घट जाती है। ऐसे में डिमांड और सप्लाई के बीच भारी अंतर पैदा हो जाता है। सीमित सीटों पर ज्यादा यात्रियों की मांग किरायों को असामान्य स्तर तक धकेल देती है।

यात्रियों को बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त उड़ानें हो रही संचालित

भारतीय कंपनियां जैसे एअर इंडिया और इंडिगो भी बढ़े हुए किरायों पर सीमित संचालन कर रही हैं। वहीं खाड़ी क्षेत्र से यात्रियों को निकालने के लिए एतिहाद एयरवेज और एमिरेट्स ने अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है, ताकि फंसे यात्रियों को राहत दी जा सके।

यात्रियों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है?

कई यात्रियों की पहले से बुक की गई टिकटें रद्द हो चुकी हैं। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि:


  • कस्टमर केयर से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

  • रिफंड प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।

  • नई टिकट बेहद महंगी पड़ रही है।

  • यात्रियों का कहना है कि वे न तो यात्रा कर पा रहे हैं और न ही अपनी रकम की वापसी को लेकर आश्वस्त हैं।

अब आगे क्या?

सबसे बड़ी अनिश्चितता यह है कि हालात कब सामान्य होंगे। ट्रैवल एजेंट्स की सलाह है कि यदि यूरोप या खाड़ी देशों की यात्रा जरूरी न हो, तो कम से कम एक महीने तक टालना बेहतर रहेगा। जब तक पश्चिम एशिया में स्थिति स्थिर नहीं होती, तब तक हवाई किरायों में अस्थिरता, उड़ानों की रद्दीकरण दर और परिचालन बाधाएं जारी रहने की आशंका बनी हुई है।





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ED: मेडिकल कॉलेज में अध्यक्ष ने ही कर दिया छात्रवृत्ति घोटाला, छात्रों की राशि में ₹33 करोड़ की हेराफेरी


कर्नाटक के महादेवप्पा रामपुरे मेडिकल कॉलेज, कलबुर्गी (एमआरएमसी) में छात्रवृत्ति घोटाला, किसी दूसरे व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद संस्थान के अध्यक्ष ने ही अंजाम दिया था। बैंक में जमा छात्रों के वजीफे की राशि में से 33 करोड़ रुपये की हेराफेरी कर दी। बाद में अध्यक्ष ने अपने बेट राजकुमार बिलगुंडी और संतोष बिलगुंडी के नाम पर अचल संपत्तियां खरीद ली। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मंगलौर उप क्षेत्रीय कार्यालय ने विशेष न्यायालय में भीमाशंकर बिलगुंडी और मल्लाना एस मद्दारकी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अभियोग दायर किया है। यह अभियोग महादेवप्पा रामपुरे मेडिकल कॉलेज, कलबुर्गी (एमआरएमसी) में 2018 से 2024 के बीच आरोपियों द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटाले से संबंधित है। 

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ईडी का जांच में क्या आया सामने?

ईडी ने कर्नाटक के कलबुर्गी शहर केंद्रीय अपराध पुलिस स्टेशन द्वारा आईपीसी की विभिन्न धाराओं 1860 के तहत डॉ. एस एम पाटिल, केनरा बैंक के प्रबंधक सुभाष और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर इस केस की जांच शुरू की है। मुख्य आरोपी भीमाशंकर बिलगुंडी (हैदराबाद एजुकेशन सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष, जो एमआरएमसी का प्रबंधन करती है, ने लेखा विभाग के कर्मचारियों और मल्लाना एस मद्दारकी (कार्यालय अधीक्षक) की सहायता से, 2018 और 2024 के बीच की अवधि में, एमआरएमसी के पीजी मेडिकल छात्रों के बैंक खातों में जमा छात्रवृत्ति राशि में से 33,34,78,691 रुपये की हेराफेरी की। 

उन्होंने प्रवेश के समय छात्रों से खाली हस्ताक्षरित चेक एकत्र किए। उन चेकों में विवरण भरकर उन्हें भुना लिया। इसके चलते छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति से वंचित कर दिया गया। इस मामले में ईडी ने अप्रैल और मई 2025 के दौरान कर्नाटक के कलबुर्गी में 9 स्थानों पर छापेमारी की थी। तलाशी अभियान के परिणामस्वरूप विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। जांच के दौरान, मुख्य आरोपी भीमाशंकर बिलगुंडी द्वारा अपने बेटों राजकुमार बिलगुंडी और संतोष बिलगुंडी के नाम पर खरीदी गई अचल संपत्तियों, भीमाशंकर बिलगुंडी के कई बैंक खातों और दूसरे आरोपी मल्लन्ना एस मद्दार्की की अचल संपत्तियों के रूप में प्राप्त 6.72 करोड़ रुपये की अपराध-प्राप्त राशि को पीओ के माध्यम से अस्थायी तौर पर कुर्क किया गया है। 



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Share Market Watch: पश्चिम एशिया में तनाव से बाजार में उथल-पुथल, ऐसे मौकों पर इतिहास में क्या हुआ जानिए


ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के हमले ने जहां एक और भू-राजनीतिक का तनाव को अपने चरम पर पहुंचा दिया है, वहीं निवेशकों की बैचन किर दिया है। भारत जो कि भौगोलिक रूप से इन देशों से दूर है, लेकिन आर्थिक रूप से भारत की कुछ हद तक निर्भरता पश्चिम एशिया देशों पर है, क्योंकि भारत यहां से अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। सवाल यह उठता है कि निकट भविष्य में यह उतार-चढ़ाव बढ़ेगा या नहीं और क्या ऐसी घटनाएं देश के दीर्घकालिक निवेश के रास्ते में कोई विशेष बदलाव लाएंगी।

एक्सिस एसेट्स मैनेजमेंट की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों ने आम तौर पर छोटी अवधि के लिए बाजार में उतार-चढाव बनाया, लेकिन भारतीय बाजार ने बार-बार लचीलापन दिखाया और बाहरी झटकों को झेलकर थोड़े समय के लिए जोखिम को रीप्राइस करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। विश्व स्तर पर होने वाले युद्धों का असर भारत पर अप्रत्यक्ष रूप से देखा गया है, जो कुछ सेक्टर पर होता है।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत को कैसे खतरा?

एक्सिस म्यूचुअल फंड के सीआईओ आशीष गुप्ता बताते हैं कि भारत पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर जल्द दिख सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरतों का 80 प्रतिशत कच्चा तेल पश्चिम एशिया के देशों से आयात करता है। इसलिए इस तरह की अस्थिरिता कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि ला सकती है और इससे इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ती है। साथ ही चालू खाता घाटा और महंगाई बढ़ती है। इक्विटी बाजार पर इसका असर विशेषकर एविएशन सेक्टर, पेंट, सीमेंट और केमिकल जैसे संवेदनशील सेक्टर पर होता है।  

क्यों बढ़ रहे हैं तेल और गैस के दाम?

रिपोर्ट बताती है कि ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते को रोकना या बंद करना कच्चा तेल, रिफाइंड उत्पाद और नेचुरल गैस (एलएनजी) की कीमतों के लिए खतरा है। यह ग्लोबल एनर्जी कारोबार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है, जो कच्चे तेल के आवक का 20 प्रतिशत और एलएनजी कारोबार का 30 प्रतिशत है। भारत का 50 प्रतिशत या उससे अधिक एनर्जी आयात इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए थोड़ी या कुछ समय की रुकावट भी भारत के एनर्जी सुरक्षा, महंगाई और बाहरी संतुलन पर असर डाल सकती है।

भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?

रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 में रूस-यूक्रन युद्ध के दौरान कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले गए थे , बावजूद इसके शुरुआती बिकवाली के बाद भी निफ्टी-50 ने साल के अंत में सकारात्मक जोन में रहा। इसका मतलब यह है कि कच्चे तेल के दामों की वजह से भारतीय इक्विटी बाजार पटरी से नहीं उतरा, जब तक कि ग्रोथ और मॉनेटरी स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी लंबे समय तक न रहे।  






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पश्चिम एशिया का घमासान: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से अमेरिका के खजाने और हथियारों के भंडार पर कितना असर? जानिए सबकुछ


अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा टकराव अब एक खुले सैन्य युद्ध में बदल गया है। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए साझा हवाई हमलों के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है। इस वैश्विक घटनाक्रम के बीच यह समझना बेहद जरूरी है कि इस युद्ध का अमेरिका के रक्षा बजट, अर्थव्यवस्था और सैन्य स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

आइए इसे आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ क्या है और इसके तात्कालिक परिणाम क्या रहे?

28 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका ईरान के भीतर एक प्रमुख युद्ध अभियान चला रहा है, इसका उद्देश्य ईरान के मिसाइल उद्योग को नष्ट करना है। पेंटागन ने इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है। अमेरिकी गोला-बारूद भंडार पर अपडेट देते हुए दो टूक कहा कि युद्ध हमेशा चलते रह सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के हथियारों की आपूर्ति अब तक के सबसे अच्छे स्तर पर है और इन हथियारों की उपलब्धता लगभग असीमित है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि मौजूदा भंडार के दम पर युद्ध लंबे समय तक और प्रभावी ढंग से लड़े जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये हथियार अन्य देशों के सबसे उन्नत हथियारों से भी बेहतर हैं। उन्होंने साफ कहा कि हथियारों के दम पर अमेरिका युद्ध अनंत काल तक और बहुत सफलतापूर्वक लड़े जा सकते हैं।


  • अमेरिकी सेना ने ईरान में 1,250 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है और 11 ईरानी जहाजों को नष्ट किया है।

  • इस हमले के पहले चरण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके तेहरान स्थित परिसर में मौत हो गई। 

  • ईरानी रेड क्रीसेंट के आंकड़ों के अनुसार, 130 स्थानों पर अब तक 787 लोगों की जान जा चुकी है।

मध्य पूर्व के इस संघर्ष में अमेरिका का अब तक का कुल खर्च कितना है?

ब्राउन यूनिवर्सिटी की 2025 की ‘कॉस्ट्स ऑफ वॉर’ रिपोर्ट के अनुसार खर्च का विवरण इस प्रकार है:


  • 7 अक्तूबर 2023 से अमेरिका ने इजरायल को लगभग 21.7 अरब डॉलर (करीब $21.7bn) की सैन्य सहायता प्रदान की है।

  • यमन, ईरान और व्यापक मध्य पूर्व में इजरायल के समर्थन में अमेरिकी अभियानों पर करदाताओं के 9.65 अरब डॉलर से 12.07 अरब डॉलर के बीच खर्च हुए हैं।

  • इस प्रकार, संघर्ष से जुड़ा अमेरिका का कुल खर्च अब तक 31.35 अरब डॉलर से 33.77 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

मौजूदा युद्ध अभियान की शुरुआती लागत क्या है?

किसी भी चल रहे सैन्य अभियान की कुल लागत का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल होता है, लेकिन शुरुआती आंकड़े काफी बड़े हैं।


  • अनादोलू न्यूज एजेंसी के अनुसार, युद्ध के पहले 24 घंटों में ही अमेरिका ने लगभग 779 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

  • हमले से पहले की सैन्य तैनाती, जिसमें विमानों और नौसैनिक जहाजों की लामबंदी शामिल है, पर करीब 630 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च आया है।

  • इसके अलावा, यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड जैसे कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को संचालित करने का खर्च लगभग 6.5 मिलियन डॉलर प्रतिदिन है। कुवैत में तीन अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमानों का दुर्घटनाग्रस्त होना भी एक बड़ा वित्तीय नुकसान है।

  • अमेरिका में एक गैलन पेट्रोल की औसत कीमत रातोंरात 11 सेंट बढ़कर लगभग 3.11 डॉलर हो गई। मोटर क्लब एएए के अनुसार, अमेरिका में एक गैलन गैसोलीन की औसत कीमत रातोंरात 11 सेंट बढ़कर लगभग 3.11 डॉलर हो गई। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने से पहले ही गैस की कीमतें बढ़ रही थीं क्योंकि रिफाइनर ईंधन के ग्रीष्मकालीन मिश्रणों की ओर रुख कर रहे थे, लेकिन युद्ध के कारण इस सप्ताह कच्चे तेल के वायदा भाव में तेजी से वृद्धि हुई है। मंगलवार को, ईरान द्वारा जवाबी हमलों की एक श्रृंखला शुरू करने के बाद, जिसमें सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला भी शामिल है, तेल वायदा की कीमतें एक साल से अधिक समय में नहीं देखे गए स्तर तक पहुंच गईं। अमेरिकी कच्चे तेल की मानक कीमत में 8.6% की बढ़ोतरी हुई और यह 77.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

अमेरिका किन रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहा है?

इस अभियान में 20 से अधिक हथियार प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें बी-2 स्टील्थ बॉम्बर, एफ-35 लड़ाकू विमान, टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें और पैट्रियट मिसाइल सिस्टम शामिल हैं।



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लड़ाई में अमेरिका कितना मजबूत, इसपर जानकार क्या कह रहे?


  • स्टिम्सन सेंटर के वरिष्ठ फेलो क्रिस्टोफर प्रेबल के अनुसार, 1 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम रक्षा बजट (और 1.5 ट्रिलियन डॉलर के प्रस्ताव) के कारण यह युद्ध अमेरिका के लिए वित्तीय रूप से पूरी तरह टिकाऊ है। हालांकि, असली चिंता धन की नहीं बल्कि हथियारों के भंडार की है।

  • पैट्रियट और एसएम-6 जैसे इंटरसेप्टर मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, और यह गति अनिश्चित काल तक जारी नहीं रह सकती।

  • इन इंटरसेप्टर्स का निर्माण काफी जटिल होता है और इन्हें यूक्रेन तथा इंडो-पैसिफिक (एशिया) जैसे अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के लिए भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।

अमेरिका के लिए युद्ध में सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

अमेरिका का विशाल रक्षा बजट युद्ध की तात्कालिक वित्तीय लागत को आसानी से वहन कर सकता है। लेकिन, हथियारों की जटिल मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया और इंटरसेप्टर मिसाइलों की सीमित इन्वेंट्री एक बड़ा रणनीतिक जोखिम पैदा कर सकती है। अगर यह टकराव हफ्तों तक खिंचता है, तो यह अमेरिकी सैन्य आपूर्ति शृंखलाओं (सप्लाई चेन्स) के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है, जिसका सीधा असर रक्षा कंपनियों के उत्पादन पर देखने को मिलेगा।





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