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Khamenei Wife Love Story: कैसे हुआ था खामेनेई का निकाह? मौलवी से इश्क-जेल में Twist! दिलचस्प है कहानी


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oi-Divyansh Rastogi

Khamenei Wife Mansoureh Love Story: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजरायल (अमेरिका सपोर्ट) युद्ध ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार का खात्मा कर दिया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई की बीवी मन्सूरी खोजस्ते बाघेरज़ादेह (Mansoureh Khojasteh Bagherzadeh) की 2 मार्च को अस्पताल में मौत हो गई। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आपको बता दें कि, खामेनेई की बीवी का जीवन एक रहस्यमयी कहानी की तरह रहा है।

वे ईरान की सबसे ‘अदृश्य’ महिला कहलाती थीं, क्योंकि वे राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर रहीं। लेकिन एक दुर्लभ इंटरव्यू में उन्होंने खामेनेई के साथ अपने निकाह, परिवार और जीवन के बारे में खुलासा किया था। यह इंटरव्यू पहली बार 1993 में एक ईरानी मैगजीन में अंग्रेजी में प्रकाशित हुआ था और बाद में फारसी में ऑनलाइन वायरल हुआ। आइए जानते हैं इसके कुछ अंश…

Khamenei Wife Mansoureh Love Story

Khamenei Wife Mansoureh Marriage Story: कैसे हुआ था निकाह? कोई रोमांटिक मुलाकात नहीं

मंसूरी ने इंटरव्यू में बताया था कि उनका निकाह 1964 में हुआ था। यह कोई लव मैरिज या रोमांटिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि धार्मिक परिवारों की परंपरा के अनुसार अरेंज्ड मैरिज थी। खामेनेई की मां खादिजेह मिरदामादी ने मंसूरी के घर जाकर उनका हाथ मांगा था। उस समय मंसूरी सिर्फ 17 साल की थीं और खामेनेई एक साधारण मौलवी थे, जो रजा शाह पहलवी की संतान मोहम्मद रजा शाह पहलवी के शासन के खिलाफ विरोधी गतिविधियों में सक्रिय हो रहे थे। मंसूरी का जन्म 1947 में मशहद शहर के एक धार्मिक और व्यापारी परिवार में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद एस्माईल खोजस्ते बाघेरज़ादेह एक सफल व्यवसायी थे।

Khamenei Real Love Story Jail Twist: जेल से शुरू हुई असली ‘लव स्टोरी’ और इम्तिहान

Khamenei Wife Mansoureh Love Story

निकाह के बाद खामेनेई की राजनीतिक गतिविधियों के कारण शाह की पुलिस ने उन्हें कई बार गिरफ्तार किया। जेल के दौर में मंसूरी ने अकेले छह बच्चों (चार बेटे और दो बेटियां) की परवरिश की। वे जेल में खामेनेई से मिलने जाती थीं और दोनों एक-दूसरे के दुख-दर्द बांटते थे। मंसूरी ने कभी घर की मुश्किलों या समस्याओं का जिक्र नहीं किया, बल्कि सिर्फ अच्छी खबरें सुनाकर उनका मनोबल बनाए रखा। उन्होंने बताया था कि, ‘मेरा सबसे बड़ा रोल घर में शांति बनाए रखना था, ताकि वे अपना काम सुकून से कर सकें।’

Khamenei Wife Mansoureh Story

मंसूरी खुद भी क्रांति में सक्रिय रहीं। वे सरकार विरोधी पर्चे बांटने, संदेश पहुंचाने और दस्तावेज छिपाने में मदद करती थीं, लेकिन इन्हें उन्होंने ‘बताने लायक नहीं’ बताया। जेल के दौर ने उनके निकाह को और मजबूत बनाया, जहां इश्क और समर्थन का रिश्ता गहरा हुआ।

How Was Khamenei At Home: खामेनेई घर में कैसे थे?

Khamenei Wife Mansoureh Love Story

मंसूरी ने खामेनेई को एक स्नेही और समझदार शौहर बताया। उन्होंने कहा कि काम से थके-हारे घर लौटने के बावजूद खामेनेई काम की समस्याओं को घर से दूर रखते थे। घरेलू कामों में मदद के बारे में बताया था कि उनके पास समय नहीं है और न ही मैं ऐसी उम्मीद करती हूं।’ खामेनेई उनसे सिर्फ एक खुशहाल, शांत और स्वस्थ परिवार चाहते थे।

हिजाब और जिम्मेदारियां पर क्या कहा?

हिजाब के बारे में मंसूरी का कहना था कि घर के बाहर के लिए चादर सबसे अच्छा आवरण है। घर के अंदर अलग है, लेकिन कपड़े हमेशा इस्लामी मर्यादा के अनुसार होने चाहिए।’ उन्होंने यह भी बताया था कि वे सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन मुस्लिम महिला के रूप में अन्य बहनों की तरह जिम्मेदारियां निभाती हैं।

Khamenei Mysterious Wife Mansoureh: क्यों रहीं ‘अदृश्य’?

ईरान में ज्यादातर नेताओं की बीवियां सार्वजनिक जीवन से दूर रहती हैं। मंसूरी इस मामले में सबसे ज्यादा गोपनीय रहीं। एक बार वे गंभीर बीमार हुईं और अस्पताल में कई दिन रहीं, लेकिन डॉक्टरों को पता नहीं चला कि वे सुप्रीम लीडर की बीवी हैं, जब तक खामेनेई खुद मिलने नहीं पहुंचे।

यह दुर्लभ इंटरव्यू खामेनेई दंपति की निजी जिंदगी की झलक देता है, जहां राजनीतिक संघर्ष के बीच एक मजबूत पारिवारिक बंधन था। मंसूरी ने 2 मार्च 2026 को अमेरिका-इजरायल हमलों में घायल होने के बाद दम तोड़ा, जबकि खामेनेई की मौत 28 फरवरी को हुई थी। उनकी कहानी ईरान के इतिहास में एक अनोखा अध्याय बनी रहेगी।

(इनपुट-रेडियो फ्री यूरोपीयन)



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ईरान-इजराइल युद्ध का क्रिकेट पर असर? यूएई में होने वाली अहम इंटरनेशनल सीरीज हो सकती है रद्द


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oi-Naveen Sharma

खेल की दुनिया एक बार फिर सरहदों पर बढ़ते तनाव की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। मार्च के महीने में खाड़ी देशों में होने वाले बड़े क्रिकेट आयोजनों पर युद्ध के काले बादल मंडराने लगे हैं। अफगानिस्तान और श्रीलंका (AFG vs SL) के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वनडे सीरीज अब अनिश्चितता के घेरे में है, जिससे क्रिकेट फैंस के बीच मायूसी और चिंता का माहौल है।

अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 20 मार्च से दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होना प्रस्तावित है। शेड्यूल के अनुसार दूसरा मैच 22 मार्च और आखिरी वनडे 25 मार्च को खेला जाना था। लेकिन क्षेत्र में युद्ध की आहट और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने आईसीसी (ICC) और संबंधित क्रिकेट बोर्ड्स की नींद उड़ा दी है। इससे पहले तीन टी20 मैचों की सीरीज शारजाह में होगी, जो 13 मार्च से होनी है।

dubai stadium

खिलाड़ियों की सुरक्षा और हवाई यात्रा पर लग रहे प्रतिबंधों को देखते हुए इस सीरीज का आयोजन नामुमकिन नजर आ रहा है। हालांकि यूएई में जल्दी ही हालात सामान्य होने के आसार हैं लेकिन ईरान के साथ इजराइल और यूएस का युद्ध जारी है।

सीरीज को लेकर कब होगा फैसला

माना जा रहा है कि यदि अगले कुछ दिनों में तनाव कम नहीं हुआ, तो इस सीरीज को आधिकारिक तौर पर कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा या फिर इसे किसी सुरक्षित वेन्यू पर शिफ्ट करने पर विचार किया जा सकता है। फ़िलहाल अफगानिस्तान और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की तरफ से कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही है। अगले एक सप्ताह में स्थिति साफ़ हो सकती है।

इंग्लैंड क्रिकेट भी फंसा है

इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी जॉनी बेयरस्टो अपने परिवार के साथ दुबई आए थे और वहां अटकने के बाद सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई थी। बेयरस्टो छुट्टियाँ मनाने के लिए वहां गए थे। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद मामला काफी ज्यादा खराब हो गया है। आईसीसी का मुख्यालय और एशियन क्रिकेट काउंसिल का मुख्यालय भी दुबई से है। अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच वहां सीरीज का कारण यह है कि अफगान टीम का होम ग्राउंड यूएई में है।



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Bihar News: गोपालगंज में निर्माणाधीन पुल का स्पैन क्षतिग्रस्त, ग्रामीण कार्य विभाग के तीन अभियंता निलंबित


गोपालगंज ग्रामीण कार्य विभाग ने नाबार्ड राज्य योजना के तहत एक आरसीसी पुल का हिस्सा ढलाई के दौरान गिरने के बाद कार्यकारी, सहायक और कनिष्ठ इंजीनियरों को निलंबित कर दिया। एक संयुक्त टीम जिसमें वरिष्ठ इंजीनियर और एक पुल सलाहकार शामिल हैं, डीपीआर सत्यापन जांच की जांच करेंगे जिनका पालन नहीं किया गया था, ठेकेदार की कार्रवाई की समीक्षा की जा रही है।

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-Oneindia Staff

गोपालगंज जिले के सिधवलिया प्रखंड अंतर्गत बखरौल कुर्मी टोला पथ पर घोघरी नदी के ऊपर निर्माणाधीन आरसीसी पुल का एक स्पैन ढलाई के दौरान क्षतिग्रस्त हो जाने के मामले में ग्रामीण कार्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कार्य में लापरवाही के आरोप में गोपालगंज कार्य प्रमंडल-2 के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Gopalganj RCC Bridge Collapse: Officials Suspended

यह पुल नाबार्ड राज्य योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन है। जानकारी के अनुसार, एल-041 से एल-039 के बीच का एक हिस्सा ढलाई के दौरान गिर गया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जानमाल की क्षति नहीं हुई है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, नोडल पदाधिकारी तथा वरीय पुल सलाहकार को घटनास्थल पर जांच के लिए भेजा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी कार्यपालक अभियंताओं को पुल निर्माण से पूर्व डीपीआर की जांच वरीय पुल सलाहकार से कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन संबंधित अभियंताओं और संवेदक द्वारा इस निर्देश का पालन नहीं किया गया।

पुल निर्माण का कार्य 7 मार्च 2025 को शुरू हुआ था और इसे 6 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्माण कार्य में लगी संवेदक संस्था बापूधाम कंस्ट्रक्शन, मोतिहारी के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीण कार्य विभाग ने हाल ही में 28 फरवरी को आयोजित समीक्षा बैठक में भी सभी कार्य प्रमंडलों को पुल परियोजनाओं की डीपीआर की जांच वरीय पुल सलाहकार से अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दोहराए थे। विभाग का कहना है कि विशेषज्ञों की समीक्षा और निगरानी से कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।

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‘सोनम जेल में, उसे तो जला नहीं सकते इसलिए’, होलिका दहन पर बेटे राजा के गम में डूबी मां ने लिया बड़ा फैसला


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oi-Bhavna Pandey

Raja Raghuvanshi murder case: होली के पावन पर्व पर, जब चारों ओर रंगों और खुशियों की आहट गूंज रही है, उसी बीच मध्‍य प्रदेश के इंदौर का एक परिवार अपने मरे हुए बेटे के गम में डूबा हुआ है। होलिका दहन की पवित्र अग्नि के सामने खड़ा बिजनेसमैन राजा रघुवंशी का परिवार आज सिर्फ एक रस्म नहीं निभा रहा, बल्कि अपने दिल के दर्द को आग के हवाले कर दिया है।

कहा जाता है कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है-और इसी विश्वास के साथ आज एक इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्‍या के बाद उसकी मां ने अनोखा और भावुक फैसला लिया। राजा की मां ने बेटे की हत्‍यारन पत्‍नी सोनम की शादी की साड़ी को होलिका दहन में समर्पित कर दी है।

Raja Raghuvanshi murder case

मां बोली- सोनम तो जेल में तो उसे तो जला नहीं सकते

राजा रघुवंशी की मां बोली, “होलिका दहन बुराई के अंत का प्रतीक है। सोनम तो जेल में है, उसे नहीं जला सकते, लेकिन उसकी शादी की साड़ी और उससे जुड़ी यादों को जलाकर हम अपने जीवन से उस बुराई को खत्म करना चाहते हैं।” घर में रखी वह साड़ी अब सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि टूटे विश्वास और बिखरे सपनों की कहानी बन चुकी है।

होली पर सोनम ने खुद राजा को बुलाया

मां ने रोते हुए कहा, पिछले साल की होली की यादें आज भी परिवार को झकझोर देती हैं। सोनम ने खुद राजा को फोन कर घर बुलाया था-“रंग लगाने के लिए आओ।” राजा गया, गुलाल उड़ा, हंसी बिखरी, और परिवार ने साथ मिलकर होली खेली। उस दिन राजा की मां ने पूरे उत्साह से वीडियो बनाया था।

राजा के जाने के बाद अब जीवन में कोई रंग नहीं

मां बोली- “पिछले साल बेटे की होली खेलते हुए मैंने वीडियो बनाई थी, और आज उसी वीडियो को देखकर उसे याद कर रही हूं।” राजा अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके जाने के बाद इस परिवार के जीवन से जैसे सारे रंग उड़ गए हैं। मां का कहना है, “राजा के जाने के बाद हमारे जीवन में अब कोई रंग नहीं बचा। न होली, न दीपावली, अब कोई त्योहार नहीं मनाते।”जहां कभी त्योहारों पर रोशनी और रंग हुआ करते थे, अब वहां सन्नाटा और शोक है।

क्या था राजा रघुवंशी हत्‍या का पूरा मामला?

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की कहानी मई 2025 में शुरू हुई। वह अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून पर मेघालय गए थे। इसी दौरान उनकी कथित रूप से हत्या कर दी गई। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को नामजद किया गया है जिसमें पत्नी सोनम, उसका ब्वाॅय फ्रेंड राज कुशवाहा और तीन कथित हमलावर: विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी थे।

पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मेघालय पहुंचे थे और घटना में उनकी संलिप्तता पाई गई। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और अदालत में मामला विचाराधीन है।



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MP News: होली पर CM मोहन यादव का सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, DA 3% बढ़कर 58%, जानिए कैसे मिलेगा लाभ


Bhopal

oi-Laxminarayan Malviya

CM Mohan Yadav DA HIke: होली के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है।

अब प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी भारत सरकार के कर्मचारियों के DA के समान होगी, जिससे प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स को अप्रैल 2026 से सीधा लाभ मिलेगा।

Holi CM Mohan Yadav announced a 3 hike in DA gift to MP government employees and pensioners

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज शाम को जारी बयान में कहा, “आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी। पेंशनर्स को भी जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58% का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।”
बढ़ोतरी का लाभ कब और कैसे मिलेगा?

वर्तमान DA: पहले 55% था।

  • नया DA: अब 58% हो गया है।
  • प्रभावी तिथि: अप्रैल 2026 से (मई 2026 में वेतन में मिलेगा)।
  • एरियर: जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का बकाया DA मई 2026 से 6 समान किस्तों में दिया जाएगा।
  • पेंशनर्स को लाभ: जनवरी-फरवरी 2026 की पेंशन में 58% DA शामिल होगा।
  • कर्मचारियों की संख्या: प्रदेश में करीब 5.5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारी और 3 लाख से अधिक पेंशनर्स हैं, जिन्हें इस बढ़ोतरी से सीधा फायदा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिन में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बड़वानी में कृषि कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शाम को सभी कर्मचारी बंधुओं और पेंशनर्स के कल्याण के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी को होली की हार्दिक बधाई दी।

क्यों ली गई यह बढ़ोतरी?

मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए और केंद्र सरकार के DA बढ़ाने के फैसले के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। इससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और वे त्योहारों पर बेहतर तरीके से परिवार के साथ खुशियां मना सकेंगे। यह फैसला राज्य के वित्तीय हालात को देखते हुए भी संतुलित तरीके से लिया गया है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी

इस घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। एक कर्मचारी ने कहा, “होली पर DA बढ़ना बहुत बड़ी राहत है। महंगाई से जूझ रहे परिवारों को इससे बहुत फायदा होगा।” पेंशनर्स ने भी कहा कि एरियर की किस्तों से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

यह फैसला होली के मौके पर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए खुशियों का संदेश लेकर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों, पेंशनर्स और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।



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Bihar News: लघु जल संसाधन विभाग के 20 अभियंताओं का पुणे में प्रशिक्षण शुरू, जल प्रबंधन को मिलेगा नया बल


बीस बिहार राज्य के इंजीनियरों ने पुणे के नेशनल वाटर एकेडमी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया, जिसमें जल संसाधन बुनियादी बातों, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, कैचमेंट पैरामीटर और सिंचाई योजना पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें बारामती और अहमदनगर में व्यावहारिक जल प्रबंधन मॉडल का निरीक्षण करने के लिए ऑन-साइट फील्ड विज़िट शामिल थे।

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-Oneindia Staff

बिहार सरकार के लघु जल संसाधन विभाग के 20 अभियंताओं की दूसरी टीम का प्रशिक्षण सोमवार से राष्ट्रीय जल अकादमी, पुणे में प्रारंभ हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 2 से 7 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अभियंताओं की तकनीकी क्षमता को सशक्त बनाना है।

Bihar engineers train in water management

केंद्रीय जल आयोग के अंतर्गत राष्ट्रीय जल अकादमी में आयोजित इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण का विषय ‘जल संसाधनों की मूल बातें’ है। पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद अभियंताओं को जल संसाधनों में रिमोट सेंसिंग और जीआईएस का परिचय, स्पेशियल प्रोसेसिंग, कैचमेंट फिजियोग्राफिक पैरामीटर का आकलन तथा जियो-रेफरेंस्ड मैप तैयार करने संबंधी डेमोंस्ट्रेशन और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन हाइड्रोलॉजी के मूलभूत सिद्धांतों और जल संसाधन आधारित योजनाओं के डिजाइन एवं प्रबंधन में इसके अनुप्रयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि सूक्ष्म एवं लघु सिंचाई योजनाओं के विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके।

प्रशिक्षण के तीसरे दिन पाइप सिंचाई नेटवर्क की योजना एवं डिजाइनिंग, लिफ्ट सिंचाई योजनाएं, भू-जल का आकलन एवं प्रबंधन, सतही और भूजल के संयुक्त उपयोग तथा जलभराव और खारेपन की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित हिवरे बाजार और कृषि विज्ञान केंद्र, बारामती की अध्ययन यात्रा भी कराई जाएगी, जहां जल प्रबंधन के सफल मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया जाएगा।

विभाग के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अभियंताओं को आधुनिक तकनीकों और नवीन दृष्टिकोण से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। इससे राज्य में लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जल प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार तथा योजनाओं की दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।



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भारत रूस से 5 S-400 सुदर्शन डिफेंस सिस्टम खरीदेगा: पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनात किया जाएगा; वायुसेना ने इसे ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया था


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नई दिल्ली16 मिनट पहले

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नए सिस्टम को पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। इससे चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों पर भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी।

भारत रूस से 5 नए S-400 ‘सुदर्शन’ एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगा।

न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के आधार पर सोमवार को बताया कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद और खरीदने का निर्णय लिया गया है।

रक्षा अधिकारियों ने बताया कि नए सिस्टम को पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। इससे चीन और पाकिस्तान, दोनों मोर्चों पर भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता मजबूत होगी।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई थी और पाकिस्तान के 5-6 लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर मार गिराया था। वायुसेना ने S-400 को भारत की हवाई सुरक्षा रणनीति का गेम चेंजर बताया था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी अटैक को रोका था और 5-6 लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को गिराया था

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी अटैक को रोका था और 5-6 लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को गिराया था

2018 में हुआ था पहला समझौता

भारत और रूस के बीच 2018 में S-400 सिस्टम के 5 स्क्वाड्रन खरीदने का समझौता हुआ था। अब तक इनमें से 3 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना में शामिल होकर ऑपरेशनल हो चुके हैं, जबकि बाकी की आपूर्ति प्रक्रिया जारी है।

वायुसेना S-400 सिस्टम के लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त मिसाइलें भी खरीदने पर विचार कर रही है। इसके लिए रूस के साथ बातचीत जारी है और जल्द ही टेंडर फिर से जारी किया जा सकता है।

S-400 डिफेंस सिस्टम क्या है?

S-400 ट्रायम्फ रूस का एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। यह हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है।

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इस सिस्टम की खासियत क्या है?

  • S-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
  • इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
  • ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
  • S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
  • S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।

कहां तैनात हैं एस-400?

एस-400 की एक स्क्वाड्रन में 256 मिसाइल होती हैं। भारत के पास इस वक्त 3 स्क्वाड्रन हैं, जिन्हें अलग-अलग तरफ की सीमाओं पर तैनात किया गया है।

  • पहली स्क्वाड्रन – पंजाब में तैनात की गई है। भारत को पहली 2021 में रूस ने पहली स्क्वाड्रन सौंपी थी। यह पाकिस्तान और चीन दोनों की ओर से आने वाले खतरों को रोकने के लिए है।
  • दूसरी स्क्वाड्रन – सिक्किम (चीन सीमा) में तैनात है। भारत को यह खेप जुलाई 2022 में मिली थी। यहां से चिकन नेक पर भी निगरानी रखी जाती है।
  • तीसरी स्क्वाड्रन- राजस्थान-गुजरात या पंजाब/राजस्थान सीमा पर तैनात है। भारत को यह खेप फरवरी 2023 में मिली। इस स्क्वाड्रन से पश्चिमी सीमा की सुरक्षा मजबूत होती है।
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T20 World Cup 2026: सुपर-8 खत्म! इन 5 खिलाड़ियों ने मचाया कोहराम, एक भारतीय नाम ने चौंकाया


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oi-Naveen Sharma

T20 World Cup 2026 Top Run Getters: टी20 विश्व कप 2026 का सुपर-8 चरण समाप्त हो चुका है और अब नजरें सेमीफाइनल की जंग पर हैं। इस टूर्नामेंट में दुनिया भर के बल्लेबाजों ने अपनी धमक दिखाई है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने आंकड़ों के मामले में इतिहास ही रच दिया।

सुपर आठ खत्म होने तक टॉप पांच बल्लेबाजों में एक भारतीय नाम शामिल है। खास बात यह भी है कि इन टॉप पांच प्लेयर्स में से तीन की टीमें अब इस विश्व कप से बाहर हो गई हैं। पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान इस बार बड़ा धमाका किया है।

t20 world cup 2026

साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान)

पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान इस समय टूर्नामेंट के बेताज बादशाह बने हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 383 रन बनाकर विराट कोहली का 12 साल पुराना रिकॉर्ड (319 रन, 2014) तोड़ दिया है। फरहान एक ही टी20 वर्ल्ड कप सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शानदार शतक भी जड़े। उनकी टीम अब बाहर हो गई है।

ब्रायन बेनेट (जिम्बाब्वे)

जिम्बाब्वे के इस युवा बल्लेबाज ने पूरी दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से चौंका दिया है। बेनेट ने 6 मैचों में 292 रन बनाए हैं। सबसे खास बात उनका औसत है; वह 146.00 के अविश्वसनीय औसत के साथ खेले हैं। सेमीफाइनल की रेस से बाहर होने के बावजूद बेनेट का नाम इस लिस्ट में दूसरे पायदान पर है।

एडन मार्करम (दक्षिण अफ्रीका)

प्रोटियाज कप्तान एडन मार्करम अपनी टीम को फ्रंट से लीड कर रहे हैं। उन्होंने 7 मैचों में 268 रन जोड़े हैं। मार्करम का स्ट्राइक रेट (175.16) उन्हें इस लिस्ट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक बनाता है। दक्षिण अफ्रीका के सेमीफाइनल में पहुंचने में उनकी इन पारियों का बड़ा योगदान रहा है।

शिमरॉन हेटमायर (वेस्टइंडीज)

वेस्टइंडीज के पावर हिटर हेटमायर लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। उन्होंने 7 पारियों में 248 रन बनाए हैं। हेटमायर इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के (19) लगाने वाले बल्लेबाजों में भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई, लेकिन हेटमायर का बल्ला खूब गरजा।

सूर्यकुमार यादव (भारत)

भारतीय कप्तान और मिस्टर 360 सूर्यकुमार यादव टॉप-5 में बने हुए हैं। उन्होंने 7 मैचों में 231 रन बनाए हैं। सूर्या ने टूर्नामेंट में भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है और अब सेमीफाइनल में टीम इंडिया की उम्मीदें काफी हद तक उन पर टिकी हैं।



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‘शिक्षा पर 2 प्रतिशत से भी कम बजट युवाओं से धोखा’, हरियाणा सरकार पर भड़की AAP


Haryana

oi-Ankur Sharma

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज हरियाणा की मेहनतकश जनता एक बार फिर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 असल में विकास का नहीं, बल्कि कर्ज और झूठे वादों का दस्तावेज है। सरकार दावा कुछ और करती है, जबकि हकीकत कुछ और बयां कर रही है।

राज्य पर ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक बोझ करीब ₹5 लाख करोड़ के आसपास है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि सरकार की लगभग 34 प्रतिशत आमदनी उधार से आएगी और बजट का करीब 30 प्रतिशत, यानी लगभग ₹67,000 करोड़ केवल पुराने कर्ज की किस्तें चुकाने में उड़ जाएगा। यह विकास नहीं, कर्ज का मेला है।

AAP

उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा की हर महिला को बिना किसी शर्त ₹2100 मासिक देने का वादा किया था। आज वही सरकार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए केवल ₹6,500 करोड़ रखकर अपने वादे से साफ पलट गई है। यदि करीब 1 करोड़ महिलाओं को ₹2100 प्रति माह देना हो तो सालाना लगभग ₹22,000 करोड़ की आवश्यकता होगी। लेकिन बजट के आंकड़े खुद बता रहे हैं कि सरकार के पास महिलाओं के लिए न नीयत है और न ही पर्याप्त निधि। अभी तक केवल लगभग 9 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। यह महिलाओं के सम्मान का नहीं, उनके भरोसे के साथ खिलवाड़ का बजट है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं उजागर हो गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक शिक्षा पर कम से कम 6 प्रतिशत खर्च होना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 1.9 प्रतिशत बजट शिक्षा के नाम पर रखा है। सरकारी स्कूलों में 15,451 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और कॉलेजों में 2,400 से अधिक टीचिंग और नॉन-टीचिंग पद रिक्त हैं। जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो युवाओं का भविष्य कैसे बनेगा? यह सरकार युवाओं के सपनों को कमजोर कर रही है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार राज्यों को कम से कम 8 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 6.02 प्रतिशत ही प्रावधान किया है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल हालत के बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। आज भी इतने सालों बाद रेवाड़ी एम्स अधूरा पड़ा है। गुरुग्राम का सिविल अस्पताल भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रोहतक पीजीआई, खानुपर और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की हालत खराब हो चली है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि यह बजट साफ दिखाता है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि झूठे आंकड़ों का खेल है। कर्ज लेकर ताली बजवाना और अधूरे वादों को उपलब्धि बताना अब नहीं चलेगा। हरियाणा की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि यह बजट उनके सपनों को पूरा करने का नहीं, बल्कि उन्हें भ्रम में रखने का प्रयास है। आम आदमी पार्टी जनता के साथ खड़ी है और हरियाणा के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।



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MP News: नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट: 27,500 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, सिंचाई परियोजनाओं को मिली बड़ी स्वीकृति


किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई पहली कृषि कैबिनेट बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और सहकारिता के लिए 27,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। बड़वानी में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिली, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है।

India

-Oneindia Staff

किसान कल्याण वर्ष-2026 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में मंत्रिपरिषद की पहली कृषि कैबिनेट आयोजित की गई। ‘सशक्त किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश’ की थीम पर हुई इस बैठक में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से जुड़ी 27 हजार 500 करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृति दी गई।

Madhya Pradesh approves INR 27,500 crore for farmers

किसानों और उत्पादक गतिविधियों से जुड़े वर्गों के कल्याण के लिए 25 हजार 678 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही, नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में बड़वानी जिले की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,068 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इन योजनाओं पर आगामी पांच वर्षों में व्यय किया जाएगा।

जनजातीय अंचल में आयोजित इस कैबिनेट में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने पारंपरिक जनजातीय वेशभूषा धारण कर जनजातीय समाज के सम्मान और कल्याण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित जनजातीय विकास और कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा भगोरिया पर्व में भी शामिल होकर लोकदेवता भीलट देव की पूजा-अर्चना की।

मंत्रिपरिषद ने ‘मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्य उद्योग नीति-2026’ को मंजूरी दी। इसके तहत तीन वर्षों में 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 20 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। केज कल्चर को आधुनिक स्वरूप में बढ़ावा देते हुए एक लाख केज स्थापित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए अगले दो वर्षों हेतु 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहन

राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रुपये तथा पौधशाला उद्यान विकास के लिए 1,739 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

सहकारिता और कृषि ऋण में राहत

सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता योजना के लिए 1,975 करोड़ रुपये और अल्पकालीन फसल ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3,909 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके तहत किसानों को 3 लाख रुपये तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। सहकारी संस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए 1,073 करोड़ रुपये तथा सहकारिता विभाग की अन्य योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

पशुधन और डेयरी क्षेत्र को मजबूती

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 656 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पशु स्वास्थ्य, संरक्षण और संवर्धन की 14 योजनाओं के लिए 1,723 करोड़ रुपये तथा पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6,518 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

बड़वानी की सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी मंजूरी

वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना के तहत 860.53 करोड़ रुपये की लागत से 33 गांवों की 15,500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पानसेमल परियोजना के लिए 1,207.44 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 53 गांवों की 22,500 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित कर किसानों के हित में और निर्णय लिए जाएंगे।

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