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Jaipur Silver Rate Today: चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, पिंक सिटी में एक दिन में 35 हजार बढ़े दाम


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oi-Kumari Sunidhi Raj

Jaipur Silver Rate Today: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। स्थानीय सराफा बाजार में आज चांदी के भाव में 35,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। आज जयपुर में चांदी का भाव 3,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। वहीं, फुटकर बिक्री में चांदी 330 रुपये प्रति ग्राम की दर से बिक रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और औद्योगिक मांग में अचानक तेजी के कारण कीमती धातुओं में यह अप्रत्याशित उछाल आया है। इस भारी बढ़त ने न केवल निवेशकों को चौंकाया है, बल्कि आगामी शादी सीजन के लिए आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। शहर के सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Jaipur Silver Rate Today

Jaipur Silver Price: जयपुर में बीते 10 दिनों में चांदी की कीमत

जयपुर सर्राफा बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 दिनों में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का विवरण नीचे दिया गया है:

तारीख 10 ग्राम भाव (₹) 100 ग्राम भाव (₹) 1 किग्रा भाव (₹) दैनिक परिवर्तन (₹)
मार्च 02, 2026 3,300 33,000 3,30,000 35,000
मार्च 01, 2026 2,950 29,500 2,95,000 0
फ़रवरी 28, 2026 2,950 29,500 2,95,000 10,000
फ़रवरी 27, 2026 2,850 28,500 2,85,000 0
फ़रवरी 26, 2026 2,850 28,500 2,85,000 0
फ़रवरी 25, 2026 2,850 28,500 2,85,000 0
फ़रवरी 24, 2026 2,850 28,500 2,85,000 -15,000
फ़रवरी 23, 2026 3,000 30,000 3,00,000 25,000
फ़रवरी 22, 2026 2,750 27,500 2,75,000 0
फ़रवरी 21, 2026 2,750 27,500 2,75,000 5,000

ये भी पढ़ें: Today Gold Rate Jaipur: जयपुर में सोने की कीमतों में भारी गिरावट, कितना टूटा 22K-24K गोल्ड का भाव?

Silver Price: बाजार की स्थिति

रिकॉर्ड तेजी: 2 मार्च को ₹35,000 की बढ़त पिछले कई महीनों में सबसे बड़ी एकदिवसीय वृद्धि में से एक है।

अस्थिरता: 23 फरवरी को ₹3,00,000 से गिरकर 24 फरवरी को ₹2,85,000 पर आने के बाद, कीमत में फिर से तेज उछाल आया है।

मांग का असर: इंडस्ट्रियल सेक्टर से मांग बढ़ने और सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की ओर रुख करने से इन कीमतों को बल मिला है।

With AI Inputs



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Delhi Flights cancelled: दिल्ली एयरपोर्ट पर 100 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल, मिडल ईस्ट जंग के कारण फंसे यात्री


India

oi-Puja Yadav

Delhi Flights cancelled: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट और ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग का सीधा असर अब भारत की राजधानी पर दिखने लगा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा।

हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण दिल्ली से उड़ने वाली और यहां आने वाली करीब 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्री बीच मझधार में फंस गए हैं।

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आईजीआई एयरपोर्ट, जो रोजाना करीब 1,520 उड़ानों का संचालन करता है, वहां 1 मार्च को लगातार दूसरे दिन ‘वेस्ट-बाउंड’ (पश्चिम की ओर जाने वाली) उड़ानें पूरी तरह ठप रहीं। हवाई अड्डे के अधिकारियों के अनुसार, देर शाम तक 62 प्रस्थान (Departures) और 42 आगमन (Arrivals) रद्द किए जा चुके थे।

Delhi Airport Flight Status Today: आज भी हालात नहीं रहेंगे सामान्य, टर्मिनल-3 पर यात्रियों की भीड़

दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। सैकड़ों यात्री टिकट काउंटरों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आए। इनमें से कई ऐसे थे जिनकी कनेक्टिंग फ्लाइट्स रद्द हो गई थीं और उन्हें इसकी जानकारी दिल्ली उतरने के बाद मिली।

हवाई अड्डे के फर्श पर अपने सामान के साथ बैठे यात्री बेहद थके हुए दिखे। कई यात्री तो रात के कपड़ों (पायजामे) में ही नजर आए, जो पिछले 24 घंटों से वैकल्पिक रूट के इंतजार में वहीं डटे हुए हैं। एयरलाइन कर्मचारी कतारों में खड़े लोगों को खाने के पैकेट और पानी बांटते देखे गए।

FlightRadar24 Delhi Airport Delays: फ्लाइट रडार का डेटा: 400 से ज्यादा उड़ानें लेट

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के मुताबिक, रविवार रात 9 बजे तक दिल्ली एयरपोर्ट पर 400 से ज्यादा उड़ानें देरी से चल रही थीं। इसमें 300 से अधिक आने वाली (Arrivals) उड़ानें शामिल हैं। औसतन देरी का समय 19 मिनट बताया गया, लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 5 से 6 घंटे तक की देरी का सामना कर रही हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस के बीच तालमेल की कमी पर भारी नाराजगी जताई।

कई यात्रियों की शिकायत थी कि उनकी उड़ानें रद्द होने के बाद उनका सामान (Luggage) नहीं मिल रहा है। हेल्प डेस्क पर सामान खोजने वालों की भारी भीड़ देखी गई। कई यात्रियों का कहना था कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई और एयरपोर्ट पहुंचने पर पता चला कि उनकी फ्लाइट अब नहीं उड़ेगी।

Air India और DIAL ने क्या कहा?

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है। हमारे ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की मदद के लिए तैनात हैं, लेकिन असाधारण परिस्थितियों के कारण कुछ प्रक्रियाओं में समय लग सकता है। वहीं, एयर इंडिया ने कहा है कि वे प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में एडजस्ट करने और रिफंड की प्रक्रिया में पूरी मदद कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क जरूर करें।

कब तक सुधरेंगे हालात?

जब तक ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम नहीं होता और खाड़ी देशों का एयरस्पेस दोबारा नहीं खुलता, तब तक दिल्ली से यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर यह संकट बना रहेगा। फिलहाल एयरलाइंस लंबी दूरी के वैकल्पिक रूट (जैसे अफ्रीका के ऊपर से) तलाश रही हैं, जिससे सफर का समय और किराया दोनों बढ़ने की संभावना है।



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भारत को यूरेनियम देगा कनाडा: पीएम मोदी और कार्नी की मुलाकात के बाद करार, डिफेंस और एनर्जी सेक्टर में सहयोग करेंगे दोनों देश


नई दिल्ली10 घंटे पहले

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प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई PM मार्क कार्नी के बीच सोमवार सुबह हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- भारत और कनाडा के बीच निवेश-ट्रेड डील पर बातचीत हुई है। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में, हमने यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है।

दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों के लिए एमओयू किया गया है। इससे दोनों देशों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और उन्नत रिएक्टर प्रौद्योगिकियों के विकास पर सहयोग करेंगे। कृषि, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा में मूल्यवर्धन करना भी हमारे लक्ष्यों में शामिल है।

पीएम ने पश्चिम एशिया में ईरान वार को लेकर कहा- पश्चिम एशिया में तनाव से भारत चिंतित है। भारत विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है। हर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।

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पीएम ने आगे कहा- हम इस बात से सहमत हैं कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता न केवल हमारे दोनों देशों बल्कि पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए इन खतरों से निपटने में हमारा घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है। विभिन्न मौजूदा मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट है।

भारत में भारत -कनाडा पल्स प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और परिपक्व संबंधों का प्रतीक है। हम रक्षा उद्योगों, समुद्री क्षेत्र जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे। इसी उद्देश्य से हमने आज भारत-कनाडा रक्षा संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया है।

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10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता PM कार्नी के इस दौरे का सबसे बड़ा मकसद भारत-कनाडा के बीच 10 साल का यूरेनियम सप्लाई समझौता है। बताया जा रहा है कि यह डील करीब 3 अरब डॉलर की हो सकती है।

कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। भारत और कनाडा के बीच न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट 2013 में लागू हुआ था, जिसके बाद कनाडा ने भारत को यूरेनियम सप्लाई शुरू की थी। भारत अपने तेजी से बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए और अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है।

PM कार्नी के भारत दौरे से जुड़ी 4 तस्वीरें…

प्रधानमंत्री मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच सोमवार को हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई।

प्रधानमंत्री मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच सोमवार को हैदराबाद हाउस में मुलाकात हुई।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के साथ कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के साथ कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और बेटे नीता और अनंत ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आवास पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी की मेजबानी की।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और बेटे नीता और अनंत ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आवास पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी की मेजबानी की।

भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा

भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है।

भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं।

कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा।

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निज्जर की हत्या के बाद रिश्ते खराब हुए

साल 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। कनाडा ने निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर आरोप लगाए गए थे।

कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों को सबूत मिले हैं कि भारतीय सरकार के एजेंट इस हत्या में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे कनाडा की संप्रभुता पर हमला बताया था।

भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया था। भारत का कहना था कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी और आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं, जो भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाते हैं और कनाडा उन पर कार्रवाई नहीं करता।

इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के कई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कनाडा ने भी भारत से व्यापार मिशन रद्द कर दिए, और दोनों तरफ से यात्रा सलाह जारी की गई। बातचीत लगभग बंद हो गई और CEPA जैसी महत्वपूर्ण चर्चाएं ठप पड़ गईं।

जस्टिन ट्रूडो के पद से हटने और मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने (मार्च 2025) के बाद दोनों देशों ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की।

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कनाडा में हर चौथा व्यक्ति विदेशी मूल का

कनाडा दुनिया के उन देशों में है जहां प्रवासियों (इमिग्रेंट) की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2021 की आधिकारिक जनगणना के मुताबिक, कनाडा में लगभग 83.6 लाख (8.3 मिलियन) लोग विदेश में जन्मे हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 23% है। यह आंकड़ा स्टैटिस्टिक्स कनाडा ने जारी किया है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि में प्रवासियों का खास रोल रही है, लेकिन हाल के सालों में इस मुद्दे पर बहस भी तेज हुई है।

भारतीय विदेश मंत्रायल के मुताबिक, कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 16 लाख लोग रहते हैं। वहीं करीब 3 लाख (लगभग 3.03 लाख) लोग पाकिस्तानी मूल के हैं।

खबरें और भी हैं…



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Pakistan Market: पाकिस्तान के शेयर बाजार में भूचाल, एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट; सूचकांक 16000 अंक गिरा


पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में सोमवार को एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जब केएसई-100 बेंचमार्क 16,089.17 अंक गिर गया। केएसई-100 सूचकांक 2.99 अंक गिरकर 151,972 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 9.57 अंकों की गिरावट दर्शाता है। यह पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के इतिहास में एक दिन में हुई सबसे बड़ी गिरावट है।

कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स के वित्तीय विश्लेषक कौकब फरशोरी ने कहा कि क्षेत्र में अनिश्चित भू-राजनीतिक स्थिति के कारण यह गिरावट आई। उन्होंने इसे कुछ फंडों और नए लीवरेज्ड खिलाड़ियों द्वारा की गई बिकवाली के कारण बाजार की “अतिप्रतिक्रिया” करार दिया।

रमजान के महीने के कारण, पीएसई आधे दिन के लिए संचालित होता है, लेकिन अंकों में अचानक गिरावट के कारण, दोपहर के आसपास व्यापार को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।

कौकाब ने कहा कि जब पिछले सप्ताह बाजार बंद हुआ, तो क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण पहले से ही अस्थिरता का माहौल था। पाकिस्तानी सरकार ने शनिवार से शुरू होने वाले अगले 15 दिनों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि की है।

सोमवार को सुबह 10:30 बजे जब कारोबार शुरू हुआ, तो सूचकांक अपने पिछले बंद भाव 168,062.16 अंकों से 12,334,88 अंक गिर चुका था, जो 7.34 प्रतिशत की गिरावट का संकेत देता है। अन्य वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, सूचकांक में गिरावट के चलते कुछ निवेशकों ने स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश की है, जिसके चलते कुछ शेयरों में भी गिरावट आई है।



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Silver Rate Today: होली से पहले सिल्वर शॉक! जंग की चिंगारी से चांदी ₹10,000 महंगी, जानें 100gm सिल्वर का रेट


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oi-Pallavi Kumari

Silver Rate Today 2 March 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव ने कमोडिटी बाजार में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया। इसका सीधा असर सोना ही नहीं, चांदी पर भी दिखा। 2 मार्च 2026, सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन चांदी ने रॉकेट जैसी छलांग लगाकर खरीदारों को चौंका दिया।

MCX पर रिकॉर्ड तोड़ तेजी

Multi Commodity Exchange पर चांदी का वायदा भाव सुबह खुलते ही 3.64 प्रतिशत यानी ₹10,002 की उछाल के साथ ₹2,85,000 प्रति किलो के पार पहुंच गया। कुछ समय बाद तेजी और बढ़ी और भाव 3.99 प्रतिशत चढ़कर ₹2,85,978 प्रति किलो तक दर्ज किया गया। पिछले सत्र में यह ₹2,74,389 प्रति किलो पर बंद हुई थी। याद दिला दें कि 29 जनवरी को चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई छू चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 89.72 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है।

Silver Rate Today 2 March 2026

दिल्ली सर्राफा बाजार में अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक चांदी ₹2,68,000 प्रति किलो पर है, जबकि Indian Bullion and Jewellers Association के अनुसार भाव ₹2,66,700 प्रति किलो दर्ज किया गया। वहीं गुडरिटर्न्स के आंकड़ों में रिटेल बाजार में कीमत ₹2,95,000 प्रति किलो तक पहुंच गई है। शुक्रवार 27 फरवरी को चांदी ₹2,82,140 पर बंद हुई थी, जो सोमवार को बढ़कर ₹2,94,900 प्रति किलो तक चली गई।

Silver Price In India: 02 मार्च 2026: देश के 26 बड़े शहरों में चांदी का रेट

शहर 10 ग्राम (₹) 100 ग्राम (₹) 1 किलो (₹)
दिल्ली 2,950 29,500 2,95,000
मुंबई 2,950 29,500 2,95,000
कोलकाता 2,950 29,500 2,95,000
पटना 2,950 29,500 2,95,000
लखनऊ 2,950 29,500 2,95,000
मेरठ 2,950 29,500 2,95,000
कानपुर 2,950 29,500 2,95,000
गाजियाबाद 2,950 29,500 2,95,000
अयोध्या 2,950 29,500 2,95,000
नोएडा 2,950 29,500 2,95,000
गुरुग्राम 2,950 29,500 2,95,000
चेन्नई 3,000 30,000 3,00,000
चंडीगढ़ 2,950 29,500 2,95,000
जयपुर 2,950 29,500 2,95,000
लुधियाना 2,849 28,490 2,84,900
गुवाहाटी 2,950 29,500 2,95,000
इंदौर 2,950 29,500 2,95,000
अहमदाबाद 2,950 29,500 2,95,000
सूरत 2,950 29,500 2,95,000
वडोदरा 2,950 29,500 2,95,000
नागपुर 2,950 29,500 2,95,000
पुणे 2,950 29,500 2,95,000
नासिक 2,950 29,500 2,95,000
बैंगलोर 2,950 29,500 2,95,000
भुवनेश्वर 3,000 30,000 3,00,000
कटक 3,000 30,000 3,00,000
केरल 3,000 30,000 3,00,000
रायपुर 2,950 29,500 2,95,000
हैदराबाद 3,000 30,000 3,00,000

Gold Rate Today: होली से पहले सोना ₹9430 महंगा, शादी वाले घरों की बढ़ी टेंशन, देख लें 22K का ताजा भाव

इस साल कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?

2026 में अब तक सोना करीब ₹25,902 और चांदी ₹36,280 महंगी हो चुकी है। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के ऑल टाइम हाई तक पहुंची थी। भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की चाल और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने कीमती धातुओं में लंबी तेजी बनाए रखी है।

भारत में सोना और चांदी के भाव कैसे तय होते हैं?

देश में कीमती धातुओं के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, जीएसटी और स्थानीय मांग-आपूर्ति पर निर्भर करते हैं। MCX वायदा भाव और लंदन बुलियन मार्केट के संकेत सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करते हैं। जब वैश्विक स्तर पर युद्ध या आर्थिक संकट गहराता है तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीदते हैं, जिससे कीमतों में तेज उछाल आता है।



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NSE Holiday 2026: शेयर बाजार में छुट्टी को लेकर कन्फ्यूजन! 3 या 4 मार्च कब बंद रहेंगे स्टॉक एक्सचेंज के दफ्तर?


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oi-Kumari Sunidhi Raj

NSE Holiday 2026 March: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले की खबरों के बीच, भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते कम कारोबारी दिनों (short trading week) के लिए तैयार हो रहा है। इस माहौल में निवेशकों के बीच होली 2026 की सही तारीख को लेकर थोड़ा असमंजस देखा जा रहा है। साफ कर दें कि होली 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। लेकिन शेयर बाजार की आधिकारिक छुट्टी 3 मार्च 2026 (मंगलवार) को है।

यानी होलिका दहन के दिन शेयर बाजार में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि होली के मुख्य दिन बाजार खुला रह सकता है (आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार)। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की छुट्टियों के अनुसार ही अपनी ट्रेडिंग पोजीशन और पोर्टफोलियो की योजना बनाएं, क्योंकि 4 मार्च को छुट्टी न होने के बावजूद बाजार में वॉल्यूम कम रह सकता है।

NSE Holiday 2026

मार्च 2026 में शेयर बाजार की छुट्टियां (NSE/BSE Holiday List)

मार्च महीने में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) कुल तीन दिन बंद रहेंगे:

  • 3 मार्च 2026 (मंगलवार): होली के त्योहार के कारण ट्रेडिंग नहीं होगी।
  • 26 मार्च 2026 (गुरुवार): श्री राम नवमी के मौके पर बाजार बंद रहेगा।
  • 31 मार्च 2026 (मंगलवार): श्री महावीर जयंती के अवसर पर अवकाश रहेगा।

इन तीन दिनों के दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, करेंसी डेरिवेटिव, NDS-RST और ट्राई-पार्टी रेपो सेगमेंट में कारोबार पूरी तरह रुका रहेगा।

कमोडिटी सेगमेंट का समय (MCX Timings)

होली के दिन कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग का समय सामान्य से भिन्न रहेगा:

3 मार्च (होली): कमोडिटी डेरिवेटिव और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट सेगमेंट में सुबह की शिफ्ट (9 AM to 5 PM) में ट्रेडिंग बंद रहेगी। हालांकि, शाम की शिफ्ट में कारोबार शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक फिर से शुरू हो जाएगा।

26 और 31 मार्च: इन दिनों भी सुबह ट्रेडिंग बंद रहेगी, लेकिन शाम की शिफ्ट में कारोबार जारी रहेगा।

NSE Holiday 2026: साल 2026 की अन्य प्रमुख बाजार छुट्टियां

होली के बाद और 2026 के अंत तक बाजार में निम्नलिखित छुट्टियां आएंगी:

अप्रैल

  • 3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे
  • 14 अप्रैल (मंगलवार) – डॉ बाबा साहेब आंबेडकर जयंती

मई

  • 1 मई (शुक्रवार) – महाराष्ट्र दिवस
  • 28 मई (गुरुवार) – बकरीद

जून

  • 26 जून (शुक्रवार) – मुहर्रम

सितंबर

  • 14 सितंबर (सोमवार) – गणेश चतुर्थी

अक्टूबर

  • 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – महात्मा गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर (मंगलवार) – दशहरा

नवंबर

  • 10 नवंबर (मंगलवार) – दिवाली बलिप्रतिपदा
  • 24 नवंबर (मंगलवार) – गुरु नानक देव प्रकाश पर्व

दिसंबर

  • 25 दिसंबर (शुक्रवार) – क्रिसमस

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शेयर बाजार में दशहत क्यों: पश्चिम एशिया में घमासान के बाद निवेशकों के आठ लाख करोड़ डूबे, जानें पांच बड़े कारण


पश्चिम एशिया में अचानक गहराए भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के हालात ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का माहौल बना दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक भारी गिरावट के साथ खुले, जिससे चंद मिनटों में निवेशकों के 7.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए। 

आइए बाजार में आए इस भारी क्रैश के पांच प्रमुख कारणों को समझते हैं:

पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई से निवेशकों के बीच दहशत

बाजार में क्रैश का सबसे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में युद्ध का भड़कना है। सप्ताहांत में अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए कथित मिसाइल हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इस बड़े घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

ईरान की ओर से किए गए जवाबी हमलों से बढ़ा डर

अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद ईरान की ओर से पश्चिम एशिया के प्रमुख क्षेत्रों में किए गए जवाबी हमले बाजार गिरने का दूसरा बड़ा कारण हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता निकट भविष्य में बाजार पर छाई रहेगी। वहीं, वेल्थ मिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बाथिनी के अनुसार, तनाव का यूएई तक फैलना अप्रत्याशित था, जिसका वित्तीय बाजारों पर शॉर्ट-से-मीडियम टर्म में नकारात्मक असर पड़ेगा।

बाजार में बिकवाली का कच्चे तेल से भी संबंध

कच्चे तेल की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल बाजार के लिए तीसरी सबसे बड़ी चिंता है। ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमतें बढ़कर 82.37 डॉलर हो गईं, जो जनवरी 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत में 7.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 78.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा में 7.19 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 71.86 डॉलर पर पहुंच गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले नौवहन को बंद कर दिया है, जिसके चलते सरकारों और तेल शोधकों को तेल भंडार का आकलन करने के लिए प्रेरित किया गया है। इस बीच, ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के मद्देनजर, ओपेक ने अगले महीने तेल उत्पादन में वृद्धि फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में प्रमुख सदस्य देश प्रतिदिन 206,000 बैरल तेल का उत्पादन बढ़ाएंगे।

कच्चे तेल की यह तेजी अर्थव्यवस्था और महंगाई दर के लिए गंभीर खतरा है। तेल बाजार में घबराहट का कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में सप्लाई चेन बाधित होने का डर है। दुनिया का 20% से अधिक तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इस क्षेत्र के आसपास हो रहे भारी मिसाइल हमलों ने तेल आपूर्ति में रुकावट की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी का बाजार के सेंटिमेंट पर असर

ब्रिटेन के दूसरे सबसे बड़े बैंक ‘बार्कलेज’ द्वारा जारी चेतावनी ने बाजार का डर और बढ़ा दिया। बैंक ने शनिवार को जारी अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि मिडिल ईस्ट की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है। 

सेक्टोरल आउटलुक


सूचकांक का हाल: सेंसेक्स 2,743 अंक टूटकर 78,543 पर और निफ्टी 519 अंक गिरकर 24,659 पर खुला, जिससे 25,000 का अहम सपोर्ट लेवल टूट गया। 

संपत्ति का नुकसान: बाजार खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैप में से 7.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक साफ हो गए।

प्रमुख लूजर्स:  सेंसेक्स पर इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, अदानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स के शेयरों में 2-4% तक की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा (करीब 2%) गिरा, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1% से ज्यादा टूटे।

डिफेंस में तेजी: बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रक्षा शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) के शेयर 1% से अधिक की बढ़त के साथ हरे निशान में रहे।

वैश्विक बाजार का हाल

पश्चिम एशिया के इस संकट ने वैश्विक में तेज वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) और इन्फ्लेशन रिस्क को बढ़ा दिया है। जहां इक्विटी बाजारों में भारी बिकवाली देखी जा रही है, वहीं सुरक्षित निवेश  की ओर भागते निवेशकों के कारण सोने में 6,000 रुपये/10 ग्राम और चांदी में 9,500 रुपये/किलो का भारी उछाल आया है। मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए निवेशकों को बाजार में सतर्क रुख अपनाने की आवश्यकता है।

 






























































































सूचकांक वर्तमान मूल्य बदलाव प्रतिशत बदलाव
HSI (हांगकांग) 26,165.88 -464.66 -1.74
NIFTY 50 (भारत) 25,178.65    
NZX 50 (न्यूजीलैंड) 13,617.45 -105.52 -0.77
MALAYSIA (मलेशिया) 1,698.48 -18.13 -1.06
TAIWAN (ताइवान) 35,255.76 -158.73 -0.45
NIKKEI (जापान) 57,947.22 -903.05 -1.53
ASX 200 (ऑस्ट्रेलिया) 9,173.80 -24.8 -0.27
SHANGHAI (चीन) 4,163.01 0.127  
SHENZHEN (चीन) 14,386.05 -109.04 -0.75
KOSPI (दक्षिण कोरिया) 6,244.13 -63.14 -1
SETI (थाईलैंड) 1,496.78 -31.48 -2.06
STI (सिंगापुर) 4,905.59 -89.48 -1.79
SGX-CNBC CHINA GROWTH 1,746.80 -24.07 -1.36



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S400 Deal: ड्रैगन के सिस्टम फेल, भारत का सुदर्शन पास, वायु सेना खरीदेगी पांच नए एस-400 स्क्वाड्रन


वैश्विक स्तर पर चीनी वायु रक्षा प्रणालियों के बुरी तरह विफल साबित होने के बीच, भारत अपनी हवाई सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने जा रहा है। भारतीय वायु सेना जल्द ही रूस से ‘एस-400 सुदर्शन’ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के पांच नए स्क्वाड्रन खरीदेगी। आइए इस बड़े रक्षा सौदे, इसके पीछे के रणनीतिक कारणों और ‘प्रोजेक्ट कुशा’ को आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।

भारत रूस से पांच अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन क्यों खरीद रहा है?

भारत ने यह बड़ा फैसला पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ मिली शानदार सफलता के बाद लिया है। चार दिनों तक चले इस संघर्ष में भारतीय वायु सेना की एस-400 प्रणाली ने पाकिस्तान के अंदर 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर पांच से छह पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को मार गिराया था। एक उच्च-मूल्य वाले जासूसी विमान को मार गिराकर भारत ने अब तक की सबसे लंबी हवाई मारक क्षमता का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इसके अलावा, इस प्रणाली ने पाकिस्तान की ओर से दागी गई क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया था।

क्या चीनी वायु रक्षा प्रणालियां युद्ध में नाकाम साबित हुई हैं?

हां, चीनी मूल की रक्षा प्रणालियां हालिया वैश्विक संघर्षों में पूरी तरह बेबस नजर आई हैं। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने चीनी ‘एचक्यू9’ वायु रक्षा प्रणालियां तैनात की थीं, जो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने वाले भारतीय विमानों और मिसाइलों को रोकने में विफल रहीं। इसके अलावा, पिछले महीने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान और ईरान के खिलाफ अमेरिकी व इस्राइली वायु सेना के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में भी चीनी ‘एचक्यू9’ प्रणालियां बेकार साबित हुई हैं।

भारत और रूस के बीच S-400 डील की मौजूदा स्थिति क्या है?

भारत और रूस ने साल 2018 में एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के पांच स्क्वाड्रन खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें से तीन स्क्वाड्रन पहले ही भारतीय बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं और वर्तमान में परिचालन में हैं। भारत अब रूस से शेष दो स्क्वाड्रन की जल्द आपूर्ति करने का अनुरोध कर रहा है। इसके साथ ही, वायु सेना अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में अतिरिक्त मिसाइलें खरीदने की योजना बना रही है, जिसके लिए रूस से बातचीत चल रही है और जल्द ही निविदा जारी की जाएगी।

रक्षा मंत्रालय की नई योजना क्या है और इन प्रणालियों को कहां तैनात किया जाएगा?

जवाब: रक्षा मंत्रालय जल्द ही पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रनों की खरीद के लिए भारतीय वायु सेना के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी देने के लिए आगे की कार्रवाई करेगा। सुरक्षा के लिहाज से इन अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों को देश के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों मोर्चों पर तैनात किया जाएगा।

क्या भारत भविष्य के लिए अपनी खुद की कोई लंबी दूरी की रक्षा प्रणाली बना रहा है?

बिल्कुल। विदेशी प्रणालियों की खरीद के साथ-साथ, भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) भी ‘परियोजना कुशा’ के तहत अपनी खुद की लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने पर तेजी से काम कर रहा है। 

अब आगे क्या?

चीनी रक्षा उपकरणों की शृंखलाबद्ध वैश्विक विफलता के बीच रूस की एस-400 प्रणाली का अचूक प्रदर्शन भारतीय सुरक्षा ढांचे के लिए एक रणनीतिक बढ़त है। सीमाओं के दोनों मोर्चों पर अतिरिक्त तैनाती तथा ‘प्रोजेक्ट कुशा’ के जरिए स्वदेशीकरण की ओर बढ़ाया गया कदम, भारत की दीर्घकालिक रक्षा और भू-राजनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत करेगा।



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Khamenei Death Reason: अपनों की गद्दारी, CIA-मोसाद का जाल, रक्षा विशेषज्ञों से जानिए कैसे खामेनेई का हुआ अंत


International

oi-Sumit Jha

Khamenei Death Reason: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की एक सटीक हमले में मौत की खबर ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। CENTCOM के जारी किए गए वीडियो और डिफेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो, CIA और मोसाद ने मिलकर एक ऐसा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया जिसने न सिर्फ खामेनेई, बल्कि उनके सबसे खास सिपहसालारों अली शमखानी और मोहम्मद पाकपूर का भी नामो-निशान मिटा दिया।

30 शक्तिशाली बंकर-बस्टर बमों ने उस गुप्त ठिकाने को कब्रिस्तान में बदल दिया जिसे ईरान सबसे सुरक्षित मानता था। अब तेहरान ने इस शहादत की तुलना इमाम हुसैन से करते हुए अमेरिका से ‘भयानक बदला’ लेने की कसम खाई है। ‘तरकश’ की इस स्पेशल रिपोर्ट में रक्षा विशेषज्ञों से समझिए, कैसे तकनीक और अपनों की गद्दारी ने शिया जगत के इस कद्दावर नेता का अंत कर दिया।

Khamenei Death Reason

अपनों की गद्दारी: CIA और मोसाद का ‘इंसानी जाल’

रक्षा विशेषज्ञ ग्रुप कैप्टन यू.के. देवनाथ (रिटायर्ड) का मानना है कि इतने बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए सिर्फ सैटेलाइट काफी नहीं थे, इसके लिए ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ यानी जमीनी जासूसों की जरूरत थी। ईरान के भीतर एक ऐसा तबका तैयार हो चुका है जो खामेनेई की कट्टरपंथी नीतियों और पाबंदियों से तंग आ चुका है। इनमें खास तौर पर वे लोग शामिल हैं जो यूरोप या अमेरिका जैसे पश्चिमी देशों में पढ़-लिखकर वापस लौटे हैं और वहां की आजादी को देख चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इनमें से कई लोग CIA और मोसाद के ‘पेरोल’ पर काम करते हैं। इन जासूसों ने न केवल खामेनेई के पल-पल के मूवमेंट की जानकारी दी, बल्कि उस गुप्त मीटिंग की सही टाइमिंग भी लीक की, जिससे अमेरिका को हमला करने का सटीक मौका मिल गया।

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Iran Israel conflict: मोबाइल और सैटेलाइट से पकड़ी गई लोकेशन

अमेरिका और इजराइल ने इस ऑपरेशन में अपनी तकनीकी ताकत का प्रदर्शन किया है। खाड़ी के कई देशों में अमेरिका ने ऐसे विशाल टावर लगाए हैं जो ईरान के भीतर होने वाली हर डिजिटल हलचल पर नजर रखते हैं। इन टावरों के जरिए मोबाइल फोन और सैटेलाइट फोन के सिग्नल्स को बीच में ही ‘इंटरसेप्ट’ (पकड़ना) किया जाता है। रक्षा विशेषज्ञ ग्रुप कैप्टन यू.के. देवनाथ (रिटायर्ड) बताते हैं कि अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस ने मोबाइल फोन की बारीकियों, जैसे ‘साइड लोब’ और ‘रियर लोब’ सिग्नल्स के जरिए फोन के भीतर घुसकर लोकेशन का पता लगाया। इस तकनीक की मदद से उन्हें यह पता चल गया कि खामेनेई ठीक किस इमारत के किस कमरे में मीटिंग कर रहे थे। इसी डिजिटल जासूसी ने 30 बंकर बस्टर बमों को उनके सही टारगेट तक पहुंचाया।

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Middle East War Hindi: जब मलबे के ढेर में तब्दील हो गया सुरक्षित किला

रक्षा विशेषज्ञ अक्षय चोपड़ा के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई जैसे कद्दावर नेता को निशाना बनाना कोई मामूली काम नहीं था। उनकी सुरक्षा इतनी अभेद्य थी कि उसे भेदने के लिए सालों की प्लानिंग की गई थी। हमला इतना भीषण था कि अमेरिका ने सिर्फ उस कमरे को ही नहीं उड़ाया, बल्कि पूरे कैंपस पर 30 से ज्यादा ‘बंकर बस्टर’ बम बरसाए। ये बम जमीन की गहराई में जाकर धमाका करते हैं, जिससे कंक्रीट के मोटे बंकर भी कागज की तरह बिखर जाते हैं। इस हमले में खामेनेई का नामो-निशान तो मिट ही गया, साथ ही उनके साथ मौजूद करीब 40 बड़े ईरानी नेता और उनके परिवार के लोग भी मारे गए। पूरे परिसर का मलबे में तब्दील होना यह दिखाता है कि अमेरिका और इजराइल किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते थे।

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Israel Iran War news Hindi: शहादत का दर्जा और ‘बदले’ की आग

खामेनेई की मौत के बाद ईरान में गुस्से और शोक की लहर है। ईरानी सरकार ने इस घटना को एक बड़ा धार्मिक मोड़ दे दिया है। उन्होंने खामेनेई की मौत की तुलना ‘कर्बला’ में इमाम हुसैन की शहादत से की है, ताकि आम जनता की भावनाओं को अमेरिका के खिलाफ भड़काया जा सके। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस ‘खून का बदला’ जरूर लेगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजराइल के शहरों पर बड़े मिसाइल हमले कर सकता है। धर्म और अस्मिता से जुड़ने की वजह से यह मामला अब सिर्फ दो देशों की जंग नहीं रहा, बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय महायुद्ध (World War) की आहट दे रहा है, जो पूरे मध्य-पूर्व को जला सकता है।

खुफिया तालमेल: अमेरिका और इजराइल की सबसे बड़ी कामयाबी

यह ऑपरेशन दुनिया की दो सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों, CIA और मोसाद, के बेहतरीन तालमेल का नतीजा है। सालों तक चली निगरानी, पल-पल की जासूसी और फिर एक साथ मिलकर किया गया हमला यह दिखाता है कि ईरान का सुरक्षा घेरा अब पूरी तरह से टूट चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि अगर तकनीक और सटीक इंटेलिजेंस मिल जाएं, तो दुनिया का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं है। अमेरिका और इजराइल ने इस मिशन को जिस तरह से गुप्त रखा और फिर अंजाम दिया, उसने ईरान की मिलिट्री इंटेलिजेंस की पोल खोल दी है। इस कामयाबी ने ईरान के दबदबे को खत्म कर उसे रक्षात्मक स्थिति में ला खड़ा किया है।



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Gold Rate Today: OMG! एक झटके में ₹10,000 महंगा हुआ सोना, ईरान की जंग के बीच रॉकेट बना गोल्ड, लेटेस्ट रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Rate Today 02 march 2026: मिडिल ईस्ट में भड़की जंग ने सर्राफा बाजार में भूचाल ला दिया है। इजराइल-ईरान जंग और रान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने वैश्विक बाजारों को हिला कर रख दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर
पर पड़ा है।

2 मार्च 2026 को भारतीय हाजिर बाजार में 24 कैरेट सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में ₹1,62,490 प्रति 10 ग्राम पर रहने वाला सोना उछलकर ₹1,73,090 के पार चला गया, यानी एक ही दिन में ₹10,000 से ज्यादा की तेजी। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड ₹1,73,240 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट ₹1,58,810 पर पहुंच गया। एक हफ्ते में 24 कैरेट करीब ₹9,430 और 22 कैरेट ₹8,550 महंगा हो चुका है।

Gold Rate Today 02 march 2026

वायदा बाजार में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। MCX पर गोल्ड ₹1,65,501 पर खुला और कुछ ही मिनटों में ₹1,67,915 तक पहुंच गया। वहीं सिल्वर ₹2,78,644 प्रति किलो पर खुलकर ₹2,84,490 तक गया, जो करीब 3 प्रतिशत की इंट्राडे तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2 प्रतिशत तक उछलकर 5,390 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 5,342 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचे।

Gold Rate Today In India: 02 मार्च 2026: देश के 10 बड़े शहरों में सोने के ताजा भाव

शहर 24 कैरेट (₹) 22 कैरेट (₹) 18 कैरेट (₹)
दिल्ली 1,73,240 1,58,810 1,15,780
मुंबई 1,73,090 1,58,660 1,15,680
अहमदाबाद 1,73,140 1,58,710 1,15,720
चेन्नई 1,73,090 1,58,660 1,15,680
कोलकाता 1,73,090 1,58,660 1,15,680
हैदराबाद 1,73,090 1,58,660 1,15,680
जयपुर 1,73,240 1,58,810 1,15,780
भोपाल 1,73,140 1,58,710 1,15,720
लखनऊ 1,73,240 1,58,810 1,15,780
चंडीगढ़ 1,73,240 1,58,810 1,15,780

🔹दिल्ली: 24 कैरेट – ₹1,73,240 | 22 कैरेट – ₹1,58,810 | 18 कैरेट – ₹1,15,780

🔹मुंबई: 24 कैरेट – ₹1,73,090 | 22 कैरेट – ₹1,58,660 | 18 कैरेट – ₹1,15,680

🔹अहमदाबाद: 24 कैरेट – ₹1,73,140 | 22 कैरेट – ₹1,58,710 | 18 कैरेट – ₹1,15,720

🔹चेन्नई: 24 कैरेट – ₹1,73,090 | 22 कैरेट – ₹1,58,660 | 18 कैरेट – ₹1,15,680

🔹कोलकाता: 24 कैरेट – ₹1,73,090 | 22 कैरेट – ₹1,58,660 | 18 कैरेट – ₹1,15,680

🔹हैदराबाद: 24 कैरेट – ₹1,73,090 | 22 कैरेट – ₹1,58,660 | 18 कैरेट – ₹1,15,680

🔹जयपुर: 24 कैरेट – ₹1,73,240 | 22 कैरेट – ₹1,58,810 | 18 कैरेट – ₹1,15,780

🔹भोपाल: 24 कैरेट – ₹1,73,140 | 22 कैरेट – ₹1,58,710 | 18 कैरेट – ₹1,15,720

🔹लखनऊ: 24 कैरेट – ₹1,73,240 | 22 कैरेट – ₹1,58,810 | 18 कैरेट – ₹1,15,780

🔹चंडीगढ़: 24 कैरेट – ₹1,73,240 | 22 कैरेट – ₹1,58,810 | 18 कैरेट – ₹1,15,780

🔶 क्या ₹2 लाख पहुंचेगा सोना?

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जंग लंबी चली तो कीमती धातुओं में और विस्फोटक तेजी संभव है। कुछ विश्लेषकों के मुताबिक चरम हालात में अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 6,000 डॉलर और घरेलू बाजार में ₹2,00,000 प्रति 10 ग्राम तक भी पहुंच सकता है। इस साल अब तक सोना 20 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है और लगातार सातवें महीने तेजी दर्ज कर चुका है, जो 1973 के बाद सबसे लंबा उछाल है।

🔶भारत में सोने-चांदी के दाम कैसे तय होते हैं?

देश में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के ट्रेंड, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, जीएसटी और स्थानीय मांग-आपूर्ति के आधार पर तय होती हैं। MCX वायदा भाव और लंदन बुलियन मार्केट जैसे वैश्विक संकेतकों का असर भी सीधे घरेलू कीमतों पर पड़ता है। भू-राजनीतिक संकट के समय निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर भागते हैं, जिससे कीमतों में तेज उछाल आता है।

(नोट: सोना-चांदी खरीदने से पहले या निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। ये खबर सिर्फ जानकारी देने के लिए लिखी गई है)



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