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तेल के खेल में खलल: कतर से सऊदी तक क्रूड से लेकर गैस आपूर्ति सब ठप, समझिए वैश्विक ऊर्जा बाजार कितना हलकान


पश्चिम एशिया में हमलों के बाद कतर एनर्जी द्वारा एलएनजी उत्पादन रोकने से यूरोप में गैस कीमतों में तेज उछाल आया है। डच और ब्रिटिश थोक गैस कीमतें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। यूरोप के प्रमुख टीटीएफ हब पर गैस कीमत 46.52 यूरो प्रति मेगावाट घंटा तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि कतर से गैस आपूर्ति प्रभावित रहने पर एशिया और यूरोप के बीच एलएनजी कार्गो को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और अस्थिरता आ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में भी 13 प्रतिशत की वृद्धि दिखी है।

आइए समझते हैं कि कैसे यह ऊर्जा संकट पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।

दुनिया तेल और गैस की किल्लत का इतना बड़ा डर क्यों पैदा हो गया है?

सोचिए अगर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग पर सन्नाटा छा जाए, तो क्या होगा। दरअसल, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जहां से दुनिया का पांचवा हिस्सा (20%) तेल गुजरता है। रविवार को यहां जहाजों पर हुए हमलों के बाद ऐसा हुआ है। इसके अलावा, अमेरिका के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े एलएनजी निर्यातक देश कतर ने सोमवार को अपनी तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एनएनजी) का उत्पादन रोक दिया है। कतर की सरकार ने बताया कि कतर एनर्जी के एक ऊर्जा संयंत्र पर दो ईरानी ड्रोनों ने हमला किया है, जिसके बाद गैस और उससे जुड़े उत्पादों का उत्पादन रोक दिया गया है।

सबसे बड़े तेल उत्पादक देश पर इस युद्ध का क्या असर हुआ है?

मिडिल ईस्ट का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर अब सीधे निशाने पर है। ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी सबसे बड़ी घरेलू तेल रिफाइनरी ‘रास तनूरा’ को एहतियातन बंद कर दिया है। 5,50,000 बैरल प्रतिदिन की क्षमता वाली यह रिफाइनरी सऊदी क्रूड ऑयल के लिए एक अहम एक्सपोर्ट टर्मिनल भी है। हालांकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार दो ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए गए और मलबे से लगी मामूली आग पर काबू पा लिया गया है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और स्थानीय बाजारों में तेल की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।

इस्राइल और ईरान के अपने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की क्या स्थिति है?

युद्ध के इस खेल में दोनों मुख्य खिलाड़ी भी अपनी ऊर्जा जीवनरेखा खोने की कगार पर हैं। इस्राइल सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिकी कंपनी शेवरॉन को ‘लेविथान’ गैस फील्ड को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया है। इसी तरह, ईरान के खार्ग द्वीप पर भी शनिवार को धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जहां से ईरान का 90% कच्चा तेल निर्यात होता है। ओपेक  का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक ईरान, वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4.5% हिस्सा पैदा करता है। इसके अलावा, इराक के कुर्दिस्तान में भी 2,00,000 बैरल प्रतिदिन का तेल उत्पादन एहतियातन रोक दिया गया है।



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Investment: अनुशासित निवेश के लिए SIP का ढेर नहीं, संतुलित पोर्टफोलियो बनाना जरूरी


नोएडा के रहने वाले आशीष ने नई नौकरी लगते ही म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर दिया। आशीष ने एक या दो नहीं, बल्कि `2,000 की 12 अलग-अलग म्यूचुअल फंड SIP शुरू कर दीं। उन्हें लगा कि उन्होंने एक बड़ा पोर्टफोलियो बना लिया है और उन्होंने सोचा कि जितने ज्यादा फंड होंगे, उतना ही ज्यादा विविधीकरण होगा और उतना ही ज्यादा पैसा बनेगा। आशीष जैसे कई लोग SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार, 2025 की शुरुआत में SIP के माध्यम से मासिक निवेश 26,400 करोड़ रुपये था, जो जनवरी 2026 तक 31,002 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

हालांकि, हकीकत यह है कि आशीष का पोर्टफोलियो संतुलित नहीं है, बल्कि यह पोर्टफोलियो ओवरलैपिंग का शिकार है। आशीष के 12 फंडों में से 10 ने रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस के शेयर खरीद रखे हैं। यह निवेश नहीं है, इसे ओवर-डाइवर्सिफिकेशन कहा जाता है। अगर रिलायंस का शेयर गिरता है, तो आशीष के सभी 12 फंड एक साथ नीचे आएंगे।

सिर्फ रिटर्न नहीं, जोखिम मैनेज करना सीखें

जब 2025 में बाजार में उतार-चढ़ाव आया तो उन लोगों के पोर्टफोलियो सबसे ज्यादा गिरे जिन्होंने केवल स्मॉल-कैप में निवेश किया था। जब बाजार चढ़ता है, तो हर कोई विजेता दिखता है, लेकिन असली निवेशक वही है जिसका पोर्टफोलियो गिरावट के दौरान कम गिरे।

SIP निवेश में लगातार हो रही है बढ़ोतरी

पिछले एक साल में SIP इनफ्लो में लगातार बढ़ोतरी निवेशकों की बदलती सोच को दर्शाती है। साल भर में लगभग 17% की कुल वृद्धि के साथ, यह स्पष्ट है कि अधिक लोग शॉर्ट-टर्म मार्केट टाइमिंग के बजाय अनुशासित, लॉन्ग-टर्म निवेश को चुन रहे हैं। यह रुझान बढ़ती जागरूकता, वित्तीय आत्मविश्वास और संपत्ति बनाने के एक भरोसेमंद उपकरण के रूप में SIP पर भरोसे को उजागर करता है। निवेशक महसूस कर रहे हैं कि मार्केट टाइमिंग से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। जैसे-जैसे भागीदारी बढ़ रही है, धैर्य, अनुशासन और कंपाउंडिंग की ताकत से लैस SIP, वित्तीय लक्ष्यों को पाने का पसंदीदा रास्ता बनते जा रहे हैं।



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मिडिल ईस्‍ट में मिसाइल हमलों के बीच PM Modi ने UAE राष्‍ट्रपति से की बात, बोले- मुश्किल समय में भारत आपके साथ


International

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मिडिल ईस्‍ट में मिसाइल से हो रहे हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने भारत की एकजुटता दोहराई कि वह यूएई के साथ इस कठिन समय में खड़ा है और क्षेत्र में शांति व स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करता है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने यूएई में रह रहे भारतीय नागरिकों की देखभाल के लिए शेख मोहम्मद का धन्यवाद दिया।

Amidst tension in the Middle East

पीएम मोदी ने यूएई पर हमलों की कड़ी निंदा की

रविवार देर रात पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बातचीत की जानकारी दी। मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई राष्ट्रपति और मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और जनहानि पर संवेदना व्यक्त की। इन मुश्किल समय में भारत यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है। यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए उनका धन्यवाद किया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।”

भारतीयों का ख्‍याल रखने के लिए दिया धन्‍यवाद

पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, “मैंने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।”

यूएई पर मिसाइल से हमला

यूएई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले की शुरुआत से अब तक कुल 137 बैलिस्टिक मिसाइलें और 209 ड्रोन यूएई पर दागे गए। इनमें से 132 मिसाइलें और 195 ड्रोन नष्ट किए गए, जबकि 5 मिसाइलें समुद्र में गिरीं।

शेष 14 ड्रोन देश के विभिन्न हिस्सों और जलक्षेत्र में गिरे, जिससे मामूली नुकसान हुआ। दुबई सरकार मीडिया कार्यालय ने बताया कि वायु रक्षा द्वारा गिराए गए ड्रोन का मलबा दो घरों में गिरा, जिससे दो लोग घायल हुए और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता मिली।

यूएई ने इसे खतरनाक उकसावे वाली कार्रवाई कहा

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने इसे एक खतरनाक उकसावे वाली कार्रवाई कहा, जो क्षेत्र की स्थिरता और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालती है।



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India-Canada FTA Talks: वाणिज्य मंत्रालय ने कहा- कनाडा की सरकार के साथ मुक्त व्यापार समझौता वार्ता शुरू


सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान में सोमवार को कहा गया कि भारत और कनाडा ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू कर दी है और जल्द ही समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद है। इस समझौते को आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) के नाम से जाना जाता है।

इस समझौते के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उनके कनाडाई समकक्ष मनिंदर सिद्धू ने यहां हस्ताक्षर किए। हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की उपस्थिति में इसका आदान-प्रदान किया गया। मंत्रालय ने कहा, “भारत और कनाडा ने आज नई दिल्ली में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के लिए बातचीत शुरू की और इसे जल्द ही अंतिम रूप देने का फैसला किया।”

वार्ता के लिए निर्धारित नियम और शर्तें (टीओआर) सीईपीए वार्ता के प्रारूप, आवृत्ति और दृष्टिकोण को निर्धारित करेंगी। यह एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगा जिससे महत्वाकांक्षी, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को संपन्न करने के लिए वार्ता को सुगम बनाया जा सके।



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भास्कर अपडेट्स: महाराष्ट्र के पालघर जिले में केमिकल प्लांट से ओलियम गैस का रिसाव, 2600 लोग शिफ्ट किए गए


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1 दिन पहले

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महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित एक केमिकल प्लांट से ओलियम गैस के रिसाव की घटना सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं।

फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और रिसाव को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके से करीब 2600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। घटना में किसी के हताहत होने की अब तक जानकारी नहीं मिली है।

आज की बाकी बड़ी खबरें…

एयर इंडिया एक्सप्रेस के एमडी आलोक सिंह का 19 मार्च को इस्तीफा

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एयर इंडिया एक्सप्रेस के मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक सिंह 19 मार्च को अपने पद इस्तीफा देगें। वह जल्द ही अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। आलोक सिंह के नेतृत्व में एयरलाइन ने कई महत्वपूर्ण बदलाव और विस्तार देखे हैं। कंपनी ने उनके अगले उत्तराधिकारी के नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

Loc के पास ड्रोन घुसपैठ के चलते जम्मू-कश्मीर में 2-3 मार्च को स्कूल बंद रहेंगे

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नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ के कई प्रयासों के चलते जम्मू और कश्मीर के सभी स्कूल 2 और 3 मार्च को बंद रहेंगे।

कश्मीर के विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी कर कहा है कि शीतकालीन अवकाश के बाद आज से कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को फिर से खोलने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।

रविवार तड़के जम्मू और कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास भारतीय सेना ने 2-3 छोटे ड्रोन मार गिराए थे। इन्हीं ड्रोन की घुसपैठ के चलते स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है।

दिल्ली के 6 स्कूलों और 3 बैंक में बम की धमकी, बम निरोधक दस्ते और पुलिस की टीमों का सर्च ऑपरेशन जारी

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राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह 6 स्कूलों और 3 बैंक को ईमेल के जरिए धमकी दी गई है। दिल्ली स्थित सरदार पटेल विद्यालय समेत कई स्कूलों में बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल आया। पुलिस को सूचना दी गई और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं।

स्कूलों-बैंकों में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। बच्चों और बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों और बैंकों को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया था। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी भरे कॉल के सोर्स का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

ओडिशा के बोलांगीर और बरगढ़ को नक्सल मुक्त, कुल संख्या 7 हुई

ओडिशा के 2 जिले बोलांगीर और बरगढ़ को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। ओडिशा पुलिस ने बताया कि यहां के 15 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अब से ये जिले नक्सल मुक्त हैं। डीजीपी वाई बी खुरानिआ ने कहा कि राज्य में लंबे समय से चलाए जा रहे संयुक्त एंटी-नक्सल अभियानों का यह एक बड़ा परिणाम है। इन 15 माओवादियों ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में आत्मसमर्पण किया, जो बरगढ़ से सटा हुआ है। ये माओवादी बरगढ़-बोलांगीर-महासमुंद बेल्ट में सक्रिय थे।

डीजीपी ने बताया कि इस घोषणा के साथ ओडिशा में नक्सल मुक्त जिलों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, इनमें नुआपाड़ा, नबरंगपुर, कोरापुट, मलकानगिरी, बौध, बोलांगीर और बरगढ़ के नाम हैं। कंधमाल, रायगढ़ा और कालाहांडी जिलों में अभी भी माओवादी गतिविधियां जारी हैं। राज्य में अब करीब 25 माओवादी ही एक्टिव बचे हैं।

6 और 7 मार्च को केरल जाएगा निर्वाचन आयोग; विधानसभा चुनाव की तैयारियों समीक्षा करेगा

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग 6-7 मार्च को केरल में विधानसभा चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेगा। इस साल कुल 5 राज्यों (केरल, असम, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और प. बंगाल) में चुनाव होने हैं। आयोग असम, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी का दौरा कर चुका है, पश्चिम बंगाल का दौरा बाकी है। इन राज्यों में एसआईआर पूरा हो चुका है।

ईरान संकट के बीच, कार्नी और मोदी की वार्ता आज

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कनाडा के पीएम मार्क कार्नी अपना मुंबई दौरा खत्म कर रविवार शाम 7 बजे दिल्ली पहुंच गए। ईरान संकट के बीच वे सोमवार को पहले विदेश मंत्री जयशंकर से मिलेंगे। इसके बाद हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।



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Organic Colours For Holi: ऑर्गेनिक कलर्स के साथ जमकर मनाएं होली, बजट और सेहत दोनों के लिए फिट


Lifestyle

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Organic Colours For Holi: होली का त्योहार रंगों, उमंग और उत्साह का प्रतीक है। पिछले कुछ सालों में केमिकल वाले रंगों से होने वाली स्किन एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को नुकसान की शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसे में अब लोग तेजी से ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों की ओर रुख कर रहे हैं। होली (Holi 2026) में भी बाजार में हर्बल और इको-फ्रेंडली रंगों की मांग बढ़ रही है।

ऑर्गेनिक रंग प्राकृतिक चीजों से बनाए जाते हैं। जैसे फूल, फल, सब्जियां और जड़ी-बूटियां। इनमें हानिकारक केमिकल्स, सीसा (Lead) या माइका जैसे तत्व नहीं होते। यही वजह है कि ये त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए ये खासतौर पर बेहतर विकल्प हैं।

Organic Colours For Holi

Organic Colours For Holi: सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए अच्छा

केमिकल रंग पानी में घुलकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं ऑर्गेनिक रंग बायोडिग्रेडेबल होते हैं और जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करते। इसके अलावा इन्हें साफ करना भी आसान होता है। केमिकल वाले रंग खास तौर पर बच्चों की स्किन को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में ऑर्गेनिक रंग एक सुरक्षित विकल्प है। इन रंगों के साथ आप त्योहार का भरपूर मजा ले सकते हैं।

Organic Colours के लिए विकल्प क्या हैं?

हल्दी और बेसन से पीला रंग

चुकंदर पाउडर से गुलाबी या लाल रंग

पालक या मेहंदी पाउडर से हरा रंग

टेसू (पलाश) के फूल से नारंगी रंग

इन प्राकृतिक विकल्पों को घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। बाजार में भी प्रमाणित हर्बल ब्रांड्स के रंग उपलब्ध हैं, जिन पर ‘केमिकल-फ्री’ या ‘स्किन-सेफ’ का लेबल होता है।

Organic Colours For Holi: रखें इन बातों का ध्यान

– रंग खरीदते समय पैकेजिंग पर सामग्री (Ingredients) जरूर पढ़ें। खेलने से पहले त्वचा पर नारियल तेल या मॉइस्चराइजर लगा लें, ताकि रंग आसानी से निकल जाए।

– इस होली, खुशियों के साथ सेहत और पर्यावरण का भी ध्यान रखें। ऑर्गेनिक रंगों के साथ त्योहार मनाकर आप न सिर्फ खुद को सुरक्षित रखेंगे, बल्कि प्रकृति की भी रक्षा करेंगे।



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पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला लेगा राजस्थान का गांव: होलिका दहन की लपटों से पता करेंगे कैसी होगी बारिश; डीजे, शराब-आतिशबाजी पर बैन – Nagaur News




राजस्थान का एक ऐसा गांव, जहां होली पर पूरा गांव इकट्‌ठा होता है। बुजुर्गों की अगुवाई में यहीं पर लिए जाते हैं सामाजिक सरोकार से जुड़े फैसले। ये फैसले पंच नहीं, बल्कि पूरा गांव मिलकर लेता है। इस बार ये गांव पंचायत और शराब से जुड़े दो बड़े फैसले लेने की तैयारी कर रहा है। ये गांव है नागौर जिले का ईनाणियां। नागौर से 13 किलोमीटर दूर ये गांव मूंडवा पंचायत समिति में आता है। 11 हजार आबादी वाले इस गांव में करीब साढ़े सात हजार वोटर हैं, जो इस होली पर पंचायत चुनाव से जुड़ा फैसला लेंगे। सालों से चली आ रही इस परंपरा का असर ये रहा कि गांव में डीजे से लेकर शराब और आतिशबाजी तक बैन है। एक खास बात ये भी है यहां के लोग अपने नाम के साथ जाति की जगह गांव का नाम ‘ईनाणियां’ लगाते हैं। इतना ही नहीं, यहां होलिका दहन के दिन अंगारों पर चल कर और आग की लपटों को देखकर मानसून का आकलन किया जाता है। होली पर पढ़िए इस गांव से जुड़ी यह खास रिपोर्ट… होलिका दहन के दिन चलते हैं अंगारों पर, बारिश का शगुन देखते हैं
होलिका दहन से पहले खेजड़ी की पूजा कर उसे लाया जाता है। होलिका दहन के दिन गांव के रूपावतों के बास, गोगामंड और चंवरी के बास के लोग होलिका उखाड़ने के लिए दो खेजड़ी लेकर आते हैं। पूजन के साथ इन्हें गांव के बीच रोपा जाता है। होलिका दहन के दौरान इन दोनों खेजड़ी को रस्सों से बांधा जाता है। इस दिन दो दल बनाए जाते हैं। प्रत्येक दल में 25-25 लोग होते हैं। इन दो दलों की हार-जीत और आग की लपटों के अनुसार साल के मौसम का अनुमान लगाया जाता है। पंडित लूणकरण दाधिच यज्ञ की ओर से इसकी पूजा करवाई जाती है। होलिका दहन के बाद दोनों दल के लोग जलते अंगारों पर दौड़ते हैं। एक दल होलिका को बचाने का प्रयास करता है और दूसरा होलिका को जलाने का। गांव के लोग होलिका को जलाने वाले दल के साथ रहते हैं, क्योंकि मान्यता है कि यदि वह बच गई तो अकाल पड़ेगा। जब होलिका को जलाने वाला दल जीत जाता है तो होलिका की लपटों को देखा जाता है। मान्यता है कि दक्षिण दिशा में यदि लपटें जाती हैं तो इस बार बारिश नहीं आएगी। बाकी किसी दिशा में लपटें जाती हैं, तो माना जाता है कि इस बार बारिश उसी दिशा से आएगी और मानसून अच्छा रहेगा। खेजड़ी के एक हिस्से के बदले 100 पेड़ लगाने की परंपरा
होलिका दहन में परंपरा के अनुसार खेजड़ी के पेड़ के ऊपरी हिस्से को उपयोग में लिया जाता है। इसे तोड़ने से पहले विधिवत पूजा की जाती है। इस टहनी की भरपाई के लिए भी गांव वालों ने नियम बना रखा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए ग्रामीण होली के बाद 100 खेजड़ी के पेड़ लगाते हैं। ताकि वे खेजड़ी का संरक्षण कर सकें। इतना ही नहीं जिस खेजड़ी के पेड़ के हिस्से को होलिका दहन में उपयोग किया जाता है, उसे घर ले जाने की बजाय मंदिर में रखा जाता है। 1358 में 12 खेड़ों को मिलाकर बना था गांव
मान्यता है- 1358 में शोभराज के बेटे इंदरसिंह ने गांव बसाया। यहां 12 खेड़ों में 12 जातियां थीं। सबको मिलाकर ईनाणा बनाया। यह नाम इंदरसिंह के नाम पर पड़ा। तब से लोग अपने जाति की जगह ‘ईनाणियां’ ही लिखते हैं। इंदरसिंह के दो अन्य भाई थे, जो गौ रक्षक थे। इनमें एक हरूहरपाल गायों की रक्षा में शहीद हो गए थे, जिन्हें पूरा गांव कुलदेवता के रूप में पूजता है। गांव में नायक, मेघवाल, खाती, जाट, कुम्हार, ब्राह्मण, तेली, लोहार, गोस्वामी व महाजन आदि जातियां हैं। इस गांव की सबसे बड़ी पहचान इसका नाम है। यहां चाहे कोई किसी भी जाति का हो, लेकिन सबका सरनेम एक ही है ईनाणियां। हालांकि यह परम्परा यहां दशकों पहले ही शुरू कर दी गई थी। इसकी वजह से यहां किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं है। आधार कार्ड तक में यहां के लोगों के नाम जाति की जगह गांव का नाम (ईनाणियां) लिखा है। 1995 में हुआ था शराबबंदी पर फैसला, पांच किलोमीटर में कोई ठेका नहीं
इस गांव से कुरीतियों को मिटाने की परंपरा की शुरुआत 31 साल पहले साल 1995 में हो गई थी। ये वो दौर था जब गांव-गांव शराब के ठेके खोले जा रहे थे। गांव के कुछ लोगों को शराब की लत लग गई। आखिर गांव वालों ने फैसला लिया कि गांव में पूरी तरह से शराब पर पाबंदी रहेगी। गांव वालों का दावा है कि उस समय उन्होंने गांव में आवंटित हुए ठेके तक को निरस्त करवा दिया था। इस नियम का आज भी पालन हो रहा है। गांव के आस-पास करीब 5 किलोमीटर तक कोई शराब ठेका नहीं है। इसके बाद गांव के लोगों ने परंपरा शुरू की कि वे हर साल होली और दीपावली के दिन समाज और गांव के हित में फैसले लेंगे। इस बार पंचायत चुनाव और शराब से जुड़े दो फैसले लेने की तैयारी
धुलंडी के दिन गांव में रामा-श्यामा यानी एक-दूसरे से मिलने की परंपरा है। लेकिन, ये परंपरा किसी के घर नहीं बल्कि गांव की चौपाल पर निभाई जाती है। गांव के सभी लोग एक ही चौपाल पर इकट्‌ठे होते हैं और होली की एक-दूसरे को राम-राम करते हैं। इस बार इसी चौपाल पर गांव के लोग पंचायत और शराब से जुड़े दो फैसले लेने की तैयारी कर रहे हैं। पहला- रुपए और शराब बांटने पर नामांकन रद्द करवाएंगे: गांव वालों की मानें तो इस बार पंचायत चुनाव से जुड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसमें पंचायत चुनाव का उम्मीदवार किसी भी मतदाता को शराब और पैसा नहीं बांट सकेगा। यदि वह ऐसा करता पाया गया तो गांव वाले मिलकर इस उम्मीदवार का नामांकन खारिज करवाएंगे। दूसरा- जमानत के लिए नहीं आएंगे गांव वाले: गांव वालों के अनुसार दूसरा मुद्दा अवैध नशे के कारोबार से जुड़ा है। यदि कोई अवैध रूप से नशे का कारोबार या नशा करता है और पुलिस गिरफ्तार करती है तो उसकी जमानत केवल उसके घर वाले देंगे। यानी घरवालों के अलावा गांव का कोई दूसरा व्यक्ति जमानत नहीं करवाएगा। (नोट: ये दोनों निर्णय गांव वालों की आम सहमति बनने पर लागू किए जाएंगे।) शराब, डीजे, पतंगबाजी और आतिशबाजी तक पाबंदी
इस गांव में शराब, डीजे, पतंगबाजी से लेकर आतिशबाजी तक पर पाबंदी है। गांव में डीजे बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यानी शादी-समारोह में केवल बैंड या फिर ढोल थाली ही आएंगे। शादी समारोह में आतिशबाजी पर भी पाबंदी लगा रखी है। दीपावली पर भी मात्र शगुन के नाम पर पटाखे जलाए जाते हैं। मकर संक्रांति पर मांझे की वजह से पक्षी घायल हो जाते थे। ऐसे में यहां पर पतंगबाजी तक पर रोक ल​गा दी गई। गांव के लोगों ने जब शराब पर प्रतिबंध लगाया तो इसका असर ये हुआ कि गांव में गुटखा, पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू तक बिकना बंद हो गया। आज गांव में ये चीजें भी नहीं मिलती हैं। मृत्युभोज बंद
गांव में किसी की मौत के बाद मृतक के रिश्तेदारों, ससुराल और ननिहाल पक्ष द्वारा कपड़े और रुपए देने का रिवाज होता है। इसमें भी काफी पैसा खर्च होता है। गांव के लोगों ने इसे कुप्रथा मानते हुए इस पर रोक लगा दी और मृत्युभोज बंद कर दिया। रंगों वाली होली खेलने पर पाबंदी
होली पर केमिकल वाले रंगों से होने वाले नुकसान को देखते हुए यहां होली पर केवल गुलाल का उपयोग होता है। 2016 में हुई चौपाल में किसी भी प्रकार के केमिकल वाले रंगों का उपयोग होली खेलने में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। वहीं मारवाड़ पर होली के त्योहार पर नवजात बच्चे के ढूंढ का आयोजन किया जाता है। इसमें पूरा गांव होली के बाद बच्चे के घर आशीर्वाद देने जाता है। ये परंपरा इस गांव में भी निभाई जाती है। लेकिन, इस परंपरा के तहत मिलने वाले रुपए-पैसे लोगों में नहीं बांटकर, उन रुपए से हर साल गर्मी में प्याऊ लगाई जाती है।



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RBI: व्यापार घाटे में वृद्धि, चालू खाते के घाटे में 13.2 अरब डॉलर का इजाफा; जानिए क्या कह रहे आरबीआई के आंकड़े


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के चालू खाते के घाटे (CAD) में दिसंबर तिमाही में वृद्धि देखी गई है। यह घाटा पिछले वर्ष की समान अवधि में 11.3 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) से बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया है। इस वृद्धि का मुख्य कारण बढ़ते व्यापार घाटे को बताया जा रहा है।

व्यापार घाटे के आंकड़े क्या कह रहे?

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में व्यापार घाटा 93.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 79.3 अरब डॉलर था। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आयात, निर्यात की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है, जिससे व्यापार संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

चालू खाता घाटा के बारे में आरबीआई ने क्या बताया?

हालांकि, वर्ष 2025-26 की अप्रैल-दिसंबर अवधि के लिए चालू खाते के घाटे में समग्र रूप से सुधार हुआ है। इस नौ महीने की अवधि में घाटा 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का 1 प्रतिशत) रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 36.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था। यह दर्शाता है कि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर कुछ चिंताएं बढ़ी हैं, लेकिन वर्ष के कुल प्रदर्शन में कुछ हद तक स्थिरता आई है।

सेवा क्षेत्र के बारे में आंकड़ों में क्या कहा गया?

व्यापार घाटे में वृद्धि के बावजूद, सेवाओं से प्राप्त शुद्ध आय में वृद्धि देखी गई है। दिसंबर तिमाही में, सेवाओं से प्राप्त शुद्ध आय 57.5 अरब डॉलर रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 51.2 अरब डॉलर थी। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है, जो व्यापार घाटे के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सहायक है।



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Purnima 2026 Aaj Hai: फाल्गुन पूर्णिमा आज, कैसे रखें व्रत? कब खेली जाएगी होली?


Religion Spirituality

oi-Ankur Sharma

Phalgun Purnima 2026 Aaj Hai: हिंदू पंचांग में हर महीने पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है, सभी पूर्णिमाओं में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है और इसी दिन होली भी मनाई जाती है लेकिन इस बार इसकी तिथि को लेकर भ्रम पैदा हो गया है कि आखिर व्रत कब और कैसे रखा जाए। फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की तिथि को लेकर भ्रम है, क्योंकि यह दो कैलेंडर दिनों में पड़ रही है।

पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि आज शाम 5:56 बजे से शुरू होकार 3 मार्च 2026 को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है, जिससे सूतक काल लगेगा और कई धार्मिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।

Phalgun Purnima 2026 Kab Hai

शास्त्रों के नियमानुसार, पूर्णिमा व्रत उस दिन रखा जाता है जब पूर्णिमा तिथि में चंद्रमा का उदय होता है। इस आधार पर फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत आज रखना ही उचित है क्योंकि आज चंद्र दर्शन मान्य है।

Phalgun Purnima 2026 Significance: फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। भक्तजन धन, सुख-शांति और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं। इस व्रत से धन-आर्थिक स्थिरता, संतान सुख, परिवार की उन्नति और अधूरी इच्छाओं की पूर्ति होती है। चंद्रमा की पूजा से मानसिक शांति मिलती है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्र दोष वालों को यह व्रत विशेष रूप से रखने की सलाह दी जाती है। इस दिन स्नान और दान से विशेष पुण्य लाभ होता है।

Phalgun Purnima 2026 Puja Vidhi: फाल्गुन पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें (संभव हो तो पवित्र नदी में)। सूर्य देव को प्रणाम कर व्रत का संकल्प लें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए, एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करें।
  • तिलक, फूल और वस्त्र अर्पित कर विष्णु मंत्रों का जाप करें, भोग लगाएं। पूर्णिमा कथा पढ़कर आरती करें। चंद्रमा निकलने पर कच्चे दूध में पानी मिलाकर अर्घ्य दें।
  • प्रसाद ग्रहण कर, भोजन करके व्रत खोलें। व्रत की पूर्णता हेतु अगले दिन दान करना आवश्यक माना गया है।

Holi Kab hai: होली 4 मार्च को खेली जाएगी

3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण के चलते उस दिन सूतक काल लगेगा, जिससे कई धार्मिक कार्य प्रतिबंधित रहेंगे इसलिए होलिका दहन तो आज होगा तो वहीं रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी। व्रत का पारण भी आज होलिका दहन के बाद किया जा सकता है।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी चीज को अमल लाने के लिए किसी ज्योतिषी और किसी पंडित से अवश्य बातें करें। हमारा मकसद किसी भी तरह का अंधविश्वास फैलाना नहीं है।



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Gold Silver Price: ईरान इजरायल जंग के बीच 30000 महंगा हो सकता है सोना! 2 लाख के पार? चांदी भी रॉकेट, ताजा रेट


Business

oi-Pallavi Kumari

Gold Silver Price Today: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने सर्राफा बाजार को हिला दिया है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ती जंग और अमेरिकी दखल ने निवेशकों को डरा दिया है। नतीजा साफ है, शेयर बाजार से पैसा निकलकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में जा रहा है। 2 मार्च 2026 को बाजार खुलने से पहले ही संकेत मिल रहे हैं कि सोना और चांदी में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,200 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच चुका है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो कीमतें 5,500 से 5,600 डॉलर के पुराने रिकॉर्ड को भी पार कर सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ तो 6,000 डॉलर तक की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि भारत में भी सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की चर्चा तेज हो गई है।

Gold Silver Price Today

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना 1.60 लाख से बढ़कर 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। यानी करीब 30 हजार रुपये की और तेजी संभव है। वहीं Geojit Investments के विश्लेषकों का भी मानना है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो 2 लाख का आंकड़ा असंभव नहीं है।

चांदी की कीमत भी बनेगी रॉकेट (Silver Price Rally)

सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी भी तेजी के मूड में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकती है। भारत में चांदी पहले ही 2.67 लाख से 2.81 रुपये प्रति किलो के आसपास है और 3.50 लाख तक जाने की संभावना जताई जा रही है। युद्ध के दौर में इंडस्ट्रियल और निवेश दोनों तरह की मांग बढ़ जाती है, जिससे कीमतें तेजी पकड़ लेती हैं।

सोने और चांदी के ताजा रेट (Latest Gold Silver Rate)

शहर 24 कैरेट (10 ग्राम) 22 कैरेट (10 ग्राम) 18 कैरेट (10 ग्राम)* चांदी (1 किलो)
दिल्ली ₹1,61,900 ₹1,48,408 ₹1,21,425 ₹2,81,120
मुंबई ₹1,62,180 ₹1,48,665 ₹1,21,635 ₹2,81,610
चेन्नई ₹1,62,650 ₹1,49,096 ₹1,21,992 ₹2,82,430
हैदराबाद ₹1,62,440 ₹1,48,903 ₹1,21,830 ₹2,81,500
बेंगलुरु ₹1,62,310 ₹1,48,784 ₹1,21,732 ₹2,81,830

इस साल कितना चढ़ा सोना-चांदी?

2026 में अब तक सोना करीब 26 हजार रुपये महंगा हो चुका है। चांदी में भी 36 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई है। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख और चांदी ने 3.86 लाख का ऑलटाइम हाई बनाया था। पिछले हफ्ते ही सोना 4 हजार रुपए और चांदी 17 हजार रुपये उछली है।

आगे क्या रहेगा ट्रिगर? (Market Outlook)

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी रिटेल सेल्स, नॉन-फार्म पेरोल और रोजगार आंकड़े भी सोने की दिशा तय करेंगे। अगर जंग लंबी चली और वैश्विक अस्थिरता बढ़ी तो निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा और कीमतें नई ऊंचाई छू सकती हैं।

फिलहाल बाजार की नजर मध्य पूर्व की हर खबर पर है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो सोना 2 लाख के करीब और चांदी 3.50 लाख की ओर तेज रफ्तार पकड़ सकती है। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और रणनीति दोनों का है।



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