केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को तमिलनाडु के कांचीपुरम में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी राज्य को उसके हक से कम धन न मिले। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु को मिलने वाले सभी बकाया धन को पारदर्शी तरीके से जारी करने का आश्वासन दिया। उनका यह बयान राज्य के विकास और केंद्र-राज्य संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है।
सीतारमण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि किसी भी राज्य को उसके हिस्से से कम वित्तीय सहायता नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को आवश्यक वित्तीय सहायता लगातार प्रदान कर रही है। राज्य को मिलने वाला धन बिना किसी बाधा के जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री ने तमिलनाडु सरकार के केंद्र के साथ सहयोगात्मक संबंध बनाए रखने के इरादे पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण राज्य के विकास के लिए बेहद फायदेमंद होगा।
सीतारमण ने क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए प्रशासनिक कदमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे का जिक्र किया। केंद्र ने तीन साल पहले ही राज्य की आवश्यकतानुसार चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए हर संभव सहायता देने की इच्छा व्यक्त की थी।
क्या ऋण का उपयोग केवल कल्याणकारी योजनाओं के लिए होना चाहिए?
वित्त मंत्री ने व्यापक आर्थिक प्रथाओं और राजकोषीय प्रबंधन पर भी बात की। उन्होंने जोर दिया कि ऋण का उपयोग स्थायी संपत्ति बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर पैदा करना भी होना चाहिए। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि उधार लिए गए धन का उपयोग केवल कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी आधारित सहायता के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन निधियों को दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और विकास में योगदान देना चाहिए।
तमिलनाडु को केंद्र से कितनी वित्तीय सहायता मिल रही है?
सीतारमण ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को लगातार वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। राज्य को उसका पूरा बकाया धन बिना किसी बाधा के जारी किया जाएगा। यह पारदर्शिता और बिना किसी चूक के सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने तमिलनाडु सरकार के साथ सहयोग की इच्छा पर भी संतोष व्यक्त किया। यह सहयोगात्मक संबंध राज्य के समग्र विकास को गति देगा।
वित्त मंत्री का तमिलनाडु और पुडुचेरी दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
वित्त मंत्री बुधवार को चेन्नई पहुंची थीं और यह उनका दो दिवसीय दौरा है। गुरुवार को वह कांचीपुरम जिले में विभिन्न निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल हुईं। सीतारमण पुडुचेरी का भी दौरा करने वाली हैं। उनके कार्यक्रमों में शिक्षा, विकास और जनसंपर्क से संबंधित आयोजन शामिल होने की संभावना है। यह दौरा केंद्र और राज्यों के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का एक प्रयास है।



