राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के सिविल अलंकरण समारोह-II में टीटी जगन्नाथन को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार प्रदान किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनके प्रतिनिधि ने पद्म श्री पुरस्कार स्वीकार किया। यह सम्मान व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया है। जगन्नाथन को भारतीय रसोई उपकरण उद्योग में ‘किचन मोगल’ के रूप में जाना जाता था।
उन्होंने दशकों तक टीटीके प्रेस्टिज का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। जगन्नाथन ने जीआरएस प्रेशर कुकर सुरक्षा तंत्र का आविष्कार किया, जिसने रसोई सुरक्षा में क्रांति ला दी। उनके प्रयासों से भारतीय रसोई उपकरण दुनिया भर में अपनी पहचान बना पाए। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह पुरस्कार कर्नाटक राज्य से व्यापार एवं उद्योग श्रेणी में प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया।
टीटी जगन्नाथन का व्यावसायिक योगदान क्या था?
जगन्नाथन को भारतीय रसोई उपकरण उद्योग का एक प्रमुख चेहरा माना जाता है। उन्होंने टीटीके प्रेस्टिज को एक अग्रणी ब्रांड के रूप में स्थापित किया। जीआरएस प्रेशर कुकर सुरक्षा तंत्र उनका एक महत्वपूर्ण आविष्कार था। इस नवाचार ने लाखों घरों में रसोई सुरक्षा सुनिश्चित की। उनके नेतृत्व में भारतीय रसोई उपकरण वैश्विक बाजार तक पहुंचे और अपनी गुणवत्ता का प्रदर्शन किया।
उन्होंने समाज के लिए क्या किया?
व्यापारिक सफलताओं के साथ-साथ जगन्नाथन ने सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीं। शिक्षा के प्रसार के लिए भी उनके प्रयास सराहनीय रहे। उनका योगदान केवल उद्योग के विकास तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज के उत्थान और कल्याण के लिए भी अथक कार्य किया।



