अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के विफल होने का सीधा और नकारात्मक असर पाकिस्तान के वित्तीय बाजारों पर देखने को मिला है। सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में भारी बिकवाली का दौर रहा, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स केएसई 100 (केएसई 100) में लगभग 6,000 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस भू-राजनीतिक झटके ने निवेशकों के उत्साह को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
पाकिस्तान का प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक केएसई 100 सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान 3.5 प्रतिशत तक गोता लगाते हुए दिन के निचले स्तर 1,61,638 पर पहुंच गया। बाजार में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच एक स्थायी शांति समझौते का अंजाम तक नहीं पहुंच पाना है गौरतलब है कि इस संवेदनशील शांति वार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इन दोनों शीर्ष नेतृत्व के कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद जब यह वार्ता किसी ठोस शांति समझौते में तब्दील नहीं हो सकी, तो बाजार में तुरंत निराशा छा गई और निवेशकों ने मुनाफावसूली व बिकवाली शुरू कर दी।
सोमवार की यह भारी गिरावट पिछले सप्ताह के कारोबारी रुझान के बिल्कुल विपरीत है। बीते सप्ताह के बुधवार को जब अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी युद्धविराम की खबरें सामने आई थीं, तब पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी। उस सकारात्मक खबर से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ था और केएसई 100 इंडेक्स ने 12,000 से अधिक अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई थी। यह बढ़त निरपेक्ष रूप से इंडेक्स की अब तक की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त थी। लेकिन वार्ता के विफल होने से यह रिकॉर्ड तेजी कुछ ही दिनों में काफूर हो गई।



