पेटीएम ने कहा है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) पर भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई का कंपनी के कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसका पेमेंट्स बैंक के साथ कोई बड़ा कारोबारी समझौता या वित्तीय जोखिम नहीं है।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंक के कामकाज में बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले तरीके अपनाए जाने के कारण लाइसेंस रद्द किया गया है।
पीपीबीएल पूरी तरह स्वतंत्र रूप से करता है काम
कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि पीपीबीएल पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करता है और पेटीएम का उसके बोर्ड या प्रबंधन में कोई दखल नहीं है। कंपनी ने कहा कि 1 मार्च 2024 को भी यह जानकारी दी गई थी कि उसका PPBL में कोई एक्सपोजर नहीं है और न ही कोई महत्वपूर्ण बिजनेस व्यवस्था है।
पेटीएम ने यह भी कहा कि उसके किसी भी सर्विस का संचालन पीपीबीएल के साथ साझेदारी में नहीं हो रहा है। कंपनी के अनुसार, उसने 31 मार्च 2024 को ही PPBL में अपने निवेश का मूल्यह्रास (इम्पेयरमेंट) कर दिया था, इसलिए मौजूदा कार्रवाई का उस पर कोई सीधा वित्तीय असर नहीं है।
पेटीएम ने दिलाया भरोसा
कंपनी ने भरोसा दिलाया कि उसकी सभी सेवाएं पहले की तरह बिना रुकावट जारी हैं। इनमें पेटीएम एप, पेटीएम यूपीआई, पेटीएम गोल्ड, पेटीएम क्यूआर, पेटीएम साउंडबॉक्स, पेटीएम कार्ड मशीनें, पेटीएम पेमेंट गेटवे और पेटीएम मनी जैसी सेवाएं शामिल हैं। कंपनी ने जोर देकर कहा कि आरबीआई की कार्रवाई केवल पीपीबीएल से जुड़ा मामला है और इसे पेटीएम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
कंपनी के हाल के वर्षों का प्रदर्शन
वहीं कारोबार के मोर्चे पर कंपनी ने हाल के वर्षों में मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी लगातार तीन तिमाहियों से मुनाफे में रही है, जो उसके मजबूत बिजनेस मॉडल का संकेत माना जा रहा है। कंपनी ने 559 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यदि पेटीएम फर्स्ट गेम्स को दिए गए कर्ज से जुड़े 190 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च को हटाया जाए, तब भी कंपनी का शुद्ध लाभ 369 करोड़ रुपये रहा।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का कर पश्चात लाभ 225 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 433 करोड़ रुपये की बढ़त है। ईबीआईटीडीए बढ़कर 156 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 7 फीसदी रहा। वहीं अंशदान लाभ 30 फीसदी बढ़कर 1,249 करोड़ रुपये रहा।
पेटीएम का यूपीआई कारोबार भी लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी के अनुसार, पिछले नौ महीनों में उसका उपभोक्ता UPI का सकल बाजार मूल्य (GMV) 35 फीसदी बढ़ा, जबकि पूरे उद्योग की वृद्धि दर 16 फीसदी रही।
बेहतर नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। विश्लेषकों का मानना है कि पेटीएम उन चुनिंदा फिनटेक कंपनियों में शामिल है, जिनकी मार्जिन प्रोफाइल मजबूत है और जिनके राजस्व में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।



