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Petrol Price Hike: ईरान जंग का पहला झटका! पावर पेट्रोल हुआ महंगा, इतना बढ़ा दाम, चेक करें लेटेस्ट रेट


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oi-Pallavi Kumari

Petrol Price Hike: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद भारत में पेट्रोल की कीमतों में पहली हलचल देखने को मिली है। देशभर में प्रीमियम यानी पावर पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे हाई-ऑक्टेन फ्यूल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर सीधा असर पड़ा है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये है। बदली हुई कीमतें आज यानी 20 मार्च से ही लागू हो जाएंगी।

पावर पेट्रोल महंगा, कितना बढ़ा दाम? (Premium Petrol Price Hike)

ताजा जानकारी के मुताबिक, पावर पेट्रोल की कीमत में करीब 2.30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि फिलहाल यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम पेट्रोल पर लागू है, जबकि आम पेट्रोल के दाम में अभी कोई बदलाव नहीं किया गया है।हालांकि नॉर्मल पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसका भाव अब करीब 107 रुपये से बढ़कर 112.30 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

Petrol Price Hike

वहीं मुंबई में प्रीमियम पेट्रोल 115 रुपये से बढ़कर लगभग 120.30 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 112 रुपये से चढ़कर करीब 117.30 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। यह फैसला खास तौर पर उन वाहन मालिकों को प्रभावित करेगा, जो बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज्यादा माइलेज के लिए हाई-ऑक्टेन पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं।

एचपीसीएल के पावर पेट्रोल और आईओसीएल के एक्सपी95 जैसे प्रीमियम फ्यूल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। ये वही पेट्रोल होता है, जिसे लोग बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और ज्यादा माइलेज के लिए इस्तेमाल करते हैं।

एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल ने इस कैटेगरी में कीमतें बढ़ाई हैं, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा। नई दरों के बाद दिल्ली में प्रीमियम पेट्रोल करीब 112.30 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो पहले लगभग 107 रुपये था। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 120.30 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि चेन्नई में यह बढ़कर करीब 117.30 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

कच्चे तेल में उछाल, यही बड़ी वजह (Crude Oil Surge Impact)

तेल कंपनियों ने कीमत बढ़ाने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जिससे ईंधन महंगा होना तय माना जा रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से भी कीमतों पर दबाव बना है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना संकट की जड़ (Hormuz Disruption)

इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आई बाधा मानी जा रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान में जारी जंग के बाद इस अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

ये एरिया ईरान के कंट्रोल में आता है। आमतौर पर रोजाना करीब 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल और 50 लाख बैरल तेल उत्पाद इसी रास्ते से गुजरते थे, जो दुनिया की कुल खपत का लगभग 20 प्रतिशत है।

भारत पर कितना असर?

  • भारत अपनी कुल जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में ग्लोबल कीमतों में उछाल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इससे न सिर्फ पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, बल्कि चालू खाता घाटा बढ़ने, रुपये पर दबाव आने और आम लोगों के खर्च में इजाफा होने की भी आशंका है।
  • खास बात यह है कि भारत का करीब आधा कच्चा तेल, 40 प्रतिशत गैस और 85-90 प्रतिशत LPG सप्लाई इसी रूट से आती है।
  • फिलहाल सिर्फ पावर पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, लेकिन अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है, तो ईंधन की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
  • ईरान युद्ध का असर अब सीधे भारत के फ्यूल मार्केट में दिखने लगा है। पावर पेट्रोल के दाम बढ़ना एक शुरुआती संकेत है कि आने वाले दिनों में आम लोगों की जेब पर और बोझ पड़ सकता है। ऐसे में हर अपडेट पर नजर रखना जरूरी हो गया है।

प्रीमियम पेट्रोल vs नॉर्मल पेट्रोल: क्या सच में फर्क पड़ता है? जानिए 5 बड़े अंतर

प्रीमियम पेट्रोल और नॉर्मल पेट्रोल दिखने में भले एक जैसे लगें, लेकिन इनके काम करने के तरीके और असर में बड़ा फर्क होता है। अगर आप भी कन्फ्यूज हैं कि कौन सा पेट्रोल बेहतर है, तो ये 5 आसान पॉइंट्स समझ लीजिए:

1. ऑक्टेन लेवल (Octane Level)
प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर ज्यादा होता है, जिससे इंजन में नॉकिंग कम होती है। नॉर्मल पेट्रोल में ऑक्टेन कम होता है, जो आम गाड़ियों के लिए ठीक रहता है।

2. इंजन परफॉर्मेंस (Engine Performance)
प्रीमियम पेट्रोल इंजन को स्मूद और बेहतर परफॉर्मेंस देता है, खासकर हाई-एंड या स्पोर्ट्स गाड़ियों में। नॉर्मल पेट्रोल रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिए पर्याप्त होता है।

3. माइलेज (Mileage)
प्रीमियम पेट्रोल से कई मामलों में थोड़ा बेहतर माइलेज मिल सकता है, लेकिन यह गाड़ी के इंजन पर निर्भर करता है। हर गाड़ी में फर्क दिखे, जरूरी नहीं है।

4. कीमत (Price Difference)
प्रीमियम पेट्रोल नॉर्मल पेट्रोल से महंगा होता है। इसमें एडवांस एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जो कीमत बढ़ाते हैं।

5. इंजन की लाइफ (Engine Health)
प्रीमियम पेट्रोल में मौजूद क्लीनिंग एजेंट इंजन को साफ रखने में मदद करते हैं, जिससे लंबे समय में इंजन की सेहत बेहतर रह सकती है।

आसान भाषा में समझें तो अगर आपकी गाड़ी हाई परफॉर्मेंस वाली है, तो प्रीमियम पेट्रोल सही है। लेकिन आम गाड़ियों के लिए नॉर्मल पेट्रोल भी पूरी तरह ठीक काम करता है।



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